Nari Shakti Vandan : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विकसित और समावेशी भारत की मजबूत नींव बताया गया

Nari Shakti Vandan : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में देशभर से आईं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत का संदेश दिया। सम्मेलन में महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताया तथा इसके लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करेगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही है और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नीतियों में संवेदनशीलता और संतुलन आएगा, जिससे समाज के सभी वर्गों के हितों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकेगा। वक्ताओं का मानना था कि जब महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आती हैं, तो निर्णय अधिक समावेशी और समाज के वास्तविक जरूरतों के अनुरूप होते हैं। प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि यह पहल लंबे समय से प्रतीक्षित थी और अब इसके लागू होने से महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सशक्त बनने का नया अवसर मिलेगा। इससे न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि देश के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण को केवल एक नीति नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भावना स्पष्ट रूप से सामने आई कि मातृशक्ति को सशक्त बनाकर ही राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी और समाज में समानता तथा न्याय का वातावरण स्थापित होगा। नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को महिला नेतृत्व के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां देश की महिलाएं विकास की मुख्यधारा में और अधिक प्रभावी रूप से अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
आशा भोसले ने मॉरीशस जाने से पहले तलत अजीज के साथ रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत।

नई दिल्ली:महान पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन के बाद संगीत जगत में शोक की गहरी लहर है और देशभर के कलाकार उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी क्रम में प्रसिद्ध गायक तलत अजीज ने एक बेहद भावुक स्मृति साझा करते हुए बताया कि मॉरीशस जाने से पहले आशा जी ने उनके लिए आखिरी बार एक गीत की पंक्ति गुनगुनाई थी, जो अब उनकी यादों में हमेशा के लिए बस गई है। तलत अजीज ने कहा कि आशा भोसले जैसी महान कलाकार का जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने बताया कि कुछ ही समय पहले उनकी आशा जी से बातचीत हुई थी। उस दौरान जब वह मॉरीशस जाने वाले थे, तब आशा जी ने उनसे कहा था कि लौटने के बाद जरूर मिलना। इसी दौरान उन्होंने अपनी तबीयत ठीक न होने के बावजूद उनके लिए एक पंक्ति गुनगुनाई, जिसे वह अपने जीवन की सबसे अनमोल यादों में से एक मानते हैं। उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि आशा भोसले का स्वभाव अत्यंत स्नेहपूर्ण और सहज था। वह हर किसी से प्रेम और सम्मान के साथ पेश आती थीं। उनके साथ उनका रिश्ता बेहद खास था और वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें उनके साथ समय बिताने और उनसे जुड़ने का अवसर मिला। संगीत जगत के अन्य कलाकारों ने भी आशा भोसले को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व और गायकी की सराहना की। कलाकारों का कहना है कि उनकी आवाज में एक अद्भुत मिठास और गहराई थी, जो हर गीत को खास बना देती थी। उन्होंने अपने लंबे करियर में हर शैली के गीतों को नई ऊंचाई दी और अपनी बहुमुखी प्रतिभा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। कुछ कलाकारों ने यह भी कहा कि आशा भोसले ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने जीवन में जो मुकाम हासिल किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने न केवल संगीत को जिया, बल्कि हर गीत में भावनाओं को इस तरह पिरोया कि वह सीधे लोगों के दिलों तक पहुंच गया। गायकों और कलाकारों के अनुसार, आशा भोसले के गीत आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं और आने वाले समय में भी उनकी यह विरासत कायम रहेगी। उन्होंने नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक मानक स्थापित किया है कि किस तरह अपने अलग अंदाज और समर्पण से पहचान बनाई जाती है। आशा भोसले का योगदान भारतीय संगीत जगत में सदैव अमिट रहेगा और उनकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।
Google Pixel 10 डिस्काउंट में उपलब्ध: शानदार ऑफर के साथ मिल रहा प्रीमियम स्मार्टफोन

नई दिल्ली। अगर आप नया प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह आपके लिए अच्छा मौका है। Google का फ्लैगशिप फोन Pixel 10 अब पहले से सस्ता मिल रहा है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Flipkart पर इस फोन पर शानदार डिस्काउंट दिया जा रहा है, जिससे ग्राहक हजारों रुपये बचा सकते हैं। कितनी कम हुई कीमत?भारत में यह फोन ₹79,999 में लॉन्च हुआ था, लेकिन अब ₹5,000 के फ्लैट डिस्काउंट के बाद कीमत ₹74,999 हो गई है HDFC बैंक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ₹4,000 की अतिरिक्त छूट मिल रही है। इसके अलावा एक्सचेंज ऑफर और ₹5,000 तक का बोनस भी दिया जा रहा है यानी कुल मिलाकर इस फोन पर अच्छी-खासी बचत की जा सकती है। जानें Pixel 10 के फीचर्सGoogle Pixel 10 में दमदार फीचर्स दिए गए हैं 6.3 इंच OLED डिस्प्ले (120Hz रिफ्रेश रेट)Gorilla Glass Victus 2 प्रोटेक्शनGoogle Tensor G5 प्रोसेसरAndroid 16 ऑपरेटिंग सिस्टम7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट का वादा कैमरा और बैटरी पैककैमरा सेटअप की बात करें तो इसके रियर में 48MP का प्राइमरी लेंस, 13MP का अल्ट्रावाइड सेंसर और 10.8MP का टेलीफोटो कैमरा लगा हुआ है। फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 10.5MP का सेंसर दिया गया है। इस फोन का बैटरी पैक 4970mAh का है। Apple प्रोडक्ट्स पर भी मिल रही छूटसिर्फ Google ही नहीं, Apple के प्रोडक्ट्स पर भी ऑफर चल रहा है। Vijay Sales की Apple Days 2026 सेल में iPhone, MacBook, iPad और AirPods पर डिस्काउंट सेल 11 अप्रैल से 16 अप्रैल तक चलेगी iPhone 17 की कीमत ₹78,790 से शुरू iPhone 17e ₹60,490 से उपलब्ध कुछ प्रोडक्ट्स पर ₹10,000 तक का एक्सचेंज बोनस अगर आप एक प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो यह सही समय हो सकता है। Pixel 10 पर मिल रहे डिस्काउंट और एक्स्ट्रा ऑफर्स इसे और भी किफायती बना रहे हैं।
आयुर्वेदिक रहस्य: सुबह जीरा पानी पीने से क्या बदलती है सेहत? जानें सही तरीका

नई दिल्ली। आयुर्वेद में जीरे को केवल मसाला नहीं, बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर प्राकृतिक औषधि माना गया है। जीरा पानी को “डाइजेस्टिव टॉनिक” कहा जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेट की अग्नि (मेटाबॉलिज्म) को सक्रिय करता है और शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है। आज के समय में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए लोग जीरा पानी, मेथी पानी, अजवाइन पानी और सौंफ पानी जैसी घरेलू औषधियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। खासतौर पर जीरा पानी को वजन घटाने और पेट की समस्याओं में बेहद असरदार माना जा रहा है। जीरा पानी बनाने का सही तरीका क्या है?जीरा पानी बनाने के लिए सबसे पहले एक चम्मच जीरा रातभर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को हल्का उबाल लें, ताकि जीरे के पोषक तत्व पानी में अच्छे से मिल जाएं। उबालने के बाद जब पानी हल्का गुनगुना रह जाए, तभी इसका सेवन करना चाहिए। ध्यान रखें कि पानी न बहुत ज्यादा गर्म हो और न ठंडा, क्योंकि गुनगुना पानी शरीर द्वारा जल्दी अवशोषित किया जाता है और इसका प्रभाव बेहतर होता है। कब और कैसे करें सेवन?आयुर्वेद के अनुसार जीरा पानी का सबसे सही समय सुबह खाली पेट माना गया है। सुबह उठकर सबसे पहले इसे पीने से पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है और दिनभर पेट से जुड़ी समस्याएं कम होती हैं। यदि कोई व्यक्ति खाली पेट नहीं पी सकता, तो इसे भोजन के बाद भी लिया जा सकता है। लेकिन इसे धीरे-धीरे, घूंट-घूंट कर पीना चाहिए ताकि यह शरीर में सही तरीके से अवशोषित हो सके। जीरा पानी के प्रमुख फायदेजीरा पानी नियमित रूप से पीने से शरीर को कई लाभ मिल सकते हैं- पाचन तंत्र मजबूत होता हैपेट फूलना और गैस की समस्या में राहत मिलती हैमेटाबॉलिज्म तेज होता हैशरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैंवजन घटाने में मदद मिलती हैगर्मियों में पेट की जलन और एसिडिटी कम होती है आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक माना गया है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है। गलत तरीके से सेवन से हो सकता है नुकसानविशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग जल्दी परिणाम पाने के चक्कर में दिनभर जीरा पानी पीते रहते हैं या बहुत अधिक मात्रा में इसका सेवन कर लेते हैं। यह तरीका सही नहीं है। अत्यधिक सेवन से शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है और अपेक्षित लाभ भी नहीं मिलते। जीरा पानी एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी घरेलू उपाय है, जिसे सही तरीके से अपनाकर पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। सुबह की यह छोटी सी आदत लंबे समय में शरीर को मजबूत और ऊर्जावान बनाने में मदद कर सकती है।
SRH vs RR: हैदराबाद की पिच बल्लेबाजों की होगी मददगार या गेंदबाजों का चलेगा जादू?

नई दिल्ली । IPL 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स (SRH vs RR) के बीच मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच से पहले पिच रिपोर्ट को लेकर फैंस और फैंटेसी प्लेयर्स में काफी उत्सुकता है क्योंकि यहां की परिस्थितियां अक्सर मैच का रुख तय करती हैं। SRH vs RR: पिच रिपोर्ट और कंडीशनहैदराबाद की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की मदद मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, बल्लेबाज हावी होते नजर आते हैं। दूसरी पारी में स्पिनर्स की भूमिका बढ़ जाती है, खासकर जब पिच थोड़ी धीमी हो जाती है। ऐसे में मिडिल ओवर्स में स्पिन गेंदबाज मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं। टॉस और मैच रणनीतिइस मैदान पर टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी का फैसला करती है। इसका कारण है कि दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा आसान हो जाता है और ओस भी अहम भूमिका निभाती है। टीमों के लिए सही कॉम्बिनेशन चुनना बेहद जरूरी होगा। जहां एक तरफ बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिलेगा, वहीं गेंदबाजों को अपनी लाइन-लेंथ पर खास ध्यान देना होगा। कुल मिलाकर यह मुकाबला हाई स्कोरिंग होने की पूरी उम्मीद है, जिसमें आखिरी ओवर तक रोमांच बना रह सकता है। सनराइजर्स हैदराबाद की आईपीएल 2026 की टीम: (Sunrisers Hyderabad Full Squads)ईशान किशन (कप्तान), ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्स, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, सलिल अरोड़ा, शिवांग कुमार, ओंकार टारमाले, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंगे, अमित कुमार, साकिब हुसैन, जैक एडवर्ड्स और पैट कमिंस। राजस्थान रॉयल्स की आईपीएल 2026 की टीम: (Rajasthan Royals Full Squads)रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा।
सीएम धामी ने बाबा नीब करौरी महाराज पर आधारित फिल्म का प्रोमो और पोस्टर किया लॉन्च

नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में श्री बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म का प्रोमो और पोस्टर जारी किया। इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद सरस्वती, फिल्म के निर्देशक शरद सिंह ठाकुर सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति और कलाकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से ओतप्रोत नजर आया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह फिल्म केवल एक मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और मानवता के मूल्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों पर आधारित फिल्में समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। सीएम धामी ने बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका दिव्य व्यक्तित्व आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि बाबा की शिक्षाएं सरलता, करुणा, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं और समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संत परंपरा और सनातन संस्कृति के मूल्यों को सहेजना और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की आध्यात्मिक फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रति जागरूक किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, निर्देशक और निर्माण टीम की सराहना करते हुए उन्हें इस प्रयास के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और लोगों को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करेगी। इस आयोजन को उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो संत परंपरा के महान व्यक्तित्वों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना से किसानों की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा बदलाव शिवराज सिंह चौहान

रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के अंतिम दिन किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने देश के किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने इस योजना को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बताते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे खेती से जुड़े आवश्यक कार्य बिना आर्थिक दबाव के कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और कृषि क्षेत्र में हो रहे नए नवाचारों से अवगत कराना भी है। किसानों को आधुनिक तकनीकों, उन्नत उपकरणों और नई कृषि पद्धतियों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पहले किसानों को खाद और बीज जैसी आवश्यकताओं के लिए ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे उनकी पूरी फसल का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में ही चला जाता था। ऐसे में किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने इस समस्या का समाधान किया है और किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड जैसी योजनाएं किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। इसके माध्यम से भंडारण, प्रसंस्करण और अन्य कृषि सुविधाओं का विकास हो रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पर्याप्त सब्सिडी दी जा रही है। इससे न केवल ऊर्जा लागत में कमी आ रही है बल्कि किसान स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में किसान योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। किसान सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली, जहां किसान उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों और नवाचारों के माध्यम से विशेष पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं अपनी मेहनत और उद्यमशीलता से न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही हैं। महोत्सव के दौरान आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया गया, जिससे खेती को एक नई दिशा मिल रही है। यह आयोजन किसानों के लिए नए अवसरों और संभावनाओं का मंच बनकर उभरा है, जहां वे भविष्य की कृषि के लिए तैयार हो रहे हैं।
पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू: जानिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग और जरूरी नियम

नई दिल्ली। 2026 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस साल यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी। यानी कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है, जिसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरा किया जा सकता है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आस्था से भरी यात्रा में शामिल होते हैं। प्रशासन ने इस बार भी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से पूरी हो सके। Amarnath Yatra 2026 के रजिस्ट्रेशन और पात्रता नियमअमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। श्रद्धालु अधिकृत बैंक शाखाओं या ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए Compulsory Health Certificate (CHC) जरूरी होता है, जो यह साबित करता है कि यात्री उच्च पर्वतीय क्षेत्र की यात्रा के लिए फिट है। आयु सीमा भी तय की गई है। आमतौर पर 13 से 70 वर्ष के बीच के लोग ही यात्रा के लिए पात्र होते हैं। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यात्रा के दौरान RFID कार्ड रखना भी अनिवार्य किया गया है, जिससे सुरक्षा और ट्रैकिंग आसान हो सके। दो मुख्य रूट और जरूरी गाइडलाइनअमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं—पहलगाम और बालटाल। पहलगाम रूट लंबा लेकिन अपेक्षाकृत आसान है, जबकि बालटाल रूट छोटा लेकिन ज्यादा कठिन माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी रूट का चयन कर सकते हैं। यात्रा के दौरान मौसम बेहद अनिश्चित रहता है, इसलिए गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखना जरूरी है। प्रशासन ने यात्रियों को ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतने, समूह में चलने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 आस्था और रोमांच का संगम होने वाली है, लेकिन इसमें शामिल होने से पहले पूरी तैयारी और नियमों की जानकारी बेहद जरूरी है।
केआरसीएल में दो पदों पर भर्ती का अवसर, 63 वर्ष तक के उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका

भोपाल। भारतीय रेलवे में नौकरी की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड की ओर से एक महत्वपूर्ण भर्ती सूचना जारी की गई है। इस भर्ती के तहत वर्क मैनेजर और असिस्टेंट वर्क मैनेजर के कुल दो पदों को भरा जाना है। यह अवसर विशेष रूप से उन योग्य उम्मीदवारों के लिए आकर्षक माना जा रहा है जो रेलवे क्षेत्र में तकनीकी और प्रबंधन अनुभव रखते हैं या सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने कौशल का उपयोग करना चाहते हैं। विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार चयन प्रक्रिया और आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक पात्र उम्मीदवार इसमें भाग ले सकें। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों को 30 अप्रैल तक अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन केवल ईमेल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी या अन्य किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें। आवेदन पत्र को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्रारूप में भेजना अनिवार्य होगा। इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के रूप में उम्मीदवार के पास इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल या प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि उम्मीदवार रेलवे या उससे संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत रहे हों या सेवानिवृत्त यांत्रिक विभाग के अधिकारी हों। अभ्यर्थियों के पास निर्धारित वर्षों का व्यावहारिक अनुभव होना भी जरूरी रखा गया है ताकि कार्य की गुणवत्ता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके। अधिकतम आयु सीमा 63 वर्ष निर्धारित की गई है जिसकी गणना 10 अप्रैल के आधार पर की जाएगी। वेतन संरचना की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 39100 रुपये से लेकर 15600 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य भत्ते और लाभ भी नियमानुसार प्रदान किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग विशाखापत्तनम स्थित वडालापुडी कार्यशाला में की जाएगी जहां उन्हें तकनीकी और प्रबंधकीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। यह पद उन अनुभवी उम्मीदवारों के लिए एक बेहतर अवसर है जो अपने लंबे करियर अनुभव को एक संगठित रेलवे परियोजना में योगदान के रूप में उपयोग करना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को पहले संबंधित भर्ती अधिसूचना के अनुसार आवेदन पत्र डाउनलोड करना होगा। इसके बाद उसे ध्यानपूर्वक भरकर सभी आवश्यक विवरण सही तरीके से दर्ज करने होंगे। मांगे गए दस्तावेजों की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न करनी होंगी। पूरा आवेदन एक ही फाइल में तैयार कर निर्धारित ईमेल पते पर भेजना होगा। अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आवेदन अंतिम तिथि के दिन शाम साढ़े पांच बजे से पहले पहुंच जाए। आवेदन भेजने के बाद भविष्य के संदर्भ के लिए उसका प्रिंट सुरक्षित रखना भी आवश्यक होगा।
भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री नई ऊंचाई पर: वित्त वर्ष 26 में AUM में जोरदार उछाल

नई दिल्ली। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने वित्त वर्ष 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) सालाना आधार पर 12.2 प्रतिशत बढ़कर 73.73 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस दौरान इंडस्ट्री के कुल एसेट बेस में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बावजूद सक्रिय इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेशकों की रुचि मजबूत बनी हुई है। मार्च में इक्विटी फंड्स में इनफ्लो बढ़कर 40,450.26 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो जुलाई 2025 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। यह संकेत देता है कि निवेशक बाजार में गिरावट को अवसर के रूप में देख रहे हैं और लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश कर रहे हैं। सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए भी निवेश लगातार बढ़ रहा है। मार्च में SIP इनफ्लो 32,087 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो फरवरी के 29,845 करोड़ रुपये से अधिक है। यह दर्शाता है कि रिटेल निवेशक बाजार की अस्थिरता के बावजूद नियमित और अनुशासित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इक्विटी इनफ्लो में यह वृद्धि मुख्य रूप से वित्त वर्ष के अंत में पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग, बाजार में हालिया गिरावट और आकर्षक वैल्यूएशन के कारण हुई है। निवेशकों ने गिरावट के समय खरीदारी को अवसर माना है, जिससे बाजार में फंड फ्लो मजबूत हुआ है। हालांकि, पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग में मार्च के दौरान 2.39 लाख करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया, जबकि फरवरी में 94,530 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो देखा गया था। डेट म्यूचुअल फंड्स में भी भारी आउटफ्लो देखने को मिला, जो 2.94 लाख करोड़ रुपये रहा। यह उतार-चढ़ाव बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता को दर्शाता है। गोल्ड ETF में निवेश भी घटकर 2,266 करोड़ रुपये रह गया, जबकि फरवरी में यह 5,254.95 करोड़ रुपये था। वहीं इक्विटी कैटेगरी में फ्लेक्सी-कैप फंड्स सबसे आगे रहे, जिनमें 10,054.12 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। इसके अलावा स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंड्स में भी मजबूत निवेश देखा गया, जो क्रमशः 6,263.56 करोड़ रुपये और 6,063.53 करोड़ रुपये रहा। लार्ज-कैप फंड्स में भी 2,997.84 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि भारत में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री तेजी से विस्तार कर रही है और निवेशक अब लंबी अवधि के निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे बाजार की स्थिरता और गहराई दोनों बढ़ रही हैं।