गावस्कर की टिप्पणी पर पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी की प्रतिक्रिया, अबरार अहमद पर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। इंग्लैंड में खेले जाने वाले The Hundred को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। Sunrisers Leeds द्वारा पाकिस्तानी स्पिनर Abrar Ahmed को खरीदे जाने के बाद बहस थमने का नाम नहीं ले रही है। गावस्कर की टिप्पणी से बढ़ा विवादभारतीय क्रिकेट दिग्गज Sunil Gavaskar ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दिया गया पैसा टैक्स के जरिए पाकिस्तान सरकार तक पहुंच सकता है, जिसका इस्तेमाल गलत उद्देश्यों में हो सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एक टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की सुरक्षा से ज्यादा अहम है। अजीम रफीक का तीखा जवाबगावस्कर के इस बयान पर पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटर Azeem Rafiq ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे “मजाकिया और घटिया” बताते हुए सवाल किया कि क्या ऐसे ही मानदंड अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी लागू किए जाते हैं। रफीक ने यह भी कहा कि मैदान पर हासिल उपलब्धियां इस तरह के बयानों को सही नहीं ठहरा सकतीं। डील की कीमत और विरोधSunrisers Leeds ने Abrar Ahmed को लगभग 1.9 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में साइन किया है।इस फैसले के बाद खासकर भारत में सोशल मीडिया पर विरोध देखने को मिला और फ्रेंचाइजी को आलोचना झेलनी पड़ी। ECB के नियम और टीमों का रुखEngland and Wales Cricket Board ने पहले ही सभी फ्रेंचाइजियों को एंटी-डिस्क्रिमिनेशन नियमों का पालन करने की हिदायत दी थी, जिसमें राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न करने की बात कही गई थी।इसके बावजूद भारतीय स्वामित्व वाली अन्य टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदा, जबकि सनराइजर्स लीड्स ने अलग रुख अपनाया। IPL तक पहुंचा असरइस विवाद का असर Indian Premier League 2026 तक भी देखने को मिला। कुछ फैंस ने Sunrisers Hyderabad के बहिष्कार तक की बात कही। कोच पर भी उठे सवालगावस्कर ने टीम के हेड कोच Daniel Vettori का भी जिक्र करते हुए कहा कि शायद वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को पूरी तरह नहीं समझते, लेकिन असली जिम्मेदारी फ्रेंचाइजी मालिकों की है।
ट्रंप बोले पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं ; ईरान युद्ध अभी लंबा खिंच सकता है

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और लंबा चल सकता है। वॉशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दुनिया पागलों के नियंत्रण में परमाणु हथियार नहीं रहने दे सकती। ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई करके यह सुनिश्चित किया कि यह देश कभी परमाणु खतरा न बने। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल ने मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। ट्रंप ने बताया कि बिना इस कार्रवाई के ईरान पहले ही परमाणु ताकत बन चुका होता। उन्होंने कहा कि उस समय ईरान परमाणु हथियार हासिल करने से सिर्फ दो हफ्ते दूर था और कूटनीतिक बातचीत काम नहीं आती। राष्ट्रपति ने कहा युद्ध बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है। हम बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि यह संघर्ष कब तक चलेगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका भविष्य में लौट सकता है लेकिन अब तक मकसद यह सुनिश्चित करना था कि किसी और राष्ट्रपति को ऐसी परेशानी न झेलनी पड़े। इस बीच ट्रंप प्रशासन को अंदरूनी झटका भी लगा है। नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख जोसेफ केंट ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के विरोध में इस्तीफा दे दिया। केंट ने सोशल मीडिया पर अपने त्याग पत्र में लिखा कि अमेरिका पर ईरान की ओर से कोई आसन्न खतरा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह युद्ध इज़रायल और उसके प्रभावशाली लॉबी समूहों के दबाव में शुरू किया गया। केंट ने साफ शब्दों में कहा कि वह अपनी अंतरात्मा के खिलाफ इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। इस इस्तीफे के समय ऑपरेशन एपिक फ्यूरी अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि ईरान संकट न केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बल्कि अमेरिकी प्रशासन के अंदर भी गंभीर बहस का विषय बन गया है।
फुटबॉल में विवाद गहराया, सीएएफ के फैसले के खिलाफ सेनेगल जाएगी CAS

नई दिल्ली। अफ़्रीकी फ़ुटबॉल में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ अफ़्रीकी फ़ुटबॉल ने अफ़्रीका कप ऑफ़ नेशंस 2026 के फ़ाइनल का नतीजा पलटते हुए मोरक्को की नेशनल फ़ुटबॉल टीम को चैंपियन घोषित कर दिया है। इस फ़ैसले के बाद सेनेगल की नेशनल फ़ुटबॉल टीम के ख़िलाफ़ अब कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फ़ॉर स्पोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी। मैच का नतीजा कैसे पलटा गया?जनवरी में खेले गए फ़ाइनल में सेनेगल ने 1-0 से जीत दर्ज की थी, लेकिन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ अफ़्रीकी फ़ुटबॉल की अपील समिति ने इसे पलटते हुए 3-0 से मोरक्को के पक्ष में कर दिया। कारण-सेनेगल द्वारा मैदान छोड़ा गया, जिसे टूर्नामेंट नियमों (आर्टिकल 82 और 84) का उल्लंघन माना गया। विवाद की जड़ क्या थी?मैच के स्टॉपेज टाइम में बड़ा ड्रामा हुआ- सेनेगल का गोल रेफरी ने फाउल बताकर कैंसिल कर दिया इसके बाद मोरक्को को पेनल्टी मिली इस फैसले से नाराज़ कोच ने टीम को मैदान से बाहर बुलाया करीब 20 मिनट बाद सादियो माने के समझाने पर टीम वापस लौटी, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा। सेनेगल का कड़ा विरोधसेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने इस फैसले को “मजाक” बताया और कहा कि इसका कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। अब मामला कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट में ले जाएगा, जहां आखिरी फैसला होगा। 50 साल बाद मोरक्को बना चैंपियनइस फैसले के बाद मोरक्को नेशनल फुटबॉल टीम ने 50 साल बाद अपना दूसरा AFCON खिताब जीता लिया। मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन ने CAF के फैसले का सपोर्ट करते हुए कहा कि इससे नियमों की सख्ती और स्थिरता बनी रहेगी। खिलाड़ियों पर भी असरइस्माइल सैबारी पर लगा 100,000 डॉलर का जुर्माना निकाला गया उनका सस्पेंशन 3 मैच से बदलकर 1 मैच कर दिया गया हालांकि VAR में इंटरवेंशन से जुड़े कुछ और जुर्माने बने हुए हैं फुटबॉल की साख पर सवालयह मामला अब सिर्फ एक मैच तक लिमिटेड नहीं रहा, बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल की भरोसेमंद और नियमों पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। अब सबकी नजर कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट के आखिरी फैसले पर है।
भोजशाला विवाद पर RSS का रुख साफ-“अदालत का हर फैसला मंजूर”

धार। मध्य प्रदेश के भोजशाला परिसर को लेकर जारी कानूनी विवाद पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने संतुलित रुख अपनाया है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अदालत का जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी तरह स्वीकार किया जाएगा। संघ नेता ने क्या कहामालवा प्रांत के प्रमुख प्रकाश शास्त्री ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस विवाद में संघ ने अलग से कोई पक्ष नहीं रखा है और सभी तथ्य पहले ही अदालत के सामने प्रस्तुत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, “मामला अभी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। अदालत जो भी निर्णय देगी, हम उसे स्वीकार करेंगे।” ASI रिपोर्ट से बढ़ी चर्चायह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 2000 से अधिक पन्नों की सर्वे रिपोर्ट चर्चा में है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भोजशाला परिसर में मस्जिद से पहले परमारकालीन एक विशाल संरचना मौजूद थी और मौजूदा ढांचे में प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग किया गया। धार्मिक दावा और विवाद भोजशाला को हिंदू पक्ष देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता रहा है। इसी को लेकर लंबे समय से कानूनी और सामाजिक विवाद जारी है। संघ के इस बयान को विवाद के बीच संयमित और न्यायिक प्रक्रिया में भरोसा जताने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी है।
IPL 2026 में फिर चमकेंगे श्रेयस अय्यर, इरफान पठान को पूरा भरोसा

नई दिल्ली । पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है। पठान को पूरा विश्वास है कि अय्यर IPL 2026 में भी अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखेंगे और टीम को एक बार फिर नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। IPL 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाने वाले अय्यर इस बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। पिछले सीजन में अय्यर का बल्ला जमकर बोला था। उन्होंने 17 पारियों में 604 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 175.07 रहा। छह अर्धशतकों के साथ वह टीम के सबसे सफल बल्लेबाज बने और पूरे टूर्नामेंट में छठे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने पंजाब किंग्स को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित किया। इरफान पठान का मानना है कि श्रेयस अय्यर को भारतीय T20 टीम में वापसी के लिए IPL को किसी परीक्षा की तरह लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अय्यर को प्रूवन क्रिकेटर बताते हुए कहा कि वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनकी भूमिका टीम इंडिया के लिए बेहद अहम है, लेकिन पठान के अनुसार T20 फॉर्मेट में भी उनके लिए जगह बनती है। पठान ने इंडियन प्रीमियर लीग में अय्यर की एक खास पारी को याद करते हुए कहा कि मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेली गई उनकी 87* रनों की पारी आज भी यादगार है। 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अय्यर ने 41 गेंदों में यह शानदार पारी खेली थी। इस दौरान जसप्रीत बुमराह जैसे घातक गेंदबाज के खिलाफ उनका आत्मविश्वास देखने लायक था। बुमराह की यॉर्कर गेंद को थर्ड मैन की दिशा में ग्लाइड करने वाला शॉट उनके बेहतर होते खेल का उदाहरण है। अब IPL 2026 में पंजाब किंग्स अपने अभियान की शुरुआत गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 21 मार्च से करेगी। टीम और फैंस दोनों को उम्मीद है कि अय्यर अपनी पिछली फॉर्म को बरकरार रखते हुए इस बार टीम को पहला खिताब दिलाने में कामयाब होंगे। श्रेयस अय्यर पहले ही 2024 में कप्तान के तौर पर IPL ट्रॉफी जीतने का अनुभव रखते हैं, जिससे उनकी लीडरशिप पर भरोसा और मजबूत होता है। ऐसे में IPL 2026 उनके लिए सिर्फ एक और सीजन नहीं, बल्कि खुद को फिर साबित करने और पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाने का सुनहरा मौका है।
समलैंगिक हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा? सुनकर हंस पड़े ट्रंप

वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े एक नए विवाद ने चर्चा छेड़ दी है। एक रिपोर्ट में मोजतबा खामेनेई की निजी जिंदगी को लेकर सनसनीखेज दावे किए गए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। New York Post की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक खुफिया ब्रीफिंग में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस इनपुट पर ट्रंप ने हैरानी जताई, लेकिन इस पर उनकी कथित प्रतिक्रिया को लेकर भी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ज़्यादा जानें Indore समाचार पत्र इंदौर यह भी पढ़ें | ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से ट्रंप ने टाला चीन का प्रस्तावित दौरा… खुफिया दावों पर भरोसे को लेकर सवालरिपोर्ट में कुछ अनाम सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों तक पहुंची और इसे “कुछ हद तक विश्वसनीय” माना गया। हालांकि, किसी भी एजेंसी या सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुफिया इनपुट अक्सर अपुष्ट या प्रारंभिक स्तर के होते हैं, जिन्हें सार्वजनिक तौर पर सत्य मान लेना उचित नहीं होता। कोई ठोस प्रमाण सामने नहींरिपोर्ट में किए गए दावों-जैसे व्यक्तिगत संबंध या विदेश में इलाज-के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज, आधिकारिक रिकॉर्ड या स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं कराई गई है। ईरान के कानून और संवेदनशीलताईरान में समलैंगिकता कानूनन अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। ऐसे में इस तरह के आरोप न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। मौजूदा हालात में यह मामला अधिकतर अपुष्ट रिपोर्ट्स और अनाम सूत्रों पर आधारित नजर आता है। ऐसे में इसे तथ्य की तरह नहीं, बल्कि एक विवादित दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
क्रिकेट प्रशासन में बड़ा अपडेट, अमीनुल हक ने कहा- ICC से बातचीत के बाद ही होगा फैसला

नई दिल्ली। बांग्लादेश क्रिकेट में चल रहे विवाद के बीच देश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से चर्चा की जाएगी। T20 वर्ल्ड कप से बाहर होने पर बढ़ा विवाद बांग्लादेश का ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होना अब बड़ा मुद्दा बन गया है। इस पूरे मामले की जांच के लिए खेल मंत्रालय पहले ही एक कमेटी बनाकर चुका है, जो BCB के उम्मीदवारों और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है। नई जांच कमेटी बनाने की तैयारी अमीनुल हक ने संकेत दिए हैं कि एक और जांच कमेटी बनाई जा सकती है, जो यह पता लगाएगी कि आखिर बांग्लादेश की टीम भारत और श्रीलंका में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा क्यों नहीं लेगी। चुनाव में गड़बड़ी के आरोप BCB पर चुनाव में धांधली, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी लगे हैं। इन आरोपों की जांच के लिए 5 कमेटी बनाई गई है, जो बोर्ड के अधिकारियों, चुनाव कमिश्नर और जिला स्तर के अधिकारियों से पूछताछ करेगी। इस दौरान तमीम इकबाल और अन्य अधिकारियों पर भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप सामने आए थे, हालांकि कई नेताओं ने इन आरोपों से इनकार किया है। ICC से सलाह के बाद ही अंतिम फैसला खेल मंत्री ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद वे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से बातचीत करेंगे। उसके बाद ही BCB के खिलाफ कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा, ताकि अंतरराष्ट्रीय नियम और क्रिकेट की गरिमा बनी रहे। भारत आने से किया था इनकार गौरतलब है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हल देते हुए भारत में खेलने से इनकार किया था और अपने मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने इस मांग को ठुकरा दिया, जिसके बाद बांग्लादेश टूर्नामेंट से बाहर हो गया और उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल किया गया।
तेल संकट के बीच पाकिस्तान को रूस ने दिया सस्ता तेल देने का प्रस्ताव

मॉस्को/इस्लामाबाद। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच रूस ने पाकिस्तान को सस्ते कच्चे तेल की पेशकश की है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है और पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने इस्लामाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनका देश रियायती दरों पर तेल उपलब्ध कराने के लिए “पूरी तरह तैयार” है। उन्होंने पाकिस्तान से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील भी की। औपचारिक प्रस्ताव का इंतजार खोरेव ने स्पष्ट किया कि अभी तक इस संबंध में पाकिस्तान की ओर से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों के सहयोग का प्रमुख आधार है और आगे की प्रगति इस्लामाबाद की पहल पर निर्भर करेगी। मध्य पूर्व संकट का असरहोर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है, जहां सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% तक बढ़ोतरी करनी पड़ी है। हालांकि, सरकार का कहना है कि हालात सामान्य होने पर कीमतों में राहत दी जा सकती है। पहले भी हो चुका है आयातपाकिस्तान पहले भी सीमित मात्रा में रूस से रियायती तेल खरीद चुका है, लेकिन उसकी अधिकांश जरूरतें सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देशों से पूरी होती हैं। मौजूदा संकट के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च 2026 में पाकिस्तान को रूसी तेल की एक बड़ी खेप मिलने की संभावना है। हालांकि, तकनीकी चुनौती यह है कि पाकिस्तान की रिफाइनरियां हल्के कच्चे तेल के लिए अधिक अनुकूल हैं, जबकि रूसी ‘उराल्स’ क्रूड अपेक्षाकृत भारी होता है। अमेरिकी कार्रवाई पर रूस की प्रतिक्रियारूसी राजदूत ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की। तेल संकट के बीच रूस की यह पेशकश पाकिस्तान के लिए राहत का विकल्प बन सकती है, लेकिन इसकी दिशा और प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
22 मार्च को चेपॉक में सजेगा CSK का मेगा शो, धोनी रैना समेत दिग्गजों का होगा ग्रैंड रीयूनियन

नई दिल्ली । IPL 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स अपने फैंस के लिए एक खास तोहफा लेकर आ रही है। 22 मार्च को एमए चिदंबरम स्टेडियम चेपॉक में CSK का भव्य रीयूनियन इवेंट आयोजित किया जाएगा जहां टीम के पुराने और नए सितारे एक साथ नजर आएंगे। यह आयोजन सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि CSK के गौरवशाली इतिहास का जश्न होगा। इस मेगा शो में महेंद्र सिंह धोनी सुरेश रैना मुथैया मुरलीधरन मैथ्यू हेडेन ड्वेन ब्रावो मुरली विजय और अंबाती रायुडू जैसे दिग्गज शामिल होंगे। खास बात यह है कि इनमें से कई खिलाड़ी फिलहाल अन्य IPL टीमों के साथ जुड़े होने के बावजूद इस खास मौके पर CSK के साथ नजर आएंगे। फ्रेंचाइजी ने इस इवेंट को IPL 2026 के प्री-लॉन्च और फैन एंगेजमेंट गतिविधि के रूप में प्लान किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 19-20 पूर्व खिलाड़ी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं। CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने इसे सीजन से पहले का एक औपचारिक आयोजन बताया लेकिन इसकी भव्यता को देखते हुए यह किसी बड़े क्रिकेट उत्सव से कम नहीं होगा। शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में क्रिकेट के साथ-साथ मनोरंजन का भी भरपूर तड़का लगेगा। खास आकर्षण होंगे ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान जो अपनी लाइव परफॉर्मेंस से माहौल को और खास बना देंगे। CSK प्रबंधन ने अन्य फ्रेंचाइजियों से भी अनुरोध किया है कि उनके कोचिंग स्टाफ में शामिल पूर्व CSK खिलाड़ियों को इस दिन के लिए अनुमति दी जाए। सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़े मुरलीधरन गुजरात टाइटन्स के कोच मैथ्यू हेडेन और कोलकाता नाइट राइडर्स के सपोर्ट स्टाफ में शामिल ड्वेन ब्रावो भी इस आयोजन में हिस्सा ले सकते हैं। फैंस के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि ‘चिन्ना थाला’ के नाम से मशहूर सुरेश रैना ने अपनी मौजूदगी की पुष्टि कर दी है। हालांकि रविचंद्रन अश्विन इस दिन शहर से बाहर रहेंगे। वहीं संजू सैमसन और शिवम दुबे भी इस इवेंट तक टीम से जुड़ सकते हैं। CSK का यह मेगा रीयूनियन न सिर्फ पुराने सुनहरे पलों को ताजा करेगा बल्कि IPL 2026 के लिए टीम और फैंस के बीच जुड़ाव को और मजबूत करेगा। चेपॉक का मैदान एक बार फिर पीली जर्सी के जश्न में डूबा नजर आएगा।
'गाड़ी रोको, मैं यह फिल्म नहीं कर रहा!' जब ऋषि कपूर ने पहला सीन सुनते ही निर्देशक को बीच सड़क पर उतारा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘चिंटू जी’ यानी ऋषि कपूर अपनी बेबाकी और बेहतरीन अदाकारी के लिए तो मशहूर थे ही, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में उनके अनुशासन और समय की पाबंदी के किस्से भी कम नहीं हैं। फिल्ममेकर डेविड धवन ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ऋषि कपूर की वर्किंग स्टाइल से जुड़ा एक ऐसा वाकया साझा किया, जो आज के दौर के एक्टर्स के लिए हैरान करने वाला हो सकता है। ऋषि कपूर का एक अटूट नियम था-वे शाम 7 बजे के बाद काम नहीं करते थे और ‘नाइट शिफ्ट’ के नाम से ही चिढ़ जाते थे। डेविड धवन ने कपिल शर्मा के शो पर बताया कि एक बार एक निर्देशक ऋषि कपूर को अपनी फिल्म की स्क्रिप्ट सुनाने आए थे। ऋषि कपूर उस वक्त घर के लिए निकल रहे थे, तो उन्होंने निर्देशक से कहा कि वे रास्ते में गाड़ी में ही कहानी सुना दें। जैसे ही निर्देशक ने नरेशन शुरू किया और पहले ही सीन का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक नाइट सीन (रात का दृश्य) है, ऋषि कपूर ने तुरंत अपना आपा खो दिया। उन्होंने बीच रास्ते में ही ड्राइवर को चिल्लाकर कहा, गाड़ी रोको! ऋषि कपूर ने उस निर्देशक से दो टूक शब्दों में कह दिया, मैं उन फिल्मों में काम नहीं करता जिनमें रात की शूटिंग होती है। चाहे कुछ भी हो जाए, मेरा पैकअप 7 बजे हो जाता है। उस बेचारे निर्देशक का नरेशन पहले ही सीन पर खत्म हो गया और फिल्म वहीं रिजेक्ट हो गई। डेविड धवन के अनुसार, ऋषि कपूर को नाइट शूटिंग से सख्त नफरत थी और वे अपनी शर्तों पर ही काम करना पसंद करते थे। सिर्फ समय ही नहीं, ऋषि कपूर हर सीन के पीछे तर्क (Logic) भी तलाशते थे। डेविड धवन बताते हैं कि वे एक बेहद बुद्धिमान अभिनेता थे। अगर उन्हें कोई सीन समझ नहीं आता, तो वे डायरेक्टर से सवाल करते थे- मैं इसे इसी तरह क्यों करूँ? जब तक डायरेक्टर उन्हें संतुष्ट नहीं कर देता था, वे काम आगे नहीं बढ़ाते थे। ‘अमर अकबर एंथनी’ और ‘चांदनी’ जैसी कालजयी फिल्में देने वाले ऋषि कपूर का यही अनुशासन और स्पष्टवादिता उन्हें फिल्म जगत का एक ऐसा सितारा बनाती है, जिसकी कमी आज भी सिनेमा को खलती है।