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रूस का साफ संदेश भारत पर किसी दबाव की गुंजाइश नहीं तेल व्यापार और संबंधों में बढ़ती मजबूती

नई दिल्ली । भारत के तेल बाजार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही चर्चाओं के बीच रूस ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका के कथित दबाव को पूरी तरह खारिज कर दिया है भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलिपोव ने एक विशेष बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार्य नहीं है और भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर मजबूती से कायम है राजदूत अलिपोव ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत के बाजार में रूस के लिए बाधाएं खड़ी करने की कोशिशें वैश्विक व्यापार के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं हैं उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह का दबाव न तो उचित है और न ही टिकाऊ उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से खारिज करता है और भारत के स्वतंत्र रुख का सम्मान करता है तेल आयात को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों पर टिप्पणी करने से इनकार किया लेकिन यह जरूर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दबाव की राजनीति सही नहीं है उनके अनुसार यह वैश्विक सहयोग और संतुलन को प्रभावित करता है रूस और भारत के संबंधों पर बात करते हुए अलिपोव ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है हाल के वर्षों में भारत ने रूस से तेल आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है और यह साझेदारी आगे भी जारी रहने की संभावना है उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार और आर्थिक सहयोग को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं जिससे दोनों पक्षों को लाभ मिल रहा है मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त की और इसे अमेरिकी नीतियों से जोड़ते हुए इसे ऑयल डिसरप्शन डिप्लोमेसी करार दिया उनके अनुसार इस तरह के हस्तक्षेप से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है राजदूत ने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संवाद लगातार जारी है और इस वर्ष नरेंद्र मोदी की संभावित रूस यात्रा को लेकर मॉस्को उत्साहित है उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच वार्षिक शिखर बैठक की परंपरा मजबूत है और दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं कुल मिलाकर रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक राजनीति में ऊर्जा और व्यापार को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं इस बयान से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत और रूस अपने संबंधों को बाहरी दबाव से परे रखते हुए आगे बढ़ाना चाहते हैं और ऊर्जा सहयोग इस साझेदारी का प्रमुख आधार बना रहेगा

एम्स दिल्ली भर्ती 2026: जल्द करें आवेदन, युवाओं के लिए कैरियर का बड़ा मौका

नई दिल्ली। मेडिकल और रिसर्च क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली ने दो महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे 8 अप्रैल 2026 से पहले आवेदन करके अपने सपनों को साकार कर सकें। भर्ती के पद और पात्रता:एम्स दिल्ली ने जिन दो पदों के लिए आवेदन मांगे हैं, वे हैं: प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट-I (नॉन-मेडिकल)प्रोजेक्ट टेक्निकल सपोर्ट-III उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान या यूनिवर्सिटी से जीवन विज्ञान या जैव चिकित्सा विज्ञान में पोस्ट-ग्रेजुएशन डिग्री या जीवन विज्ञान में ग्रेजुएशन डिग्री के साथ 3 साल का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ-साथ अन्य पात्रता और अनुभव की शर्तें भी पूरी करनी होंगी। आयु सीमा और छूट:उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 साल तय की गई है, जिसकी गणना 8 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया और वेतन:उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों की मासिक सैलरी 28,000 से 56,000 रुपए के बीच होगी। इसके अलावा, उम्मीदवारों को अन्य लाभ और भत्ते भी मिलेंगे। आवेदन प्रक्रिया:आवेदन ऑनलाइन और ईमेल के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार सबसे पहले एम्स दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर संबंधित पद के लिए जारी नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करें और नोटिफिकेशन में दिए गए QR कोड को स्कैन करके अपना बायोडेटा तय समय सीमा के भीतर सबमिट करें। एम्स दिल्ली में प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट और टेक्निकल सपोर्ट पदों पर भर्ती का अवसर युवाओं के लिए करियर निर्माण का बेहतरीन मौका है। योग्य उम्मीदवार 8 अप्रैल 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन करके इस सुनहरे अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

खीरे के फायदे: त्वचा से लेकर पाचन तक, हर रोज़ क्यों खाएं

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में ताजगी की चाहत हर किसी को होती है, और ऐसे में खीरा (Cucumber) सबसे पसंदीदा विकल्प बन जाता है। न सिर्फ इसका स्वाद ठंडक और राहत देता है, बल्कि यह शरीर के लिए भी कई तरह से फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद में खीरे को शीतल और पित्तशामक माना गया है, जो शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। खीरे में भरपूर पानी और पोषक तत्वखीरे में 85 से 96 प्रतिशत तक पानी होता है, जिससे यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। इसके अलावा, इसमें विटामिन ए, सी, के और मिनरल्स जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। गर्मियों में लू से बचाव, शरीर के तापमान को संतुलित रखना और पाचन को सही रखना खीरे के सेवन से आसान हो जाता है। पाचन और पेट के लिए लाभकारीखीरे में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पेट को शुष्क होने से बचाता है और गैस-कब्ज जैसी समस्याओं को कम करता है। पोटेशियम की मौजूदगी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। चेहरे और बालों के लिए भी फायदेमंदखीरा सिर्फ पेट के लिए ही नहीं बल्कि स्किन और बालों के लिए भी उपयोगी है। यह चेहरे को नेचुरल ग्लो देता है, नाखून और बालों को मजबूत और चमकदार बनाता है। गर्मियों में ठंडी खीरे की चाट या जूस शरीर को अंदर से तरोताजा रखता है। खीरे को आहार में शामिल करने के तरीकेसुबह के समय खाली पेट खीरे का जूस पीना सबसे बेहतर उपाय है। इसके लिए खीरा, पुदीना और धनिए के पत्तों को मिलाकर जूस तैयार करें और छानकर सेवन करें। इससे शरीर को भरपूर ऊर्जा और ठंडक मिलती है। इसके अलावा, खीरे की चाट या सलाद बनाकर भी खाया जा सकता है। ध्यान रखें कि इसे खाने के तुरंत बाद न लें; खाने से एक घंटे पहले खीरा शामिल करना अधिक फायदेमंद रहता है।  खीरा गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट करता है, पाचन सुधारता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है और त्वचा व बालों को स्वस्थ बनाता है। जूस, चाट या सलाद के रूप में इसे आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक और आसान तरीका है।

रूस में बड़ा सैन्य विमान हादसा क्रीमिया में एएन 26 क्रैश 29 लोगों की मौत

नई दिल्ली । रूस में एक बड़ा सैन्य विमान हादसा सामने आया है जिसमें क्रीमिया क्षेत्र में रूसी सेना का एएन 26 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया इस भीषण हादसे में कुल 29 लोगों की मौत हो गई जिनमें चालक दल के 6 सदस्य और 23 यात्री शामिल हैं इस घटना की पुष्टि रूस के रक्षा मंत्रालय ने की है और इसे हाल के समय की गंभीर सैन्य दुर्घटनाओं में से एक माना जा रहा है जानकारी के अनुसार यह विमान निर्धारित उड़ान पर था और क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भर रहा था तभी अचानक उससे संपर्क टूट गया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विमान किसी चट्टान से टकरा गया था जिससे यह दुर्घटना हुई हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी हमले की संभावना नहीं है और प्राथमिक रूप से तकनीकी खराबी को ही कारण माना जा रहा है रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार 31 मार्च की शाम करीब 6 बजे मॉस्को समय पर विमान से संपर्क टूट गया था जिसके बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया बचाव दलों ने बाद में दुर्घटनास्थल का पता लगाया जहां से यह स्पष्ट हुआ कि विमान पूरी तरह नष्ट हो चुका था और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना नहीं रही एएन 26 एक हल्का सैन्य परिवहन विमान है जिसका उपयोग कई दशकों से किया जा रहा है यह विमान कम और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त माना जाता है और इसमें सामान के साथ करीब 40 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होती है हालांकि इसकी पुरानी तकनीक और लंबे समय से उपयोग को लेकर समय समय पर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठती रही हैं इस हादसे ने एक बार फिर रूस के सैन्य विमानन तंत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर तब जब हाल ही में दिसंबर 2025 में भी एक बड़ा हादसा सामने आया था उस समय एंटोनोव एएन 22 विमान परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें चालक दल के सभी 7 सदस्यों की मौत हो गई थी यह घटना मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र के इवानकोवो गांव के पास हुई थी लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि पुराने सैन्य विमानों के रखरखाव और तकनीकी जांच को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और आधुनिक तकनीक का समावेश बेहद जरूरी है फिलहाल क्रीमिया में हुए इस हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर तकनीकी खराबी किस कारण से हुई और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी इस दुखद घटना ने एक बार फिर सैन्य विमानन सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से सामने ला दिया है

बच्चे की नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय: रात में सोने की परेशानी दूर करें

नई दिल्ली। छोटे बच्चों के लिए रात में अच्छी नींद आना कभी-कभी चुनौती बन जाता है। दिनभर खेल-कूद और खाने के बाद भी कई बार बच्चे रात को बार-बार डरकर उठ जाते हैं या बेचैनी के कारण नींद पूरी नहीं ले पाते। इससे न केवल बच्चा चिड़चिड़ा महसूस करता है, बल्कि पूरा परिवार भी थक जाता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोणआयुर्वेद में इसे तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़कर देखा गया है। नींद की समस्या को संतुलित करने के लिए आयुर्वेद बच्चों को रात को सोने से पहले थोड़े से घी में गुड़ मिलाकर देने की सलाह देता है। घी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है और वात को संतुलित रखता है, जिससे शरीर रिलैक्स महसूस करता है। गुड़ हल्की ऊर्जा और स्थिरता देता है। इस उपाय से बच्चा गहरी नींद में सोता है और बार-बार नींद टूटने की समस्या कम होती है। वात और तंत्रिका तंत्र पर असररात के समय शरीर में वात की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे नींद प्रभावित होती है। घी वात को नियंत्रित रखकर तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। इसके अलावा, इससे नींद लाने वाले हॉर्मोन भी सही तरीके से बनते हैं। बच्चे की दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। स्क्रीन टाइम और वातावरण का ध्यानअत्यधिक मोबाइल या टीवी का उपयोग मस्तिष्क को सक्रिय बनाए रखता है और नींद में बाधा डालता है। इसलिए रात के समय बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और सोने का समय शांत वातावरण में बिताएं। कमरे का हल्का अंधेरा और शांति नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। कब डॉक्टर से सलाह लेंअगर बच्चा रात में अत्यधिक डरता है या आयुर्वेदिक उपाय से आराम नहीं मिलता, तो तुरंत बाल विशेषज्ञ से सलाह लें। कभी-कभी नींद की परेशानी किसी और स्वास्थ्य समस्या की वजह से भी हो सकती है।

गर्मियों में सहजन का सेवन: पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में अक्सर पाचन संबंधी परेशानियां, थकान, कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में आयुर्वेद हमें सहजन (मोरिंगा) खाने की सलाह देता है, जिसे ‘चमत्कारी वरदान’ भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इसके पत्ते, फूल और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। पोषक तत्वों से भरपूर सहजननेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सहजन में विटामिन ए, बी, सी, कैरोटीन, आयरन, जिंक, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, पाचन तंत्र को मजबूत करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। पाचन और वजन नियंत्रण में सहजन की भूमिकासहजन में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखता है और कब्ज, गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है। भारी भोजन के बाद पाचन बिगड़ने पर सहजन मदद करता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे भोजन जल्दी पचता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती। फाइबर की मौजूदगी भूख को नियंत्रित करती है और बार-बार खाने की आदत पर लगाम लगाती है। डिटॉक्स और ऊर्जा देने वाला सहजनगर्मी में शरीर में पानी और हानिकारक तत्व जमा हो जाते हैं। सहजन प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करता है, सूजन कम करता है और शरीर को हल्का-फुल्का बनाता है। साथ ही यह रक्त में शुगर का स्तर स्थिर रखता है, इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए भी सहजन बेहद फायदेमंद है। थकान कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में सहजनसहजन में कैल्शियम और विटामिन सी होते हैं, जो गर्मियों में शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं और कमजोरी दूर करते हैं। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और गर्मियों में बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं। सेवन के आसान तरीकेगर्मियों में सहजन को सब्जी, पत्तों का साग, सूप या जूस के रूप में रोजाना खाया जा सकता है। पत्तों को सुखाकर पाउडर बनाकर पानी में मिलाकर पीना भी फायदेमंद है। नियमित सेवन से पाचन मजबूत होता है, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, और शरीर की इम्युनिटी प्राकृतिक तरीके से बढ़ती है। गर्मियों में सहजन का सेवन पाचन सुधारने, वजन नियंत्रित रखने, ऊर्जा बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे प्राकृतिक और आसान तरीका है। यह शरीर को ठंडक देने, डिटॉक्स करने और थकान कम करने में भी मदद करता है, जिससे गर्मियों का मौसम स्वस्थ और हल्का-फुल्का महसूस होता है।

रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं

मध्य पूर्व में तनाव का असर: केंद्र ने SEZ यूनिट्स के लिए दरों में कटौती की घोषणा

नई दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में काम कर रही पात्र इकाइयों के लिए घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) में निर्मित वस्तुओं पर रियायती सीमा शुल्क दरों की घोषणा की। यह कदम केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई घोषणा के तहत उठाया गया है, ताकि वैश्विक व्यापार में जारी व्यवधानों के कारण एसईजेड इकाइयों के सामने आ रही चुनौतियों को कम किया जा सके। राहत योजना की अवधि और कानूनी आधारसीबीआईसी ने इस राहत को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत जारी अधिसूचना 11/2026-सीमा शुल्क (31 मार्च 2026) के माध्यम से लागू किया है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इसके तहत पात्र एसईजेड इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों के समान अवसर सुनिश्चित करते हुए रियायती दरों पर बिक्री की अनुमति दी जाएगी। सीमा शुल्क दरों में कटौती का विवरणराहत योजना के अंतर्गत विभिन्न सीमा शुल्क दरों को घटाया गया है: वर्तमान में 30%-40% सीमा शुल्क वाले माल पर अब 20% शुल्क लागू होगा।20%-30% सीमा शुल्क वाले माल की दर घटाकर 15% कर दी गई है।20% सीमा शुल्क वाले माल पर अब 12.5% शुल्क लगेगा।12.5%-15% सीमा शुल्क वाले माल पर 10% शुल्क लागू होगा।10% सीमा शुल्क को घटाकर 9%, और 7.5% को घटाकर 6.5% किया गया। शर्तें और मूल्यवर्धन आवश्यकताइस योजना का लाभ लेने वाली एसईजेड इकाइयों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके निर्मित माल में इनपुट की तुलना में कम से कम 20% मूल्यवर्धन हो। इसके साथ ही, डीटीए में रियायती दरों पर की गई बिक्री पिछले तीन वित्तीय वर्षों में किसी भी वर्ष के उच्चतम वार्षिक एफओबी निर्यात मूल्य के 30% से अधिक नहीं होगी। राहत यो जना का क्रियान्वयनइस राहत योजना को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की स्वचालित प्रणाली के माध्यम से लागू किया जाएगा। डीटीए क्लीयरेंस के लिए एंट्री बिलों का मूल्यांकन फेसलेस असेसमेंट सिस्टम के तहत किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक व्यापार व्यवधानों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एसईजेड इकाइयों को राहत देने के लिए सीमा शुल्क दरों में कटौती की है। यह कदम देश में विनिर्माण इकाइयों के लिए व्यापार को बढ़ावा देने और निर्यात पर जोर बनाए रखने का स्पष्ट संकेत है।

क्रिकेट फैन्स के लिए खास: आईपीएल में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सिर्फ शतक ही नहीं, बल्कि लगातार अर्धशतक बनाना भी बल्लेबाज की निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है। आईपीएल के 19वें सीजन के आगाज के साथ, इस लीग में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले टॉप-5 बल्लेबाजों की चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है। 1. विराट कोहली आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। 268 मुकाबलों में विराट ने 64 अर्धशतक जमाए हैं। इसके साथ ही उन्होंने 8 शतक भी लगाए हैं। कोहली का 2016 का सीजन बेहद शानदार था, जिसमें उन्होंने 152 के स्ट्राइक रेट से 973 रन बनाए थे। उनकी निरंतरता और बल्लेबाजी की गुणवत्ता उन्हें आईपीएल का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनाती है। 2. डेविड वॉर्नर दूसरे नंबर पर डेविड वॉर्नर हैं। 184 मैचों में 62 अर्धशतक बनाने के अलावा, वॉर्नर ने आईपीएल में 4 शतक भी लगाए हैं। 2017 में अपनी कप्तानी में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद को चैंपियन भी बनाया था। वॉर्नर की स्ट्राइक और आक्रामकता हमेशा विपक्षी टीमों के लिए चुनौती रही है। 3. शिखर धवन तीसरे नंबर पर शिखर धवन का नाम है। कई टीमों के लिए खेलने वाले धवन ने 222 मुकाबलों में 51 अर्धशतक लगाए हैं और आईपीएल में 2 शतक भी उनके नाम दर्ज हैं। धवन की क्रीज पर ठहराव और खेल की समझ उन्हें हर टीम के लिए मूल्यवान बनाती है। 4. रोहित शर्मा आईपीएल में सबसे सफल कप्तानों में से एक रोहित शर्मा चौथे नंबर पर हैं। 273 मुकाबलों में 48 अर्धशतक बनाने के अलावा, रोहित ने कई बार मुंबई इंडियंस को फाइनल तक पहुंचाया है। आईपीएल 2026 में उनके पास अर्धशतक का आंकड़ा बढ़ाने का सुनहरा मौका है। उनकी बल्लेबाजी में तकनीक और आक्रामकता का अनूठा मेल देखने को मिलता है। 5. केएल राहुल पाँचवे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल हैं। 45 अर्धशतक बनाने के अलावा, राहुल आईपीएल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज भी हैं। पिछले सीजन उन्होंने 13 मैचों में 149 के स्ट्राइक रेट से 539 रन बनाए थे। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता और फिनिशिंग क्षमता उन्हें टीम के लिए अमूल्य बनाती है। आईपीएल में अर्धशतक बनाना सिर्फ रन बनाने की क्षमता नहीं, बल्कि बल्लेबाज की निरंतरता और मानसिक दृढ़ता कोभी दर्शाता है। विराट कोहली, डेविड वॉर्नर, शिखर धवन, रोहित शर्मा और केएल राहुल ने लीग के 19 सालों में अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता से फैंस को मंत्रमुग्ध किया है। इन बल्लेबाजों ने न केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाए बल्कि अपनी टीमों को जीत की दिशा में भी मजबूत योगदान दिया है।

दतिया विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलचल तेज 2015 के एफडीआर मामले में कोर्ट का फैसला कल संभव

दतिया । मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है जिसमें वर्ष 2015 में भूमि विकास बैंक से एफडीआर रिलीज से संबंधित अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां लंबे समय से इस मामले की पड़ताल कर रही थीं और अब पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विधायक को हिरासत में लिया गया है गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां इस मामले में आगे की सुनवाई होगी सूत्रों के मुताबिक कल अदालत द्वारा सजा को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जा सकता है जिससे इस पूरे प्रकरण पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी यह मामला वर्ष 2015 से जुड़ा हुआ है जब भूमि विकास बैंक में एफडीआर रिलीज को लेकर कथित गड़बड़ियां सामने आई थीं आरोप है कि इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए आर्थिक अनियमितताएं की गईं जिससे वित्तीय नुकसान हुआ इस प्रकरण में जांच के दौरान कई दस्तावेजों और लेनदेन की जांच की गई जिसके आधार पर अब कार्रवाई तेज की गई है राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि प्रदेश स्तर पर भी सियासी असर देखने को मिल सकता है विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की नजरें अब कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई हैं यदि अदालत सजा सुनाती है तो इसका सीधा असर राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है वहीं यदि राहत मिलती है तो यह मामला एक अलग मोड़ ले सकता है गिरफ्तारी के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं हालांकि आधिकारिक रूप से जांच एजेंसियों की ओर से विस्तृत बयान अभी सामने नहीं आया है कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत का फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह लंबे समय से लंबित एक वित्तीय अनियमितता के मामले को अंतिम दिशा देगा साथ ही यह भी तय करेगा कि आरोप कितने मजबूत हैं और उनके आधार पर सजा किस हद तक संभव है फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं जहां इस मामले में निर्णायक स्थिति सामने आ सकती है यह घटनाक्रम न केवल एक विधायक के राजनीतिक भविष्य के लिए बल्कि प्रदेश की राजनीति के व्यापक परिदृश्य के लिए भी अहम माना जा रहा है