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BHOPAL VAN VIHAR : MP के वन विभाग की बड़ी उपलब्धि… वन विहार से उड़ा गिद्ध को पाकिस्तान में मिली नई जिंदगी

BHOPAL VAN VIHAR : भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के वन विभाग (Forest Department) ने वन्यजीव संरक्षण में टेक्नोलॉजी और इंटरनेशनल कॉर्डिनेशन (Technology and International Coordination in Conservation) का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है. 2 साल की एक मादा सिनेरेयस गिद्ध जिसे भोपाल वन विहार में इलाज के बाद रिहा किया गया था, अब पाकिस्तानी सहयोग के चलते सुरक्षित है। इस गिद्ध को इसी साल 22 जनवरी को शाजापुर के सुसनेर से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था. वन विहार नेशनल पार्क के वल्चर कंजर्वेशन ब्रीडिंग सेंटर (VCBC) में इसका इलाज हुआ. इसे ‘फिट फॉर रिलीज’ घोषित करने के बाद माइक्रोचिप और GPS-GSM टेलीमेट्री डिवाइस से लैस किया गया. 25 मार्च को इसे रायसेन के हलाली डैम क्षेत्र में छोड़ा गया, जिससे इसकी रीयल-टाइम निगरानी संभव हो सकी. यह काम WWF-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (BNHS) के सहयोग से किया गया। पाकिस्तान में रेस्क्यू रिहाई के बाद निगरानी में पाया गया कि यह मादा गिद्ध राजस्थान होते हुए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर 6 अप्रैल तक पाकिस्तान पहुंच गई. 7 अप्रैल को सिग्नल नहीं मिले तो WWF-इंडिया ने तत्परता दिखाते हुए WWF-पाकिस्तान से संपर्क किया. पाकिस्तान वन विभाग और WWF-पाकिस्तान के सहयोग से इस गिद्ध को खानेवाल जिले में स्थानीय निवासियों से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मादा गिद्ध 7 अप्रैल को खानेवाल और मुल्तान क्षेत्रों में आए भीषण ओलावृष्टि तूफान के कारण उड़ान भरने में असमर्थ हो गई और जमीन पर पाई गई। वन्यजीव अधिकारियों ने इसे रेस्क्यू कर प्राथमिक इलाज दिया. WWF-पाकिस्तान की देखरेख में इसे स्थानीय वल्चर कैप्टिव ब्रीडिंग सेंटर में शिफ्ट किया गया. गिद्ध को हल्की चोटें आई थीं और अब वह स्वस्थ हो रहा है। वन विहार, WWF-इंडिया के माध्यम से WWF-पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क में है और गिद्ध के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है. पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद इसे दोबारा प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। भोपाल की मादा गिद्ध को पाकिस्तान के खानेवाल जिले में मिली नई जिंदगी. इससे पहले, साल 2025 में एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध कजाकिस्तान तक 4300 किमी की यात्रा कर वापस भारत लौटा था. 23 फरवरी 2026 को भी 5 गिद्धों का सफल पुनर्वास और टैगिंग की गई।

MP SHAHDOL TRAIN FIRE : शहडोल के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में लगी भीषण आग… बड़ा हादसा टला

MP SHAHDOL TRAIN FIRE : शहडोल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शहडोल (Shahdol) में ब्यौहारी रेलवे स्टेशन (Byawari Railway Station) पर खड़ी ट्रेन में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। ये आग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास साइडिंग में खड़ी ट्रैक मशीन की बोगी में लगी। देखते ही देखते स्टेशन पर हड़कंप मच गया। आग की खबर मिलते ही डायल 112 और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए आग को बुझाया और उसे दूसरी बोगियों तक फैलने से रोक लिया। अगर थोड़ी भी देर होती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते आग को बुझा लिया गया जिससे बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जान का नुकसान नहीं हुआ है। घटना रविवार दोपहर 3 बजे के करीब की बताई जा रही है। रेलवे के बड़े अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। फिलहाल स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन सावधानी के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। राहत टीमों ने डेढ़ घंटे बाद करीब साढ़े 4 बजे आग पर काबू पा लिया। मिली जानकारी के अनुसार बोगी रेलवे स्टेशन के साइडिंग ट्रैक पर चार कोच वाली एक ट्रैक मशीन खड़ी थी। दोपहर के वक्त इसके एक कोच नंबर ईसीओ 994129 में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि जिस वक्त आग लगी, बोगी के अंदर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। थाना प्रभारी जिया उल हक और आरपीएफ चौकी प्रभारी गिरीश कुमार मिश्रा ने घटना का जायजा लिया। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। उस वक्त ट्रैक स्टाफ काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था। पुलिस और रेलवे की टीम अब आग लगने की असली वजह पता लगाने में जुटी है।

MP NEWS : शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार

MP NEWS : शाजापुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले (Shajapur district) में ब्लैकमेलिंग (Blackmailing.) और अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को ‘हनीट्रैप’ (‘Honeytrap) के जाल में फंसाकर वीडियो कॉल (Video call .) के जरिए ब्लैकमेलिंग कर उनसे अब तक 33 लाख रुपये ऐंठ लिए गए इसके बाद आरोपी अब 20 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम भेजकर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया अन्य आरोपी फिलहाल फरार है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। शाजापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है,यंहा वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी पार्वती और उसके साथियों राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने बुजुर्ग को डराना शुरू किया ओर उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देंगे ओर उनसे 33 लाख रुपये ले लिए,बुजुर्ग रमेशचंद्र ने बदनामी और जेल जाने के डर से शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए। लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और उन्होंने किस्तों में 5 लाख, 7 लाख आदि कुल 33 लाख रुपये की वसूली कर ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों ने दबाव कम नहीं किया। जान से मारने की दी धमकी वे अब रमेशचंद्र से 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपए की और मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने और समाज में जलील करने की धमकी दी जा रही थी। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने कोतवाली थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। फरियादी रमेशचंद्र ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम साल 2023 में शुरू हुआ था। उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई थी। पार्वती ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी महिला ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली। थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।

Aaj Ka Rashifal: सप्ताह की शुरुआत में किसकी चमकेगी किस्मत, किसे होगा नुकसान

  Aaj Ka Rashifal: नई दिल्ली। 13 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के हिसाब से कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। कुछ लोगों को धन लाभ और करियर में उन्नति के संकेत मिल रहे हैं, तो वहीं कुछ राशियों को खर्च और तनाव से बचने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का हाल— मेष राशि (Aries) दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ेगा, लेकिन मेहनत का फल मिलेगा। करियर: नए अवसर मिल सकते हैं फाइनेंस: खर्च बढ़ेंगे लव: परिवार का साथ मिलेगा स्वास्थ्य: थकान संभव वृषभ राशि (Taurus) आज का दिन आपके लिए शुभ संकेत लेकर आएगा। निवेश से लाभ मिल सकता है। करियर: प्रमोशन के योग फाइनेंस: आर्थिक स्थिति मजबूत लव: रिश्तों में मिठास स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा मिथुन राशि (Gemini) धन के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। जल्दबाजी में निर्णय न लें। करियर: मेहनत अधिक करनी होगी फाइनेंस: उधार से बचें लव: साथी का सहयोग मिलेगा स्वास्थ्य: तनाव हो सकता है कर्क राशि (Cancer) भाग्य आपका साथ देगा। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। करियर: सफलता के योग फाइनेंस: लाभ मिलेगा लव: परिवार में खुशी स्वास्थ्य: बेहतर रहेगा सिंह राशि (Leo) आज का दिन शानदार रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे। करियर: प्रशंसा मिलेगी फाइनेंस: धन लाभ लव: रिश्ते मजबूत स्वास्थ्य: उत्तम कन्या राशि (Virgo) आत्मविश्वास बढ़ेगा और सामाजिक मान-सम्मान मिलेगा। करियर: नए अवसर फाइनेंस: स्थिरता लव: खुशखबरी मिल सकती है स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी तुला राशि (Libra) प्रभावशाली लोगों से मुलाकात फायदेमंद रहेगी। करियर: तरक्की के संकेत फाइनेंस: आय में वृद्धि लव: रिश्तों में सुधार स्वास्थ्य: मानसिक शांति वृश्चिक राशि (Scorpio) साझेदारी में काम करना लाभकारी रहेगा। करियर: प्रगति फाइनेंस: मजबूत स्थिति लव: मधुर संबंध स्वास्थ्य: सामान्य धनु राशि (Sagittarius) दिन सावधानी से बिताएं। कोई बड़ा फैसला टालना बेहतर रहेगा। करियर: सतर्क रहें फाइनेंस: बजट बनाकर चलें लव: सहयोग मिलेगा स्वास्थ्य: तनाव से बचें मकर राशि (Capricorn) आय के नए स्रोत बन सकते हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। करियर: उन्नति फाइनेंस: धन लाभ लव: पारिवारिक सुख स्वास्थ्य: अच्छा   कुंभ राशि (Aquarius) रुके हुए कार्य पूरे होंगे। निवेश से लाभ मिल सकता है। करियर: सकारात्मक बदलाव फाइनेंस: फायदा लव: सामाजिक जीवन अच्छा स्वास्थ्य: सामान्य मीन राशि (Pisces) आज का दिन बेहद शुभ है। बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। करियर: व्यापार में लाभ फाइनेंस: आर्थिक सुधार लव: शुभ अवसर स्वास्थ्य: बेहतर

प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में मत्था टेककर लंगर सेवा में हिस्सा लिया…

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी अभिनेत्री Priyanka Chopra एक बार फिर अमृतसर स्थित पवित्र Sri Harmandir Sahib पहुंचीं, जहां उन्होंने मत्था टेका और लंगर सेवा में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनकी यह यात्रा आस्था, सादगी और सेवा भाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शूटिंग पूरी करने के बाद प्रियंका चोपड़ा देर रात सीधे दरबार साहिब पहुंचीं और वहां सामान्य श्रद्धालुओं की तरह धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुईं। उन्होंने लंगर हॉल में सेवा करते हुए करीब डेढ़ घंटे तक बर्तन धोने और अन्य स्वयंसेवी कार्यों में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका व्यवहार पूरी तरह सादगीपूर्ण और परंपराओं के अनुरूप दिखाई दिया। इस अवसर पर वह सफेद रंग के साधारण परिधान में नजर आईं और उन्होंने अपने सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। धार्मिक स्थल की मर्यादा का पालन करते हुए उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पूरी तरह से आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया। यह उनकी पिछले 12 दिनों में दूसरी यात्रा बताई जा रही है, जिससे उनकी आस्था और इस पवित्र स्थल के प्रति गहरे जुड़ाव को लेकर चर्चा और अधिक बढ़ गई है। इससे पहले भी वह इसी स्थान पर आकर लंगर सेवा में शामिल हुई थीं और श्रद्धालुओं के बीच समय बिताया था। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों अमृतसर में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। शूटिंग समाप्त होने के बाद उन्होंने समय निकालकर सीधे दरबार साहिब पहुंचकर गुरबाणी का श्रवण किया और शांत वातावरण में कुछ समय बिताया। उनकी इस यात्रा के दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं के बीच उनके प्रति उत्साह भी देखा गया। कई लोगों ने उनकी इस सादगी और सेवा भावना को प्रेरणादायक बताया। फिल्मी और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहने के बावजूद उनकी यह लगातार दूसरी यात्रा उनके व्यक्तिगत विश्वास और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है।

सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री का TMC पर विकास और खर्च को लेकर हमला..

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के Siliguri में आयोजित एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कई मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए और आगामी चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा से जुड़े मदरसों के विकास पर लगभग 6000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आम जनता के बुनियादी विकास कार्यों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब पिछले वर्षों के कामकाज का पूरा हिसाब मांग रही है और बदलाव की ओर देख रही है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट है और एक नए राजनीतिक विकल्प की ओर उम्मीद से देख रही है। प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिकता और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और इसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। साथ ही उन्होंने लोगों से इस विषय पर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने चाय बागान श्रमिकों की स्थिति का भी उल्लेख किया और कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों में श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं और भविष्य में इसी तरह के कदम यहां भी उठाए जाने चाहिए। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने उत्तर बंगाल के कई क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो किए थे, जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से अपील की थी। उत्तर बंगाल को चुनावी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, जहां सामाजिक और क्षेत्रीय विविधता चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। आने वाले समय में यहां राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू, 13 से 70 वर्ष पात्र के श्रद्धालु होंगे अमरनाथ यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सुगम

नई दिल्ली:जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष होने वाली पवित्र Amarnath Yatra की इस बार की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह पवित्र तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार यात्रा का पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम के साथ साथ देशभर में निर्धारित बैंक शाखाओं के जरिए भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के यात्रा में शामिल हो सकें। निर्धारित नियमों के अनुसार 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु इस यात्रा में भाग ले सकेंगे, बशर्ते वे निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को पूरा करें। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मेडिकल फिटनेस को अनिवार्य किया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष यात्रा व्यवस्था में लगभग 25 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है और श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए RFID कार्ड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे यात्रा मार्ग पर उनकी ट्रैकिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा बीमा सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है और ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर दस लाख रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यात्रा दो प्रमुख मार्गों से पूरी की जाएगी, जिनमें पहलगाम और बालटाल मार्ग शामिल हैं। पहलगाम मार्ग अपेक्षाकृत लंबा लेकिन आसान माना जाता है, जबकि बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण है। दोनों मार्गों पर सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। समुद्र तल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पूरी तैयारी करें और आवश्यक दस्तावेज तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें। इस वर्ष की यात्रा को लेकर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, चिकित्सा और आधारभूत ढांचे को पहले से अधिक मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित धार्मिक अनुभव मिल सके।

कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बयान दिया उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड और वंदे मातरम विवाद तक पर अपनी बात रखी रतलाम दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 38 फर्जी मामले दर्ज हैं और कई मामलों में गिरफ्तारी वारंट भी जारी है उन्होंने कहा कि अगर वे वहां जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है पार्टी नेतृत्व ने भी उन्हें फिलहाल बंगाल न जाने की सलाह दी है ताकि कोई नया विवाद न खड़ा हो विजयवर्गीय ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उस दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि बजरंगबली की कृपा से वे आज सुरक्षित हैं वरना उनकी तस्वीर पर भी माला टंगी होती यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया जाना चाहिए और इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी घोषणा की जा चुकी है और जल्द ही इस पर विधेयक लाया जाएगा पश्चिम बंगाल की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां माफिया और तस्करों का प्रभाव बढ़ गया है उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में भाजपा वहां सरकार बनाएगी इसके अलावा उन्होंने इंदौर में हाल ही में हुए वंदे मातरम विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना में किसी भी धर्म को बाधा नहीं बनना चाहिए और जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते उनके राष्ट्र प्रेम पर सवाल खड़े होते हैं कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में निगम मंडलों की नियुक्तियां जल्द की जाएंगी कुल मिलाकर विजयवर्गीय का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश दोनों स्तर के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी

अरुणाचल प्रदेश पर चीन की नाम बदलने की कोशिशों पर भारत का सख्त रुख, कहा वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता,

नई दिल्ली:भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। चीन की ओर से भारतीय क्षेत्रों के लिए नए और मनगढ़ंत नामों के इस्तेमाल पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद संवेदनशील संबंधों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि Arunachal Pradesh हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। सरकार ने कहा कि किसी भी प्रकार के नाम बदलने या काल्पनिक दावे से इस सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। यह वास्तविकता ऐतिहासिक, भौगोलिक और राजनीतिक रूप से पूरी तरह स्थापित है। सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। भारत ने साफ किया कि ऐसे कदम आपसी विश्वास को कमजोर करते हैं और रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को बाधित करते हैं। भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मनगढ़ंत नामकरण और झूठे दावों से किसी भी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति नहीं बदली जा सकती। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता बनाए रखने के लिए वास्तविक तथ्यों को स्वीकार करना सबसे जरूरी है। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए संवाद और सहयोग की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। ऐसी हरकतें, जो विवाद को बढ़ावा दें, उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमा से जुड़े मुद्दे भारत और चीन के संबंधों में संवेदनशील बने हुए हैं और इन्हें संभालने के लिए संतुलित, शांत और परिपक्व कूटनीति की आवश्यकता है।

शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग सतना में किसानों की मेहनत राख 70 एकड़ फसल जली

सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक बड़ी आगजनी की घटना ने किसानों की मेहनत को पल भर में राख कर दिया सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना गांव में रविवार दोपहर ट्रांसफॉर्मर से निकली एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते करीब 70 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई इस हादसे में लगभग 15 किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है जानकारी के अनुसार खेतों की मेढ़ पर लगे ट्रांसफॉर्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे चिंगारी निकली और सूखी फसल में आग लग गई तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के कई खेत इसकी चपेट में आ गए घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया उन्होंने अपने स्तर पर पानी और अन्य संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई लेकिन उस समय दमकल वाहन नोनिया गांव में लगी एक अन्य आग की घटना में व्यस्त था जिससे राहत पहुंचने में देरी हो गई करीब आधे घंटे बाद नागौद नगर परिषद का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था इस घटना में जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनमें सोमेश मिश्रा सोनू मिश्रा रतन मिश्रा अवधेश तिवारी और ध्रुव कुमार तिवारी सहित कई अन्य किसान शामिल हैं किसानों के अनुसार उनकी पूरी सालभर की मेहनत इस फसल पर निर्भर थी पीड़ित किसान ध्रुव कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी का तिलक समारोह सोमवार को मैहर में होना था और शादी की तैयारियां इसी फसल पर आधारित थीं ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है घटना की सूचना मिलने पर सिंहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया राजस्व विभाग की टीम द्वारा सोमवार को नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपकरणों की देखरेख और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि छोटी सी चिंगारी ने किसानों की जिंदगी भर की मेहनत को बर्बाद कर दिया