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कृषि महोत्सव के लिए रायसेन रवाना हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया आत्मीय स्वागत

भोपाल । भोपाल के स्टेट हैंगर पर शनिवार का दिन खास गरिमा और राजनीतिक ऊर्जा से भरपूर नजर आया जब डॉ. मोहन यादव ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आत्मीय अगवानी कर प्रदेश की मेहमाननवाजी की परंपरा को सजीव कर दिया यह अवसर केवल औपचारिक स्वागत तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें प्रदेश और केंद्र के बीच समन्वय और विकास की झलक भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल ट्रांजिट विजिट पर पहुंचे थे जहां से उन्हें रायसेन में आयोजित कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए रवाना होना था स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुष्प गुच्छ भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर उनका आत्मीय स्वागत किया साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी किया इस दौरान वातावरण में आत्मीयता और गरिमा का संतुलित संगम देखने को मिला अल्प विश्राम के पश्चात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से रायसेन के लिए रवाना हुए जहां कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और नवाचार से जोड़ने की पहल की जा रही है यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी मौजूद रहे जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग राज्य मंत्री कृष्णा गौर भोपाल सांसद आलोक शर्मा विधायक विष्णु खत्री महापौर मालती राय और जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति शामिल रहे सभी ने रक्षा मंत्री का पुष्प भेंट कर स्वागत किया जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई भोपाल का यह दृश्य केवल एक स्वागत समारोह नहीं बल्कि राजनीतिक समन्वय और विकासात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक बन गया जहां केंद्र और राज्य सरकार के बीच तालमेल की मजबूत तस्वीर उभर कर सामने आई रायसेन में होने वाला कृषि महोत्सव इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है जो किसानों को सशक्त बनाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

इमोशनल पल: हार्दिक ने रोहित को बताया टीम की प्रेरणा, 15 साल के सफर को किया सलाम

नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने फ्रेंचाइजी के साथ अपने 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर टीम के मौजूदा कप्तान हार्दिक पांड्या ने उन्हें भावुक अंदाज में बधाई दी और ड्रेसिंग रूम में एक दिल छू लेने वाली स्पीच दी।  हार्दिक की स्पीच ने जीता दिलहार्दिक पांड्या ने कहा, “रो, 15 साल पूरे होने पर बधाई। आपने इतने सालों तक इस फ्रेंचाइजी का नेतृत्व किया, इसके लिए धन्यवाद। मैंने, जसप्रीत बुमराह और कई खिलाड़ियों ने आपके नेतृत्व में डेब्यू किया। आप हमारी टीम के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत हैं।” उन्होंने आगे कहा कि रोहित न सिर्फ एक बेहतरीन कप्तान रहे हैं, बल्कि एक शानदार इंसान भी हैं, जिन्होंने टीम के हर खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका दिया। रोहित की कप्तानी में बना इतिहासरोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में मुंबई इंडियंस को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक बनाया। उनकी अगुवाई में टीम ने 5 बार (2013, 2015, 2017, 2019, 2020) खिताब जीते। चेन्नई सुपर किंग्स के बाद मुंबई इंडियंस ही एकमात्र टीम है, जिसने 5 आईपीएल ट्रॉफी जीती हैं। रोहित ने जताया आभारइस मौके पर रोहित शर्मा ने भी टीम के साथियों, सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने यह भी माना कि फ्रेंचाइजी का माहौल और सपोर्ट उनके करियर को संवारने में बेहद अहम रहा। शानदार आंकड़े भी गवाहरोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के सबसे सफल बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने 239 मैचों की 235 पारियों में 6267 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 41 अर्धशतक शामिल हैं। IPL करियर की शुरुआतरोहित ने अपना आईपीएल करियर 2008 में डेक्कन चार्जर्स के साथ शुरू किया था। 2011 में वे मुंबई इंडियंस से जुड़े और तब से इस टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस के साथ 15 साल पूरे किए, इस मौके पर हार्दिक पांड्या ने उन्हें टीम की सबसे बड़ी प्रेरणा बताया। रोहित की कप्तानी में एमआई ने 5 बार आईपीएल खिताब जीते हैं।

राहुल गांधी मानहानि केस में हाईकोर्ट सख्त कार्तिकेय चौहान को नोटिस और स्टेटस रिपोर्ट के आदेश

जबलपुर । जबलपुर हाईकोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़ा बहुचर्चित मानहानि मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है जहां अदालत ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों को सुनना न्याय का मूल सिद्धांत है और इसी आधार पर यह कदम उठाया गया है इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से जुड़ी हुई है जब राहुल गांधी ने झाबुआ में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान कथित रूप से पनामा पेपर्स लीक का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम लिया था इस बयान को लेकर कार्तिकेय चौहान ने भोपाल स्थित एमपी एमएलए कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था जिसके बाद अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ समन भी जारी किया था राहुल गांधी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए जबलपुर हाईकोर्ट का रुख किया और अपनी याचिका में यह तर्क दिया कि उनके पक्ष को सुने बिना ही निचली अदालत में मामला दर्ज कर लिया गया जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है उन्होंने अदालत से इस पूरे प्रकरण को निरस्त करने की मांग की है हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ न्यायिक कार्रवाई करते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि उसे अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले इसी क्रम में अदालत ने कार्तिकेय चौहान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है ताकि दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना जा सके इसके साथ ही अदालत ने राहुल गांधी को भी निर्देश दिया है कि वे निचली अदालत में लंबित इस प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि मामले की वर्तमान स्थिति को समझने में आसानी हो और आगे की सुनवाई निष्पक्ष तरीके से की जा सके यह मामला केवल एक कानूनी विवाद नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन चुका है क्योंकि इसमें देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों के नाम जुड़े हुए हैं ऐसे में हाईकोर्ट का यह रुख इस बात का संकेत देता है कि अदालत हर पहलू को गंभीरता से परखना चाहती है आने वाले दिनों में इस मामले की सुनवाई और दोनों पक्षों के जवाब के आधार पर यह तय होगा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी फिलहाल हाईकोर्ट के इस कदम ने पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ दे दिया है और सभी की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं

हॉकी का महासंग्राम! सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले तय

नई दिल्ली। हॉकी इंडिया सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2026 का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। राजगीर में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में डिवीजन ए के पुरुष और महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले तय हो गए हैं। शनिवार 12 अप्रैल को सभी निर्णायक मुकाबले खेले जाएंगे, जिन पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। पुरुष वर्ग: एमपी और यूपी के बीच खिताबी जंगपुरुष वर्ग के फाइनल में हॉकी मध्य प्रदेश का सामना हॉकी उत्तर प्रदेश से होगा। दोनों ही टीमों ने सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन किया।मध्य प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव हॉकी को 4-2 से हराया, जबकि उत्तर प्रदेश ने गत चैंपियन हॉकी पंजाब को 6-2 से करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। यूपी की टीम इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में है। उनके खिलाड़ी शाहरुख अली 14 गोल के साथ टॉप स्कोरर हैं, जबकि नीतीश यादव ने पेनल्टी कॉर्नर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। तीसरे स्थान के मुकाबलेपुरुष वर्ग में तीसरे स्थान के लिए दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव हॉकी और हॉकी पंजाब के बीच मुकाबला होगा। महिला वर्ग: एमपी बनाम झारखंडमहिला वर्ग का फाइनल भी बेहद रोमांचक होने वाला है, जहां हॉकी मध्य प्रदेश की टीम का सामना गत चैंपियन हॉकी झारखंड से होगा। दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा ह-मध्य प्रदेश ने अब तक 18 गोल किए हैं, जबकि झारखंड ने 19 गोल दागे हैं। सेमीफाइनल में झारखंड ने हॉकी उत्तर प्रदेश को 2-0 से हराया, जबकि मध्य प्रदेश ने हॉकी ओडिशा को 2-1 से मात दी। खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरेंमहिला वर्ग में नौशीन नाज 9 गोल के साथ टॉप स्कोरर हैं, वहीं संदीपा कुमारी 5 गोल के साथ झारखंड की प्रमुख खिलाड़ी हैं। फाइनल मुकाबलों का मंच सभी मैच राजगीर हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जहां फैंस को हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।

जब छात्रों ने छुआ आसमान सिंगरौली में दूरबीन से ब्रह्मांड दर्शन का अनोखा अनुभव

सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली जहां विद्यार्थियों को किताबों से बाहर निकलकर सीधे ब्रह्मांड से जुड़ने का अवसर प्रदान किया गया शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैढ़न में आयोजित दूरबीन द्वारा ब्रहांड दर्शन एवं खगोल विज्ञान कार्यशाला ने छात्रों के लिए एक यादगार और ज्ञानवर्धक अनुभव तैयार किया इस विशेष आयोजन में छात्रों ने पहली बार टेलिस्कोप के माध्यम से आसमान में चमकते तारों और ग्रहों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया यह अनुभव उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था जहां वे अब तक केवल किताबों और चित्रों में देखे गए ब्रह्मांड को अपनी आंखों से देख सके इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को खगोल विज्ञान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं जिससे उनकी जिज्ञासा और अधिक बढ़ी यह कार्यशाला मध्य प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन सिंगरौली के संयुक्त प्रयासों से आयोजित की गई जिसने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देने का काम किया इस पहल को सिंगरौली के इतिहास में पहली बार आयोजित किया गया है और इसे एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि यह आधुनिक विज्ञान को सीधे छात्रों के अनुभव से जोड़ता है कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना जिज्ञासा को प्रोत्साहित करना और नवाचार तथा अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाना था इस प्रकार के आयोजन छात्रों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़कर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में मदद करते हैं जिससे वे भविष्य में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें कार्यशाला के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी छात्रों के उत्साह को सराहा और इस तरह के कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की बात कही इस अवसर पर राज्यमंत्री राधा सिंह सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम कलेक्टर गौरव बैनल जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे और जिला शिक्षा अधिकारी एस वी सिंह सहित विद्यालय के प्राचार्य शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे छात्रों ने इस पहल के लिए जिला प्रशासन और सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के आयोजन उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक हैं बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा भी देते हैं यह आयोजन निश्चित रूप से सिंगरौली के शैक्षणिक वातावरण को नई ऊर्जा देने वाला साबित होगा

सोशल मीडिया का खौफनाक चेहरा: बुरहानपुर में नाबालिग से बार बार दुष्कर्म और फिर मौत

भोपाल/बुरहानपुर । सोशल मीडिया के आभासी संसार में पनपने वाली दोस्ती कई बार हकीकत की दुनिया में जानलेवा साबित होती है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती की भारी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। यह मामला गणपति नाका थाना क्षेत्र का है जहाँ इंस्टाग्राम वाले प्यार और दोस्ती के नाम पर एक मासूम का न केवल शारीरिक शोषण किया गया बल्कि उसकी मौत की पटकथा भी लिखी गई। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी गणेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जो एक स्थानीय होटल में कार्यरत था। घटनाक्रम की शुरुआत लगभग ढाई महीने पहले हुई थी जब पीड़िता की मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए गणेश चौधरी से हुई। बातों का सिलसिला शुरू हुआ और धीरे धीरे आरोपी ने बालिका को अपने जाल में फँसा लिया। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी अक्सर रात के समय बालिका को चौपाटी पर बुलाता था और फिर वहाँ से उसे एक होटल ले जाकर उसके साथ बार बार दुष्कर्म करता था। दरिंदगी का यह सिलसिला चार पांच बार दोहराया गया। मासूम बालिका लोक लाज और डर के मारे खामोश रही लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। करीब एक महीने पहले जब बालिका को पता चला कि वह गर्भवती हो गई है तो उसने यह बात आरोपी को बताई। पकड़े जाने के डर से आरोपी गणेश चौधरी ने पीड़िता को गर्भपात की दवा लाकर दी और उसे खाने के लिए मजबूर किया। दवा खाने के बाद बालिका की सेहत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे लगातार उल्टियां और पेट में असहनीय दर्द होने लगा। शुरू में परिजनों को लगा कि यह सामान्य बीमारी है लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो 7 अप्रैल को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में जांच के दौरान जो सच्चाई सामने आई उसने माता पिता के पैरों तले जमीन खिसका दी। डॉक्टरों ने खुलासा किया कि बालिका करीब दो महीने की गर्भवती थी और गलत दवा के सेवन के कारण उसका गर्भ गिर चुका था जिससे संक्रमण उसके पूरे शरीर में फैल गया था। दुर्भाग्यवश तीन दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शुक्रवार 10 अप्रैल को उपचार के दौरान बालिका ने दम तोड़ दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। गणपति नाका थाना प्रभारी सुरेश महाले के अनुसार 7 अप्रैल को शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई थी और 8 अप्रैल को ही आरोपी गणेश चौधरी को हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट 2012 की धारा 5 एवं 6 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 64(2)(एम) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ा मामला दर्ज किया है। इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों के सामने यह चुनौती खड़ी कर दी है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों के प्रति अधिक सचेत और जागरूक रहें।

देश में एलपीजी आपूर्ति स्थिर, डिजिटल सिस्टम से वितरण में बढ़ी पारदर्शिता..

नई दिल्ली:देश में रसोई गैस और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और किसी भी हिस्से से गैस की कमी की कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से काम कर रही है और उपभोक्ताओं को निर्बाध सेवा मिल रही है। इसके साथ ही गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक लगभग 4.05 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं, जबकि करीब 4.41 लाख नए उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। यह आंकड़ा देश में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाता है, जहां नागरिक धीरे धीरे पाइप्ड गैस प्रणाली को अपनाने की ओर अग्रसर हैं। इससे एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता कम होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन या गैस का भंडारण न करें। लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें तथा एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें, जिससे वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे। डिजिटल प्रणाली के विस्तार के साथ ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का उपयोग अब लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि उपभोक्ता तेजी से तकनीक आधारित सेवाओं को अपना रहे हैं। इसके साथ ही डिलीवरी प्रक्रिया में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड आधारित व्यवस्था का उपयोग भी व्यापक स्तर पर किया जा रहा है, जिससे गैस की वास्तविक डिलीवरी सुनिश्चित हो सके। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा भू राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद घरेलू आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। विशेष रूप से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और आवश्यक सेवाओं के लिए गैस आपूर्ति को बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। एलपीजी की जमाखोरी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए देशभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान हजारों स्थानों पर निरीक्षण किए गए हैं और बड़ी संख्या में अवैध सिलेंडर जब्त किए गए हैं। कई मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई है, जिसमें एफआईआर दर्ज होना और संबंधित व्यक्तियों की गिरफ्तारी भी शामिल है। वितरण व्यवस्था की निगरानी के तहत कई एलपीजी वितरकों पर कार्रवाई की गई है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया गया है, कुछ मामलों में चेतावनी दी गई है और गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की गई है, ताकि उपभोक्ताओं को सुचारू और सुरक्षित सेवा मिलती रहे। सरकारी रिफाइनरियों की स्थिति को लेकर भी यह स्पष्ट किया गया है कि सभी प्रमुख इकाइयां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके अलावा घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है, जिससे आपूर्ति प्रणाली मजबूत बनी रहे। देश में ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था स्थिर है और सरकार का फोकस डिजिटल वितरण, पारदर्शिता और अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और निर्बाध सेवा देने पर केंद्रित है।

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के अग्रदूत फुले के ऐतिहासिक योगदान को देश ने किया नमन

नई दिल्ली :संसद भवन में महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने अर्पित की श्रद्धांजलि, सामाजिक समानता और शिक्षा के आदर्शों को किया याद देश के महान समाज सुधारक और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले Jyotirao Phule की 200वीं जयंती पर राजधानी में विशेष श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। संसद भवन परिसर में हुए इस आयोजन में देश के शीर्ष नेतृत्व ने एक साथ उपस्थित होकर उन्हें नमन किया और उनके सामाजिक न्याय, शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के योगदान को याद किया। इस अवसर ने उनके विचारों की प्रासंगिकता को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति Droupadi Murmu, उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar, लोकसभा अध्यक्ष Om Birla और प्रधानमंत्री Narendra Modi सहित कई शीर्ष नेताओं ने भाग लिया और संसद परिसर में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इस अवसर को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया, जिससे सामाजिक सुधार के मूल्यों पर व्यापक सहमति का संदेश सामने आया। नेताओं ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के उस ऐतिहासिक संघर्ष को याद किया जिसमें उन्होंने समाज में व्याप्त असमानता, छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया गया, जहां उन्होंने वंचित वर्गों और महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोलने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। उनके प्रयासों ने उस समय की सामाजिक संरचना को चुनौती दी और एक नए युग की शुरुआत की। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि महात्मा फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर महिला शिक्षा की मजबूत नींव रखी, जो भारतीय समाज सुधार आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है। उनके प्रयासों के कारण समाज के उन वर्गों तक शिक्षा पहुंची जो लंबे समय तक इससे वंचित रहे थे। कार्यक्रम में यह विचार भी सामने आया कि आधुनिक भारत में भी फुले के विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। सामाजिक समानता, शिक्षा का अधिकार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दे आज भी विकास और न्यायपूर्ण समाज की बुनियाद बने हुए हैं। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनके आदर्शों को केवल स्मरण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें नीतियों और व्यवहार में वास्तविक रूप से लागू करना आवश्यक है। इस श्रद्धांजलि समारोह ने यह संदेश दिया कि सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता है और फुले के विचार इस दिशा में आज भी मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। उनके जीवन को एक प्रेरणास्रोत के रूप में देखते हुए यह भी कहा गया कि उनका संघर्ष केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी दिशा प्रदान करता है।

बिजली कंपनी की टीम पर हमला विरोध के नाम पर 13 स्मार्ट मीटर फूंके मामला दर्ज

बुधनी । मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र के भैरूंदा में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया जहां बिजली कंपनी की टीम पर हमला कर दिया गया और लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को आग के हवाले कर दिया गया इस घटना ने न केवल प्रशासन को सतर्क कर दिया है बल्कि स्मार्ट मीटर परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध को भी उजागर कर दिया है जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत मैसर्स अपरवा कंपनी के कर्मचारी भैरूंदा स्थित सुभाष कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रहे थे यह कार्य नियमित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा था लेकिन इसी दौरान स्थानीय स्तर पर विरोध की स्थिति बन गई आरोप है कि वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि कैलाश धावरे मौके पर पहुंचे और उन्होंने कथित रूप से स्थानीय लोगों को स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने के लिए उकसाया देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ लोगों ने आक्रोश में आकर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को उखाड़ दिया इसके बाद उनमें ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई जिससे करीब 13 स्मार्ट मीटर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए घटना यहीं नहीं रुकी बल्कि मौके पर मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और झूमाझटकी भी की गई जिससे टीम के सदस्यों में डर और अफरा तफरी का माहौल बन गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और मौके पर मौजूद लोग दो गुटों में बंटते नजर आए इस पूरे मामले को लेकर मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के सहायक प्रबंधक टेकसिंह बाल्के ने थाना भैरूंदा में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैलाश धावरे के खिलाफ अपराध क्रमांक 198/26 दर्ज कर लिया है पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ साथ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 138 और 140 के तहत मामला कायम किया है फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना में और कौन कौन लोग शामिल थे यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि विकास और तकनीकी बदलाव से जुड़ी योजनाओं को लागू करने से पहले जनजागरूकता और संवाद कितना जरूरी है क्योंकि जानकारी के अभाव और अफवाहों के चलते ऐसी परियोजनाएं विवाद का कारण बन जाती हैं अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर किस तरह की कार्रवाई होती है

प्रदूषण मुक्त राजधानी के लिए 2027 से केवल ई-ऑटो का होगा पंजीकरण, चार्जिंग स्टेशनों का बिछेगा डिजिटल नेटवर्क।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में दमघोंटू हवा और जहरीले स्मॉग से मुक्ति दिलाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और साहसी कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 का खाका पेश कर दिया है। यह चार वर्षीय योजना न केवल सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों की सूरत बदलेगी बल्कि दिल्ली के आसमान को फिर से नीला बनाने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ साबित होगी। सरकार का यह विजन दस्तावेज सीधे तौर पर उन लाखों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है जो हर साल सर्दियों में वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण फेफड़ों की बीमारियों का शिकार होते हैं। इस नीति का मुख्य आधार भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 है जो हर नागरिक को स्वच्छ हवा में सांस लेने का मौलिक अधिकार देता है। प्रदूषण के मुख्य कारकों पर सर्जिकल स्ट्राइकवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के कुल प्रदूषण में वाहनों का योगदान लगभग 23 प्रतिशत है। इनमें सबसे ज्यादा खतरनाक दोपहिया वाहन साबित होते हैं जो कुल वाहनों का 67 प्रतिशत हिस्सा होने के कारण सबसे अधिक उत्सर्जन करते हैं। सरकार ने इस समस्या की जड़ पर प्रहार करते हुए तय किया है कि 1 अप्रैल 2028 के बाद दिल्ली में किसी भी नए पेट्रोल या डीजल वाले दोपहिया वाहन का पंजीकरण नहीं होगा। इसी तरह 1 जनवरी 2027 से ई-ऑटो के अलावा अन्य किसी तीन पहिया वाहन को रजिस्टर नहीं किया जाएगा। यह नीति स्पष्ट संदेश देती है कि भविष्य केवल बिजली से चलने वाली गाड़ियों का है और पुरानी तकनीक को अब विदाई देने का समय आ गया है। जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, सब्सिडी की सौगातआम आदमी को इस बदलाव से जोड़ने के लिए सरकार ने खजाने का दरवाजा खोल दिया है। नई नीति के तहत सब्सिडी को सीधे बैंक खातों में पहुंचाने यानी डीबीटी की व्यवस्था की गई है। दोपहिया वाहन खरीदने वालों को पहले साल में 30,000 रुपये तक की भारी छूट मिलेगी जो धीरे-धीरे कम होती जाएगी। वहीं छोटे इलेक्ट्रिक ट्रकों के खरीदारों को एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सबसे बड़ी राहत रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में दी गई है जिसे शत-प्रतिशत माफ कर दिया गया है। यानी ई-गाड़ी खरीदना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है बल्कि यह आम आदमी की बचत के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर सरकार ने पूर्ण टैक्स छूट की घोषणा की है। कबाड़ हटाओ और इनाम पाओ योजनापुराने वाहनों की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ‘स्क्रैपिंग इंसेंटिव’ को इस नीति का अहम हिस्सा बनाया है। यदि कोई नागरिक अपनी पुरानी बीएस-4 या उससे नीचे की श्रेणी वाली गाड़ी को कबाड़ में देता है तो उसे नए इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद पर भारी अतिरिक्त छूट दी जाएगी। दोपहिया वाहनों पर 10,000 रुपये और कारों पर एक लाख रुपये तक का बोनस मिलेगा। यह व्यवस्था न केवल सड़कों से पुरानी और धुआं उगलने वाली गाड़ियों को हटाएगी बल्कि रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री को भी बढ़ावा देगी। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली की सड़कों पर अगले कुछ वर्षों में केवल धुआं रहित और आधुनिक वाहन ही नजर आएं।चार्जिंग का बिछेगा जाल और बैटरी का समाधानईवी अपनाने में सबसे बड़ी बाधा चार्जिंग की चिंता को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। अब हर गाड़ी बेचने वाली डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन होना अनिवार्य होगा। सरकार एक सिंगल विंडो डिजिटल पोर्टल भी ला रही है जिससे घर या दफ्तर में चार्जिंग पॉइंट लगाना बेहद आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बैटरी के सुरक्षित निपटान के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति यह सुनिश्चित करेगी कि पुरानी बैटरियां पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं बल्कि उन्हें सही तरीके से रीसायकल किया जा सके। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाकर भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी खत्म करने का प्रयास किया गया है।