Chambalkichugli.com

Adi Rang Festival : बैतूल में संस्कृति का संगम: आदि रंग महोत्सव में कलाकारों ने बिखेरी अद्भुत प्रस्तुतियां

   Adi Rang Festival : बैतूल। मध्यप्रदेश के घोड़ाडोंगरी विकासखंड में सतपुड़ा ग्राउंड पर आयोजित तीन दिवसीय आदि रंग महोत्सव में जनजातीय संस्कृति की समृद्ध और जीवंत परंपराओं की झलक देखने को मिली। इस महोत्सव का आयोजन जनजातीय कार्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। महोत्सव के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह और घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जन सिंह उईके रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और कलाकारों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनजातीय नृत्य, संगीत और लोक कलाओं का समावेश किया गया, जिससे दर्शकों ने परंपरागत संस्कृति के अद्भुत रंगों का अनुभव किया। महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखा। gambling den busted : थाना सुरखी की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा जुआ खिलाड़ी, 21 आरोपी हिरासत में अतिथियों ने महोत्सव में कलाकारों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन जनजातीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला प्रशासन ने कहा कि यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक交流 का अवसर है बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए भी एक मंच प्रदान करता है।महोत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया, जिससे युवा कलाकारों को अपने कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। आयोजन में उपस्थित नागरिकों ने उत्सव के शानदार आयोजन और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की। जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग ने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और स्थानीय जनजातीय कलाकारों के लिए नए मंच उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि उनकी कला और संस्कृति को और मजबूती मिले।

Drunk rider caught : शराब के नशे में चढ़ा शख्स बोला- 20 हजार में खरीदी थी बाइक, पकड़े जाने पर खुला चोरी का राज

  Drunk rider caught : नई दिल्ली। जबलपुर के छोटी लाइन चौराहा पर रविवार रात एक चोरी की बाइक का पर्दाफाश हुआ, जिसने ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और थोड़ी शराबी हरकतों की वजह से उजागर हुआ। रात करीब 10 बजे, ट्रैफिक टीम रूटिन चेकिंग कर रही थी, तभी एक युवक शराब पीकर दुकान से बाहर निकला और उसकी बाइक नो पार्किंग में खड़ी मिली। युवक की जल्दबाजी पुलिस को लगी संदिग्ध पुलिस ने जब चालान काटने के लिए रोककर पूछा, तो युवक बिना बहस किए तुरंत चालान भरने को तैयार हो गया। यह अजीब व्यवहार आरक्षक वीरेंद्र की नजर में संदिग्ध लगा। युवक को पकड़कर टीआई इंदिरा ठाकुर के पास ले जाया गया। युवक ने अपना नाम विजय, निवासी गढ़ा बताया और बताया कि उसने बाइक रामपुर क्षेत्र के राजेश से 20 हजार रुपए में खरीदी थी, लेकिन उसके पास कोई दस्तावेज नहीं थे। नंबर प्लेट की गड़बड़ी ने खोला पूरा खेल जांच में पता चला कि बाइक की नंबर प्लेट (MP20 MX 737) में गड़बड़ी थी—जहां चार अंक होने चाहिए थे, वहां सिर्फ तीन अंक थे। पुलिस ने तुरंत वाहन की डिटेल निकाली और पाया कि रजिस्ट्रेशन फर्जी था। चेसिस नंबर से सच्चाई सामने आई चेसिस नंबर के आधार पर असली मालिक का पता चला। उसने बताया कि यह बाइक दो साल पहले रामपुर से चोरी हुई थी और इसकी शिकायत पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी। इस तरह, शराब के नशे में युवक की जल्दबाजी ने चोरी का पूरा खेल उजागर कर दिया। बाइक जब्त, आरोपी थाने हवालात में पुलिस ने मौके पर बाइक जब्त कर युवक विजय को गोरखपुर थाना भेज दिया, जहां उसके खिलाफ चोरी और फर्जी दस्तावेजों के मामले दर्ज किए गए हैं। टीम की सक्रियता यह कार्रवाई एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर डीएसपी बीएन प्रजापति, टीआई इंदिरा ठाकुर, सूबेदार मनीष प्यासी और आरक्षक वीरेंद्र की टीम ने की।

hospital fraud investigation : ₹1.75 करोड़ का घोटाला! कागजों में सफाई, मरीजों के अधिकारों की अनदेखी, जबलपुर अफसरों की मिली लूट

   hospital fraud investigation : नई दिल्ली। जबलपुर में मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना का मकसद गरीबों को घर के पास मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध कराना था, लेकिन अफसरों ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी की जांच में खुलासा हुआ कि कई क्लीनिकों में न कंप्यूटर है, न बीपी मशीन, और पिछले दो साल से पुताई तक नहीं हुई, फिर भी रिकॉर्ड में करोड़ों का भुगतान दिखाया गया। जांच में चौंकाने वाले तथ्य डिप्टी कलेक्टर की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ₹93 लाख का सामान न स्टोर में है और न क्लीनिक तक पहुँचा, जबकि भंडार रजिस्टर में फर्जी एंट्री कर दी गई। कई क्लीनिकों में अलमारियां गायब हैं, लेकिन उनके लिए भुगतान हो चुका है। कुछ सेंटरों पर जांच शुरू होने से तीन दिन पहले प्रिंटर भिजवाए गए, जबकि वहां कंप्यूटर तक नहीं थे। फर्जीवाड़ा 5 पॉइंट में: फर्जी बिलिंग: 13 फर्जी बिलों के जरिए ₹1.75 करोड़ का भुगतान हुआ, जबकि सामान कभी केंद्रों तक नहीं पहुंचा। कागजी मरम्मत: पुताई और मेंटेनेंस के लिए लाखों खर्च किए गए, लेकिन दीवारों पर सालों से चूना तक नहीं लगा। गायब उपकरण: बीपी मशीन, ग्लूकोज मशीन, हीमोग्लोबिनोमीटर और वेट मशीन केवल कागजों में खरीदी गई। जांच का डर: डिप्टी कलेक्टर की टीम की जांच शुरू होने पर अफसरों ने आनन-फानन में सेंटरों पर प्रिंटर भेजे। निजी उपकरण से इलाज: डॉक्टरों को अपने पर्सनल टैबलेट और मशीन से मरीजों की जांच करनी पड़ रही है। डॉक्टरों का दर्द: गोरैया घाट क्लीनिक की डॉ. सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वे 2 साल से अपनी ड्यूटी कर रही हैं, लेकिन कंप्यूटर या जरूरी उपकरण नहीं मिले। उन्होंने अपनी पर्सनल टैबलेट से मरीजों की एंट्री की। बीपी मशीन और अन्य उपकरण 4-5 महीनों से मांगने के बावजूद अब भेजे जा रहे हैं। केंद्रों की स्थिति: जबलपुर में करीब 50 संजीवनी क्लीनिक हैं, लेकिन अधिकतर में बुनियादी उपकरण तक मौजूद नहीं हैं। भुगतान केवल कागजों में हुआ। जांच शुरू होने के बाद केवल प्रिंटर भेजे गए। घोटाले का अनुमान: डिप्टी कलेक्टर के अनुसार, अभी तक 93 लाख रुपये का फर्जी भुगतान प्रमाणित हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, 2021 से अब तक की पूरी जांच के बाद यह घोटाला 10 करोड़ तक पहुंच सकता है। साथ ही ज्वाइंट डायरेक्टर हेल्थ डॉ. संजय मिश्रा की निजी पैथोलॉजी लैब में हिस्सेदारी और आय से अधिक संपत्ति भी जांच के दायरे में है। अधिकारियों पर कार्रवाई: मुख्य आरोपी डॉ. संजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा डीपीएमयू के अधिकारियों को हटाया गया, एक फार्मासिस्ट निलंबित और संविदा फार्मासिस्ट के खिलाफ कार्रवाई की गई।

भिण्ड में खनिज माफिया ने घेरा, टीम की कार्रवाई पुलिस के साथ सफल

भिण्ड । भिण्ड मध्यप्रदेश में खनिज विभाग की टीम पर माफिया द्वारा दबाव डालने और पीछा करने का मामला सामने आया जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा अपनी टीम के साथ गोहद अनुभाग के चितौरा-मौ मार्ग पर देर रात जांच कर रहे थे इसी दौरान टीम ने गिट्टी से भरा एक डंपर रोका जांच में पाया गया कि डंपर ओवरलोड था और वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थी साथ ही चेसिस नंबर भी स्पष्ट नहीं था, जिससे यह मामला संदिग्ध लग रहा था जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, खनिज माफिया ने टीम को घेरने की कोशिश की और दबाव डालना शुरू कर दिया स्थिति बिगड़ने पर जिला पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम के सहयोग से खनिज विभाग की टीम को सुरक्षित निकाला गया अधिकारी बताते हैं कि इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा भिण्ड खनिज विभाग ने कहा कि जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी ओवरलोड और अवैध खनन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ऐसे मामलों में टीम और पुलिस के समन्वय से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि खनिज माफिया अपनी अवैध गतिविधियों को दबाने के लिए दबाव डाल सकता है लेकिन खनिज विभाग और पुलिस के सहयोग से ऐसी परिस्थितियों में भी टीम सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है

गुना के स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 36 से ज्यादा बच्चे-स्टाफ घायल, आधे घंटे तक मची भगदड़

गुना। शहर के वंदना कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मधुमक्खियों के एक बड़े झुंड ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना में 36 से अधिक छात्र-छात्राएं अभिभावक और स्कूल स्टाफ घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चे रोज की तरह प्रार्थना सभा के लिए स्कूल परिसर में जुट रहे थे। इसी दौरान परिसर में मौजूद एक पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड नीचे आ गया और लोगों पर हमला कर दिया। कुछ ही मिनटों में शांत माहौल चीख-पुकार और भगदड़ में बदल गया।आधे घंटे तक दहशत कई बच्चे गिरकर घायल जान बचाने के लिए बच्चे इधर-उधर भागने लगे जिससे कई बच्चे गिरकर चोटिल हो गए। करीब आधे घंटे तक स्कूल परिसर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घायलों का तुरंत इलाज स्कूल में छुट्टी घोषित स्कूल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को मेडिकल रूम में प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों के परिजनों को बुलाया गया जबकि कुछ को एहतियात के तौर पर नजदीकी अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद स्कूल में छुट्टी घोषित कर दी गई। प्रशासन ने दिए छत्ते हटाने के निर्देश सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों ने स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के निर्देश दिए। अभिभावकों में नाराजगी सुरक्षा पर उठे सवाल घटना के बाद अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते छत्ते हटाए जाते तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। कुछ अभिभावकों ने बच्चों से तुरंत मिलने नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। अधिकारी बोलीं- सभी बच्चे सुरक्षित बीईओ गरिमा टोप्पो ने बताया कि यह एक आकस्मिक घटना थी और स्कूल प्रबंधन ने समय रहते स्थिति संभाल ली। सभी बच्चे सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल स्कूल परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

नरवाई जलाने पर कार्रवाई के खिलाफ किसान सड़कों पर, उज्जैन में प्रदर्शन, मालवा की 115 तहसीलों में गूंजा विरोध

उज्जैन। नरवाई जलाने पर हो रही एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान संघ ने सोमवार को उज्जैन में रैली निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नीलगंगा क्षेत्र से रैली निकालते हुए टॉवर चौक पहुंचे और वहां से कलेक्टर कार्यालय स्थित संकुल भवन पहुंचकर नारेबाजी की। नरवाई मामलों में कार्रवाई रोकने की मांग किसानों की मुख्य मांग थी कि नरवाई जलाने वाले किसानों पर दर्ज एफआईआर और जुर्माने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए। साथ ही पहले से दर्ज सभी प्रकरणों को खत्म करने की मांग भी उठाई गई। खेती से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए प्रदर्शन के दौरान किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जल्द शुरू करने, सभी खरीदी केंद्रों पर बड़े तोल कांटे लगाने और भावांतर योजना का लाभ देने की मांग रखी। इसके अलावा ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का बीमा जल्द जारी करने और बैंक खाता पलटी की तारीख 15 मई तक बढ़ाने की मांग भी शामिल रही। मालवा में एक साथ व्यापक प्रदर्शन किसान संघ के अनुसार, मालवा प्रांत की 115 तहसीलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और वे सड़कों पर उतरेंगे।उज्जैन, देवास और इंदौर में कार्रवाई जारी प्रशासन की ओर से सैटेलाइट रिपोर्ट के आधार पर उज्जैन जिले में 334 किसानों की पहचान की गई है, जिन पर कार्रवाई चल रही है। देवास में 5 और इंदौर में 211 मामलों में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

भीकनगांव में दर्दनाक वारदात: बेटे ने मां की गर्दन पर किए 4 वार, शव पर पानी डाला

नई दिल्ली। भीकनगांव में शनिवार शाम 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामई बाई की उनके 55 वर्षीय बेटे विष्णु सावले ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। घटना के पीछे बेटे का आरोप है कि वह अपनी बीमार मां की लगातार देखभाल से तंग आ गया था। हत्या के बाद आरोपी ने शव पर पानी डालकर खून साफ करने का प्रयास भी किया। घर में अकेला था आरोपी, पलंग पर की वारदातएडीओपी राकेश आर्य ने बताया कि यह दर्दनाक घटना शनिवार शाम को हुई। उस समय घर में केवल विष्णु सावले ही मौजूद था। उसने अपनी मां की बीमारी और उनकी देखभाल से परेशान होकर घर से कुल्हाड़ी निकाली और पलंग पर लेटी रामई बाई की गर्दन पर चार बार वार किया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी छिपा दी और खून साफ करने के लिए शव पर पानी डालने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कियासूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के माध्यम से सबूत जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद आरोपी बेटे विष्णु सावले को हिरासत में लिया गया। पुलिस पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया। आरोपी का बयान- “परेशानी भरे जीवन से मुक्त किया”पूछताछ में विष्णु ने कहा कि उसकी मां बीमारी के कारण बिस्तर पर ही रहती थीं। उसे उनकी देखभाल में खाना खिलाना, पानी पिलाना, नहलाना और साफ-सफाई करना पड़ता था। उसने आरोप लगाया कि यह जीवन उसके लिए बहुत परेशानी भरा था, और उसने अपनी मां को इस जीवन से मुक्त करने का निर्णय लिया। जेल भेजा गया आरोपीपुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। घटना ने स्थानीय लोगों में सन्नाटा और भय फैला दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि रामई बाई हमेशा अपने बेटे के साथ रहती थीं और किसी से कोई शिकवा-शिकायत नहीं करती थीं। भीकनगांव में बेटे ने अपनी बीमार मां की देखभाल से तंग होकर कुल्हाड़ी से गर्दन पर चार वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने खून साफ करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने खुद कबूल किया कि उसने अपनी मां को “परेशानी भरे जीवन से मुक्त” किया। घटना ने इलाके में सन्नाटा और शोक की स्थिति पैदा कर दी है।

ग्वालियर में चूरन नोट गैंग का खुलासा: 10 गुना मुनाफे का झांसा देकर लोगों से ठगी, आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर। शहर में नकली नोट के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर चूरन नोट गैंग का पर्दाफाश हुआ है। महाराजपुरा थाना पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जो एक डेयरी व्यवसायी को 30 लाख रुपये के नकली नोट देने पहुंचा था।10 गुना मुनाफे का लालच देकर फंसाता था आरोपी गिरफ्तार आरोपी आजाद अली लोगों को 1 रुपये के बदले 10 रुपये देने का लालच देता था। वह खुद को नकली नोटों का बड़ा कारोबारी बताकर दावा करता था कि उसके नोट असली जैसे ही हैं और आसानी से बाजार में चल जाते हैं।पहले असली नोट देकर जीतता था भरोसा पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी शुरुआत में 500, 200 और 100 रुपये के असली नोट देता था और उन्हें नकली बताता था। जब ये नोट बाजार में आसानी से चल जाते, तो लोगों को उसकी बात पर यकीन हो जाता और वे बड़ी डील के लिए तैयार हो जाते। असली के बीच चिल्ड्रन बैंक नोट छिपाकर देता था माल पुलिस के अनुसार, आरोपी असली नोटों की गड्डियों के ऊपर एक-दो असली नोट लगाकर नीचे चिल्ड्रन बैंक चूरन नोट रख देता था और इसी तरह लोगों को ठगता था। 3 लाख के बदले 30 लाख की डील दतिया के डेयरी कारोबारी सोनू पाल को भी आरोपी ने इसी तरह फंसाया। व्हाट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क कर उसने 3 लाख के बदले 30 लाख देने का झांसा दिया। भरोसा बनाने के लिए पहले असली नोट दिए और बाद में 40 हजार रुपये एडवांस भी ले लिया। शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना जब कारोबारी को संदेह हुआ, तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपी को दीनदयाल नगर के टाइगर चौक पर बैग के साथ पकड़ लिया।बैग खोलते ही सामने आया सच तलाशी के दौरान पुलिस को 500, 200 और 100 रुपये की कुल 20 गड्डियां मिलीं। हर गड्डी में ऊपर असली नोट और नीचे चिल्ड्रन बैंक के नोट भरे हुए थे। पुलिस ने 500 की 13, 200 की 5 और 100 की 2 गड्डियां जब्त की हैं। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुका है। फिलहाल पुलिस उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।

विधायक बोले: तब विषम परिस्थितियां थीं, खरगोन में भाजपा स्थापना दिवस पर कार्यक्रम सम्पन्न

नई दिल्ली। खरगोन में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर जिला कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे जिलाध्यक्ष नंदा ब्राह्मणे ने भाजपा का ध्वज फहराया। समारोह में प्रदेश स्तर पर आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। विधायक बोले- 1980 में थीं विषम परिस्थितियांखरगोन के विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि पार्टी की स्थापना 1980 में ऐसे समय में हुई जब परिस्थितियां विषम थीं। उन्होंने बताया कि उस समय राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियां काफी जटिल थीं। आज कार्यकर्ता इस स्थापना दिवस को उत्सव के रूप में मना रहे हैं, और हर स्तर पर सक्रियता दिखाई दे रही है। जिलेभर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजितभाजपा मीडिया प्रभारी कांतिलाल कर्मा ने बताया कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में बूथ स्तर तक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में पार्टी के इतिहास, उपलब्धियां और आगामी योजनाओं के बारे में चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल हुए वरिष्ठ नेता और पदाधिकारीइस अवसर पर पूर्व विधायक बाबूलाल महाजन, पूर्व जिलाध्यक्ष परसराम चौहान और रणजीत डंडीर, वर्तमान जिलाध्यक्ष कल्याण अग्रवाल, अजा मोर्चा जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर भालसे, अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष सोलंकी, उपाध्यक्ष शालिनी रतोरिया, उपाध्यक्ष प्रभा राठौर, विजय पटेल, कोषाध्यक्ष भीमसिंह जाधव, महामंत्री विवेक भटोरे, हरेसिंह चावड़ा सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम की विशेषताएं और संदेशस्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी के इतिहास और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया गया कि वे पार्टी के उद्देश्यों और नीतियों को आम जनता तक पहुंचाएं। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर दिया गया। खरगोन में भाजपा का 47वां स्थापना दिवस जिला कार्यालय में ध्वजारोहण और समारोह के साथ मनाया गया। विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि 1980 में पार्टी की स्थापना विषम परिस्थितियों में हुई थी। जिलेभर में बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए गए और वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी उपस्थित रहे। पार्टी कार्यकर्ता उत्सव के साथ आज भी अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हैं।

बैतूल में पार्क, मंदिर और खेल मैदान की जमीन होगी सुरक्षित, अवैध बिक्री पर रोक

बैतूल,। मध्यप्रदेश में नगर पालिका ने कॉलोनियों में सार्वजनिक उपयोग के लिए छोड़ी जाने वाली जमीनों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी कर ली है अब नगर पालिका ऐसे ‘रेस्ट ऑफ लैंड’ को अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी ताकि अवैध बिक्री और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके। नगर पालिका अधिनियम के अनुसार कॉलोनी विकास के दौरान कॉलोनी बनाने वाले डेवलपर्स को मंदिर, पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए भूमि छोड़ना अनिवार्य होता है लेकिन कई मामलों में अनुमति मिलने के बाद इन जमीनों को अवैध रूप से प्लॉट बनाकर बेच दिया जाता है जिससे कॉलोनीवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाती हैं नगर पालिका के अधिकारी बताते हैं कि अब इस प्रक्रिया से सार्वजनिक जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में किसी भी अवैध बिक्री या प्लॉटिंग की संभावना समाप्त हो जाएगी इसके लिए कॉलोनी में छोड़ी गई हर भूमि का रिकॉर्ड अपडेट कर नगर पालिका के नाम दर्ज किया जाएगा इस पहल से कॉलोनीवासियों के लिए पार्क, खेल मैदान और मंदिर जैसी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और शहरी नियोजन के नियमों का पालन भी कड़ाई से होगा अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि इस कदम से नगर में शहरी विकास और योजना निर्माण में पारदर्शिता बढ़ेगी नगर पालिका ने कॉलोनाइजरों और नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक जमीन के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी अवैध प्लॉटिंग या बिक्री की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें ताकि कार्रवाई समय पर की जा सके इस कदम के साथ बैतूल नगर प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कॉलोनियों में रह रहे लोग अपनी सार्वजनिक सुविधाओं का पूरा लाभ ले सकें और शहर का नियोजित विकास प्रभावी तरीके से हो