Chambalkichugli.com

BJP LEADERS: मध्य प्रदेश में भाजपा नेताओं की गुंडागर्दी सीधी में महिला पिटाई अशोकनगर में युवक पर हमला कानून व्यवस्था पर सवाल

 
BJP LEADERS: मध्य प्रदेश। में दो अलग अलग घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था और महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीधी जिले के बहरी बाजार में स्थानीय भाजपा नेता और यूट्यूबर संतोष पाठक ने एक महिला को दुकान विवाद के कारण बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें पाठक महिला के बाल खींचते हुए उसे जमीन पर गिराकर लाठी से मारते नजर आए। पीड़िता का कहना है कि संतोष पाठक ने पहले उसकी दुकान हटवाई और अपनी जगह पर व्यापार शुरू कर दिया था। विवाद पुराना था लेकिन रविवार को आमने सामने होने पर हिंसा भड़क उठी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323 294 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है।
GWLIOR FRAUD CASE : पता पूछने के बहाने ठगी, जुर्ग महिला से 4.5 लाख गहने हड़पे, CCTV में कैद हुईं दो महिलाएं

इसी तरह अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र के बड़ेरा गांव में भाजपा नेता और सरपंच बली सिंह लोधी ने 34 वर्षीय युवक बृजकिशोर यादव को जमीन पर पटककर लात और थप्पड़ मारे। वीडियो में लोधी युवक को लगातार पीटते दिख रहे हैं। युवक का कहना है कि वह चौराहे पर बैठा था तभी सरपंच ने गालियां दी और विरोध करने पर हमला कर दिया। घटना एक ढाबे के पास हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया लेकिन गिरफ्तारी में देरी पर सवाल उठ रहे हैं।

INDORE WATER CASE: मौतों के बाद भी लापरवाह सिस्टम: IDA दफ्तर में परोसा जा रहा दो साल पुराना एक्सपायरी पानी

दोनों घटनाओं ने मध्य प्रदेश में महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। सीधी की पीड़िता हेमा सिंह स्टॉल चलाती हैं और उनकी आजीविका खतरे में है। संतोष पाठक ने सफाई देते हुए कहा कि महिला ने पहले उन पर चप्पल से हमला किया था लेकिन वायरल वीडियो में हमला असंतुलित लगता है। अशोकनगर में बृजकिशोर यादव ने मेडिकल जांच कराई और चोटों की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी। लोधी की राजनीतिक हैसियत के कारण स्थानीय लोग डर का माहौल बता रहे हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन घटनाओं को जोड़कर लाडली बहना और बेटी बचाओ योजनाओं को खोखला बताया। उन्होंने तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। एनसीआरबी के आंकड़े दिखाते हैं कि एमपी में महिला अपराधों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। समाजसेवी संगठन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि राजनीतिक दबाव न पड़े। विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में छोटे विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं और कानून की पहुंच सीमित होती है।

सीधी में बहरी बाजार विवाद महीनों पुराना था। प्रशासन को शिकायतें मिलीं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे हिंसा भड़की। अशोकनगर में लोधी की सरपंची के कारण गांव में दबदबा है और युवक की पिटाई से महिलाएं और युवा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। दोनों जगहों पर वीडियो वायरल होने से आक्रोश फैला और सोशल मीडिया पर #JusticeForMPVictims ट्रेंड कर रहा है।

पुलिस ने दोनों मामलों में चोट अपशब्द और धमकी की धाराओं में FIR दर्ज की है। दोनों पीड़ितों ने मेडिकल जांच कराई लेकिन गिरफ्तारी में देरी के कारण राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लग रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो मजबूत सबूत हैं लेकिन जांच में देरी न्याय को कमजोर करती है। कांग्रेस ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया है और पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाएं असुरक्षित हैं। भाजपा ने इसे व्यक्तिगत विवाद बताया। यह मामला राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते हिंसक विवादों पर गंभीर प्रश्न उठाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular News