डीजल और एटीएफ पर भारी एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ोतरी से ऊर्जा बाजार में हलचल…

नई दिल्ली:देश में ऊर्जा नीति से जुड़े एक अहम फैसले के तहत सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर निर्यात शुल्क में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की है। इस कदम को वैश्विक ऊर्जा बाजार की अस्थिरता और घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। नए बदलाव के बाद ईंधन निर्यात की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। नए प्रावधान के अनुसार डीजल पर निर्यात शुल्क 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ पर भी एक्सपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद यह 29.5 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो गया है। पेट्रोल पर किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और उस पर निर्यात शुल्क शून्य ही रखा गया है, जिससे इस श्रेणी को फिलहाल राहत बनी हुई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करना और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच स्थिरता बनाए रखना है। माना जा रहा है कि कई बार वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों का लाभ निर्यातक कंपनियों को अधिक मिलता है, जबकि घरेलू जरूरतें प्रभावित होती हैं, ऐसे में यह कदम संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है। यह फैसला विंडफॉल टैक्स ढांचे का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत सरकार समय-समय पर ऊर्जा उत्पादों पर कर व्यवस्था में बदलाव करती रहती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि रिफाइनरियों के लाभ और घरेलू आपूर्ति के बीच उचित संतुलन बना रहे, ताकि देश के भीतर ईंधन की कमी की स्थिति न उत्पन्न हो। इसके साथ ही सरकार विमानन क्षेत्र में लागत को नियंत्रित करने के लिए भी विकल्पों पर विचार कर रही है। एटीएफ पर राज्य स्तर पर लगने वाले करों में कमी को लेकर भी चर्चा चल रही है, ताकि एयरलाइंस और यात्रियों पर पड़ने वाले खर्च को कम किया जा सके। इस दिशा में विभिन्न विभागों और राज्य सरकारों के बीच संवाद जारी है। देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर पहले से ही ईंधन की कीमतें अधिक बनी हुई हैं, जिसका कारण टैक्स संरचना और स्थानीय शुल्क माने जाते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार एयरपोर्ट से जुड़े कुछ शुल्कों में भी राहत देने की संभावनाओं का आकलन कर रही है, ताकि विमानन क्षेत्र को कुछ राहत मिल सके और संचालन लागत में संतुलन आए। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार में जारी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित किया है, जिससे कई देशों में ईंधन नीतियों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भारत का यह कदम भी इसी व्यापक वैश्विक परिदृश्य का हिस्सा माना जा रहा है, जहां घरेलू हितों को प्राथमिकता देना मुख्य उद्देश्य है। आने वाले समय में इस फैसले के प्रभाव को ऊर्जा बाजार, रिफाइनरी सेक्टर और विमानन उद्योग पर बारीकी से देखा जाएगा। फिलहाल सरकार का फोकस घरेलू आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने और बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को रोकने पर केंद्रित है।
भाग्य बदलने वाली सूर्य रेखा का राज इस एक निशान से मिलती है दौलत शोहरत और ऊंचा मुकाम

नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की रेखाओं को व्यक्ति के जीवन का दर्पण माना गया है। कहा जाता है कि इन रेखाओं में छिपे संकेत इंसान के भविष्य उसके स्वभाव और उसकी सफलता की दिशा को दर्शाते हैं। इन्हीं रेखाओं में एक बेहद महत्वपूर्ण रेखा होती है सूर्य रेखा जिसे भाग्य प्रतिष्ठा और धन का प्रतीक माना जाता है। यह रेखा हर व्यक्ति की हथेली में अलग अलग रूप में दिखाई देती है और इसकी स्थिति गहराई और स्पष्टता जीवन के कई राज खोलती है। हथेली में अनामिका उंगली के नीचे के भाग को सूर्य पर्वत कहा जाता है और यहीं से ऊपर की ओर जाने वाली रेखा सूर्य रेखा कहलाती है। यदि यह रेखा साफ सीधी और बिना किसी रुकावट के दिखाई दे तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे लोग जीवन में कम प्रयासों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल करते हैं। इन्हें समाज में मान सम्मान और पहचान आसानी से मिल जाती है और कई बार यह सफलता उन्हें विरासत या अचानक अवसरों के माध्यम से प्राप्त होती है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य को तेज यश और प्रतिष्ठा का कारक माना गया है। यदि किसी व्यक्ति की हथेली में सूर्य पर्वत उभरा हुआ हो और उस पर स्पष्ट रेखा हो तो यह संकेत देता है कि वह व्यक्ति समाज में उच्च स्थान प्राप्त करेगा। ऐसे लोग जहां भी जाते हैं अपनी अलग पहचान बनाते हैं और अपने व्यक्तित्व से लोगों को प्रभावित करते हैं। कुछ लोगों की हथेली में सूर्य रेखा दोहरी होती है यानी दो समानांतर रेखाएं दिखाई देती हैं। यह स्थिति बेहद शुभ मानी जाती है और इसे राजयोग के समान माना जाता है। ऐसे व्यक्ति नेतृत्व क्षमता में निपुण होते हैं और प्रशासनिक या सरकारी क्षेत्र में ऊंचे पद तक पहुंच सकते हैं। इनके अंदर निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और ये जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करने में सफल रहते हैं। वहीं यदि सूर्य रेखा से शाखाएं निकलकर मध्यमा और कनिष्ठा उंगली की ओर जाती हैं तो यह असाधारण बुद्धिमत्ता का संकेत माना जाता है। ऐसे लोग तर्क शक्ति और संवाद कला में माहिर होते हैं। उनकी बातों में ऐसा प्रभाव होता है कि लोग आसानी से उनकी ओर आकर्षित हो जाते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लेते हैं। सबसे खास और दुर्लभ स्थिति तब मानी जाती है जब सूर्य रेखा पर या उसके पास स्वास्तिक का चिह्न बना हो। यह चिन्ह अत्यंत शुभ और ईश्वरीय कृपा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में धन दौलत सुख सुविधा और सम्मान की कभी कमी नहीं होती। यह संकेत देता है कि व्यक्ति हर कठिनाई से उबरकर सफलता के शिखर तक पहुंचेगा और उसे जीवन में विशेष संरक्षण प्राप्त रहेगा। इस प्रकार सूर्य रेखा केवल एक साधारण रेखा नहीं बल्कि जीवन की दिशा और दशा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। हालांकि सफलता के लिए मेहनत और सही निर्णय भी उतने ही जरूरी हैं लेकिन यदि भाग्य का साथ मिल जाए तो जीवन की राह आसान हो जाती है।
वास्तु चेतावनी इन पेड़ों की छाया से दूर रखें अपना घर वरना सुख शांति हो सकती है खत्म

नई दिल्ली । सनातन परंपरा में प्रकृति को दिव्य शक्ति का स्वरूप माना गया है और पेड़ पौधों को विशेष महत्व दिया गया है। यही कारण है कि घर में तुलसी और शमी जैसे पौधों को शुभ माना जाता है और उन्हें लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पेड़ पौधे केवल वातावरण को ही नहीं बल्कि जीवन की दिशा को भी प्रभावित करते हैं। जहां कुछ वृक्ष घर में सुख समृद्धि और शांति लाते हैं वहीं कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी छाया तक को अशुभ माना गया है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार यदि कुछ विशेष पेड़ों की छाया घर पर पड़ती है तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है और परिवार में तनाव आर्थिक परेशानी तथा मानसिक अशांति जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए इन पेड़ों को घर से उचित दूरी पर लगाना ही बेहतर माना जाता है। सबसे पहले बात करें पीपल के पेड़ की तो इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है और इसमें देवताओं का वास बताया गया है। पूजा पाठ और धार्मिक कार्यों में इसका विशेष महत्व है लेकिन वास्तु के अनुसार इसकी छाया घर पर पड़ना अनुकूल नहीं माना जाता। इसकी ऊर्जा बहुत अधिक शक्तिशाली और आध्यात्मिक होती है जो गृहस्थ जीवन की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। यदि इसकी परछाई घर पर पड़ती है तो परिवार के सदस्यों के बीच संतुलन बिगड़ सकता है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। दूसरा पेड़ है इमली जिसका स्वाद भले ही लोगों को पसंद आता हो लेकिन वास्तु में इसकी छाया को नकारात्मक माना गया है। मान्यता है कि इमली के पेड़ की छाया जिस घर पर पड़ती है वहां रहने वाले लोगों के बीच मतभेद बढ़ने लगते हैं। खासतौर पर पति पत्नी के रिश्तों में तनाव और तकरार की स्थिति पैदा हो सकती है। धीरे धीरे यह स्थिति परिवार के अन्य संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है और घर का माहौल अशांत हो जाता है। तीसरी श्रेणी में आते हैं कांटेदार और दूधिया रस वाले पेड़ जैसे बबूल या कैक्टस। इन पेड़ों की प्रकृति ही कठोर और रक्षात्मक होती है इसलिए वास्तु में इन्हें घर के पास रखना उचित नहीं माना गया है। इनकी छाया घर पर पड़ने से नकारात्मक विचार बढ़ सकते हैं और परिवार के सदस्यों के बीच कटुता पैदा हो सकती है। इससे आपसी विश्वास कमजोर होता है और जीवन में असंतुलन की स्थिति बन सकती है। यदि आपके घर के आसपास पहले से ऐसे पेड़ मौजूद हैं और उनकी छाया घर पर पड़ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ सरल उपाय अपनाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। सप्ताह में एक बार घर में गंगाजल का छिड़काव करने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। इसके साथ ही रोज शाम मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और घर सुरक्षित रहता है। इसके अलावा घर में तुलसी का पौधा लगाना बेहद लाभकारी माना गया है। ध्यान रखें कि तुलसी पर इन अशुभ पेड़ों की सीधी छाया न पड़े। तुलसी का पौधा घर के वातावरण को संतुलित करता है और वास्तु दोषों को कम करने में सहायक होता है। इस तरह थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से आप अपने घर को नकारात्मक प्रभावों से बचाकर सुख शांति और समृद्धि बनाए रख सकते हैं।
मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला दतिया में पारा चढ़ा अप्रैल में ही लू जैसे हालात

दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हालात ऐसे बन गए हैं जैसे लू का असर पहले ही शुरू हो गया हो रविवार सुबह से ही लगातार तेज धूप निकलने के कारण लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है मौसम में आए इस बदलाव के चलते दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान बढ़कर लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम अब कमजोर पड़ चुके हैं इसके कारण राजस्थान क्षेत्र में बने दबाव के चलते सूखी और गर्म हवाएं मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं जिसका सीधा असर दतिया और आसपास के क्षेत्रों में देखा जा रहा है इन गर्म हवाओं ने मौसम को तेजी से शुष्क और तपता हुआ बना दिया है मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना फिलहाल नहीं है बल्कि 15 अप्रैल के बाद तापमान में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है जिससे लू जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है इसी को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय विशेषकर दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन जैसी समस्या न हो इस बीच कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भी इस वर्ष अप्रैल से ही गर्मी की तेज शुरुआत को संकेत माना जा रहा है और अनुमान जताया जा रहा है कि यह गर्मी का दौर लंबे समय तक यानी जुलाई तक बना रह सकता है जिससे आने वाले महीनों में भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है कुल मिलाकर दतिया में मौसम का बदलता मिजाज लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है
मुर्शिदाबाद रैली में अभिषेक बनर्जी के बयान से सियासी माहौल हुआ और गर्म

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, जहां विभिन्न दलों के नेता एक दूसरे पर तीखे आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee ने मुर्शिदाबाद में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान विपक्षी दलों और कुछ राजनीतिक चेहरों पर कड़े आरोप लगाए, जिससे राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक ताकतें और व्यक्ति मिलकर राज्य में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए समाज में विभाजन की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे जनता को समझने और रोकने की जरूरत है। उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि मुर्शिदाबाद हमेशा से सांस्कृतिक विविधता और गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक रहा है, लेकिन उनके अनुसार कुछ राजनीतिक गतिविधियां इस परंपरा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ नेता और संगठन राजनीतिक लाभ के लिए भावनात्मक मुद्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ सकता है। इसी दौरान उन्होंने कुछ राजनीतिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी सवाल उठाए और उन्हें एक विशेष राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि जनता को इस तरह की गतिविधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। राज्य की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी दलों के बीच पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे में इस तरह के बयानों ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील और आक्रामक बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे पश्चिम बंगाल में बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होगा। सभी प्रमुख दल अपने अपने जनाधार को मजबूत करने के लिए लगातार जनसभाएं और रैलियां कर रहे हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक वातावरण और अधिक गर्म होता जा रहा है
शुभ समय की वापसी 14 अप्रैल से विवाह समेत मांगलिक कार्य शुरू, 17 मई से फिर लगेगा ब्रेक

उज्जैन । ज्योतिषीय गणना के अनुसार 14 अप्रैल से एक बार फिर मांगलिक कार्यों का शुभ समय शुरू होने जा रहा है क्योंकि इस दिन खरमास की समाप्ति हो जाएगी और सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे यह खगोलीय परिवर्तन प्रातः 9 बजकर 52 मिनट पर होगा जिसे मेष संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है जैसे ही सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे वैसे ही विवाह गृह प्रवेश यज्ञोपवीत और अन्य मांगलिक कार्यों पर लगी रोक समाप्त हो जाएगी इस अवधि को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि सूर्य को नवग्रहों का राजा कहा जाता है और मेष राशि में उनका प्रवेश उन्हें उच्च स्थिति में स्थापित करता है पंचांग के अनुसार सूर्य ने 14 मार्च की रात 11 बजकर 59 मिनट पर कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश किया था जिसके बाद लगभग एक माह तक खरमास के कारण सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य स्थगित रहे अब यह अवधि समाप्त होने जा रही है जिससे एक बार फिर विवाह और अन्य संस्कारिक आयोजन शुरू हो सकेंगे ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार 14 अप्रैल के बाद मांगलिक कार्यों की शुरुआत के साथ ही आने वाले व्रत और त्योहारों का भी विशेष महत्व रहेगा खासकर अक्षय तृतीया जो 20 अप्रैल को है इसे बिना मुहूर्त के भी विवाह और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है इस दिन बड़ी संख्या में शादियां और अन्य आयोजन होने की संभावना है पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार मेष संक्रांति के बाद का समय अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है क्योंकि इस दौरान सूर्य अपनी उच्च स्थिति में रहते हैं और सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं इससे विवाह संस्कार गृह प्रवेश और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष शुभता मानी जाती है हालांकि यह शुभ अवधि लंबे समय तक नहीं रहेगी क्योंकि 17 मई के बाद फिर से कुछ ग्रह स्थितियों के कारण मांगलिक कार्यों पर अस्थायी विराम लग सकता है ऐसे में लोग इस अवधि का अधिकतम उपयोग विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए कर रहे हैं कुल मिलाकर 14 अप्रैल से शुरू हो रही यह अवधि धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और पूरे देश में शादी विवाह और मांगलिक आयोजनों की रौनक एक बार फिर लौटने की उम्मीद है
गर्मी में ये फूल है काफी खास, आपको सेहतमंद रखने में करता है मदद

नई दिल्ली। बड़े बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि, पेड़-पौधे में ऐसी शक्ति होती है जिससे वह आपको सेहतमंद बनाए रखने में काफी मददगार हो सकते हैं। आयुर्वेद में कई शक्तिशाली और गुणकारी पौधों और फूलों के बारे में बताया गया है, जिनके उपयोग से कई बीमारियों का इलाज होता आया है। सदाबहार का फूल भी इसमें शामिल है। सदाबहार एक ऐसा पौधा है, जिसके पत्ते और फूल औषधीय गुणों से भरे हैं। सेहत के लिए कैसे जरूरी है ये फूलबिल्कुल साधारण और सुंदर सा दिखने वाला फूल सदाबहार काफी कारगर साबित हो सकता है आपकी सेहत के लिए। आयुर्वेद में इसे खून, त्वचा और चयापचय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण द्रव्य माना गया है। आयुर्वेद यह स्पष्ट करता है कि हर वनौषधि तभी औषधि बनती है, जब उसे सही द्रव्य, सही मात्रा और सही विधि के साथ अपनाया जाए।इसका स्वाद कड़वा होता है और इसे खून शुद्धि का सबसे आसान तरीका माना गया है। गर्मी में नाक से खून आने परगर्मियों में अक्सर नाक से खून आने की समस्या देखी जाती है। कई बार तो यह समस्या काफी बढ़ जाती है दिन में कई बार ऐसी घटना हो जाती है। गर्मी में अधिक ताप की वजह से नाक से खून बहना शुरू हो जाता है। ऐसे में सदाबहार के फूल और अनार के फूलों का रस नाक में डालने से आराम मिलेगा।इन दोनों फूलों के रस की तासीर ठंडी होती है और रक्त को बहने से रोकती है। इसके साथ ही ऐसा करने से खून नहीं आता है और वह समस्या ठीक हो जाती है। डायबिटीज नियंत्रण रखने के लिएअगर आपको डायबिटीज है तब यह पौधा आपकी काफी मदद करता है इसे ठीक करने में या फिर नियंत्रण में रखने में आप सुबह दो या तीन पत्ती इसकी जरुर खा सकते हैं।इसकी पत्तियों में मौजूद ‘अल्कलॉइड्स’ नामक तत्व शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाकर ब्लड शुगर को कम करने में मददगार साबित होते हैं। घाव भरने में मददअगर आपको चोट लग गई है वह ठीक नहीं हो रहा है तब यह पौधा उसमें भी आपकी मदद कर सकता है। इसके पत्ते का चूर्ण और हल्दी की सहायता से घाव को जल्दी भरा जा सकता है।घाव को जल्दी ठीक करने, सूजन को कम करने और घाव की लालिमा को कम करने के लिए सहाबहार के पत्तों को पीसकर और हल्दी मिलाकर सीधा घाव पर लगाया जा सकता है। लेकिन अगर आपको ज्यादा चोट लगी है तब आपको जल्दी हॉस्पिटल जाना चाहिए क्योंकि यह बस छोटी-मोटे घाव के लिए ही काम कर सकता है।
बैतूल सड़क हादसा शादी की तैयारी कर रही युवती की जान गई ट्रैक्टर चालक फरार

बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया शाहपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर बायपास पर शादी के कार्ड बांटने निकली एक युवती की ट्रैक्टर की टक्कर से मौके पर ही मौत हो गई यह हादसा उस समय हुआ जब वह अपनी आने वाली शादी की तैयारियों के सिलसिले में रिश्तेदारों और परिचितों को निमंत्रण देने के लिए निकली थी मृतका की पहचान ऊषा उर्फ हीरा उईके उम्र 30 वर्ष निवासी गुरगुंदा गांव के रूप में हुई है जानकारी के अनुसार वह मुलताई से लौट रही थी और स्कूटी पर सवार होकर शादी के कार्ड बांट रही थी उसकी शादी 12 मई को तय थी और घर में तैयारियां जोरों पर चल रही थीं लेकिन इस हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शाहपुर बायपास पर हाईवे से निकलते समय एक ट्रैक्टर ने कट पॉइंट पर उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतनी भीषण थी कि युवती सड़क पर गिर पड़ी और उसके सिर में गंभीर चोट लगने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया मृतका लोक सुविधा फाइनेंस में कार्यरत थी और एक टीवीएस शोरूम से भी जुड़ी हुई थी शोरूम संचालक के अनुसार वह अपने काम में काफी सक्रिय और जिम्मेदार स्वभाव की थी इस हादसे की खबर मिलते ही उसके कार्यस्थल और गांव में शोक की लहर दौड़ गई परिवार के अनुसार हीरा चार बहनों में सबसे बड़ी थी और जल्द ही उसकी शादी देवझिरी प्रभात पट्टन निवासी दिनेश धुर्वे से होने वाली थी अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है घर में मातम पसरा हुआ है और परिजन बेसुध हैं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है जहां एक तरफ शादी की खुशियों की तैयारियां चल रही थीं वहीं दूसरी ओर एक पल की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं
2 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकों को चुनावी रणनीति से जोड़ा जा रहा है
10वीं के बाद High Salary Courses: डिजिटल मार्केटिंग से AI तक ये कोर्स कराएंगे मोटी कमाई

नई दिल्ली। 10वीं पास करने के बाद ज्यादातर छात्र 11वीं की पढ़ाई पर फोकस करते हैं, लेकिन आज के समय में सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि स्किल्स (High Salary Courses) सीखना भी उतना ही जरूरी हो गया है। बढ़ते कॉम्पिटिशन के दौर में अगर आप जल्दी करियर बनाना चाहते हैं तो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ प्रोफेशनल कोर्स करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। आज के समय में ऐसे कई कोर्स उपलब्ध हैं जिन्हें आप स्कूल के साथ-साथ कर सकते हैं और उनसे कमाई भी शुरू कर सकते हैं। ये कोर्स न सिर्फ आपको स्किल्ड बनाते हैं बल्कि भविष्य में हाई सैलरी जॉब (High Salary Courses) के रास्ते भी खोलते हैं। डिजिटल मार्केटिंग और AI सबसे ज्यादा डिमांड मेंडिजिटल मार्केटिंग आज के दौर की सबसे लोकप्रिय स्किल्स में से एक बन चुकी है। इसमें SEO, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रमोशन जैसे काम सिखाए जाते हैं। इस स्किल को सीखकर आप फ्रीलांसिंग, पार्ट टाइम जॉब या खुद का बिजनेस भी शुरू कर सकते हैं। Related News❮❯UP Board Result 2026: 10वीं-12वीं के छात्रों का इंतजार हुआ खत्म, अप्रैल के आखिरी हफ्ते में जारी होगा रिजल्टUP Board Result 2026: 10वीं-12वीं के छात्रों का इंतजार हुआ खत्म, अप्रैल के आखिरी हफ्ते में… वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है। AI की मदद से कंटेंट क्रिएशन, इमेज और वीडियो जनरेशन जैसे कई काम किए जा सकते हैं। इसके साथ ही “प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग” जैसी नई स्किल्स की भी काफी डिमांड है, जिसमें एक्सपर्ट्स अच्छी सैलरी कमा रहे हैं। कंप्यूटर स्किल्स से भी बन सकता है मजबूत करियरएडवांस्ड कंप्यूटर स्किल्स जैसे ग्राफिक डिजाइनिंग और वीडियो एडिटिंग भी आज के समय में काफी डिमांड में हैं। सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन के बढ़ते ट्रेंड के कारण इन स्किल्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इन स्किल्स को सीखकर आप फ्रीलांसिंग कर सकते हैं, पार्ट टाइम जॉब पा सकते हैं या खुद का काम शुरू कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि ये सभी कोर्स 3 से 6 महीने में पूरे किए जा सकते हैं और जल्दी कमाई का मौका देते हैं।