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astrology gemstone benefits : शनि, राहु और केतु के दोष को दूर करेगा यह एक रत्न, पहनते ही बदल जाएगी किस्मत!

 astrology gemstone benefits : नई दिल्ली। रत्न शास्त्र में 9 ग्रहों के लिए अलग-अलग रत्न बताए गए हैं, जिनका जीवन पर विशेष प्रभाव माना जाता है। शनि, राहु और केतु के दोष को दूर करने के लिए अलग-अलग रत्न बताए जाते हैं, लेकिन एक ऐसा रत्न है जिसे पहनने से इन तीनों ग्रहों की अनुकूलता प्राप्त होती है। इसे सुलेमानी हकीक के नाम से जाना जाता है। माना जाता है कि इस रत्न को धारण करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं और धन, करियर तथा स्वास्थ्य में सुधार संभव है। राहु दोष को करता है शांत रत्न शास्त्र के अनुसार, सुलेमानी हकीक राहु दोष को शांत करने में मददगार है। सही विधि से इसे धारण करने पर राहु देव की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा यह रत्न आर्थिक उन्नति और अचानक धन लाभ के योग भी बनाता है। केतु दोष को रोकता है नुकसान ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु दोष वाले व्यक्ति को आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। सुलेमानी हकीक के धारण से धन हानि रुकती है और राहु-केतु की कृपा से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इस कारण यह रत्न केतु दोष से पीड़ित लोगों के लिए अनुकूल है। शनि दोष से राहत सुलेमानी हकीक काले रंग का रत्न है और शनि देव से इसका विशेष संबंध माना जाता है। इसे पहनने से शनि की विशेष कृपा मिलती है। विशेषकर साढ़ेसाती और ढैय्या के दौरान यह रत्न लाभकारी है। शनि दोष से पीड़ित जातक इस रत्न को पहनकर लाभ उठा सकते हैं। सुलेमानी हकीक के फायदे गोमेद, लहसुनिया और नीमल जैसे अलग-अलग रत्नों की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि सुलेमानी हकीक एक साथ शनि, राहु और केतु की कृपा प्रदान करता है। यह रत्न पहनने वालों के जीवन में आर्थिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ ला सकता है। कैसे पहनें सुलेमानी हकीक सुलेमानी हकीक पहनने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। इसे चांदी की अंगूठी में जड़वाकर बीच वाली उंगली में धारण करें। लॉकेट में जड़वाकर पहनना भी लाभकारी है। यह रत्न उन सभी जातकों के लिए उपयुक्त है जो शनि, राहु और केतु के दोष से प्रभावित हैं।

AAP controversy : आप में गहराया विवाद, राघव चड्ढा के बयान से बढ़ा पार्टी में टकराव, अपने ही नेताओं ने उठाए सवाल

AAP controversy : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के भीतर मतभेद अब सार्वजनिक टकराव का रूप ले चुके हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद उनका वीडियो संदेश पार्टी में चर्चा का केंद्र बन गया। राघव ने खुद को जनता की आवाज बताते हुए पार्टी की नीतियों और निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए। जवाब में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके राजनीतिक रुख और भूमिका पर सवाल खड़े किए। इस विवाद ने विरोधी दलों को भी सक्रिय कर दिया है। भाजपा का तीखा हमला प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पार्टी नेतृत्व और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर है और नेतृत्व केवल बाहर से एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहा है। राघव चड्ढा का वीडियो इस बात का प्रमाण है कि पार्टी के अंदर संवाद और लोकतंत्र खत्म हो चुके हैं। सचदेवा ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं को अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ता है, जो पार्टी की आंतरिक स्थिति को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी अब एक व्यक्ति केंद्रित संगठन बन गई है, जहां स्वतंत्र राय रखने वाले नेताओं को किनारे कर दिया जाता है या दबाया जाता है। राघव पर आप नेताओं ने उठाए सवाल पार्टी ने चड्ढा के बयान पर पलटवार करते हुए इसे सामान्य संगठनात्मक निर्णय बताया। आरोप लगाया गया कि चड्ढा लंबे समय से पार्टी लाइन से हटकर काम कर रहे थे और जनहित के मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी सरकार को चुनौती देने से बच रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसी भी पार्टी में नेतृत्व और पदों में बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। अगर कोई सदस्य पार्टी के सामूहिक निर्णयों का समर्थन नहीं करता या व्हिप के खिलाफ जाता है, तो कार्रवाई स्वाभाविक है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि राघव चड्ढा पार्टी की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, पंजाब के अधिकारों और गुजरात में कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी निशाना साधते हुए कहा कि राघव न तो प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछ रहे हैं और न ही बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को उठाने में सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर फूट और विपक्षी दलों की सक्रियता इस विवाद ने पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल इसे पार्टी में लोकतंत्र की कमी और नेतृत्व की कमजोरी के रूप में पेश कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के लिए यह समय अपने भीतर उठ रहे असंतोष को संभालने और रणनीति तय करने का चुनौतीपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

Budh Gochar 2026: मीन राशि में बुध का प्रवेश बनाएगा नीचभंग राजयोग, इन राशियों की बदलेगी तकदीर

Budh Gochar 2026: नई दिल्ली। 11 अप्रैल 2026, शनिवार को बुध ग्रह मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह गोचर खास माना जा रहा है, क्योंकि मीन राशि में बुध सामान्यतः कमजोर स्थिति में होते हैं, लेकिन इस बार ग्रहों की विशेष स्थिति उनकी इस कमजोरी को ताकत में बदल देगी। इस दौरान कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बना रहा है। इस गोचर के समय मीन राशि में एक से अधिक ग्रहों की मौजूदगी से खास संयोग बनेंगे। साथ ही बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य योग बनेगा, जिसे बुद्धि, सफलता और मान-सम्मान दिलाने वाला माना जाता है। वहीं, विशेष ग्रह स्थिति के कारण नीचभंग राजयोग भी बन रहा है, जो संघर्ष के बाद बड़ी उपलब्धियां दिलाने में सहायक होता है। इसका प्रभाव कई राशियों के करियर, धन और प्रतिष्ठा में तेजी से सुधार ला सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह गोचर खास लाभकारी रहेगा। मीन राशि मीन राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक रूप से बड़ा बदलाव ला सकता है। इस दौरान आय में वृद्धि के संकेत हैं और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे खत्म हो सकती हैं। व्यवसाय से जुड़े लोगों को विस्तार के नए अवसर मिलेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा और निवेश के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर करियर में उन्नति के संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यापार में लिए गए फैसले लाभदायक साबित होंगे। कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी और वरिष्ठों का भरोसा बढ़ेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति या वाहन से जुड़ी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। कर्क राशि कर्क राशि के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। नई योजनाओं की शुरुआत लाभकारी रहेगी। धन से जुड़े मामलों में सुधार होगा और यात्रा के योग भी बन सकते हैं। कन्या राशि कन्या राशि के लिए यह गोचर रिश्तों और साझेदारी के मामलों में शुभ साबित होगा। बिजनेस पार्टनरशिप में सफलता मिलने के संकेत हैं। वैवाहिक जीवन में सुधार होगा और आपसी समझ बेहतर बनेगी। इसके साथ ही करियर में भी धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

क्या ईरान बना सकता है अमेरिका पर दबाव? लापता पायलट से बदल सकता है जंग का समीकरण

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। होर्मुज क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के कारण संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच अमेरिका का एक फाइटर जेट ईरान में क्रैश हो गया, जिसने हालात को और जटिल बना दिया है। विमान में सवार दो पायलटों में से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। इस पायलट की स्थिति को लेकर ही अब पूरे घटनाक्रम की दिशा तय होने की संभावना जताई जा रही है। संघर्ष में अहम मोड़ ईरान की जमीन पर अमेरिकी फाइटर जेट का गिरना इस संघर्ष में अहम मोड़ माना जा रहा है। अब तक अमेरिका जिन हादसों को ‘फ्रेंडली फायर’ बताता रहा, इस घटना ने उस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहली बार स्पष्ट रूप से सामने आया है कि अमेरिकी विमान ईरान में गिरा है और एक पायलट का कोई सुराग नहीं है। पायलट की स्थिति तय करेगी अगला कदमविशेषज्ञों के अनुसार, अगर लापता अमेरिकी पायलट को ईरान पकड़ लेता है, तो यह स्थिति पूरी जंग का रुख बदल सकती है। पायलट को नुकसान पहुंचाने से ईरान को कोई खास रणनीतिक फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे अमेरिका को बड़ा सैन्य कदम उठाने का मौका मिल सकता है, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के लिए। यदि पायलट की मौत होती है, तो अमेरिका इसे जवाबी कार्रवाई के लिए आधार बना सकता है, जिससे संघर्ष और उग्र हो सकता है। वहीं, अगर पायलट जिंदा और ईरान के कब्जे में होता है, तो यह तेहरान के लिए एक मजबूत रणनीतिक बढ़त बन सकती है। जिंदा पायलट से बढ़ेगा दबावपायलट के जिंदा होने की स्थिति में अमेरिका पर उसे सुरक्षित वापस लाने का दबाव बढ़ेगा। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना बन सकती है। ऐसे हालात में ईरान इस स्थिति का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है। इसे एक तरह का ‘स्ट्रॉन्ग होल्ड’ माना जा रहा है, जिसे वह कूटनीतिक रूप से भुना सकता है। लोकेशन सबसे बड़ा सवालइस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम पहलू पायलट की लोकेशन है। आमतौर पर इजेक्शन के बाद पायलट घायल हो जाते हैं, जिससे उनका सुरक्षित निकल पाना मुश्किल होता है। ईरान जैसे बड़े और विविध भूगोल वाले देश में उनकी तलाश करना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। ईरान की संभावित रणनीतिअगर पायलट जीवित है, तो ईरान उसे पकड़ने की पूरी कोशिश करेगा। गिरफ्तारी के बाद ही वह बातचीत की शर्तें तय कर सकता है। साथ ही, पायलट से जुड़े सबूत या तस्वीरें जारी कर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है। अलग रणनीति, एक लक्ष्यइस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान दोनों अलग-अलग रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, लेकिन दोनों का मकसद एक ही है- स्थिति को अपने पक्ष में मोड़ना। आने वाले दिनों में पायलट की स्थिति और लोकेशन ही तय करेगी कि यह तनाव किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ से बना मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय बना हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले चार दिनों से लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी 20 से अधिक जिलों में इसी तरह का मौसम बना रहा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल और ग्वालियर सहित 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य भाग से एक टर्फ लाइन गुजर रही है, जबकि दूसरी ऊपरी हिस्से में सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। कई जिलों में ओले-बारिश का अलर्टइन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रतिदिन 30 से 35 जिलों में मौसम परिवर्तन हो रहा है। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों यानी 7 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रति घंटा के बीच रह सकती है। 7 अप्रैल से नया सिस्टम होगा एक्टिवप्रदेश में मौसम की सक्रियता अभी जारी रहेगी। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावी होगा, जिसके कारण 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रह सकता है। इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ जाएगा और प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी आएगी और महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दरअसल, अप्रैल के दौरान प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर बढ़ जाता है।

‘रामायण’ की स्टार कास्ट फीस का खुलासा! Ram और Ravana बने सबसे महंगे, ये एक्टर चौंकाने वाला सस्ता

नई दिल्ली। रामायण बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनने जा रही है, जिसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। स्टारकास्ट भी बेहद दमदार है, जिसमें रणबीर कपूर श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण और सनी देओल हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। राम बने रणबीर कपूर की सबसे बड़ी फीसरिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर कपूर इस फिल्म के लिए सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने हर पार्ट के लिए करीब 75 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। यानी दो पार्ट्स के लिए उनकी कुल फीस 150 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। यह उनकी पिछली फिल्मों जैसे ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘एनिमल’ के मुकाबले काफी बड़ी छलांग मानी जा रही है। रावण बने यश ने भी वसूली तगड़ी रकमकन्नड़ सुपरस्टार यश, जो ‘KGF’ से देशभर में छा गए थे, इस फिल्म में रावण के किरदार में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने हर पार्ट के लिए 50 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इस हिसाब से उनकी कुल फीस 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सनी देओल का हनुमान अवतारसनी देओल इस फिल्म में हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। खबरों के अनुसार, वह हर पार्ट के लिए 20 करोड़ रुपये ले रहे हैं, यानी कुल 40 करोड़ रुपये। ‘गदर 2’ के बाद सनी देओल की लोकप्रियता और बढ़ी है, जिसका असर उनकी फीस पर भी साफ नजर आता है। सीता बनीं साई पल्लवी की फीससाई पल्लवी को माता सीता के रोल के लिए चुना गया है। बताया जा रहा है कि वह हर पार्ट के लिए करीब 6 करोड़ रुपये चार्ज कर रही हैं। इस तरह दोनों पार्ट्स के लिए उनकी कुल फीस 12 करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जो उनके साउथ प्रोजेक्ट्स की तुलना में काफी ज्यादा है। सबसे ‘सस्ते’ स्टार बने रवि दुबेटीवी इंडस्ट्री से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले रवि दुबे इस फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें इस रोल के लिए 2 से 4 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। बड़े स्टार्स के मुकाबले यह रकम कम जरूर है, लेकिन उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी फीस मानी जा रही है। आधिकारिक पुष्टि अभी बाकीध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी फीस के आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया के आधार पर सामने आए हैं। फिल्म के मेकर्स या स्टार्स की ओर से अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

‘धुरंधर’ की कास्टिंग पर चौंकाने वाली बात! अक्षय खन्ना नहीं, पहले किसी और को ऑफर हुआ था ये दमदार किरदार

नई दिल्ली। धुरंधर और धुरंधर 2 की दमदार सफलता के पीछे जहां कहानी और निर्देशन की भूमिका रही, वहीं इसकी कास्टिंग भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। हाल ही में फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया कि रहमान डकैत के किरदार के लिए सबसे पहले अक्षय खन्ना उनकी पहली पसंद नहीं थे।  इस रोल के लिए पहले तीन एक्टर्स से संपर्क किया गया था, जिनमें एक साउथ इंडस्ट्री का स्टार और दो बॉलीवुड कलाकार शामिल थे। हालांकि, सभी ने अलग-अलग कारणों से इस किरदार को करने से इनकार कर दिया। क्यों ठुकराया गया दमदार किरदार?मुकेश छाबड़ा ने बताया कि जिन एक्टर्स को यह रोल ऑफर किया गया था, उन्होंने काफी चौंकाने वाले कारण दिए। किसी ने कहा कि फिल्म में बहुत ज्यादा कलाकार हैं, जिससे उनका रोल दब सकता है। वहीं एक अन्य एक्टर का मानना था कि यह फिल्म रणवीर सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए उनका किरदार ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहेगा।इन अजीब तर्कों की वजह से यह दमदार किरदार कई हाथों से गुजरता हुआ आखिरकार अक्षय खन्ना तक पहुंचा। अक्षय खन्ना ने तुरंत भरी हामीजब यह रोल अक्षय खन्ना को ऑफर किया गया, तो उन्होंने बिना ज्यादा देर किए कहानी सुनी और उसी दिन फिल्म के लिए हामी भर दी। मुकेश छाबड़ा के मुताबिक, अक्षय उन कलाकारों में से हैं जो अपने फैसले दिल से लेते हैं और दूसरों की राय पर ज्यादा निर्भर नहीं रहते। यही वजह है कि उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण किरदार को अपनाया और अपने अभिनय से उसमें जान डाल दी। ‘यालिना’ के लिए 1000 से ज्यादा ऑडिशनफिल्म की एक और दिलचस्प बात यह रही कि ‘यालिना’ के किरदार के लिए मेकर्स किसी नए चेहरे की तलाश में थे। आदित्य धर और मुकेश छाबड़ा ने इस रोल के लिए 1000 से ज्यादा ऑडिशन लिए। उनका मानना था कि एक फ्रेश फेस ही इस किरदार को असली पहचान दे सकता है। बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शनधुरंधर और धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। ‘धुरंधर’ ने भारत में 840 करोड़ रुपये से ज्यादा और दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। वहीं ‘धुरंधर 2’ इससे भी आगे निकलते हुए रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर चुकी है। ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत का रोल कई एक्टर्स ने ठुकराया, लेकिन अक्षय खन्ना ने इसे अपनाकर यादगार बना दिया यही फिल्म की सफलता की बड़ी वजह भी बनी।

Pakistan attacked Hindu heritage : पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं

Pakistan attacked Hindu heritage : लाहौर। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला कराची से सामने आया है, जहां एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित रूप से खंडित कर दिया गया।इस घटना की जानकारी पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने दी। उन्होंने बताया कि कराची स्थित ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में रखी धार्मिक मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय बताया। IPL 2026 में नियमों पर कन्फ्यूजन! RCB की प्लेइंग XI पर सवाल, विराट कोहली ने ऐसे किया क्लियर शिव कच्छी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इमारत को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय इस घटना से आहत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है। साथ ही, ऐतिहासिक इमारत के तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण की मांग भी उठाई गई है। आप में गहराया विवाद, राघव चड्ढा के बयान से बढ़ा पार्टी में टकराव, अपने ही नेताओं ने उठाए सवाल बताया जा रहा है कि यह भवन स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित हुआ था और यहां हिंदू समुदाय की कई धार्मिक मूर्तियां व प्रतीक सुरक्षित रखे गए थे। इससे पहले भी पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदू स्थलों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों, जिनमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, पर चिंता जता चुका है।

लंबी कानूनी जंग खत्म, 61 मामलों का निपटारा कर दंपती को अलग होने की अनुमति

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश में 1994 से चल रहे वैवाहिक विवाद को समाप्त करते हुए दंपती को तलाक की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने देशभर की विभिन्न अदालतों में लंबित 61 मुकदमों को एक साथ खत्म कर दिया। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने अनुच्छेद 142 के विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया। मामला अवमानना याचिका के रूप में शीर्ष अदालत पहुंचा था, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे स्थायी समाधान तक पहुंचाने का फैसला किया। आपसी सहमति से हुआ निपटारा सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया तय की गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एलिमनी पर सहमति बन चुकी है और पति पत्नी को एकमुश्त 1 करोड़ रुपये देगा। इसके साथ ही लोनावला स्थित संपत्ति में पत्नी को हिस्सा देने पर भी सहमति बनी। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के खाते में संपत्ति हिस्सेदारी के रूप में 90 लाख रुपये जमा किए जाएं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद समाप्त माने जाएंगे। 61 केस एक साथ खत्म शीर्ष अदालत ने विभिन्न अदालतों—ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट—में चल रहे कुल 61 मामलों को रद्द कर दिया। इनमें घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और अन्य आपराधिक व दीवानी मुकदमे शामिल थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इसी विवाद से जुड़े किसी भी नए मामले की सुनवाई नहीं होगी। अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश देने का अधिकार है। इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए अदालत ने कहा कि इस लंबे विवाद का स्थायी समाधान जरूरी है और अब किसी भी तरह की कानूनी बाधा नहीं रहनी चाहिए। दोनों पक्षों ने लिखित रूप में अदालत के फैसले को स्वीकार किया और आगे कोई मुकदमा न लड़ने पर सहमति जताई। अदालत ने इस मामले में पहले से जारी विभिन्न न्यायिक आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिससे 32 साल पुराना विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया।

ऐश्वर्या राय के स्टारडम पर बोले अभिषेक बच्चन, ‘मुझे गर्व है, असहजता नहीं’

मुंबई। अभिषेक बच्चन ने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पत्नी ऐश्वर्या राय के बड़े स्टारडम से उन्हें कभी असुरक्षा महसूस नहीं हुई। अभिनेता का कहना है कि उनकी परवरिश ही ऐसी रही है, जहां रिश्तों में बराबरी को महत्व दिया गया। हाल ही में लिली सिंह से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि उन्होंने बचपन से ही अपने घर में साझेदारी का माहौल देखा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब उनके माता-पिता अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी हुई थी, तब उनकी मां ज्यादा बड़ी स्टार मानी जाती थीं। यही वजह है कि उनके लिए पार्टनर का अधिक सफल होना कभी असामान्य नहीं रहा। ऐश्वर्या के साथ हमेशा बराबरी का रिश्ता अभिषेक ने कहा कि वह ऐश्वर्या को अपने करियर की शुरुआत से जानते हैं और दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। उन्होंने बताया कि दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता सगाई और शादी तक हमेशा साझेदारी पर आधारित रहा। उनके मुताबिक, रिश्ते में कभी इस तरह की भूमिका तय नहीं हुई कि एक कमाए और दूसरा घर संभाले। बेटी की परवरिश पर भी खुलकर बोले अभिषेक ने बेटी आराध्या बच्चन की परवरिश को लेकर भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वह और ऐश्वर्या उसे उपदेश देने के बजाय खुद उदाहरण बनकर सिखाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, दोनों मिलकर ऐसी परवरिश देना चाहते हैं जिसमें सम्मान, आत्मनिर्भरता और संवेदनशीलता शामिल हो। पिछले कुछ समय से अभिषेक और ऐश्वर्या के रिश्ते को लेकर अफवाहें सामने आई थीं, लेकिन दोनों कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आए, जिससे इन खबरों पर विराम लगता दिखा।