आकर्षक वेतन और प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, समय रहते करें आवेदन

नई दिल्ली।मानवविज्ञानी पदों पर भर्ती का बड़ा अवसर, सीमित सीटों के लिए जल्द करें आवेदन संघ लोक सेवा आयोग ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण में मानवविज्ञानी पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है, जिससे योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल दो पदों को भरा जाएगा, जिनमें एक पद सांस्कृतिक मानवविज्ञान विभाग के लिए और दूसरा भौतिक मानवविज्ञान विभाग के लिए निर्धारित किया गया है। सीमित पदों की वजह से इस भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के बीच उत्साह के साथ प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है। आवेदन प्रक्रिया निर्धारित तिथि से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों को अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन जमा करना अनिवार्य है। यह अवसर विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो मानवशास्त्र के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं और शोध आधारित कार्यों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं और उम्मीदवारों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। शैक्षणिक योग्यता के अनुसार उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार की पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सांस्कृतिक मानवविज्ञान से संबंधित होना चाहिए। इसके अलावा कम से कम तीन वर्षों का शोध अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पद अनुभवी और विषय विशेषज्ञ उम्मीदवारों के लिए है। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है जो शैक्षणिक अनुसंधान और विश्लेषणात्मक कार्यों में आगे बढ़ना चाहते हैं। आयु सीमा के तहत सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा शॉर्टलिस्टिंग, व्यक्तिगत साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण निर्धारित किए गए हैं। इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा, जो सरकारी सेवा में स्थिरता और सम्मानजनक करियर का अवसर प्रदान करता है। इस पद के लिए वेतनमान निर्धारित स्तर के अनुसार होगा, जिससे उम्मीदवारों को आर्थिक रूप से भी बेहतर अवसर मिलेगा। आवेदन शुल्क भी वर्ग के अनुसार निर्धारित किया गया है, जिसमें सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए मामूली शुल्क रखा गया है, जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है। आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवार इसमें भाग ले सकें। उम्मीदवारों को पहले पंजीकरण करना होगा, इसके बाद आवश्यक जानकारी भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे और अंत में शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखना भविष्य के लिए आवश्यक बताया गया है, जिससे आगे की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह भर्ती प्रक्रिया न केवल योग्य उम्मीदवारों को एक प्रतिष्ठित पद प्रदान करने का अवसर देती है, बल्कि मानवविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में शोध और अध्ययन को भी नई दिशा देने का काम करेगी। सीमित पदों के कारण उम्मीदवारों को पूरी तैयारी और सावधानी के साथ आवेदन करना होगा।
अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि, आर्टेमिस II मिशन के बाद एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षित लैंडिंग

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह मिशन मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। करीब 10 दिनों की लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी करने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए। समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग, मिशन का सफल समापनमिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen ने Orion spacecraft के जरिए पृथ्वी पर वापसी की। ये सभी प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से उतरे, जहां बचाव दल ने उनका स्वागत किया। नासा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं और उनकी ऐतिहासिक चंद्र यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। 11 पैराशूट सिस्टम से सुरक्षित वापसीधरती पर उतरते समय ओरियन अंतरिक्ष यान की गति को नियंत्रित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यान में लगे 11 पैराशूट के सिस्टम ने इसकी गति को करीब 300 मील प्रति घंटे से घटाकर 20 मील प्रति घंटे तक कर दिया, जिससे सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।यह पूरी प्रक्रिया इस मिशन की तकनीकी सफलता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। रिकॉर्ड दूरी तय, ‘अपोलो 13’ को छोड़ा पीछेइस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने करीब 6.9 लाख मील की दूरी तय की और पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर तक पहुंचे। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऐतिहासिक Apollo 13 मिशन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पांच दशक से अधिक समय बाद यह पहला मौका है जब इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष तक पहुंचा है। भविष्य के चंद्र मिशनों की मजबूत नींवइस मिशन का मुख्य उद्देश्य Space Launch System (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का परीक्षण करना था, खासकर तब जब उसमें अंतरिक्ष यात्री सवार हों। चंद्रमा के पास से गुजरते हुए इन तकनीकों का सफल परीक्षण किया गया, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम है।नासा के अधिकारियों के अनुसार, यह मिशन आने वाले समय में चंद्रमा पर मानव की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआतनासा की वैज्ञानिक Laurie Glaze ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार कर रही है। वहीं अंतरिक्ष यात्री Jeremy Hansen ने इसे अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत बताया। यह मिशन न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि यह मानवता के अंतरिक्ष सपनों को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है।
रीवा में तेज रफ्तार पिकअप ऑटो की आमने सामने भिड़ंत, 5 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जब पनवार थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप और ऑटो की आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में ऑटो सवार 5 लोग घायल हो गए जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक ऑटो रामबाग से देवरी की ओर यात्रियों को लेकर जा रहा था। सुबह शिवपुर के पास पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू हुआ। दो घायलों की हालत गंभीर रीवा रेफर घायलों में योगेंद्र यादव 38 और राजकुमारी यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रीवा रेफर किया गया है जबकि अन्य घायलों का इलाज जवा अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पनवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ती लापरवाही पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं खासकर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
अंतरिक्ष मिशन में बड़ा अपडेट, ‘कपोला’ मॉड्यूल से धरती पर लौटे एस्ट्रोनॉट्स, खास तस्वीरें आई सामने

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन ने अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज कर दी है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा का चक्कर लगाकर सुरक्षित वापसी की और अपने साथ 7,000 से ज्यादा शानदार तस्वीरें लेकर लौटे। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि भविष्य में इंसानों की चंद्रमा पर वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ। रिकॉर्ड तोड़ यात्रा, 1970 के मिशन को पीछे छोड़ाइस मिशन के दौरान क्रू ने कुल 6,94,481 मील की दूरी तय की और पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर तक पहुंचे। इसने ऐतिहासिक Apollo 13 मिशन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। करीब 10 दिन की इस रोमांचक यात्रा के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। ‘कपोला’ मॉड्यूल बना मिशन का सबसे खास हिस्साइस मिशन की सबसे खास बात रही Cupola module यानी ‘कपोला’ मॉड्यूल। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे खासतौर पर अंतरिक्ष के बाहरी दृश्यों को देखने और मॉनिटर करने के लिए डिजाइन किया गया है। कपोला में कुल सात खिड़कियां होती हैं—छह किनारों पर और एक नीचे की ओर। इन खिड़कियों से अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी, चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों के अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यही नहीं, इस मॉड्यूल में एक रोबोटिक कंट्रोल सिस्टम भी होता है, जिससे स्पेसक्राफ्ट को पकड़ने और जोड़ने जैसे जटिल कार्य किए जाते हैं। कैमरे में कैद हुए अंतरिक्ष के दुर्लभ नज़ारेमिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘कपोला’ से पृथ्वी और चंद्रमा के हजारों शानदार दृश्य कैद किए। इन तस्वीरों में अर्थराइज (पृथ्वी का उगना), अर्थसेट, चंद्रमा की सतह पर विशाल गड्ढे, प्राचीन लावा प्रवाह और मिल्की वे गैलेक्सी के दृश्य शामिल हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने सूर्य ग्रहण का भी दुर्लभ नजारा देखा, जिसमें चंद्रमा ने सूर्य को पूरी तरह ढक लिया था। कौन-कौन थे मिशन का हिस्साइस ऐतिहासिक मिशन में कमांडर Reid Wiseman, पायलट Victor Glover, Christina Koch और कनाडा के Jeremy Hansen शामिल थे। इन सभी ने मिलकर मिशन को सफल बनाया और अंतरिक्ष अनुसंधान में नया अध्याय जोड़ा। भविष्य की चंद्र मिशनों के लिए बड़ी तैयारीयह मिशन केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य में चंद्रमा पर मानव मिशनों की तैयारी का अहम हिस्सा है। इस दौरान जुटाए गए डेटा और अनुभव आने वाले अभियानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। खासतौर पर इंसानों की चंद्रमा पर वापसी और वहां स्थायी उपस्थिति की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे। किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की। सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।किसानों के लिए सीखने का मंच उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया। जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।
मुंबई मेट्रो में किराए में ऐतिहासिक राहत से लाखों यात्रियों को मिलेगा सीधा आर्थिक फायदा और सफर बनेगा पहले से कहीं ज्यादा सस्ता

नई दिल्ली। देश की आर्थिक राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Mumbai Metro Line 3 के यात्रियों के लिए किराए में विशेष छूट लागू की गई है, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों के यात्रा खर्च को कम करना और मेट्रो के उपयोग को बढ़ावा देना है। मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में जहां समय और सुविधा दोनों की अहमियत है, वहां मेट्रो सेवा तेजी से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। आरे से कफ परेड तक फैला यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ता है और ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अब नई रियायतों के लागू होने के बाद मेट्रो यात्रा और अधिक आकर्षक बन गई है। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मेट्रो किराए पर पच्चीस प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है। इससे रोजाना स्कूल या कोचिंग जाने वाले छात्रों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित होगी। पर्यटकों के लिए भी नई सुविधा शुरू की गई है, जिससे शहर में आने वाले लोग बिना किसी परेशानी के मेट्रो का अधिकतम उपयोग कर सकें। एक दिन और तीन दिन के अनलिमिटेड यात्रा पास के माध्यम से वे निर्धारित समय के भीतर असीमित यात्रा कर सकेंगे, जिससे उनका समय और खर्च दोनों बचेगा। यह पहल शहर के पर्यटन अनुभव को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नियमित यात्रियों के लिए भी किराए में छूट की व्यवस्था की गई है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। यात्रा पास के माध्यम से उन्हें निर्धारित संख्या में यात्राओं पर रियायत मिलेगी, जिससे कुल खर्च में कमी आएगी। इसके अलावा दिव्यांग यात्रियों को दी जा रही छूट को भी जारी रखा गया है, जो समावेशी और संवेदनशील परिवहन व्यवस्था का संकेत है। मेट्रो सेवा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल भुगतान और स्मार्ट कार्ड आधारित प्रणाली को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे यात्रियों को टिकट लेने में आसानी होगी और यात्रा का अनुभव अधिक सहज बनेगा। साथ ही यह व्यवस्था समय की बचत और पारदर्शिता को भी सुनिश्चित करती है। करीब तैंतीस किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर ने पहले ही शहर के परिवहन ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब किराए में कमी और नई योजनाओं के साथ यह सेवा और अधिक प्रभावशाली बन सकती है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने और शहर में प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
स्पेस अपडेट: Northrop Grumman CRS-24 मिशन लॉन्च की तैयारी में, जानें कैसे देखें लाइव

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Northrop Grumman के कमर्शियल रिसप्लाई सर्विसेज-24 (CRS-24) मिशन के लॉन्च की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह अहम मिशन 11 अप्रैल को भारतीय समयानुसार शाम 5:11 बजे लॉन्च किया जाएगा, जिस पर दुनियाभर की नजरें टिकी हैं। ISS के लिए 5000 किलो सामानइस मिशन के तहत Cygnus XL spacecraft लगभग 11,000 पाउंड (करीब 5,000 किलोग्राम) वैज्ञानिक उपकरण, रिसर्च सामग्री और जरूरी सप्लाई लेकर International Space Station (ISS) की ओर रवाना होगा। यह साइगनस का उन्नत और बड़ा वर्जन है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होता है। फाल्कन 9 से होगा प्रक्षेपणइस मिशन को SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के जरिए फ्लोरिडा स्थित Cape Canaveral Space Force Station से लॉन्च किया जाएगा। यह लॉन्च स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-40 से होगा। 13 अप्रैल को ISS से जुड़ेगा स्पेसक्राफ्टलॉन्च के दो दिन बाद, 13 अप्रैल को ISS पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री Canadarm2 robotic arm की मदद से इस स्पेसक्राफ्ट को कैप्चर करेंगे। इसके बाद इसे यूनिटी मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा, ताकि सामान को सुरक्षित तरीके से उतारा जा सके। कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग भेजे जा रहेइस मिशन में कई महत्वपूर्ण रिसर्च प्रोजेक्ट्स भी शामिल हैं: क्वांटम साइंस को आगे बढ़ाने के लिए कोल्ड एटम लैब मॉड्यूलकैंसर और खून की बीमारियों के इलाज के लिए स्टेम सेल रिसर्च हार्डवेयरआंत के माइक्रोबायोम का अध्ययनस्पेस वेदर को समझने के लिए एडवांस रिसीवरये प्रयोग भविष्य में चिकित्सा, कंप्यूटिंग और अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अंतरिक्ष यात्री के नाम पर रखा गया नामइस स्पेसक्राफ्ट का नाम नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री Steven R. Nagel के सम्मान में “SS स्टीवन आर नागेल” रखा गया है। यह अक्टूबर 2026 तक ISS से जुड़ा रहेगा और बाद में कचरे के साथ पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाएगा। यहां देख सकेंगे लाइव लॉन्चनासा ने इस ऐतिहासिक लॉन्च की लाइव स्ट्रीमिंग NASA+, Amazon Prime Video और यूट्यूब पर उपलब्ध कराई है। लाइव कवरेज भारतीय समयानुसार शाम 4:50 बजे से शुरू होगी।
सोशल मीडिया नियंत्रण को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद, केजरीवाल ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। देश में सोशल मीडिया के संभावित नियमन को लेकर एक नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है, जिसमें आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह विवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के कम्युनिटी नोट्स फीचर को लेकर प्रस्तावित बदलावों के संदर्भ में सामने आया है। अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि सरकार सोशल मीडिया पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे आम जनता विशेषकर युवाओं की आवाज को दबाया जा सके। उनका कहना है कि देश में बढ़ती असंतुष्टि और आलोचना से निपटने के बजाय सरकार नियमों के जरिए अभिव्यक्ति को सीमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन गया है जहां युवा अपनी राय खुलकर व्यक्त करते हैं और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं। ऐसे में यदि इस मंच पर नियंत्रण की कोशिश की जाती है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक संकेत हो सकता है। इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े नियमों में संभावित संशोधन बताए जा रहे हैं। चर्चा है कि कम्युनिटी नोट्स जैसे यूजर आधारित तथ्य जांच तंत्र को सरकारी दायरे में लाने पर विचार किया जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो उन टिप्पणियों या नोट्स को हटाने का अधिकार सरकार के पास हो सकता है जो आधिकारिक दावों या सूचनाओं को चुनौती देते हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रकार के बदलाव अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल सकते हैं। उनका मानना है कि इससे स्वतंत्र रूप से तथ्य प्रस्तुत करने और सरकारी नीतियों की आलोचना करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इस विषय पर औपचारिक स्थिति स्पष्ट किए जाने की प्रतीक्षा की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह जनमत निर्माण का एक शक्तिशाली उपकरण बन चुका है। ऐसे में इसके नियमन और स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना किसी भी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। इस मुद्दे ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सोशल मीडिया पर नियंत्रण की सीमाएं क्या होनी चाहिए और किस हद तक सरकार को हस्तक्षेप का अधिकार होना चाहिए। एक ओर जहां गलत सूचनाओं पर रोक लगाने की जरूरत बताई जाती है, वहीं दूसरी ओर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने की मांग भी उतनी ही मजबूत है। इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है और आने वाले समय में इस पर व्यापक चर्चा और स्पष्ट नीतिगत दिशा सामने आने की संभावना है, जिससे यह तय होगा कि देश में डिजिटल अभिव्यक्ति का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
गोल्ड-सिल्वर में उछाल जारी, कमजोर डॉलर ने बढ़ाई निवेशकों की दिलचस्पी

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और डॉलर की कमजोरी के बीच सोने-चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली है। सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक हालात ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। सोने में 1.65% साप्ताहिक उछालइस हफ्ते सोने की कीमतों में 1.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को सोने के जून फ्यूचर्स हल्की बढ़त के साथ करीब 1,52,690 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करते नजर आए। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 999 प्योरिटी वाले सोने का भाव बढ़कर 1,50,327 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो सप्ताह की शुरुआत से ऊंचा स्तर है। चांदी भी चमकी, कीमतों में मजबूतीचांदी की कीमतों में भी तेजी का रुख बना रहा। एमसीएक्स पर मई फ्यूचर्स 2,43,300 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड करते दिखे।आईबीजेए के मुताबिक, 999 प्योरिटी वाली चांदी 2,39,934 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में मजबूत बढ़त दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असरअंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉमेक्स (COMEX) पर सोना लगभग 3% की साप्ताहिक बढ़त के साथ 4,787 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के करीब बंद हुआ। विश्लेषकों का मानना है कि 5,000 डॉलर का स्तर एक बड़ा रेजिस्टेंस है, जिसे पार करने पर तेजी और तेज हो सकती है। डॉलर की कमजोरी और फेड नीति बनी वजहअमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने और सीजफायर बातचीत के चलते डॉलर पर दबाव बना है। इससे निवेशकों ने ब्याज दरों को लेकर नए सिरे से आकलन शुरू किया है।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना मजबूत हुई है। बाजार में संतुलन, लेकिन सतर्कता बरकरारकमोडिटी बाजार इस हफ्ते संतुलित लेकिन सतर्क माहौल में रहा। हालिया उतार-चढ़ाव के बाद अब कीमतों में स्थिरता के शुरुआती संकेत भी देखने को मिल रहे हैं, हालांकि वैश्विक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरविशेषज्ञों के अनुसार: सोना: 1,48,000–1,46,000 रुपए मजबूत सपोर्ट, 1,54,000–1,55,000 रुपए रेजिस्टेंसचांदी: 2,30,000–2,25,000 रुपए सपोर्ट, गहरा सपोर्ट 2,05,000–2,00,000 रुपए साथ ही डॉलर-रुपया (USD/INR) की चाल आगे भी कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
मैहर हाईवे पर हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में ट्रेलर की जोरदार टक्कर, 15 घायल, 2 की हालत गंभीर

मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जहां तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मार दी। इस हादसे में करीब 15 लोग घायल हो गए जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार सभी लोग एक बरहों कार्यक्रम से लौट रहे थे और बेलदरा जा रहे थे। रास्ते में डीजल खत्म होने के कारण वाहन को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर रिगरा ब्रिज के पास किनारे खड़ा कर दिया गया था। शनिवार सुबह करीब 5 बजे पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने खड़े वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली में बैठे लोग घायल हो गए और मौके पर अफरा तफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 हाइवे पेट्रोलिंग और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल मैहर और अमरपाटन भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस के मुताबिक घायलों में संखिबाई साकेत अजय बुंकर प्रदीप साकेत और संतोष साकेत सहित अन्य लोग शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर घायलों को जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया है। टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया था जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया और यातायात बहाल कराया। नादन देहात थाना प्रभारी पंचराज सिंह ने बताया कि ट्रेलर को क्रेन की मदद से जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लिया गया है। मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।