आरबीआई की समयसीमा से पहले मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले दिखाई मजबूती!

नई दिल्ली। शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया करीब 10 पैसे चढ़कर 92.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 92.66 पर बंद हुआ था। बाजार में यह मजबूती मुख्य रूप से Reserve Bank of India (RBI) की ओर से तय की गई समयसीमा के चलते देखने को मिली। बैंकों की पोजीशन अनवाइंडिंग से मिला सपोर्ट10 अप्रैल बैंकों के लिए ऑफशोर नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड (NDF) मार्केट में अपनी अतिरिक्त पोजीशन खत्म करने की आखिरी तारीख है। इसी कारण बैंकों ने अपनी आर्बिट्रेज पोजीशन कम करनी शुरू कर दी, जिससे रुपए को सपोर्ट मिला। मार्च में RBI ने निर्देश दिया था कि बैंकों की रुपए में नेट ओपन पोजीशन हर दिन के अंत में 100 मिलियन डॉलर से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि बैंकों ने इस सीमा में ढील की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय बैंक ने इसे सख्ती से लागू रखा। बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ का माहौलविश्लेषकों का मानना है कि जब तक RBI की ओवरनाइट पोजीशन लिमिट को लेकर और स्पष्टता नहीं मिलती, तब तक बाजार सतर्क बना रहेगा। कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि डेडलाइन के बाद रुपए में बड़ी गिरावट की आशंका फिलहाल उतनी मजबूत नहीं है, जितनी बताई जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजरइस बीच, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी निवेशकों के रडार पर है। ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है। घरेलू बाजार में Multi Commodity Exchange (MCX) पर कच्चे तेल के वायदा भाव ने इंट्रा-डे में 9,222 रुपये का स्तर छुआ, जो 3% से ज्यादा की बढ़त दर्शाता है। तेल की कीमतों में तेजी आमतौर पर रुपए पर दबाव डालती है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। RBI गवर्नर का बयानइस हफ्ते की शुरुआत में RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा था कि विदेशी मुद्रा बाजार में लगाए गए कुछ प्रतिबंध अस्थायी हैं। इनका उद्देश्य बाजार में बढ़ती अस्थिरता को नियंत्रित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के समय में विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिसका एक कारण बैंकों द्वारा किए गए आर्बिट्रेज ट्रेड्स भी रहे हैं। आगे क्या संकेत?रुपए की चाल आगे RBI की नीतियों, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक हालात पर निर्भर करेगी। फिलहाल डेडलाइन से पहले रुपया मजबूत जरूर हुआ है, लेकिन आगे की दिशा को लेकर बाजार सतर्क बना हुआ है। RBI की डेडलाइन से पहले बैंकों की पोजीशन अनवाइंडिंग के चलते रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, हालांकि आगे बाजार की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
मुरैना हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त 13 अप्रैल से होगी अहम सुनवाई

मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में वन आरक्षक की निर्मम हत्या का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का फैसला किया है जिससे अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल से इस मामले की सुनवाई शुरू होगी और यह सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच द्वारा की जाएगी। इस दौरान अदालत अवैध रेत खनन और उससे जुड़े अपराधों पर व्यापक और कड़े दिशा निर्देश जारी कर सकती है जो भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह मामला चंबल क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन से जुड़ा है जहां लंबे समय से रेत माफिया सक्रिय हैं। इस पूरे मुद्दे को कोर्ट के सामने न्याय मित्र रूपाली सैमुअल ने उठाया और वन आरक्षक की हत्या का जिक्र करते हुए अदालत का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई का निर्णय लिया। घटना के अनुसार मुरैना जिले में चंबल नदी के ऐसाह घाट पर अवैध रेत खनन और परिवहन की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम कार्रवाई के लिए निकली थी। अंबाह रेंज के गश्ती दल ने रथोल का पुरा और रानपुर के बीच रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर को बेरहमी से ट्रैक्टर से कुचल दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक हरिकेश गुर्जर मुरैना जिले के जनकपुर गांव के निवासी थे और हाल ही में उनका स्थानांतरण अंबाह रेंज में हुआ था। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग की टीम ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया जबकि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। यह घटना केवल एक हत्या नहीं बल्कि अवैध खनन माफिया के बढ़ते हौसलों का संकेत भी मानी जा रही है। चंबल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन एक गंभीर समस्या बना हुआ है और कई बार प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से इस मुद्दे पर बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। यदि अदालत सख्त दिशा निर्देश जारी करती है तो इससे न केवल मुरैना बल्कि पूरे देश में अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं और 13 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
यूपी में 12 आईपीएस और 35 पीपीएस अधिकारियों के तबादले से प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली।उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए पुलिस विभाग में व्यापक तबादले किए गए हैं। शासन ने एक साथ 12 आईपीएस और 35 पीपीएस अधिकारियों की नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं। इस कदम को पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, फील्ड में कार्यक्षमता बढ़ाने और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस सूची में युवा अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे सिस्टम में नई ऊर्जा लाने का प्रयास दिखाई देता है। आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती में बड़ा बदलावतबादला सूची में कई 2022 बैच के युवा आईपीएस अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उन्हें कमिश्नरेट व्यवस्था वाले बड़े शहरों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इनमें कुछ अधिकारियों को नक्सल प्रभावित जिलों में भेजा गया है, जहां कानून व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख कमिश्नरेट क्षेत्रों में भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, जिससे शहरी पुलिसिंग को और मजबूत करने की कोशिश की गई है। कई महिला अधिकारियों को भी अहम पदों पर जिम्मेदारी दी गई है, जो प्रशासन में बढ़ते संतुलन और भागीदारी को दर्शाता है। प्रमुख आईपीएस तबादलों में नई जिम्मेदारियांसूची के अनुसार कई अधिकारियों को उनके पूर्व पदों से हटाकर नई जगहों पर तैनात किया गया है। कुछ को नगर इकाइयों में भेजा गया है, जबकि कुछ को ग्रामीण और नक्सल क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है। इस बदलाव में पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस अधीक्षक और सहायक पुलिस आयुक्त जैसे पदों पर बड़े स्तर पर अदला बदली की गई है।लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, बहराइच, बुलंदशहर, सोनभद्र और मिर्जापुर जैसे जिलों में नई तैनातियां की गई हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार का ध्यान संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष रूप से केंद्रित है। पीपीएस अधिकारियों के स्तर पर भी व्यापक फेरबदलआईपीएस के साथ साथ पीपीएस अधिकारियों के स्तर पर भी बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं। कुल 35 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इनमें कई अधिकारियों को पीएसी, एसडीआरएफ, पुलिस मुख्यालय और विशेष जांच इकाइयों में भेजा गया है। लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और गाजियाबाद जैसे बड़े कमिश्नरेट क्षेत्रों में भी नई तैनातियां की गई हैं। कुछ अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर प्रशिक्षण संस्थानों और तकनीकी शाखाओं में जिम्मेदारी दी गई है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है। युवा अधिकारियों को फील्ड में उतारने पर जोरइस तबादला सूची की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि युवा आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों को सीधे फील्ड पोस्टिंग में भेजा गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और कानून व्यवस्था की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण जिलों में इन अधिकारियों की तैनाती को भविष्य की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।इसके साथ ही कमिश्नरेट सिस्टम वाले शहरों में भी नई टीम तैयार की गई है ताकि आधुनिक पुलिसिंग मॉडल को और प्रभावी बनाया जा सके।प्रशासनिक सुधार और कानून व्यवस्था पर फोकसइन तबादलों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन इसका उद्देश्य केवल स्थानांतरण नहीं बल्कि पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाना भी है। सरकार का फोकस कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण को बेहतर बनाने और फील्ड में त्वरित निर्णय क्षमता बढ़ाने पर है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी नई तैनाती पर जल्द से जल्द कार्यभार संभालें और विभागीय कार्यों को प्राथमिकता दें। आने वाले समय में और भी प्रशासनिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, कीमतें करीब 1% तक लुढ़कीं!

नई दिल्ली।सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में करीब 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) और सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग में कमी आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। सोने में हल्की कमजोरी, लेकिन सपोर्ट कायमएमसीएक्स पर सोने का जून वायदा करीब 0.55% गिरकर 1,52,585 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। कारोबार के दौरान यह 1,52,419 रुपये के निचले स्तर तक गया, जबकि ऊपरी स्तर 1,52,990 रुपये रहा। विश्लेषकों का मानना है कि सोना फिलहाल 1,52,500 रुपये के आसपास सपोर्ट ले रहा है। निचले स्तरों पर खरीदारी जरूर देखने को मिल रही है, लेकिन मजबूत तेजी के संकेत अभी नहीं हैं। अगर कीमत 1,53,000 रुपये के ऊपर टिकती है, तो यह 1,55,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं, अगर सोना 1,52,000 रुपये के नीचे फिसलता है, तो इसमें और गिरावट आकर यह 1,50,000 से 1,48,000 रुपये तक जा सकता है। चांदी भी दबाव में, लेकिन इंडस्ट्रियल डिमांड से सहाराचांदी का मई वायदा भी करीब 0.96% गिरकर 2,41,435 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता नजर आया। दिन के दौरान यह 2,41,510 रुपये के निचले स्तर तक पहुंचा, जबकि ऊपरी स्तर 2,43,704 रुपये रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को 2,42,000 रुपये के आसपास सपोर्ट मिल रहा है, जहां सेफ-हेवन और इंडस्ट्रियल डिमांड दोनों का सहारा बना हुआ है। हालांकि, इसकी चाल फिलहाल सतर्क बनी हुई है। आगे क्या रहेगा रुख?चांदी के लिए 2,45,000 से 2,47,000 रुपये के बीच मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमत 2,50,000 से 2,52,000 रुपये तक जा सकती है। वहीं नीचे की ओर 2,40,000 रुपये का स्तर अहम है, जिसके टूटने पर यह 2,36,000 से 2,35,000 रुपये तक गिर सकती है। बाजार का मूड बदल रहा हैहाल के दिनों में निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों से हटकर शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नरमी के संकेत भी सेफ-हेवन डिमांड को कमजोर कर रहे हैं। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच जारी अनिश्चितता के कारण सोना-चांदी में बड़ी गिरावट फिलहाल सीमित रह सकती है।
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से शुरू होगा पंजीकरण अभियान…

नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए हर वर्ष लाखों भक्त कठिन लेकिन आस्था से भरी इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं। आगामी यात्रा के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो चुकी हैं और पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा निर्देश सामने आ गए हैं। इस बार भी यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत और व्यवस्थाअमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 20 मई 2026 तक चलेगा। देशभर में निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से श्रद्धालु अपना एडवांस रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके लिए बड़ी संख्या में बैंक शाखाओं को अधिकृत किया गया है ताकि देश के अलग अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी से सुविधा मिल सके। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर के कई जिलों में भी पंजीकरण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस बार पंजीकरण प्रक्रिया को आधार आधारित बायोमैट्रिक प्रणाली से जोड़ा गया है ताकि पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके। व्यक्तिगत और समूह दोनों प्रकार के पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। समूह पंजीकरण में निर्धारित संख्या के अनुसार श्रद्धालु एक साथ आवेदन कर सकते हैं और इसके लिए एक जिम्मेदार समूह लीडर की नियुक्ति अनिवार्य होगी जो सभी औपचारिकताओं को पूरा करेगा। आयु सीमा और स्वास्थ्य संबंधी सख्त नियम यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार भी आयु सीमा से जुड़े नियम लागू किए गए हैं। 13 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालु भी इस यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे। यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हर श्रद्धालु के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य किया गया है। यह प्रमाणपत्र केवल अधिकृत चिकित्सक या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान से ही जारी होना चाहिए। बिना वैध स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के किसी भी प्रकार का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। यात्रा परमिट और मार्ग व्यवस्थापंजीकरण पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को यात्रा परमिट जारी किया जाएगा जिसमें उनके यात्रा मार्ग और तारीख की पूरी जानकारी होगी। अमरनाथ यात्रा दो प्रमुख मार्गों से संचालित होती है जिनमें पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग शामिल हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुसार किसी भी मार्ग का चयन कर सकते हैं। इस बार RFID आधारित पहचान प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। बिना RFID कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह प्रणाली यात्रा के दौरान सुरक्षा और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी। विदेशी श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रावधानविदेशी श्रद्धालुओं के लिए अलग पंजीकरण व्यवस्था लागू की गई है। उन्हें निर्धारित बैंकिंग और प्रशासनिक माध्यमों के जरिए आवेदन करना होगा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें पासपोर्ट और स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं। विदेशी श्रद्धालुओं के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया गया है और समूह में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह प्रक्रिया भी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लागू होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।यात्रा अवधि और प्रशासनिक तैयारीपरंपरागत रूप से यह यात्रा जून के अंत में प्रारंभ होकर अगस्त में रक्षा बंधन के आसपास समाप्त होती है। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जांच अवश्य कराएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों की जलवायु को ध्यान में रखते हुए उचित तैयारी के साथ यात्रा पर निकलें। समय पर पंजीकरण, सही दस्तावेज और नियमों का पालन इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच होगी अहम वार्ता, पाकिस्तान मेजबान, इजरायली हमलों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के उद्देश्य से अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता की मेजबानी पाकिस्तान करने जा रहा है। शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली इस अहम बैठक से पहले पाकिस्तान ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। हालांकि, क्षेत्रीय हालात और इजरायल के हालिया हमलों को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान की कड़ी चेतावनी से बढ़ी चिंता वार्ता से ठीक पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इजरायल के हमले शुरुआती युद्धविराम का उल्लंघन हैं और इससे बातचीत पर गंभीर असर पड़ सकता है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि ऐसे कदम शांति प्रक्रिया को “निरर्थक” बना सकते हैं। लेबनान में हुए हालिया हमलों में भारी जनहानि की रिपोर्ट के बाद तेहरान का रुख और सख्त हो गया है, और उसने संकेत दिया है कि वह अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा। इस्लामाबाद में हाई-लेवल डिप्लोमैसी की तैयारी पाकिस्तान इस पूरी वार्ता प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख के बीच क्षेत्रीय शांति प्रयासों की समीक्षा भी की गई है। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों को भरोसा दिलाया है कि सभी विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को “पूर्ण सुरक्षा” प्रदान की जाएगी और बातचीत को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।ईरानी पक्ष में अब भी संशय बरकरार पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने स्पष्ट किया है कि इजरायली हमलों के चलते शांति वार्ता को लेकर गंभीर संदेह बना हुआ है। इसके बावजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच रहा है और प्रस्तावित 10-बिंदु एजेंडे पर बातचीत करेगा। सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें वरिष्ठ अमेरिकी नेतृत्व के साथ प्रमुख रणनीतिक सलाहकार भी मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान ने अमेरिकी पक्ष को आश्वासन दिया है कि उनकी यात्रा के दौरान अभेद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इस बीच सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के लिए एक विशेष टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।शांति समझौते पर वैश्विक नजरें इस वार्ता में मुख्य ध्यान दीर्घकालिक शांति ढांचे पर रहेगा, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा गारंटी और ईरान के परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बातचीत सफल होती है या असफल, इसका सीधा असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ेगा।
कैलाश खेर के नाम पर संगीत सहयोग का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप..

नई दिल्ली।मनोरंजन जगत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के नाम का गलत इस्तेमाल कर एक गीतकार से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। यह मामला न केवल डिजिटल भरोसे की कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह पहचान और प्रसिद्ध हस्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा रहा है। संगीत सहयोग के नाम पर रची गई ठगी की योजनापीड़ित गीतकार चैतन्य गोविंद कन्हैया, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में मुंबई में रहते हैं, एक परिचित के माध्यम से आरोपी से जुड़े थे। आरोपी ने खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया जो कैलाश खेर से उनका गाना रिकॉर्ड करवा सकता है। शुरुआती बातचीत के दौरान कुछ ऐसी स्थितियां बनाई गईं जिससे पीड़ित का विश्वास धीरे धीरे मजबूत होता गया और उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि यह अवसर पूरी तरह वास्तविक है। ऑनलाइन बातचीत और मुलाकात से बढ़ा भरोसाआरोपी ने कथित रूप से पीड़ित की ऑनलाइन बातचीत एक ऐसे व्यक्ति से करवाई, जिसे कैलाश खेर बताया गया। बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया गया कि आगे की प्रक्रिया उनके मैनेजर के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके बाद दोनों के बीच व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई, जहां रिकॉर्डिंग और कॉन्ट्रैक्ट को अंतिम रूप देने के नाम पर वित्तीय मांग की गई। इस दौरान पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि यह एक पेशेवर संगीत प्रोजेक्ट का हिस्सा है। एडवांस भुगतान के बाद टूटा भरोसाविश्वास में आकर पीड़ित ने आरोपी द्वारा बताए गए खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। भुगतान के बाद आरोपी ने संपर्क बनाए रखना बंद कर दिया। जब पीड़ित ने दबाव बनाना शुरू किया, तो उन्हें एक चेक दिया गया जो बाद में बाउंस हो गया। इस घटना के बाद उन्हें संदेह हुआ और जब उन्होंने वास्तविक मैनेजमेंट टीम से संपर्क किया, तो सामने आया कि इस तरह की किसी भी परियोजना या बातचीत की कोई पुष्टि नहीं थी। पुलिस में शिकायत और जांच शुरूसच्चाई सामने आने के बाद पीड़ित ने संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी में और कौन कौन शामिल हो सकता है। डिजिटल युग में बढ़ते फ्रॉड पर चेतावनीयह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि डिजिटल और पेशेवर संपर्कों में बिना पूरी पुष्टि के किसी भी वित्तीय लेनदेन से बचना चाहिए। खासकर जब मामला किसी प्रसिद्ध व्यक्ति या बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ा हो, तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है।
जेन-Z पार्टी की अटकलें: AAP के राघव चड्ढा के इंस्टा पोस्ट से बढ़ी चर्चाएं

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में कथित मतभेदों के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर नई राजनीतिक संभावनाओं की चर्चा तेज हो गई है। खासकर उनके इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो और उस पर की गई टिप्पणी ने यह अटकलें पैदा कर दी हैं कि वह युवाओं, खासकर जेन-Z को केंद्र में रखकर नई पार्टी बनाने पर विचार कर सकते हैं। दरअसल, राज्यसभा में AAP के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने तीन वीडियो जारी किए हैं। इन वीडियो में उन्होंने संकेत दिया कि वह इस बदलाव को सहज रूप से स्वीकार करने वाले नहीं हैं और सार्वजनिक मुद्दों को उठाते रहेंगे। इसी बीच इंस्टाग्राम पर साझा की गई एक रील ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इंस्टाग्राम रील से शुरू हुई चर्चा चड्ढा ने “Seedhathok” नाम के एक क्रिएटर की रील शेयर की, जिसमें समर्थक ने सुझाव दिया कि उन्हें युवाओं के लिए “Gen-Z” आधारित नई राजनीतिक पार्टी बनानी चाहिए। इस रील पर चड्ढा ने “दिलचस्प विचार” लिखकर प्रतिक्रिया दी। बस इसी टिप्पणी के बाद नई पार्टी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। समर्थक ने क्या कहा? रील में क्रिएटर रिहान ने कहा कि कई युवा चाहते हैं कि चड्ढा मौजूदा मतभेदों के बावजूद अपनी पार्टी बनाएं। उनका मानना है कि किसी दूसरी पार्टी में जाने की बजाय नई पार्टी बनाना उनके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि युवा वर्ग उन्हें व्यापक समर्थन दे सकता है। पद से हटाए जाने के बाद बढ़ी हलचल पिछले सप्ताह AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाकर उनकी जगह सांसद अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। यह फैसला कथित तौर पर चड्ढा और पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच मतभेदों की खबरों के बीच लिया गया। ‘पिक्चर अभी बाकी है’ वाला संदेश AAP द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में चड्ढा ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पंजाब से जुड़े मुद्दों—भूजल संकट, भगत सिंह से जुड़े संदर्भ और अन्य क्षेत्रीय विषय—उठाए। वीडियो को उन्होंने “छोटा सा ट्रेलर” बताते हुए कहा, “पिक्चर अभी बाकी है।” उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब उनके लिए केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनका घर और कर्तव्य है। फिलहाल, चड्ढा ने नई पार्टी बनाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया संकेतों और हालिया घटनाक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
आईपीएल सट्टेबाजी का भंडाफोड़: भाजपा मंडल उपाध्यक्ष समेत छह गिरफ्तार, नकदी व उपकरण बरामद

मथुरा। आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक मंडल उपाध्यक्ष भी शामिल है। पुलिस ने मौके से नकदी, मोबाइल फोन और सट्टेबाजी से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। थाना सदर बाजार पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त छापेमारी करते हुए शिवधाम कॉलोनी, औरंगाबाद स्थित एक मकान से आईपीएल सट्टेबाजी गिरोह का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, चार्जर, कैलकुलेटर, एक्सटेंशन बोर्ड, तीन नोटबुक (सट्टा डायरी), दो पेन, चेकबुक और 1,63,530 रुपये नकद बरामद किए। शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई पुलिस को पिछले कुछ समय से शहर में आईपीएल सट्टेबाजी संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने क्राइम ब्रांच को कार्रवाई के निर्देश दिए। बुधवार रात सीओ सिटी आशना चौधरी के नेतृत्व में एसओजी और थाना सदर बाजार टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। भाजपा नेता समेत ये आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार आदिल, रिजवान, किशोर, मुकेश, बांके बिहारी और बॉबी को मौके से गिरफ्तार किया गया। इनमें बांके बिहारी भाजपा सदर मंडल के उपाध्यक्ष बताए जा रहे हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर चालान किया गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा भाजपा महानगर अध्यक्ष हरिशंकर राजू यादव से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हाल ही में मंडल कार्यकारिणी के गठन के बाद इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। कार्रवाई में शामिल टीम छापेमारी में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार, एसओजी प्रभारी संदीप कुमार सहित थाना सदर और एसओजी की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि आईपीएल सट्टेबाजी में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जांच जारी है।
पाक मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद, इजरायल ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- ये टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करेंगे

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय विवाद में घिर गया है। लेबनान में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने इजरायल को भड़का दिया है। इजरायल ने साफ चेतावनी दी है कि इस तरह की टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।लेबनान हमलों पर बयान से बढ़ा तनाव ख्वाजा आसिफ ने लेबनान पर इजरायली हमलों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उसे नरसंहार बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इजरायल को मानवता के लिए खतरा और “कैंसर” तक कह दिया। अपने बयान में उन्होंने गाजा, ईरान और लेबनान में जारी हिंसा का हवाला देते हुए तीखी आलोचना की। इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इस बयान को बेहद आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के लिए इजरायल के विनाश की बात स्वीकार्य नहीं हो सकती, खासकर तब जब वह खुद को शांति प्रक्रिया में निष्पक्ष मध्यस्थ बताता हो। विदेश मंत्री ने बताया अनुचित बयान इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे यहूदी-विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान शांति वार्ता की भावना के खिलाफ हैं और ऐसे शब्द किसी जिम्मेदार राष्ट्र के अनुरूप नहीं हैं।शांति वार्ता के बीच बढ़ा सैन्य तनाव इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि इजरायल लेबनान के साथ जल्द सीधी बातचीत शुरू करना चाहता है। हालांकि हाल के दिनों में इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं, जिनमें भारी नुकसान की खबर है।ईरान की चेतावनी, बातचीत पर असर लेबनान पर हमलों के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उसका कहना है कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से शांति वार्ता का महत्व कम हो जाता है और बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित होती है।