पीएम मोदी की पहल से उत्साहित किसान, ‘मन की बात’ में मिला मछली पालन को बढ़ावा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की में मछली पालन का जिक्र होने की बात के बाद कर्नाटक के बेलगावी जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यक्रम में एक स्थानीय किसान के उद्यम के संचालक ने ग्रामीण उद्यमों को नई पहचान दी है। छोटे किसानों को मिली राष्ट्रीय पहचानबेलगावी तालुक के बोडाक्यतनट्टी गांव के युवा किसान राजेश लिंग हुद्दार ने इस उल्लेख को अपने लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनके काम को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना न सिर्फ उनके लिए है, बल्कि स्टार्स के छोटे किसानों के लिए भी प्रेरणा है। मछली पालन को बढ़ावाहुद्दार पिछले तीन वर्षों से मछली पालन का काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री इस क्षेत्र का जिक्र करने से मछली पालन को एक मुर्गी और मछली के रूप में पहचानते हैं। इस क्षेत्र में इस क्षेत्र में उत्साह का स्तर ऊंचा है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदमप्रधानमंत्री मोदी ने अपने माध्यम से मत्स्य पालन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अहम संदेश दिया। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और आय के नए स्रोत तलाशने के लिए प्रेरित किया। युवाओं के लिए नये अवसरहुद्दार का कहना है कि इस तरह के निर्देशक गांव के युवाओं को भी मछली पालन की ओर आकर्षित कर सकते हैं। सरकारी मान्यता और बचपन जागरूकता के साथ यह क्षेत्र रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है। स्थानीय समुदाय में गौरव का राक्षस‘मन की बात’ में हुद्दार का जिक्र होने के बाद पूरे इलाके में घमंड का माहौल है। स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र की उपलब्धि मान रहे हैं और इसे खेती के पारंपरिक विकास के साथ नए विचारों के रूप में शामिल करते हुए देख रहे हैं।
गर्मियों में एलोवेरा जूस का कमाल: ठंडक, ग्लोइंग स्किन और डिटॉक्स का आसान उपाय

नई दिल्ली गर्मी का मौसम शुरू हो गया है जिससे शरीर में थकान, थकान और त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में प्राकृतिक संरचनाओं की संरचना और वृद्धि होती है। एलोवेरा समुद्र में शरीर को ठंडक देने और अंदर से रखने का एक प्रभावशाली तरीका माना जाता है। आयुष मंत्रालय सेवन की सलाह भी देता हैआयुष मंत्रालय ने भी गर्मियों में एलोवेरा साबुत खाद्य पदार्थों का सेवन को महत्व दिया है। एलोवेरा, जिसे घृतकुमारी भी कहा जाता है, अपने शीतल और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसके शरीर को ठंडा रखने से मदद मिलती है और गर्मी का प्रभाव कम होता है। शरीर को ठंडक और ऊर्जा मिलती हैगर्मी में शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे चक्कर आना, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। एलोवेरा का नियमित सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। त्वचा का निर्माण ग्लोइंग हैगर्मियों में त्वचा रूखी, तैलीय या मुँहासों से प्रभावित हो सकती है। एलोवेरा कंपनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। यह दाग-धब्बों और पिंपल्स को कम करने में भी सहायक होता है। पाचन तंत्र के लिए हानिकारकगर्मी में कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। एलोवेरा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। यह शरीर से टॉक्सिन निकालने में भी सहायक होता है। शरीर को स्टॉक किया गया हैपौष्टिक आहार के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। एलोवेरा साबुत शरीर को रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इम्युनिटी मजबूत होती हैएलोवेरा में विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इससे समरलैण्ड में होने वाली बेरोजगारी से मुक्ति होती है। ऐसे करें सेवनफ्रेशलोव एलेरा के जेल में उसे पानी में पकड़ा गया। स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस, शहद या काला नमक मिलाया जा सकता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है। बाजार में मिलने वाले फलों की जगह ताजा और बिना चीनी वाला भोजन बेहतर होता है। आवश्यक सावधानीहालाँकि एलोवेरा साबूत बढ़िया है, लेकिन हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
इम्युनिटी बढ़ाने के 5 आसान तरीके, रोज अपनाएं और रहें स्वस्थ

नई दिल्ली मौसमी मौसम में गर्मी और शुरुआत के साथ बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए इसे बढ़ाने के लिए कुछ आसान से उपाय अपनाना चाहिए। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पांच आसान और प्रभावी सलाह देता है, जिसके अनुसार प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए इन पांच इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है। पाठ्यपुस्तक के अनुसार इन पांच प्रयोगों में समानता से न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। ये सुझाव कोई भी उम्र के लोग आसानी से अपना सकते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार इन प्रयोगों को लंबे समय तक जारी रखने से बीमारियां कम होती हैं और शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है। गहरी नींद लेना : अच्छी और गहरी नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता का आधार है। रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की मीठी नींद लेनी चाहिए। नींद पूरी न होने से शरीर का रक्षा तंत्र ख़राब हो जाता है। सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूर रहें और रात का खाना देखें। अच्छा और प्रोफेशनल: बिजनेसमैन और प्लास्टिक आहार इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। साधारण फल, हरे पत्तेदार मसाला, दालें, अनाज और मेवे रोजमर्रा। आयुर्वेद में हल्दी दूध, अदरक, तुलसी, मिलावट और गिलोय जैसे घरेलू नुस्खों को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। जंक फूड और अधिकांश ताला-भुना भोजन से जिम्मेदारी लें। व्यायाम करें : नियमित व्यायाम या योगासन से शरीर मजबूत होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय रहती है। प्रतिदिन 30 से 45 मिनट व्यायाम, योग, प्राणायाम या व्यायाम करें। व्यायाम से रक्त संचार अच्छा होता है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद होता है। तनाव का प्रबंधन करें: तनाव लगातार प्रतिरक्षा को ख़राब करता है। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सिद्धांत या हॉबी रखें तनाव कम करने के अच्छे तरीके। आयुर्वेद में तनाव मुक्त जीवन को स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है। क्लिनिकल लाइव: शरीर में पानी की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। समरस्लैम में एक दिन में पर्याप्त पानी सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही पानी, छाछ, नारियल पानी या प्लांट टी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ। साबुत पानी शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
परवल का कमाल: गर्मी में ठंडक और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद

नई दिल्ली। कर्मचारियों के मौसम में सही बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस समय पाचन से जुड़े विकार जैसे कब्ज, गैस और गैस आम हो जाते हैं। ऐसे में परवल में एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आया है। पोषक तत्वों से भरपूर यह सब्जी न केवल पेट को मापती है, बल्कि शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता हैपरवल में प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है। नियमित उपभोग से उपभोग और गैस जारीकर्ताओं से राहत मिलती है। यह पेट को साफ रखने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अपच की परेशानी को दूर करता है। ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने वाले चिकित्सकपरवल में मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर लेवल को स्टॉक में बनाए रखने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि अमेरिकियों के लिए इसे खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा यह ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर बनी रहती है। शरीर को डिटॉक्स करना पड़ता हैपरवल में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह खून को शुद्ध करता है और शरीर को अंदर से साफ रखने में सहायक होता है। त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बढ़ियागर्मियों में त्वचा से जुड़ी चीजें बढ़ती रहती हैं, लेकिन परवल का सेवन त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में नयापन लाते हैं। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत करता है। वजन में सहायककम कैलोरी और अधिक मात्रा में मोटापा कम करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। यह लंबे समय तक पेट भरने का एहसास कराता है, जिससे ज्यादातर खाने की आदतों पर नियंत्रण रहता है। आयुर्वेद में ये भी खास जरूरीआयुर्वेद में परवल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह कफ और पित्त दोष को बनाए रखने में मदद करता है। प्राचीन ग्रंथों में इसका उपयोग पीलिया सहित कई दुकानदारों के इलाज के बारे में बताया गया है। कई प्रवेशार्थी से कर सकते हैं सेवनपरवल को अलग-अलग सम्मिलित रूप से सम्मिलित किया जा सकता है। इसे सब्जी, भुजिया, चोखा, सूप, अचार या मिठाई के रूप में खाया जा सकता है. समरसाइल में फ्लैक्स बैकपैक या सब्जी बनी हुई परवल की सब्जी सबसे अच्छी मानी जाती है। ध्यान रखने योग्य बातें हालाँकि परवल जादुई है, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है। इसलिए कुछ लोगों को इसका सेवन से लेकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बेहतर होगा कि इसे नियमित आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लें।
RBI की पहल से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 1% की बढ़त के साथ खुला

नई दिल्ली।सोमवार को भारतीय मुद्रा में बढ़ोतरी देखने को मिली, जब भारतीय रिजर्व बैंक की नई पहल के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 1.3 प्रतिशत बढ़कर 93.59 पर खुला। हाल के दिनों में लगातार दबाव झेल रहे रुपए के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है। सट्टेबाजी पर लगाम के लिए RBI का बड़ा कदमरुपए में बढ़ोतरी का मुख्य कारण RBI का वह निर्देश है, जिसमें बैंकों को विदेशी मुद्रा बाजार में अपनी खुली स्थिति 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखने को कहा गया है। केंद्रीय बैंक ने अधिकृत डीलर बैंकों को साफ निर्देश दिया है कि वे दिन के अंत तक अपनी ऑनशोर स्थिति इसी सीमा के भीतर रखें। साथ ही, सभी चालू बैंकों को 10 अप्रैल तक इस नियम को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे बाजार में डॉलर की अटकलों पर रोक गिल और रुपए को स्थिरता मिलेगी। पहले गिरावट में था रुपयागौरतलब है कि मार्च के दौरान वैश्विक तनाव के कारण रुपया 4 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो गया था। पिछले हफ़्ते यह करीब 94.84 के स्तर तक गिर गया था, जिससे बाज़ार में चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में RBI का यह कदम बाज़ार में भरोसा बहाल करने के लिए अहम माना जा रहा है। कच्चे तेल की महंगाई बना दबावहालांकि रुपए पर अभी भी दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश की चिंता बढ़ गई है। महंगाई तेल महंगाई को बढ़ती है और इससे रुपए पर नेगेटिव असर पड़ता है। वैश्विक तनाव और डॉलर की मांगपश्चिम एशिया में जारी तनाव, हूती विद्रोहियों की सक्रियता और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के चलते वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव पड़ता है। आगे क्या कह रहे हैं विशेषज्ञविश्लेषकों का दबाव है कि RBI का यह कदम अल्पकाल में रुपए को सहारा देगा। डॉलर की बड़ी स्थिति कम होने से बाजार में संतुलन आएगा और रुपए में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो रुपए पर फिर से दबाव आ सकता है।
सोना और ईंधन की कीमत आज: सप्ताह की शुरुआत में सोना- सस्ता, पेट्रोल- डीजल की नई बिक्री जारी

नई दिल्ली। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सोने की जिले में गिरावट देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना स्टॉक प्रति 10 ग्राम ₹1,48,210 है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,35,890 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालाँकि, एक सप्ताह में सोने की झील में बढ़त का आकलन भी किया गया था। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,100 तक महंगा हुआ था। अलग-अलग डिज़ाइन में सोने के रेटदिल्ली: ₹1,48,210 (24K), ₹1,35,890 (22K)मुंबई और कोलकाता: ₹1,48,080 (24K), ₹1,35,740 (22K)शहर: ₹1,49,010 (24K), ₹1,36,590 (22K)बैंगलोर और पुणे: ₹1,48,080 (24K), ₹1,35,740 (22K)भोपाल और फ़ाइल: ₹1,48,110 (24K), ₹1,35,790 (22K) चाँदी भी हुईसोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। सोमवार सुबह सिल्वर का भाव ₹2,44,900 प्रति टिकट हो गया। पिछले हफ्ते सिल्वर में जबरदस्त रिलीज- देखने को मिला था। शुक्रवार को इसकी कीमत करीब ₹11,250 तक गिर गई थी। सोने और चांदी के उत्पादों से सिर्फ देश के लाभ से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर के डॉलर के डॉलर की स्थिति और कच्चे तेल के उत्पादों से भी प्रभावित होते हैं। पेट्रोल-डीजल की नई फैक्ट्रीदेश में हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई मार्केटिंग कंपनियां चलती हैं। आज भी कई होटलों में मामूली बदलाव देखने को मिलते हैं।मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 | डीजल ₹92.15कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 | डीजल ₹90.76शहर: पेट्रोल ₹100.75 | डीजल ₹92.34मुफ़्त: पेट्रोल ₹94.49 | डीजल ₹90.17बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹89.02पेट्रोल: ₹107.46 | डीजल ₹95.70जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 | डीजल ₹90.21लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 | डीजल ₹87.80पुणे: पेट्रोल ₹104.04 | डीजल ₹90.57चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 | डीजल ₹82.45 आम आदमी पर क्या असर होता है?पेट्रोल-डीजल की दुकानों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। महंगे होने से खाने-पीने की कीमत भी बढ़ सकती है। वहीं सोने-पुराने यूरोप में बदलाव निवेश और शादी-ब्याह के सीजन में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। सप्ताह की शुरुआत में जहां सोना और चांदी चढ़े हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल के मसालों में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं है। ऐसे में डायनासोर पर नजर रखना जरूरी है ताकि आप अपने खर्च और निवेश को बेहतर कर सकें।
ग्वालियर में फर्जी सिम का भंडाफोड़: एक ही फोटो से सैकड़ों सिम सक्रिय, 1,000 रुपए में बेचे गए कनेक्शन

ग्वालियर। शहर में फर्जी सिम कार्ड के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) शॉप संचालक ने एक ही व्यक्ति के आधार और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर सिम जारी किए। मामला तब उजागर हुआ जब जिस व्यक्ति की फोटो सिम फॉर्म में इस्तेमाल हो रही थी, वह खुद पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस का अनुमान है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड में किया गया होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस खुलासे से कई अन्य साइबर फ्रॉड मामलों की कड़ियां जुड़ सकती हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी उमेश कुशवाह (गिरवाई, मूल निवासी भिंड) ने अपने साथी आशीष नागर को इस नेटवर्क में शामिल किया। आशीष ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम सक्रिय करता था। हर सिम पर उसे लगभग 500 रुपए मिलते थे, जबकि उमेश एक सिम के लिए 1,000 से 1,500 रुपए वसूलता था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी को पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई थी। उसने इंस्टाग्राम मैसेंजर पर अपने साथी को अंडरग्राउंड होने की सलाह दी। इस तरह सैकड़ों सिम कार्ड्स एक ही फोटो और आधार से फर्जी दस्तावेज के जरिए सक्रिय कर दिए गए। ऑपरेशन ‘FACE’ में पहली बड़ी कार्रवाईभोपाल मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘FACE’ (फेशियल ऑथेंटिकेशन कम्प्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत यह ग्वालियर में पहली बड़ी कार्रवाई है। झांसी रोड थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एक ही इलाके के नाम पर सिम जारीपुलिस ने अब तक 7 फर्जी सिम बरामद किए हैं। ये सभी सिम गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र की प्रीतमपुर कॉलोनी और कुम्हारों के मोहल्ले के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जबकि उनमें आशीष की फोटो लगी थी। जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीदपुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के खुलासे के बाद कई ऑनलाइन फ्रॉड में इन सिम कार्ड्स के इस्तेमाल की पुष्टि हो सकती है।
ऑयल मार्केट में हलचल: कीमतों में जोरदार उछाल, साल के उच्चतम स्तर के पास

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ नजर आने लगा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की 3 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़त दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 3.66 प्रतिशत पैमाना 116.70 डॉलर प्रति पाउंड इंट्रा-डे हाई रीच तक पहुंच गया, जो 52 सामान्य के करीब है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 3 प्रतिशत से अधिक उछालकर 103 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया।पश्चिम एशिया तनाव बना सबसे बड़ा कारणतेल की इस तेजी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। विशेष रूप से यमन के होती विद्रोहियों के इस संघर्ष में शामिल हैं और इजराइल पर हमले के बाद हमले और हमले हुए हैं। हूती ग्रुप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जब तक उनके सहयोगी आतंकवादी हमले जारी रखेंगे, तब तक वे भी कार्रवाई करेंगे। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अक्रियाशील होने का खतराविशेषज्ञ का मानना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो कच्चे तेल की विषाक्तता प्रभावित हो सकती है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में अहम समुद्री मील का पत्थर पर प्रभाव का खतरा है, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है।मार्च महीने में ही ब्रेंट क्रूड के बाजार में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जो संकेत देता है कि अनिश्चितता और जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। 200 डॉलर तक पहुंच संभव हैकुछ वैश्विक अनुमानों के अनुसार, यदि दरें और विशेषताएं हैं तो कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति शेयर तक पहुंच सकती है। यह स्थिति ग्लोबल इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। भारत पर उत्खनन दबावभारत जैसे राष्ट्र के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का विषय है, क्योंकि देश में 85 से 90 प्रतिशत तेल कोटा के लिए मान्यता पर प्रतिबंध है। सरकारी कच्चे तेल से शेयरों में बढ़ोतरी हो सकती है, कंपनी के शेयरों पर असर पड़ सकता है और चालू खाते में भी बढ़ोतरी हो सकती है। वैश्विक शेयर प्रभावकारीतेल के स्टॉक में तेजी का असर वैश्विक शेयर पर भी देखने को मिला। अमेरिकी उद्यमों में गिरावट दर्ज की गई, वहीं एशियाई बाजारों में भी गिरावट जारी है। इसका असर भारत के शेयर बाजार पर भी पड़ा है, जहां बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ खुले हैं।
पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा कदम: न्यू मैंगलोर में बर्थ का होगा आधुनिकीकरण

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए न्यू मैंगलोर पोर्ट मालिक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत न्यू मैंगलोर पोर्ट पर बर्थ नंबर 9 का पुनर्विकास किया जाएगा। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत डीबीएफओटी आधार पर लागू होगी, जिससे निजी और सरकारी साझेदारी के जरिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 438 करोड़ की परियोजना, 2 साल में पूरा होगा निर्माणकरीब 438.29 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 25 मार्च 2026 को मंजूरी दी गई है। इसे ओपन टेंडर प्रक्रिया के जरिए चुनी गई निजी कंपनी द्वारा विकसित किया जाएगा। निर्माण कार्य को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा, जबकि इस परियोजना की कुल अवधि 30 साल तय की गई है। जहां पोर्ट की क्षमता और दक्षताइस पुनर्विकास के बाद बर्थ नंबर 9 की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 10.90 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। साथ ही, ऑपरेटर कंपनी को पांचवें साल तक कम से कम 7.63 एमटीपीए कार्गो हैंडल करने की सप्लाई देनी होगी। यहां कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी जैसे जैविक बल्क कार्गो को संभालेगा, जिससे देश की ऊर्जा पैदावार को पूरा करने में मदद मिलेगी। बड़े जहाजों के लिए बनेगी नई सुविधाइस प्रोजेक्ट के तहत बर्थ की गहराई को 10.5 मीटर से बढ़ाकर 14 मीटर किया जाएगा और भविष्य में इसे 19.8 मीटर तक बढ़ाने की योजना भी रखी गई है। इससे 2 लाख डेडवेट टन तक के बड़े जहाज आसानी से यहां आ-जा सवार, जिनमें बहुत बड़े गैस कैरियर भी शामिल हैं। 50 साल पुराने आइडिया की जगह आधुनिक स्ट्रक्चरकरीब 50 साल पुराने आइडिया को यहां आधुनिक और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिसकी उम्र भी लगभग 50 साल तक होगी। इससे पोर्ट का ऑपरेशन लंबे समय तक स्थिर और प्रभावी बना रहेगा।वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत होगीकेंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनवाल ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समुद्री क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, पोर्ट की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में अपनी मजबूत स्थिति बना सकेगी।
शेयर बाजार में मची हड़कंप: सेंसेक्स 1,200 अंक टूटा, जानिए गिरावट के बड़े कारण

नई दिल्ली सप्ताह के पहले दिन भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 1200 अंक टूटकर 72,326 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 350 अंक के करीब 22,453 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट का असर सिर्फ बड़े स्टॉक तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक में भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ ही घंटों में 6 लाख करोड़ का नुकसानइस भारी गिरावट के साथ उद्यम की संपत्ति में बड़ी गिरावट आई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण कुछ ही घंटों में 422 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 416 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी उद्यम को लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे बाजार में अशांति का माहौल बन गया। अमेरिका-ईरान तनाव बना सबसे बड़ा कारणइस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के समुद्र तटों पर भारी तनाव है। यह भू-राजनीतिक संकट अब कई ऐतिहासिक से जारी है और इसके समाप्त होने को लेकर अस्तित्व में है। इस तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में भी दबाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की उथल-पुथलदूसरा बड़ा कारण कच्चे तेल की जिले में तेजी। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति शेयर के पार पहुंच गया है, जिससे भारत जैसे बड़े प्रतिष्ठित देश की चिंता बढ़ गई है। महंगे तेल देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव है और इससे बाजार की धारणा खराब होती है। हल्दी उद्योग से व्यापारी डरेबाजार में डर और असमानता का मॉडल इंडिया VIX लगाया जा सकता है, जो 5 फीसदी से ज्यादा उछाल 28 के पार पहुंच गया। आम तौर पर 12-15 का स्तर सामान्य माना जाता है, लेकिन इससे ऊपर जाने का मतलब यह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ गया है और निवेशक आकर्षित हो गए हैं। विदेशी व्यापारियों की लगातार बिक्रीविदेशी व्यापारियों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च में बड़ी पूंजी बाजार में धूम मचा दी, जिससे बाजार में अस्थिरता कम हो गई और दबाव बढ़ गया। एफ एंड ओ एक्सपायरी से बढ़िया हलचलइसके अलावा फ्यूचर्स और ऑप्शंस क्लैन्सल की एक्सपायरी भी बाजार में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी। एक्सपायरी के समय व्यापारी अपने पोर्टफोलियो को एडजस्ट करते हैं, जिससे बाजार में तेज गति से देखने को मिलता है।