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राजपाल यादव के समर्थन में आए सोनू सूद, बढ़ाया मदद का हाथ, 9 करोड़ के कर्ज से दिलाएंगे मुक्ति

नई दिल्ली। बॉलीवुड के चर्चित कॉमिक एक्टर राजपाल यादव इन दिनों गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। चेक बाउंस और करीब 9 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 फरवरी को उनकी आखिरी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद अदालत के आदेश पर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया।इस मुश्किल घड़ी में अभिनेता सोनू सूद सामने आए और राजपाल यादव के समर्थन में खुलकर अपनी मदद का प्रस्ताव रखा। सोनू ने स्पष्ट किया कि यह मदद किसी चैरिटी के लिए नहीं, बल्कि एक कलाकार के लिए प्रोफेशनल सहयोग और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इंडस्ट्री से भी अपील की कि वे आगे आएं और राजपाल को इस कठिन दौर से बाहर निकलने में मदद करें। सोनू सूद की अपील मंगलवार को राजपाल यादव का भावुक बयान सामने आने के बाद, सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने न सिर्फ राजपाल यादव को अपनी आने वाली फिल्म में काम देने की बात कही, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से भी अपील की कि वे इस कठिन समय में कलाकार के साथ खड़े हों।सोनू ने लिखा कि राजपाल यादव बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं, जिन्होंने सालों तक इंडस्ट्री को यादगार किरदार दिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनका सहयोग भविष्य के काम के साथ एडजस्ट होने वाला एक छोटा साइनिंग अमाउंट है, जो कलाकार के सम्मान का प्रतीक है। सोनू ने आगे कहा, जब कोई अपना मुश्किल हालात से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री उसका सपोर्ट करे, ताकि वह महसूस करे कि वह अकेला नहीं है। यही एकता दिखाती है कि फिल्म जगत सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि एक परिवार भी है। Rajpal Yadav is a gifted actor who has given years of unforgettable work to our industry. Sometimes life turns unfair, not because of talent, but because timing can be brutal. He will be part of my film, and I believe this is the moment for all of us..producers, directors,… — sonu sood (@SonuSood) February 10, 2026 राजपाल यादव की आर्थिक तंगी रिपोर्ट्स के मुताबिक, तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से कुछ समय पहले, राजपाल यादव ने अधिकारियों के सामने खुलकर अपनी आर्थिक बदहाली का दर्द साझा किया। उन्होंने कहा, सर, मेरे पास पैसे नहीं हैं कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।  राजपाल की कानूनी उलझनें लगभग एक दशक पुरानी हैं। साल 2010 में उन्होंने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज की अदायगी नहीं हो पाई और मामला अदालत तक पहुंच गया। कोर्ट का रुख और जेल की सजा शिकायतकर्ता को दिए गए सातों चेक बाउंस होने के कारण अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई। हाई कोर्ट तक लंबी सुनवाई और रिवीजन याचिकाओं के बावजूद बकाया रकम बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। 4 फरवरी 2026 को उनकी अंतिम याचिका खारिज हो गई। अदालत ने कहा कि एक्टर पहले भी लगभग 20 बार भुगतान में असफल रहे हैं। 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने छह महीने की जेल की सजा काटने के लिए तिहाड़ में सरेंडर किया।सोनू सूद ने की मदद की अपील सोनू ने यह स्पष्ट किया कि उनका सहयोग चैरिटी नहीं, बल्कि पेशेवर सम्मान और इंडस्ट्री में एकता का प्रतीक है। उन्होंने इंडस्ट्री से अपील की कि वे फिल्म प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सह-कलाकार मिलकर राजपाल यादव का सहयोग करें, ताकि वह इस कठिन दौर से बाहर निकल सकें।

दिल का साफ पर गुस्से का कच्चा: 'दबंग' सलमान खान के बचपन के यार ने सुनाए बांद्रा के वे किस्से, जो आज तक थे पर्दे के पीछे

नई दिल्ली।बॉलीवुड के गलियारों में ‘दबंग’ और ‘भाईजान’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार सलमान खान को उनके चाहने वाले ‘यारों का यार’ कहते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों चेहरे हैं, जिनकी किस्मत का सितारा सलमान के एक इशारे पर चमक उठा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस सलमान को आज पूरी दुनिया पूजती है, उनका बचपन कैसा था? सलमान के बचपन के लंगोटिया यार और मशहूर अभिनेता राजू श्रेष्ठ, जिन्हें दुनिया ‘मास्टर राजू’ के नाम से जानती है, ने हाल ही में पुरानी यादों के पिटारे से कुछ ऐसे चौंकाने वाले और दिलचस्प किस्से निकाले हैं, जिन्होंने हर किसी को हैरान कर दिया है। राजू श्रेष्ठ ने एक हालिया इंटरव्यू में उन दिनों को याद किया जब मुंबई के बांद्रा की गलियों में वे और सलमान एक साथ साइकिल चलाया करते थे। राजू ने बड़े गर्व से बताया कि एक दौर वह भी था जब बांद्रा के लोग सलमान खान को केवल “मास्टर राजू के दोस्त” के रूप में पहचानते थे। दोनों की दोस्ती इतनी बेतकल्लुफ और गहरी थी कि उन्होंने साथ में ‘नंगे नहाने’ तक के दिन देखे हैं। राजू के मुताबिक, फिल्मों के सपने देखना और साथ खेलना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अटूट हिस्सा था। हालांकि, दोस्ती की इस चाशनी में राजू ने सलमान की सबसे बड़ी कमजोरी—उनके बेकाबू गुस्से—पर भी बेबाकी से बात की। राजू ने बताया कि सलमान खान स्वभाव से बेहद दयालु और नेक इंसान हैं, लेकिन उनका अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं रह पाता। राजू ने खुलासा किया कि “सलमान दिल से फैसले लेते हैं, दिमाग से नहीं,” और यही खूबी अक्सर उनके लिए मुसीबत बन जाती है। राजू श्रेष्ठ ने उन दिनों का भी जिक्र किया जब सलमान का गुस्सा उन्हें सड़क पर ले आता था। उन्होंने बताया कि कई बार सलमान किसी की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर जोर-जोर से चिल्लाने और गाली-गलौज करने लगते थे। यहाँ तक कि अपनी ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ की बिल्डिंग के नीचे खड़े होकर हंगामा करने और कुछ मौकों पर हाथापाई तक करने की बात भी राजू ने स्वीकार की। राजू का मानना है कि सलमान ने यह सब किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी भावनाओं में बहकर किया, जिसे दुनिया ने अक्सर गलत समझा। इन उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजू श्रेष्ठ ने सलमान की वफादारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि जब उन्हें काम की जरूरत थी, तब सलमान ने ही उन्हें फिल्म ‘बागी’ में मौका दिलवाया। सालों बाद, फिल्म ‘चल मेरे भाई’ में भी दोनों ने साथ काम किया। राजू के शब्दों में, सलमान अपने पुराने दोस्तों को कभी नहीं भूलते और वक्त आने पर एक ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहते हैं। आज भले ही सलमान खान एक वैश्विक आइकन बन चुके हैं और मास्टर राजू के लिए उनसे वैसी पुरानी दोस्ती की उम्मीद करना मुमकिन नहीं है, लेकिन ये यादें आज भी उनके दिल के सबसे करीब हैं। इस खुलासे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सलमान खान का व्यक्तित्व एक ऐसी पहेली है, जिसमें जितना गुस्सा है, उससे कहीं ज्यादा बड़ा और साफ दिल है।

गोलमाल 5 को लेकर उठी अफवाहों का रोहित शेट्टी ने किया 'द एंड', टीम ने जारी किया सख्त बयान-फर्जी खबरों से रहें सावधान

नई दिल्ली।बॉलीवुड के सबसे सफल और ‘मास एंटरटेनर’ निर्देशकों में शुमार रोहित शेट्टी एक बार फिर अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रैंचाइजी “गोलमाल” को लेकर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत की वेबसाइटों पर यह दावा किया जा रहा था कि आगामी फिल्म “गोलमाल 5” साल 1980 की क्लासिक हिट ‘दो और दो पांच’ पर आधारित या उससे प्रेरित होगी। अब इन तमाम अटकलों और दावों पर खुद रोहित शेट्टी की टीम ने एक बेहद सख्त बयान जारी करते हुए पूरी तरह से विराम लगा दिया है। रोहित शेट्टी की आधिकारिक टीम ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि “गोलमाल 5” का पुरानी फिल्म ‘दो और दो पांच’ से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। टीम ने कड़े लहजे में कहा कि यह फिल्म न तो पुरानी फिल्म की कॉपी है और न ही उससे किसी भी रूप में प्रेरित है। बयान में साफ तौर पर कहा गया है कि इस तरह की खबरें “पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक” हैं जिन्हें बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के प्रसारित किया जा रहा है। टीम ने दर्शकों और प्रशंसकों से अपील की है कि फिल्म से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल ‘ऑफिशियल सोर्स’ पर ही यकीन करें। यही नहीं टीम की ओर से जारी इस प्रेस नोट में एक कड़ी चेतावनी भी शामिल है। बयान के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाकर फिल्म की साख को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों की मानें तो रोहित शेट्टी इन भ्रामक रिपोर्टों से काफी आहत और नाराज हैं क्योंकि उनकी फिल्मों को लेकर अक्सर बिना किसी आधार के दावे किए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि गोलमाल फ्रैंचाइजी पिछले डेढ़ दशक से दर्शकों के बीच हंसी का दूसरा नाम बन चुकी है। अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी अनोखे किरदारों और जबरदस्त मनोरंजन के दम पर इसने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड ध्वस्त किए हैं। “गोलमाल 5” में एक बार फिर अजय देवगन मुख्य भूमिका में कमान संभालते नजर आएंगे। उनके साथ अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े शरमन जोशी और कुणाल खेमू की सदाबहार ‘गैंग’ भी धमाल मचाने को तैयार है। दिलचस्प बात यह भी है कि गलियारों में अक्षय कुमार की एंट्री को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं हालांकि टीम ने फिलहाल इस पर चुप्पी साधे रखी है। अगर ऐसा होता है तो यह फ्रैंचाइजी के इतिहास का सबसे बड़ा सरप्राइज होगा। फिल्म की शूटिंग जल्द ही मुंबई की फिल्म सिटी में शुरू होने की संभावना है। हालांकि हाल ही में रोहित शेट्टी के आवास के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। मुंबई पुलिस ने निर्देशक की सुरक्षा बढ़ा दी है और शूटिंग सेट पर कलाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। जहाँ तक फिल्म ‘दो और दो पांच’ का सवाल है वह अमिताभ बच्चन और शशि कपूर की जोड़ी वाली एक क्लासिक एक्शन-कॉमेडी थी। लेकिन अब रोहित शेट्टी की टीम के स्पष्टीकरण के बाद यह तय हो गया है कि “गोलमाल 5” की कहानी एकदम मौलिक और ताजगी से भरपूर होगी। दर्शकों को एक बार फिर रोहित शेट्टी के सिग्नेचर स्टाइल वाली बिल्कुल नई कॉमेडी देखने को मिलेगी।

छावा की शूटिंग में आई थी बड़ी चुनौती, चोट के बावजूद विक्की कौशल ने दिखाई संभाजी महाराज जैसी जिद

नई दिल्ली । विक्की कौशल की फिल्म छावा के लिए की गई तैयारी जितनी दमदार नजर आती है उसके पीछे की कहानी उतनी ही संघर्ष से भरी रही है। साल 2025 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई और विक्की कौशल की जबरदस्त फिजीक ने दर्शकों को हैरान कर दिया। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज का किरदार निभाने के लिए विक्की को न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक तौर पर भी खुद को उसी स्तर की जिद और अनुशासन में ढालना पड़ा। फिल्म के लिए विक्की कौशल के पास महज तीन महीने का समय था जिसमें उन्हें पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म करना था। हालात तब और मुश्किल हो गए जब इस दौरान उन्हें गंभीर चोट लग गई। उनके पर्सनल फिटनेस ट्रेनर तेजस लालवानी ने एक इंटरव्यू में इस पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें आधी रात को विक्की का फोन आया था। विक्की ने साफ शब्दों में कहा था कि सिर्फ तीन महीने हैं और बॉडी बनानी है। तेजस ने भी बिना हिचक हामी भर दी लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे इतनी बड़ी चुनौती सामने आने वाली है। शूटिंग के बेहद अहम सीक्वेंस चल रहे थे जिन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता था। उसी दौरान विक्की को चोट लग गई। शुरुआत में लगा कि यह मामूली दर्द है और जल्द ठीक हो जाएगा लेकिन अगली सुबह हालात बदल चुके थे। विक्की अपना हाथ तक नहीं उठा पा रहे थे। कई महीनों की मेहनत सख्त डाइट और ट्रेनिंग सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया था। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या होगा। करीब एक महीने तक रिकवरी में लगने के बाद विक्की दोबारा लौटे और सीधे कहा चलो ट्रेनिंग शुरू करते हैं। पहला दिन बेहद मुश्किल था। हाथों का इस्तेमाल किए बिना सिर्फ उन्हीं मसल ग्रुप्स पर काम किया जा सका जो सुरक्षित थे। तेजस लालवानी के मुताबिक उस दौर में विक्की के अंदर जो अनुशासन और वापसी की भूख उन्होंने देखी वही मानसिकता उन्हें संभाजी महाराज के चरित्र में भी दिखाई देती है हार न मानने की जिद और हर हाल में लौटने का संकल्प। छावा में विक्की कौशल के साथ विनीत कुमार सिंह और अक्षय खन्ना अहम भूमिकाओं में नजर आए। अक्षय खन्ना का निगेटिव किरदार और फिल्म की दमदार कहानी भव्य विजुअल्स और ऐतिहासिक सच्चाई से जुड़ी घटनाएं दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती हैं। करीब 140 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 601.54 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 807 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह फिल्म सिर्फ एक ऐतिहासिक गाथा नहीं बल्कि जज्बे संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल बनकर सामने आई।

गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन से टूटा रिश्ता? मिस्ट्री गर्ल संग दिखे अली गोनी, चीटिंग के आरोपों पर तोड़ी चुप्पी

नई दिल्ली । टीवी एक्टर अली गोनी इंटरनेट पर हॉट टॉपिक बने हुए हैं. बीते दिनों उन्हें बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पैप्स ने दोनों को कवर किया. सोशल मीडिया पर यूजर्स एक्टिव हुए और पूछने लगे कि अली के साथ ये मिस्ट्री गर्ल कौन है. किसी ने ये तक पूछा- क्या अली ने जैस्मिन भसीन को धोखा दे दिया है. विवाद आगे बढ़ता इससे पहले अली ने इस पर रिएक्ट कर दिया है. अली ने तोड़ी चुप्पीदरअसल, अली को मिस्ट्री गर्ल के साथ बांद्रा के रेस्टोरेंट के बाहर देखकर पैप्स ने कैप्चर किया था. दोनों ने कैमरा के लिए पोज भी दिए थे. जैस्मिन उनके साथ नहीं थीं. वो कश्मीर में हॉलिडे पर हैं. अली और मिस्ट्री गर्ल का वीडियो इंटरनेट पर धड़ल्ले से वायरल हुआ. दोनों को यूं साथ में चहकते हुए देख यूजर्स ने कमेंट कर लिखा- अली की नई गर्लफ्रेंड. किसी ने लिखा- भाई ये कौन है अब. अली ने मिस्ट्री गर्ल की पहचान का खुलासा करते हुए इंस्टा स्टोरी पर लिखा- अरे भाभी है मेरी. मिस्ट्री नहीं. गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन ने भी अली की मिस्ट्री गर्ल पर बोलते हुए लिखा- मेरी फेवरेट और बेस्ट गर्ल. इस बार तुमसे मिलना नहीं हो पाया. ये हमारी सबसे प्यारी भाभी है, इसलिए आप लोग शांत रहो, इनपर अपना प्यार लुटाओ. जैस्मिन और अली ने अपनी पोस्ट से साफ कर दिया कि वो दोनों साथ हैं. उनके बीच कोई मिस्ट्री गर्ल नहीं आई है. अली और जैस्मिन का रिश्ता सालों पुराना है. वे अच्छे दोस्त से कपल बने, बिग बॉस 14 में उन्हें अपने प्यार का एहसास हुआ था. 2025 में 5 साल डेट करने के बाद कपल ने लिव इन में रहने का फैसला किया. उन्होंने अपने सपनों का घर ढूंढ़ने में 6 महीने का समय लिया. अली ने जैस्मिन संग रहने के फैसले को लाइफ का बड़ा डिसीजन कहा. दोनों की पहली मुलाकात 2018 में मुंबई में हुई थी. उन्होंने साथ में खतरों के खिलाड़ी 9 भी किया था. अलग-अलग धर्म से होना कभी उनके रिश्ते के लिए रोड़ा नहीं बना.

डॉन 3' विवाद: क्या रणवीर सिंह को चुकाने होंगे 40 करोड़? फरहान अख्तर की कंपनी के साथ तकरार तेज

नई दिल्ली । बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों एक बड़ी कानूनी और वित्तीय जंग की आहट सुनाई दे रही है। खबर है कि सुपरस्टार रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर विवाद गहरा गया है। मामला इतना बढ़ चुका है कि प्रोडक्शन हाउस ने रणवीर सिंह से 40 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मुआवजे कंपनसेशन की मांग की है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रणवीर सिंह ने कथित तौर पर ‘डॉन 3’ से अपने हाथ पीछे खींच लिए जिसके बाद फिल्म का भविष्य अधर में लटक गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्सेल एंटरटेनमेंट का तर्क है कि रणवीर सिंह की वजह से उन्हें न केवल समय का नुकसान हुआ है बल्कि भारी आर्थिक चपत भी लगी है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था। चर्चा तो यहाँ तक है कि इस घाटे की भरपाई के लिए प्रोडक्शन हाउस को अपने कुछ कर्मचारियों तक को नौकरी से निकालना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रणवीर सिंह ने पहले स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी और उनकी सहमति के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया था ऐसे में अब पीछे हटने से हुए नुकसान की जिम्मेदारी एक्टर की ही बनती है। दूसरी ओर रणवीर सिंह का पक्ष इस मामले में बिल्कुल अलग है। सूत्रों की मानें तो रणवीर फिल्म की स्क्रिप्ट से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कई बार स्क्रिप्ट में बदलाव के सुझाव दिए थे लेकिन बात नहीं बनी। रणवीर के मुताबिक रचनात्मक मतभेदों के चलते फिल्म छोड़ना एक पेशेवर फैसला है और इसके लिए 40 करोड़ रुपये का मुआवजा देना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक लंबी बातचीत हुई लेकिन घंटों चली इस बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला। अब खबर आ रही है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए ‘प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया’ को भी शामिल किया जा सकता है। एक तरफ जहाँ ‘डॉन 3’ को लेकर खींचतान जारी है वहीं रणवीर सिंह के फैंस के लिए एक राहत भरी खबर भी है। अभिनेता अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। फिल्म के पहले भाग में जसकीरत सिंह रंगी के रूप में उनके प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। अब हर तरफ ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ का इंतजार हो रहा है जो 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। लेकिन बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि क्या ‘डॉन 3’ का यह विवाद कोर्ट तक जाएगा या फिर बॉलीवुड के ये दो दिग्गज आपसी सहमति से कोई रास्ता निकालेंगे?

मनोरंजन जगत में 'ब्रेक' का दौर: जब सितारों ने सफलता के शोर से ज्यादा सुकून को चुना

नई दिल्ली । बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों एक अजीब सा लेकिन दिलचस्प पैटर्न देखने को मिल रहा है। जहां पहले कलाकार साल में पांच-पांच फिल्में करके स्क्रीन पर छाए रहने की होड़ में रहते थे वहीं अब पंकज त्रिपाठी विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे मंझे हुए कलाकार अचानक ‘ब्रेक’ की घोषणा कर रहे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सफलता के शिखर पर बैठे ये सितारे खुद ही लाइमलाइट से दूर जा रहे हैं? इसका जवाब केवल काम की कमी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति और निजी सुकून की तलाश है। इस ट्रेंड की नींव अनजाने में ही सही लेकिन शाहरुख खान ने रखी थी। ‘जीरो’ की असफलता के बाद किंग खान ने चार साल का लंबा वनवास काटा। उस वक्त कयास लगाए जा रहे थे कि उनका दौर खत्म हो गया लेकिन 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ के साथ उन्होंने जो वापसी की उसने पूरी इंडस्ट्री की सोच बदल दी। एक्टर्स को समझ आ गया कि स्क्रीन से गायब रहने का मतलब स्टारडम का खत्म होना नहीं बल्कि वापसी की भूख जगाना है। दूसरी ओर पंकज त्रिपाठी और आर. माधवन जैसे कलाकारों के लिए ब्रेक का अर्थ ‘क्रिएटिव रिफ्रेशमेंट’ है। माधवन ने खुद स्वीकार किया कि जब रोल एक जैसे होने लगें तो रिसर्च और खुद पर काम करना जरूरी हो जाता है। वहीं पंकज त्रिपाठी का साफ कहना है कि वे केवल ईएमआई (EMI) भरने के लिए मशीन की तरह काम नहीं करना चाहते। वे अपनी ऊर्जा केवल उन्हीं किरदारों में लगाना चाहते हैं जो दर्शकों और उनके भीतर के कलाकार को संतुष्ट कर सकें। अब कलाकार ‘क्वांटिटी’ से ज्यादा ‘क्वालिटी’ को अहमियत दे रहे हैं। कोरोना काल के बाद दर्शकों का मिजाज भी बदला है। अब फिल्में स्टार पावर से नहीं बल्कि ठोस कहानी से चलती हैं। अक्षय कुमार और आमिर खान जैसे बड़े सितारों की फिल्मों का फ्लॉप होना इस बात का सबूत है कि दर्शक अब कुछ नया चाहते हैं। यही वजह है कि विक्रांत मैसी और जाकिर खान जैसे कलाकार मेंटल हेल्थ और फैमिली टाइम को प्राथमिकता दे रहे हैं। विक्रांत अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर जिंदगी में संतुलन चाहते हैं तो जाकिर खान ने अपनी शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए 2030 तक का लंबा ब्रेक लेकर सबको चौंका दिया है। अंत में आर्थिक सुरक्षा भी एक बड़ा कारण है। आज के दौर में एक्टर्स केवल एक्टिंग पर निर्भर नहीं हैं। सुनील शेट्टी के स्टार्टअप्स और प्रीति जिंटा की आईपीएल टीम जैसे उदाहरण बताते हैं कि कलाकार अब बिजनेस माइंडेड हो चुके हैं। उनके पास आय के कई स्रोत हैं जो उन्हें यह लग्जरी देते हैं कि वे काम का चुनाव अपनी शर्तों पर करें न कि मजबूरी में। कुल मिलाकर यह ‘ब्रेक’ इंडस्ट्री के एक मैच्योर परिपक्व दौर की शुरुआत है जहां कलाकार खुद को एक प्रोडक्ट नहीं बल्कि एक इंसान के तौर पर देख रहे हैं।

बॉलीवुड में नहीं चला सिक्का, तो टीवी की दुनिया में रखा कदम, आज रोमांटिक स्टार बन गए मोहम्मद इकबाल खान

नई दिल्‍ली । हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में हर कलाकार का स्‍टार बनने का सपना पूरा नहीं होता। कई ऐसे चेहरे रहे हैं, जिन्हें फिल्मों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने करियर के लिए नया रास्ता चुना। इन्हीं में से एक नाम है अभिनेता मोहम्मद इकबाल खान का। आज, 10 फरवरी को अपना 44वां जन्मदिन मना रहे इकबाल खान ने भले ही फिल्मों में लंबी पारी न खेली हो, लेकिन टेलीविजन पर उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद और लोकप्रिय रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया। छोटे पर्दे पर उनके निभाए गए किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखते हैं और वह लगातार टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय बने हुए हैं। कम उम्र में ही अभिनेता बनने की ठानी कश्मीर में जन्मे और आज टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने चेहरे बन चुके मोहम्मद इकबाल खान ने बहुत कम उम्र में ही तय कर लिया था कि उन्हें अभिनय की दुनिया में ही अपना भविष्य बनाना है। स्कूल के दिनों में वह नाटकों और स्टेज परफॉर्मेंस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और अपनी एक्टिंग से सभी को प्रभावित भी करते थे। हालांकि पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई आकर करियर बनाना उनके लिए आसान नहीं रहा। शुरुआती दौर में इकबाल ने मॉडलिंग के जरिए खुद के खर्च पूरे किए और परिवार पर निर्भर रहने से बचते रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे, तब न तो रहने के लिए ढंग की जगह थी और न ही जेब में पर्याप्त पैसे। बावजूद इसके, उन्होंने अपने संघर्षों का जिक्र परिवार से कम ही किया और अकेले दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। ऐसे बदला कैरियर का रूख मुंबई में संघर्ष के बाद जब मोहम्मद इकबाल खान को फिल्मों में काम मिलने लगा, तो उम्मीदें भी बढ़ने लगीं। उन्हें बॉलीवुड में पहला मौका फिल्म कुछ दिल ने कहा से मिला। इसके बाद वह बुलेट: एक धमाका एक छोटी सी ईगो और फंटूस जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि ये सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास असर नहीं छोड़ पाईं। इकबाल ने विद्या बालन के साथ फिल्म जलसा में भी काम किया, लेकिन बड़े पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाना उनके लिए लगातार मुश्किल साबित हो रहा था। एक के बाद एक फ्लॉप फिल्मों ने उनके आत्मविश्वास को जरूर झटका दिया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय नया रास्ता चुना। अभिनय को अलविदा कहने के बजाय इकबाल ने टेलीविजन की ओर रुख किया, जहां उन्हें लगातार लोकप्रिय शोज मिले और यहीं से उनके करियर ने नई उड़ान भरी। टेलीविजन की दुनिया में छा गए टेलीविजन की दुनिया में मोहम्मद इकबाल खान की एंट्री ने उनके करियर की दिशा ही बदल दी। उन्हें छोटे पर्दे पर पहला बड़ा ब्रेक रोमांटिक सीरियल कैसा ये प्यार है से मिला, जिसने उन्हें रातों-रात दर्शकों का चहेता बना दिया। शो की जबरदस्त सफलता के बाद इकबाल ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार करीब 19 टीवी धारावाहिकों का हिस्सा बने। काव्यांजलि में शौर्य और कहीं तो होगा में रघु जैसे किरदार निभाकर उन्होंने खासतौर पर युवा दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके अलावा वारिस दिल से दिल तक एक था राजा एक थी रानी और रियलिटी शो खतरों के खिलाड़ी में भी उनकी मौजूदगी ने खूब सुर्खियां बटोरीं। कोविड काल के दौरान इकबाल ने कुछ समय के लिए टीवी और सोशल मीडिया से दूरी जरूर बनाई, लेकिन इसके बाद उन्होंने सीरियल न उम्र की सीमा हो के जरिए शानदार वापसी की। आज भी वह टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और साथ ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कई प्रोजेक्ट्स में नजर आकर अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए हैं।

मल्टीप्लेक्स के शोर में भी बुलंद है इन सिनेमाघरों की गूंज: भारत के वो आइकोनिक सिंगल स्क्रीन थिएटर जो आज भी हैं शान की विरासत

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा केवल तीन घंटे का मनोरंजन नहीं बल्कि एक गहरा भावनात्मक अनुभव रहा है। एक वह भी दौर था जब बड़े पर्दे पर अपने पसंदीदा नायक को देखने के लिए लोग किसी त्यौहार की तरह सज-धजकर सिनेमाघरों का रुख करते थे। उस जमाने में ‘सिंगल स्क्रीन थिएटर’ इस अनुभव की आत्मा हुआ करते थे। आज भले ही मल्टीप्लेक्स संस्कृति और चमचमाते मॉल्स ने हर शहर में अपनी पैठ बना ली है लेकिन सिनेमा की वह पुरानी और गौरवशाली विरासत आज भी कुछ ऐतिहासिक थिएटरों के रूप में जिंदा है। हाल ही में आमिर खान और जावेद अख्तर जैसे दिग्गजों ने देश में थिएटरों की घटती संख्या पर चिंता व्यक्त की लेकिन इसके बावजूद भारत में कुछ ऐसेआइकोनिक थिएटर मौजूद हैं जो समय की धूल को पछाड़कर आज भी सीना ताने खड़े हैं। इस सूची में राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर काराज मंदिर सबसे ऊपर आता है। साल 1976 में निर्मित यह थिएटर अपनी वास्तुकला के कारण ‘एशिया का गौरव’ कहा जाता है। इसकी भव्यता किसी शाही महल जैसी है जहाँ बड़े-बड़े झूमर और दीवारों पर की गई बारीक नक्काशी आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहाँ फिल्म देखना महज एक शो नहीं बल्कि एक राजसी अनुभव की तरह है। वहीं मायानगरी मुंबई कामराठा मंदिर तो भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अभिन्न अंग बन चुका है। ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ DDLJ को पिछले तीन दशकों से लगातार चलाने के कारण इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। सस्ती टिकट और आम आदमी से जुड़ाव इसे आज भी मुंबई की जान बनाए हुए है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो कनॉट प्लेस कारीगल सिनेमा इतिहास के पन्नों में दर्ज है। 1932 में बना यह हॉल राज कपूर का पसंदीदा था जहाँ उनकी फिल्मों के भव्य प्रीमियर हुआ करते थे। यहाँ तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी यहाँ सिनेमा देखने आया करते थे। दिल्ली में ही स्थितडिलाइट सिनेमा अपने विंटेज लुक और मॉडर्न साउंड सिस्टम के मेल के लिए मशहूर है। इसी तरह मुंबई कालिबर्टी सिनेमा जो 1947 में भारत की आजादी के साल बनकर तैयार हुआ अपनी आर्ट-डेको शैली और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी फिल्मों के साथ जुड़ी अपनी यादों के लिए प्रसिद्ध है। कोलकाता कामेट्रो सिनेमा और बेंगलुरु काएवरेस्ट टॉकीज भी इसी कड़ी के मजबूत स्तंभ हैं। 1935 में बना मेट्रो सिनेमा अपनी भव्य सीढ़ियों और ब्रिटिश कालीन फर्नीचर के जरिए दर्शकों को बीते जमाने की याद दिलाता है। ये थिएटर केवल ईंट और पत्थर की इमारतें नहीं हैं बल्कि ये उस दौर के गवाह हैं जब सिनेमा देखना एक साझा सामाजिक उत्सव होता था। मल्टीप्लेक्स के दौर में भी इन सिंगल स्क्रीन्स का टिके रहना यह साबित करता है कि विरासत को आधुनिकता कभी पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती।

सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' पर बड़ा अपडेट: रीशूट के चलते टली रिलीज, अब इस खास मौके पर सिनेमाघरों में मचेगा तहलका

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान के प्रशंसक इन दिनों उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर काफी उत्साहित हैं, लेकिन ताजा खबरों ने उनके इंतजार को थोड़ा और लंबा कर दिया है। काफी समय से चर्चा थी कि यह फिल्म इसी साल अप्रैल के महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी, मगर अब ताजा रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि फिल्म की रिलीज डेट को आगे खिसकाया जा सकता है। दरअसल, इसके पीछे की वजह कोई क्लैश या विवाद नहीं, बल्कि मेकर्स की फिल्म को ‘परफेक्ट’ बनाने की चाहत है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्देशक अपूर्व लखिया और खुद सलमान खान ने फिल्म के कुछ खास हिस्सों को देखने के बाद यह महसूस किया कि कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए कुछ दृश्यों की दोबारा शूटिंग की जानी चाहिए। यह फैसला फिल्म की गुणवत्ता और उसकी भावनात्मक गहराई को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। सलमान खान और निर्देशक दोनों का मानना है कि चूंकि यह फिल्म एक बेहद संवेदनशील और देशभक्ति से ओत-प्रोत विषय पर आधारित है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की कमी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसी ‘परफेक्शन’ के चक्कर में शूटिंग का शेड्यूल थोड़ा बढ़ गया है और यही वजह है कि अप्रैल में फिल्म का सिनेमाघरों में आना अब मुश्किल लग रहा है। फिल्म की नई शूटिंग प्रक्रिया 9 फरवरी से मुंबई की मशहूर गोल्डन टबैको फैक्ट्री में शुरू होने जा रही है। बताया जा रहा है कि इस शेड्यूल के दौरान उन महत्वपूर्ण दृश्यों को फिल्माया जाएगा जिन्हें और बेहतर बनाने की योजना बनाई गई है। फरवरी के अंत तक इस रीशूट के काम को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तुरंत बाद पोस्ट-प्रोडक्शन और एडिटिंग का काम युद्ध स्तर पर शुरू होगा। निर्देशक अपूर्व लखिया फिल्म के हर फ्रेम पर बारीकी से ध्यान दे रहे हैं ताकि गलवान घाटी के संघर्ष की वीरता को दर्शक महसूस कर सकें। हालाँकि, पहले चर्चा थी कि फिल्म 17 अप्रैल को रिलीज होगी, लेकिन अब नई रणनीति के तहत मेकर्स इसे साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय अवसर यानी ‘स्वतंत्रता दिवस’ के आसपास रिलीज करने पर विचार कर रहे हैं। अगस्त का महीना फिल्म के विषय के लिहाज से सबसे सटीक माना जा रहा है। भले ही रिलीज टलने से फैंस थोड़े मायूस हों, लेकिन खबरों की मानें तो 17 अप्रैल को मेकर्स फैंस के लिए फिल्म से जुड़ा कोई बड़ा सरप्राइज या धमाकेदार टीजर रिलीज कर सकते हैं। कुल मिलाकर, सलमान खान एक बार फिर अपनी इस फिल्म के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने की तैयारी में हैं बस इसके लिए दर्शकों को थोड़ा धैर्य और दिखाना होगा।