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पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, डीजल का रेट दिल्ली में आज शनिवार को 87.67 रुपये प्रति लीटर है। बता दें, दुनिया भर में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil Prices) में जारी तेजी की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, घरेलू स्तर पर भारत सरकार ने आम-आदमी को अबतक इससे बचा कर रखा है। पाकिस्तान में 458 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोलपाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी बढोतरी की है। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है। देश के अलग-अलग शहरों में किस रेट पर बिक रहा पेट्रोल (Petrol Rate)दिल्ली – 94.77 रुपयेमुंबई – 104.21 रुपयेकोलकाता – 103.94 रुपयेचेन्नई – 100.75 रुपयेअहमदाबाद – 94.49 रुपयेबेंगलुरू – 102.92 रुपयेहैदराबाद – 107.46 रुपयेजयपुर – 104.72 रुपयेलखनऊ – 94.69 रुपयेपुणे – 104.04 रुपयेचंडीगढ़ – 94.30 रुपयेइंदौर – 106.48 रुपये डीजल का क्या है अलग-अलग शहरों में रेट (Diesel Rate)मुंबई – 92.15 रुपयेकोलकाता – 90.76 रुपयेचेन्नई – 92.34 रुपयेअहमदाबाद – 90.17 रुपयेबेंगलुरू – 89.02 रुपयेहैदराबाद – 95.70 रुपयेजयपुर – 90.21 रुपयेलखनऊ – 87.80 रुपयेपुणे – 90.57 रुपयेचंडीगढ़ – 82.45 रुपयेइंदौर – 91.88 रुपयेपटना – 93.80 रुपये पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इंडियन ऑयल ने इजाफा किया था। जिसके बाद दिल्ली में XP100 पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल का रेट 91.49 रुपये से 92.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।

MP: इंदौर में एक माह तक नहीं मिलेगा नया LPG कनेक्शन, अस्थायी रूप से बंद किया पोर्टल

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) शहर में एलपीजी गैस कनेक्शन (LPG Gas Connection) लेने की प्रक्रिया फिलहाल अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई है। खाद्य आपूर्ति विभाग (Food Supply Department) ने नए गैस कनेक्शन के लिए उपयोग में आने वाले ऑनलाइन पोर्टल को एक महीने के लिए बंद कर दिया है। इसके चलते अब नागरिकों को नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन करने हेतु कम से कम एक माह तक इंतजार करना होगा। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि विभागीय स्तर पर कुछ तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी कारणों के चलते पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी स्थगित रहेगी। एक महीने बाद जब पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा, तब ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर नए कनेक्शन जारी किए जाएंगे। घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरअधिकारी मारू ने यह भी बताया कि जिन उपभोक्ताओं को तत्काल गैस की आवश्यकता है, उनके लिए विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ऐसे लोगों को घरेलू उपयोग के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की गंभीर असुविधा का सामना न करना पड़े। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक नियमित कनेक्शन देने की प्रक्रिया फिर से शुरू नहीं हो जाती। उन्होंने आगे कहा कि इस दौरान यदि किसी नागरिक को गैस संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या या परेशानी होती है, तो वे अपने नजदीकी गैस एजेंसी से संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से सभी एजेंसियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को यथासंभव राहत मिल सके। यह एक अस्थायी व्यवस्थापोर्टल बंद होने से शहर के कई लोगों को अस्थायी रूप से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की तैयारी में थे। हालांकि, विभाग का कहना है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है और जल्द ही सभी सेवाएं फिर सामान्य कर दी जाएंगी। खाद्य आपूर्ति विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और विभाग का सहयोग करें, ताकि आगामी समय में गैस कनेक्शन की प्रक्रिया को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाया जा सके।

LPG की किल्लत के बीच बढ़ी स्टोव की डिमांड… केरोसिन नहीं मिलने से मजदूर पलायन को मजबूर

नई दिल्ली। एलपीजी किल्लत (Gas Crisis) के कारण आम लोग खासकर मजदूर वर्ग खासे परेशान हैं। आसानी से सिलिंडर (Gas Cylinder) नहीं मिलने के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि साल पहले घरों से गायब केरोसिन स्टोव (Kerosene Stove) विकल्प के रूप में एक बार फिर जरूरत बनकर उभर रहा है। केंद्र सरकार ने आपात परिस्थितियों को देखते हुए केरोसिन तेल की बिक्री की अनुमति तो दे दी है, लेकिन बाजार में तेल उपलब्ध नहीं होने से लोग परेशान हैं। इस कारण मजदूर वर्ग पलायन करने को भी मजबूर हैं। सदर बाजार और चांदनी चौक जैसे थोक बाजारों में केरोसिन स्टोव की कमी देखी जा रही है। कभी इन बाजारों में स्टोव की भरमार होती थी, लेकिन बदलते समय के साथ इनकी मांग लगभग समाप्त हो गई थी। पहले सिलिंडर उसके बाद इंडक्शन उपयोग के कारण व्यापारियों ने धीरे-धीरे इसे बेचना छोड़ दिया। अब गैस संकट के चलते स्टोव की मांग अचानक बढ़ी है तो बाजार इसकी आपूर्ति करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। केरोसिन-डीजल स्टोव के दाम बढ़ेजो साधारण स्टोव पहले 400 से 600 रुपये में आसानी से मिल जाते थे, उनकी कीमत अब 1500 से 1800 रुपये तक पहुंच गई है। बड़े स्तर पर उपयोग होने वाली केरोसिन-डीजल भट्टियों के दाम 30 हजार रुपये तक पहुंच गया है। बावजूद बाजार में आसानी से नहीं मिल रहा है। सदर बाजार के व्यापारी सुरेश ने बताया कि उनके परिवार का पुराना व्यवसाय स्टोव बेचना था, लेकिन केरोसिन के उपयोग में कमी आने के कारण उन्होंने यह काम छोड़ दिया। नई पीढ़ी के लिए केरोसिन स्टोव बना चुनौतीनई पीढ़ी के अधिकांश लोग केरोसिन स्टोव का उपयोग करना नहीं जानते हैं। मुनिरका में काम करने वाली घरेलू सहायिका मीना ने बताया कि उनका सिलिंडर खत्म हो चुका है। वह कई बाजारों में स्टोव की तलाश कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कहीं नहीं मिला। वहीं, आरके पुरम में रहने वाली गृहिणी प्रेरणा ने बताया कि उनके घर में पिछले तीन दशकों से केवल गैस चूल्हे का उपयोग हो रहा है। उन्होंने कभी स्टोव पर खाना नहीं बनाया, अब यह स्थिति उनके लिए नई और चुनौतीपूर्ण बन गई है। बढ़ रहा पलायन, बस अड्डों-स्टेशनों पर लोगों की भीड़रोजी रोटी की तलाश में घर से हजारों किलोमीटर दूर पहुंचे मजदूर वर्ग के लिए एलपीजी संकट से पेट भरना भी मुश्किल हो गया है। इन संकटों से जूझ रहे खासकर मजदूर वर्ग के लोग अपने घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। इस कारण बड़ी संख्या में पलायन कर रहे लोगों की भीड़ इन दिनों बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों पर देखी जा रही है। सिलेंडर न मिलने, बाहर खाने की महंगाई और काम की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग घर जाना ही मुनासिक समझ रहे हैं। आनंद विहार बस अड्डा और रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ देखने को मिली। कई लोग बैग और सामान के साथ बसों और ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए। उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली बसों में भीड़ अधिक रही। यात्रियों का कहना है कि पिछले कई दिनों से गैस नहीं मिलने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है।

मध्य भारत से लेकर कश्मीर से तक तेज बारिश का अलर्ट… MP-महाराष्ट्र में होगी ओलावृष्टि!

भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी भारत (North-Western India.) इस समय दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभों (Strong Western Disturbances) के प्रभाव में है. इसका सीधा असर कश्मीर से लेकर मध्य भारत (Central India) तक देखने को मिलेगा. इस क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की संभावना है. शुक्रवार और शनिवार को कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में भारी बारिश (Heavy Rain) भी हो सकती है. IMD ने बताया कि मध्य भारत में 7 अप्रैल तक गरज और बिजली चमकने के साथ बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा, 3 अप्रैल को मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उससे सटे गुजरात क्षेत्र में और 4 अप्रैल को पूर्वी मध्य प्रदेश समेत छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हो सकती है. विभाग ने यह भी बताया कि इस हफ्ते देश के ज्यादातार हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश दर्ज की गई. इस बीच, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि होने की खबरें मिली हैं। मार्च महीने में, देश पर आठ पश्चिमी विक्षोभों का असर पड़ा, जबकि सामान्य तौर पर इनकी संख्या 5 या 6 होती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बारिश लाने वाली हवाओं की एक प्रणाली है जो भूमध्य सागर और ईरान के ऊपर से पैदा होती है. यह ‘सबट्रॉपिकल पछुआ जेट स्ट्रीम’ के सहारे भारत पहुंचती है और हिमालय से टकराकर बारिश व बर्फबारी करती है। इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के महीनों यानी दिसंबर से मार्च के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं।

गर्मियों में आंखों की सुरक्षा: जानें आसान उपाय और एक्सरसाइज

नई दिल्ली ।  गर्मियों में तेज धूप गर्म हवा और डिजिटल उपकरणों की बढ़ती निर्भरता ने आंखों की सेहत को गंभीर खतरे में डाल दिया है। लंबे समय तक मोबाइल कंप्यूटर और टीवी स्क्रीन के संपर्क में रहना आंखों में जलन सूखापन धुंधलापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं बढ़ा देता है। ऐसे में अपनी आंखों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार गर्मियों में आंखों को स्वस्थ और तनावमुक्त रखने के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। सबसे पहले आता है 20-20-20 नियम। इसके अनुसार हर 20 मिनट स्क्रीन पर काम करने के बाद 20 फीट लगभग 6 मीटर दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। यह छोटा अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को आराम देता है फोकस बदलने से तनाव कम होता है और आंखों की थकान भी दूर होती है। इसके अलावा आई पामिंग एक बेहद सरल और असरदार तरीका है। इसके लिए सुबह और शाम 2-3 मिनट दोनों हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर हल्के से रखें। इससे आंखों को तुरंत गहरा आराम मिलता है और धूप या स्क्रीन से होने वाले तनाव में कमी आती है। गर्मियों में आंखों की देखभाल के लिए त्राटक अभ्यास भी लाभकारी है। इसके लिए मोमबत्ती की लौ या किसी काले बिंदु पर बिना पलक झपकाए कुछ सेकंड तक नजर टिकाएं और फिर आंखें बंद कर लें। यह अभ्यास आंखों को मजबूत बनाने के साथ-साथ ध्यान की क्षमता को भी बढ़ाता है। सिर्फ स्क्रीन टाइम ही नहीं बल्कि आंखों की साधारण एक्सरसाइज भी जरूरी है। आंखों को ऊपर-नीचे दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाना चाहिए। पास और दूर की वस्तुओं पर फोकस बदलना भी आंखों की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है। गर्मियों में आंखों को ठंडक देने के लिए पानी के छींटे भी फायदेमंद हैं। बाहर आने या लंबे काम के बीच समय-समय पर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारने से राहत मिलती है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करना अच्छी रोशनी में काम करना और रोजाना पर्याप्त नींद लेना भी आंखों की थकान और जलन को कम करने में मदद करता है। आंखों की देखभाल केवल डिजिटल उपकरणों और गर्मी तक सीमित नहीं है। पर्याप्त पानी पीना हरी सब्जियों और विटामिन ए युक्त आहार लेना और धूल-मिट्टी से बचाव भी आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। गर्मियों में ये छोटे-छोटे उपाय अपनाकर आप अपनी आंखों को न सिर्फ स्वस्थ रख सकते हैं बल्कि तेज रोशनी स्क्रीन और धूल से होने वाली परेशानियों से भी बच सकते हैं। यही नहीं नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी बनी रहती है आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और आंखें लंबे समय तक तनावमुक्त रहती हैं।

गर्मियों का सुपरफ्रूट खरबूजा: शरीर को ठंडक और त्वचा को निखार देने वाला फल

नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां शरीर को अत्यधिक पसीना और पानी की कमी से जूझना पड़ता है, वहीं ऐसे फलों का सेवन जो ठंडक पहुंचाएं और स्वास्थ्य बनाए रखें, बेहद जरूरी है। खरबूजा इसी श्रेणी में एक बेहतरीन फल माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, खरबूजा गर्मियों के लिए वरदान के समान है। यह न केवल प्यास बुझाता है बल्कि शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। खरबूजे में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही इसमें उच्च मात्रा में फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी और पोटेशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, पाचन क्रिया सुधारने और त्वचा तथा आंखों की सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं। आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्तशामक फल माना गया है। गर्मियों में यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है, पेट को ठंडक पहुंचाता है और हृदय को राहत देता है। इसे कटकर, जूस बनाकर या सलाद में शामिल कर रोजाना खाया जा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, खरबूजा न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है बल्कि यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध भी है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इसे डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सेवन करना चाहिए। खरबूजे के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेट रहता है। गर्मी में पसीना अधिक निकलने से शरीर में पानी की कमी होने लगती है, लेकिन खरबूजा प्राकृतिक रूप से पानी की पूर्ति करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधारता है, कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है और पेट को साफ रखता है। विटामिन सी से भरपूर खरबूजा रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है, जिससे गर्मियों में होने वाली वायरल और अन्य बीमारियों से बचाव होता है। यह वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है क्योंकि कम कैलोरी होने के साथ-साथ फाइबर से भरा होने के कारण पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। त्वचा और आंखों की देखभाल में भी खरबूजा कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं। गर्मियों में धूप और पसीने से जो त्वचा प्रभावित होती है, खरबूजा उसे निखारने में मदद करता है। इसके अलावा, विटामिन ए आंखों की रोशनी बनाए रखने और आंखों की थकान कम करने में सहायक होता है। इस प्रकार, गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन सुधारने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और त्वचा तथा आंखों के स्वास्थ्य के लिए खरबूजा एक सुपरफ्रूट के रूप में उभरता है। चाहे कटकर खाएं, जूस बनाकर पिएं या सलाद में डालकर सेवन करें, यह फल गर्मियों में हर घर का अनमोल साथी बन सकता है।

4 अप्रैल 2026 का राशिफल : जानिए किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सावधान

नई दिल्ली । ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर आज 4 अप्रैल 2026 का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है, जबकि कुछ राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार दिन का प्रभाव हर राशि पर अलग-अलग पड़ेगा। आइए जानते हैं आज किन राशि वालों को लाभ मिलेगा और किनकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। मेष राशि: आज काम थोड़ा धीरे चलेगा इसलिए धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी ना करें। कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अच्छे से सोचें, नहीं तो बाद में पछताना पड़ सकता है। परिवार का साथ मिलेगा जिससे मन हल्का महसूस होगा। खानपान का ध्यान रखें और अपने लिए समय निकालें। वृषभ राशि: आज आपका आत्मविश्वास ठीक रहेगा और काम में मन लगेगा। ऑफिस या बिजनेस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में लाभदायक रहेगी। पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। लोगों की बातों को दिल पर न लें। प्रैक्टिकल सोच से दिन अच्छा रहेगा। मिथुन राशि: आज आपका मूड अच्छा रहेगा और आप सकारात्मक महसूस करेंगे। नौकरी या बिजनेस में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से बात करके मन खुश होगा। खाने में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। कर्क राशि: आज पैसों की स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है, जिससे मन खुश रहेगा। घर और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। काम थोड़ा ज्यादा रहेगा लेकिन मेहनत का फल जरूर मिलेगा। सीनियर्स आपके काम की तारीफ कर सकते हैं। पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। ओवरथिंकिंग कम करें। सिंह राशि: आज कोई बड़ा फैसला जल्दी में न लें और सोच-विचार जरूर करें। मन थोड़ा परेशान हो सकता है, लेकिन समय के साथ स्थिति सुधरेगी। धैर्य रखें और कहीं बाहर जाने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य पर ध्यान दें। कन्या राशि: आज बिजनेस में कुछ नया करने का मौका मिलेगा जिससे कमाई बढ़ सकती है। किसी दोस्त या जानकार की मदद काम आएगी। कोई अच्छी खबर मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। पानी खूब पिएं और खाने में प्रोटीन बढ़ाएं। तुला राशि: आज काम ज्यादा रह सकता है, जिससे थोड़ी भागदौड़ होगी। किसी दोस्त या सहकर्मी की मदद से काम आसान होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर आराम भी करें। बीच-बीच में छोटे ब्रेक्स लें, इससे फायदा होगा। वृश्चिक राशि: आज गुस्सा करने से बचें और शांत रहकर फैसले लें। पैसों को लेकर सही योजना बनाना जरूरी है। घर में बड़ों की सेहत का ध्यान रखें। अपना ख्याल रखें और तला-भुना खाने से बचें। एक्सरसाइज शुरू कर दें। धनु राशि: आज नौकरी में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और सीनियर्स का साथ भी मिलेगा। काम धीरे-धीरे आसान होता दिखेगा। कुछ नया सीखने का मौका भी मिलेगा। ओवरथिंकिंग न करें। अपनी गलतियों को समझें और दूसरों को दोष न दें। मकर राशि: आज मन थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन खुद पर भरोसा रखें। ज्यादा नेगेटिव सोचने से बचें और अपने काम पर ध्यान दें। किसी काम से यात्रा भी करनी पड़ सकती है। लोगों की बातों पर ध्यान न दें। अपने साथ समय बिताएं और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें। कुंभ राशि: आज पढ़ाई या करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लव लाइफ में छोटी बातों पर टेंशन न लें और प्यार से बात करें। समय का सही इस्तेमाल करें। घूमने का प्लान न बनाएं। परिवार के साथ समय बिताएं और तनाव होने पर किसी खास दोस्त से बात करें। मीन राशि: आज काम में उतार-चढ़ाव रह सकता है लेकिन ज्यादा चिंता न करें। घर में छोटी-मोटी बात पर बहस हो सकती है, इसलिए शांत रहें। अपने लिए समय निकालें और खाने-पीने का ध्यान रखें। ज्यादा न सोचें। स्थिति जल्द ही पहले से बेहतर हो जाएगी। डिस्क्लेमर: हम यहां दी गई जानकारी के पूर्णतया सत्य होने का दावा नहीं करते हैं। यह केवल सामान्‍य जानकारी के उद्देश्‍य से दी गई है। विस्तृत जानकारी के लिए ज्‍योतिष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला… 489 मदिरा दुकानों के संचालन के लिए बनेगा निगम-मंडल

भोपाल। मध्य प्रदेश में आबकारी विभाग के लिए गठित मंत्री-मंडलीय समिति की शुक्रवार को हुई वर्चुअल बैठक में 12 दौर की नीलामी प्रक्रिया के बाद शेष बची दुकानों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि नीलामी के बाद शेष 489 दुकानों के संचालन के लिए आबकारी विभाग स्वयं एक निगम/मंडल गठित कर इन दुकानों के संचालन की संभावना पर विचार करेगा। मंत्री-मंडल समिति में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव अमित राठौर और आबकारी आयुक्त दीपक कुमार सक्सेना मौजूद रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीलामी के बाद शेष बची 489 मदिरा दुकानों को सीधे निगम/मंडल के माध्यम से संचालित करने के विकल्प पर चर्चा की गई। यह कदम शेष शराब दुकानों का निस्तारण करने और राजस्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन

भोपाल। उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) की पावन धरती पर शुक्रवार शाम को महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का ऐतिहासिक मंचन हुआ। महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग और उस दौर के राजसी वैभव को दर्शाते दृश्यों ने दर्शकों को से बांधे रखा। प्रकाश संयोजन और संगीत की स्वर लहरियों ने हर दृश्य को इतना प्रभावशाली बना दिया कि युद्ध के दृश्यों में जहाँ वीरता का सजीव आभास हुआ, वहीं सम्राट की न्यायप्रियता के प्रसंगों ने दर्शकों को गौरव की भावना से भर दिया। महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका यथार्थवादी चित्रण था, जिसमें मदमस्त हाथियों, सरपट दौड़ते घोड़ों और ऊंटों के काफिलों के प्रयोग ने युद्ध के दृश्यों और राजसी वैभव को अभूतपूर्व भव्यता प्रदान की। हाथियों की चिंघाड़ और घोड़ो की टापों ने मंच पर रणभूमि का साक्षात दृश्य उपस्थित कर दिया, जिससे दर्शक रोमांचित हो उठे। लगभग 400 से अधिक कलाकारों ने आधुनिक लाइट-एंड-साउंड तकनीक के साथ सम्राट की न्यायप्रियता, अदम्य शौर्य और विक्रम संवत की स्थापना के प्रसंगों को बड़े प्रभावशाली रूप प्रस्तुत किया। मंच पर निर्मित ऊंचे दुर्ग और राजप्रासाद के सेट ने इतिहास को जीवंत कर दिया। महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व के उन अनछुए पहलुओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया, जो उन्हें एक साधारण राजा से ‘चक्रवर्ती सम्राट’ बनाते हैं। वह दृश्य अत्यंत ह्रदय स्पर्शी था जब सम्राट अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए रात्रि के अंधकार में वेश बदलकर निकलते हैं। उनके द्वारा स्थापित ‘विक्रम संवत’ की प्रासंगिकता और भारतीय काल-गणना के महत्व को जिस सरल और साहित्यिक भाषा में संवादों के माध्यम से पिरोया गया, वह सराहनीय था। कलाकारों के संवादों में वह ओज और स्पष्टता थी, जिसने इतिहास को मंच पर साक्षात कर दिया। सम्राट का न्याय और ‘सिंहासन बत्तीसी’ के प्रसंगों ने यह संदेश दिया कि नेतृत्व केवल सत्ता का भोग नहीं, बल्कि त्याग और न्याय की वेदी पर खुद को समर्पित करना है। तीन दिवसीय महानाट्य की पहली गरिमामयी शाम में जनता और पर्यटक इस कदर उमड़े कि कार्यक्रम स्थल छोटा प्रतीत होने लगा नाटक के चरमोत्कर्ष पर पहुंचतें ही “जय महाकाल” और “सम्राट विक्रमादित्य” के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो गया। यह महानाट्य केवल मंचन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। अंतिम दृश्य में जब सम्राट का राज्याभिषेक हुआ और पुष्प वर्षा हुई, तो हर नागरिक का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया। इस अवसर पर मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मंत्रीगण अनिल, राजेश सचान, रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ. विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद भी देर रात तक दर्शक उस जादुई वातावरण के प्रभाव में रहे। महानाट्य के सफल आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि इतिहास को सही परिप्रेक्ष्य में भव्यता के साथ प्रस्तुत किया जाए, तो वह आज भी जनमानस को गौरवान्वित करता है। यह महानाट्य आने वाले समय में एक सांस्कृतिक मील का पत्थर साबित होगा। वाराणसी में तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के विशेष आकर्षणसमारोह स्थल पर म.प्र. संस्कृति और पर्यटन विभाग द्वारा भव्य चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में ऋषियों वैदिक ज्ञान तथा सांस्कृतिक गौरव को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। महानाट्य में 200 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्य मंच से दर्शकों के बीच जाकर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन का सजीव मंचन अत्यंत आकर्षक बना हुआ है। महानाट्य में तीन भव्य मंच बनाए गए हैं, जिनमें से एक मंच पर उज्जैन के महाकाल मंदिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की गई, जो विशेष आकर्षण का केन्द्र बनी। महानाट्य में 18 घोड़े, दो रथ, चार ऊंट एक पालकी और एक हाथी के साथ जीवंत दृश्य से विक्रमादित्य का गौरव साकार हो रहा है। महानाट्य में आधुनिक सूचना संचार तकनीक का उपयोग कर युद्ध के दृश्य आतिशबाजी और प्राचीन परंपरा को अद्भुत ढंग से संजीव किया गया है। महानाट्य में सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राजतिलक तक की गाथा विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्य कथा को प्रदर्शित किया जा रहा है।

सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य उनके सुशासन का संदेश देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में दो राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतरराज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपये का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपये राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपये राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है। विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण: योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के भाव को साकार करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। मप्र के मुख्यमंत्री ने भेंट की वैदिक घड़ीमप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है। इसके बाद वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का ऐतिहासिक मंचन हुआ। समारोह में उत्तर प्रदेश के मंत्रीगण अनिल, राजेश सचान, रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ. विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।