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थलपति विजय से मुलाकात के बाद चर्चा में तृषा कृष्णन, जाति और धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस

नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री तृषा कृष्णन एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। वजह इस बार उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि सुपरस्टार थलपति विजय के साथ उनकी पुरानी दोस्ती और निजी पृष्ठभूमि को लेकर उठ रही चर्चाएं हैं। हाल ही में तमिलनाडु में राजनीतिक हलचलों के बीच जब विजय के घर कई लोग पहुंचे, उसी दौरान तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींच लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते और उनकी बॉन्डिंग को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। थलपति विजय और तृषा कृष्णन की जोड़ी साउथ सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक मानी जाती है। दोनों ने पहली बार साल 2004 में फिल्म ‘घिल्ली’ में साथ काम किया था, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म ने न सिर्फ दोनों कलाकारों को नई पहचान दी, बल्कि उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को भी दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और हर बार उनकी जोड़ी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। ‘थिरुपाची’, ‘आथी’, ‘कुरुवी’ और बाद में ‘लियो’ जैसी फिल्मों में साथ नजर आने के बाद दोनों के बीच एक मजबूत प्रोफेशनल रिश्ता बना। कई इंटरव्यू में तृषा कृष्णन ने थलपति विजय के शांत और अनुशासित स्वभाव की तारीफ की है। उन्होंने कहा था कि विजय अपने काम को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं और सेट पर उनका व्यवहार हमेशा प्रोफेशनल होता है। इसी बीच तृषा कृष्णन की निजी पृष्ठभूमि को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। तृषा एक तमिल पलक्काड अय्यर ब्राह्मण परिवार से आती हैं। उनका जन्म चेन्नई में हुआ और वे एक हिंदू तमिल भाषी परिवार से संबंध रखती हैं। उनका समुदाय केरल और तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ माना जाता है, जहां तमिल और मलयालम संस्कृति का मिश्रण देखने को मिलता है। धार्मिक रूप से तृषा कृष्णन हिंदू धर्म का पालन करती हैं और आध्यात्मिक गतिविधियों में उनकी रुचि भी रही है। वे अक्सर मंदिरों के दर्शन करती नजर आती हैं और अपनी निजी आस्था को लेकर हमेशा सहज रही हैं। हालांकि, वे अपनी निजी जिंदगी को मीडिया से दूर रखना पसंद करती हैं और इस विषय पर ज्यादा सार्वजनिक बयान नहीं देतीं। थलपति विजय के साथ उनकी पुरानी दोस्ती एक बार फिर चर्चा में तब आई जब हाल के राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों के बाद उनके पुराने बयान और इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। फैंस दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को लेकर उत्साहित हैं और उनकी पुरानी फिल्मों को फिर से याद कर रहे हैं। हालांकि, दोनों कलाकारों ने हमेशा अपने रिश्ते को केवल दोस्ती और प्रोफेशनल सम्मान तक सीमित बताया है। वे निजी जीवन को लेकर सार्वजनिक बहसों से दूर रहते हैं और अपने करियर पर फोकस बनाए रखते हैं। इसके बावजूद, तृषा कृष्णन और थलपति विजय की जोड़ी को लेकर लोगों की दिलचस्पी समय-समय पर फिर से चर्चा में आ जाती है।

थलापति विजय की राजनीति में बड़ी हलचल: सुपरस्टार से सीएम तक का सफर और तृषा कृष्णन की एंट्री की चर्चा तेज

नई दिल्ली। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शुमार थलापति विजय ने राजनीति में कदम रखकर सबको चौंका दिया है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं। 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है, ऐसे में पार्टी बहुमत से थोड़ी दूर रह गई है, लेकिन विपक्षी और सत्ता दोनों खेमों में इस नतीजे ने हलचल मचा दी है। दो सीटों पर जीत, अब एक छोड़ना तयविजय ने इस चुनाव में दो सीटों चेन्नई की पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से जीत हासिल की है। लेकिन नियम के अनुसार कोई भी उम्मीदवार एक ही सीट रख सकता है। ऐसे में माना जा रहा है कि विजय पेरंबूर सीट अपने पास रखेंगे, जबकि तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से इस्तीफा दिया जा सकता है। इसी सीट पर अब उपचुनाव की स्थिति बन सकती है। क्या तृषा कृष्णन राजनीति में आएंगी?इसी राजनीतिक हलचल के बीच सबसे बड़ा नाम सामने आया है अभिनेत्री तृषा कृष्णन का। चर्चा है कि TVK उन्हें उपचुनाव में तिरुचिरापल्ली ईस्ट सीट से उम्मीदवार बनाना चाहती है। पार्टी का मानना है कि उनकी लोकप्रियता वोट बैंक को मजबूत कर सकती है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक तृषा अभी राजनीति में आने को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं हैं और इस प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं। उनका अब तक किसी राजनीतिक दल से सीधा जुड़ाव नहीं रहा है।  गठबंधन की तलाश में TVKसरकार बनाने के लिए TVK को किसी बड़ी पार्टी का समर्थन चाहिए। इसी वजह से तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी का झुकाव या तो DMK या AIADMK की ओर हो सकता है, हालांकि अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। क्या विजय बनेंगे मुख्यमंत्री?सूत्रों के मुताबिक विजय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का अवसर देने की मांग की है। सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़थलापति विजय की एंट्री ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है। एक तरफ गठबंधन की सियासत, दूसरी तरफ उपचुनाव की तैयारी और तीसरी तरफ तृषा कृष्णन की संभावित एंट्री—इन सबने राज्य की राजनीति को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में विजय किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और क्या वाकई सिनेमा की एक और बड़ी स्टार राजनीति में उतरती हैं।

केपटाउन में दीपिका पादुकोण की 'किंग' साइज शूटिंग, तो मुंबई में नन्ही दुआ के साथ 'सुपर डैड' की भूमिका निभा रहे रणवीर सिंह।

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सबसे ऊर्जावान और बहुमुखी अभिनेताओं में शुमार रणवीर सिंह इन दिनों पर्दे के पीछे एक बिल्कुल अलग और सराहनीय भूमिका में नजर आ रहे हैं। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर-2’ जैसी लगातार दो ब्लॉकबस्टर फिल्में देने के बाद रणवीर ने अपनी पेशेवर प्राथमिकताओं को पूरी तरह से बदल लिया है। जहाँ पहले वह अपनी फिल्मों के प्रचार और कार्यक्रमों की चकाचौंध में डूबे रहते थे, वहीं अब वह एक समर्पित पिता और सहायक पति की जिम्मेदारी निभाने को सर्वोच्च महत्व दे रहे हैं। वर्तमान में दीपिका पादुकोण दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में शाहरुख खान के साथ अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। ऐसी स्थिति में रणवीर सिंह ने घर पर रहकर अपनी नन्ही बेटी दुआ पादुकोण का पूरा ख्याल रखने का फैसला किया है, ताकि दीपिका बिना किसी चिंता के अपना काम पूरा कर सकें। फिल्म जगत के जानकारों के अनुसार, रणवीर और दीपिका का एक-दूसरे के प्रति यह सहयोग और समझदारी वाकई मिसाल पेश करने वाली है। रणवीर ने ‘धुरंधर-2’ की अपार सफलता के बाद अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘प्रलय’ पर काम शुरू करने से पहले परिवार के साथ समय बिताने का निर्णय लिया। उनकी बेटी दुआ के जन्म के बाद से ही रणवीर सिंह ने लाइमलाइट और सार्वजनिक कार्यक्रमों से थोड़ी दूरी बना ली है। उनके करीबी लोगों का कहना है कि पिता बनने के बाद रणवीर के व्यक्तित्व में काफी ठहराव और सकारात्मक बदलाव आए हैं। वे अब अपनी शूटिंग के व्यस्त शेड्यूल के बीच भी समय निकालकर अपने परिवार के पास लौटने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। उनके लिए उनकी बेटी दुआ एक ‘लकी चार्म’ की तरह है, जिसके आने के बाद से उनकी फिल्मों ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अगर उनके वर्क फ्रंट की बात करें, तो रणवीर सिंह अब किसी अन्य बड़े प्रोजेक्ट के बजाय अपना पूरा ध्यान फिल्म ‘प्रलय’ की तैयारी पर लगा रहे हैं। उन्होंने रचनात्मक मतभेदों के चलते कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स से दूरी बना ली है और अब वह एक धमाकेदार अवतार में पर्दे पर लौटने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर, दीपिका पादुकोण केपटाउन के खूबसूरत लोकेशन्स पर ‘किंग’ के जरिए एक बार फिर दर्शकों को रोमांचित करने के लिए तैयार हैं। इन दोनों सितारों का आपसी तालमेल यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वे न केवल बड़े पर्दे पर एक सफल जोड़ी हैं, बल्कि अपनी निजी जिंदगी में भी एक-दूसरे के करियर और सपनों का पूरा सम्मान करते हैं। रणवीर का यह ‘सुपर डैड’ अवतार उनके प्रशंसकों के बीच काफी चर्चा और प्रशंसा बटोर रहा है।

'डार्लिंग-डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा': धुरंधर-2 के इस वायरल संवाद के पीछे का सच आया सामने, अभिनेता ने साझा किए निर्देशक के अतरंगी विकल्प।

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी एक ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के साथ-साथ लोकप्रियता के भी सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रणवीर सिंह अभिनीत ‘धुरंधर-2: द रिवेंज’ अब विश्व स्तर पर 1800 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गई है। इस फिल्म की अपार सफलता में जहाँ मुख्य कलाकारों के अभिनय की सराहना हो रही है, वहीं ‘आलम भाई’ जैसे छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली किरदारों ने भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह पक्की कर ली है। आलम भाई का किरदार निभाने वाले अभिनेता गौरव गेरा ने हाल ही में फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने प्रशंसकों को हैरान और लोटपोट कर दिया है। गौरव गेरा ने बताया कि फिल्म में उनके किरदार का एक संवाद ‘डार्लिंग-डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ है। यह संवाद फिल्म के उस दृश्य का हिस्सा है जहाँ रणवीर सिंह का किरदार (हमजा) अपनी मायूसी के बीच आलम भाई की जूस की दुकान पर बैठता है। गौरव ने खुलासा किया कि यह मशहूर संवाद दरअसल निर्देशक आदित्य धर की रचनात्मक उपज थी। उन्होंने बताया कि शूटिंग से पहले निर्देशक ने उन्हें कई अतरंगी और मजेदार तुकबंदियां विकल्पों के तौर पर भेजी थीं, ताकि दृश्य के मूड के हिसाब से सबसे सटीक जुमला चुना जा सके। गौरव ने सोशल मीडिया पर उन विकल्पों की सूची साझा की है, जिन्हें पढ़कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस फिल्म के हर सीन पर कितनी बारीकी और रचनात्मकता के साथ काम किया गया है। निर्देशक आदित्य धर द्वारा दिए गए विकल्पों में कुछ बेहद अजीबोगरीब और मजेदार जुमले शामिल थे। इनमें ‘महफिल में घुस गया बहन का घोड़ा, पीलो पीलो आलम दूध सोडा’ और ‘अंडे से निकला चूजा खा लो खा लो क्रीम खरबूजा’ जैसे विकल्प थे। यही नहीं, इश्क में नाकामी पर ‘पिस्टल अनानास’ पिलाने और खूबसूरती के लिए ‘आंवला का मामला’ समझाने जैसी तुकबंदियां भी गौरव को सीखने के लिए दी गई थीं। गौरव ने बताया कि ‘लोहे पर हथौड़ा’ और ‘आलम दूध सोडा’ जैसे विकल्पों के बावजूद अंततः सेट पर ‘डार्लिंग-डार्लिंग’ वाले संवाद को ही फाइनल किया गया, क्योंकि इसमें एक अलग तरह का आकर्षण और मनोरंजन था जो दर्शकों को तुरंत पसंद आया। बता दें कि फिल्म के इस दूसरे भाग में आलम भाई का किरदार भावनात्मक मोड़ पर शहीद हो जाता है, जिससे कहानी में एक गहरा प्रभाव पड़ता है। पहले भाग में वह हमजा के लिए ल्यारी के मुश्किल माहौल में इकलौता सहारा था और उसे फिल्म के मुख्य विलेन रहमान डकैत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां देता था। गौरव गेरा के इस ताजा खुलासे के बाद फिल्म प्रेमी अब उन अन्य विकल्पों पर भी मजेदार चर्चा कर रहे हैं और यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या अन्य अतरंगी डायलॉग्स भी इतने ही प्रभावी साबित होते। फिलहाल, फिल्म की टीम अपनी इस ऐतिहासिक वैश्विक जीत का आनंद ले रही है और ‘धुरंधर-2’ की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है।

बॉलीवुड का वह दुर्लभ रिकॉर्ड जब एक ही गाने की धुन ने दो फिल्मों में फूंकी जान, चार दिग्गजों की आवाजों ने एक साथ जीता था करोड़ों का दिल।

नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के सौ सालों से भी ज्यादा के सफर में कई बार धुनें प्रेरित होने या पुराने गानों के रीमेक बनने के किस्से सामने आए हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि बिल्कुल एक ही गाना, एक ही संगीतकार और एक ही गीतकार के साथ दो अलग-अलग फिल्मों में महज दो हफ्तों के अंतराल पर रिलीज हुआ हो? साल 2003 में बॉलीवुड ने एक ऐसा ही अनूठा और दिलचस्प दौर देखा था। यह दुर्लभ किस्सा उस दौर की दिग्गज संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण और मशहूर गीतकार समीर के जादुई काम से जुड़ा है। इन दो फिल्मों के नाम थे ‘हंगामा’ और ‘फूटपाथ’। संगीत के इतिहास में यह पहली और शायद आखिरी बार था जब एक ही रचना को दो बिल्कुल अलग मिजाज की फिल्मों में बराबर की अहमियत के साथ शामिल किया गया और दोनों ही वर्ज़न को दर्शकों ने खूब सराहा। इस अनोखे सफर की शुरुआत 1 अगस्त 2003 को हुई, जब एक कॉमेडी ड्रामा फिल्म ‘हंगामा’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई। अक्षय खन्ना, रिमी सेन और आफताब शिवदासानी जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने अपनी गुदगुदाने वाली कॉमेडी से दर्शकों को लोटपोट कर दिया। इस फिल्म के संगीत में एक गाना शामिल था—’चैन आपको मिला, मुझे दीवानगी मिली’। इस फिल्म में यह गाना एक ‘सेलिब्रेशन’ यानी जश्न के गीत की तरह पेश किया गया था। इसमें शान और साधना सरगम की ऊर्जावान आवाज थी और इसे फिल्म के मुख्य किरदारों पर एक पार्टी के माहौल में बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया था। गाने की तेज लय और उत्साह भरे बोल तुरंत ही युवाओं की जुबान पर चढ़ गए थे। हैरानी की बात तब हुई जब इस फिल्म की रिलीज के ठीक 15 दिन बाद, यानी 15 अगस्त 2003 को एक और फिल्म ‘फूटपाथ’ बड़े पर्दे पर आई। इस फिल्म में इमरान हाशमी और आफताब शिवदासानी मुख्य भूमिकाओं में थे। दर्शकों को तब सुखद आश्चर्य हुआ जब उन्होंने इसी फिल्म के एलबम में फिर से वही गाना—’चैन आपको मिला’—सुना। हालांकि, इस बार गाने का पूरा अहसास और उसकी ‘फील’ बदल चुकी थी। जहाँ पहली फिल्म में यह एक पार्टी नंबर था, वहीं इस फिल्म में इसे एक ‘सैड सॉन्ग’ या बेहद धीमी लय वाले भावुक रोमांटिक गाने के रूप में रखा गया था। सबसे खास बात यह थी कि इस दूसरे वर्जन को दिग्गज गायक एसपी बालासुब्रमण्यम और स्वर कोकिला आशा भोसले ने अपनी मखमली आवाजों से सजाया था। एक ही गाने को दो अलग-अलग भावनाओं में ढालने का यह प्रयोग कलात्मक रूप से बेहद सफल रहा। संगीतकारों ने इसकी धुन को इस तरह तैयार किया था कि वह एक तरफ कॉमेडी फिल्म की रौनक में पूरी तरह फिट बैठी और दूसरी तरफ एक गंभीर ड्रामा फिल्म की गहराई में भी समा गई। दिलचस्प बात यह भी है कि अभिनेता आफताब शिवदासानी दोनों ही फिल्मों का अहम हिस्सा थे और उन्होंने एक ही गाने के दो अलग-अलग रंगों को पर्दे पर जिया। आज भी जब बॉलीवुड के दुर्लभ तथ्यों की बात होती है, तो यह उदाहरण सबसे ऊपर आता है कि कैसे एक ही बोल और धुन ने दो अलग कहानियों को अपने-अपने अंदाज में मुकम्मल बनाया। यह सुरीला प्रयोग आज भी संगीत प्रेमियों के बीच एक सुखद चर्चा का विषय बना रहता है।

रितेश देशमुख की 'राजा शिवाजी' के लिए सलमान, अभिषेक और संजय दत्त ने नहीं ली कोई फीस।

नई दिल्ली। मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को पर्दे पर उतारने वाली रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ वर्तमान में सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल दर्शकों की भावनाओं को छुआ है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी 41 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कलेक्शन कर लिया है। इस फिल्म की सफलता के पीछे जहाँ रितेश देशमुख का निर्देशन और अभिनय है, वहीं फिल्म जगत के कई बड़े सितारों का निस्वार्थ समर्थन भी शामिल है, जिसकी जानकारी अब खुद रितेश ने साझा की है। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर फिल्म के बारे में बात करते हुए रितेश देशमुख ने भावुक होकर बताया कि इस फिल्म का निर्माण केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि महाराज के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किया गया था। रितेश ने खुलासा किया कि फिल्म में कैमियो और महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले सलमान खान, संजय दत्त और अभिषेक बच्चन जैसे बड़े कलाकारों ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक भी रुपया फीस नहीं ली है। इन सितारों का मानना था कि शिवाजी महाराज के इतिहास पर बन रही इस भव्य फिल्म का हिस्सा होना ही उनके लिए सम्मान की बात है। विशेषकर सलमान खान, जो रितेश को अपना छोटा भाई मानते हैं, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस ऐतिहासिक ड्रामा में काम करने की सहमति दी। रितेश ने बताया कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार करने में उन्हें साढ़े तीन साल का लंबा समय लगा, क्योंकि वह इतिहास के हर पहलू को पूरी प्रमाणिकता के साथ पेश करना चाहते थे। फिल्म में रितेश के साथ विद्या बालन, भाग्यश्री, फरदीन खान और जितेंद्र जोशी जैसे कई नामी कलाकार नजर आ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी जेनेलिया ने इस फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। रितेश के अनुसार, बॉलीवुड के इन दिग्गजों का बिना फीस लिए काम करना यह दर्शाता है कि शिवाजी महाराज का नाम आज भी सभी को एकता के सूत्र में बांधता है। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान रिलीज हुई यह फिल्म अब पूरे परिवार की पहली पसंद बन गई है, जो मनोरंजन के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को उनके गौरवशाली अतीत से भी रूबरू करा रही है।

विजय की जीत और जन्मदिन के जश्न के बीच तृषा का 'मुख्यमंत्री' बनने वाला पुराना वीडियो इंटरनेट पर सनसनी,

तमिलनाडु की राजनीति में साल 2026 का विधानसभा चुनाव एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ के रूप में दर्ज हो गया है, जिसने न केवल सत्ता के समीकरण बदले बल्कि सिनेमा और राजनीति के अटूट रिश्ते को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। थलापति विजय की भारी मतों से हुई जीत ने जहां उनके समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दिया है, वहीं इस राजनीतिक हलचल के बीच दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री तृषा कृष्णन अचानक चर्चाओं के केंद्र में आ गई हैं। विजय की इस शानदार सफलता के तुरंत बाद तृषा का लगभग 22 साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में एक युवा तृषा बेहद आत्मविश्वास के साथ राजनीति में आने और प्रदेश की कमान संभालने की बात करती नजर आ रही हैं, जिसे आज के संदर्भ में लोग एक सटीक भविष्यवाणी और मेनिफेस्टेशन की अद्भुत शक्ति मान रहे हैं। यह वायरल क्लिप साल 2004 के एक टीवी इंटरव्यू की है, जिसमें तृषा अपनी फिल्मी सफलता और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रही थीं। बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि मॉडलिंग और अभिनय की दुनिया में नाम कमाने के बाद अब उनकी अगली मंजिल क्या है, तो तृषा ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया था कि वह मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दो दशक बाद उनके इस बयान को विजय की राजनीतिक जीत से जोड़कर देखा जाएगा। वीडियो में तृषा यह भी कहती दिख रही हैं कि भले ही इसमें 10 या 15 साल का समय लगे, लेकिन वह एक दिन इस पद पर जरूर पहुंचेंगी। आज जब उनके करीबी मित्र और सह-कलाकार विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं, तब प्रशंसक इस वीडियो को साझा करते हुए लिख रहे हैं कि इंसान को हमेशा सोच-समझकर बोलना चाहिए क्योंकि कभी न कभी जुबान पर सरस्वती का वास होता है। दिलचस्प बात यह भी है कि चुनाव परिणामों की घोषणा की तारीख यानी 4 मई और तृषा का जन्मदिन एक ही दिन पड़े, जिसे प्रशंसकों ने महज एक इत्तेफाक मानने से इनकार कर दिया है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में लोग तृषा की तुलना तमिलनाडु की कद्दावर नेता रहीं दिवंगत जयललिता से कर रहे हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों और प्रशंसकों का मानना है कि जिस तरह तृषा और विजय की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने पर्दे पर जादू बिखेरा है, उसी तरह भविष्य में उनकी राजनीतिक साझेदारी भी प्रदेश के लिए एक नया अध्याय लिख सकती है। अटकलें यहां तक लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में तृषा को प्रदेश की नई सरकार में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी या उपमुख्यमंत्री का पद भी मिल सकता है। विगत कुछ समय से विजय की निजी जिंदगी और उनकी पत्नी संगीता के साथ अनबन की खबरों ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं, जिसमें तृषा का नाम अक्सर चर्चा में रहा है। हालांकि, इन दोनों ही सितारों ने हमेशा अपने रिश्ते पर चुप्पी साधे रखी है, लेकिन विजय की जीत के तुरंत बाद तृषा का उनके घर जाकर बधाई देना और मंदिर में उनके लिए प्रार्थना करना, लोगों के बीच गॉसिप का नया विषय बन गया है। तृषा के इस पुराने इंटरव्यू के पुनर्जीवित होने से अब लोग सिनेमाई पर्दे के इन दो दिग्गजों को राजनीति के मंच पर एक साथ देखने के लिए उत्सुक हैं। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि 22 साल पहले एक युवा अभिनेत्री द्वारा देखा गया वह सपना केवल एक संयोग बनकर रह जाता है या आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति में कोई बड़ा फेरबदल लेकर आता है। फिलहाल, थलापति की जीत और तृषा के पुराने संकल्प ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा माहौल बना दिया है जहां लोग केवल ‘भाग्य’ और ‘नियति’ की बातें कर रहे हैं।

ऋषि कपूर की ‘कर्ज’: फ्लॉप फिल्म, लेकिन सुपरहिट म्यूजिक और मानसिक तनाव की सच्ची कहानी

नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की 1980 में आई फिल्म कर्ज आज भले ही एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की असफलता नहीं, बल्कि उसके गानों की भारी सफलता ने उस दौर में ऋषि कपूर को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया था। क्या थी फिल्म की खासियत?फिल्म का निर्देशन सुभाष घई ने किया था और यह एक म्यूजिकल थ्रिलर के रूप में बनाई गई थी। कहानी के साथ-साथ इसके संगीत पर खास फोकस किया गया था।इस फिल्म के संगीत को तैयार किया था लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल की जोड़ी ने, और गानों को आवाज दी थी किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी जैसे महान गायकों ने। सुपरहिट हुए गानेफिल्म के गाने जैसेओम शांति ओमएक हसीना थीपैसा ये पैसादर्द-ए-दिलइतने लोकप्रिय हुए कि वे आज भी याद किए जाते हैं। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉपजहां फिल्म का संगीत सुपरहिट रहा, वहीं सिनेमाघरों में फिल्म दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाई और फ्लॉप हो गई। शुरुआती हफ्तों के बाद इसकी कमाई तेजी से गिर गई।इसके कुछ समय बाद रिलीज हुई कुर्बानी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और कर्ज पीछे छूट गई। क्यों परेशान हुए ऋषि कपूर?रिपोर्ट्स और ऋषि कपूर की आत्मकथा के अनुसार, उन्हें इस बात का मानसिक दबाव महसूस हुआ कि उनकी फिल्म भले ही असफल रही, लेकिन उसके गाने हर जगह लोकप्रिय हो रहे थे। इस वजह से वे भावनात्मक तनाव में आ गए थे।कई रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख मिलता है कि वे उस समय काफी परेशान रहे और यह दौर उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। आज क्या है स्थिति?समय के साथ कर्ज को दर्शकों ने एक आइकॉनिक फिल्म के रूप में स्वीकार किया और आज इसे बॉलीवुड की सबसे यादगार म्यूजिकल फिल्मों में गिना जाता है।

कंगना रनौत ने फेक न्यूज पर जताई नाराजगी: राहुल गांधी संग शादी वाली अफवाह को बताया पूरी तरह झूठा दावा

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी पोस्ट को लेकर अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने कड़ा रुख अपनाया है। इस पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया था कि उनका नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ जोड़कर शादी से जुड़ी टिप्पणी की गई है, जो पूरी तरह असत्य और भ्रामक पाया गया। क्या था वायरल दावा?इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुआ, जिसमें यह गलत दावा किया गया कि कंगना रनौत ने कहा है कि अगर राहुल गांधी किसी शर्त को पूरा करते हैं तो वह उनसे शादी कर सकती हैं। इस पोस्ट ने लोगों के बीच भ्रम फैलाया। कंगना ने दी सख्त प्रतिक्रियाकंगना रनौत ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और यह सिर्फ अफवाह है।कंगना ने फेक न्यूज फैलाने वालों की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल गलत हैं बल्कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ती फेक न्यूज की समस्यायह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बिना जांच के खबरें कितनी तेजी से फैल जाती हैं। कई यूजर्स ने भी इस पोस्ट को गलत बताया और कहा कि यह राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों को बदनाम करने की कोशिश है। फिलहाल क्या स्थिति है?इस पूरे मामले पर राहुल गांधी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल दावा पूरी तरह फर्जी था।वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनौत हाल ही में फिल्म इमरजेंसी में नजर आई थीं और आने वाले समय में वे अपने नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में बनी हुई हैं।

सलमान–करीना की सुपरहिट जोड़ी फिर करेगी धमाका? राज & डीके की सुपरहीरो फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर बड़े प्रोजेक्ट के साथ वापसी की तैयारी में हैं। चर्चा है कि वह निर्देशक जोड़ी राज निदिमोरू और कृष्णा डी.के. की आने वाली सुपरहीरो फिल्म का हिस्सा होंगे। इस फिल्म को लेकर अब सबसे बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इसमें करीना कपूर खान की भी एंट्री हो सकती है। क्या है पूरा मामला?रिपोर्ट्स के मुताबिक सलमान खान इस हाई-वोल्टेज सुपरहीरो प्रोजेक्ट के लिए खुद करीना कपूर से बातचीत कर चुके हैं। अगर यह कास्ट फाइनल होती है, तो यह दोनों की पांचवीं फिल्म साथ होगी।इससे पहले यह जोड़ी बॉडीगार्ड, बजरंगी भाईजान, मैं और मिसेज खन्ना और क्योंकि जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी है। सुपरहीरो फिल्म का कॉन्सेप्टयह फिल्म एक इमोशनल और एक्शन से भरपूर सुपरहीरो स्टोरी बताई जा रही है। सलमान खान इसमें एक उम्रदराज सुपरहीरो के किरदार में नजर आएंगे, जो लंबे समय बाद फिर से एक्शन में लौटता है और एक बड़े मिशन में फंस जाता है। प्रोडक्शन और शूटिंग अपडेटइस फिल्म को सलमान के जीजा अतुल अग्निहोत्री और मैत्री मूवी मेकर्स मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी शूटिंग अक्टूबर–नवंबर 2026 के आसपास शुरू हो सकती है और फिल्म 2027 में रिलीज होने की संभावना है। राज & डीके की वापसीवेब सीरीज की दुनिया में हिट देने वाले राज & डीके इस बार बड़े पर्दे पर एक अलग सुपरहीरो यूनिवर्स लेकर आ रहे हैं। यह प्रोजेक्ट उनके लिए भी काफी अहम माना जा रहा है।वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान फिलहाल कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी पिछली फिल्म सिकंदर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी, ऐसे में फैंस को उनकी अगली बड़ी हिट का इंतजार है।अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सलमान और करीना की यह जोड़ी एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा पाएगी या नहीं।