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शरवरी वाघ के नए फोटोशूट ने सोशल मीडिया पर मचाया तहलका

नई दिल्ली। बॉलीवुड की उभरती हुई एक्ट्रेस शरवरी वाघ एक बार फिर अपने लेटेस्ट फोटोशूट को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनके नए ग्लैमरस लुक की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन्हें फैंस खूब पसंद कर रहे हैं। शरवरी अपनी खूबसूरती और स्टाइलिश अंदाज के चलते पहले से ही यंग जनरेशन के बीच काफी लोकप्रिय हैं। स्टाइलिश लुक ने खींचा ध्यानलेटेस्ट फोटोशूट में शरवरी वाघ व्हाइट कलर की ब्रालेट और मिनी स्कर्ट में नजर आईं। उनका यह बोल्ड और मॉडर्न लुक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। अलग-अलग पोज में उन्होंने अपने कॉन्फिडेंस और फिटनेस को बखूबी फ्लॉन्ट किया, जिससे उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं। फैंस का कहना है कि उनका यह लुक आज की मॉडर्न फैशन ट्रेंड का बेहतरीन उदाहरण है। कॉन्फिडेंस और ग्रेस ने जीता दिलशरवरी के इस फोटोशूट में उनका कॉन्फिडेंस और ग्रेस साफ झलक रहा है। उन्होंने अपने लुक को स्टाइलिश बनाने के लिए एक अनोखा एक्सेसरी भी कैरी किया, जिससे उनका ओवरऑल लुक और आकर्षक लग रहा है। मिनिमल मेकअप और ओपन हेयरस्टाइल ने उनके इस अवतार को और भी खास बना दिया। फैंस ने की जमकर तारीफसोशल मीडिया पर शरवरी की तस्वीरों पर फैंस लगातार कमेंट कर उनकी तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने उनके स्टाइल को “फैशन गोल्स” बताया है, जबकि कुछ ने इसे यंग जनरेशन के लिए इंस्पिरेशन कहा है। उनकी तस्वीरें इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर की जा रही हैं। फिल्मों में भी दिखेगा जलवाशरवरी वाघ इन दिनों अपने फिल्मी प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। वह जल्द ही फिल्म ‘अल्फा’ में नजर आएंगी, जिसमें उनके साथ आलिया भट्ट भी अहम भूमिका निभाती दिखाई देंगी। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। सोशल मीडिया सेंसेशन बनीं शरवरीशरवरी वाघ आज के समय में सिर्फ एक एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि एक सोशल मीडिया सेंसेशन भी बन चुकी हैं। उनका हर नया लुक और फोटोशूट इंटरनेट पर वायरल हो जाता है। यही वजह है कि वह लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं।

एजाज खान और समय रैना, के बीच तीखी रार अमिताभ बच्चन, पर मजाक बना विवाद की वजह..

नई दिल्ली/ मुंबई। मनोरंजन जगत में हास्य और मनोरंजन की सीमाएं अक्सर विवादों का कारण बन जाती हैं। ताजा मामला मशहूर कॉमेडियन समय रैना और पूर्व रियलिटी शो प्रतिभागी एजाज खान के बीच उपजे तनाव का है। समय रैना द्वारा अपने एक शो के दौरान हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनके परिवार को लेकर किए गए एक मजाक ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। इस टिप्पणी से आहत होकर एजाज खान ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से समय रैना को कड़ी चेतावनी दी है। एजाज का मानना है कि कॉमेडी के नाम पर वरिष्ठ कलाकारों और प्रतिष्ठित हस्तियों का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। समय रैना अपने बेबाक और रोस्टिंग वाले अंदाज के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार उनके चुटकुलों की सुई बॉलीवुड के बच्चन परिवार की ओर मुड़ गई। शो के दौरान किए गए कुछ कटाक्ष प्रशंसकों के एक वर्ग को रास नहीं आए और देखते ही देखते यह क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गई। एजाज खान ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमिताभ बच्चन देश की शान हैं और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। एजाज ने समय रैना को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें अपनी हदें पार नहीं करनी चाहिए और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचना चाहिए। मनोरंजन की दुनिया में रोस्टिंग कल्चर यानी किसी का मजाक उड़ाकर लोगों को हंसाना काफी लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि इस संस्कृति के बढ़ने के साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी और किसी के सम्मान के बीच की धुंधली रेखा पर भी सवाल उठने लगे हैं। एजाज खान का तर्क है कि हास्य ऐसा होना चाहिए जिससे किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। उन्होंने समय रैना को चेतावनी देते हुए यह भी संकेत दिया कि यदि वह अपनी शैली में बदलाव नहीं करते हैं तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यह विवाद अब केवल दो कलाकारों के बीच का नहीं रह गया है बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोग दो गुटों में बंट गए हैं। सोशल मीडिया पर जहां समय रैना के प्रशंसक इसे केवल एक मजाक के रूप में देख रहे हैं वहीं एक बड़ा वर्ग एजाज खान के रुख का समर्थन कर रहा है। लोगों का कहना है कि किसी की व्यक्तिगत जिंदगी या परिवार को हास्य का पात्र बनाना नैतिक रूप से गलत है। एजाज खान जो पहले भी कई मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं इस बार काफी आक्रामक नजर आ रहे हैं। उन्होंने वीडियो में साफ किया कि वे फिल्म उद्योग के वरिष्ठों का अनादर बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह घटनाक्रम मनोरंजन जगत में कलाकारों के बीच बढ़ते वैचारिक मतभेद को भी दर्शाता है। जहां एक ओर नई पीढ़ी के कलाकार प्रयोगधर्मी कॉमेडी पर जोर दे रहे हैं वहीं पुराने कलाकार मर्यादा और सम्मान की परंपरा को बनाए रखने की वकालत कर रहे हैं। समय रैना की ओर से अभी तक इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन इंटरनेट पर इस टकराव ने काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह विवाद आपसी समझ से सुलझता है या कानूनी मोड़ लेता है।

IPL 2026: वैभव का कहर जारी, 26 गेंदों में 78 रन बनाकर मैच का रुख पलटा

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में एक बार फिर युवा प्रतिभा का दम देखने को मिला, जब 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ सिर्फ 26 गेंदों में 78 रन बनाकर टीम को शानदार जीत दिला दी। RCB ने दिया 201 रन का लक्ष्यमैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 20 ओवर में 201 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान रजत पाटीदार ने 63 रन की अहम पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 32 रन जोड़े। 202 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और ध्रुव जुरेल ने पारी को संभाला और तेजी से रन बनाना शुरू किया। 37 गेंदों में 108 रन की साझेदारीदोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 37 गेंदों में 108 रन जोड़ दिए। वैभव ने 300 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 8 चौके और 7 छक्के लगाए। जुरेल ने भी उनका शानदार साथ निभाते हुए 43 गेंदों में नाबाद 81 रन बनाए और टीम को जीत तक पहुंचाया। “गेंद देखता हूं, गेंदबाज नहीं”मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि वह बड़े गेंदबाजों के नाम से प्रभावित नहीं होते। उनका कहना था, “मैं सिर्फ गेंद को देखता हूं, गेंदबाज को नहीं।” राजस्थान की ओर से जोफ्रा आर्चर और रवि बिश्नोई ने 2-2 विकेट लेकर RCB को 200 के आसपास रोका। RR की लगातार चौथी जीतइस शानदार जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने सीजन में लगातार चौथी जीत दर्ज की है, जबकि RCB को पहली हार का सामना करना पड़ा। वैभव सूर्यवंशी की यह पारी इस सीजन की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई है। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज दिखाता है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है।

हौसलों की उड़ान: गांव की पहली बहू मीनाक्षी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

भोपाल । गुना जिले के बमोरी ब्लॉक से निकलकर एक साधारण ग्रामीण महिला ने आज ऐसी उड़ान भरी है जो पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है श्रीमती मीनाक्षी फराक्टे आज केवल एक नाम नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता और संघर्ष की पहचान बन चुकी हैं राजमाता स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन को बदला बल्कि दर्जनों महिलाओं को रोजगार और आत्मविश्वास की राह दिखाई है मीनाक्षी शिवाजी राज सीएलएफ से जुड़ी हैं और उन्नत आजीविका प्रोसेसिंग केंद्र की सेंटर इंचार्ज के रूप में कार्य कर रही हैं उनका काम केवल प्रबंधन तक सीमित नहीं है बल्कि वह ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं इस यात्रा की शुरुआत आसान नहीं थी लेकिन उन्होंने हर चुनौती को अवसर में बदल दिया प्रोसेसिंग केंद्र में किसान दीदियों से कच्चा माल खरीदा जाता है और उसे प्रोसेस करके तैयार उत्पादों के रूप में बाजार में भेजा जाता है समूह की महिलाएं कभी घर घर जाकर कभी दुकानों में और कभी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री करती हैं यह काम शुरुआत में बेहद कठिन था क्योंकि समाज में महिलाओं की इस भूमिका को लेकर भरोसा नहीं किया जाता था जब मीनाक्षी और उनकी साथी महिलाएं पहली बार दुकानों पर सामान लेकर पहुंचीं तो उन्हें कई सवालों का सामना करना पड़ा क्या आप समय पर सामान दे पाएंगी क्या गुणवत्ता बनी रहेगी क्या महिलाएं इस जिम्मेदारी को निभा सकती हैं ऐसे संदेह हर कदम पर उनके सामने खड़े थे कई बार उन्हें एक ही दुकान पर बार बार जाना पड़ा और दुकानदारों को समझाना पड़ा लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी धीरे धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और लोगों का भरोसा बढ़ता गया लगातार प्रयास और गुणवत्ता के दम पर आज यह यूनिट लगभग सत्तर लाख रुपये की बिक्री कर चुकी है जिसमें अकेले मीनाक्षी का योगदान पच्चीस से तीस लाख रुपये तक रहा है उनकी व्यक्तिगत आय जो पहले केवल पांच हजार रुपये थी वह अब बढ़कर पच्चीस हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंच चुकी है यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक सोच में भी बड़ा परिवर्तन है मीनाक्षी कहती हैं कि मार्केटिंग कोई कठिन काम नहीं है डर सिर्फ शुरुआत न करने से लगता है जब हम पहला कदम बढ़ाते हैं तो रास्ते खुद बनते जाते हैं उनका मानना है कि आत्मविश्वास और मेहनत के साथ कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है उनकी सफलता की कहानी यहीं खत्म नहीं होती हाल ही में उन्हें दिल्ली में आयोजित एआई समिट में भाग लेने का अवसर मिला जहां वे पहली बार हवाई जहाज में बैठीं यह अनुभव उनके जीवन का ऐतिहासिक पल था वे गर्व से कहती हैं कि वे अपने गांव की पहली बहू हैं जिसने फ्लाइट से यात्रा की है यह उपलब्धि उनके परिवार और पूरे गांव के लिए गर्व का विषय बन गई मीनाक्षी अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के समर्थन और योजनाओं को देती हैं उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं और समूह की शक्ति ने उनके जैसे कई जीवन बदल दिए हैं आज उनकी कहानी यह साबित करती है कि यदि हौसले मजबूत हों तो गांव की महिलाएं भी आसमान को छू सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं

वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत, Vaya Vandana Yojana से मिलेगी गारंटीड इनकम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (PMVVY) केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य देश के वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता और नियमित आय प्रदान करना है। इस योजना को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से संचालित किया गया है और यह विशेष रूप से 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए बनाई गई है। वरिष्ठ नागरिकों को मिलती है गारंटीड आय इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें निवेश करने पर निश्चित दर से रिटर्न मिलता है। निवेशक को मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक आधार पर पेंशन के रूप में नियमित आय प्राप्त होती है। यह उन बुजुर्गों के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती है, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद कोई स्थायी आय स्रोत नहीं होता। PMVVY के तहत मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह गारंटीड होता है, यानी यह बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता। यही वजह है कि इसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में गिना जाता है। निवेश सीमा और अवधि इस योजना में अधिकतम निवेश सीमा तय होती है, जिससे पेंशन की राशि भी सीमित रहती है। निवेश करने पर निवेशक को लगभग 10 वर्षों तक निश्चित पेंशन मिलती है। यह अवधि पूरी होने पर मूल निवेश राशि भी वापस मिलने का प्रावधान होता है। लोन और निकासी की सुविधा PMVVY में निवेश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत पड़ने पर लोन की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा, किसी आपात स्थिति में आंशिक या समय से पहले निकासी का विकल्प भी उपलब्ध होता है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें और नियम लागू होते हैं। बुजुर्गों के लिए क्यों खास है यह योजना? विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती महंगाई और अनिश्चित आर्थिक परिस्थितियों के बीच यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा साबित हो सकती है। यह न केवल उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि मानसिक रूप से भी सुरक्षा और स्थिरता का एहसास कराती है। PMVVY के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया यदि कोई पात्र व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है, तो वह LIC की आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकता है: स्टेप 1: LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं स्टेप 2: “PM Vaya Vandana Yojana” विकल्प चुनें स्टेप 3: “Buy Online” या “Apply Now” पर क्लिक करें स्टेप 4: आवश्यक विवरण भरें (नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, आधार/PAN) स्टेप 5: पेंशन विकल्प चुनें (Monthly/Quarterly/Half-Yearly/Yearly) स्टेप 6: निवेश राशि दर्ज करें स्टेप 7: ऑनलाइन भुगतान करें (UPI/नेट बैंकिंग/कार्ड) स्टेप 8: पॉलिसी डॉक्यूमेंट डाउनलोड करें प्रधानमंत्री वय वंदना योजना रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को निश्चित आय, सुरक्षित निवेश और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे उनका जीवन अधिक आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनता है।

दिखावे की दुनिया का कड़वा सच: समीरा रेड्डी ने बयां किया बॉलीवुड के शुरुआती दौर का दर्द

नई दिल्ली। मनोरंजन जगत की चमक-धमक अक्सर बाहर से देखने वालों को लुभाती है, लेकिन इस सुनहरे पर्दे के पीछे छिपे मानसिक दबाव और असुरक्षा की भावना का एक गंभीर पक्ष भी है। बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री समीरा रेड्डी ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के दौरान महसूस किए गए उस असहनीय दबाव पर खुलकर बात की है, जो कलाकारों को समाज और उद्योग के मानदंडों के अनुरूप दिखने के लिए मजबूर करता है। उन्होंने साझा किया कि किस तरह करियर के शुरुआती दौर में खुद को सफल और संपन्न दिखाने की होड़ में उन्होंने एक महंगा बैग खरीदा था, जिसकी कीमत उस समय चार लाख रुपये थी। यह उदाहरण केवल एक निजी अनुभव नहीं है, बल्कि उस गहरी असुरक्षा को दर्शाता है जो कलाकारों को अपनी वास्तविक पहचान खोकर केवल एक छवि को बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। फिल्म उद्योग में कदम रखते ही कलाकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वयं को उस सांचे में ढालने की होती है, जिसे दर्शक और बाजार पसंद करते हैं। समीरा के अनुसार, उस समय उन्हें ऐसा महसूस कराया गया था कि यदि उनके पास महंगे ब्रांड और विलासिता की वस्तुएं नहीं होंगी, तो उन्हें उद्योग में गंभीरता से नहीं लिया जाएगा। यह दबाव केवल भौतिक वस्तुओं तक सीमित नहीं था, बल्कि शारीरिक बनावट पर भी लागू होता था। खुद को दूसरों से बेहतर या उनके बराबर दिखाने की इस अंधी दौड़ में कलाकार अक्सर वित्तीय और मानसिक रूप से संकट में पड़ जाते हैं। चार लाख रुपये का वह बैग उनके लिए सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि उस डर का परिणाम था कि कहीं वह इस ग्लैमरस दुनिया में पीछे न छूट जाएं। दिखावे की इस संस्कृति ने न केवल उनके आर्थिक फैसलों को प्रभावित किया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी गहरी चोट पहुंचाई। अभिनेत्री ने बताया कि एक समय ऐसा था जब वह अपनी प्राकृतिक सुंदरता को स्वीकार करने के बजाय कृत्रिम मानकों को पूरा करने की कोशिश में लगी रहती थीं। मनोरंजन जगत में यह धारणा बहुत प्रबल है कि आपकी बाहरी चमक ही आपकी सफलता की गारंटी है। इसी धारणा के वशीभूत होकर कलाकार अपनी मेहनत की कमाई उन चीजों पर खर्च कर देते हैं, जिनकी उन्हें वास्तव में आवश्यकता नहीं होती। आज के समय में जब सोशल मीडिया का प्रभाव चरम पर है, तब यह समस्या और भी विकराल हो गई है। हालांकि, समीरा रेड्डी ने अब इन सब बेड़ियों को तोड़कर अपनी वास्तविकता को स्वीकार कर लिया है। वह अन्य लोगों को भी यही संदेश दे रही हैं कि दिखावे की दुनिया से बाहर निकलना कितना अनिवार्य है। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय की गई फिजूलखर्ची और खुद पर डाला गया दबाव पूरी तरह व्यर्थ था। अब वह अपनी उम्र, त्वचा के दोषों और अपनी सहजता के साथ दुनिया के सामने आती हैं, जो कि असली साहस है। उनकी यह स्वीकारोक्ति उन तमाम लोगों के लिए एक सबक है, जो दूसरों को प्रभावित करने के लिए अपनी क्षमता से बाहर जाकर विलासिता पूर्ण जीवन जीने की कोशिश करते हैं। कलाकारों का जीवन जितना ग्लैमरस दिखता है, उसके पीछे उतनी ही कड़वी सच्चाई और संघर्ष छिपा होता है।

होंठों का कालापन दूर करने के टिप्स, घर पर अपनाएं ये नेचुरल तरीके

नई दिल्ली। आज के समय में हर लड़की चाहती है कि उसके होंठ बिना किसी मेकअप के भी गुलाबी और सॉफ्ट नजर आएं। लेकिन अगर आप अगर इस इस समय काले होंठ से परेशान हो गए हैं या फिर आपने कई सारे प्रोडक्ट उसे कर लिया है लेकिन इसका फायदा आपको नहीं हो सका है तो चलिए आज आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं जिससे आपको काफी ज्यादा फायदा होगा और आपके होंठ काफी अच्छे दिखने लगेंगे। तो बिना देरी किए चलिए इन ट्रिक को अपनाइए और अपने होंठ गुलाबी बनाया रात में सोने से पहले फॉलो करेंअगर आप भी पिंक लिप्स पाना चाहती हैं, तो रोज रात को सोने से पहले अपने होंठों को हल्के गुनगुने पानी से साफ करें। इसके बाद एक बूंद घी या वैसलीन लेकर होंठों पर हल्के हाथों से मसाज करें। करीब 2 मिनट तक सर्कुलर मोशन में मसाज करने के बाद इसे रातभर के लिए छोड़ दें। यह नुस्खा होंठों को गहराई से मॉइस्चराइज करता है और धीरे-धीरे उनका कालापन कम करने में मदद करता है। शहद, नींबू और हल्दी का ये मिश्रण है कमल काहोंठों को एक्सफोलिएट करना भी बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप एक चम्मच शहद में हल्दी और नींबू का रस मिलाकर स्क्रब तैयार कर सकती हैं। आप इसमें नारियल तेल भी मिल सकते हैं। मिक्स किए गए इस पेस्ट को होंठों पर लगाकर कुछ मिनट तक छोड़ दें और फिर हल्के हाथों से साफ कर लें। इस उपाय को हफ्ते में 2 से 3 बार करने से डेड स्किन हटती है और होंठों का रंग निखरता है। और धीरे-धीरे आपके होंठ काफी अच्छे और मुलायम बन जाएंगे दिखने में भी यह काफी अच्छे लगेगे। चुकंदर से बनाए घर पर लिप बामचुकंदर का रस निकालकर उसमें नारियल तेल और एलोवेरा जेल मिलाएं। इस पेस्ट को अच्छी तरह फेंटकर क्रीम जैसा बना लें और एक डिब्बी में स्टोर करके फ्रिज में रख दें। यह अच्छी तरीके से जम जाएगा इसके बाद आप इसे आसानी उपयोग कर सकती हैं। ये आपके होठों को अच्छा बनाएगा।

शनि देव का परिचय, क्यों माना जाता है इन्हें न्यायप्रिय ग्रह और देवता

नई दिल्ली। शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाता है। कहा जाता है कि, जो जातक उनका व्रत करते है उनके घर पर उनकी कृपा बनी रहती है उनकी क्रोधित दृष्टि ऊपर नहीं पड़ती। शनिदेव एक ऐसे देव हैं, जो लोगों को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि एक ऐसे ग्रह हैं, जो हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी जरूर आते हैं। वह साढ़ेसाती और ढैय्या के रूप में आकर लोगों को उनके फल देते हैं। कौन हैं शनिदेव?सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं शनिदेव। उनके भाई यमराज (मृत्यु के देवता) और बहन यमुना हैं। भगवान शिव के आशीर्वाद से शनिदेव को ग्रहों में स्थान मिला और उनको न्याय का देवता कहा गया। वे न्याय प्रिय हैं। वे लोगों के साथ हमेशा न्याय करते हैं। शनिदेव का वर्ण काला या गहरा नीला बताया जाता है। वे काले वस्त्र धारण करते हैं और उनके हाथ में धनुष, त्रिशूल या गदा होती है। उनका वाहन कौआ (काला कौवा) है। उनका गंभीर और कठोर स्वरूप उनके न्यायप्रिय स्वभाव को दर्शाता है। शनिदेव को न्याय का देवता क्यों कहते हैं?कथा के अनुसार, शनिदेव का जन्म हुआ तो वे काले रंग के थे।सूर्यदेव ने जब शनिदेव को देखा तो खुश नहीं हुए.।उनके मन में यह शंका हुई कि उनका रंग गोरा है तो उनका पुत्र काला कैसे हो गया? इस वजह से वे शनिदेव की माता छाया के चरित्र पर शक करने लगे। इससे छाया काफी दुखी हुईं और सूर्य देव को श्राप दे दिया। जब शनिदेव को इस बात का पता चला तो वे ​अपने पिता पर क्रोधित हो गए। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या कि ताकि वे अपने पिता को माता के प्रति गलत व्यवहार के लिए दंडित कर सकें।भगवान शिव जब प्रसन्न हुए तो उन्होंने शनिदेव को नक्षत्र मंडल में स्थान देकर दंडाधिकारी बना दिया। शिव भगवान की कृपा मिलने से शनिदेव कर्मफलदाता बन गए।उन्हें नवग्रह में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. चाहें देव हों, मनुष्य, राक्षस, गंधर्व, किन्नर, सभी को शनिदेव की दृष्टि का सामना करना पड़ता है।उनको कर्मों के अनुसार फल भुगतना पड़ता है।

मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्र नगर किए जाने की घोषणा से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आयोजित एक बड़े प्रशासनिक और विकास कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान सबसे प्रमुख पहल थारू जनजाति के सशक्तिकरण से जुड़ी रही, जिसमें हजारों परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान किया गया। इस कदम से उन परिवारों को कानूनी सुरक्षा और स्थायी आवास का अधिकार मिला है, जो लंबे समय से भूमि संबंधी अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। इस प्रक्रिया के तहत हजारों हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक उसका अधिकार पहुंचाना और समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास की प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है और सभी योजनाएं पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही हैं। इसी कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए घोषणा की गई कि मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक नई पहचान स्थापित करना बताया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और हर जिले को समान रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर लाभार्थियों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार का फोकस अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर है। उन्होंने बताया कि अब योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में सुधार हुआ है। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि नाम परिवर्तन और भूमि अधिकार जैसे फैसले सामाजिक और स्थानीय पहचान पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

Shaniwar Mantra: आज शनिवार के दिन करें शनि देव के इन खास मंत्रों का जाप, पूरी होगी मनोकामना

नई दिल्ली। आज शनिवार के दिन आपको शनि देव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनका व्रत भी रखना चाहिए। ऐसा करने से उनकी कृपा आप पर बनी रहती है आपके घर परिवार पर कोई भी पूरी शक्ति हावी नहीं होती है सकारात्मक बनी रहती है जिससे आपका कल्याण होता है। घर पर सुख समृद्धि और तरक्की आती है। आज के दिन आपको शनिदेव के कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करना चाहिए ऐसा करने से शनि देव आपसे प्रसन्न होते हैं। पूजा विधिशनि देव की पूजा अर्चना करने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। शनि मंदिर जाकर आप शनि भगवान के दर्शन करें और उनका व्रत रखने का संकल्प लें। अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है तो आज पूजा के दौरान आप काला वस्त्र ही पहनें। क्योंकि कल वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है इसीलिए आप ये धारण करें। इसके बाद आप शनि देव की पूजा अर्चना के दौरान उन्हें सरसों का तेल काली तिल चढ़ा सकते हैं इससे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं। इन मंत्रों का करें जाप ॐ शं शनिश्चराय नम: ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम । उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात । ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः शनि महामंत्र – ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥ शनि दोष निवारण मंत्र – ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।। शनि का पौराणिक मंत्र – ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।। शनि का वैदिक मंत्र – ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः। शनि गायत्री मंत्र – ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्। ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः इस प्रकार करें शनि देव को प्रसन्नशनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन आपको शनि देव के मंदिर जाना चाहिए। उनकी पूजा अर्चना करते समय आपको सरसों का तेल काला तिल उन्हें जरूर अर्पित करना चाहिए। आज के दिन आपको काला वस्त्र धारण करना चाहिए क्योंकि काला वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है।