Balaghat Naxal Encounter : बालाघाट। बुधवार को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की संयुक्त नक्सल विरोधी टीम ने राजनांदगांव के घने जंगलों में बड़ा ऑपरेशन चलाया। खुफिया जानकारी थी कि बोर तालाब के पास नक्सली छिपे हुए हैं।
इसी दौरान टीम के इलाके में पहुंचते ही नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के दौरान टीम को लीड कर रहे मध्य प्रदेश हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को सीने में गोली लग गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा-बोहानी गांव के रहने वाले 34 वर्षीय आशीष शर्मा 2016 में सब-इंस्पेक्टर बने थे। नक्सल विरोधी अभियानों में कई सफल ऑपरेशन का हिस्सा रहने पर राज्य सरकार ने उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिया था। पिछले दो साल में भारत सरकार उन्हें दो बार वीरता पदक प्रदान कर चुकी थी। उनकी शादी जनवरी में होने वाली थी।
घटना की पुष्टि करते हुए डीजीपी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि तीन राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन जारी था और आशीष टीम की कमान संभाल रहे थे। नरसिंहपुर एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना, एएसपी संदीप भूरिया सहित पुलिस बल उनके पैतृक गांव रवाना हो चुका है। परिवार को अभी पूरी जानकारी नहीं दी गई है, केवल उनके भाई को बताया गया है, जो पार्थिव शरीर लेने बालाघाट पहुँचे हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि हॉक फोर्स के वीर इंस्पेक्टर आशीष शर्मा नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हो गए। उन्होंने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके साहस और पराक्रम को प्रदेश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
शहीद आशीष शर्मा का पार्थिव शरीर आज शाम नरसिंहपुर पहुंचेगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रदेशभर में उनके बलिदान पर शोक की लहर है।
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