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जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: 5 अस्पताल और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त, इलाज पर लगी रोक

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सा संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद इन सभी संस्थानों को अब मरीजों के उपचार और भर्ती की अनुमति नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। समय सीमा खत्म, फिर भी नहीं कराया नवीनीकरणस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच पंजीयन का नवीनीकरण कराना अनिवार्य था। इसके बाद भी कई संस्थानों ने 1 अप्रैल 2026 की अंतिम तिथि तक आवेदन नहीं किया। इसी लापरवाही के चलते यह सख्त कार्रवाई की गई। 1 अप्रैल से सभी संस्थान अवैध घोषितमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी के आदेश के बाद इन सभी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 अप्रैल से अवैध घोषित कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना वैध पंजीयन किसी भी तरह का इलाज या भर्ती पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किन अस्पतालों पर गिरी गाजजिन प्रमुख अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है उनमें शामिल हैं- एस.सी. गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल (स्टाफ की कमी)संकल्प हॉस्पिटल (नगर निगम से दस्तावेज सत्यापन नहीं)नामदेव नर्सिंग होम (नवीनीकरण नहीं कराया)बटालिया आई हॉस्पिटल (स्वयं बंद करने का आवेदन)सरकार हॉस्पिटल (स्वयं संस्थान बंद किया) क्लीनिकों की स्थिति और भी गंभीरजांच में सामने आया कि जिले के कुल 240 क्लीनिकों में से 89 ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया, जबकि 32 संस्थानों के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इनमें एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी क्लीनिक के साथ कई पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के सख्त निर्देशस्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि– किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाएपहले से भर्ती मरीजों का उपचार पूरा कर डिस्चार्ज किया जाएसंस्थानों के बाहर लगे बोर्ड तुरंत हटाए जाएं सख्ती का संदेश साफयह कार्रवाई मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना वैध पंजीयन के किसी भी संस्थान को संचालित पाए जाने पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर पीएम मोदी ने लिया हालचाल, राहुल गांधी ने दी जानकारी..

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में उस समय एक सौहार्दपूर्ण और ध्यान खींचने वाला दृश्य सामने आया जब प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi एक कार्यक्रम के दौरान आमने सामने आए और उनके बीच लंबी बातचीत हुई। यह मुलाकात महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें देश के कई प्रमुख नेता मौजूद थे। इस मौके पर संसद परिसर का माहौल सामान्य राजनीतिक तनाव से अलग और अधिक सहज दिखाई दिया। दोनों नेताओं को एक साथ बातचीत करते देखा गया, जहां वे कुछ समय तक गंभीर लेकिन शिष्टाचारपूर्ण संवाद में व्यस्त रहे। आमतौर पर तीखी राजनीतिक बहसों के लिए पहचाने जाने वाले इन दोनों नेताओं के बीच इस तरह की सहज बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी से उनकी मां और वरिष्ठ नेता Sonia Gandhi के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। हाल ही में उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं, जिसके चलते यह मानवीय संवाद और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी ने इस दौरान बताया कि उनकी मां की तबीयत में अब सुधार हो रहा है। इस जानकारी पर प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। बातचीत का यह हिस्सा पूरी तरह मानवीय और औपचारिकता से परे सहज भावनाओं से जुड़ा हुआ था। संसद परिसर में इस तरह की मुलाकातें भले ही सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हों, लेकिन जब देश के दो शीर्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इस तरह शांति और सहजता के साथ बातचीत करते नजर आते हैं तो यह दृश्य अपने आप में चर्चा का विषय बन जाता है। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज भी काफी सहज और सामान्य दिखाई दी। न किसी प्रकार की औपचारिक दूरी दिखी और न ही किसी तरह की राजनीतिक टकराव की झलक, बल्कि एक सामान्य शिष्टाचार और मानवीय संवाद का वातावरण नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे क्षण यह दर्शाते हैं कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सम्मान की परंपरा बनी रहती है। संसद जैसे सर्वोच्च मंच पर इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत मानी जाती हैं। हालांकि यह मुलाकात संक्षिप्त थी, लेकिन इसने राजनीतिक माहौल में चर्चा जरूर पैदा कर दी है। यह दृश्य इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं, चाहे राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों।

दतिया में सनसनीखेज वारदात, कॉन्स्टेबल ने रिकवरी एजेंट का किया अपहरण, फायरिंग के बाद मचा हड़कंप

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब एक पुलिस कॉन्स्टेबल और उसके साथियों पर एक रिकवरी एजेंट का अपहरण करने, फायरिंग करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप सामने आया। घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। फायरिंग कर दहशत, बोलेरो में जबरन बैठाकर अपहरणजानकारी के अनुसार, फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले रिकवरी एजेंट विजय रावत को बाइक की बकाया किस्त को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोप है कि कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी, उसके भाई छोटू मांझी और अन्य साथियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने फायरिंग कर दहशत फैलाई और विजय रावत को जबरन बोलेरो गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर लिया। इस दौरान आरोपी लगातार धमकाते रहे और बाइक वापस कराने का दबाव बनाते रहे। 7 किलोमीटर तक पुलिस का पीछा, दो आरोपी गिरफ्तारघटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने करीब 7 किलोमीटर तक उनका पीछा किया। अंततः भेड़पुरा और भांडेरी फाटक के पास बोलेरो फंस गई, जिसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने मौके से छोटू मांझी और बंटी नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी समेत अन्य आरोपी फरार हैं। अपहरण से पहले महिला पर भी फायरिंग का आरोपमामले की जांच में यह भी सामने आया है कि अपहरण से कुछ घंटे पहले ही आरोपियों ने एक महिला पर फायरिंग की थी, जिससे इलाके में पहले से ही दहशत का माहौल था। पुलिस का कहना है कि यह दोनों घटनाएं एक ही आपराधिक गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं। पुलिस कॉन्स्टेबल पर गंभीर सवालआरोपियों में शामिल कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी दिनारा थाने में पदस्थ बताया गया है। बताया जा रहा है कि वह गुरुवार को ड्यूटी पर भी नहीं पहुंचा था। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की भूमिका और आंतरिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बाइक किस्त विवाद से शुरू हुआ पूरा मामलापुलिस जांच में सामने आया है कि पूरा विवाद एक बाइक की बकाया किस्त को लेकर शुरू हुआ था। फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट द्वारा बाइक जब्त किए जाने के बाद आरोपियों ने रंजिश में यह पूरी वारदात की। ग्वालियर में भी अपहरण की कोशिश से दहशतइसी बीच ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां कक्षा 6 की छात्रा के अपहरण की कोशिश की गई। हालांकि छात्रा की सूझबूझ से यह साजिश नाकाम हो गई। दतिया में कॉन्स्टेबल समेत कई लोगों पर रिकवरी एजेंट का अपहरण, फायरिंग और मारपीट का आरोप लगा है। पुलिस ने 7 KM पीछा कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य फरार हैं। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।

मध्यप्रदेश में फिरौती गैंग पर बड़ा प्रहार मुरैना से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा प्रदीप शुक्ला गिरफ्तार

भोपाल । मध्यप्रदेश में संगठित अपराध और फिरौती के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है जहां पुलिस ने मुरैना से प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार किया है जिसे कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है यह गिरफ्तारी राज्य में सक्रिय फिरौती गैंग के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है गिरफ्तारी के बाद अदालत ने आरोपी को 15 अप्रैल 2026 तक SIT मध्यप्रदेश की रिमांड पर भेज दिया है जिसके बाद उससे भोपाल में गहन पूछताछ की जा रही है जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान गैंग के कई छिपे हुए राज सामने आ सकते हैं और पूरे नेटवर्क की परतें खुल सकती हैं प्रदीप शुक्ला पर आरोप है कि उसने अशोकनगर के एक कारोबारी को करोड़ों रुपये की फिरौती देने की धमकी दी थी इसके अलावा भोपाल इंदौर और खरगोन जैसे शहरों में भी कई कारोबारियों को हैरी बॉक्सर गैंग के नाम पर धमकियां मिली थीं अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन सभी मामलों के पीछे एक ही मास्टरमाइंड या वही नेटवर्क सक्रिय था सूत्रों के अनुसार प्रदीप शुक्ला को इस पूरे गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य माना जा रहा है जबकि अन्य कई आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है SIT को उम्मीद है कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा और उनके काम करने के तरीके यानी मॉडस ऑपरेंडी का भी खुलासा हो सकेगा इस कार्रवाई ने राज्य में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख को और स्पष्ट कर दिया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं जिससे फिरौती और धमकी के मामलों में बड़ा खुलासा होने की संभावना है

पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रधानमंत्री की ताबड़तोड़ रैलियों से सियासी माहौल हुआ गर्म और प्रचार अभियान ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi राज्य में चुनाव प्रचार को नई गति देने के लिए एक ही दिन में तीन महत्वपूर्ण जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं। इन रैलियों के जरिए भारतीय जनता पार्टी अपने अभियान को मजबूती देने और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री की रैलियां पूर्वी बर्धमान, मुर्शिदाबाद और दक्षिण दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों में आयोजित की जा रही हैं, जिन्हें राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। इन इलाकों में अलग अलग सामाजिक और जनसंख्या समीकरण हैं, जिन पर सभी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। भाजपा इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटी है, ताकि सत्तारूढ़ Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली सरकार को कड़ी चुनौती दी जा सके। चुनावी कार्यक्रम घोषित होने के बाद से प्रधानमंत्री का यह तीसरा दौरा है, जो इस बात का संकेत है कि पार्टी इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। इससे पहले भी वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाओं के माध्यम से अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर चुके हैं। लगातार हो रहे ये दौरे चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माने जा रहे हैं। अपने पिछले संबोधनों में प्रधानमंत्री ने कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने जनता के सामने एक वैकल्पिक शासन दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए विकास और सुरक्षा से जुड़े वादों पर जोर दिया। इन मुद्दों के जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य में इस बार चुनावी मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा माना जा रहा है। एक ओर सत्ताधारी दल अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए प्रयासरत है, तो दूसरी ओर विपक्ष पूरी ताकत के साथ सत्ता परिवर्तन की कोशिश में लगा हुआ है। दोनों पक्षों के बीच लगातार बढ़ती बयानबाजी और रैलियों ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में मतदान दो चरणों में कराया जाएगा और इसके बाद मतगणना होगी। इस बीच सभी राजनीतिक दल जनसभाओं, रैलियों और जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चुनाव में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों का मिश्रण देखने को मिल रहा है, जो परिणामों को प्रभावित कर सकता है। प्रधानमंत्री की सक्रियता और लगातार हो रही रैलियां इस चुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही हैं।

आकर्षक वेतन और प्रतिष्ठित पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, समय रहते करें आवेदन

नई दिल्ली।मानवविज्ञानी पदों पर भर्ती का बड़ा अवसर, सीमित सीटों के लिए जल्द करें आवेदन संघ लोक सेवा आयोग ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण में मानवविज्ञानी पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है, जिससे योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल दो पदों को भरा जाएगा, जिनमें एक पद सांस्कृतिक मानवविज्ञान विभाग के लिए और दूसरा भौतिक मानवविज्ञान विभाग के लिए निर्धारित किया गया है। सीमित पदों की वजह से इस भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के बीच उत्साह के साथ प्रतिस्पर्धा भी तेज हो गई है। आवेदन प्रक्रिया निर्धारित तिथि से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों को अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन जमा करना अनिवार्य है। यह अवसर विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो मानवशास्त्र के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं और शोध आधारित कार्यों में अपना करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं और उम्मीदवारों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। शैक्षणिक योग्यता के अनुसार उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार की पढ़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सांस्कृतिक मानवविज्ञान से संबंधित होना चाहिए। इसके अलावा कम से कम तीन वर्षों का शोध अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पद अनुभवी और विषय विशेषज्ञ उम्मीदवारों के लिए है। यह भर्ती उन अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है जो शैक्षणिक अनुसंधान और विश्लेषणात्मक कार्यों में आगे बढ़ना चाहते हैं। आयु सीमा के तहत सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए आयोग द्वारा शॉर्टलिस्टिंग, व्यक्तिगत साक्षात्कार और दस्तावेज सत्यापन जैसे चरण निर्धारित किए गए हैं। इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा, जो सरकारी सेवा में स्थिरता और सम्मानजनक करियर का अवसर प्रदान करता है। इस पद के लिए वेतनमान निर्धारित स्तर के अनुसार होगा, जिससे उम्मीदवारों को आर्थिक रूप से भी बेहतर अवसर मिलेगा। आवेदन शुल्क भी वर्ग के अनुसार निर्धारित किया गया है, जिसमें सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए मामूली शुल्क रखा गया है, जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग अभ्यर्थियों को शुल्क में छूट प्रदान की गई है। आवेदन प्रक्रिया को सरल रखा गया है ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवार इसमें भाग ले सकें। उम्मीदवारों को पहले पंजीकरण करना होगा, इसके बाद आवश्यक जानकारी भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे और अंत में शुल्क का भुगतान कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखना भविष्य के लिए आवश्यक बताया गया है, जिससे आगे की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो। यह भर्ती प्रक्रिया न केवल योग्य उम्मीदवारों को एक प्रतिष्ठित पद प्रदान करने का अवसर देती है, बल्कि मानवविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय में शोध और अध्ययन को भी नई दिशा देने का काम करेगी। सीमित पदों के कारण उम्मीदवारों को पूरी तैयारी और सावधानी के साथ आवेदन करना होगा।

अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि, आर्टेमिस II मिशन के बाद एस्ट्रोनॉट्स की सुरक्षित लैंडिंग

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह मिशन मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। करीब 10 दिनों की लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी करने के बाद चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौट आए। समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग, मिशन का सफल समापनमिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री Reid Wiseman, Victor Glover, Christina Koch और Jeremy Hansen ने Orion spacecraft के जरिए पृथ्वी पर वापसी की। ये सभी प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से उतरे, जहां बचाव दल ने उनका स्वागत किया। नासा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित हैं और उनकी ऐतिहासिक चंद्र यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। 11 पैराशूट सिस्टम से सुरक्षित वापसीधरती पर उतरते समय ओरियन अंतरिक्ष यान की गति को नियंत्रित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। यान में लगे 11 पैराशूट के सिस्टम ने इसकी गति को करीब 300 मील प्रति घंटे से घटाकर 20 मील प्रति घंटे तक कर दिया, जिससे सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।यह पूरी प्रक्रिया इस मिशन की तकनीकी सफलता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। रिकॉर्ड दूरी तय, ‘अपोलो 13’ को छोड़ा पीछेइस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने करीब 6.9 लाख मील की दूरी तय की और पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर तक पहुंचे। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऐतिहासिक Apollo 13 मिशन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पांच दशक से अधिक समय बाद यह पहला मौका है जब इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष तक पहुंचा है। भविष्य के चंद्र मिशनों की मजबूत नींवइस मिशन का मुख्य उद्देश्य Space Launch System (SLS) रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का परीक्षण करना था, खासकर तब जब उसमें अंतरिक्ष यात्री सवार हों। चंद्रमा के पास से गुजरते हुए इन तकनीकों का सफल परीक्षण किया गया, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम है।नासा के अधिकारियों के अनुसार, यह मिशन आने वाले समय में चंद्रमा पर मानव की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआतनासा की वैज्ञानिक Laurie Glaze ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार कर रही है। वहीं अंतरिक्ष यात्री Jeremy Hansen ने इसे अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत बताया। यह मिशन न केवल तकनीकी सफलता है, बल्कि यह मानवता के अंतरिक्ष सपनों को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है।

रीवा में तेज रफ्तार पिकअप ऑटो की आमने सामने भिड़ंत, 5 लोग घायल, 2 की हालत नाजुक

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जब पनवार थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप और ऑटो की आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में ऑटो सवार 5 लोग घायल हो गए जिनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक ऑटो रामबाग से देवरी की ओर यात्रियों को लेकर जा रहा था। सुबह शिवपुर के पास पहुंचते ही सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू हुआ। दो घायलों की हालत गंभीर रीवा रेफर घायलों में योगेंद्र यादव 38 और राजकुमारी यादव की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रीवा रेफर किया गया है जबकि अन्य घायलों का इलाज जवा अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही पनवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बढ़ती लापरवाही पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि तेज रफ्तार और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं खासकर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।

अंतरिक्ष मिशन में बड़ा अपडेट, ‘कपोला’ मॉड्यूल से धरती पर लौटे एस्ट्रोनॉट्स, खास तस्वीरें आई सामने

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन ने अंतरिक्ष इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज कर दी है। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा का चक्कर लगाकर सुरक्षित वापसी की और अपने साथ 7,000 से ज्यादा शानदार तस्वीरें लेकर लौटे। यह मिशन न सिर्फ तकनीकी रूप से सफल रहा, बल्कि भविष्य में इंसानों की चंद्रमा पर वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ। रिकॉर्ड तोड़ यात्रा, 1970 के मिशन को पीछे छोड़ाइस मिशन के दौरान क्रू ने कुल 6,94,481 मील की दूरी तय की और पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर तक पहुंचे। इसने ऐतिहासिक Apollo 13 मिशन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। करीब 10 दिन की इस रोमांचक यात्रा के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। ‘कपोला’ मॉड्यूल बना मिशन का सबसे खास हिस्साइस मिशन की सबसे खास बात रही Cupola module यानी ‘कपोला’ मॉड्यूल। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे खासतौर पर अंतरिक्ष के बाहरी दृश्यों को देखने और मॉनिटर करने के लिए डिजाइन किया गया है। कपोला में कुल सात खिड़कियां होती हैं—छह किनारों पर और एक नीचे की ओर। इन खिड़कियों से अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी, चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों के अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यही नहीं, इस मॉड्यूल में एक रोबोटिक कंट्रोल सिस्टम भी होता है, जिससे स्पेसक्राफ्ट को पकड़ने और जोड़ने जैसे जटिल कार्य किए जाते हैं। कैमरे में कैद हुए अंतरिक्ष के दुर्लभ नज़ारेमिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘कपोला’ से पृथ्वी और चंद्रमा के हजारों शानदार दृश्य कैद किए। इन तस्वीरों में अर्थराइज (पृथ्वी का उगना), अर्थसेट, चंद्रमा की सतह पर विशाल गड्ढे, प्राचीन लावा प्रवाह और मिल्की वे गैलेक्सी के दृश्य शामिल हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने सूर्य ग्रहण का भी दुर्लभ नजारा देखा, जिसमें चंद्रमा ने सूर्य को पूरी तरह ढक लिया था। कौन-कौन थे मिशन का हिस्साइस ऐतिहासिक मिशन में कमांडर Reid Wiseman, पायलट Victor Glover, Christina Koch और कनाडा के Jeremy Hansen शामिल थे। इन सभी ने मिलकर मिशन को सफल बनाया और अंतरिक्ष अनुसंधान में नया अध्याय जोड़ा। भविष्य की चंद्र मिशनों के लिए बड़ी तैयारीयह मिशन केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य में चंद्रमा पर मानव मिशनों की तैयारी का अहम हिस्सा है। इस दौरान जुटाए गए डेटा और अनुभव आने वाले अभियानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। खासतौर पर इंसानों की चंद्रमा पर वापसी और वहां स्थायी उपस्थिति की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज: राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन, खेती को स्मार्ट बनाने पर जोर

भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। रायसेन के दशहरा मैदान में शनिवार को आयोजित इस मेले का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया। इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। किसानों के लिए बदलाव का मंच बनेगा महोत्सव उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कृषि महोत्सव किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजन खेती को नई दिशा देंगे। किसान अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार किसान है। कृषि और पशुपालन से शुरू होकर उद्योग और सेवाओं तक पूरी व्यवस्था किसान की मेहनत पर टिकी है। उन्होंने युवाओं से कृषि क्षेत्र से जुड़ने और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को स्मार्ट बनाने की अपील की। सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का जिक्र अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता सीधे किसानों के खातों में पहुंच रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ी है। फसल बीमा बिजली सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। तकनीक और नवाचार पर विशेष फोकस केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस मेले में देशभर के कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान शामिल हुए हैं। यहां एकीकृत खेती बागवानी ड्रोन तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं।किसानों के लिए सीखने का मंच उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेला नहीं बल्कि किसानों के लिए एक प्रशिक्षण मंच है जहां वे वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। इसे एक तरह से किसानों का स्कूल बताया गया। जिलों के लिए तैयार हो रहा विशेष रोडमैप शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हर राज्य के लिए कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसी क्रम में विदिशा रायसेन सीहोर और देवास जिलों के लिए विशेष कृषि योजनाएं बनाई गई हैं ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार खेती को और बेहतर बनाया जा सके।