Bhopal News: भोपाल में NEET UG 2025 की स्टेट काउंसलिंग के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। कान की विकलांगता (PH कैटेगरी) के फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए MBBS सीट हासिल करने की कोशिश करने वाले दो छात्रों के पिता समेत कुल छह लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
NEET मॉप-अप राउंड में हुआ खुलासा
कोहेफिजा पुलिस के अनुसार, यह घोटाला NEET UG 2025 के मॉप-अप राउंड के दौरान सामने आया। जांच में दो छात्रों ( हिमांशु कुमार (बिहार) और क्रिस्टल डी. कोस्टा (मुंबई) ) के फर्जी PH सर्टिफिकेट पाए गए।
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BHU ने दिखाया गया फर्जी सर्टिफिकेट
छात्रों ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से जारी दिखने वाले झूठे प्रमाणपत्र जमा किए थे। बाद में सत्यापन के दौरान पता चला कि ऐसे कोई सर्टिफिकेट BHU द्वारा जारी ही नहीं किए गए थे (Bhopal News) ।
पिता और एजेंट गिरफ्तार
दोनों छात्रों के पिता ( डॉ. शैलेंद्र कुमार (सहरसा, बिहार) और क्लाइव डी. कोस्टा (मुंबई) ) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इनके साथ दो एजेंटों को भी पकड़ा गया, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और मोटी रकम वसूली।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। एजेंट छात्रों को मेडिकल एडमिशन में PH कोटे के तहत सीट दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाते थे।
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मेडिकल शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
घोटाले के बाद मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सभी PH कैटेगरी सर्टिफिकेट की दोबारा जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है( Bhopal News)।
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