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यशस्वी जायसवाल बोले- टीम की जरूरत के मुताबिक खेलता हूं, नए शॉट्स पर लगातार का

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के 13वें मुकाबले में Rajasthan Royals ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Mumbai Indians को 27 रन से हराया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बारिश के चलते मैच को 11-11 ओवर का कर दिया गया था, लेकिन इस छोटे प्रारूप में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने मुंबई पर पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टीम की जीत के हीरो रहे युवा सलामी बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal, जिन्हें उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पावरप्ले में ही तय कर ली थी रणनीतिमैच के बाद जायसवाल ने अपनी पारी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि छोटा मैच होने के कारण पावरप्ले बेहद अहम था। “पावरप्ले सिर्फ 3 ओवर का था, इसलिए मैंने पहले ही तय कर लिया था कि किस गेंदबाज को निशाना बनाना है। जब Deepak Chahar पहला ओवर लेकर आए, तो मैंने उन्हें अटैक करने का प्लान बनाया। इसके बाद वैभव ने Jasprit Bumrah पर दबाव बनाया, जिससे हमें तेजी से रन बनाने में मदद मिली,” जायसवाल ने कहा। लगातार नए शॉट्स पर काम, यही सफलता का राजजायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी के पीछे की सोच भी साझा की। उन्होंने कहा कि वह हर मैच में पूरी तरह फोकस रहते हैं और लगातार नए शॉट्स पर काम करते हैं। “मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किस गेंदबाज के खिलाफ कौन सा शॉट खेलना है। अलग-अलग पिचों के हिसाब से खुद को ढालने की कोशिश करता हूं। अगर किसी खास समय पर अलग शॉट की जरूरत होती है, तो मैं बिना झिझक उसे खेलने की कोशिश करता हूं। मेरा मकसद सिर्फ टीम की जरूरत के मुताबिक खेलना होता है,” उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा। वैभव सूर्यवंशी के साथ शानदार तालमेलजायसवाल ने अपने ओपनिंग पार्टनर Vaibhav Suryavanshi की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “वह बेहतरीन खिलाड़ी है और काफी मेहनत कर रहा है। हम दोनों के बीच अच्छी बातचीत होती है और हम एक-दूसरे को सकारात्मक बनाए रखते हैं। मैं उसे ज्यादा सलाह नहीं देता, क्योंकि वह खुद समझदार है और खेल को अच्छे से समझता है।” विस्फोटक ओपनिंग से खड़ा किया बड़ा स्कोरमैच में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन राजस्थान के ओपनर्स ने इस फैसले को गलत साबित कर दिया। जायसवाल और वैभव ने तेज शुरुआत देते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वैभव सूर्यवंशी ने 14 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें 5 छक्के और 1 चौका शामिल था। वहीं जायसवाल ने 32 गेंदों में 77 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत राजस्थान ने 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। मुंबई की बल्लेबाजी फिर रही फ्लॉप151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम कभी मुकाबले में नजर नहीं आई। बल्लेबाजी क्रम लगातार दबाव में रहा और टीम 11 ओवर में 9 विकेट खोकर 123 रन ही बना सकी। राजस्थान की ओर से Jofra Archer और Tushar Deshpande ने 1-1 विकेट लिया, जबकि Nandre Burger, Sandeep Sharma और Ravi Bishnoi ने 2-2 विकेट झटके। जीत के साथ मजबूत हुई राजस्थान की दावेदारीइस शानदार जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। वहीं मुंबई इंडियंस की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

ईरान युद्ध के बीच दिल्ली के पास आ रहा ढाका; बांग्लादेशी मंत्री संग डोभाल की डिनर डिप्लोमेसी

नई दिल्‍ली। मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल और अमरिका की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी है। इस बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत पहुंच चुके हैं। भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई शुरुआत और आपसी विश्वास बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ढाका के विदेश मंत्री डॉ खलीलुर रहमान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात डिनर टेबल पर होगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने, हाल के दिनों में उत्पन्न तनाव को दूर करने और साझा हितों पर आधारित स्थिर तथा दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। यह मुलाकात प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार द्वारा दोनों देशों के बीच ‘नए रिश्ते’ की नींव रखने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस उच्चस्तरीय बैठक में सीमा प्रबंधन, व्यापार, सुरक्षा सहयोग और जल संसाधनों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। मोहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके अनुभवी राजनयिक खलीलुर रहमान फरवरी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की भारी जीत के बाद भारत आने वाले पहले वरिष्ठ मंत्री हैं। उनके साथ प्रधानमंत्री तारिक रहमान के करीबी सलाहकार हुमायून कबीर भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत करने में एनएसए डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात पिछले कुछ समय में उत्पन्न तनाव को दूर कर संबंधों को फिर से पटरी पर लाने का अवसर होगी। इनसे भी मिलेंगे बांग्लादेशी मंत्री बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि विदेश मंत्री रहमान अपनी भारतीय समकक्षों, जिनमें एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हैं, से मुलाकातों के दौरान ‘गरिमा, आपसी विश्वास, सम्मान और साझा हितों पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों की स्थिरता तथा निरंतर विकास’ पर जोर देंगे। बयान में उम्मीद जताई गई है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को अधिक फलदायी और टिकाऊ बनाने के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रहमान बुधवार को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात करेंगे। पुरी के साथ बैठक खासतौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ढाका ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष से उत्पन्न ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त ईंधन, खासकर डीजल की आपूर्ति की मांग की है। इन मुद्दों पर चर्चा संभव सूत्रों का कहना है कि चर्चा के प्रमुख मुद्दों में भारतीय वीजा प्रतिबंधों में ढील (खासकर पर्यटकों और व्यापारियों के लिए), 2025 में संबंधों में आई गिरावट के बाद बंद किए गए भारतीय भूमि और समुद्री बंदरगाहों तक पहुंच बहाल करना, दिसंबर में समाप्त हो रही गंगा जल संधि के नवीनीकरण में तेजी लाना और सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों पर भारतीय सीमा सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी शामिल हैं। वहीं, भारतीय पक्ष का कहना है कि सीमा रक्षक तस्करों और आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि बांग्लादेशी पक्ष घातक बल के बजाय ऐसे व्यक्तियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की वकालत करता है। बता दें कि रहमान की यात्रा से पहले भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने सोमवार को ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की। उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर बताया कि बैठक में दोनों देशों की राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप जन-केंद्रित सहयोग पर जोर दिया गया। वर्मा ने कहा कि भारत बांग्लादेश सरकार और लोगों के साथ ‘पारस्परिक हित और लाभ पर आधारित सकारात्मक, रचनात्मक तथा दूरदर्शी दृष्टिकोण’ अपनाते हुए काम करने का इरादा रखता है।

मुंबई इंडियंस के लिए बाहर के मैदान बने बुरा सपना, आंकड़े कर रहे हैरान

नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग में Mumbai Indians और Chennai Super Kings जैसी दिग्गज टीमें हमेशा से अपनी बादशाहत के लिए जानी जाती रही हैं। दोनों के नाम 5-5 खिताब दर्ज हैं, लेकिन मौजूदा समय में इन टीमों का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। खासकर मुंबई इंडियंस के लिए हालात ज्यादा चिंताजनक नजर आ रहे हैं। आईपीएल 2023 के बाद से टीम का विपक्षी टीमों के घरेलू मैदानों पर प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दूसरे मैदान अब मुंबई के लिए ‘बुरा सपना’ बन चुके हैं, जहां टीम लगातार संघर्ष करती दिख रही है और जीत हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। गुवाहाटी में राजस्थान ने दिखाया दम, मुंबई फिर रही बेबसआईपीएल 2026 में मंगलवार को Rajasthan Royals के खिलाफ खेले गए मुकाबले ने मुंबई इंडियंस की कमजोरी को एक बार फिर उजागर कर दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में बारिश के कारण मैच 11-11 ओवर का कर दिया गया, लेकिन हालात में बदलाव नहीं आया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 3 विकेट पर 150 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की जीत के हीरो रहे Yashasvi Jaiswal, जिन्होंने 32 गेंदों पर नाबाद 77 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनके साथ Vaibhav Suryavanshi ने भी 14 गेंदों में 39 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जवाब में मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और पूरी टीम 9 विकेट पर 123 रन ही बना सकी, जिससे उसे 27 रन की हार का सामना करना पड़ा। 25 मैचों में सिर्फ 9 जीत, जीत प्रतिशत बेहद खराबअगर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और भी गंभीर नजर आती है। आईपीएल 2023 से लेकर 7 अप्रैल 2026 तक मुंबई इंडियंस ने विपक्षी टीमों के घरेलू मैदानों पर कुल 25 मुकाबले खेले हैं। इनमें से 16 मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा है, जबकि सिर्फ 9 मुकाबलों में ही जीत मिली है। इस दौरान टीम का जीत प्रतिशत महज 36% रहा है, जो लीग की अन्य टीमों की तुलना में काफी खराब है। यह आंकड़ा बताता है कि मुंबई इंडियंस अपने घर से बाहर खेलते समय रणनीति, संतुलन और आत्मविश्वास—तीनों मोर्चों पर कमजोर पड़ रही है। IPL 2026 में भी जारी खराब फॉर्मआईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में भी मुंबई इंडियंस की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं दिख रही है। टीम ने अब तक 3 मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 2 में उसे हार झेलनी पड़ी है। एकमात्र जीत उसे Kolkata Knight Riders के खिलाफ अपने घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में मिली। इसके अलावा Delhi Capitals के खिलाफ अरुण जेटली स्टेडियम और राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में टीम को हार का सामना करना पड़ा। अंकतालिका में मुंबई इंडियंस फिलहाल सातवें स्थान पर बनी हुई है, जो टीम के प्रदर्शन की कहानी खुद बयां करती है। क्या वापसी कर पाएगी मुंबई इंडियंस?मुंबई इंडियंस के पास अनुभव और प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन लगातार मिल रही हार ने टीम के आत्मविश्वास पर असर डाला है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या टीम इस खराब दौर से उबरकर वापसी कर पाएगी या फिर इस सीजन में भी संघर्ष जारी रहेगा। आने वाले मुकाबले मुंबई के लिए बेहद अहम होंगे, जहां उन्हें खासतौर पर विपक्षी मैदानों पर अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा।

ज़िंदगी से हारी उम्मीदें: ग्वालियर के सागरताल में भाई-बहनों का आत्मघाती कदम, अस्पताल में पसरा मातम

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। शहर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सागरताल तालाब उस समय चीख-पुकार और दहशत का केंद्र बन गया, जब एक ही परिवार के तीन भाई-बहनों ने एक साथ मौत को गले लगाने के इरादे से पानी में छलांग लगा दी। “सामूहिक आत्महत्या” के इस खौफनाक प्रयास ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त जब सामान्य हलचल जारी थी, तभी इन तीनों ने बिना किसी हिचकिचाहट के गहरे पानी में छलांग लगा दी। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा, उन्होंने बिना समय गवाए साहस का परिचय देते हुए बचाव कार्य शुरू किया। लोगों की मुस्तैदी और शोर-शराबे के बीच तीनों को पानी से बाहर निकाला गया और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुँचा और गंभीर अवस्था में तीनों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, नियति को कुछ और ही मंजूर था अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने एक भाई को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक भाई और एक बहन का उपचार अभी भी जारी है। इस पूरी घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू अस्पताल और घर के बीच का वह दृश्य रहा, जब होश में आने के बाद एक भाई के शब्द सुनकर पुलिसकर्मी और परिजन सन्न रह गए। उसने रुंधे गले और आक्रोश के साथ कहा, हमें क्यों बचाया? हम तो मरने ही गए थे। यह बयान इस बात की तस्दीक करता है कि उनके मन में जीवन के प्रति इस कदर निराशा भर चुकी थी कि उन्हें बचाने वालों का प्रयास भी अखरने लगा। फिलहाल, पुलिस प्रशासन और तफ्तीश में जुटी टीमें इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं कि आखिर वह क्या वजह थी जिसने तीन सगे भाई-बहनों को मौत के इस भयानक रास्ते पर ढकेल दिया। क्या यह किसी पारिवारिक कलह का नतीजा है आर्थिक तंगी का दबाव है या फिर कोई गहरा मानसिक अवसाद? इन सवालों के जवाब अभी तक गर्भ में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए भाई-बहनों की हालत स्थिर होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे जिससे इस डेथ जम्प के पीछे की असली कहानी सामने आ सकेगी। फिलहाल, पूरा ग्वालियर इस घटना से स्तब्ध है और अस्पताल के गलियारों में परिजनों का विलाप गूँज रहा है। यह घटना समाज के सामने एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है कि आखिर क्यों युवा पीढ़ी इतनी जल्दी जीवन की जंग हारकर मौत को गले लगाने को तैयार हो रही है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान से टकराया कैटरिंग ट्रक, उड़ान से पहले हादसा; जांच शुरू

कोलकाता। इंडिगो के एक पार्क किए गए विमान को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मंगलवार को हादसे का सामना करना पड़ा, जब एक कैटरिंग ट्रक विमान के इंजन से टकरा गया। टक्कर से विमान को मामूली नुकसान पहुंचा, हालांकि घटना के समय विमान खाली खड़ा था। बे नंबर 51 पर हुआ हादसा प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के बे नंबर 51 पर खड़ा विमान उस समय ऑपरेशन में नहीं था। इसी दौरान कैटरिंग वाहन स्टार्ट करते वक्त अचानक आगे बढ़ गया और सीधे इंजन से जा टकराया। घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत स्थिति संभाल ली। कोई हताहत नहीं हादसे में किसी यात्री या स्टाफ के घायल होने की सूचना नहीं है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। इंडिगो का बयान इंडिगो ने कहा कि 7 अप्रैल को एप्रन पर चल रहा थर्ड-पार्टी मानव रहित वाहन खड़े विमान से टकरा गया। विमान को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है और विस्तृत जांच व मरम्मत के बाद ही दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी। यह विमान कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट 6E 6663 के रूप में संचालित होने वाला था। एयरलाइन ने यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था कर दी है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में किया महत्वपूर्ण योगदान।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे होने के अवसर पर इस योजना को देश की युवा और नारी शक्ति के लिए क्रांतिकारी बताया है। 8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य देश के बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना ने न केवल नए उद्यमियों को सशक्त किया है, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक समावेशन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि मुद्रा योजना की सफलता का रहस्य इसकी सुलभता और वित्तीय समावेशन में निहित है। बिना गिरवी के ऋण उपलब्ध कराकर इसने अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता कम की है और जमीनी स्तर पर ऋण अनुशासन को मजबूत किया है। योजना के माध्यम से पहली बार उद्यमिता की ओर बढ़ने वाले लोग, विशेषकर महिलाएं और वंचित समुदाय, अब अपने छोटे व्यवसाय शुरू कर रहे हैं। इससे सूक्ष्म व्यवसायों का विकास हुआ है और धीरे-धीरे ये अनौपचारिक उद्यम भारत की औपचारिक आर्थिक संरचना का हिस्सा बन रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना ने युवा शक्ति और नारी शक्ति पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह योजना अवसर सुलभ करने, नई पहलों को प्रोत्साहित करने और हर सपने को साकार करने के लिए समर्थन देने वाली आर्थिक सोच की मिसाल है। बीते 11 वर्षों में इस योजना ने करोड़ों युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाया है और देश में रोजगार सृजन की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुद्रा योजना के अंतर्गत अब तक कुल 52.37 करोड़ खाते खोले गए हैं और लगभग 33.65 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी का लोन प्रदान किया गया है। लाभार्थियों में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबकि कुल लाभार्थियों में 50 प्रतिशत एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं। यह आंकड़े इस योजना की व्यापक पहुंच और समाज के हर वर्ग में आर्थिक सशक्तिकरण की सफलता को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना ने बेरोजगार युवाओं को जॉब सीकर्स की भूमिका से जॉब क्रिएटर्स की दिशा में आगे बढ़ाया है। छोटे ऋण और स्थानीय विचारों के जरिए युवा उद्यमियों ने अपने व्यवसाय शुरू किए हैं और आर्थिक परिवर्तन की नींव मजबूत की है। इससे छोटे उद्यमों का विकास हुआ है, स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और देश की अर्थव्यवस्था की जमीनी संरचना मजबूत हुई है। मुद्रा योजना ने महिलाओं और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। इससे न केवल आर्थिक रूप से उनका सशक्तिकरण हुआ है, बल्कि समाज में उनके महत्व और नेतृत्व की भावना भी बढ़ी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना ने चुपचाप भारत की अर्थव्यवस्था की नींव को नया आकार दिया है और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है।

बिहार मॉडल पर काम; बंगाल में 15 दिनों तक क्या-क्या करेंगे अमित शाह?

कोलकाता पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के रणनीतिकार अमित शाह ने पिछले सप्ताह भवानीपुर में एक बड़ी चुनावी रैली के दौरान घोषणा की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान लगातार 15 दिनों तक बंगाल में ही प्रवास करेंगे। वहीं, शुभेंदु अधिकारी की नामांकन रैली के दौरान शाह ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा इस बार 294 सीटों वाली विधानसभा में 175 से अधिक सीटें जीतकर एक ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। अमित शाह का यह ऐलान भवानीपुर की धरती से आया, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपना निर्वाचन क्षेत्र है। भाजपा ने यहां ममता बनर्जी के कट्टर प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी को मैदान में उतारा है। शाह ने इस मुकाबले को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “अगर भवानीपुर की जनता भाजपा को यहां जीत दिलाती है, तो बंगाल में सत्ता परिवर्तन अपने आप हो जाएगा। यह ममता दीदी की विदाई का सबसे छोटा रास्ता (शॉर्टकट) होगा।” गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी ने पिछले चुनाव में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को पराजित किया था। इस बार भाजपा ने उन्हें नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों ही हाई-प्रोफाइल सीटों से मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। कैसा होगा अमित शाह का 15 दिनों का कैंप प्लान? सूत्रों के अनुसार, अमित शाह का यह 15 दिवसीय प्रवास केवल रैलियों तक सीमित नहीं रहेगा। वे माइक्रो-मैनेजमेंट के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रातें बिताएंगे और वॉर रूम से चुनावी कमान संभालेंगे। अमित शाह सिलीगुड़ी और बालुरघाट जैसे क्षेत्रों में रुकेंगे, जहां 2019 के बाद से भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा है। वे हुगली, खड़गपुर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में भी डेरा डालेंगे। यहां मुख्य ध्यान उन 40 सीटों पर होगा जहां 2021 के चुनाव में भाजपा 5% से भी कम अंतर से हार गई थी। देर रात तक बैठकें शाह की रणनीति का मुख्य हिस्सा रात 2 बजे तक चलने वाली संगठनात्मक बैठकें होंगी। इनमें वे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे, नाराज नेताओं को मनाएंगे और टिकट वितरण से उपजे असंतोष को दूर करेंगे। MP, महाराष्ट्र और बिहार का फॉर्मूला अमित शाह की यह कार्यशैली नई नहीं है। इससे पहले उन्होंने मध्य प्रदेश (2023), महाराष्ट्र (2024) और बिहार (2025) के विधानसभा चुनावों में भी इसी तरह का गहन प्रवास किया था। बिहार में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन और पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की सफलता के पीछे शाह की क्लस्टर रणनीति को ही श्रेय दिया जाता है। बंगाल में भी वे राज्य को विभिन्न सांगठनिक क्लस्टरों में बांटकर खुद निगरानी करेंगे। 2021 के चुनावों में भाजपा ने 3 से सीधे 77 सीटों पर छलांग लगाई थी और उसका वोट शेयर करीब 38% तक पहुंच गया था। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने वापसी की और भाजपा की सीटों की संख्या 18 से घटकर 12 रह गई। अब अमित शाह का पूरा जोर उन सीटों पर है जिन्हें भाजपा जीतते-जीतते हार गई थी। जलपाईगुड़ी, राजगंज और मेखलीगंज जैसे क्षेत्रों में शाह खुद रणनीति बनाएंगे ताकि पिछली गलतियों को न दोहराया जाए।

आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का दबदबा, हर तरफ गुलाबी जर्सी का जलवा

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। गुवाहाटी में खेले गए 13वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर टीम ने न सिर्फ अपनी जीत की हैट्रिक लगाई, बल्कि अंकतालिका में भी पहला स्थान मजबूती से कायम रखा। इस सीजन में आरआर का संतुलित खेल उन्हें बाकी टीमों से अलग बना रहा है। अंकतालिका में टॉप पर कायम राजस्थानतीन मैचों में तीन जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है। पंजाब किंग्स 5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स 4-4 अंकों के साथ क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस जैसी टीमें अभी लय हासिल करने की कोशिश में हैं, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा है। ऑरेंज कैप पर यशस्वी का कब्जाराजस्थान के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल इस समय शानदार फॉर्म में हैं। मुंबई के खिलाफ 32 गेंदों में नाबाद 77 रन की विस्फोटक पारी ने उन्हें ऑरेंज कैप दिला दी है।जायसवाल के नाम अब 3 मैचों में 170 रन हो चुके हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के समीर रिजवी हैं, जिन्होंने 2 मैचों में 160 रन बनाए हैं।दिल्ली और गुजरात के बीच होने वाला अगला मुकाबला इस रेस को और रोमांचक बना सकता है। पर्पल कैप भी राजस्थान के नामगेंदबाजी में भी राजस्थान रॉयल्स पीछे नहीं है। टीम के स्पिनर रवि बिश्नोई 3 मैचों में 7 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम किए हुए हैं।मुंबई के खिलाफ भी उन्होंने अहम मौकों पर विकेट निकालकर टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया। उनकी कसी हुई गेंदबाजी विरोधी बल्लेबाजों के लिए लगातार चुनौती बन रही है। क्यों मजबूत दिख रही है राजस्थान?राजस्थान रॉयल्स की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका ऑलराउंड प्रदर्शन है। बल्लेबाजी में जायसवाल और युवा खिलाड़ियों का आक्रामक अंदाज, जबकि गेंदबाजी में बिश्नोई जैसे खिलाड़ियों की धार टीम को संतुलन देती है।साथ ही टीम की रणनीति और कप्तानी भी बेहद प्रभावी रही है, जिससे हर मैच में दबाव बनाकर जीत हासिल की जा रही है। आगे की राहअब तक के प्रदर्शन को देखते हुए राजस्थान रॉयल्स प्लेऑफ की मजबूत दावेदार बन चुकी है। हालांकि टूर्नामेंट अभी लंबा है और अन्य टीमें भी वापसी कर सकती हैं। ऐसे में आरआर को अपनी लय बरकरार रखनी होगी।

BCB अध्यक्ष तमीम इकबाल का बड़ा ऐलान: गलतियों से सीखकर वापस लाएंगे प्रतिष्ठा

नई दिल्ली। तमीम इकबाल ने Bangladesh Cricket Board (BCB) के नए अध्यक्ष के तौर पर अपनी पहली बैठक में बड़ा संदेश दिया है। मीरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में आयोजित इस बैठक के बाद उन्होंने साफ कहा कि पिछले डेढ़ साल में बांग्लादेश क्रिकेट की छवि को जो नुकसान हुआ है, उसे मिलकर ठीक करना ही उनकी प्राथमिकता है।  ‘प्रतिष्ठा वापस लाना हमारी जिम्मेदारी’तमीम ने कहा कि क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि देश के गर्व का प्रतीक है। ऐसे में बोर्ड से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इसकी खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस लाए। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के समय में क्रिकेट की साख पर असर पड़ा है, लेकिन अब इसे सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।  खिलाड़ियों और स्टेकहोल्डर्स को मिलेगा सम्माननए अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका पहला फोकस खिलाड़ियों और सभी हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) का सम्मान सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ बातें नहीं, बल्कि सिस्टम में वास्तविक बदलाव लाए जाएंगे ताकि हर स्तर पर पारदर्शिता और भरोसा कायम हो सके। ‘गलतियां होंगी, लेकिन उनसे सीखेंगे तमीम इकबाल ने साफ शब्दों में कहा कि बदलाव के दौरान गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे सीखना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। उन्होंने भरोसा जताया कि बोर्ड और टीम दोनों मिलकर बेहतर प्रदर्शन की दिशा में काम करेंगे। 90 दिनों में चुनाव कराने की जिम्मेदारी नेशनल स्पोर्ट्स काउंसिल ने एड-हॉक कमेटी को 90 दिनों के भीतर चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा है। तमीम ने कहा कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द कराए जाएंगे। हालांकि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया। ICC बैठकों में करेंगे प्रतिनिधित्वएड-हॉक कमेटी के सदस्य तंजिल चौधरी के अनुसार, तमीम आने वाली International Cricket Council (ICC) की बैठकों में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके साथ ही कमेटी रोजमर्रा के क्रिकेट संचालन और आगामी टूर्नामेंट्स की तैयारियों पर भी नजर रखेगी। सभी को साथ लेकर चलने पर जोरतमीम ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सभी—मौजूदा बोर्ड सदस्य, खिलाड़ी और आयोजक—शामिल हों, यही उनकी कोशिश रहेगी। उनका लक्ष्य एक ऐसा माहौल बनाना है, जहां हर किसी को बराबर का अवसर मिले और क्रिकेट प्रशासन मजबूत हो।

उज्जैन हवाई पट्टी का बड़ा विस्तार कैबिनेट ने 437 एकड़ जमीन अधिग्रहण को दी मंजूरी

उज्जैन । मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन में हवाई पट्टी के विस्तार के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने इस परियोजना के तहत 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। अनुमानित लागत 590 करोड़ रुपये है। यह कदम उज्जैन को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और बड़ी विमानों जैसे बोइंग और एयरबस 320 के संचालन को सक्षम बनाने के लिए उठाया गया है। अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हो चुका है। सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए सभी समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर और सांदीपनी आश्रम जैसे धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है। यहां हर साल दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को देखते हुए, कैबिनेट ने तय किया है कि संबंधित सभी विकास कार्य दिवाली 2027 तक पूरे हो जाएं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि उज्जैन में हो रहे सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और उन्हें थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए। 100 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे, पार्किंग और जन-सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, क्षिप्रा नदी पर पैदल मार्ग के लिए अलग पुल बनाने का आदेश भी दिया गया है। सिंहस्थ महाकुंभ 2028 के लिए बनाई गई कैबिनेट कमेटी ने कुल 2,923 करोड़ रुपये की लागत से 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इसमें सड़कों का निर्माण, भवनों का निर्माण और तीर्थ स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा, कैबिनेट ने किसानों के हित में गेहूं की खरीद 10 अप्रैल की बजाय 9 अप्रैल से शुरू करने की मंजूरी भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन हवाई पट्टी का यह विकास न केवल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में प्रदेश के लिए आर्थिक और लॉजिस्टिक दृष्टि से भी फायदेमंद होगा।