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सोना 2000 रुपये से ज्यादा हुआ महंगा, चांदी की भी 15000 रुपये बढ़ी कीमत; चेक करें लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली । बुधवार को सोने-चांदी के दाम में आई गिरावट के बाद आज फिर से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. गुरुवार, 19 फरवरी को देश में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,200 रुपये है, जो कल के मुकाबले 2,290 रुपये ज्यादा है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत आज 2,100 रुपये बढ़कर 1,41,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,650 रुपये है, जो बुधवार के मुकाबले 1,720 रुपये ज्यादा है. देश के इन शहरों में सोने का ताजा भाव मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, कटक, विशाखापत्तनम, मैंगलोर, अमरावती जैसे शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 15,649 रुपये है. वहीं, इन शहरों में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 14,345 और 11,737 रुपये है. दिल्ली, वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, सूरत और अयोध्या में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 15,664 रुपये प्रति ग्राम है. इन शहरों में आज 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 14,360 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 11,752 रुपये है. चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे तमाम दक्षिण भारतीय शहरों में गुरुवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 15,818 रुपये, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,500 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 12,400 रुपये है. चांदी ने भी लगाई छलांग देश में आज 1 किलो चांदी की कीमत 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि कल इसकी कीमत 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी. यानी कि सीधे-सीधे इसमें 15,000 रुपये का उछाल आया है. इस हिसाब से आज भारत में 1 ग्राम चांदी की कीमत कल के 255 रुपये से बढ़कर आज 270 रुपये प्रति ग्राम हो गई है. भारत में चांदी की कीमत इंटरनेशनल कीमतों से तय होती है, जो किसी भी दिशा में ऊपर-नीचे हो सकती हैं. इसके अलावा यह डॉलर के मुकाबले रुपये की के मूवमेंट पर भी निर्भर करता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता है और इंटरनेशनल कीमतें स्थिर रहती हैं, तो चांदी और भी महंगी हो जाएगी.  बुधवार को सोने-चांदी के दाम में आई गिरावट के बाद आज फिर से कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. गुरुवार, 19 फरवरी को देश में 24 कैरेट के 10 ग्राम सोने की कीमत 1,54,200 रुपये है, जो कल के मुकाबले 2,290 रुपये ज्यादा है. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत आज 2,100 रुपये बढ़कर 1,41,350 रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत 1,15,650 रुपये है, जो बुधवार के मुकाबले 1,720 रुपये ज्यादा है. देश के इन शहरों में सोने का ताजा भाव मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे, विजयवाड़ा, नागपुर, भुवनेश्वर, कटक, विशाखापत्तनम, मैंगलोर, अमरावती जैसे शहरों में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 15,649 रुपये है. वहीं, इन शहरों में 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत क्रमश: 14,345 और 11,737 रुपये है. दिल्ली, वडोदरा, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, सूरत और अयोध्या में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 15,664 रुपये प्रति ग्राम है. इन शहरों में आज 22 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम के हिसाब से 14,360 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 11,752 रुपये है. चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, सेलम, त्रिची जैसे तमाम दक्षिण भारतीय शहरों में गुरुवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 15,818 रुपये, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,500 रुपये और 18 कैरेट सोने की कीमत 12,400 रुपये है. चांदी ने भी लगाई छलांग देश में आज 1 किलो चांदी की कीमत 2,70,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि कल इसकी कीमत 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी. यानी कि सीधे-सीधे इसमें 15,000 रुपये का उछाल आया है. इस हिसाब से आज भारत में 1 ग्राम चांदी की कीमत कल के 255 रुपये से बढ़कर आज 270 रुपये प्रति ग्राम हो गई है. भारत में चांदी की कीमत इंटरनेशनल कीमतों से तय होती है, जो किसी भी दिशा में ऊपर-नीचे हो सकती हैं. इसके अलावा यह डॉलर के मुकाबले रुपये की के मूवमेंट पर भी निर्भर करता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया गिरता है और इंटरनेशनल कीमतें स्थिर रहती हैं, तो चांदी और भी महंगी हो जाएगी.

TATA SON’S CHAIRMAN:टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन के भविष्य का फैसला 24 फरवरी को… ग्रुप बोर्ड की होगी अहम बैठक

TATA SON’S CHAIRMAN: नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) के लिए अगला सप्ताह काफी अहम होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगले सप्ताह टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग (Board meeting of Tata Sons) होने वाली है। 24 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (Chairman N. Chandrasekaran) के तीसरे कार्यकाल पर फैसला होगा। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में बोर्ड के सामने तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड के एक सूत्र के अनुसार टाटा संस बोर्ड में कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा से चंद्रशेखरन खुद को अलग रखेंगे। बता दें कि एन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल अगले वर्ष पूरा होने वाला है, ऐसे में समय से पहले ही उनके नेतृत्व को लेकर स्पष्टता लाने की तैयारी की जा रही है। पिछले साल नोएल टाटा ने रखा था प्रस्ताव टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। उस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। अब इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मंजूरी जरूरी है। रतन टाटा ने की थी सिफारिश चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल की बात करें तो साल 2022 में जब कार्यकाल बढ़ाया गया था, तब टाटा ट्रस्ट्स के तत्कालीन अध्यक्ष और समूह के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने टाटा संस बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया था। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए चंद्रशेखरन के नाम की सिफारिश की थी। बता दें कि नमक से सेमीकंडक्टर तक के कारोबार में सक्रिय टाटा समूह इस समय कई रणनीतिक विस्तार योजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की निरंतरता को समूह की दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में समूह ने एयरलाइन, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल कारोबार में बड़े फैसले लिए हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई है। कौन है एन चंद्रशेखरन? नटराजन चंद्रशेखरन टाटा समूह की सभी कंपनियों के प्रमोटर टाटा संस के चेयरमैन हैं। वह अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में चेयरमैन नियुक्त हुए। वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, इंडियन होटल्स कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित समूह की कई ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड के भी अध्यक्ष हैं।चेयरमैन बनने से पहले, वे टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, जहां उन्होंने 30 वर्षों तक सेवा की। वह 2017 तक आठ वर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शामिल हैं।

GOLD SILVER RATE: सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी…. जानिए क्यों गिर रहे दाम?

GOLD SILVER RATE: नई दिल्ली। सोने और चांदी (Gold- Silver Price) के लिए मंगलवार को दिन अच्छा नहीं रहा है। इस दिन कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर (MCX Gold Futures) का रेट गिरकर 151244 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। गोल्ड की आज की कीमतों में 3500 रुपये या फिर 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, एमसीएक्स सिल्वर मार्च कॉन्ट्रैक्ट्स (MCX Silver March Contracts) के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। चांदी का रेट 10,500 रुपये फिर 4.4 प्रतिशत टूटकर 229352 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आ रही है गिरावट गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह डॉलर का मजूबत होना है। इसके अलावा अमेरिका-ईरान बातचीत, यूएस फेड रिजर्व का ताजा अपडेट और छुट्टी की वजह से ज्यादा एशियाई बाजार के बंद होने की वजह से यह गिरावट देखने को मिली है। बता दें, आज डॉलर इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं? जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी कहते हैं, “गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी है। इसके पीछे की वजह डॉलर का मजबूत होना और हालिया तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग है। कल छुट्टी की वजह से यूएस मार्केट बंद था। इसकी वजह से भी सोने और चांदी की कीमतों पर असर पड़ा है।” हरीश कहते हैं, “बाजार में मौजूद निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी इकनॉमिक आंकड़ों से पहले सतर्कता दिखा रहे हैं। ताजा जीडीपी आंकड़े और FOMC मीटिंग का असर फेड रिजर्व की उम्मीदों पर पड़ेगा।” क्या सोना और चांदी खरीदने का यह है सही समय? गोल्ड और सिल्वर इस समय काफी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कोई भी तेजी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए बेच कर बाहर निकलने का सही मौका होगा। ब्रोकरेज हाइस च्वाइस ब्रोकिंग का कहना है कि गोल्ड के लिए 149000 रुपये और चांदी 225000 का रेट काफी अहम होगा। अगर दाम इसके नीचे जाते हैं तो दबाव के कारण कीमतों में और गिरावट देखने को मिलेगी।

INSURANCE UPDATE: मुसीबत में बचाने वाला गाइड! जानें 20–50 की उम्र के लिए टॉप 5 इंश्योरेंस विकल्प

INSURANCE UPDATE: नई दिल्ली। जवानी में इंश्योरेंस लेना सिर्फ टैक्स बचाने की बात नहीं, बल्कि परिवार और सेविंग्स की सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया है। 25 की उम्र में लिया गया प्लान 45-50 की उम्र में लेने के मुकाबले करीब 50% तक सस्ता पड़ सकता है। सही पॉलिसी का चयन जीवन की अनिश्चितताओं में ढाल का काम करता है। 20s: ‘अर्ली बर्ड’ का फायदा 20 के दशक में जिम्मेदारियां कम और हेल्थ अच्छी होती है। इस उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेना सबसे फायदेमंद होता है। कम प्रीमियम में कवर लॉक हो जाता है और वेटिंग पीरियड भी जल्दी कट जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस के लिए कंपनी पर भरोसा कम रखें और ₹5-10 लाख का बेसिक पर्सनल कवर लें। MP POLITICS: राजस्व विभाग का बड़ा फैसला,119 राजस्व निरीक्षक बने नायब तहसीलदार; यहां देखें लिस्ट! 30s: परिवार और लोन का सुरक्षा कवच इस उम्र में शादी, बच्चे और होम लोन जैसी जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। बेस हेल्थ प्लान के साथ कैंसर या हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के लिए टॉप-अप कवर लेना चाहिए। अगर बेस प्लान ₹5 लाख का है, तो ₹20 लाख का टॉप-अप सस्ता पड़ता है और बड़ी सर्जरी में काम आता है। 40s-50s: रिटायरमेंट और एसेट प्रोटेक्शन इस उम्र में फोकस होना चाहिए कि जमा पूंजी किसी बीमारी या एक्सीडेंट में खर्च न हो। पर्सनल एक्सीडेंट कवर और टर्म प्लान लेना महत्वपूर्ण है। रिकवरी में समय ज्यादा लगता है, इसलिए परिवार और सेविंग्स दोनों को सुरक्षित रखने के लिए सही कवर जरूरी है। लाइफ के Big-5 इंश्योरेंस प्लान इंश्योरेंस प्रकार क्यों जरूरी लाभ टर्म इंश्योरेंस गैर-मौजूदगी में परिवार की आर्थिक सुरक्षा कर्ज मुक्त और भविष्य सुरक्षित रखता है हेल्थ इंश्योरेंस मेडिकल खर्च से बचाव सेविंग्स को हॉस्पिटल बिल से सुरक्षित रखता है एक्सीडेंट कवर दुर्घटना से विकलांगता या आय रुकने पर काम न कर पाने पर भी आय का सहारा देता है क्रिटिकल इलनेस कवर कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों में इलाज के दौरान एकमुश्त राशि देता है मोटर इंश्योरेंस गाड़ी से जुड़े नुकसान और कानूनी जोखिम से बचाव थर्ड पार्टी क्लेम और मरम्मत खर्च से राहत MP RAIN ALERT: एमपी में फिर बदलेगा मौसम: 22 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, ग्वालियर-चंबल पर ज्यादा असर इंश्योरेंस लेने से पहले ध्यान दें हमेशा 95%+ CSR वाली कंपनी चुनें। पुरानी बीमारियां या सिगरेट की आदत साफ बताएं, झूठ बोलने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। बेस पॉलिसी में ‘प्रीमियम वेवर’ जैसे राइडर जरूर जोड़ें, ताकि मुसीबत में आगे के प्रीमियम माफ हो जाए। इंश्योरेंस के प्रकार और फायदे टर्म इंश्योरेंस – परिवार को आर्थिक सुरक्षा और कर्ज मुक्त रखता है। हेल्थ इंश्योरेंस – मेडिकल महंगाई से बचाव और कैशलेस सुविधा। क्रिटिकल इलनेस कवर – गंभीर बीमारी में इलाज के खर्च के लिए एकमुश्त राशि। पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस – दुर्घटना में आय का सहारा। मोटर इंश्योरेंस – सड़क दुर्घटना या चोरी से कानूनी और वित्तीय सुरक्षा।

FINANCIAL ALERT: 10 फाइनेंशियल मिस्टेक्स जो किसी को भी नहीं करनी चाहिए, समय रहते समझने में है समझदारी

FINANCIAL ALERT: नई दिल्ली। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में कमाई बढ़ाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है पैसों का सही प्रबंधन करना। अक्सर आर्थिक संकट बड़ी वजहों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी वित्तीय गलतियों से पैदा होता है। अनियोजित खर्च, बढ़ता क्रेडिट कार्ड बिल, बिना योजना के बड़े खरीद फैसले और बचत की अनदेखी-ये सभी मिलकर वित्तीय स्थिरता को कमजोर कर देते हैं। अगर समय रहते इन आदतों पर नियंत्रण न किया जाए, तो अच्छी आय होने के बावजूद आर्थिक दबाव बना रह सकता है। आइए, यहां हम उन 10 गलतियों की चर्चा करते हैं, जिनसे हर किसी को बचना चाहिए। गैर-जरूरी खर्च कभी-कभार महंगी कॉफी, बाहर खाना या पेड मूवी ऑर्डर करना मामूली लग सकता है, लेकिन ये छोटे खर्च मिलकर बड़ा बोझ बन जाते हैं। मान लीजिए, अगर आप हर हफ्ते बाहर खाने पर 500 रुपये खर्च करते हैं, तो साल भर में यह 24000 रुपये हो जाता है। यह रकम छोटे-मोटे कर्ज चुकाने या सेविंग में लगाई जा सकती है। आर्थिक तंगी के समय ऐसे खर्चों से बचना बेहद जरूरी है। बार-बार होने वाले नियमित खर्च हर महीने या सालाना कटने वाले खर्चों पर नजर डालें- जैसे कई स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन या महंगे जिम मेंबरशिप। खुद से पूछें, क्या ये जरूरत हैं या सिर्फ चाहत? कई बार कम खर्च वाला विकल्प भी काम चला सकता है और आपको बचत का मौका दे सकता है। क्रेडिट कार्ड का ज्यादा उपयोग गैर-जरूरी चीजों के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है। लेकिन अगर आप महीने के आखिर तक पूरा बकाया नहीं चुका पाते, तो ऊंची ब्याज दरें खरीदी गई वस्तुओं को बेहद महंगा बना देती हैं। कई बार क्रेडिट कार्ड के चलते लोग अपनी आय से ज्यादा खर्च कर बैठते हैं। गाड़ी खरीदने में जल्दबाजी हर साल लाखों नई गाड़ियां बिकती हैं, लेकिन बहुत कम लोग उन्हें नकद खरीद पाते हैं। लोन लेकर गाड़ी खरीदना आसान लगता है, लेकिन किस्त भर पाने की क्षमता और गाड़ी का वास्तविक खर्च उठाने की क्षमता अलग बातें हैं। ध्यान रहे, गाड़ी एक घटती कीमत वाली संपत्ति है। उस पर ब्याज देना आर्थिक रूप से नुकसानदायक हो सकता है। बार-बार गाड़ी बदलना भी घाटे का सौदा साबित होता है। जरूरत के अनुसार गाड़ी का चुनाव ही समझदारी है। दिखावे के लिए महंगी SUV खरीदना बजट पर भारी पड़ सकता है। घर पर जरूरत से ज्यादा खर्च घर खरीदते समय “बड़ा ही बेहतर है” हमेशा सही नहीं होता। बड़ी प्रॉपर्टी का मतलब ज्यादा टैक्स, मेंटेनेंस और यूटिलिटी बिल। मॉर्गेज के अलावा अन्य नियमित खर्चों पर भी विचार करना जरूरी है। घर ऐसा हो, जो आपकी जरूरत और बजट दोनों के मुताबिक हो। बार-बार रीफाइनेंसिंग करना अगर आप घर की जरूरत के लिए बार-बार रीफाइनेंसिंग करते हैं तो यह जोखिम भरा हो सकता है। अगर कम ब्याज दर पर कर्ज चुकाने के लिए ऐसा किया जाए तो ठीक है, लेकिन इसका इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड की तरह करना अनावश्यक ब्याज का कारण बन सकता है। बचत न करना कई परिवार “पेचेक टू पेचेक” जीवन जी रहे हैं। ऐसे में एक वेतन न मिलना भी संकट पैदा कर सकता है। आपातकालीन फंड का होना बेहद जरूरी है, खासकर आर्थिक मंदी जैसे समय में। रिटायरमेंट के लिए निवेश न करना अगर आपका पैसा निवेश के जरिए काम नहीं कर रहा, तो आरामदायक रिटायरमेंट मुश्किल हो सकता है। रिटायरमेंट खातों में नियमित निवेश लंबी अवधि में वित्तीय सुरक्षा देता है। इसलिए किसी अच्छी रिटायरमेंट स्कीम में अभी से निवेश की शुरुआत कर दें। कर्ज चुकाने के लिए रिटायरमेंट फंड का इस्तेमाल कुछ लोग ऊंचे ब्याज वाले कर्ज से बचने के लिए रिटायरमेंट फंड निकालने का सोचते हैं। ऐसा करने से कंपाउंडिंग का लाभ खत्म हो जाता है और तय वर्ष से कम उम्र में निकासी पर पेनल्टी भी लग सकती है। रिटायरमेंट फंड को छूना बिल्कुल आखिरी विकल्प होना चाहिए। वित्तीय योजना का अभाव आज के डिजिटल दौर में लोग घंटों मनोरंजन और सोशल मीडिया पर व्यतीत कर देते हैं, लेकिन अपने वित्तीय भविष्य की योजना बनाने के लिए समय नहीं निकालते। परिणामस्वरूप, आय और खर्च का सही आकलन नहीं हो पाता और बचत व निवेश की दिशा अस्पष्ट रह जाती है। बिना ठोस वित्तीय योजना के भविष्य अनिश्चित और असुरक्षित बन सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप नियमित रूप से अपनी आय, खर्च, बचत और निवेश की समीक्षा करें और स्पष्ट वित्तीय लक्ष्य तय करें।

BUSINESS NEWS: सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी

  BUSINESS NEWS: मुंबई । शेयर बाजार में आज 17 फरवरी को सीमित दायरे में बढ़त देखने को मिली। BSE Sensex 173 अंक चढ़कर 83,450 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 करीब 42 अंक की तेजी के साथ 25,725 पर बंद हुआ। बाजार में बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी रही, जबकि मेटल और एनर्जी सेक्टर दबाव में रहे। आज के कारोबार में Cochin Shipyard Limited के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। रक्षा मंत्रालय से 5,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिलने की खबर के बाद यह डिफेंस PSU स्टॉक BSE पर 7.27% तक उछलकर 1,575 रुपए तक पहुंच गया। अंत में इसमें करीब 3.5% की मजबूती दर्ज की गई।एशियाई बाजारों की बात करें तो Nikkei 225 0.42% गिरकर 56,566 पर बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स अवकाश के कारण बंद रहे। विदेशी निवेशकों की गतिविधि पर नजर डालें तो 16 फरवरी को FIIs ने 972 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 1,667 करोड़ रुपए की खरीदारी की। फरवरी महीने में अब तक FIIs कुल 2,346 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DIIs ने 11,443 करोड़ रुपए की खरीद की है। जनवरी 2026 में FIIs ने 41,435 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जबकि DIIs ने 69,220 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। गौरतलब है कि इससे पहले 16 फरवरी को बाजार में जोरदार तेजी रही थी। उस दिन सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 83,277 पर और निफ्टी 212 अंक की बढ़त के साथ 25,683 पर बंद हुआ था।

चांदी ₹6,667 लुढ़की, ₹2.34 लाख पर आई; सोना ₹2,903 गिरकर ₹1.51 लाख, 4 दिन में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली । सोना-चांदी की कीमतों में आज 17 फरवरी को लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट दर्ज की गई। India Bullion and Jewellers Association IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी 6,667 रुपए गिरकर ₹2.34 लाख पर आ गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,903 रुपए सस्ता होकर ₹1.51 लाख पर पहुंच गया है। पिछले चार कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में कुल ₹32 हजार की गिरावट आई है। 29 जनवरी को चांदी ने ₹3.86 लाख प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक इसमें ₹1.51 लाख की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। सोना भी दबाव में है। चार दिनों में यह करीब ₹6 हजार सस्ता हुआ है। 29 जनवरी को 10 ग्राम सोना ₹1.76 लाख के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था, जो अब तक ₹25 हजार तक टूट चुका है। हालांकि साल 2025 के पूरे आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर अलग दिखती है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर ₹1.33 लाख हो गयायानी सालभर में ₹57 हजार करीब 75% की तेजी। इसी अवधि में चांदी ₹86 हजार प्रति किलो से बढ़कर ₹2.30 लाख हो गई, यानी ₹1.44 लाख करीब 167% की उछाल। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों? ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी लागत: आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ईंधन और सुरक्षा खर्च बढ़ता है, जिससे स्थानीय रेट प्रभावित होते हैं। खपत और बल्क खरीद: दक्षिण भारत में करीब 40% खपत होने से ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं, जिससे उन्हें छूट मिलती है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य के अपने एसोसिएशन होते हैं, जो मांग-सप्लाई के आधार पर स्थानीय रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक: ज्वेलर्स ने स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, इसका असर भी बिक्री मूल्य पर पड़ता है। सोना खरीदते समय रखें ध्यान हमेशा Bureau of Indian Standards BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। खरीद से पहले IBJA या अन्य विश्वसनीय स्रोतों से रेट क्रॉस-चेक करें। असली चांदी की पहचान के तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट: असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती। क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना शुद्धता का संकेत हो सकता है। इसी बीच Morgan Stanley की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में करीब 34,600 टन सोना जमा है, जिसकी कुल वैल्यू देश की GDP से भी ज्यादा आंकी गई है।

Gold: सबसे सुरक्षित निवेश…. Gen-G का सोने के प्रति बढ़ा क्रेज, म्यूचुअल फंड-क्रिप्टो से मोहभंग

नई दिल्ली। देश की युवा पीढ़ी (Young Generation) के बीच सोने के प्रति क्रेज तेजी (Increasing Craze Gold ) से बढ़ रहा है। एक हालिया सर्वे के अनुसार जेन-जी (Gen-G ) और मिलेनियल वर्ग (Millennials) के करीब 62 प्रतिशत लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। जबकि म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर मार्केट और क्रिप्टो जैसे विकल्प पीछे रह गए हैं। यह सर्वे 18 से 39 साल के 5,000 से अधिक युवाओं से बीच किया गया। रिपोर्ट बताती है कि सोने पर भरोसा अब भी कायम है, लेकिन खरीदने का तरीका बदल रहा है। अब युवा पारंपरिक पारिवारिक फैसलों के बजाय खुद छोटी-छोटी रकम से सोना खरीद रहे हैं। यह रुझान दर्शाता है कि आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच युवा वर्ग सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहा है। क्या दिखा सर्वे मेंसर्वे के मुताबिक, अगर आज 25,000 रुपये निवेश करने हों, तो 61.9% युवा सोना चुनेंगे। इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को 16.6%, एफडी को 13%, शेयर बाजार को 6.6% और क्रिप्टो को सिर्फ 1.9% लोगों ने प्राथमिकता दी। लोगों का कहना है कि बैंक बचत, म्यूचुअल फंड या इक्विटी की तुलना में सोना उन्हें सबसे सुरक्षित विकल्प लगता है। सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब 65 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता होती है, तब सोना सबसे सुरक्षित निवेश साबित होता है। खरीदने का तरीका बदलाखास बात यह है कि अब सोना खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। अधिकांश युवाओं ने बताया कि उन्होंने हाल में पांच ग्राम से कम सोना खरीदा। इससे संकेत मिलता है कि युवा छोटी-छोटी मात्रा में नियमित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं, न कि एकमुश्त बड़ी खरीदारी की ओर। इसका मतलब है कि सोना अब सिर्फ शादी-ब्याह तक सीमित नहीं रह गया है। यह शुरुआती कमाई से जुड़ा एक लचीला बचत विकल्प बन गया है। खुद फैसले लेने का ट्रेंड बढ़ाएक और महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि लगभग दो-तिहाई युवाओं ने कहा कि सोना खरीदने का फैसला वे खुद लेते हैं। सर्वे में शामिल 42.3% लोगों ने कहा कि घर में हालिया सोना खरीदने की शुरुआत उन्होंने खुद की, जबकि 40% ने माना कि माता-पिता या बड़े सदस्यों की भूमिका रही। जेन जी में ज्यादा आत्मनिर्भरता दिखी है। वहीं मिलेनियल अब भी सोने को परिवार की लंबी सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं। पहला वेतन मिलते ही खरीदा सोनासर्वे के परिणाम बताते हैं कि पहला वेतन या शुरुआती आय मिलने के बाद बहुत से युवा इसे सोने में निवेश के रूप में खरीदते हैं। लगभग 24.3% ने कहा कि पहला वेतन मिलते ही उन्होंने सोना खरीदा। जबकि 23.9% ने इसे निवेश विकल्प के रूप में लिया। इससे यह भी पता चलता है कि युवा अब सोने को केवल आभूषण की तरह नहीं देखते, बल्कि निवेश का बेहतरीन विकल्प मान रहे हैं। सोना पहली पसंदसोना — 61.9%म्यूचुअल फंड — 16.6%फिक्स्ड डिपॉजिट — 13%इक्विटी शेयर — 6.6%क्रिप्टो — 1.9%

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

Gold Silver Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में मंगलवार, 17 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,53,551 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,54,760 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था. 17 फरवरी की सुबह करीब 9:50 बजे, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल का एक्सपायरी वाला गोल्ड 0.70 प्रतिशत या करीब 1100 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,680 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,53,959 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं प्रमुख शहरों में सोना-चांदी का ताजा भाव… चांदी की कीमत एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 1.33 फीसदी या 3,200 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,700 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,35,207 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,37,720 रुपये था. दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी के दाम गिर गए है. दिल्ली और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,600 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 26,000 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,650 रुपये चल रही है. आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार) दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,56,580 रुपए22 कैरेट – 1,43,540 रुपए18 कैरेट – 1,17,470 रुपए मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,54,910 रुपए22 कैरेट – 1,42,000 रुपए18 कैरेट – 1,16,180 रुपए चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,57,520 रुपए22 कैरेट – 1,44,390 रुपए18 कैरेट – 1,23,490 रुपए कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,54,910 रुपए22 कैरेट – 1,42,000 रुपए18 कैरेट – 1,16,180 रुपए अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,56,480 रुपए22 कैरेट – 1,43,440 रुपए18 कैरेट – 1,17,370 रुपए लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,56,580 रुपए22 कैरेट – 1,43,540 रुपए18 कैरेट – 1,17,470 रुपए पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,56,480 रुपए22 कैरेट – 1,43,440 रुपए18 कैरेट – 1,17,370 रुपए गुड रिटर्न के अनुसार प्रति 10 ग्राम सोने का भाव इस प्रकार है: दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये पर है। मुंबई में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर बिक रहा है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,57,520 रुपये, 22 कैरेट 1,44,390 रुपये और 18 कैरेट 1,23,490 रुपये है। कोलकाता में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये दर्ज किया गया है। अहमदाबाद में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है। लखनऊ में 24 कैरेट 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये है। पटना में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है, जबकि हैदराबाद में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर सोना बिक रहा है।हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट – 1,54,910 रुपए22 कैरेट – 1,42,000 रुपए18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा

नई दिल्ली। जनवरी में जब सोने-चांदी की कीमतें (Gold and Silver Prices) आसमान पर थी सोने के आयात (Gold Import) ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, जो पिछले साल जनवरी के 2.66 अरब डॉलर के मुकाबले इस बार 350 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, इसने भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficits) पर बड़ा इंपैक्ट डाला। भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2026 में बढ़कर 35 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा दिसंबर में दर्ज 24 अरब डॉलर से कहीं अधिक है। सोने की चमक ने बढ़ाई व्यापार घाटे की टेंशनसोने का आयात भारत के व्यापार घाटे में उतार-चढ़ाव की एक अहम वजह बनकर उभरा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से साफ होता है कि बढ़ती सोने की कीमतों ने आयात बिल को काफी प्रभावित किया है। पिछले छह वर्षों में सोने के आयात मूल्य में 76 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 32.9 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 58.0 अरब डॉलर हो गया। आयात की मात्रा घटी, बिल बढ़ाहैरानी की बात यह है कि इस दौरान आयात की मात्रा में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 982.7 टन से घटकर 757.1 टन रह गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां कीमतों में बढ़ोतरी आयात बिल बढ़ाने की मुख्य वजह है, न कि ज्यादा खपत। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान ही सोने का आयात बिल 49.39 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इस दौरान सिर्फ 474.99 टन सोना आयात किया गया। अप्रैल-जनवरी की अवधि में यह आंकड़ा 61.46 अरब डॉलर हो गया। नवंबर में सोने के आयात के आंकड़ों में भी भारी संशोधन देखने को मिला था, जो शुरुआती 14.8 अरब डॉलर से घटाकर 9.84 अरब डॉलर कर दिया गया था, जो इसकी अस्थिरता को रेखांकित करता है। चांदी के आयात में भी जोरदार उछालसोने के साथ-साथ चांदी के आयात ने भी रफ्तार पकड़ी है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान चांदी के आयात मूल्य में 128.95 प्रतिशत का उछाल आया है। यह 3.39 अरब डॉलर से बढ़कर 7.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसकी वजह आयात की मात्रा में 56.07 प्रतिशत और कीमतों में 46.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई जा रही है। अमेरिका और चीन के साथ व्यापारिक रिश्तेटैरिफ के दबाव के बावजूद, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात स्थल बना हुआ है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान अमेरिका को निर्यात लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 72.46 अरब डॉलर रहा। हालांकि, दिसंबर की तुलना में जनवरी में अमेरिका को निर्यात में 4.5 प्रतिशत की गिरावट जरूर आई है। वहीं, चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना हुआ है। अप्रैल-जनवरी के दौरान चीन से आयात 13 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया। सकारात्मक पहलू यह है कि इसी अवधि में चीन को निर्यात में भी 38 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 15.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया।