महिला ने पुलिस को कहा कि पर्यटक स्थानीय रोज़ी‑रोटी का स्रोत हैं, लेकिन स्थिति प्रशासन द्वारा नियंत्रण में लाई गई।

नई दिल्ली। ऋषिकेश के गंगा किनारे एक हरियाणा की महिला पर्यटक और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी बहस का वीडियो वायरल हो गया है। यह घटना 6 अप्रैल को नीलकंठ मार्ग के फूलचट्टी क्षेत्र के पास हुई, जहां महिला को सार्वजनिक और पवित्र क्षेत्र में शराब पीते हुए रोका गया। वीडियो में दिखाई देता है कि जब पुलिसकर्मियों ने महिला को स्थानीय नियमों और पवित्रता बनाए रखने के आधार पर टोका, तो महिला ने नाराजगी जताई और पुलिस पर चिल्लाते हुए कहा कि ‘तुम्हारी रोज़ी‑रोटी हम पर्यटकों से चलती है।’ महिला ने यह भी कहा कि वह अपने पैसों से शराब पी रही है और पर्यटकों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। महिला का यह तर्क था कि पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा देता है और इसलिए उन्हें ऐसा करने से रोका नहीं जाना चाहिए। मामला तब और बढ़ गया जब महिला का रवैया आक्रामक होता चला गया। इस दौरान उसके पति ने बीच‑बचाव किया और महिला को वहां से ले गए, जिससे स्थिति शांत हुई। इस घटना के वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने महिला के व्यवहार की आलोचना की और कहा कि पर्यटन से रोजगार मिलता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि धार्मिक और पवित्र स्थलों पर मर्यादा का उल्लंघन किया जाए। ऋषिकेश एक आध्यात्मिक केंद्र है, जहां गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए कई इलाकों में शराब और मांसाहार पर सख्त पाबंदी है। घाटों और नदी किनारे प्रशासन और पुलिस द्वारा नियमित निगरानी की जाती है, ताकि धार्मिक और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। सोशल मीडिया पर इस घटना पर लोगों ने टिप्पणियों में कहा कि पर्यटक का पैसा स्वागत योग्य है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गंगा जैसे पवित्र स्थल को बार काउंटर समझा जाए। कई ने यह भी लिखा कि यात्रा के दौरान वहां की संस्कृति और भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य है।
ऑटो सेक्टर में झटका: हुंडई ने 1% तक कीमत बढ़ाने का किया ऐलान!

नई दिल्ली। देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor India Limited (एचएमआईएल) ने अपने ग्राहकों को झटका देते हुए कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने बताया कि 1 मई 2026 से उसकी गाड़ियों की कीमतों में अधिकतम 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर लागू होगी, यानी हर गाड़ी पर इसका असर अलग-अलग देखने को मिलेगा। लागत बढ़ने का असर, ग्राहकों पर डाला जाएगा आंशिक भारकंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में साफ किया है कि इनपुट लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। Hyundai Motor India Limited ने कहा कि वह हमेशा लागत बढ़ने के बावजूद कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश करती रही है, ताकि ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न पड़े। लेकिन अब परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया है। बिक्री के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शनकीमतें बढ़ाने के बावजूद कंपनी की बिक्री के आंकड़े मजबूत बने हुए हैं। मार्च 2026 में एचएमआईएल ने कुल 69,004 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले 2.5 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें घरेलू बिक्री 55,064 यूनिट्स रही, जो मार्च महीने के लिए अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और इसमें सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही और तिमाही में भी रिकॉर्ड प्रदर्शनजनवरी से मार्च 2026 के बीच कंपनी की कुल बिक्री 2,08,275 यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 8.7 प्रतिशत ज्यादा है। चौथी तिमाही में घरेलू बिक्री 1,66,578 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो कंपनी के इतिहास में किसी भी तिमाही का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह पिछले साल के मुकाबले 8.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। निर्यात में भी दिखी तेजीघरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात के मोर्चे पर भी कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। इस दौरान निर्यात 9.4 प्रतिशत बढ़कर 41,697 यूनिट्स तक पहुंच गया, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कंपनी की मजबूत पकड़ को दिखाता है। टाटा मोटर्स ने भी बढ़ाए दामऑटो सेक्टर में कीमतों में बढ़ोतरी का यह ट्रेंड सिर्फ हुंडई तक सीमित नहीं है। Tata Motors ने भी हाल ही में अपने पैसेंजर वाहनों की कीमतों में 0.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है। इसके अलावा कंपनी ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के एमडी और सीईओ Shailesh Chandra के मुताबिक, लगातार बढ़ती कमोडिटी और इनपुट लागत के कारण यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। आगे क्या होगा असर?विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो सेक्टर में बढ़ती लागत और सप्लाई चेन से जुड़े दबाव के चलते आने वाले समय में अन्य कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसका असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ सकता है, खासकर एंट्री-लेवल सेगमेंट में।
डॉलर के मुकाबले रुपया चढ़ा, कच्चे तेल की गिरती कीमतों का दिखा असर

नई दिल्ली। वैश्विक घटनाक्रमों के बीच भारतीय मुद्रा को बड़ी राहत मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के साथ अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सकारात्मक संकेत देखने को मिले, जिसका असर सीधे रुपये पर पड़ा। बुधवार को भारतीय रुपया लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ और डॉलर के मुकाबले 40 पैसे की बढ़त के साथ 92.61 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह 93 के आसपास बंद हुआ था। सीजफायर से घटा भू-राजनीतिक तनावअमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा ने बाजार में चल रही अनिश्चितता को काफी हद तक कम किया है। इस समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और सैन्य गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने की बात शामिल है। Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस फैसले की पुष्टि करते हुए अमेरिकी सेना को पीछे हटने के निर्देश भी दिए। इस कदम से निवेशकों के बीच भरोसा लौटा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावटसीजफायर का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। Brent Crude करीब 16 प्रतिशत यानी 17.39 डॉलर गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि WTI Crude लगभग 20 प्रतिशत यानी 21.90 डॉलर टूटकर 91.05 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत भरी खबर है, क्योंकि सस्ता कच्चा तेल आयात बिल को कम करता है और मुद्रा को मजबूती देता है। आरबीआई की नीतिगत स्थिरता भी बनी सहायकइस बीच Reserve Bank of India (आरबीआई) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा है, जिससे बाजार में स्थिरता का संदेश गया है। ब्याज दरों में बदलाव न होने से निवेशकों को स्पष्ट संकेत मिला कि फिलहाल मौद्रिक नीति संतुलित बनी रहेगी। सोना-चांदी में तेज उछालकमोडिटी बाजार में भी हलचल देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सोने का वायदा भाव 3,688 रुपए (2.7%) उछलकर 1,54,934 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं चांदी का वायदा भाव 6 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 2,46,376 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। आगे क्या रहेगा रुख?विश्लेषकों का मानना है कि रुपये की यह मजबूती फिलहाल वैश्विक संकेतों पर निर्भर है। अगर सीजफायर लंबे समय तक कायम रहता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य बनी रहती है, तो रुपये को और समर्थन मिल सकता है। हालांकि, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव को देखते हुए अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
इंदौर जमीन केस: सूरज रजक का आरोप, रेमन का परिवार एकतरफा FIR कराने में शामिल

इंदौर। शहर में एक विवाद ने नया मोड़ लिया है जहां कारोबारी और क्रिकेट टीम मालिक सूरज रजक ने रेमन कक्कर और उनके परिवार पर जमीन को लेकर FIR दर्ज कराने के आरोपों का जवाब दिया है। सूरज रजक का कहना है कि उक्त जमीन के सौदे में परिवार ने उन्हें 50 लाख रुपये सालाना किराए पर देने की सहमति दी थी और उनके दोनों भाई उनकी मां और पत्नी भी इस डील के गवाह थे। सूरज ने कहा कि एफआईआर करने से पहले मेरा पक्ष नहीं सुना गया और यह एकतरफा एफआईआर दर्ज की गई। सूरज रजक ने बताया कि जमीन पर कब्जे का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि यह पूरा परिवार पहले भी जमीन के विवादों में शामिल रहा है और कई मामलों में पैसे हड़पने के आरोपों पर कोर्ट में केस चल रहे हैं। सूरज के अनुसार परिवार ने पहले किसी और के साथ जमीन का सौदा किया और उसके पैसे हड़प लिए। उन्होंने कहा कि जमीन पर कब्जा करने का कोई इरादा नहीं था बल्कि परिवार की सहमति से काम शुरू किया गया। सूरज ने दैनिक भास्कर को चैटिंग और बातचीत की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने खुद उन्हें जमीन दिखाने के लिए ले जाया। जमीन देखने के बाद उन्होंने नक्शा बनाने के लिए कहा। नक्शा तैयार होने के बाद सूरज ने इसे परिवार को भेजा और काम शुरू किया। तभी अचानक रेमन कक्कर ने एफआईआर दर्ज करवा दी जो उनके परिवार के आपसी विवाद का हिस्सा है। सूरज ने कहा कि रेमन के पति ने भी उनसे कहा कि बंटी सलूजा से बात कर लें। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रेमन की मां से मुलाकात की तो उन्होंने जमीन बेचने की इच्छा जाहिर की। सूरज ने आरोप लगाया कि रेमन मानसिक रूप से अस्थिर हैं और उनका परिवार पहले भी कई लोगों से करोड़ों रुपए हड़प चुका है। उन्होंने कहा कि आज भी उक्त जमीन पर नगर निगम का कुर्की बोर्ड लगा हुआ है। सूरज ने आगे बताया कि FIR की जानकारी उन्हें रात को मीडिया के माध्यम से मिली। उनका कहना है कि पुलिस को FIR दर्ज करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पता होता कि रेमन की सहमति नहीं है तो वे जमीन पर काम ही नहीं करते। इस मामले में रेमन के भाई रणधीर सलूजा और उनका परिवार सूरज रजक के आरोपों को खारिज कर रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी कोई सहमति नहीं दी और उनका कोई संपर्क नहीं था। परिवार का कहना है कि यह पूरी कहानी झूठ पर आधारित है और FIR करने का निर्णय कानूनी रूप से सही था। यह विवाद इंदौर में जमीन के सौदों परिवारिक मतभेद और सरकारी जमीन के मसलों को लेकर उत्पन्न हुआ है। सूरज रजक का दावा है कि उनके खिलाफ आरोप झूठे हैं और परिवार ने उन्हें जमीन के उपयोग की अनुमति दी थी। वहीं रेमन और उनका परिवार इस दावे को पूरी तरह खारिज करता है। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्णय से ही सच्चाई सामने आएगी।
पीएम मुद्रा योजना के 11 साल: 57.79 करोड़ लोन, 40 लाख करोड़ से ज्यादा का वितरण

नई दिल्ली। देश में छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों के लिए शुरू की गई Pradhan Mantri Mudra Yojana (पीएमएमवाई) ने 11 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान योजना ने वित्तीय समावेशन की दिशा में बड़ा बदलाव लाया है। सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 57.79 करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनके जरिए 40 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि छोटे व्यवसायों को सशक्त बनाने में इस योजना की भूमिका कितनी अहम रही है। 2015 में हुई थी शुरुआत, ‘फंडिंग द अनफंडेड’ था लक्ष्यइस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत साल 2015 में Narendra Modi ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को बिना गारंटी के लोन उपलब्ध कराना था, जो पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम से बाहर रह जाते थे। योजना के तहत छोटे गैर-कॉरपोरेट और गैर-कृषि व्यवसायों को 20 लाख रुपए तक का कर्ज दिया जाता है, जिससे वे अपना कारोबार शुरू या विस्तार कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में आया बड़ा बदलावकेंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा कि पीएम मुद्रा योजना ने एमएसएमई और छोटे उद्यमियों के लिए क्रेडिट सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया है। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में देश में एक “शांत क्रांति” देखने को मिली है, जहां करोड़ों लोगों ने आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय शुरू किया और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। महिलाओं और नए उद्यमियों को मिला बड़ा लाभसरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को मिला है। कुल लोन में लगभग दो-तिहाई हिस्सा महिलाओं को दिया गया है, जबकि करीब 20 प्रतिशत लोन ऐसे लोगों को मिला है जिन्होंने पहली बार अपना व्यवसाय शुरू किया। नए उद्यमियों को ही करीब 12.15 करोड़ लोन दिए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 12 लाख करोड़ रुपए है। वंचित वर्गों के लिए बना सहारावित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने बताया कि यह योजना सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी बड़ी राहत साबित हुई है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों को इससे बड़े पैमाने पर लाभ मिला है, जो कुल लाभार्थियों का करीब 51 प्रतिशत हैं। वहीं महिलाओं की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा संकेत है। चार श्रेणियों में मिलता है लोनपीएम मुद्रा योजना के तहत लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार चार कैटेगरी बनाई गई हैं— शिशु: 50,000 रुपए तककिशोर: 50,000 से 5 लाख रुपएतरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपएतरुण प्लस: 10 लाख से 20 लाख रुपए इन श्रेणियों के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग, सर्विस सेक्टर और कृषि से जुड़े कार्यों के लिए टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराया जाता है। विकसित भारत के लक्ष्य में अहम योगदानसरकार का मानना है कि Pradhan Mantri Mudra Yojana आने वाले समय में भी उद्यमिता को बढ़ावा देती रहेगी और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह योजना न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही है, बल्कि लाखों लोगों को आत्मनिर्भर बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी, राज्य में सुरक्षा और निवारक संदेश मजबूत।

नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग अभियान को और तेज कर दिया है। राज्य भर में चलाए जा रहे समन्वित ऑपरेशन का उद्देश्य संगठित अपराध, नार्को-सिंडिकेट और उनके सहयोगियों को पूरी तरह तोड़ना है। 20 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच पंजाब पुलिस ने 44,787 छापे मारे, जिनके परिणामस्वरूप 14,894 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 14,561 वांछित अपराधी और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े 333 सहयोगी शामिल हैं। साथ ही 714 ऐसे अपराधी भी पकड़े गए जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। इस अभियान के तहत 7,494 लोगों को प्रिवेंटिव हिरासत में रखा गया, जिनमें 7,210 वांछित और 284 सहयोगी शामिल हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार जब्त किए हैं, जिनमें 301 बंदूकें, 125 धारदार हथियार, 921 राउंड गोला-बारूद, 81 मैगज़ीन, 2.5 किलोग्राम विस्फोटक और छह हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अलावा, आपराधिक नेटवर्क की लॉजिस्टिक क्षमताओं को कमजोर करने के लिए 4,070 मोबाइल फोन, 548 वाहन और 10 ड्रोन जब्त किए गए। नकदी और आभूषण के रूप में 45.6 लाख रुपये और 262 ग्राम सोना भी बरामद हुआ। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभियान प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई से आगे बढ़कर सक्रिय और व्यवस्थित निवारक रणनीति का हिस्सा है। इसका लक्ष्य केवल गैंगस्टरों की गिरफ्तारी नहीं बल्कि उनके वित्तीय चैनल, संचार नेटवर्क और आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी निशाना बनाना है। इसके जरिए पंजाब में अपराध की जड़ तक पहुंच कर नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कोई भी आपराधिक नेटवर्क बिना दंड के काम नहीं करेगा। इस अभियान की निरंतरता और तीव्रता गैंगस्टरों और ड्रग सिंडिकेट को प्रभावी रूप से कमजोर कर रही है। पंजाब पुलिस इस अभियान को तब तक जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है जब तक कि राज्य से संगठित अपराध की जड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन ने राज्य में अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत निवारक संदेश भेजा है और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इससे पंजाब में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
Budhwar Ka Vrat: गणेश जी की कृपा पाने के लिए अपनाएं सही नियम!

नई दिल्ली। सनातन परंपरा में देवी-देवताओं की कृपा पाने के लिए पूजा के साथ-साथ व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है बुधवार का व्रत, जो Lord Ganesha और Budh Dev को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विधि-विधान से यह व्रत करता है, उसे बुद्धि, विवेक, सफलता और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। खासकर करियर और कारोबार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए यह व्रत अत्यंत प्रभावी माना जाता है। कब से शुरू करें बुधवार का व्रतधार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार का व्रत किसी भी हिंदी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से शुरू करना शुभ होता है। यदि इस दिन बुध का नक्षत्र भी पड़ जाए तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। आमतौर पर यह व्रत 21 या 45 बुधवार तक किया जाता है। यदि किसी कारणवश व्रत बीच में छूट जाए, तो उसे बाद में पूरा करते हुए सही विधि से उद्यापन करना चाहिए। व्रत की विधि और पूजा का तरीकाबुधवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान और ध्यान करने के बाद Lord Ganesha और Budh Dev की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व होता है, इसलिए हरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। गणेश जी को 21 गांठों वाली दूर्वा अर्पित करने से विशेष फल मिलता है। वहीं बुध देव को हरे वस्त्र, हरी मूंग या अन्य हरी वस्तुएं अर्पित की जाती हैं। पूजा के दौरान उनके मंत्रों का जप करना और अंत में आरती करना जरूरी माना गया है। बुधवार व्रत का धार्मिक महत्वधार्मिक मान्यता है कि यह व्रत करने से साधक को बुद्धि, विद्या, विवेक और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है। Lord Ganesha विघ्नहर्ता माने जाते हैं, इसलिए उनकी कृपा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। वहीं Budh Dev की कृपा से व्यक्ति की वाणी, तर्कशक्ति और व्यापारिक समझ मजबूत होती है। इस व्रत से करियर और व्यवसाय में सफलता मिलने की भी मान्यता है। उद्यापन कैसे करेंजब व्रत की निर्धारित संख्या पूरी हो जाए, तो उसका विधि-विधान से उद्यापन करना चाहिए। उद्यापन के दिन प्रातः स्नान-ध्यान के बाद पूजा करें। मान्यता के अनुसार इस दिन बुध देव के मंत्र का कम से कम 19000 बार जप किया जाता है और अपामार्ग की लकड़ी से हवन किया जाता है। इसके बाद Lord Ganesha और Budh Dev की पूजा, कथा और आरती की जाती है। अंत में अपनी क्षमता अनुसार हरी वस्तुओं, अनाज या वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। व्रत से जुड़ी सावधानियांव्रत के दौरान शुद्धता और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। कड़वे या तामसिक भोजन से बचना चाहिए और मन में सकारात्मक भाव रखना चाहिए।
स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के प्रेरक बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन्दे मातरम् के रचयिता महान साहित्यकार और राष्ट्रप्रेमी स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। डॉ. यादव ने कहा कि स्व. चट्टोपाध्याय ने अपने साहित्य और व्यक्तित्व के माध्यम से राष्ट्र की चेतना को जगाया और स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारियों का मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वन्दे मातरम् का महामंत्र आज भी देशवासियों को एकता प्रेरणा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक नहीं रहा बल्कि आज विकसित भारत के निर्माण में भी नई दिशा और शक्ति प्रदान कर रहा है। डॉ. यादव ने स्व. बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व को अनुकरणीय बताया और कहा कि उनका योगदान देश और समाज की समृद्धि के लिए सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि साहित्य और संस्कृति में रचे गए अमूल्य योगदान को याद रखें और अपने जीवन में राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव को अपनाएँ। इस अवसर पर राज्यभर में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित कर उनकी साहित्यिक और राष्ट्रीय धरोहर को सम्मानित किया गया।
शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है लौकी, गर्मियों में जरूर करें डाइट में शामिल!

नई दिल्ली। भारतीय रसोई में कई ऐसी सब्जियां मौजूद हैं, जिन्हें हम अक्सर साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। Lauki (लौकी) भी उन्हीं में से एक है। भले ही इसका स्वाद हर किसी को पसंद न आए, लेकिन सेहत के लिहाज से यह किसी वरदान से कम नहीं है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में यह शरीर को ठंडक देने, हाइड्रेट रखने और अंदर से संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सही मात्रा और सही तरीके से इसका सेवन शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकता है। वजन घटाने में कारगरअगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लौकी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक और कैलोरी बेहद कम होती है। इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है, जिससे ओवरईटिंग की संभावना कम हो जाती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती। सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होने की बात भी कई शोधों में सामने आई है। पाचन तंत्र को बनाती है मजबूतलौकी पाचन के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों में पानी को सोखकर मल को नरम बनाता है, जिससे कब्ज की समस्या कम होती है। इसकी ठंडी तासीर पेट की जलन और एसिडिटी को शांत करने में मदद करती है। नियमित सेवन से गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम हो सकती हैं और पाचन तंत्र सुचारू रूप से काम करता है। दिल की सेहत के लिए लाभकारी लौकी में पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जब ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है, तो दिल पर दबाव कम पड़ता है। इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा घटता है। ब्लड शुगर को रखे नियंत्रितडायबिटीज के मरीजों के लिए भी लौकी एक अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकती है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यानी यह खून में शुगर लेवल को तेजी से नहीं बढ़ाती। साथ ही फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंदलौकी में विटामिन C, जिंक और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। यह शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखती है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और वह ग्लोइंग दिखती है। साथ ही यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर हेयर फॉल को कम करने में मदद करती है। शरीर को करती है डिटॉक्सलौकी का नियमित सेवन शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इसमें मौजूद पानी और प्राकृतिक यौगिक शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को तेज करते हैं। यह लिवर और किडनी के कार्य को सपोर्ट करती है, जिससे शरीर की सफाई बेहतर होती है। गर्मियों में लौकी का जूस पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है और थकान भी कम महसूस होती है। सही तरीके से करें सेवनहालांकि लौकी बेहद फायदेमंद है, लेकिन इसका सेवन हमेशा ताजी और कड़वाहट रहित सब्जी के रूप में ही करना चाहिए। कड़वी लौकी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है, इसलिए इसका जूस या सब्जी बनाने से पहले स्वाद जरूर जांच लें।
पंजाब और उत्तर प्रदेश में लगातार बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलें व्यापक स्तर पर भारी प्रभावित हुईं,

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर रबी की मुख्य फसल गेहूं को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खेतों में जलभराव की स्थिति बन चुकी है, जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर के खरड़ इलाके में लगातार हो रही बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय किसानों ने बताया कि उनके खेतों में जलभराव की वजह से 10 से 12 एकड़ फसल प्रभावित हो चुकी है और यदि बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। संगरूर के किसानों का कहना है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण करीब 70 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। जमीन लीज पर लेने वाले किसानों के लिए यह स्थिति और भी गंभीर है क्योंकि फसल बर्बाद होने के बावजूद उन्हें जमीन का किराया देना पड़ रहा है। बरनाला में भी ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान हरदीप सिंह ने बताया कि बहुत बड़ा नुकसान हुआ है, वहीं लखबीर सिंह ने कहा कि फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और स्थिति बेहद चिंताजनक है। किसानों का कहना है कि बिना किसी मदद के वे इस नुकसान की भरपाई नहीं कर पाएंगे और सरकार से त्वरित मुआवजे की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचा दी है। यहां खड़ी फसलें गिर गई हैं और कट चुकी फसल भी पानी में भीगकर खराब हो गई है। एक किसान ने बताया कि उसकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, साथ ही सरसों की फसल भी नष्ट हो गई है। अन्य किसानों ने कहा कि सारी फसलें पानी में गिरकर खराब हो गई हैं और यदि सरकार से कोई सहायता मिलती है तो उन्हें कुछ राहत मिल सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। किसान आर्थिक दबाव में हैं और कई परिवार कर्ज में डूबने की स्थिति में हैं। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकारों से किसानों को त्वरित मुआवजा देने और राहत कार्यों को शीघ्र प्रभावी बनाने की अपील की जा रही है।