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JITU PATWARI SATEMENT : किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी शिवराज और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

  JITU PATWARI SATEMENT : भोपाल । भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने किसानों की स्थिति और राज्य की कृषि नीतियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि आय को बढ़ाने के बड़े बड़े दावे किए लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि बार बार किए गए वादों के बावजूद किसानों की आमदनी में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कई बार फसल खुले में पड़ी रह गई और समय पर खरीद नहीं हो सकी। इसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पटवारी ने आरोप लगाया कि नीतियों की खामियों का फायदा कुछ चुनिंदा व्यापारियों को मिला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने खाद और उर्वरक की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर लगातार संकट की स्थिति बनी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन वास्तविकता इससे अलग रही है। पटवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सिस्टम में पारदर्शिता की कमी है और कई निर्णयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है कांग्रेस अध्यक्ष ने वल्लभ भवन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वहां पर फैसलों में अनियमितताओं की बात सामने आती रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बताया। इसके अलावा उन्होंने मुरैना और इंदौर से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर कई मुद्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति के मुद्दों पर किसी को भी किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है और हर दल को अपनी प्राथमिकता तय करने का अधिकार है। जीतू पटवारी ने अंत में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि वह किसानों के मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलनात्मक रुख अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो विरोध स्वरूप उपवास भी करेंगे। इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तापक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

Fake Tantrik : आयुर्वेदिक दवाओं के बहाने तांत्रिक बनकर लाखों की ठगी पुलिस जांच में जुटी

   Fake Tantrik : जबलपुर । जबलपुर जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां शातिर ठगों ने खुद को तांत्रिक बताकर एक युवक से बड़ी रकम ऐंठ ली। यह पूरा मामला पारिवारिक समस्याओं के समाधान के नाम पर की गई धोखाधड़ी से जुड़ा है। पीड़ित चंद्रकांत सोनी सिवनी घंसौर क्षेत्र के निवासी हैं जिनके साथ यह वारदात हुई। जानकारी के अनुसार दो जालसाजों ने खुद को तांत्रिक बताकर युवक को यह विश्वास दिलाया कि उसकी पारिवारिक समस्याओं का समाधान विशेष आयुर्वेदिक दवाओं और अनुष्ठानों से संभव है। इसी झांसे में लेकर उन्होंने अलग अलग जगहों से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया। ठगों ने योजना बनाकर दवा दुकानों से सीधे बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक उत्पाद मंगवाए और भुगतान पीड़ित से कराया। दमोह नाका स्थित एक आयुर्वेदिक दवा दुकान से लगभग 5 लाख 25 हजार रुपये की दवाएं खरीदी गईं। इसके बाद नागपुर स्थित एक अन्य दवा दुकान से लगभग साढ़े 12 लाख रुपये की दवाएं मंगवाई गईं। इस तरह कुल रकम साढ़े 17 लाख रुपये तक पहुंच गई। ठगों ने यहां तक दावा किया कि यदि इन दवाओं का उपयोग और अनुष्ठान विधिवत किया जाए तो पारिवारिक समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसी विश्वास के आधार पर पीड़ित लगातार उनके जाल में फंसता गया। मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रयागराज से भी दवाएं मंगवाने की बात कही गई। इसी दौरान पीड़ित को संदेह हुआ और उसे महसूस हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। शक गहराने पर उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है जिसमें तांत्रिक बनकर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया। पुलिस अब दवा दुकानों से जुड़े लेनदेन और आरोपियों के बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस तरह के फर्जी तांत्रिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।

MP IAS transfer : मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर

  MP IAS transfer : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के 26 अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार रात आदेश जारी कर नई पदस्थापनाएं तय कीं। इस फेरबदल में 14 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, जिन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है, उनमें 14 जिलों के कलेक्टरों को इधर से उधर किया गया है। इनमें धार जिले के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल जिला कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि मौजूदा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त और स्कूल शिक्षा विभाग की पदेन सचिव शिल्पा गुप्ता को हटाकर गृह विभाग में सचिव बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह पर गृह विभाग में सचिव अभिषेक सिंह को आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय पदस्थ किया गया है। महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटाकर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है। संभाग स्तर पर भी बदलाव नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। वहीं, शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है, जबकि उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव पदस्थ किया गया है। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अन्य जिलों में भी फेरबदल इसके अलावा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। इसी प्रकार श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।

donation box theft : बैतूल में मंदिर पर हाथ साफ बाबा रामदेव मंदिर की दान पेटी से चोरी

 donation box theft : बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई नगर में स्थित बाबा रामदेव मंदिर में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बीती रात अज्ञात बदमाशों ने मंदिर परिसर में घुसकर दान पेटी का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब मंदिर परिसर सुनसान था। बदमाश सुनियोजित तरीके से अंदर घुसे और कुछ ही समय में दान पेटी को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दान पेटी पिछले करीब चार महीनों से नहीं खोली गई थी, जिसके कारण उसमें अच्छी-खासी राशि जमा होने की संभावना जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का मानना है कि यह वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है और इसमें किसी परिचित या रेकी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। बाबा रामदेव मंदिर में हुई इस चोरी ने स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर परिसरों में निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दान पेटी में कितनी राशि थी और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।

Madhya Pradesh Congress : एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी

   Madhya Pradesh Congress : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने के अभियान के तहत नियुक्त 71 जिलाध्यक्षों के कामकाज की अब सख्त समीक्षा होने जा रही है। अगले हफ्ते होने वाली इस प्रक्रिया में उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा और कमजोर पाए जाने पर कार्रवाई, यहां तक कि पद से हटाने का फैसला भी लिया जा सकता है। दिल्ली से वरिष्ठ नेताओं की निगरानी पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार की समीक्षा को बेहद अहम माना जा रहा है। दिल्ली से वरिष्ठ नेता वामसी रेड्डी भी भोपाल पहुंचकर पूरे रिव्यू प्रोसेस की निगरानी करेंगे, जिससे पारदर्शिता और सख्ती सुनिश्चित की जा सके। 15 से 18 अप्रैल तक संभागवार समीक्षा बैठकें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी 15 से 18 अप्रैल के बीच चार दिनों तक संभागवार बैठकें करेंगे। इन बैठकों में जिलाध्यक्षों को बुलाकर संगठन निर्माण, अब तक के काम, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। किसानों के मुद्दे पर 16 अप्रैल को प्रदर्शन 16 अप्रैल को कांग्रेस, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास के सामने विरोध प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में होने वाले इस धरने में गेहूं खरीदी में देरी और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को उठाया जाएगा। ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन और प्रशिक्षण 17 अप्रैल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संगठन को मजबूत करने की रणनीति के साथ उनकी जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही जिलाध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित होंगे। संगठन विस्तार लगभग पूरा कांग्रेस का दावा है कि प्रदेश में संगठन का ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है। अब तक 23 हजार में से करीब 21 हजार पंचायत कमेटियों का गठन किया जा चुका है। आने वाले समय में इन्हें सक्रिय कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है।

Dewas crime news : डॉक्टर ने जताया जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे!

   Dewas crime news : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के Dewas में सामने आए ब्लैकमेलिंग मामले ने तूल पकड़ लिया है। शहर के कई डॉक्टर एकजुट होकर कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस से सुरक्षा की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ असामाजिक तत्व उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा सीएसपी Sumit Agrawal ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन देकर अपनी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद कुछ लोग माहौल का गलत फायदा उठाकर डॉक्टरों को परेशान कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें हर संभव सुरक्षा देने का आश्वासन दिया है। 7 आरोपियों पर केस, 5 गिरफ्तार कोतवाली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग मरीज बनकर डॉक्टरों से संपर्क करते थे, स्टिंग ऑपरेशन करते थे और फिर ब्लैकमेलिंग करते थे। अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। रेलवे स्टेशन से दबोचे गए आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी Vinay Arora और उसकी साथी Rajni Bhatia शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके अलावा एक आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है। महिला डॉक्टर का लाइसेंस रद्द, अस्पताल सील मामले में कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर Charu Tiwari के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में मेडिकल टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया। देवास ब्लैकमेलिंग मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। पुलिस जहां आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है, वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा और मेडिकल सिस्टम की साख बनाए रखना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

Archana Puran Singh : अर्चना ने रेस्टोरेंट की आदतों पर दी कंजूसी वाली धारणा की सफाई…

   Archana Puran Singh : नई दिल्ली। मनोरंजन जगत में अपनी बेबाक बातों और हास्य भरे अंदाज के लिए मशहूर अर्चना पूरन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनका कोई फिल्मी रोल नहीं बल्कि उनकी वह आदत है, जिसे लेकर अक्सर लोग उन्हें मजाक में कंजूस कह देते हैं। एक टेलीविजन शो के दौरान हुए हल्के फुल्के बातचीत में उन्होंने अपनी इन आदतों पर खुलकर सफाई दी और पूरे माहौल को हंसी मजाक से भर दिया। रेस्टोरेंट की आदत पर हुआ मजेदार खुलासा शो के दौरान अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि जब भी वे किसी रेस्टोरेंट में जाती हैं तो वहां मिलने वाले बड़े टिश्यू पेपर को एक बार इस्तेमाल करके फेंकने के बजाय संभालकर रख लेती हैं। उनका कहना था कि इन टिश्यू का बाद में मेकअप हटाने या किसी छोटे काम के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी बात को लेकर कई लोग उन्हें कंजूस कहने लगते हैं, लेकिन अर्चना का मानना है कि यह कंजूसी नहीं बल्कि चीजों की बर्बादी रोकने की आदत है। पुराने सामान को लेकर अलग सोच अर्चना ने बातचीत में यह भी बताया कि वे पुरानी चीजों को फेंकने में विश्वास नहीं रखतीं। उनके अनुसार किसी भी वस्तु का उपयोग खत्म होने के बाद भी उसे किसी नए रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनके पास अब भी कई साल पुराने कपड़े मौजूद हैं जिन्हें वे संभालकर रखती हैं। उनके मुताबिक फैशन बार बार वापस आता है, इसलिए पुरानी चीजें कभी पूरी तरह बेकार नहीं होतीं। अक्षय कुमार की मस्ती और पुराने किस्से इसी शो में अभिनेता अक्षय कुमार भी मौजूद थे जिन्होंने बातचीत के दौरान अपने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में वह और अर्चना के पति परमीत सेठी काम की तलाश में काफी संघर्ष करते थे और कई बार फिल्मी ऑफिसों के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता था। अक्षय ने कहा कि वे दिन मुश्किल जरूर थे लेकिन उनमें सीख और दोस्ती दोनों मजबूत हुईं। मजाक में छिड़ा बाथरोब का किस्सा बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने मजाक में एक पुराना किस्सा भी छेड़ा जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने सुना है अर्चना ने कभी होटल से बाथरोब ले लिया था। इस पर अर्चना ने भी हंसते हुए जवाब दिया कि अगर अक्षय यह साबित कर दें तो वे उन्हें अपना बंगला दे देंगी। इस मजाकिया जवाब ने पूरे माहौल को और हल्का और मनोरंजक बना दिया। शो में दिखा पुरानी यादों का मेल इस एपिसोड में सिर्फ हंसी मजाक ही नहीं बल्कि पुराने संघर्ष, दोस्ती और फिल्मी सफर की कई यादें भी सामने आईं। अर्चना, अक्षय और परमीत सेठी की बातचीत ने दर्शकों को मनोरंजन के साथ साथ इंडस्ट्री के शुरुआती संघर्ष की झलक भी दिखाई। फैंस के बीच बढ़ी चर्चा यह पूरा एपिसोड सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है। अर्चना के मजेदार जवाब और अक्षय कुमार की चुटीली बातों ने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। लोग इस बातचीत को हल्के फुल्के अंदाज में पसंद कर रहे हैं और इसे शो का सबसे मनोरंजक हिस्सा बता रहे हैं।

Kanya Vivah Yojana MP : बैतूल में योजना पर सवाल पात्र होने के बावजूद नहीं हुआ पंजीयन, कलेक्टर से शिकायत

   Kanya Vivah Yojana MP : बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें एक युवती ने पात्र होने के बावजूद पंजीयन नहीं किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह मामला चिखली आमढ़ाना निवासी 21 वर्षीय सोनम से जुड़ा है, जिसने जिला प्रशासन से शिकायत कर अधिकारियों पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है। सोनम का कहना है कि वह योजना के तहत सभी पात्रता मानदंड पूरे करती है, इसके बावजूद उसका आवेदन जनपद पंचायत बैतूल में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। पिछले तीन से चार दिनों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही है, लेकिन बार-बार आवेदन लेने से इनकार किया जा रहा है, जिससे वह सरकारी योजना के लाभ से वंचित हो रही है। इस मामले को लेकर युवती ने कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण उसका हक प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता प्रदान करना है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सहयोग मिल सके। लेकिन इस तरह के मामलों से योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर जांच की संभावना जताई जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। वहीं युवती का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, वह लगातार अपनी शिकायत को आगे बढ़ाती रहेगी। यह मामला एक बार फिर सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

pipeline digging accident : पाइपलाइन के लिए खोदा गड्ढा बना हादसे की वजह, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

   pipeline digging accident : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब तेज रफ्तार बाइक 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पाइपलाइन के लिए खोदा गया था गड्ढा यह घटना रांझी थाना क्षेत्र के गोकलपुर गांव की है, जहां नगर निगम द्वारा अमृत योजना 2.0 के तहत पाइपलाइन डालने के लिए सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड भी मौके पर गिरे हुए थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। Datia Farmers Distress : दतिया में ओलावृष्टि का कहर, 42 गांवों में जलभराव से गेहूं की फसल सड़कर नष्ट 80 किमी/घंटा की रफ्तार बनी हादसे की वजह सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बाइक की रफ्तार 80 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी। तेज गति के कारण चालक गड्ढे को समय पर देख नहीं सका और बाइक सीधे उसमें जा गिरी। पुलिस ने दिखाई तत्परता घटना के समय रांझी पुलिस की गश्त टीम पास ही मौजूद थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तुरंत रांझी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। TI Posting In Aaron : जिले में बड़ा पुलिस फेरबदल, कोतवाली थाने की कमान राजकुमार शर्मा को सौंपी गई अधिकारियों की लापरवाही पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढे के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेड्स का गिरा होना और चेतावनी संकेतों का अभाव इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जबलपुर में हुआ यह हादसा भले ही जानलेवा नहीं रहा, लेकिन यह साफ करता है कि सड़क निर्माण और खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

couple suicide case : साथ जीने-मरने की कसम बनी हकीकत, दूल्हा-दुल्हन सा सजकर की आत्महत्या

   couple suicide case : नई दिल्ली। मुठिया टोला, चांदपुर मुठिया टोला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक दंपती ने साथ जीने-मरने की कसम को सच करते हुए फांसी लगाकर जान दे दी। 1 अप्रैल को दोनों अपने ही घर में फंदे से लटके मिले, जिससे परिवार और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। सुसाइड से पहले की अजीब तैयारी परिजनों के अनुसार, घटना से पहले दोनों ने खुद को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया था। घर में पॉपकॉर्न और शराब भी लाई गई थी। इतना ही नहीं, मोबाइल में “साथ जिएंगे, साथ मरेंगे…” की रिंगटोन भी सेट की गई थी। इन सभी तैयारियों से साफ है कि यह कदम अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ उठाया गया। नई रस्सी से फांसी लगाकर दी जान बताया जा रहा है कि दंपती ने नई रस्सी का इस्तेमाल कर फांसी लगाई। घटना के समय घर में कोई और मौजूद नहीं था। जब परिजनों ने देखा तो दोनों मृत अवस्था में लटके मिले, जिससे घर में कोहराम मच गया। पिता का दर्द: “घर में कोई परेशानी नहीं थी” मृतक युवक के पिता गणेश पटेल ने रोते हुए बताया कि दोनों की शादी परिवार की सहमति से हुई थी। रिश्तेदारी में पहचान होने के बाद दोनों की जिद पर शादी कराई गई थी। उन्होंने कहा, “शादी के ढाई साल तक सबकुछ सामान्य था। घर में कोई परेशानी नहीं थी, फिर भी उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है।” पुराने रिश्ते को लेकर शक पिता ने आशंका जताई कि शादी से पहले बहू किसी अन्य युवक के संपर्क में थी। उनका कहना है कि संभव है वही व्यक्ति उसे परेशान कर रहा हो। हालांकि यह सिर्फ एक शक है और असली वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। अनसुलझे सवालों में उलझी कहानी यह घटना कई सवाल छोड़ गई है- क्या दंपती किसी मानसिक दबाव में थे? क्या किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी? या फिर यह दोनों का आपसी फैसला था? इन सवालों के जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं। पुलिस जांच जारी पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ के जरिए सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है। चांदपुर की यह घटना एक गहरी त्रासदी है, जिसने परिवार को तोड़कर रख दिया है और समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।