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गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही तेज धूप, लू और पसीने से परेशान होना आम बात है। ऐसे में ककड़ी शरीर और मन को ठंडक देने वाला सबसे सस्ता और आसान उपाय साबित होती है। इसे “शीतल फल” कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से अधिक पानी होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी गर्मियों में ककड़ी के नियमित सेवन की सलाह देते हैं, जो न सिर्फ गर्मी से राहत देती है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। शरीर को हाइड्रेट रखेगर्मी में पसीना ज्यादा आता है और शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ककड़ी प्राकृतिक रूप से शरीर में पानी की कमी को दूर करती है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखते हैं। सलाद, रायता या जूस के रूप में ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और लू लगने की आशंका को कम करता है। वजन घटाने और पाचन में सहायकककड़ी में कैलोरी बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना आहार का हिस्सा बन सकती है। इसके अलावा, ककड़ी पाचन शक्ति को मजबूत करती है, कब्ज और गैस की समस्या को कम करती है और पेट को स्वस्थ रखती है। त्वचा और सौंदर्य के लिए फायदेमंदककड़ी में मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है। अन्य स्वास्थ्य लाभ ककड़ी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित, हड्डियों को मजबूत, आंखों की थकान कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करती है। ककड़ी का सही सेवनहेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ककड़ी का जूस बनाकर पीएं या सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं। इसे दही के साथ रायता बनाकर भी लिया जा सकता है। सैंडविच और रोल्स में भी ककड़ी डाली जा सकती है। रोजाना कम से कम एक ककड़ी खाने की सलाह दी जाती है। आसान, सस्ती और सुरक्षितककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है। गर्मियों में इसे अपने आहार में शामिल करने से तन और मन दोनों शीतल रहते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है।

संकटों को दूर करने वाला विकट गणेश व्रत, जानिए दिन का शुभ मुहूर्त और समय

नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष यह पावन पर्व 5 अप्रैल रविवार को पड़ रहा है। भगवान गणेश के अष्टविनायक रूपों में से एक विकट स्वरूप की इस दिन विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि विकट गणेश अपने भक्तों को सभी प्रकार के ज्ञात और अज्ञात भय रोग शोक और दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखते हैं। भक्तों का विश्वास है कि यह व्रत न केवल व्यक्ति को निर्भीक बनाता है बल्कि विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है। घोर संकटों में भी भक्तों की रक्षा करने वाले विकट गणेश अपराजेयता का वरदान देते हैं। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष 5 अप्रैल को चतुर्थी तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी। व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा के उदय के बाद पूजा और चंद्र दर्शन के साथ व्रत का पारण करते हैं। दिन का समय भी इस पूजा और व्रत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 7 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 9 बजकर 58 मिनट पर है। शुभ मुहूर्त के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 35 मिनट से 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 4 बजकर 10 मिनट तक रहेगा जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है। वहीं अशुभ समयों से बचना भी आवश्यक है। राहुकाल शाम 5 बजकर 7 मिनट से 6 बजकर 41 मिनट तक यमगण्ड दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 5 बजकर 1 मिनट से 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। भद्रा सुबह 6 बजकर 7 मिनट से दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार विकट संकष्टी चतुर्थी 5 अप्रैल को भगवान गणेश की विशेष आराधना और व्रत रखने का दिन है। इस दिन की पूजा न केवल मानसिक और आध्यात्मिक बल बढ़ाती है बल्कि जीवन में आने वाले संकटों और परेशानियों से सुरक्षा का भी मार्ग प्रशस्त करती है। शुभ मुहूर्त और समय का पालन कर भक्त इस दिन की विशेष महत्ता का लाभ उठा सकते हैं और अपने जीवन में सुख शांति और सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।

भारत का एलपीजी टैंकर ‘Green Sanvi’ ने होर्मुज स्ट्रेट पार किया, दो और टैंकर लाइन में

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी सफलता सामने आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रूप से पार कर लिया। यह जहाज इस रणनीतिक और संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने वाला सातवां भारत के झंडे वाला पोत है। जहाज में लगभग 44,000 टन एलपीजी था, जो देश की लगभग आधे दिन की एलपीजी खपत के बराबर है। रणनीतिक नेविगेशन और सुरक्षाग्रीन सान्वी ने ईरानी समुद्री इलाके से होकर एक तय मार्ग का पालन किया। शिपिंग विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुनिश्चित करना जरूरी था कि जहाज संवेदनशील पानी से सुरक्षित गुजरें। इसके साथ ही दो और भारतीय एलपीजी टैंकर, ग्रीन आशा और जग विक्रम, आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत आने की उम्मीद में हैं। भारत के झंडे वाले जहाजों की स्थितिस्ट्रेट पार करने के साथ ही फारस की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में भारत के झंडे वाले 17 जहाज मौजूद हैं। इनमें विभिन्न प्रकार के जहाज शामिल हैं: तीन एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक LNG टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो बल्क कैरियर और दो जहाज जिनका नियमित मेंटेनेंस चल रहा है। ईरान के साथ डिप्लोमैटिक समन्वयभारत अपने व्यापारी जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत कर रहा है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों के अलावा अन्य गैर-दुश्मन देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के समन्वय में स्ट्रेट पार कर सकते हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह भी बताया कि चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को इस चोकपॉइंट से गुजरने की अनुमति दी गई है। ट्रांजिट के दौरान प्रोटोकॉलग्रीन सान्वी ने अपने भारतीय पहचान और नाविकों की जानकारी ईरानी अधिकारियों को उपलब्ध करवाई। यह प्रैक्टिस अब सुरक्षित नेविगेशन का स्टैंडर्ड बन चुकी है, ताकि तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारिक जहाज अपने मार्ग पर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकें। होर्मुज स्ट्रेट का महत्वहोर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम मार्ग है। भू-राजनीतिक तनाव के बीच इसे सुरक्षित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ग्रीन सान्वी का सफलतापूर्वक पार होना दर्शाता है कि भारत एनर्जी सप्लाई लाइन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रभावी डिप्लोमेसी और समुद्री सुरक्षा उपाय कर रहा है।

ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव: नए कोड के तहत छोटा अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

नई दिल्ली।नई श्रम नीति ने कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब कुछ योग्य कर्मचारियों को सिर्फ एक साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद भी ग्रेच्युटी पाने का अधिकार मिल सकता है। इससे पहले यह लाभ केवल 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही मिलता था। यह बदलाव नवंबर 2025 से लागू हुआ है और इसका उद्देश्य फॉर्मल सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को नौकरी के बाद मिलने वाले लाभों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है। फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को लाभनए नियमों के अनुसार, फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अब अपनी नौकरी की अवधि के आधार पर ग्रेच्युटी पाने के पात्र होंगे। फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे हैं जिन्हें कंपनियां एक तय समय के लिए लिखित कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त करती हैं, जो आमतौर पर एक या दो साल का हो सकता है। अब उनके ग्रेच्युटी की राशि उनकी सेवा अवधि के अनुरूप तय होगी। यह बदलाव विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, जो छोटे या सीमित कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं। इससे उन्हें भी लंबे समय तक नौकरी न होने पर भी कानूनी रूप से ग्रेच्युटी का हक मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों के लिए नियमस्थायी या परमानेंट कर्मचारियों के लिए नियम अभी भी पुराने अनुसार हैं, यानी 5 साल की लगातार सेवा पूरी करना अनिवार्य है। हालांकि, मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में स्थायी कर्मचारियों को भी एक साल की सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार मिल सकता है। इससे कर्मचारियों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में भी सुरक्षा का आश्वासन मिलेगा। ग्रेच्युटी की गणना और वेतन संरचनानए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें कर्मचारी के कुल CTC (कॉस्ट-टू-कंपनी) का कम से कम 50 प्रतिशत शामिल होगा। वेतन में बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ता (DA), रिटेनिंग अलाउंस और अन्य भत्ते शामिल होंगे। जिन कर्मचारियों का पहले बेसिक वेतन कम था, उनके लिए अब ग्रेच्युटी की राशि में पर्याप्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। कानूनी मान्यता और लाभग्रेच्युटी एक कानूनी रूप से अनिवार्य एकमुश्त भुगतान है, जो नियोक्ता अपने कर्मचारी को लंबी सेवा या रिटायरमेंट के सम्मान में देता है। अब यह लाभ छोटे समय की नौकरी करने वाले फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए भी उपलब्ध होगा। इसका मतलब है कि 21 नवंबर 2025 या उसके बाद जॉइन करने वाले कर्मचारी एक साल की लगातार सेवा पूरी होने के बाद ग्रेच्युटी का दावा कर सकेंगे। संस्थानों की जिम्मेदारीश्रम मंत्रालय ने सभी संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने अकाउंटिंग नियमों के अनुसार इस प्रावधान को लागू करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कर्मचारियों को उनके हक का भुगतान समय पर और सही तरीके से मिले। यह बदलाव विशेष रूप से औपचारिक सेक्टर के कर्मचारियों के लिए राहत और सुरक्षा का जरिया साबित होगा।

अमेरिका-ईरान संघर्ष: एफ-15 और ए-10 का नुकसान, पायलटों की खोज जारी

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। आज संघर्ष का 36वां दिन है और ईरान ने अमेरिकी वायुसेना को गंभीर झटका दिया है। पहले एफ 15ई जेट विमान को मार गिराने के बाद ईरान ने अमेरिकी ए 10 वॉर्थोग फाइटर को भी निशाना बनाया। अमेरिकी मीडिया और वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एफ 15ई के ढेर होने के बाद पायलट को बचाने के लिए भेजे गए ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को भी ईरानी हमले का सामना करना पड़ा। एफ 15ई जेट दो सीटों वाला लड़ाकू विमान है। इसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर शामिल होता है। इस विमान के क्रू मेंबर में से एक को अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने बचा लिया जबकि दूसरा अभी लापता है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह घटना शुक्रवार को हुई जिसमें दो पायलटों को रेस्क्यू किया गया और एक अभी भी तलाश के दायरे में है। वहीं अमेरिकी दूसरा विमान ए 10 वॉर्थोग फाइटर भी ईरानी हमले का शिकार हुआ। इसके पायलट ने विमान को कुवैत के हवाई क्षेत्र में लाकर खुद को इजेक्ट किया और सुरक्षित बचाव पाया। एफ 15ई के रेस्क्यू प्रयासों में शामिल दो अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर भी ईरानी फायरिंग की चपेट में आए। हालांकि हेलीकॉप्टरों में सवार अमेरिकी कर्मी घायल हुए लेकिन दोनों हेलीकॉप्टर सुरक्षित लौट आए। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। एनबीसी न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि एफ 15 के नुकसान से ईरान के साथ बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बयान पिछले सप्ताह उनके उस दावे के एक हफ्ते बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की सेना इतनी कमजोर हो गई है कि हमारे प्लेन उनके देश में आसानी से उड़ रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर सकता। ईरानी मीडिया ने इस घटना को भव्य रूप से दिखाया। ईरानी टेलीविजन रिपोर्टर ने कहा कि जो कोई भी अमेरिकी पायलट को पकड़ता है उसे भारी इनाम मिलेगा। इसके अलावा ईरानी गवर्नर ने वादा किया कि जो कोई भी दुश्मन की सेना को मारता या पकड़ता है उसकी सराहना की जाएगी। रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दक्षिण पश्चिमी ईरान में उस क्षेत्र के पास तलाशी अभियान शुरू किया है जहां विमान गिरा था। ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की युद्ध रणनीति अब पायलटों की तलाश तक सिमट गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका की बेतुकी लड़ाई अब “शासन बदलने” से घटकर “क्या कोई हमारे पायलट ढूंढ सकता है?” तक आ गई है। इस घटनाक्रम ने अमेरिका ईरान संघर्ष की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई और नुकसान की खबरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि खोए हुए पायलटों की तलाश में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे और इस संघर्ष के परिणाम क्या होंगे।

ईरान से तेल कार्गो डायवर्जन की खबरें भ्रामक, सरकार ने कहा-‘तथ्यात्मक रूप से गलत’

नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने शनिवार को उन खबरों और सोशल मीडिया दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण ईरान से भारत आने वाले तेल के एक कार्गो को चीन भेज दिया गया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसे “तथ्यात्मक रूप से गलत” और भ्रामक बताया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात करता है और तेल कंपनियों को व्यावसायिक जरूरतों के अनुसार किसी भी सप्लायर से तेल खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होती है। मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में जहाज ‘पिंग शुन’ के वाडिनार से मार्ग बदलने को गलत तरीके से जोड़कर यह दावा किया गया कि भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण तेल चीन भेजा गया, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। शिप ट्रैकिंग डेटा में जहाज पहले भारत की ओर आ रहा था, लेकिन बाद में उसने अपनी मंजिल बदल ली। इसके आधार पर बाजार और सोशल मीडिया में अटकलें शुरू हुईं कि भुगतान की समस्या वजह हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत है और ईरान से तेल आयात में कोई बाधा नहीं है। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि भारतीय रिफाइनरियों ने मध्य पूर्व में सप्लाई संकट के बावजूद आने वाले महीनों की कच्चे तेल की जरूरत पहले ही सुनिश्चित कर ली है, जिसमें ईरान से सप्लाई भी शामिल है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि जहाजों का मार्ग बदलना व्यापारिक और ऑपरेशनल कारणों से होता है और इसे गलत रूप में पेश किया गया। एलपीजी सप्लाई को लेकर आई खबरों को भी सरकार ने खारिज किया। पुष्टि की गई कि ‘सी बर्ड’ नामक जहाज, जिसमें लगभग 44 हजार मीट्रिक टन ईरानी एलपीजी था, 2 अप्रैल को मैंगलोर पहुंच चुका है और अपना माल उतार रहा है। ईरान से तेल और एलपीजी की सप्लाई सुरक्षित है। सरकार ने सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में फैल रही गलत जानकारी को स्पष्ट रूप से भ्रामक बताया। भुगतान संबंधी कोई बाधा नहीं है और भारतीय रिफाइनरियों की आवश्यकताएं पूरी तरह सुनिश्चित हैं।

अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल: हवा और जमीन पर हमला करने वाला बहु भूमिका फाइटर

नई दिल्ली । ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने के दावे ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान एफ 15ई स्ट्राइक ईगल पर केंद्रित कर दिया है। यह विमान अमेरिकी वायुसेना के सबसे भरोसेमंद और बहु भूमिका वाले फाइटर जेट्स में से एक माना जाता है। यूएस एयरफोर्स की आधिकारिक वेबसाइट एएफडॉटएमआईएल के अनुसार एफ 15ई स्ट्राइक ईगल को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह न केवल हवा में दुश्मन के विमानों से लड़ सके बल्कि जमीन पर स्थित लक्ष्य पर भी सटीक हमला कर सके। एफ 15ई में दो सदस्यीय क्रू होता है, जिसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर शामिल होता है। यह संयोजन जटिल मिशनों को अधिक कुशलता और सुरक्षा के साथ अंजाम देने में सहायक होता है। विमान किसी भी मौसम में दिन रात उड़ान भरने में सक्षम है और इसमें अत्याधुनिक एवियोनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं, जो लंबी दूरी से लक्ष्यों की पहचान और उन पर सटीक हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं। एफ 15ई का एपीजी 70 रडार सिस्टम हवा और जमीन दोनों प्रकार के लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। इसके साथ ही एलएएनटीआईआरएन सिस्टम लो एल्टीट्यूड नेविगेशन एंड टारगेटिंग इंफ्रारेड इसे अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और खराब मौसम या रात के समय भी सटीक हमले करने की सुविधा देता है। यह सिस्टम पायलट को जमीन के करीब सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है, जिससे मिशन अधिक प्रभावी बनते हैं। प्रदर्शन के मामले में भी एफ 15ई बहुत शक्तिशाली है। इसकी अधिकतम गति लगभग 1,875 मील प्रति घंटा मैक 2.5 से अधिक है और यह लगभग 60,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसकी लंबी रेंज और भारी हथियार ले जाने की क्षमता इसे दुश्मन के गहरे इलाके में जाकर भी हमला करने में सक्षम बनाती है। हथियारों की बात करें तो एफ 15ई में 20 मिमी की आंतरिक तोप लगी होती है। इसके अलावा यह एम 9 साइडवाइंडर और एम 120 अमराम जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी ले जा सकता है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रिसिजन गाइडेड और पारंपरिक बमों को भी वाहन कर सकता है, जो इसे बहु भूमिका फाइटर बनाते हैं। एफ 15ई स्ट्राइक ईगल का निर्माण अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने किया है। शुरुआत में इसकी कीमत लगभग 31 मिलियन डॉलर थी, लेकिन आधुनिक अपग्रेड और तकनीकी सुधारों के साथ इसकी कीमत बढ़कर लगभग 100 मिलियन डॉलर हो गई है। यूएस एयरफोर्स के अनुसार इसकी लंबी रेंज, भारी पेलोड क्षमता और मिशन पूरा करते समय सुरक्षा इसे अमेरिकी वायुसेना की एक प्रमुख ताकत बनाती है। इसलिए, चाहे ईरान का दावा सही हो या नहीं, एफ 15ई स्ट्राइक ईगल अपने आधुनिक रडार, हथियार प्रणाली और उड़ान प्रदर्शन के कारण दुनिया के सबसे खतरनाक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों में शुमार है।

मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायत सचिव की भर्ती, अनुशासन और सेवा शर्तें

– प्रद्युम्न शर्मा मध्यप्रदेश शासन द्वारा हाल ही में ग्राम पंचायत सचिवों से संबंधित नियम अधिसूचित किए गए हैं। मध्यप्रदेश पंचायत सेवा ( ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें ) नियम, 2026 के नाम से प्रकाशित इन नियमों को पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश पंचायत सेवा ( ग्राम पंचायत सचिव भर्ती और सेवा की शर्तें ) नियम, 2011 को निरस्त कर जारी किया गया है। अधिसूचित नये नियम पूर्ववर्ती नियम के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों, ग्राम पंचायत सचिवों की वर्तमान भूमिका और पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज के परिदृश्य को दृष्टि में रखकर बनाए गए हैं। ग्राम पंचायत सचिव का पद पंचायत राज प्रणाली का एक महत्वपूर्ण पद है। मध्यप्रदेश ग्राम पंचायत ( सचिव की शक्तियाँ तथा कृत्य ) नियम, 1999 के अनुसार ग्राम पंचायत के साधारण अधीक्षण तथा नियंत्रण के अधीन ग्राम पंचायत सचिव को 17 प्रकार की कार्यपालक शक्तियाँ, 42 प्रकार के गैर-वित्तीय पदीय कर्त्तव्य तथा 24 प्रकार के वित्तीय तथा कराधान संबंधी कर्त्तव्य सौंपे गए हैं। इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पंचायत राज व्यवस्था में ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है। ग्राम पंचायत सचिव की भूमिका को देखते हुए ही उसकी भर्ती की पद्धति, अनुशासन एवं नियंत्रण, प्रशिक्षण , सेवा संबंधी अभिलेखों का संधारण तथा अवकाश आदि के प्रचलित नियमों ,आदेशों व निर्देशों को पुनरीक्षित कर नये नियम अधिसूचित किए गए हैं। ग्राम रोजगार सहायकों का कोटा – नये नियमों में ग्राम पंचायत सचिव के पद पर भर्ती हेतु ग्राम रोजगार सहायकों का पचास प्रतिशत कोटा निर्धारित किया गया है। इससे एक तरफ सरकार को ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्व से कार्य करने वाले अनुभवी अभ्यर्थी सचिव के पद हेतु मिल सकेंगे वहीं दूसरी ओर ग्राम रोजगार सहायकों को उच्चतर पद पर कार्य करने का अवसर मिल सकेगा। भर्ती मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा- नये नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव के पद हेतु मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा। पूर्व के नियमों में यह भर्ती मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा अभ्यर्थी के हायर सैकेंड्री परीक्षा में प्राप्त अंकों की प्रतिशतता की मेरिट सूची के आधार पर की जाना प्रावधानित था। अब शैक्षणिक अर्हता स्नातक एवं कंप्युटर संबंधी होगी । यद्यपि नियुक्तिकर्ता प्राधिकारी पूर्ववत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ही है। प्रशिक्षण- भर्ती किए गए सचिवों के उन्मुखीकरण एवं आधारभूत प्रशिक्षण आयोजित करने की जिम्मेदारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को सौंपी गई है। प्रशिक्षण को परिवीक्षा अवधि की समाप्ति से जोड़ा गया है। नवनियुक्त सचिवों के लिए दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि प्रावधानित की गई है। नियंत्रण -पूर्व के नियमों में प्रावधान था कि ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत के प्रशासकीय नियंत्रण के अधीन होगा। नये नियमों में इसे अपने क्रियाकलापों के लिए ग्राम पंचायत के प्रति उत्तरदायी ठहराया गया है साथ ही उसे मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के माध्यम से जनपद पंचायत के प्रशासनिक नियंत्रण में भी रखा गया है। सेवा संबंधी अभिलेखों का संधारण जनपद-पंचायत स्तर पर – सचिव के सेवा -अभिलेख अब जनपद पंचायत के कार्यालय में रखे जाएंगे जबकि पूर्व के नियमानुसार ऐसे अभिलेख जिला पंचायत के कार्यालय में रखा जाना प्रावधानित था। अवकाश – पूर्व में ग्राम पंचायत सचिव को आकस्मिक अवकाश ग्राम पंचायत द्वारा स्वीकृत किया जाता था, नये नियमों में यह अधिकार सरपंच को दिया गया है । इस प्रकार आकस्मिक अवकाश स्वीकृति की प्रक्रिया का सरलीकरण हुआ है। नये नियमों में महिला सचिव को एक कैलेंडर वर्ष में बीस दिनों के आकस्मिक अवकाश की पात्रता निर्धारित की गई है जबकि पूर्व में महिला सचिवों को भी तेरह दिनों के आकस्मिक अवकाश की पात्रता थी। प्रसूति ,पितृत्व और चिकित्सा अवकाश का भी प्रावधान नये नियमों में किया गया है। वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन- सचिव के कार्य-निष्पादन, आचरण आदि के मूल्यांकन का वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन संधारित करने की प्रणाली को नियमों में शामिल किया गया है जबकि पूर्व में यह प्रणाली प्रशासकीय निर्देशों द्वारा निर्धारित थी। इस प्रतिवेदन में प्रथम मतांकन सरपंच ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। मध्यप्रदेश पंचायत सेवा ( ग्राम पंचायत सचिव भर्ती, अनुशासन और सेवा की शर्तें ) नियम, 1026 प्रवृत्त हो गए हैं । इन नियमों के नियम 11 (1) (पांच) में उल्लिखित है कि इन नियमों की अधिसूचना जारी होते ही, राज्य सरकार द्वारा प्रथम बार की भर्ती के लिए रिक्त पदों की सूचना भेजने, आरक्षण रोस्टर अद्यतन तैयार करने और मांगपत्र मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को भेजने संबंधी अन्य गतिविधियों को संपन्न करने के लिए समय-सीमाएं अधिसूचित की जाएगी । ऐसी अधिसूचना जारी करना और उसके क्रियान्वयन को चुनौती के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। प्रदेश के बेरोजगारों को हजारों की संख्या में रिक्त ग्राम पंचायत सचिव के पदों पर नियुक्ति हेतु आवेदन करने के परिप्रेक्ष्य में इस अधिसूचना का इन्तज़ार रहेगा। साथ ही वर्तमान में जिला पंचायत कार्यालयों में संधारित सचिवों के सेवा अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से जनपद पंचायतों के कार्यालयों को हस्तांतरित करना भी एक बड़ा कार्य है, जिसके लिए भी समय-सीमा तय करने के साथ आवश्यक अधोसंरचना जनपद पंचायतों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यद्यपि इन सेवा अभिलेखों का डिजिटाइजेशन कराना बेहतर विकल्प है। ( लेखक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सेवानिवृत्त अतिरिक्त संचालक हैं )

हनीमून के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन 2026: प्यार भरे सफर के लिए ये लोकेशन्स चुनें

नई दिल्ली। इस समय का मौसम अभी ठीक-ठाक है ना तो ज्यादा गर्मी लग रही है ना ही ठंडा है। इस मौसम में इस मौसम में अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आराम से घूम सकते हैं या फिर अगर आप हनीमून जा रहे हैं तब आप बिना कुछ सोच भारत की कुछ जगहों पर जा सकते हैं जहां आपको काफी अच्छा अनुभव होगा। अगर आपको उन जगहों के बारे में नहीं पता है तो चलिए आपको इस खबर में उन जगहों के बारे में बताते हैं जहां जाकर आप अपनी अच्छी यादें बना सकते हैं। हिमाचल प्रदेश जाना रहेगा बेस्टहिमाचल प्रदेश में अगर आप हनीमून ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं। तो आपको एक बार डलहौजी की खूबसूरती को देखने आना चाहिए। बता दें कि डलहौजी में ही ‘मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया’ के नाम से फेमस खजियार मौजूद है। यहां पर आप अच्छा पल बिता सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली पहाड़ देखने को मिल जाएंगे यहां पर आप अपने कमरे में भी काफी अच्छी-अच्छी तस्वीर कैप्चर कर सकते हैं इसके साथ ही अपने पार्टनर के साथ यहां घूमने के लिए काफी कुछ है। इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्टअप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं। इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्टअप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।

4 अप्रैल जन्म वाले जातकों के लिए विशेष राशिफल, सत्ता और सफलता के नए अवसर

नई दिल्ली । 4 अप्रैल को जन्म लेने वाले जातकों के लिए यह वर्ष विशेष अवसर और चुनौतियों से भरा होने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आपका नया वर्ष शनिवार 4 अप्रैल 2026 से शुरू होगा और सत्ता व्यापार और व्यक्तिगत संबंधों के क्षेत्र में उतार चढ़ाव लेकर आएगा। वर्ष की शुरुआत में सत्ता पक्ष और प्रशासन से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। सरकारी क्षेत्र से जुड़े जातकों या किसी सरकारी टेंडर की प्रतीक्षा कर रहे लोगों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। परिवार के भीतर भाइयों और करीबी रिश्तेदारों का सहयोग व्यापार और व्यवसाय में विशेष वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। साल के मध्य में सावधानी की आवश्यकता है। राजनीति में सक्रिय जातकों को अधिक परिश्रम करना होगा और इस वजह से शारीरिक और मानसिक थकान महसूस हो सकती है। मित्रों या परिचितों के साथ छोटे वाद विवाद भी बड़े तनाव का कारण बन सकते हैं। ऐसे समय में संयम और समझदारी बनाए रखना आवश्यक है। वर्ष के अंतिम चरण में परिस्थितियां फिर से आपके नियंत्रण में आ जाएंगी। अटके हुए शासन या प्रशासनिक कार्य पूरे होंगे और आर्थिक लाभ की स्थिति बनेगी। स्वजनों का सहयोग मिलेगा और कुछ महत्वपूर्ण अनुबंध भविष्य के लिए मजबूत नींव साबित होंगे। विशेष राशियों के लिए यह वर्ष अलग अलग क्षेत्रों में अलग अवसर लेकर आएगा। मेष और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय साहसिक निवेश और नवीन योजनाओं के लिए उपयुक्त है। इन राशियों के लोग अपनी योजनाओं में पूंजी निवेश करेंगे और लंबी अवधि में इसका बड़ा लाभ उठा सकते हैं। वृष और तुला राशि के जातकों के लिए शासन प्रशासन और कानूनी मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। सरकारी योजनाओं या अनुबंधों में लाभ प्राप्त होगा। कर्क राशि के जातकों को सत्ता पक्ष से मानसिक संतोष और सुख मिलेगा। सिंह राशि वाले जातक अपने परिवार और स्वजनों के सहयोग से व्यापारिक अनुबंध करने में सफल रहेंगे। मकर और कुम्भ राशि के जातकों के लिए यह वर्ष आराम का नहीं बल्कि कड़ी मेहनत का रहेगा। हर कार्य को सिद्ध करने के लिए उन्हें अत्यधिक परिश्रम करना होगा और यही मेहनत उनकी सफलता का आधार बनेगी। धनु और मीन राशि के जातकों को वर्ष के दौरान मानसिक तनाव और मित्रों के साथ हुए वाद विवाद से बचना होगा। सकारात्मक ऊर्जा का सही उपयोग लाभकारी रहेगा। मिथुन और कन्या राशि वाले जातकों के लिए दैनिक कार्यों में व्यस्तता अधिक रहेगी। लक्ष्य प्राप्ति के लिए उन्हें सामान्य से अधिक भागदौड़ करनी पड़ेगी लेकिन संयम और लगन से वे अपने उद्देश्यों में सफलता प्राप्त करेंगे। इस प्रकार 4 अप्रैल जन्म वाले जातकों के लिए यह वर्ष नए अवसर चुनौतियों और लाभकारी परिणामों से भरा रहेगा। सही दिशा में प्रयास और संयम के साथ कार्य करने से सत्ता व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन और सफलता प्राप्त होगी।