स्मार्ट इन्वेस्टमेंट का फॉर्मूला: SIP से कैसे करें आसान और सुरक्षित निवेश

नई दिल्ली। आज के दौर में समझदारी से निवेश करना बहुत जरूरी हो गया है और ऐसे में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) आम युवाओं के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनता है। SIP के जरिए आप म्यूचुअल फंड में एक तय रकम रेगुलर अंतराल-जैसे हर महीने-निवेश कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आप सिर्फ 500 रुपये से भी शुरुआत कर सकते हैं और समय के साथ ‘कंपाउंडिंग’ यानी चक्रवृद्धि का फायदा बढ़कर बड़ा फंड बना सकते हैं। यह तरीका खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो एकमुश्त बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन धीरे-धीरे संपत्ति बनाना चाहते हैं। कैसे काम करता है SIP: छोटे निवेश से बड़ा फायदाSIP की ताकत ‘रुपये कॉस्ट एवरेजिंग’ में छिपी है। जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और जब बाजार ऊपर होता है तो कम यूनिट्स—इससे आपकी औसत लागत संतुलित रहती है। साथ ही, इसमें प्रोफेशनल फंड मैनेजर आपके पैसे को रिसर्च और मार्केट एनालिसिस के आधार पर निवेश करते हैं, जिससे रिस्क कंट्रोल्ड रहता है। SIP निवेश में अनुशासन भी लाता है, क्योंकि इसमें तय समय पर निवेश करना होता है, जिससे ‘मार्केट टाइमिंग’ का दबाव कम हो जाता है। SIP की खासियतें: फीस और कंट्रोल दोनोंSIP का एक बड़ा फायदा इसका लचीला होना है। आप फीस तो निवेश राशि बढ़ा सकते हैं, घटा सकते हैं या कुछ समय के लिए रोक भी सकते हैं। इसमें कोई ऊपरी सीमा नहीं होती, यानी आपकी आय बढ़ाना, निवेश भी उतना बढ़ाया जा सकता है। यही कारण है कि यह नौकरीपेशा और छोटे निवेशक दोनों के लिए उपयुक्त माना जाता है। जल्दी शुरू करने का फायदा: कंपाउंडिंग का जादूSIP में सबसे बड़ा फायदा समय का होता है। छोड़कर जल्दी आप निवेश शुरू करेंगे, उतना ज्यादा फायदा मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र से हर महीने 10,000 रुपये निवेश करता है, तो 60 साल तक वह करीब 3 करोड़ रुपये का फंड बना सकता है। वहीं, अगर वही निवेश 40 साल की उम्र से शुरू किया जाए, तो यह रकम लगभग 90 लाख रुपये ही रह जाती है। यानी देरी करना आपके रिटर्न को काफी कम कर सकता है। SIP के प्रकार: ज़रूरत के हिसाब से सही विकल्प चुनेंSIP के कई प्रकार होते हैं, जिन्हें आप अपनी ज़रूरत के अनुसार चुन सकते हैं- फिक्स्ड SIP: हर महीने तय राशि का निवेश फ्लेक्सिबल SIP: आय के अनुसार राशि बदलने की सुविधा स्टेप-अप SIP: हर साल निवेश बढ़ाने का विकल्प परपेचुअल SIP: बिना समय सीमा के निवेश ट्रिगर SIP: बाजार के स्तर के अनुसार निवेश वैल्यू एवरेजिंग प्लान (VIP): लक्ष्य आधारित निवेश रणनीति निवेश से पहले क्या ध्यान रखेंSIP शुरू करने से पहले अपना फाइनेंशियल लक्ष्य तय करना जरूरी है-जैसे घर खरीदना, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट। साथ ही अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को समझें और उसी के अनुसार फंड चुनें। निवेश की अवधि लंबी रखें, ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम हो और कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिले। SIP शुरू करना भी बहुत आसान है-सही म्यूचुअल फंड चुनें, KYC पूरा करें, निवेश राशि और अवधि तय करें, और आप ऑनलाइन या ऑफलाइन आसानी से शुरुआत कर सकते हैं।
फरवरी में कमोडिटी फंड्स में बड़ी गिरावट, निवेश घटकर ₹45,708 करोड़

नई दिल्ली। फरवरी 2026 में सेंसेक्स का रुझान कमोडिटी फंड से अचानक घटता नजर आया, जिससे इस एसेट क्लास में भारी गिरावट दर्ज की गई। वैल्यूमेट्रिक्स कैपिटल की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, कुल सेंसेक्स निवेश 45,708 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद इस सेक्टर ने इंडेक्स आधार पर 80.3 प्रतिशत का मजबूत रिटर्न दिया है, जो इसकी स्थिर क्षमता को बरकरार रखता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में तेजी का धीमा पड़ना रही। सोना और चांदी दोनों में फरवरी के दौरान कमजोरी देखी गई, जिसके चलते सेंसेक्स ने इस गिरावट से दूरी बना ली। जनवरी में जहां सेंसेक्स सेक्टर में 51,483 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था, वहीं फरवरी में यह सिर्फ 5,774 करोड़ रुपये रह गया-यानी करीब 89 प्रतिशत की गिरावट। यह बदलाव दिखाता है कि निवेशक तेजी से के बाद मुनाफेवसूली की रणनीति अपना रहे हैं। इक्विटी में स्थिरता, मिड-स्मॉल कैप में ‘डिप बाइंग’ का ट्रेंडकुल नेट एसेट फ्लो में भी बड़ी गिरावट आई है। जनवरी के 1,64,277 करोड़ रुपये के मुकाबले फरवरी में यह 73,842 करोड़ रुपये रह गया। मनी मार्केट में भी ठंडापन देखने को मिला, जहां निवेश 45 प्रतिशत गिरकर 42,970 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं, फिक्स्ड इनकम से लगातार पैसा निकल रहा, हालांकि आउटफ्लो में हल्की कमी आई और यह 16,919 करोड़ रुपये रहा। इक्विटी उगाने में गिरावट लेटेस्ट लिमिटेड रही। निवेश 52,110 करोड़ रुपये से बढ़कर 42,017 करोड़ रुपये रहा, लेकिन बाजार में स्थिरता बनी रही। बदले पर मिड कैप और स्मॉल कैप रिकवरी में निवेश बढ़ाया है, जो यह संकेत देता है कि निवेशक गिरावट को अवसर के रूप में देख रहे हैं। मिड कैप निवेश 3,297 करोड़ से बढ़कर 3,739 करोड़ रुपये और स्मॉल कैप 2,536 करोड़ से बढ़कर 3,055 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, लार्ज कैप में थोड़ी गिरावट के बावजूद यह निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। इसके अलावा, फैक्टर फंड में भी दिलचस्प तेजी से देखने को मिली। निवेश 3,116 करोड़ से बढ़कर 4,495 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें ‘क्वालिटी’ कैटेगरी ने सबसे ज्यादा आकर्षण हासिल किया। विश्लेषकों के अनुसार, एक नए एनएफओ (न्यू फंड ऑफर) लॉन्च ने इस ऊंचाई में निवेश को बढ़ावा दिया है। कुल मिलाकर, फरवरी का महीना निवेश के लास से संतुलन का रहा, जहां जनवरी की असामान्य तेजी के बाद बाजार सामान्य होता दिखा। कमोडिटी में गिरावट, इक्विटी में स्थिरता और मिड-स्मॉल कैप में बढ़ती ब्याज यह संकेत देती है कि निवेशक अब ज्यादा सोच-समझकर और इक्विटी तरीकों से निवेश कर रहे हैं।
भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था से बढ़ रहे रोजगार के अवसर, रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था में लगातार बढ़ोतरी का असर अब रोजगार के आंकड़ों में भी साफ दिखने लगा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में देश की बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत रह गई है, जो इस बात का संकेत है कि नौकरी के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि अब रोजगार सिर्फ बड़े शहरों या चुनिंदा सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका विस्तार छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी हो रहा है। भारत में यह बदलाव बताता है कि आर्थिक सुधार अब जमीनी स्तर पर असर दिखाने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कंस्ट्रक्शन, कंस्ट्रक्शन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और कृषि जैसे प्रमुख सेक्टर में रोजगार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च और उद्योगों में बढ़ता विश्वास अब वास्तविक नौकरियों में बदल रहा है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने कंस्ट्रक्शन सेक्टर को नई गति दी है। इसके साथ ही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (पीएलआई) के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में विदेशी निवेश बढ़ रहा है, जिससे रोजगार के अवसरों का दायरा और विस्तृत हुआ है। टेक्नोलॉजी, प्रदूषण और ग्रामीण भारत में नई बढ़ोतरीदेश में डिजिटल क्रांति और टेक्नोलॉजी सेक्टर के विस्तार ने युवाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं। सॉफ्टवेयर, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से नौकरियां बढ़ रही हैं। इसके साथ ही भारत का उभरता प्रदूषण इकोसिस्टम-खासतौर पर फिनटेक, ई-कॉमर्स और ग्रीन एनर्जी-युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना जैसी योजनाएं युवाओं को नई कौशल देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते रोजगार से यह संकेत मिलता है कि विकास का लाभ अब देश के हर हिस्से तक पहुंच रहा है। इससे लोगों की आय में स्थिरता आ रही है और बाजार में मांग भी बढ़ रही है, जो अर्थव्यवस्था को और मजबूत करती है। साथ ही, महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में भी सुधार देखा जा रहा है। अब अधिक महिलाएं हेल्थकेयर, शिक्षा, छोटे व्यवसाय और डिजिटल सेवाओं में सक्रिय हो रही हैं, जिससे रोजगार का ढांचा अधिक समावेशी बन रहा है। डिजिटल क्रांति के विस्तार ने वर्क फ्रॉम होम, फ्रीलांसिंग और पार्ट-टाइम जॉब जैसे नए विकल्प भी सामने लाए हैं, जिससे पहले बाहर रह गए निकायों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह बदलाव दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था न केवल तेजी से बढ़ रही है, बल्कि अधिक समावेशी और टिकाऊ भी बन रही है।
रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी, चीन जा रहे टैंकर अब भारत की ओर मुड़े

नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रूस से कच्चे तेल की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई ऐसे टैंकर जो पहले चीन के बंदरगाहों की ओर जा रहे थे, उन्होंने अचानक अपना रुख बदलकर भारत की ओर कर लिया है। यह बदलाव ऐसे समय पर सामने आया है जब संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। ऊर्जा आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने तेजी से खरीद बढ़ाई है और महज एक हफ्ते में करीब 30 मिलियन बैरल रूसी कच्चा तेल खरीद लिया है, जो भारत की खुफिया तैयारी को कामयाब है। रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रामैक्स टैंकर एक्वा टाइटन, जो बाल्टिक सागर से यूराल्स कच्चा तेल लेकर निकला था, पहले चीन के रिझाओ पोर्ट की ओर जा रहा था, लेकिन मार्च के मध्य में उसने अपना मार्ग बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया। अब यह टैंकर न्यू मैंगलोर पोर्ट पर 21 मार्च के आसपास पहुंचने वाला है। इसी तरह स्वेजमैक्स टैंकर जूजू एन, जो कजाकिस्तान का सीपीसी ब्लेंड क्रूड लेकर चला था, वह भी चीन की जगह भारत के सिक्का पोर्ट की ओर बढ़ रहा है और 25 मार्च तक पहुंचने की संभावना है। यह जहाज रूस के काला सागर क्षेत्र के नोवोरोस्सियस्क बंदरगाह से रवाना हुआ था, लेकिन उसने भी रास्ते में बदलाव कर लिया। ऊर्जा कूटनीति में बदलाव, भारत फिर बना रूस का प्रमुख खरीदारएनालिटिक्स फर्म वोर्टेक्सा के आंकड़ों के अनुसार, हाल के हफ्तों में कम से कम सात रूसी तेल टैंकरों ने चीन से भारत की ओर अपना रुख किया है। इससे संकेत मिलता है कि भारत एक बार फिर रूस के लिए बड़े खरीदार के रूप में उभर रहा है। सभी प्रमुख भारतीय रिफाइनर कंपनियां रूसी कच्चे तेल की खरीद में सक्रिय हो गई हैं, जिससे देश की ऊर्जा इकाइयों को स्थिर रखने में मदद मिल रही है। यह रणनीति वस्तुओं पर तब अहम हो जाती है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। इस बीच, वैश्विक स्तर पर भी रुझान बदल नजर आ रहे हैं। गश्त में कुछ ढील मिलने के बाद जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने भी रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू कर दी है। एथलीटों का रुख है कि कई देशों द्वारा अचानक बढ़ी इस मांग से आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ ऊर्जा बाजार की दिशा बदल रहा है, बल्कि वैश्विक राजनीति और आर्थिक समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकता है।
‘KISS ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित नीता अंबानी, महिला सशक्तिकरण में योगदान को मिली पहचान

नई दिल्ली। रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी को सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘KISS Humanitarian Award 2025’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान भुवनेश्वर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी में इस खास पल का साक्षी बना पूरा परिसर। यह आयोजन कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KEISS) में हुआ, जो जनजातीय शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए विश्व स्तर पर जाना जाता है। इस अवसर पर करीब 40,000 जनजातीय छात्रों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नीता अंबानी का भव्य स्वागत किया। उन्हें यह सम्मान नोबेल पुरस्कार विजेता मोहन मुनासिंघे और केआईआईटी, केआईएसएस और केआईएमएस के संस्थापक अच्युत सामंत द्वारा प्रदान किया गया। अपने संबोधन में नीता अंबानी ने इस सम्मान को पूरी रिलायंस फाउंडेशन टीम को समर्पित करते हुए कहा कि यह सफल सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। सामाजिक सेवा के साथ प्रेरणा का संदेश, छात्रों में भरा आत्मविश्वासअपने भाषण में नीता अंबानी ने अच्युत सामंत की प्रशंसा करते हुए कहा कि केआईआईटी और केआईएसएस जैसे संस्थान भारत के लिए गर्व का विषय हैं। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन की भी प्रशंसा की। छात्रों के स्नेह से स्वीकार्य हुए उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। छात्रों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़के और लड़कियों में कोई फर्क नहीं होता और दोनों के पास समान क्षमताएं होती हैं। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, मेहनत करने और ईमानदारी के रास्ते पर आगे बढ़ने का आग्रह किया। उनके शब्दों ने वहां मौजूद हजारों छात्रों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने यह भी कहा कि केआईएसएस के छात्रों को देखकर उन्हें भारत के उज्ज्वल भविष्य पर पूरा भरोसा होता है। है कि ‘केआईएसएस ह्यूमैनिटेरियन प्रेरित’ की स्थापना वर्ष 2008 में की गई थी और यह संस्थान का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार दुनिया भर में उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने मानवता की सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस सम्मान के तहत प्रशस्ति पत्र और सोने की परत चढ़ाई ट्रॉफी प्रदान की जाती है, जो दया, उम्मीद और सेवा की भावना का प्रतीक है।
चेतावनी…. KYC सस्पेंड का मैसेज देख घबराएं नहीं BSNL यूजर्स…. फर्जी नोटिस हो रहा वायरल

नई दिल्ली। ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और ठग नए-नए तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें BSNL के नाम पर एक फर्जी नोटिस (Fake Notice) सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस नोटिस में दावा किया जा रहा है कि यूजर का KYC सस्पेंड कर दिया गया है और अगर 24 घंटे के अंदर अपडेट नहीं किया गया, तो उनका SIM कार्ड बंद कर दिया जाएगा। इस तरह के मैसेज देखकर ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और बिना सोचे-समझे अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर कर देते हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी है और BSNL या TRAI की तरफ से ऐसा कोई मैसेज जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जरूरी है कि आप सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर अपनी जानकारी शेयर करने से बचें। जानें क्या है पूरा मामलासोशल मीडिया पर एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें BSNL का लोगो और TRAI का नाम इस्तेमाल किया गया है। इस नोटिस में लिखा है कि “आपका SIM KYC सस्पेंड कर दिया गया है और 24 घंटे के अंदर आपका SIM ब्लॉक कर दिया जाएगा, तुरंत कॉल करें।” यही लाइन लोगों को डराने के लिए इस्तेमाल की जा रही है, ताकि वे जल्दबाजी में ठगों के जाल में फंस जाएं। वहीं BSNL ने साफ कर दिया है कि वह इस तरह के KYC नोटिस नहीं भेजता। अगर कोई अपडेट करना होता है, तो यूजर को ऑफिशियल चैनल के जरिए जानकारी दी जाती है, न कि ऐसे डराने वाले मैसेज के जरिए। सरकार ने बताया फर्जीसरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने साफ किया है कि यह नोटिस पूरी तरह फेक है। BSNL कभी भी इस तरह के नोटिस नहीं भेजता है। TRAI किसी भी यूजर को सीधे कॉल या मैसेज नहीं करता है। यह पूरी तरह से एक फ्रॉड ट्रिक है। इसलिए अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज या नोटिस मिला है, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। ऐसे देते हैं ठग फ्रॉड को अंजामइस तरह के फेक नोटिस का मकसद यूजर को डराकर उसकी पर्सनल जानकारी लेना होता है। जैसे ही आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं या लिंक पर क्लिक करते हैं, आपसे ये जानकारी मांगी जाती है जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल, OTP, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। और यहीं से आपका डेटा गलत हाथों में चला जाता है। इसीलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी कॉल पर अपनी पर्सनल या बैंक डिटेल शेयर करने से बचें।
एनपीसीआई ने श्रीलंका में यूपीआई की स्वीकार्यता का विस्तार किया, अर्थव्यवस्था के साथ पर्यटकों को होगा फायदा

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय इकाई एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (एनआईपीएल) ने मंगलवार को कहा कि वह श्रीलंका में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की स्वीकार्यता में विस्तार कर रहा है। एनपीसीआई ने आगे कहा कि इससे भारतीय यात्रियों के लिए श्रीलंका में भुगतान का अनुभव अच्छा होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भारत में 700 मिलियन से अधिक क्यूआर टचपॉइंट्स के साथ, प्लेटफॉर्म की इंटरऑपरेबल आर्किटेक्चर वैश्विक प्रणालियों के साथ एकीकरण को सक्षम बनाती है, जिसमें श्रीलंका का लंकापे-संचालित लंकाक्यूआर इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। पर्यटन क्षेत्र के लिए भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा स्रोत बाजार बना हुआ है। 2024 में 4.16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटकों श्रीलंका गए थे, यह आंकड़ा 2025 में बढ़कर 5.31 लाख हो गया। इस स्थिर वृद्धि ने घूमने, खरीदारी, शादियों और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए द्वीप पर आने वाले भारतीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक और विश्वसनीय भुगतान समाधानों की मांग को बढ़ा दिया है। एनपीसीआई ने कहा, “एनआईपीएल और लंकापे के बीच सहयोग के माध्यम से, भारतीय पर्यटक अब यूपीआई-सक्षम ऐप का उपयोग करके लंकाक्यूआर कोड को स्कैन करके पूरे श्रीलंका में डिजिटल भुगतान कर सकते हैं, जिससे नकदी पर निर्भरता कम हो जाएगी।” यह सेवा प्रमुख प्रतिष्ठानों, जिनमें होटल चेन, खुदरा दुकानें और सुपरमार्केट शामिल हैं, में उपलब्ध है। इस सेवा की व्यापक स्वीकृति के लिए, एनआईपीएल श्रीलंका के घरेलू भुगतान ढांचे के अनुरूप, श्रीलंका के केंद्रीय बैंक, अधिग्रहण करने वाले बैंकों और व्यापारियों जैसे प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। एनपीसीआई के अनुसार, इस पहल से यात्रियों और व्यापारियों दोनों को लाभ होने की उम्मीद है। पर्यटकों को वास्तविक समय में भुगतान, पारदर्शी विनिमय दरें और एक परिचित भुगतान इंटरफेस की सुविधा मिलेगी, वहीं श्रीलंकाई व्यवसाय एक बड़े डिजिटल ग्राहक आधार का लाभ उठा सकेंगे, नकदी प्रबंधन में सुधार कर सकेंगे और भौतिक मुद्रा पर निर्भरता कम कर सकेंगे। एनपीसीआई इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ रितेश शुक्ला ने कहा कि कंपनी सीमा पार लेनदेन को सरल बनाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अंतर-संचालनीय भुगतान गलियारों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, “यूपीआई के बढ़ते उपयोग के साथ, हमारा लक्ष्य आतिथ्य, खुदरा और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भुगतान स्वीकृति को बढ़ाना है, जिससे व्यवसायों के लिए मूल्य सृजित हो और समग्र यात्रा अनुभव बेहतर हो।
मुरैना व्यवसायिक सहकारी बैंक में इनकम टैक्स टीम की अचानक एंट्री, डाटा वेरिफिकेशन जारी

मुरैना। जीवाजी गंज राम जानकी मंदिर के पास स्थित व्यवसायिक एवं औद्योगिक सहकारी बैंक लिमिटेड में मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे ग्वालियर से आई इनकम टैक्स टीम ने अचानक प्रवेश कर बैंक के वित्तीय वर्ष में भेजे गए डाटा की क्रॉस वेरिफिकेशन शुरू कर दी। टीम की इस कार्रवाई से बैंक के अधिकारियों और खाताधारकों में हड़कंप मच गया। बैंक में पहुंची इनकम टैक्स टीमटीम में कुल 7 सदस्य शामिल थे। बैंक मैनेजर अर्जुन परिहार ने बताया कि टीम बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स विभाग को भेजे गए डाटा को सत्यापित और क्रॉस चेक कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई उनके कार्यकाल में पहली बार देखी गई है। पहली बार हुई इतनी सघन जांचअर्जुन परिहार ने कहा, बैंक हमेशा से इनकम टैक्स विभाग को सभी जरूरी डाटा समय पर भेजता रहा है, लेकिन शाखा में टीम के सीधे आने और डेटा का विस्तार से निरीक्षण करना हमारे अनुभव में पहली घटना है। टीम ने बताया कि यह प्रक्रिया पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन शाखा में इस तरह की सघन जांच पहली बार हो रही है। कार्रवाई का उद्देश्यइनकम टैक्स विभाग की टीम का मकसद बैंक द्वारा भेजे गए डाटा की सही रिकॉर्डिंग और सत्यता की पुष्टि करना है। बैंक अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह टीम के सहयोग में लगे हुए हैं। फिलहाल कोई कानूनी नोटिस या प्रतिबंध सामने नहीं आया है, लेकिन टीम की जांच जारी है। खाताधारकों को सतर्क किया गयाइस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि बैंक और उसके खाताधारक इस तरह की आकस्मिक निरीक्षण प्रक्रिया के लिए तैयार रहें। नायब अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि बैंक शाखा में सभी दस्तावेज़ और रिकॉर्ड तैयार रखें, ताकि जांच में कोई बाधा न आए। मुरैना व्यवसायिक सहकारी बैंक में इस प्रकार की पहली बार इतनी व्यापक जांच हुई है, और यह कार्रवाई बैंक और खाताधारकों के लिए गंभीर संदेश है कि वित्तीय रिकॉर्ड का पारदर्शी और सटीक होना अनिवार्य है।
1 अप्रैल से एमपी में गेहूं खरीदी शुरू, रात 8 बजे तक खुलेंगे केंद्र; MSP पर बोनस से किसानों को राहत

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है। सरकार के फैसले के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होगी। इस बार सरकार ने खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू और किसानों के अनुकूल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा फैसला खरीदी के समय को लेकर लिया गया है। अब सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीदी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक अवकाश और त्योहारों के दिन खरीदी नहीं होगी। किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की है। इसके साथ गेहूं की प्रभावी खरीदी दर ₹2625 प्रति क्विंटल तय की गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान लागत बढ़ने को लेकर चिंतित थे। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार इस वर्ष गेहूं बेचने के लिए किसानों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। 15 मार्च तक कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया, जो पिछले साल के 15 लाख 44 हजार से काफी अधिक है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि किसान सरकारी खरीदी प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं। जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन जिले में सबसे अधिक 1,23,281 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद सीहोर (1,01,793) और राजगढ़ (98,537) का स्थान है। वहीं दूसरी ओर अलीराजपुर (476), बुरहानपुर (523), पांढुर्णा (863) और अनूपपुर (882) जैसे जिलों में सबसे कम पंजीयन हुआ है। सरकार का कहना है कि सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। तौल, भुगतान और परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर, इस बार की गेहूं खरीदी नीति को किसानों के लिए राहत भरी और सुविधाजनक माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और किसानों को इसका कितना लाभ मिल पाता है।
महंगे पेट्रोल में देश में चौथे नंबर पर एमपी, पड़ोसी राज्यों से 11 रुपए तक ज्यादा कीमत

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। ताजा आंकड़ों (11 मार्च 2026) के अनुसार, प्रदेश देश का चौथा सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाला राज्य बन गया है। राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹106.52 प्रति लीटर पहुंच गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एमपी के पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल काफी सस्ता मिल रहा है। उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में पेट्रोल ₹94.69 और गुजरात (गांधीनगर) में ₹94.70 प्रति लीटर है। यानी एमपी के लोगों को करीब 11 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं अन्य पड़ोसी राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ (रायपुर) में ₹99.44, महाराष्ट्र (मुंबई) में ₹103.54 और राजस्थान में ₹104.72 प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है। क्यों महंगा है एमपी में पेट्रोल?राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण अलग-अलग राज्यों में लगने वाला VAT (वैट), सेस और स्थानीय टैक्स है। मध्य प्रदेश में टैक्स ढांचा काफी भारी है:पेट्रोल पर: 29% VAT + ₹2.5/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस डीजल पर: 23% VAT + ₹3/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस इसके अलावा केंद्र सरकार पेट्रोल पर ₹19.90 और डीजल पर ₹15.80 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। जीएसटी पर अभी फैसला टलापेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है, लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन फैसला टाल दिया गया। डीजल में भी महंगा एमपीकेवल पेट्रोल ही नहीं, डीजल के मामले में भी मध्य प्रदेश महंगे राज्यों में शामिल है। देश में डीजल की ऊंची कीमतों के मामले में एमपी टॉप-10 में 7वें स्थान पर है।