समत्व भवन में सीएम निवास पर हुई बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मुद्दों और आपत्तियों को सामने रखा। बस संचालकों ने कहा कि हालिया अधिसूचनाओं और निर्देशों से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और तुरंत संबंधित सूचना और अधिसूचना को होल्ड करने के निर्देश दिए। अब आगे की कार्रवाई केवल दोनों पक्षों के सहमति से ही की जाएगी।
सीएम ने परिवहन मंत्री को भी निर्देश दिए कि वे बस ऑपरेटर्स के साथ मिलकर व्यावहारिक समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और परिवहन व्यवसायी विरोधी नहीं हैं, बल्कि जनता को बेहतर सेवा देने के लिए सहयोगी हैं। इसलिए निर्णय इस तरह लिए जाएं कि यात्रियों की सुविधा बनी रहे और बस संचालकों का व्यवसाय भी प्रभावित न हो।
सीएम के आश्वासन और प्रशासनिक समझौते के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने घोषणा की कि प्रस्तावित 2 मार्च की हड़ताल अब नहीं होगी। इस कदम से प्रदेश भर में यात्रियों, स्कूल-विश्वविद्यालयों और वाणिज्यिक क्षेत्रों में यात्रा पर कोई व्यवधान नहीं आएगा। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में इसी तरह के मुद्दों पर दोनों पक्ष समय पर चर्चा करेंगे और समाधान निकालेंगे।
इस निर्णय से न केवल यात्री राहत महसूस कर रहे हैं, बल्कि बस संचालकों को भी उम्मीद है कि उनकी व्यावसायिक समस्याओं का समाधान आपसी संवाद और सहयोग से होगा। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देने के साथ-साथ व्यवसायियों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा।
प्रदेश के परिवहन तंत्र के लिए यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे यह संदेश गया कि मध्यप्रदेश सरकार और परिवहन व्यवसायी मिलकर संतुलित और व्यवस्थित परिवहन सेवा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस समझौते से यात्रियों और बस संचालकों के बीच विश्वास और सहयोग की स्थिति मजबूत होगी।