March Bank Holiday: मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
March Bank Holiday: नई दिल्ली । मार्च बैंक छुट्टियां 2026 भारत होली रमजान राम नवमी राज्यवार बैंक छुट्टियों की सूची विवरण जानें मार्च बैंक अवकाश मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट मार्च में कई दिन बंद रहेंगे बैंक मार्च बैंक छुट्टियां 2026 मार्च का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही बैंक छुट्टियों का नया कैलेंडर भी लागू हो जाएगा. मार्च में होली समेत अन्य त्योहार भी आने वाले है. ऐसे में अगर आप बैंक से जुड़े किसी जरूरी काम करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले यह जान लेना बेहतर रहेगा कि मार्च में किन-किन दिनों में बैंक बंद रहेंगे. अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों व साप्ताहिक अवकाश के चलते कई दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं. इसलिए प्लान बनाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट पर नजर डालना जरूरी है. आइए जानते हैं, मार्च की बैंक छुट्टियों के बारे में…. न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था में लंबे समय से चल रही वित्तीय अनियमितताएं, EOW ने शुरू की जांच होली को लेकर बैंक हॉलिडे 2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 3 मार्च डोल जतरा, धुलंडी और होलिका दहन जैसे त्योहारों के कारण बेलापुर, भोपाल, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना, रांची और विजयवाड़ा में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी. वहीं 4 मार्च को भी होली के चलते अगरतला, अहमदाबाद, ऐजवाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, इंफाल, ईटानगर, जम्मू, नई दिल्ली, रायपुर, शिलॉन्ग और शिमला में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 13 मार्च को चापचर कूट पर्व के कारण आइजोल में बैंक हॉलिडे रहेगा. 17 मार्च को शब-ए-कद्र के अवसर पर जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, तेलुगु नववर्ष दिवस और पहले नवरात्र के कारण बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, इंफाल, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा समेत कई शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी. वहीं 20 मार्च को रमजान और जुमत-उल-विदा के चलते जम्मू, श्रीनगर, कोची, त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा में बैंक बंद रहने वाले हैं. भोपाल रेप-धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: लिव-इन, स्पा की आड़ में सेक्स रैकेट और WhatsApp से ‘सप्लाई’ का आरोप 21 मार्च को रमजान-ईद और सरहुल के कारण कोच्ची, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम और शिमला को छोड़कर लगभग पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा. इसके अलावा 26 मार्च को राम नवमी के अवसर पर अहमदाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और रांची सहित कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा भी 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को विभिन्न कारणों से कई शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं. अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो, बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट एक बार जरूर चेक कर लेनी चाहिए. ऐसा न हो कि आप बैंक ब्रांच पहुंचे और बैंक बंद हो. ऐसे में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.
INDIA ISRAEL FTA: भारत-इजराइल ने मुक्त व्यापार समझौता के लिए बातचीत का पहला दौर शुरू किया

INDIA ISRAEL FTA: नई दिल्ली। भारत-इजराइल के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी को नई दिल्ली में शुरू हो गया है, यह दौर 26 फरवरी तक चलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्राल ने मंगलवार को जारी एक बयान में बताया कि इस दौर के दौरान दोनों तरफ के तकनीकी विशेषज्ञ एफटीए के अलग-अलग पहलुओं जैसे कि सामान का व्यापार, सर्विस का व्यापार, ओरिजिन के नियम, सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी उपाय, व्यापार में तकनीकी रुकावटें, कस्टम प्रक्रिया और व्यापार सुविधा, बौद्धिक संपदा अधिकार वगैरह को कवर करने वाले सत्र में शामिल होंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी बयान में लिखा है, इजराइल के एक प्रतिनिधिमंडल से आज मिला, जो इंडिया-इजराइल मुक्त व्यापार समझौता वार्ता (23-26 फरवरी, 2026) के पहले दौर के लिए भारत आया है। गोयल ने आगे कहा कि एफटीए पर बातचीत भारत-इजराइल द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है, जिसका मकसद दोनों तरफ के बिजनेस और लोगों के लिए ज्यादा मौके बनाना है। मंत्रालय के मुताबिक भारत-इजरायल के बीच संदर्भ की शर्तें (टीओआर) पर नवंबर, 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पहचाने गए एरिया पर वार्ता के लिए एक संरचित ढांचा बनाया गया था। वित्त वर्ष 2024-2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापारिक व्यापार 3.62 बिलियन यूएस डॉलर। भारत और इजराइल कई सेक्टर में एक-दूसरे को पूरा करते हैं, और एफटीए एमएसएमई समेत बिजनेस को निश्चितता और अनुमान लगाकर दोनों देशों के व्यापार को और बढ़ाने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा।
GOLD-SILVER PRICE TODAY: सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं

GOLD-SILVER PRICE TODAY: नई दिल्ली । आज यानी 24 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,021 बढ़कर ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले यह ₹1,58,220 पर था। यानी दो कारोबारी दिनों में सोना लगभग ₹4 हजार महंगा हुआ है। वहीं, चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत आज ₹1,163 घटकर ₹2,62,912 पर आ गई, जबकि कल यह ₹2,64,075 प्रति किलो थी।इस साल सोने और चांदी की कीमतों में पहले से ही तेजी रही है। 2026 में अब तक सोना ₹26,000 और चांदी ₹33,000 महंगी हो चुकी है। जनवरी में 29 तारीख को सोने ने ₹1,76,000 और चांदी ने ₹3,86,000 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था। पिछले साल 2025 में भी सोने और चांदी ने निवेशकों को बड़ा लाभ दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,000 का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,000 हो गया, यानी लगभग ₹57,000 की बढ़ोतरी। चांदी में भी 167% का इजाफा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,000 थी, जो साल के अंत तक ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई। आने वाले समय में सोने की कीमतों को लेकर UBS जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि मांग और खरीदारी और बढ़ सकती है। 2025 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था, जबकि 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी 825 टन तक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार साल के मध्य तक सोना $6,200 प्रति औंस तक जा सकता है, यानी भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.80 लाख तक पहुंच सकता है। सोना खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें: सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है जैसे AZ4524, जिससे कैरेट पता चलता है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का वजन और कीमत दिन के हिसाब से कई सोर्सेज से चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव अलग होता है। सोने और चांदी में निवेश करते समय सही समय और प्रमाणित गोल्ड चुनना सबसे जरूरी है, ताकि लाभ सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।
PHONEPAY INCOME: फोनपे की आय में 56 प्रतिशत की बढ़ोतरी, घाटा घटा; पेमेंट से लेंडिंग और इंश्योरेंस तक विस्तार

PHONEPAY INCOME: नई दिल्ली । फिनटेक क्षेत्र में अग्रणी कंपनी फोनपे ने अपने हालिया वित्तीय खुलासों में पिछले तीन वर्षों में आय, मुनाफे और नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार का संकेत दिया है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस डीआरएचपी के अनुसार, फोनपे की परिचालन से आय वित्त वर्ष 2023 में 2,914.28 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7,114.85 करोड़ रुपए हो गई। यह 56.25 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) को दर्शाता है। आय में वृद्धि के प्रमुख कारण मर्चेंट पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसे कारोबार रहे। कुल आय में मर्चेंट पेमेंट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 14.75 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 27.99 प्रतिशत और 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में 30.78 प्रतिशत हो गई। लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन सेवाओं की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2023 में 0.96 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 7.84 प्रतिशत और हाल की छह महीने की अवधि में 11.55 प्रतिशत हो गई। इससे स्पष्ट होता है कि कंपनी अब केवल पेमेंट बिजनेस तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपने कारोबार में विविधता ला रही है। फोनपे के घाटे में भी महत्वपूर्ण कमी आई है। वित्त वर्ष 2025 में संशोधित घाटा घटकर 1,727.41 करोड़ रुपए रह गया, जो वित्त वर्ष 2023 की तुलना में 1,068.65 करोड़ रुपए कम है। इसी अवधि में घाटा मार्जिन 90.68 प्रतिशत से घटकर 22.64 प्रतिशत हो गया। डीआरएचपी में परिचालन लाभ में सुधार भी दर्शाया गया है। वित्त वर्ष 2024 और 2025 में कंपनी ने सकारात्मक एडजस्टेड ईबीआईटीडीए और एडजस्टेड प्रॉफिट दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025 में एडजस्टेड ईबीआईटी स्तर पर भी मुनाफा हासिल हुआ, जो लागत नियंत्रण और बढ़ते राजस्व का परिणाम है। इस अवधि में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि फ्री कैश फ्लो का सृजन रही। फोनपे ने वित्त वर्ष 2025 में 190.47 करोड़ रुपए और 30 सितंबर 2024 को समाप्त छह महीने की अवधि में 250.16 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो दर्ज किया। कंपनी का कहना है कि उसका बिजनेस मॉडल फ्री कैश जनरेशन पर केंद्रित है, जिससे दोबारा निवेश, नए प्लेटफॉर्म में विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत किया जा सके। डीआरएचपी में वित्तीय सुधार में तकनीकी अवसंरचना में किए गए निवेश की भी बड़ी भूमिका बताई गई है। इसमें मालिकाना डेटा सेंटर, ऑटोमेशन पहल और डेटा आधारित ग्राहक अधिग्रहण रणनीतियां शामिल हैं। इन पहलों से लेनदेन की बढ़ती संख्या के बावजूद लागत नियंत्रण संभव हुआ, जिससे मार्जिन और नकदी प्रवाह में सुधार हुआ। फोनपे ने पूंजी आवंटन कैपिटल एलोकेशन में अनुशासित दृष्टिकोण अपनाने का भी संकेत दिया। कंपनी तरलता बनाए रखने, सोच-समझकर विकास पूंजी लगाने और निवेश को प्रदर्शन से जोड़ने पर ध्यान दे रही है। इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि पिछले तीन वित्त वर्षों में फोनपे ने परिचालन दक्षता बढ़ाने, आय के स्रोतों में विविधता लाने और नकदी प्रवाह मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। कंपनी ने अपने व्यवसाय मॉडल को केवल पेमेंट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लेंडिंग और इंश्योरेंस जैसे नए व्यवसाय क्षेत्रों में भी विस्तार किया है, जिससे फिनटेक क्षेत्र में उसकी स्थिति और मजबूत हुई है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है
नई दिल्ल। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास किया है और नई रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक इसका आकार लगभग दोगुना होकर 280-300 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। वर्तमान में यह बाजार 120-140 अरब डॉलर के बीच है। यह जानकारी मंगलवार को बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप BCG की रिपोर्ट में सामने आई। रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ऑनलाइन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है लेकिन ऑफलाइन रिटेल बाजार भी मजबूत बना हुआ है और पिछले चार वर्षों में 13-14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय ई-कॉमर्स अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर चुका है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल सह-अस्तित्व के साथ काम कर रहे हैं। मल्टी-चैनल खरीदार आज सामान्य रूप से दोनों माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं और लगभग आधे ऑफलाइन खरीदार ऑनलाइन चैनलों से खरीदारी की जानकारी प्राप्त करते हैं। वर्तमान में भारत में लगभग 30 करोड़ ऑनलाइन खरीदार हैं जिनकी संख्या 2030 तक 44 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत खरीदार ग्रामीण भारत से हैं। ई-कॉमर्स में ई-रिटेल और ई-सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। अनुमानित मूल्य के अनुसार ई-रिटेल 75-85 अरब डॉलर और ई-सेवाएं 45-55 अरब डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं ई-सेवाओं की वृद्धि दर 20-22 प्रतिशत और ई-रिटेल की वृद्धि दर 16-18 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट में 12000 से अधिक उपभोक्ताओं के सर्वेक्षण के आधार पर यह भी उल्लेख किया गया कि आज के खरीदार सुविधा विश्वास और आवश्यकताओं के आधार पर स्क्रीन और स्टोर के बीच सहजता से आवागमन करते हैं। वे ऑनलाइन खोज करते हैं ऑफलाइन खरीदारी करते हैं और कभी-कभी ऑनलाइन ब्राउज़िंग के बाद ऑफलाइन खरीदारी का विकल्प चुनते हैं। लगभग दो-तिहाई महिला खरीदारों ने कहा कि वे ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुरक्षित मानती हैं। इसका कारण गोपनीयता आसान पहुँच और किसी भी समय स्वतंत्र रूप से खरीदारी करने की क्षमता है। BCG की पार्टनर और डायरेक्टर कनिका सांघी ने बताया भारत के खरीदार अधिक विविधतापूर्ण होते जा रहे हैं। उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं और परिपक्वता के अनुसार विभिन्न प्रारूपों का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए प्लेटफॉर्म और ब्रांडों को सभी टचपॉइंट्स पर सरल सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करना आवश्यक है। क्विक कॉमर्स ने पिछले वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की सीएजीआर वृद्धि दर्ज की है जिससे तत्काल और टॉप-अप खरीदारी मुख्यधारा बन गई है और खरीदारों की खरीदारी की आवृत्ति बढ़ी है। इसी तरह सोशल और चैट कॉमर्स में 40-45 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ऑनलाइन ब्रांडों को 100 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व तक पहुँचने में लगने वाला समय पहले लगभग 11 साल था जो अब घटकर लगभग 7 साल रह गया है। इस डेटा से यह स्पष्ट होता है कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार न केवल तेजी से बढ़ रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार और तकनीकी अपनाने की क्षमता के कारण भी यह निरंतर विकास कर रहा है।
गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैंकों (Banks) द्वारा गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) व अन्य उत्पादों पर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बैंकों का मूल कार्य जमा (धनराशि) जुटाने और ऋण देने है और बैंक उसी पर ध्यान केंद्रित करें। सोमवार को बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक जरूरत न होने के बावजूद भी ग्राहकों को बीमा बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जबकि उनका मुख्य कार्य बैंकिंग सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग लंबे समय से चिंता का विषय रही है और अब इस पर सख्ती जरूरी है। कई मामलों में ग्राहकों के पास पहले से बीमा पॉलिसी होती है, लेकिन उसके बावजूद बैंक उन पर नई बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाते हैं। खासकर होम लोन लेते समय ग्राहकों से अतिरिक्त बीमा लेने को कहा जाता है, जबकि संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है। ऐसे में नियामक की जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की जरूरत समझने, जमा बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ ऋण देने पर ध्यान देना चाहिए। बैंकों को अधिक मानवीय होने की जरूरतवित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को अधिक मानवीय और ग्राहक-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। मौजूदा समय में बैंकों ने ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनकी वित्तीय जरूरतों को समझने की मूल कार्य दूरी बना ली है, जिससे ग्राहकों में असंतोष बढ़ा है। बैंक अपने कम लागत वाले जमा यानी (करंट अकाउंट–सेविंग अकाउंट) को मजबूत करने पर जोर दें और ग्राहक केंद्रित सेवाएं विकसित करें। कहां और कैसे करें शिकायतगलत जानकारी देकर उत्पाद बेचने पर आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, बीमा के लिए इरडा, बैंकिंग के लिए आरबीआई (सीएमएस पोर्टल), या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। शिकायत करने के प्रमुख मंच– राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन : टोल-फ्री नंबर 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें।– ई-दाखिल पोर्टल: ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए।– बीमा मिस-सेलिंग: बीमा कंपनी की शिकायत निवारण सेल में, फिर बीमा लोकपाल या इरडा की वेबसाइट (155255 पर कॉल)।– बैंकिंग मिस-सेलिंग: आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास।– फ्री-लुक पीरियड (आमतौर पर 15-30 दिन) के भीतर शिकायत करने पर पॉलिसी रद्द कर रिफंड पाना आसान होता है।
UAN नंबर के बिना भी जान सकते हैं अपने PF खाते का बैलेंस… जानें आसान तरीका

नई दिल्ली। नौकरी करने वाले लगभग हर व्यक्ति की सैलरी से पीएफ (PF- Provident Fund) की रकम कटती है। यह पैसा भविष्य के लिए जमा किया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सके। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हमें अपना PF बैलेंस देखना होता है और UAN नंबर याद नहीं रहता या बना ही नहीं होता। ऐसे में लोग परेशान हो जाते हैं और सोचते हैं कि बिना UAN के PF बैलेंस चेक करना संभव नहीं है। लेकिन आप बिना UAN नंबर के भी बैलेंस चेक कर सकते हैं। तरीका 1: मिस्ड कॉल से PF बैलेंस चेक करेंEPFO कर्मचारियों को मिस्ड कॉल सेवा भी देता है। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल दें। कॉल अपने आप कट जाएगी। कुछ सेकंड बाद आपको SMS के जरिए PF बैलेंस की जानकारी मिल जाएगी। ध्यान रखने वाली बातें: आपका मोबाइल नंबर EPF अकाउंट से लिंक होना चाहिए। KYC जैसे आधार, PAN या बैंक डिटेल्स अपडेट होना जरूरी है। तरीका 2: SMS से PF बैलेंस जानेंआप SMS के जरिए भी PF बैलेंस चेक कर सकते हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से SMS भेजें: EPFOHO ENG इसे 7738299899 पर भेज दें। यहां ENG भाषा के लिए है। अगर आप हिंदी में जानकारी चाहते हैं तो HIN लिख सकते हैं। कुछ देर बाद आपके फोन पर PF बैलेंस का मैसेज आ जाएगा। तरीका 3: EPFO पोर्टल के जरिएआप Employees’ Provident Fund Organisation की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जाकर जानकारी ले सकते हैं। EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। For Employees सेक्शन में जाएं। Know Your Claim Status या Member Passbook ऑप्शन चुनें। यहां आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या अन्य डिटेल्स के जरिए जानकारी ले सकते हैं। हालांकि इस तरीके में कई बार UAN की जरूरत पड़ती है, लेकिन अगर आपका मोबाइल नंबर लिंक है तो कुछ जानकारी बिना UAN के भी मिल सकती है। तरीका 4: UMANG ऐप से जानकारीसरकार का UMANG ऐप भी PF से जुड़ी सेवाएं देता है। Google Play Store या App Store से UMANG ऐप डाउनलोड करें। मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। EPFO सेवाएं चुनें। वहां से बैलेंस या पासबुक देखें। अगर आपका मोबाइल नंबर लिंक है तो यहां से भी जानकारी मिल सकती है। ये बातें जरूर रखें ध्यानआपका मोबाइल नंबर EPF खाते से जुड़ा होना चाहिए। KYC अपडेट होना जरूरी है। गलत नंबर से कॉल या SMS करने पर जानकारी नहीं मिलेगी। अगर मोबाइल नंबर बदला है तो पहले उसे अपडेट करवाएं।
क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस का 3100 करोड़ का IPO खुला, 25 फरवरी तक मौका, न्यूनतम निवेश 14742 रुपये

नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Clean Max Enviro Energy Solutions का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम आज से निवेशकों के लिए खुल गया है। निवेशक 25 फरवरी तक इस आईपीओ में बोली लगा सकते हैं। कंपनी इस इश्यू के जरिए लगभग 3100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना के साथ बाजार में उतरी है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 1000 से 1053 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 14 शेयर शामिल हैं और ऊपरी प्राइस बैंड के अनुसार न्यूनतम निवेश 14742 रुपये होगा। यह इश्यू फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल दोनों का मिश्रण है। कंपनी के मुताबिक फ्रेश इश्यू से प्राप्त लगभग 1122.6 करोड़ रुपये का उपयोग कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों के कर्ज के आंशिक या पूर्ण भुगतान में किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और विस्तार योजनाओं में खर्च की जाएगी। आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित है, जबकि 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स और 15 प्रतिशत नॉन इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए निर्धारित किया गया है। इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में Axis Capital, JPMorgan और SBI Capital Markets को नियुक्त किया गया है। कंपनी के शेयर Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange of India पर सूचीबद्ध होंगे। आईपीओ से पहले कंपनी प्री आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए 1500 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इस चरण में Temasek और Bain Capital जैसे बड़े निवेशकों की भागीदारी रही, जिससे बाजार में इस इश्यू को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। उद्योग आकलनों के अनुसार कंपनी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए रिन्यूएबल एनर्जी समाधान और नेट जीरो पहलों पर फोकस कर रही है। क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी की परिचालन क्षमता 2.80 गीगावाट रही, जबकि 3.17 गीगावाट की अतिरिक्त परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कार्बन क्रेडिट और स्वच्छ ऊर्जा अनुबंधों पर कॉर्पोरेट सेक्टर का बढ़ता जोर कंपनी के लिए दीर्घकालिक मांग का आधार तैयार कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर हरित ऊर्जा में निवेश की प्रवृत्ति और भारत में ऊर्जा संक्रमण की नीतियां इस तरह के आईपीओ को समर्थन दे रही हैं। हालांकि निवेशकों को मूल्यांकन, ब्याज दरों की दिशा और सेक्टर से जुड़े जोखिमों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।
शेयर बाजार में मजबूती, IPO बाजार में हलचल, विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों का सहारा

नई दिल्ली।/मुंबई से शेयर बाजार के लिए आज का दिन उत्साह भरा रहा। Bombay Stock Exchange का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 500 अंकों की मजबूती के साथ 83300 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि National Stock Exchange of India का निफ्टी 150 अंक की बढ़त लेकर 25700 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में मजबूत खरीदारी के कारण देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही सरकारी बैंकों और प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में सकारात्मक रुख दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की आक्रामक खरीद और वैश्विक बाजारों से मिले स्थिर संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया। घरेलू निवेशकों का लगातार समर्थन इस समय बाजार के लिए संबल बना हुआ है। हालांकि बाजार की इस तेजी के बीच एक बड़ा झटका भी देखने को मिला। IDFC First Bank के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में करीब 590 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद बैंक का शेयर लगभग 20 प्रतिशत टूटकर 67 रुपये तक पहुंच गया। सरकारी विभाग की ओर से संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट मिलने के बाद मामला उजागर हुआ। बैंक प्रबंधन ने चार कर्मचारियों को निलंबित कर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों के संकेत मिश्रित रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में तेजी दर्ज की गई, जबकि जापान का बाजार अवकाश के कारण बंद रहा। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक बंदी ने एशियाई बाजारों को सीमित समर्थन दिया। निवेश प्रवाह के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने खरीद जारी रखी है। फरवरी माह में विदेशी निवेशकों की शुद्ध बिकवाली और घरेलू निवेशकों की मजबूती बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही है। प्राथमिक बाजार में भी हलचल तेज रही। Clean Max Enviro Energy Solutions का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से पूंजी जुटाकर ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की योजना बना रही है। इससे निवेशकों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अल्पकाल में बाजार की चाल बैंकिंग सेक्टर के प्रदर्शन, वैश्विक संकेतों और निवेश प्रवाह पर निर्भर रहेगी। यदि घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशक सतर्क आशावाद के साथ बाजार की अगली दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।
निवेशकों के लिए सुनहरा मौका या चेतावनी, सोना और चांदी के दाम नई ऊंचाई पर

नई दिल्ली।आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान खींच लिया है। कीमती धातुओं में तेज उछाल दर्ज किया गया है। India Bullion and Jewellers Association के अनुसार 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 3362 रुपये बढ़कर 1 लाख 58 हजार 428 रुपये पर पहुंच गई है। वहीं एक किलो चांदी 15236 रुपये की बढ़त के साथ 2 लाख 65 हजार 550 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। साल 2026 की शुरुआत से ही सोना और चांदी लगातार मजबूती दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष अब तक सोने की कीमत में लगभग 25 हजार रुपये और चांदी में करीब 35 हजार रुपये की वृद्धि हो चुकी है। जनवरी महीने में सोने ने 1 लाख 76 हजार रुपये और चांदी ने 3 लाख 86 हजार रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था। पिछले वर्ष भी कीमती धातुओं ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76 हजार रुपये के स्तर पर था जो वर्ष 2025 के अंत तक 1 लाख 33 हजार रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह चांदी 86 हजार रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2 लाख 30 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंची, जो करीब 167 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। वैश्विक निवेश बैंक UBS के अनुसार 2025 में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था और 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंच सकता है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़कर 825 टन तक जाने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 के मध्य तक सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमत 6200 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। भारतीय मुद्रा में इसका अर्थ है कि 10 ग्राम सोने का भाव 1 लाख 80 हजार रुपये तक जा सकता है। बढ़ती कीमतों के बीच विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। सोना खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही लेना चाहिए। हॉलमार्क से सोने की शुद्धता की पुष्टि होती है। साथ ही खरीदारी से पहले दिन की कीमत विश्वसनीय स्रोतों से जरूर जांच लें क्योंकि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी निवेशकों के लिए अवसर भी है और जोखिम भी। लंबी अवधि के निवेशक गोल्ड ईटीएफ या फिजिकल गोल्ड में रणनीतिक निवेश कर सकते हैं। वहीं ज्वेलर्स के लिए भी यह दौर मांग और कारोबार दोनों के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।