एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप इस हफ्ते 61,715 करोड़ रुपए घटा, एसबीआई और बजाज फाइनेंस को भी नुकसान

नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप इस हफ्ते 61,715 करोड़ रुपए घटा है। इसकी वजह वैश्विक अस्थिरता के कारण शेयर बाजार में तेज बिकवाली होना है।इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमत में उछाल के कारण पिछले हफ्ते सेंसेक्स में 4,354.98 अंक या 5.51 प्रतिशत और निफ्टी में 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे निवेशकों का सेंटीमेंट बाजार को लेकर नकारात्मक हो गया है, जिसके कारण बाजार में भारी गिरावट हुई और बीएसई पर सूचीबंद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप करीब 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया। एचडीएफसी बैंक के साथ देश की शीर्ष कंपनियों का मार्केट कैप इस हफ्ते 4.48 लाख करोड़ रुपए कम हो गया है। इसमें एसबीआई, बजाज फाइनेंस, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, एलआईसी, इन्फोसिस और एचयूएल नाम शामिल है। एचडीएफसी बैंक का मार्केटकैप 61,715.32 करोड़ रुपए कम होकर 12,57,391.76 करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का मार्केटकैप 89,306.22 करोड़ रुपए कम होकर 9,66,261.05 करोड़ रुपए हो गया है। बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 59,082.49 करोड़ रुपए कम होकर 5,32,053.54 करोड़ रुपए हो गया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केटकैप 53,312.52 करोड़ रुपए कम होकर 8,72,067.63 करोड़ रुपए हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 42,205.04 करोड़ रुपए कम होकर 8,97,844.78 करोड़ रुपए रह गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 38,688.78 करोड़ रुपए कम होकर 10,28,431.72 करोड़ रुपए हो गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केटकैप 33,289.88 करोड़ रुपए कम होकर 18,68,293.17 करोड़ रुपए हो गया है। लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का बाजार पूंजीकरण 31,245.49 करोड़ रुपए कम होकर 4,88,985.57 करोड़ रुपए हो गया है। इन्फोसिस का मार्केटकैप 24,230.96 करोड़ रुपए कम होकर 5,06,315.58 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एफएमजीसी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) का मार्केट कैप 15,401.57 करोड़ रुपए कम होकर 5,07,640.94 करोड़ रुपए हो गया है।
सोने और चांदी ने इस हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार किया, कीमतों में मामूली बदलाव

नई दिल्ली। सोने और चांदी ने इस हफ्ते एक सीमित दायरे में कारोबार किया है। इस कारण से सोने और चांदी की कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत इस हफ्ते 352 रुपए कम होकर 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,58,751 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। समीक्षा अवधि में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,416 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,45,093 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,18,799 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,19,063 रुपए प्रति 10 ग्राम था। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी मामूली गिरावट देखी गई। यह एक हफ्ते में 235 रुपए कम होकर 2,60,488 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 2,60,723 रुपए प्रति किलो थी। हाजिर बाजार में 24 कैरेट के सोने ने 12 मार्च को 1,60,303 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 13 मार्च को 1,58,399 रुपए प्रति 10 ग्राम का रहा। चांदी ने 10 मार्च को 2,70,944 रुपए प्रति किलो का उच्चतम भाव छुआ। वहीं, न्यूनतम भाव 9 मार्च को 2,60,056 रुपए प्रति किलो का देखा गया। इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली है। सोना और चांदी का दाम क्रमशः 5,061.70 डॉलर प्रति औंस और 81.343 डॉलर प्रति औंस था, जो कि एक हफ्ते पहले क्रमश: 5,158.70 डॉलर प्रति औंस और 84.311 डॉलर प्रति औंस था। सोने और चांदी में कमजोरी की वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स इस हफ्ते 100 के पार निकलकर 100.360 पर बंद हुआ है, जो कि बीते पांच महीनों का डॉलर का सबसे उच्चतम स्तर है।
इंदौर मेट्रो का फाइनल निरीक्षण शुरू, सुरक्षा जांच और ब्रेक सिस्टम की गति 80 किमी/घंटा

नई दिल्ली। इंदौर मेट्रो के रेडिसन चौराहे तक विस्तार के लिए आज से सीएमआरएस (Commissioner of Metro Rail Safety) की टीम ने फाइनल निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर-2 से शुरू हुए इस निरीक्षण में टीम मेट्रो की सुरक्षा, ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और यात्री सुविधाओं का पूरा जायजा लेगी। निरीक्षण चार दिनों तक चलेगा और इसके बाद ही प्रबंधन कमर्शियल संचालन शुरू कर पाएगा। सीएमआरएस की छह सदस्यीय टीम की अगुवाई नीलाभ्र सेनगुप्ता कर रहे हैं। टीम ने निरीक्षण की शुरुआत सुपर कॉरिडोर-2 स्टेशन से की और लवकुश चौराहा व कुमेड़ी स्थित स्टेशनों तक का हिस्सा देखा। टीम 11 मेट्रो स्टेशनों, वायडक्ट, प्रवेश व निकासी गेट, सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का परीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मेट्रो को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ब्रेक सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ट्रेन संचालन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने निरीक्षण से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्टेशन परिसरों, ट्रैक और यात्री सुविधाओं को पूरी तरह तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोपरि है और किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन अस्थायी रूप से बंद रहेगा। यह बंदी चार दिन तक लागू रहेगी, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। विजयनगर स्टेशन पर प्रवेश व निकासी गेट का कार्य अभी अधूरा है, इसलिए उसका निरीक्षण बाद में किया जाएगा। वहीं, मेघदूत गार्डन, बापट चौराहा, हीरानगर, चंद्रगुप्त चौराहा, आइएसबीटी, एमआर-10 रोड और भौरासला चौराहे के स्टेशनों पर लिफ्ट और फिनिशिंग का कार्य जारी है। यह फाइनल निरीक्षण इस बात का संकेत है कि इंदौर मेट्रो का रेडिसन तक संचालन मार्च माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है। निरीक्षण के पूरा होने और सुरक्षा प्रमाणन मिलने के बाद, यात्रियों को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक सुविधा प्रदान की जाएगी। इंदौर मेट्रो परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन, ट्रैक और सिग्नलिंग का निर्माण पूरी तरह से हो चुका है। अब मुख्य कार्य शेष है: यात्रियों के लिए सुविधाजनक प्रवेश-निकासी गेट, लिफ्ट और फिनिशिंग। यह कदम यात्रियों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय मेट्रो संचालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
हाईवे यात्रियों के लिए अपडेट: फास्टैग वार्षिक पास हुआ महंगा

नई दिल्ली। देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वालों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। National Highways Authority of India (एनएचएआई) ने फास्टैग एनुअल पास की फीस में 75 रुपये की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। अब वाहन मालिकों को वार्षिक पास के लिए 3,075 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले इसकी कीमत 3,000 रुपये थी। यह नई दर 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। यह घोषणा Ministry of Road Transport and Highways की ओर से जारी जानकारी में की गई है। मंत्रालय के अनुसार यह संशोधन नियमों के अनुसार किया गया है। नियमों के तहत किया गया शुल्क संशोधनएनएचएआई ने बताया कि वार्षिक पास की फीस में यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत की गई है। इन नियमों के अनुसार समय-समय पर टोल से जुड़े शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। फास्टैग एनुअल पास का उद्देश्य नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को आसान और किफायती सुविधा देना है। इस योजना के जरिए वाहन मालिकों को बार-बार टोल भुगतान या रिचार्ज करने की परेशानी से राहत मिलती है। 56 लाख से ज्यादा लोग उठा रहे लाभ यह सुविधा तेजी से लोकप्रिय हो रही है। फिलहाल 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता इस वार्षिक पास का फायदा उठा रहे हैं। यह पास विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी है जो रोजाना या अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं। यह पास केवल गैर-वाणिज्यिक निजी वाहनों के लिए उपलब्ध है, जिनके पास वैध फास्टैग लगा हुआ हो। इससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा अधिक तेज व सुविधाजनक हो जाती है। 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर मिलेगा लाभफास्टैग वार्षिक पास का उपयोग देशभर में मौजूद लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है। इनमें राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ-साथ कई प्रमुख एक्सप्रेसवे भी शामिल हैं। इस पास की वैधता एक वर्ष या अधिकतम 200 टोल क्रॉसिंग तक होती है, जो भी पहले पूरा हो जाए। यानी नियमित यात्रा करने वालों के लिए यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक मानी जाती है। भुगतान के दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है पास वार्षिक पास खरीदने या नवीनीकरण करने के बाद यह दो घंटे के भीतर सक्रिय हो जाता है। इसके लिए वाहन मालिकों को एकमुश्त भुगतान करना होता है। यूजर्स इस पास को Rajmarg Yatra App या एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए आसानी से खरीद या रिन्यू कर सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस 2025 पर लॉन्च हुआ था पासफास्टैग वार्षिक पास को 15 अगस्त 2025 को लॉन्च किया गया था। इसके बाद से ही यह योजना तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है। एनएचएआई का कहना है कि इस पास की बढ़ती मांग बताती है कि लोग राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्मार्ट और डिजिटल टोल सिस्टम को तेजी से अपना रहे हैं। क्या फायदा मिलता है यात्रियों कोफास्टैग वार्षिक पास के जरिए यात्रियों को कई फायदे मिलते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि बार-बार टोल भुगतान की झंझट खत्म हो जाती है। इसके अलावा टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होती है।
DRI का बड़ा खुलासा: गोल्ड स्मगलिंग गिरोह बेनकाब, करोड़ों की एसेट्स सीज

नई दिल्ली। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने संगठित सोने की तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब किया है और 14.13 करोड़ रुपए मूल्य के सोने, चांदी और भारतीय मुद्रा को जब्त किया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय द्वारा रविवार को दी गई। अधिकारियों ने कहा कि इस नेटवर्क में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह विदेशी मूल के सोने की भारत में तस्करी करने, उसे ट्रेनों के माध्यम से परिवहन करने, पहचान चिह्नों को हटाने के लिए अवैध संयंत्रों में उसे पिघलाने और फिर घरेलू बुलियन बाजार में बेचने में लगा हुआ था। इस अभियान के दौरान, डीआरआई अधिकारियों ने लगभग 13.41 करोड़ रुपए मूल्य का 8,286.81 ग्राम सोना, 19.67 लाख रुपए मूल्य की 7,350.4 ग्राम चांदी और 51.74 लाख रुपए की भारतीय मुद्रा जब्त की। यह जब्ती सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत की गई। यह मामला तब सामने आया जब डीआरआई अधिकारियों ने विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए कोलकाता से ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे एक यात्री को रोका। यात्री के पास विदेशी मुहरों वाला सोना था, जिसे स्टेशन के बाहर किसी अन्य व्यक्ति को पहुंचाना था। अधिकारियों ने तुरंत ही वाहक और प्राप्तकर्ता दोनों को पकड़ लिया।उनकी जानकारी के आधार पर, डीआरआई टीमों ने दिल्ली में तलाशी अभियान चलाया और एक अवैध सोना पिघलाने की सुविधा का पता लगाया। जांचकर्ताओं ने पाया कि इस इकाई का उपयोग विदेशी मूल के सोने को पिघलाने और उस पर से पहचान चिह्नों को हटाने के लिए किया जा रहा था, ताकि इसे स्थानीय बाजार में बेचा जा सके। परिसर से अतिरिक्त सोना, चांदी और नकदी बरामद की गई, और सुविधा का संचालन करने वाले प्रबंधक को भी हिरासत में ले लिया गया। आगे की जांच के बाद अधिकारी कोलकाता पहुंचे, जहां गिरोह के कथित सरगना का पता एक अन्य अवैध सोना पिघलाने वाली इकाई से चला। इस अभियान के दौरान और अधिक मिलावटी सोना बरामद किया गया। सरगना को दो वाहकों के साथ गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने तस्करी किया हुआ विदेशी चिह्नों वाला सोना प्राप्त किया था, उस पर से चिह्नों को हटाने के लिए उसे पिघलाया और फिर वितरण के लिए ट्रेन से दिल्ली भेजा था। अधिकारियों ने बताया कि सोने की तस्करी, परिवहन, पिघलाने और बिक्री में शामिल सभी छह लोगों को गिरफ्तार कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। एजेंसी ने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी किए गए सोने के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
MP के 22 लाख पेंशनर्स के लिए झटका: केंद्र ने पेंशन राशि बढ़ाने से किया इंकार, महंगाई के बीच आर्थिक मदद पर संकट

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। यह निर्णय नीति आयोग की सिफारिशों और विभिन्न मूल्यांकन अध्ययनों के बावजूद लिया गया है, जिनमें पेंशन राशि बढ़ाने और भुगतान प्रणाली को मजबूत करने की सलाह दी गई थी। राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। विशेष रूप से विकलांगता पेंशन (IGNDPS) के मामले में मध्य प्रदेश 1,01,470 लाभार्थियों के साथ देश में दूसरे स्थान पर है, केवल बिहार इससे आगे है। चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 889.77 करोड़ रुपए की निधि जारी की है, जो उत्तर प्रदेश और बिहार से भी अधिक है। पेंशन की वर्तमान व्यवस्था: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन (IGNOAPS): 60-79 वर्ष के बुजुर्ग: 600 रुपए/माह (केंद्र 200 + राज्य 400) 80 वर्ष या उससे अधिक: 600 रुपए/माह (केंद्र 500 + राज्य 100) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन (IGNWPS): 40-79 वर्ष की BPL विधवाओं को 600 रुपए/माह (केंद्र 300 + राज्य 300) इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन (IGNDPS): 18-79 वर्ष के 80% या अधिक दिव्यांग: 600 रुपए/माह (केंद्र 300 + राज्य 300) 80 वर्ष के बाद: केंद्र 500 + राज्य 100 रुपए/माह इस फैसले से लाखों बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स को महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद नहीं पूरी होगी। हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही अपनी ओर से पेंशन राशि का योगदान सुनिश्चित किया है, लेकिन केंद्रीय हिस्से में वृद्धि न होने से कुल राशि में बदलाव नहीं होगा। सरकार का निर्णय और प्रभाव: केंद्र ने पेंशन बढ़ोतरी से इनकार किया, बावजूद इसके कि नीति आयोग और अध्ययन पेंशन राशि बढ़ाने की सलाह दे चुके थे। इसका असर सीधे उन 22.5 लाख लाभार्थियों पर पड़ेगा, जो इस राशि का उपयोग भोजन, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों के लिए करते हैं। मध्य प्रदेश सामाजिक सुरक्षा के मामले में अग्रणी है, लेकिन पेंशन राशि स्थिर रहने से आर्थिक दबाव बना रहेगा। राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त व्यवस्था के बावजूद अब पेंशन बढ़ाने की मांग लाभार्थियों और सामाजिक संगठनों की तरफ से तेज हो सकती है।
मार्केट आउटलुक: अमेरिका-ईरान युद्ध, कच्चे तेल की कीमत और फेड की बैठक पर निर्भर करेगी शेयर बाजार की चाल

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होगा। अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध; विदेशी निवेशकों के रुझान, कच्चे तेल की कीमत और फेड रिजर्व की बैठक के निर्णय से बाजार की चाल निर्धारित होगी। अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर दो दिवसीय बैठक 17 मार्च से शुरू होगी और इसके फैसलों का ऐलान 18 मार्च को किया जाएगा। मौजूदा समय में युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के चलते इस बार की फेड बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतें भी इस हफ्ते बाजार के लिए काफी अहम होंगी। बीते एक हफ्ते में आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा के चलते कच्चे तेल का दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करीब 11 प्रतिशत बढ़ गया है। ऐसे में कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध लगातार तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि यूएस ईरान के तेल निर्यात के लिए अहम खार्ग द्वीप पर अतिरिक्त एयर स्ट्राइक कर सकता है। ऐसे में युद्ध और खींचने भी बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। मार्च के पहले पखवाड़े में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 52,704 करोड़ रुपए इक्विटी बाजार से निकाले। ऐसे में एफआईआई का रुझान भी बाजार का सेंटीमेंट तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। मध्य पूर्व में तनाव के चलते भारतीय बाजार के लिए बीता हफ्ता काफी नुकसान वाला रहा है। इस दौरान सेंसेक्स 4,354.98 अंक या 5.52 प्रतिशत और निफ्टी 1,299.35 अंक या 5.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। 9-13 मार्च के बीच हुई गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 20 लाख करोड़ रुपए कम होकर 430 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में करीब 450 लाख करोड़ रुपए था। इस हफ्ते के दौरान सूचकांकों में सबसे अधिक गिरावट ऑटो में देखी गई। सभी सूचकांकों निफ्टी ऑटो 10.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर था। इसके साथ निफ्टी पीएसयू बैंक 7.27 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 7.01 प्रतिशत,निफ्टी प्राइवेट बैंक 6.96 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 5.90 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस 5.68 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 5.60 प्रतिशत और निफ्टी इन्फ्रा 5.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
घरेलू एयरलाइंस ने मध्य पूर्व क्षेत्र की कई उड़ानों को रद्द किया

नई दिल्ली। घरेलू एयरलाइंस ने रविवार को मध्य पूर्व क्षेत्र की कई उड़ानों को रद्द कर दिया है। इसमें अधिक उड़ानें यूएई के दुबई और अबू धाबी शहरों की हैं। इन उड़ानों के रद्द होने की वजह क्षेत्र में तनाव का लगातार बढ़ना है। भारतीय एयरलाइंस में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम एशियाई देशों को जाने वाली कई उड़ानें रद्द की हैं, जबकि इंडिगो ने दुबई जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है। एयर इंडिया समूह ने एक बयान में कहा, “संयुक्त अरब अमीरात के एयरपोर्ट अधिकारियों के नए निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को 15 मार्च 2026 के लिए अपनी अस्थायी उड़ानों में कटौती करनी पड़ रही है। बयान ने आगे कहा गया, “एयर इंडिया: दिल्ली-दुबई की एक वापसी उड़ान संचालित करेगी, दुबई के लिए निर्धारित पांच उड़ानों में से चार रद्द कर दी गई हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस:दिल्ली-दुबई की एक वापसी उड़ान संचालित करेगी, दुबई के लिए निर्धारित छह उड़ानों में से पांच रद्द कर दी गई हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अबू धाबी की सभी पांच उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, कन्नूर, कोच्चि, कोझिकोड, मुंबई और तिरुवनंतपुरम के लिए उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही है। एयर इंडिया एक्सप्रेस रस अल खैमाह-कोझिकोड और रस अल खैमाह-कोच्चि के बीच उड़ानें संचालित करेगी। एयरलाइन ने कहा, “ये उड़ानें स्लॉट की उपलब्धता और संचालन के समय की स्थिति के अनुसार संचालित की जाएंगी। इंडिगो ने कहा कि उसने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष से संबंधित हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के चलते दुबई आने-जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने आगे कहा, “मध्य पूर्व में बदलती स्थिति के कारण, दुबई में उड़ान संचालन को और प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे उड़ान समय सारिणी में बदलाव हुए हैं। दुबई आने-जाने वाले यात्रियों से अनुरोध है कि हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच कर लें। हम यात्रियों को नवीनतम जानकारी से अवगत कराने के लिए सूचनाएं भी भेज रहे हैं। एक पिछले पोस्ट में, इंडिगो ने यह भी कहा था कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र में, साथ ही यूरोप के चुनिंदा मार्गों पर, अपने उड़ान नेटवर्क को धीरे-धीरे पुनर्स्थापित करने के लिए निकट समन्वय में है।
Central Mine Planning IPO: ऑफर फॉर सेल पर आधारित, निवेशकों के लिए 24 मार्च तक खुला मौका

नई दिल्ली:कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनी Central Mine Planning का आईपीओ इस हफ्ते निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। यह IPO 20 मार्च से खुलेगा और 24 मार्च तक निवेशक इसमें हिस्सेदारी ले सकते हैं। ग्रे मार्केट के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस आईपीओ में पहले से ही आकर्षक प्रीमियम देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर इस आईपीओ पर काफी तेज है क्योंकि यह ऑफर फॉर सेल पर आधारित है और कोल इंडिया की प्रतिष्ठित सब्सिडियरी कंपनी द्वारा जारी किया जा रहा है। Central Mine Planning IPO के तहत 10.71 करोड़ शेयर जारी किए जाएंगे। यह एक मेनबोर्ड सेगमेंट का आईपीओ है और इसकी लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों जगह होगी। हालांकि कंपनी ने अभी तक प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि सोमवार तक यह जानकारी सार्वजनिक कर दी जाएगी। आईपीओ में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स QIBs के लिए आरक्षित रहेगा। वहीं 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए उपलब्ध होगा और शेष 15 प्रतिशत नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रखा गया है। कंपनी की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नजर आ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में Central Mine Planning का रेवन्यू 2,177 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024 में 1,770 करोड़ रुपये था। टैक्स के बाद प्रॉफिट वित्त वर्ष 2025 में 667 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 503 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि निवेशकों के लिए आकर्षक संकेत है। ग्रे मार्केट प्रीमियम GMP की रिपोर्ट के अनुसार, इस IPO के शेयर आज 19 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। आईपीओ में सबसे अधिक GMP 24 रुपये प्रति शेयर देखा गया। यह संकेत करता है कि निवेशकों की ओर से शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक है और शेयरों की मांग अच्छी रहेगी। Central Mine Planning भारत की सबसे बड़ी कोयला और मिनिरल कंसल्टेंसी फर्म है। कंपनी के पास वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 61 प्रतिशत मार्केट शेयर था। कंपनी कोयला मंत्रालय के साथ-साथ पेट्रोलियम मंत्रालय को भी सलाह देती है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा और बाजार में स्थिरता बनी रहती है। इस IPO के मर्चेंट बैंकर्स के रूप में IDBI Capital Markets & Securities और SBI Capital Markets चुने गए हैं। रजिस्ट्रार के रूप में केफिन टेक्नोलॉजी नियुक्त की गई है। विशेष रूप से निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। इसलिए किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है। Central Mine Planning का IPO निवेशकों के लिए एक आकर्षक अवसर के रूप में सामने आया है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, ग्रे मार्केट प्रीमियम और प्रतिष्ठित कंपनी होने के कारण यह IPO चर्चा में है। निवेशक इसे लेकर उत्साहित हैं और आगामी लिस्टिंग पर नजर रखे हुए हैं।
MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे। कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है। हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है। इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया। इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।