केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान जारी, मतदाता कतारों में दिखाई दिए

नई दिल्ली/केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। असम में 126 सीटों, केरल में 140 सीटों और पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा और नतीजों की घोषणा 4 मई को होगी। इन चुनावों में कुल 1,899 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और राज्य-केन्द्रीय स्तर पर राजनीतिक संतुलन पर बड़ा असर डालने की संभावना है। केरल में इस बार 883 उम्मीदवार मैदान में हैं, यानी प्रति सीट औसतन छह से सात प्रत्याशी चुनावी मुकाबले में हैं। हालांकि, बागी और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या के कारण कई निर्वाचन क्षेत्र बेहद प्रतिस्पर्धी बन गए हैं। कुल 27 लाख मतदाता राज्य के 30,000 से अधिक मतदान केंद्रों में फैले हुए हैं। मतदाता सुबह से ही अपने मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े नजर आए। केरल में तीन मुख्य गठबंधन- लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) के बीच कड़ा मुकाबला है। एलडीएफ लगातार पांचवीं बार सत्ता में बने रहने का लक्ष्य लेकर चुनाव लड़ रहा है, जबकि यूडीएफ और एनडीए उसे चुनौती दे रहे हैं। पुडुचेरी में कुल 9.50 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 24,919 प्रथम बार वोट डालने वाले शामिल हैं। यहां कुल 294 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश चार क्षेत्रों- पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यानम से मिलकर बना है। वर्तमान में ‘ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस’ (AINRC) के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में है, जिसकी कमान मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के हाथों में है और भाजपा का समर्थन उसे प्राप्त है। असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 59 महिलाएं शामिल हैं। लगभग 2.5 करोड़ पंजीकृत मतदाता इन चुनावों में भाग लेने के लिए योग्य हैं। राज्य ने मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 31,490 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं। असम में यह चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस सरकार में वापसी की कोशिश कर रही है। यह चुनाव 2023 में हुए परिसीमन के बाद पहला चुनाव है, जिससे क्षेत्रीय राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव की संभावना है। मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता इस बार भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो लोकतंत्र में नागरिकों की मजबूत भागीदारी को दर्शाती हैं। इस चुनाव का परिणाम न केवल राज्य सरकारों के भविष्य को तय करेगा बल्कि देश के राजनीतिक संतुलन पर भी प्रभाव डालेगा।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी के बीच चल रहे विवाद के बीच अब सबकी निगाहें उनके अगले कदम पर लगी हैं। हाल ही में चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक रील ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलों को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर की रील शेयर चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील शेयर की जिसे seedhathok नाम के यूजर रिहान ने बनाया था। रील में सुझाव दिया गया कि चड्ढा को अपनी खुद की पार्टी बनानी चाहिए जिससे उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिल सकता है। वीडियो में सीधे चड्ढा को संबोधित करते हुए कहा गया कि जेन-जी पार्टी या कोई अन्य उपयुक्त नाम से नई पार्टी शुरू करना युवाओं का समर्थन पाने का सही तरीका होगा। दूसरी पार्टी में शामिल होने का खतरा वीडियो में यह भी कहा गया कि अगर चड्ढा किसी अन्य पार्टी में शामिल होते हैं तो उन्हें वर्तमान समर्थन नहीं मिलेगा और जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि चड्ढा ने रील शेयर की लेकिन अभी तक उन्होंने आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की कि वे क्या कदम उठाएंगे।AAP ने उठाए कठोर कदम करीब एक हफ्ते पहले AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त किया। इसके साथ ही उन्हें संसद में पार्टी के कोटे से बोलने की अनुमति भी नहीं मिली। पार्टी के आरोपों की लंबी सूची AAP ने चड्ढा पर कई आरोप लगाए हैं:- बीजेपी के प्रति नरम रुख: पार्टी का कहना है कि चड्ढा ने संसद में पार्टी का समय हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत जैसे मामूली मुद्दों के लिए इस्तेमाल किया। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग: चड्ढा ने महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया। अतिशी के सवाल: AAP नेता अतिशी ने चड्ढा से पूछा कि वे पीएम नरेंद्र मोदी या लोकतंत्र पर हो रहे सवालों पर बोलने में क्यों डरते हैं। केजरीवाल की गिरफ्तारी पर गैरमौजूदगी: ED द्वारा अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए। चड्ढा का जवाब और किताब के जरिए संदेश चड्ढा ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी उन्हें चुप कर रही है। उन्होंने बताया कि संसद में जब भी उन्हें बोलने का मौका मिलता है वे जनता के मुद्दों को उठाते हैं। साथ ही सोमवार को उन्होंने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब The 48 Laws of Power पढ़ते हुए अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने लिखा किसी ने मुझे इस हफ्ते एक किताब गिफ्ट की मैंने चैप्टर 1 पलटा नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें उसी समय पर आती हैं जब उन्हें आना होता है।
कालाष्टमी पर कालभैरव पूजा से मिलती है सुरक्षा और आध्यात्मिक शक्ति..

नई दिल्ली:सनातन परंपरा में तिथि, नक्षत्र और योग के आधार पर दिनचर्या और धार्मिक अनुष्ठानों का निर्धारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी क्रम में बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाने वाली मासिक कालाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व है। इस बार यह पावन तिथि शुक्रवार, 10 अप्रैल को पड़ रही है, जिसे कालभैरव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर भगवान कालभैरव की पूजा करते हैं और उनसे सुरक्षा, सुख तथा संकटों से मुक्ति की कामना करते हैं। कालाष्टमी को काला अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है और यह हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप कालभैरव की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्त इस दिन विशेष रूप से रात्रि पूजा और भैरव स्तुति का पाठ करते हैं, जिससे उन्हें आध्यात्मिक शांति और संरक्षण की अनुभूति होती है। इस दिन के पंचांग अनुसार सूर्योदय सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 44 मिनट पर रहेगा। अष्टमी तिथि रात 11 बजकर 15 मिनट तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। हालांकि उदयातिथि के आधार पर पूरे दिन अष्टमी का ही मान रहेगा, जिससे दिनभर पूजा और व्रत का विशेष महत्व बना रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 11 बजकर 8 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा। शिव योग शाम 6 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, जो पूजा के लिए शुभ संकेत देता है। शुभ मुहूर्तों की दृष्टि से यह दिन अत्यंत अनुकूल माना जा रहा है। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ समय है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 43 मिनट से 7 बजकर 5 मिनट तक रहेगा, जिसे संध्या पूजा के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। अमृत काल सुबह 6 बजकर 8 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त है। वहीं, इस दिन कुछ अशुभ समय का ध्यान रखना भी आवश्यक है। राहुकाल सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों से बचना चाहिए। यमगण्ड दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से शाम 5 बजकर 9 मिनट तक रहेगा, जबकि गुलिक काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 25 मिनट और दोपहर 12 बजकर 48 मिनट से 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही वर्ज्य समय रात 8 बजकर 12 मिनट से 9 बजकर 56 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसे किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए टालना उचित माना जाता है।
ईरान संघर्ष के बीच सऊदी अरब को दोहरा झटका, तेल सप्लाई के वैकल्पिक मार्ग पर हमला

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी जंग ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद थम गई है। लेकिन इसकी वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में कई वर्ष लग जाएंगे। इस युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में कच्चे तेल के दामों में उछाल आ गया था। सऊदी अरब ने तेल सप्लाई के अपने दूसरे रास्ते (ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन) का उपयोग करना शुरू कर दिया था। हालांकि, अब सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी हमले में इस पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद होर्मुज का रास्ता खुल गया हो, लेकिन इसके बाद भी लाखों बैरल तेल कच्चे बाजार से बाहर होने की आशंका है। सऊदी अरब में मौजूद एक स्त्रोत के मुताबिक ईरान ने अपने हमलों के दौरान सऊदी अरब के कई तेल प्रतिष्ठानों और तेल सप्लाई प्वाइंट्स को निशाना बनाया था। इसमें ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और उसके एक केंद्र (यानबू बंदरगाह) को भी निशाना बनाया गया है। इस पाइपलाइन के जरिए सऊदी अरब होर्मुज को बायपास करके तेल की सप्लाई को चालू रखता है। बता दें, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए ही सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का निर्माण किया था। इसके जरिए तेल सप्लाई को यानबू पर ले जाकर लाल सागर के जरिए आगे बढ़ाया जाता है। इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल सप्लाई होता था। 28 फरवरी के बाद सामने आए शिपिंग डेटा के मुताबिक यानबू की क्षमता करीब 4.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। पिछले कुछ दिनों से यह लगातार अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही थी। लेकिन अब इस पर भी हमला करके ईरान ने सऊदी के इस कदम पर भी पानी फेर दिया है। तेल प्रतष्ठानों पर हुए इन हमलों की जिम्मेदारी आईआरजीसी ने ली है। बुधवार को जारी एक बयान में आईआरजीसी की तरफ से कहा गया कि फारस की खाड़ी में कई लक्ष्यों के ऊपर मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए हमला किया गया है। इसमें यानबू में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों को भी निशाना बनाया। यह पहली बार नहीं है कि जब इस संघर्ष के दौरान ईरान ने यानबू बंदरगाह को निशाना बनाने की कोशिश की है। इससे पहले भी ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के तमाम ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया था। होर्मुज के ऊपर तेहरान ने पहले से ही पाबंदी लगा रखी थी। इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल के दाम आसमान छू रहे थे। हालांकि, अब सीजफायर के ऐलान के साथ ही होर्मुज को खोलने पर भी सहमति बनी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कल से होर्मुज अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू भी हो जाता है, तब भी स्थिति को सामान्य होने में कई महीनों का वक्त लग जाएगा।
विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर..

नई दिल्ली:विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए मातृशक्ति की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए Narendra Modi ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है तो महिलाओं को उनके पूर्ण सामर्थ के साथ राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में शामिल करना होगा। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने माताओं, बहनों और बेटियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि भारत ने आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति तब तक अधूरी रहती है जब तक उसकी आधी आबादी को समान अवसर और प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ही इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दे सकती है। प्रधानमंत्री ने हाल ही में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए बताया कि यह विधेयक देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों ने इस विषय पर सहमति दिखाई है और व्यापक स्तर पर सकारात्मक माहौल बनता हुआ दिखाई दे रहा है। उनका मानना है कि वर्ष 2029 के चुनावों तक लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ इस मुद्दे पर निरंतर संवाद जारी है और अधिकांश दलों ने इसका समर्थन किया है। इस सहयोगात्मक दृष्टिकोण को लोकतंत्र की मजबूती का संकेत बताते हुए उन्होंने कहा कि जब सभी दल एकजुट होकर किसी महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन के लिए आगे आते हैं तो उसका प्रभाव व्यापक और स्थायी होता है। देशवासियों से अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विषय पर जनजागरूकता बढ़ाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर विचार करें, चर्चा करें और समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों को भी प्रेरित करने की बात कही ताकि वे पूरे उत्साह के साथ संसद में इस विधेयक को पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री ने अपने विचारों में यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण केवल एक नीति नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता है। उनका मानना है कि इससे लोकतंत्र अधिक जीवंत, सहभागी और संतुलित बनेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस दिशा में किसी भी प्रकार की देरी देश के समग्र विकास के लिए बाधक सिद्ध हो सकती है।
Allu Arjun की फिल्म Raaka के पोस्टर पर Shah Rukh Khan ने किया रिएक्ट, जानें उनकी प्रतिक्रिया!

नई दिल्ली। अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के जन्मदिन पर मेकर्स ने उनकी फिल्म के नाम की अनाउंसमेंट करने के साथ-साथ उनका पहला लुक भी पोस्ट के जरिए रिलीज कर दिया है। जिसे देखकर उनके फैंस काफी खुश हो गए हैं। आपको बता दें कि, उनकी फिल्म का नाम Raaka रखा गया है। फिल्म कैसे नाम के सामने आने के बाद हर कोई फिल्म के लिए अपनी उत्सुकता दिख रहा है वहीं शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने भी इस पर रिएक्ट किया है। फिल्म Raaka का पोस्टरअल्लू अर्जुन के 44वें जन्मदिन पर निर्देशक एटली (Atlee) ने उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म का नाम और फर्स्ट लुक रिवील किया था। उन्होंने बताया था कि टीम ने इस फिल्म का नाम ‘राका’ रखा है। ‘राका’ के पोस्टर ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इसके साथ थी उनका पहला लुक भी धमाल मचा रहा है वह काफी अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं ऐसा पहली बार होगा कि अल्लू अर्जुन को एक अलग अंदाज में दिखाई देंगे। पोस्ट देखने के बाद उनके पास उनकी बधाई करते हुए नजर आ रहे हैं साथ ही कई लोग फिल्म पर अपना अपना रिएक्शन दे रहे हैं। शाहरुख खान ने भी किया रिएक्टशाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘राका’ का पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, ‘पोस्टर बहुत ही मजेदार और दिलचस्प है, बिल्कुल तुम्हारी तरह। मैं यह देखने के लिए एक्साइटेड हूं कि आप लोगों ने क्या तैयार किया है। अगर एटली के शब्दों में कहें तो ये मोस्टर मास माससस माससस!! होगा। ‘राका’ बहुत मजेदार फिल्म लग रही है, ढेर सारी शुभकामनाएं!’ निर्देशक एटली ने फिल्म के बारे में कहाएटली (Atlee) ने इस प्रोजेक्ट को लेकर एक इमोशनल नोट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि ‘राका’ का आइडिया उन्हें 18 साल पहले आया था और वह तब से इस फिल्म पर काम कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, ‘राका सिर्फ एक फिल्म नहीं है… ये मेरा ही एक हिस्सा है जिसे मैं सालों से अपने साथ लिए घूम रहा हूं। 18 सालों तक, मैंने इस आइडिया को संभालकर रखा और उसे कभी भी धुंधला नहीं पड़ने दिया। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे तराशा, और हर मुश्किल में मेरे साथ रहा। और सच कहूं तो… यह तो बस शुरुआत है।’ फिल्म की कास्ट रिलीज डेटरिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म लगभग 800 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बन रही है। इस फिल्म के जरिए पहली बार पर्दे पर अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण की जोड़ी साथ नजर आएगी। वहीं रिलीज डेट की बात करें तो यह सट्टा 2027 में रिलीज हो सकती है।
इन एक्टर्स के नाम है अनोखा रिकॉर्ड, 1 साल में ही फिल्मों से कमाए 2000 करोड़, एक का नाम जान लगेगा झटका

नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में बॉक्स ऑफिस पर कमाई और रिकॉर्ड्स का बड़ा महत्व होता है। कई बड़े सितारे सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कमाई के रिकॉर्ड बनाने में भी अपने नाम दर्ज कराते हैं। 2023 में कुछ ऐसे ही सुपरस्टार्स हैं जिन्होंने एक साल में फिल्मों से 2000 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर दर्शकों को हैरान कर दिया। 1. शाहरुख खान: बॉक्स ऑफिस किंगइस लिस्ट में पहले नंबर पर हैं शाहरुख खान। साल 2023 में शाहरुख की तीन बड़ी फिल्में रिलीज़ हुईं – पठान, जवान और डंकी। तीनों फिल्में हिट रहीं और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 2685 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पठान: 1055 करोड़जवान: 1160 करोड़डंकी: 455-470 करोड़ शाहरुख की ये सफलता उनके फैन फॉलोइंग और शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है। बॉक्स ऑफिस पर उनकी फिल्मों का असर हमेशा ही रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा है। 2. अक्षय खन्ना: 2 फिल्मों में 2100 करोड़दूसरे नंबर पर हैं अक्षय खन्ना, जिन्होंने साल 2023 में दो फिल्में रिलीज़ कीं। छावा: 809 करोड़दिसंबर: 1300 करोड़ इन दोनों फिल्मों की मिलाकर अक्षय की वर्ल्डवाइड कमाई 2,109 करोड़ रुपये हुई। ये आंकड़ा दिखाता है कि अक्षय कुमार सिर्फ कॉमिक और एक्शन फिल्मों में ही नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर सुपरस्टार्स के मुकाम पर भी कायम हैं। 3. आमिर खान और दंगलहालांकि आमिर खान की दंगल ने भी बड़ा रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसका कलेक्शन दो साल में 2070 करोड़ रुपये था। पहले साल दंगल ने 716 करोड़ कमाए और बाद में बाकी की कमाई शामिल हुई। 4. प्रभास और अल्लू अर्जुन की धमाकेदार कमाईअक्षय के करीब हैं प्रभास और अल्लू अर्जुन, जिन्होंने साउथ फिल्मों में बॉक्स ऑफिस धमाका किया। बाहुबली 2 (प्रभास): 1788.60 करोड़पुष्पा 2 (अल्लू अर्जुन): 1742.10 करोड़सिर्फ दो साल में इन फिल्मों ने दर्शकों और निवेशकों दोनों का मन जीत लिया। साल 2023 बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के लिए कमाई और रिकॉर्ड्स का साल साबित हुआ। शाहरुख खान ने 2685 करोड़ की कमाई के साथ सबसे आगे बढ़कर साबित किया कि वे बॉक्स ऑफिस किंग हैं। अक्षय खन्ना ने भी दो फिल्मों में 2100 करोड़ रुपये कमाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। प्रभास और अल्लू अर्जुन ने साउथ फिल्मों के दम पर भी बड़े रिकॉर्ड बनाकर बॉक्स ऑफिस की ताकत दिखाई।
ईरान युद्ध थमने से क्रिप्टो मार्केट में तेजी…. 3 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचे Bitcoin के रेट

वाशिंगटन। ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-America War) में सीजफायर के बाद बिटकॉइन की कीमतें (Bitcoin Price) तीन हफ्ते के हाई पर पहुंच गई हैं। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग (New York Trading) में बिटकॉइन 5% चढ़कर 72,841 डॉलर तक पहुंच गया, जो 18 मार्च के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली। ईथर और अन्य क्रिप्टो में भी उछाल: तेजी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। ईथेरियम भी 7.5% उछलकर 2,273 डॉलर तक पहुंच गया। यानी पूरे क्रिप्टो मार्केट में निवेशकों का भरोसा लौटा है। सीजफायर से बाजार में आई राहतडोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले रोकने के फैसले ने ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव माहौल बना दिया। इसके बाद शेयर बाजारों में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 95 डॉलर से नीचे आ गईं। होर्मूज स्ट्रेट के फिर से खुलने की उम्मीद ने निवेशकों का डर कम किया, जिससे जोखिम वाले ऐसेट्स जैसे क्रिप्टो में खरीदारी बढ़ी। खतरा अभी बाकी: टूट सकता है ट्रेंडविशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह तेजी स्थायी नहीं भी हो सकती। अगर सीजफायर टूटता है, तो बिटकॉइन फिर से गिरकर 66,000 डॉलर तक जा सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन 60,000 से 75,000 डॉलर के बीच ही झूल रहा है। शॉर्ट सेलर्स को झटकातेजी ने उन ट्रेडर्स को नुकसान पहुंचाया, जो गिरावट पर दांव लगा रहे थे। डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन खत्म हो गईं। ब्लूमबर्ग ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि अगर कीमत 73,500 डॉलर के ऊपर टिकती है, तो बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक जा सकता है। ब्लॉकचेन डेटा के अनुसार, अभी स्पॉट मार्केट में मांग उतनी मजबूत नहीं है। हालांकि, यूएस में लिस्टेड स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में सोमवार को $471.3 मिलियन का नेट इनफ्लो हुआ। यह पिछले हफ़्ते के $22.3 मिलियन के इनफ्लो से काफी अधिक था। यह संस्थागत निवेशकों की वापसी का शुरुआती संकेत हो सकता है। राहत की रैली, पर नजर जरूरी:सीजफायर ने क्रिप्टो मार्केट को मजबूती दी है, लेकिन आगे की दिशा पूरी तरह जियो-पॉलिटिकल हालात और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में तेजी है, लेकिन जोखिम भी बरकरार है।
हिन्दी का साउथ में भी दबदबा…. कर्नाटक में 93% छात्रों ने तीसरी भाषा के रूप में किया चयन

नई दिल्ली। हिंदी भाषा (Hindi Language) को लेकर अकसर ही देश में एक वर्ग नॉर्थ बनाम साउथ की डिबेट (North vs. South debate) चलाता रहा है। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Chief Minister MK Stalin) तो कई बार केंद्र सरकार पर आरोप लगा चुके हैं कि हिंदी थोपने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन यह भी सच है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदी स्वाभाविक रूप से बड़ी आबादी द्वारा ना सिर्फ स्वीकार की जा रही है बल्कि उसके महत्व को समझते हुए सीखने के प्रयास भी हो रहे हैं। इसका उदाहरण कर्नाटक स्टेट बोर्ड के नतीजों ने भी प्रस्तुत किया है। कर्नाटक स्कूल बोर्ड के छात्रों में से कुल 93 फीसदी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने तीसरी भाषा के रूप में हिंदी का चयन किया। नई शिक्षा नीति के तहत त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया है। इसके अनुसार छात्र अंग्रेजी सीखेंगे। इसके अलावा एक स्थानीय भाषा वे अपने अनुसार चुन सकते हैं। फिर वे तीसरी भाषा के तौर पर अन्य किसी भी भाषा को स्वीकार कर सकते हैं। कर्नाटक में 93 फीसदी छात्रों ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में चुना है। कर्नाटक बोर्ड में कुल 8.1 लाख छात्रों ने तीसरी भाषा को चुना है और इनमें से 7.5 लाख लोगों ने हिंदी का ही विकल्प पसंद किया है। कोंकणी, मराठी, उर्दू, अरबी जैसी भाषाओं को भी कुछ छात्रों ने तीसरी भाषा के रूप में चुना है। इस आंकड़े ने हिंदी भाषा की लोकप्रियता को स्थापित किया है। हिंदी को लेकर अमित शाह ने जब कहा था कि यह देश की संपर्क भाषा है और इसका विस्तार जरूरी है तो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने विरोध किया था। उनका कहना था कि हिंदी को थोपा जा रहा है, जबकि देश में तमिल सबसे पुरानी भाषा है। तमिलनाडु के लोगों का मानना है कि उनकी भाषा दुनिया की सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है। त्रिभाषा नीति से विरोध खत्म करने की कोशिश, सबको मिलेगा महत्वत्रिभाषा नीति के जरिए सरकार ने इसी विरोधाभास को खत्म करने का प्रयास किया है। इसके अलावा भाषा के चलते पैदा होने वाले विवादों में भी इससे कमी आएगी। इस नीति के तहत सरकार ने हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही स्थानीय भाषाओं को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास किया है। ऐसे में यदि कर्नाटक में 93 फीसदी छात्रों ने हिंदी भाषा को तीसरे विकल्प के तौर पर चुना तो यह अच्छी खबर है। पहले जब होम मिनिस्टर अमित शाह ने हिंदी भाषा को लेकर बयान दिया था तो एमके स्टालिन ने आपत्ति जताई थी। हालांकि कुछ सर्वे दावा करते रहे हैं कि तमिलनाडु में भी हिंदी का तेजी से प्रसार हो रहा है।
राका के गहरे अर्थ और अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग से तैयार हो रही एक वैश्विक सिनेमाई पहचान..

नई दिल्ली: भारतीय फिल्म जगत के दो सबसे प्रभावशाली सितारों के बीच बढ़ते आपसी तालमेल ने मनोरंजन की दुनिया में एक नई हलचल पैदा कर दी है। बॉलीवुड के शीर्ष अभिनेता ने दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार की आगामी फिल्म के प्रति अपना विशेष समर्थन और उत्साह व्यक्त किया है। राका शीर्षक से बन रही इस फिल्म को लेकर जिस तरह की चर्चाएं गर्म हैं, उसने प्रशंसकों के बीच बेसब्री को चरम पर पहुंचा दिया है। एक प्रतिष्ठित मंच पर की गई इस सराहना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में भारतीय सिनेमा की सीमाएं पूरी तरह समाप्त होने वाली हैं और कला का एक वैश्विक स्वरूप सामने आने वाला है। राका शब्द का अर्थ और इसके पीछे का रहस्य फिल्म की सबसे आकर्षक कड़ी माना जा रहा है। सामान्यतः इसे पूर्ण चंद्रमा की आभा से जोड़ा जाता है, लेकिन फिल्म की कहानी में इसके संकेत एक शक्तिशाली और रहस्यमयी नायक की ओर इशारा करते हैं। इस परियोजना का निर्देशन एक ऐसे फिल्मकार कर रहे हैं जिन्होंने हाल के वर्षों में अपनी अनूठी शैली और भव्य प्रस्तुति से बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदल दिए हैं। फिल्म के बजट को लेकर जो जानकारी सामने आ रही है, वह इसे देश की सबसे महंगी और महत्वाकांक्षी फिल्मों की श्रेणी में खड़ा करती है। निर्माण कार्य में प्रयुक्त हो रही तकनीक और विशाल स्तर पर तैयार किए गए सेट इस बात का प्रमाण हैं कि दर्शकों को पर्दे पर एक अभूतपूर्व अनुभव मिलने वाला है। इस फिल्म के प्रति बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार द्वारा दिखाया गया उत्साह न केवल उनके उदार व्यक्तित्व को दर्शाता है, बल्कि यह फिल्म उद्योग में बढ़ते भाईचारे का भी प्रतीक है। फिल्म जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि जब उत्तर और दक्षिण की प्रतिभाएं इस स्तर पर एक-दूसरे का मनोबल बढ़ाती हैं, तो उसका सीधा लाभ फिल्म की पहुंच और उसकी सफलता को मिलता है। इस बड़े बजट की फिल्म की पटकथा को बहुत बारीकी से तैयार किया गया है, जिसमें उच्च स्तरीय एक्शन के साथ-साथ भावनाओं का भी गहरा पुट देखने को मिलेगा। फिल्म निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा है और विजुअल इफेक्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिनेमा के दीवानों के लिए यह फिल्म किसी बड़े उत्सव से कम नहीं होने वाली है। जिस तरह से प्रमुख कलाकारों ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी सकारात्मक राय रखी है, उससे फिल्म की साख में भारी इजाफा हुआ है। बड़े निवेश और बेहतरीन निर्देशन के संगम से तैयार हो रही यह फिल्म निश्चित रूप से आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए मानक स्थापित करेगी। फिलहाल सभी की निगाहें इस फिल्म की पहली झलक और इसकी रिलीज की तारीख पर टिकी हैं, क्योंकि यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। भारतीय सिनेमा के दो बड़े सितारों के बीच बढ़ते सहयोग और निर्देशक की भव्य बजट वाली फिल्म राका के अर्थ एवं उसकी तकनीकी विशेषताओं पर केंद्रित एक विशेष लेख।