ब्राह्मण लड़का कैसे बना ‘नबी अहमद’? Ravindra Kaushik की हैरान कर देने वाली कहानी

नई दिल्ली। हाल ही में फिल्म “धुरंधर 2” के रिलीज के बाद भारत के चर्चित जासूस रविंद्र कौशिक एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। फिल्म में दिखाए गए किरदार की तुलना उनसे की जा रही है, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि असल जिंदगी में जासूसी की दुनिया फिल्मी कहानी से बिल्कुल अलग होती है। ब्राह्मण परिवार का बेटा बना पाकिस्तान में ‘नबी अहमद’राजस्थान के गंगानगर में जन्मे रविंद्र कौशिक एक साधारण ब्राह्मण परिवार से थे। उनकी प्रतिभा और अभिनय कौशल को देखते हुए उन्हें भारतीय खुफिया एजेंसी द्वारा चुना गया। ट्रेनिंग के बाद उन्हें पाकिस्तान भेजा गया, जहां उन्होंने अपनी पहचान बदलकर ‘नबी अहमद शाकिर’ के नाम से जिंदगी शुरू की और वर्षों तक भारत के लिए अहम जानकारियां जुटाईं। भारत के पहले ‘रेजिडेंट एजेंट’रविंद्र कौशिक को भारत का पहला ‘रेजिडेंट एजेंट’ माना जाता है। यानी वे केवल जानकारी जुटाने के लिए नहीं गए थे, बल्कि वहां स्थायी रूप से रहकर एक पूरी नई पहचान बनाई—शादी की, परिवार बसाया और समाज में घुलमिल गए। यह उस समय भारत की खुफिया रणनीति का पहला बड़ा प्रयोग था। फिल्मी जासूसों से क्यों अलग थे?परिवार के अनुसार, फिल्मों में दिखाया जाता है कि जासूस खुलकर लड़ाई करते हैं या हीरो की तरह नजर आते हैं, जबकि असल में जासूस का काम गुप्त रहना होता है। वे कभी ध्यान आकर्षित नहीं करते। दिलचस्प बात यह भी है कि जहां आमतौर पर जासूसों का व्यक्तित्व साधारण रखा जाता है ताकि वे भीड़ में खो जाएं, वहीं रविंद्र कौशिक दिखने में आकर्षक और व्यक्तित्ववान थे—जो इस पेशे के लिए असामान्य माना जाता है। परिवार से भी छिपाई सच्चाईउनकी बहन के मुताबिक, परिवार को कभी यह नहीं बताया गया कि वे जासूसी कर रहे हैं। घर पर अधिकारी आते-जाते थे, लेकिन उनकी असली पहचान का किसी को अंदाजा नहीं था। रविंद्र कौशिक ने अपनी भूमिका को आखिरी सांस तक निभाया और परिवार को सिर्फ यही बताया कि वे एक अच्छी नौकरी कर रहे हैं। पाकिस्तान में गिरफ्तारी और दर्दनाक अंतएक अन्य एजेंट की गलती से उनकी पहचान उजागर हो गई और उन्हें पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया। वहां उन्हें वर्षों तक जेल में कठोर यातनाएं दी गईं। गंभीर बीमारियों और खराब हालात के चलते उनकी मौत हो गई। परिवार को उनकी मौत की जानकारी भी सीधे भारत से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन के जरिए ईमेल से मिली जिसमें बताया गया कि ‘नबी अहमद शाकिर उर्फ रविंद्र कौशिक अब इस दुनिया में नहीं रहे।’ सरकारी मदद पर उठे सवालपरिवार का आरोप है कि गिरफ्तारी और मौत के बाद उन्हें न तो पर्याप्त सहायता मिली और न ही कोई आधिकारिक सांत्वना। उनकी शहादत को लेकर भी लंबे समय तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। देशभक्ति और अभिनय का अनोखा संगमरविंद्र कौशिक एक अच्छे कलाकार भी थे और देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे। उन्हें अभिनय के जरिए देश सेवा का मौका मिला और उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया यहां तक कि अपनी असली पहचान तक त्याग दी।:
मरने का सीन करते-करते सच में दुनिया छोड़ गया यह एक्टर, सेट पर छा गया सन्नाटा

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर के लोकप्रिय कॉमेडी एक्टर गोप ने अपनी अदाकारी से लाखों दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, लेकिन उनकी जिंदगी का अंत इतना अप्रत्याशित था कि फिल्म इंडस्ट्री भी हैरान रह गई। कॉमेडी से बने दर्शकों के चहेतेगोप अपने समय के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिनकी स्क्रीन एंट्री ही लोगों को हंसा देती थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखे किरदार उन्हें खास बनाते थे। फिल्म “पतंगा” और अन्य कई फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। मशहूर गाना “मेरे पिया गए रंगून” भी उनकी फिल्म का हिस्सा रहा, जिसने उन्हें और लोकप्रिय बना दिया। फिल्मों में अनोखे किरदारों से छा गएगोप के किरदारों के नाम भी उतने ही मजेदार और यादगार थे जितना उनका अभिनय। “मक्खी चूस” में “मानिक लाल मक्खी चूस”, “पाकेटमार” में “उधार चंद डब्बू” और “तराना” में उनकी भूमिका ने दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कुछ फिल्मों में विलेन का रोल भी निभाया, लेकिन उसमें भी कॉमिक अंदाज बनाए रखा। याकूब के साथ बनी हिट जोड़ीगोप और अभिनेता याकूब की जोड़ी उस दौर की चर्चित जोड़ियों में से एक थी। दोनों ने साथ मिलकर कई फिल्मों में काम किया और दर्शकों को खूब मनोरंजन दिया। निजी जीवन और व्यक्तित्वगोप की निजी जिंदगी भी उतनी ही दिलचस्प थी। उन्होंने अभिनेत्री लतिका से विवाह किया था, जो एंग्लो-नेपाली मूल की थीं। शादी के लिए उन्होंने धर्म परिवर्तन भी किया था। कहा जाता है कि उनके निधन के बाद उनकी पत्नी बच्चों के साथ विदेश चली गई थीं। फिल्म ‘तीसरी आंख’ और वह दर्दनाक घटनासबसे चौंकाने वाली घटना उनकी अंतिम फिल्म “तीसरी आंख” की शूटिंग के दौरान हुई। एक सीन में उन्हें हार्ट अटैक का अभिनय करना था। उन्होंने बेहद वास्तविक अभिनय करते हुए गिरने का सीन किया। क्रू को लगा कि यह बेहतरीन परफॉर्मेंस है और “कट” बोलने के बाद भी वे नहीं उठे। बाद में पता चला कि गोप को सच में दिल का दौरा पड़ा था और उनकी मृत्यु हो चुकी थी। सेट पर तालियां, लेकिन लौट नहीं सकेसबसे दुखद बात यह रही कि जिस सीन में उन्होंने मौत का अभिनय किया, उसी सीन के बाद लोग उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ में तालियां बजाते रहे, जबकि वास्तव में वह इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। एक युग का अंतगोप का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका था। दर्शक जो उन्हें हमेशा हंसते हुए देखते थे, उनकी अचानक हुई मृत्यु से गहरे सदमे में चले गए।
Box Office Flop: मल्टीस्टारर फिल्म में अजीब कहानी और अनोखा कॉन्सेप्ट, फिर भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला जादू

Box Office Flop: नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने अपने करियर से जुड़ा एक पुराना और दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो उनकी मल्टीस्टारर फिल्म ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ से जुड़ा है। यह फिल्म अपने समय की सबसे बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्मों में शामिल थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। अक्षय कुमार ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा अप्रत्याशित मोड़ आया, जब उनके किरदार की कहानी में मौत दिखाई गई थी, लेकिन आगे की शूटिंग के लिए उन्हें दोबारा बुलाना पड़ा। वजह यह थी कि एक अन्य कलाकार उस दिन शूट पर नहीं पहुंच सका था, जिसके चलते कहानी में बदलाव करना पड़ा और उनके किरदार को फिर से शामिल कर लिया गया। इस तरह अक्षय कुमार को कुछ अतिरिक्त दिनों तक शूटिंग करनी पड़ी, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया काफी अलग थी और कई बार परिस्थितियों के अनुसार तुरंत बदलाव करने पड़ते थे। फिल्म ‘जानी दुश्मन’ अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और फैंटेसी आधारित कहानी के लिए जानी जाती है, जिसमें बदले और रहस्यमयी घटनाओं को बड़े पैमाने पर दिखाया गया था। फिल्म में कई बड़े कलाकार एक साथ नजर आए थे, जिससे इसकी चर्चा रिलीज से पहले ही काफी बढ़ गई थी। हालांकि इतनी बड़ी स्टारकास्ट और भव्य प्रस्तुति के बावजूद फिल्म दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाई और बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई। लेकिन समय के साथ यह फिल्म अपने अलग अंदाज और विचित्र दृश्यों के कारण एक कल्ट फिल्म के रूप में पहचानी जाने लगी। अक्षय कुमार ने यह भी कहा कि उस समय फिल्मों में कहानी की वास्तविकता से ज्यादा मनोरंजन और कल्पनाशीलता पर जोर दिया जाता था, जिसके कारण कई बार ऐसे अनोखे और असामान्य सीन देखने को मिलते थे। आज भी यह फिल्म अपनी अलग पहचान और दिलचस्प किस्सों के कारण चर्चा में रहती है और बॉलीवुड के उन प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट्स में गिनी जाती है, जिन्होंने भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता न पाई हो, लेकिन दर्शकों की यादों में अपनी जगह बना ली है।
सूरज बड़जात्या ये प्रेम मोल लिया में आयुष्मान और शरवरी की जोड़ी बनेगी आकर्षण का केंद्र..

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में पारिवारिक फिल्मों की एक अलग पहचान बनाने वाले सूरज बड़जात्या एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म ये प्रेम मोल लिया के साथ वापसी करने जा रहे हैं। इस फिल्म के ऐलान के साथ ही दर्शकों के बीच उत्सुकता का माहौल बन गया है क्योंकि यह एक म्यूजिकल फैमिली एंटरटेनर के रूप में सामने आएगी जिसमें भावनाओं और रिश्तों को खास महत्व दिया जाएगा। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ नजर आएंगे और दोनों कलाकार पहली बार एक साथ स्क्रीन साझा करते दिखाई देंगे। फिल्म को 27 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है और इसे लेकर फिल्म प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए लंबे समय बाद राजश्री फिल्मों का लोकप्रिय किरदार प्रेम फिर से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहा है। लगभग बारह वर्षों के अंतराल के बाद लौट रहे इस किरदार को इस बार आयुष्मान खुराना निभाते नजर आएंगे। अपनी सहज और प्रभावशाली अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले आयुष्मान इस भूमिका में एक नया रंग भर सकते हैं जिससे यह किरदार आधुनिक दौर के दर्शकों के साथ भी गहराई से जुड़ सके। फिल्म में शरवरी वाघ का किरदार भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो पारंपरिक भारतीय नारी की छवि को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करेगा। उनके किरदार में सादगी के साथ आत्मविश्वास और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी जो पारिवारिक फिल्मों की मूल भावना को और गहरा बनाएगी। आयुष्मान और शरवरी की ताजा जोड़ी को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी है और माना जा रहा है कि दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। फिल्म की कहानी पूरी तरह परिवार और रिश्तों के इर्द गिर्द बुनी गई है जिसमें प्रेम त्याग और आपसी समझ जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। सूरज बड़जात्या की फिल्मों की खासियत हमेशा यह रही है कि वे दर्शकों को एक सुकून भरा अनुभव देती हैं और पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती हैं। बदलते समय में भी ऐसी फिल्मों की प्रासंगिकता बनी हुई है और यही वजह है कि इस फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया द्वारा तैयार किया जा रहा है जो लंबे समय बाद सूरज बड़जात्या के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले दोनों ने प्रेम रतन धन पायो में साथ काम किया था और उस फिल्म के गानों ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। ऐसे में इस नई फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं और माना जा रहा है कि इसके गीत कहानी को और अधिक भावनात्मक गहराई देंगे। निर्माताओं का विश्वास है कि यह फिल्म एक बार फिर परिवारों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल होगी और उन्हें एक साथ बैठकर फिल्म देखने का अवसर देगी। ऊंचाई जैसी सराहनीय फिल्म के बाद सूरज बड़जात्या अपनी पारंपरिक शैली में लौटते नजर आ रहे हैं और यह फिल्म दर्शकों को भावनाओं से जुड़ा एक यादगार अनुभव देने की पूरी कोशिश करेगी।
उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

नई दिल्ली। उज्जैन: प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिर में आयोजित आरती में भाग लिया और पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर में बिताए गए समय को उन्होंने बेहद दिव्य और ऊर्जावान अनुभव बताया और कहा कि यहां आकर उन्हें एक अलग ही शांति और शक्ति का एहसास हुआ, जो जीवन में एक विशेष प्रेरणा देता है। अनुपम खेर समय-समय पर अपनी धार्मिक यात्राओं को लेकर चर्चा में रहते हैं। वे देशभर के विभिन्न मंदिरों और पवित्र स्थलों पर जाकर आस्था व्यक्त करते हैं और अपने अनुभवों को फैंस के साथ साझा करते हैं। इसी क्रम में उनकी उज्जैन यात्रा भी बेहद खास रही, जहां उन्होंने महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की भव्यता और वातावरण की आध्यात्मिक ऊर्जा को करीब से महसूस किया। अभिनेता ने अपनी इस यात्रा की झलक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की, जहां उन्होंने कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इन दृश्यों में वे मंदिर परिसर में घूमते हुए और आरती में शामिल होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा और उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और धार्मिक स्थलों की प्राचीनता और भव्यता विश्व में अद्वितीय है। वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने उत्साह के साथ ‘जय महाकाल’ का उद्घोष किया और बताया कि आरती के दौरान का अनुभव अत्यंत दिव्य था। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण मन और आत्मा दोनों को एक अलग ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि यहां भक्तों के लिए सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था की गई है, जिससे सभी श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर सकें। अनुपम खेर ने यह भी बताया कि उन्होंने महाकाल के दर्शन के साथ-साथ सभी के कल्याण और देश की प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके अनुसार यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं थी, बल्कि आत्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का एक माध्यम भी रही। वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला’ के दूसरे भाग में नजर आएंगे, जिसमें वे एक बार फिर कमल किशोर खोसला के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन दिबाकर बनर्जी कर रहे हैं और इसमें कई अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। इसके अलावा वे निर्देशक सूरज बड़जात्या के आगामी प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं, जिससे उनके प्रशंसकों में उत्साह बना हुआ है। महाकालेश्वर मंदिर की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि अनुपम खेर अपने व्यस्त फिल्मी करियर के बावजूद आध्यात्मिकता और आस्था से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका यह अनुभव न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश लेकर आया है।
40 साल का करियर और 150 फिल्में; राकेश बेदी के घर का हर कोना बयां करता है अभिनय के प्रति उनका जुनून

नई दिल्ली। मनोरंजन जगत के जाने-माने अभिनेता राकेश बेदी, जिन्होंने हाल ही में अपने अभिनय से एक बार फिर दर्शकों के बीच हलचल मचा दी है, इन दिनों अपने अभिनय के साथ-साथ अपने खास आशियाने को लेकर भी चर्चा में हैं। मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित एक प्रसिद्ध टावर में बना उनका घर किसी आम घर जैसा नहीं, बल्कि एक छोटी सी फिल्मी दुनिया जैसा नजर आता है। अपनी पत्नी और बेटी के साथ इस घर में रह रहे राकेश बेदी ने इसे बेहद संजीदगी और कलात्मकता के साथ संवारा है, जहां कदम रखते ही सिनेमा के प्रति उनके प्रेम की झलक मिलती है। राकेश बेदी के घर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनूठी प्रवेश शैली है। घर के मुख्य द्वार पर ही कुछ स्लेट्स लगाई गई हैं, जिन पर हिंदी सिनेमा के कालजयी डायलॉग लिखे हुए हैं। मेहमानों का स्वागत ‘शोले’ फिल्म के गब्बर सिंह के उस मशहूर संवाद ‘जो डर गया समझो मर गया’ से होता है, जो तुरंत ही घर के माहौल को फिल्मी और रोमांचक बना देता है। घर की इस साज-सज्जा का श्रेय उनकी पत्नी आराधना को जाता है, जिन्होंने पेशेवर चकाचौंध से दूर घर में एक पारिवारिक सुकून और फिल्मी विरासत का संतुलन बनाए रखा है। घर के भीतर का नजारा बेहद सादगीपूर्ण और आरामदायक है। लिविंग रूम को कोजी सोफों और टेक्सचर्ड वॉल पेंट के साथ सजाया गया है, जहां मेल खाते हुए शो-पीस और लैंप शेड इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं। अभिनय के साथ-साथ लेखन और पठन-पाठन में रुचि रखने वाले राकेश बेदी ने घर में एक कस्टमाइज लाइब्रेरी भी बनाई है। इसके अलावा, उन्होंने एक छोटा ऑफिसनुमा कमरा भी तैयार किया है, जिसकी दीवारें उनके प्रशंसकों द्वारा दिए गए उपहारों, पेंटिंग्स और उनके लोकप्रिय नाटकों के पोस्टर्स से भरी हुई हैं। यह कोना उनके करियर के उतार-चढ़ाव और दर्शकों के प्यार का जीता-जागता गवाह है। लगभग चार दशकों से फिल्म जगत का हिस्सा रहे राकेश बेदी ने अब तक 150 से अधिक फिल्मों और अनगिनत नाटकों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न केवल नाम कमाया, बल्कि एक भव्य जीवनशैली भी अर्जित की है। उनका यह घर केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं है, बल्कि उस कलाकार की स्मृतियों का संदूक है जिसने अपनी कॉमेडी और संजीदा अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज किया है। वर्तमान में उनके घर की ये झलकियां कला प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच काफी पसंद की जा रही हैं। यह घर इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिकता के बीच अपनी जड़ों और अपनी कला को सहेजकर रखा जा सकता है। राकेश बेदी का यह आशियाना न केवल उनके संघर्षों की कहानी सुनाता है, बल्कि नए कलाकारों के लिए एक प्रेरणा भी है कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी अपनी पसंद और यादों को कैसे संजोया जाता है।
साउथ की फिल्मों का ओटीटी पर धमाका: इस हफ्ते रिलीज होंगी कॉमेडी और पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्में

नई दिल्ली।क्षेत्रीय सिनेमा के शौकीनों के लिए अप्रैल का यह सप्ताह मनोरंजन की एक नई लहर लेकर आया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस वीकेंड एक साथ कई भाषाओं और अलग-अलग विषयों पर आधारित दक्षिण भारतीय फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। अगर आप कॉमेडी, रोमांस, राजनीति या थ्रिलर कहानियों के प्रशंसक हैं, तो यह हफ्ता आपके लिए बेहद खास है। मनोरंजन जगत में इन फिल्मों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस सप्ताह की सूची काफी विविधतापूर्ण रखी गई है, जो हर वर्ग के दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखती है। सप्ताह की शुरुआत में ही महिलाओं के संघर्ष और अदम्य शक्ति पर आधारित फिल्म ‘लेचिंदी महिला लोकम’ दर्शकों के बीच होगी। यह फिल्म समाज में महिलाओं के सामने आने वाली रोजमर्रा की मुश्किलों और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को बेहद संजीदगी से दर्शाती है। यह सामाजिक संदेश देने वाली फिल्म 22 अप्रैल से देखने के लिए उपलब्ध होगी। इसके ठीक बाद राजनीति के गलियारों की कड़वी सच्चाई और दांव-पेच दिखाने वाली फिल्म ‘प्रतिछाया’ रिलीज होने जा रही है। यह एक पॉलिटिकल थ्रिलर है, जिसकी कहानी एक ताकतवर नेता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के बीच फंसा हुआ है। इसे 24 अप्रैल को प्रसारित किया जाएगा। युवा दर्शकों के लिए भी इस सप्ताह एक मजेदार विकल्प उपलब्ध है। ‘हैप्पी राज’ नाम की फिल्म एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा है, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार की रोजमर्रा की मजेदार उलझनों को दिखाती है। इसमें नायक अपनी प्रेम कहानी और अपने पिता की विचित्र आदतों के बीच तालमेल बैठाने की जद्दोजहद करता नजर आता है। यह फिल्म भी 24 अप्रैल को ही डिजिटल पर्दे पर दस्तक देगी। इसके साथ ही, एक बहुप्रतीक्षित रोमांटिक फिल्म ‘बैंड मेलम’ भी बड़े पर्दे पर सफलता के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने के लिए तैयार है। यह फिल्म 26 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब 24 अप्रैल से इसे घर बैठे देखा जा सकेगा। ओटीटी लवर्स के लिए यह सप्ताह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये फिल्में न केवल अपनी मूल भाषा बल्कि कई अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध होकर एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँच रही हैं। अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने दर्शकों को बांधे रखने के लिए इन बेहतरीन फिल्मों पर भरोसा जताया है। इन नई रिलीज के आने से दर्शकों का वीकेंड काफी रोमांचक और मनोरंजक होने वाला है।
अली फजल के नए प्रोजेक्ट्स में दिखेगा अभिनय का अलग रंग, दर्शकों के लिए लाएंगे नए अनुभव…

नई दिल्ली। अभिनेता अली फजल इन दिनों अपने लगातार बदलते और विविध किरदारों को लेकर चर्चा में हैं। एक ओर जहां वह एक्शन से भरपूर प्रोजेक्ट में नजर आने वाले हैं, वहीं दूसरी तरफ रोमांटिक और भावनात्मक कहानियों में भी उनका अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। इस बदलाव ने उनके करियर को एक नई दिशा दी है और दर्शकों के बीच उनकी छवि को और मजबूत किया है। अली फजल का मानना है कि एक अभिनेता की असली पहचान उसकी विविधता और जोखिम लेने की क्षमता से बनती है, और यही कारण है कि वह हर बार अलग जॉनर चुनते हैं। अली फजल ने बताया कि वह जानबूझकर ऐसे किरदारों का चयन करते हैं जो उन्हें एक कलाकार के रूप में चुनौती दें। उनका कहना है कि जब कोई अभिनेता अपनी सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलता है तभी उसकी वास्तविक क्षमता सामने आती है। उनके अनुसार, हर किरदार एक नई यात्रा की तरह होता है, जिसमें अलग सोच, अलग भावना और अलग तैयारी की जरूरत होती है। वह मानते हैं कि अभिनय सिर्फ संवाद बोलने या दृश्य निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मानसिक और भावनात्मक प्रक्रिया है जो कलाकार को लगातार विकसित करती रहती है। वर्तमान में अली फजल एक ओर एक्शन आधारित कहानी में काम कर रहे हैं जिसमें एक मजबूत और कच्ची दुनिया को दिखाया गया है, जबकि दूसरी ओर वह एक रोमांटिक प्रोजेक्ट का हिस्सा भी हैं जो भावनात्मक गहराई और मानवीय रिश्तों को दर्शाता है। दोनों ही किरदार एक दूसरे से पूरी तरह अलग हैं और यही अंतर उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। अली का कहना है कि एक्शन में जहां शारीरिक ऊर्जा और तीव्रता की जरूरत होती है, वहीं रोमांस और भावनात्मक कहानियों में संवेदनशीलता और सूक्ष्मता सबसे महत्वपूर्ण होती है। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह अपने करियर के इस दौर को बेहद संतोषजनक और रचनात्मक मानते हैं। उनके अनुसार हर नया प्रोजेक्ट उन्हें कुछ नया सीखने का अवसर देता है और यही प्रक्रिया उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। वह मानते हैं कि एक कलाकार के लिए स्थिरता से ज्यादा जरूरी है बदलाव को अपनाना और खुद को समय के साथ ढालना। अली फजल के आने वाले प्रोजेक्ट्स में भी विविधता देखने को मिल रही है। कुछ कहानियां एक्शन और थ्रिल से जुड़ी हैं, जबकि कुछ में भावनात्मक और ऐतिहासिक पहलू प्रमुख हैं। खास तौर पर एक पीरियड ड्रामा में उनका काम दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव लेकर आने वाला है, जो भारत के इतिहास से जुड़ी पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसके अलावा अन्य प्रोजेक्ट्स भी उनके अभिनय की अलग-अलग परतों को उजागर करेंगे। अली फजल का मानना है कि आज की फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को नए और प्रयोगात्मक अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे अपनी प्रतिभा को और बेहतर तरीके से दिखा सकते हैं। वह कहते हैं कि जब अभिनेता एक ही तरह के किरदारों में सीमित नहीं रहते, तो न केवल उनका विकास होता है बल्कि दर्शकों को भी हर बार कुछ नया देखने को मिलता है। यही कारण है कि वह हर बार अलग तरह की भूमिकाओं को अपनाने से पीछे नहीं हटते और अपने करियर को एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया मानते हैं।
‘मैंने प्यार किया’ में Salman Khan नहीं, अमाल के पिता बनने वाले थे हीरो! सिंगर का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। म्यूजिक कंपोजर Amaal Mallik ने हाल ही में एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने बॉलीवुड फैंस को चौंका दिया है। उन्होंने बताया कि सुपरहिट फिल्म Maine Pyar Kiya में शुरुआत में Daboo Malik को हीरो के तौर पर कास्ट किया गया था, न कि Salman Khan को। फिल्म की शूटिंग भी कर चुके थे डब्बू मलिकएक इंटरव्यू में अमाल ने बताया कि उनके पिता डब्बू मलिक ने फिल्म के शुरुआती शेड्यूल में हीरो के रूप में शूटिंग भी कर ली थी। उस समय फिल्म के निर्देशक Sooraj Barjatya और उनके परिवार ने उन्हें यह मौका दिया था।फोटोशूट और कुछ सीन पूरे हो चुके थे, और फिल्म का काम आगे बढ़ रहा था। लेकिन इसी बीच कहानी में अचानक बड़ा मोड़ आ गया। अचानक हुई एंट्री और बदल गया फैसलाअमाल मलिक के मुताबिक, इसी दौरान एक नए चेहरे की एंट्री हुई—जो बाद में सुपरस्टार बने Salman Khan।उन्होंने बताया कि उनके पिता ने खुद उस दिन को याद करते हुए कहा था कि ऑफिस की सीढ़ियों पर उन्हें एक हैंडसम लड़का दिखा, जो बाद में फिल्म का नया हीरो बना। बिना बताए कर दिया गया रिप्लेससबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि डब्बू मलिक को उनके रिप्लेस होने की जानकारी सीधे तौर पर नहीं दी गई। अमाल के अनुसार, उनके पिता को यह बात एक सिक्योरिटी गार्ड से पता चली।यह घटना उनके लिए काफी झटका देने वाली थी। उस समय वे मानसिक रूप से परेशान भी हुए, लेकिन हालात को स्वीकार करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था। सालों बाद सलमान को बताई थी सच्चाईअमाल ने यह भी बताया कि बाद में जब Daboo Malik ने Sohail Khan की फिल्म के लिए गाना बनाया, तब उन्होंने यह पूरी कहानी Salman Khan को खुद सुनाई थी। सलमान के करियर की बनी टर्निंग प्वाइंटगौरतलब है कि Maine Pyar Kiya सलमान खान के करियर की पहली बड़ी हिट फिल्म थी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज वे इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिने जाते हैं। आगे भी व्यस्त हैं सलमान खानरिपोर्ट्स के मुताबिक, Salman Khan जल्द ही नई फिल्मों में नजर आने वाले हैं, जिनमें एक बड़ा प्रोजेक्ट इस साल और एक अगली ईद पर रिलीज हो सकता है।
तेज धूप में नंगे पैर Vrindavan पहुंचे Virat Kohli-Anushka Sharma, सादगी ने जीता दिल

नई दिल्ली। क्रिकेट और बॉलीवुड की चर्चित जोड़ी Virat Kohli और Anushka Sharma एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर सुर्खियों में हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर यह कपल Vrindavan पहुंचा, जहां उन्होंने प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। आम श्रद्धालुओं की तरह सुना प्रवचनविराट और अनुष्का ने किसी वीआईपी की तरह नहीं, बल्कि आम भक्तों की तरह बैठकर प्रवचन सुना। दोनों पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए और Radha Krishna की आराधना में डूबे दिखे। उनकी सादगी और समर्पण ने वहां मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। नंगे पैर गलियों में चलते दिखे ‘विरुष्का’सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कपल को वृंदावन की गलियों में नंगे पैर चलते देखा गया। भीषण गर्मी के बावजूद दोनों ने किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं ली और पूरी श्रद्धा के साथ गुरु के दरबार तक पहुंचे।लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा— “सच्ची भक्ति वही है, जहां दिखावा नहीं, सिर्फ समर्पण होता है।” राधिका वाटिका में किए दर्शनकपल राधिका वाटिका भी गया, जहां उन्होंने बड़े महाराज के दर्शन किए। जैसे ही लोग उन्हें पहचान पाए, फोटो और वीडियो बनाने की होड़ लग गई। इसके बावजूद दोनों शांत भाव से पूजा-पाठ में लगे रहे। एयरपोर्ट पर दिखे संस्कारएक और वीडियो में अनुष्का शर्मा एक व्यक्ति के पैर छूकर आशीर्वाद लेती नजर आईं, फिर उन्हें गले लगाया। इस व्यवहार ने फैंस को खासा प्रभावित किया।बताया जा रहा है कि यह शख्स Premanand Maharaj के आश्रम से जुड़े संत हो सकते हैं, जो कपल को रिसीव करने एयरपोर्ट पहुंचे थे। पारंपरिक लुक में दिखा अलग अंदाजइस दौरान विराट और अनुष्का ट्रेडिशनल पहनावे में नजर आए। गले में तुलसी की माला और माथे पर तिलक लगाए दोनों पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगे दिखे। 5 महीनों में तीसरी बार दर्शनगौरतलब है कि पिछले 5 महीनों में यह तीसरा मौका है, जब विराट-अनुष्का Premanand Maharaj के दर्शन करने पहुंचे हैं। व्यस्त शेड्यूल, खासकर आईपीएल 2026 के बीच विराट का इस तरह आध्यात्म की ओर झुकाव लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है।