इजराइल-ईरान युद्ध के बीच दुबई में फंसे भारतीय सितारे, सुरक्षा अपडेट के साथ राहत की खबर

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को पूरी तरह ठप कर दिया है। इसी कारण कई भारतीय सेलेब्रिटीज दुबई में फंसी हुई हैं। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और प्रोफेशनल रेसर अजित कुमार बॉलीवुड की एक्ट्रेस सोनल चौहान और बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली समेत कई कलाकार और आम नागरिक फिलहाल अपनी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को मिसाइल हमलों और धमाकों के बाद दुबई एयरस्पेस बंद कर दिया गया जिससे उनकी यात्रा योजना प्रभावित हुई। अजीत कुमार दुबई में रेसिंग कमिटमेंट्स के लिए थे और उनके भारत लौटने के प्लान पर यह संकट भारी पड़ा। उनके मैनेजर ने पुष्टि की है कि अजीत पूरी तरह सुरक्षित हैं और फिलहाल उन्हें कोई खतरा नहीं है। अजीत ने हाल ही में ‘2025 24H दुबई एंड्योरेंस रेस’ में शानदार प्रदर्शन किया था और अब उनकी वापसी हालात सामान्य होने पर ही संभव होगी। बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान ने भी अपने फंसे होने की जानकारी दी थी। उन्होंने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग कर मदद की अपील की थी। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और अधिकारियों सभी को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। सोनल ने फैंस से अपील की कि किसी तरह की अफवाह न फैलाएं और धैर्य बनाए रखें। बंगाली एक्ट्रेस सुभाश्री गांगुली अपने बेटे युवान के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गई थीं। उनके पति और फिल्ममेकर राज चक्रवर्ती ने बताया कि सुभाश्री और उनका बेटा सुरक्षित हैं लेकिन फोन पर संपर्क मुश्किल हो रहा है। उनकी वापसी 5 मार्च को तय थी लेकिन फिलहाल हालात स्पष्ट नहीं हैं। इस बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता और बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी दुबई में फंसी हुई हैं। ईशा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे सुरक्षित हैं और मोदी सरकार अपनी तरफ से सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने सभी फंसे हुए लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस संकट के बीच भारतीय सेलेब्रिटीज की सुरक्षा को लेकर आधिकारिक गाइडलाइन्स का पालन जारी है और उनके सुरक्षित घर वापसी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।
थलापति विजय और संगीता विवाद: त्रिशा कृष्णन का पुराना वीडियो फिर वायरल

नई दिल्ली: थलापति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने तलाक के लिए अर्जी दी है संगीता ने अपनी याचिका में विजय पर किसी एक्ट्रेस के साथ अवैध (illicit) संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया हालांकि याचिका में किसी का नाम साफ तौर पर नहीं लिखा गया इंटरनेट यूजर्स ने तुरंत इस मामले को विजय और त्रिशा कृष्णन के पुराने रिश्तों की अफवाहों से जोड़ दिया विजय-संगीत के विवाद के बीच त्रिशा का एक पुराना वीडियो फिर से वायरल हो रहा है यह वीडियो पिछले साल दुबई में हुए साइमा अवॉर्ड्स का है वहाँ त्रिशा ने विजय को उनकी नई पारी के लिए बधाई देते हुए कहा ‘वह जो भी सपना देखें वह पूरा हो क्योंकि वह इसके हकदार हैं’ इस बयान ने फैंस में उत्सुकता बढ़ा दी लेकिन दोनों ने हमेशा अफवाहों का खंडन किया त्रिशा और विजय का नाम एक साथ जुड़ने की सबसे बड़ी वजह उनकी शानदार ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग है ‘घिल्ली’ और ‘थिरुपाची’ जैसी फिल्मों ने इस जोड़ी को तमिल सिनेमा की सबसे पसंदीदा जोड़ी बना दिया था फिल्म ‘घिल्ली’ के दौरान इंडस्ट्री में चर्चाएं थीं कि दोनों के बीच दोस्ती से बढ़कर कुछ है ‘कुरुवी’ के बाद दोनों ने लगभग 15 साल तक साथ काम नहीं किया जिससे इन अटकलों को और हवा मिली उस समय खबरें भी आई थीं कि विजय के परिवार ने उन्हें त्रिशा से दूरी बनाए रखने की सलाह दी थी हालांकि दोनों कलाकारों ने हमेशा इन बातों को नकारा और खुद को सिर्फ अच्छे दोस्त बताया साल 2023 में जब फिल्म ‘लियो’ में जोड़ी दोबारा पर्दे पर आई तो फैंस की पुरानी यादें ताजा हो गई इस रीयूनियन ने उत्साह बढ़ाया और पुरानी गॉसिप्स को भी फिर से जिंदा कर दिया थलापति विजय और संगीता की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं विजय हमेशा अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखते आए हैं फिलहाल इस पूरे मामले पर उनकी या त्रिशा की तरफ से कोई आधिकारिक official बयान नहीं आया इस विवाद ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है और फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं इस पूरे मामले ने यह दिखाया कि सेलिब्रिटी जीवन में निजी विवाद कैसे जल्दी ही अफवाहों और वायरल वीडियो का हिस्सा बन जाते हैं लेकिन वास्तविकता सिर्फ उन पर ही निर्भर करती है और अभी तक कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई है
संजय कपूर की वसीयत विवाद में नया मोड़, करिश्मा कपूर के बच्चों और मां रानी कपूर को कोर्ट से राहत

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता करिश्मा कपूर के बच्चों और दिवंगत व्यवसायी संजय कपूर की मां रानी कपूर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। यह राहत उस विवादित वसीयत से जुड़ी है, जिसमें संजय कपूर की कथित संपत्ति लगभग 30,000 करोड़ रुपये बताई गई है। परिवार में लंबे समय से इस वसीयत की प्रामाणिकता को लेकर विवाद जारी था और अब कोर्ट ने इसके फॉरेंसिक जांच की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह जांच 10 मार्च को होगी और एक्सपर्ट्स वसीयत की बारीकी से जांच करेंगे। वसीयत फिलहाल कोर्ट की सुरक्षित कस्टडी में सीलबंद लिफाफे में रखी गई है। जांच के दौरान किसी को भी इसकी फोटो या कॉपी लेने की अनुमति नहीं होगी। यह विवाद उस वसीयत को लेकर है, जिसमें कथित रूप से संजय कपूर की संपत्ति उनकी पत्नी प्रिया कपूर और उनके बच्चे के नाम कर दी गई थी। करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों और संजय की मां रानी कपूर ने इस दावे को चुनौती दी थी और अदालत से फॉरेंसिक जांच की मांग की थी, ताकि यह साबित किया जा सके कि वसीयत असली है या नहीं। संजय कपूर की विधवा प्रिया कपूर ने इस जांच का विरोध किया था। उनके वकीलों का कहना था कि अभी इस तरह की जांच की जरूरत नहीं है। लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि जांच के दौरान प्रिया के वकील मौजूद रह सकते हैं, लेकिन दस्तावेज की कोई भी फोटो या कॉपी ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जॉइंट रजिस्ट्रार गगनदीप जिंदल ने 26 फरवरी को आदेश दिया कि करिश्मा और रानी कपूर अपने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट्स के साथ 10 मार्च दोपहर 3 बजे इस मूल वसीयत की जांच कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान सभी पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके। इस फैसले के साथ ही करिश्मा कपूर के बच्चों और रानी कपूर को कानूनी लड़ाई में बड़ा फायदा मिला है। यह कदम इस विवाद को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें 10 मार्च पर टिकी हैं, जब एक्सपर्ट्स वसीयत का बारीकी से विश्लेषण करेंगे और इसका असली रूप सामने आएगा। इस मामले ने बॉलीवुड और कारोबार जगत में खूब चर्चा बटोरी है, क्योंकि 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति और परिवार के बीच लंबा विवाद इसे बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल बना देता है। कोर्ट द्वारा फॉरेंसिक जांच की अनुमति मिलने के बाद अब यह स्पष्ट होने की संभावना है कि वसीयत वास्तविक है या इसमें किसी तरह की अनियमितता है।
पैदा होते ही टाइगर श्रॉफ को मिला था 'साइनिंग अमाउंट', सुभाष घई ने किया था ये बड़ा वादा

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्शन और डांस स्टार टाइगर श्रॉफ की कहानी खास है। आज उन्हें उनके जबरदस्त स्टंट्स, फिटनेस और स्टाइल के लिए जाना जाता है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि टाइगर को जन्म के समय ही बॉलीवुड से पहला साइनिंग अमाउंट मिल चुका था। मशहूर फिल्ममेकर सुभाष घई ने जन्म के समय ही टाइगर के हाथ में 101 रुपए रखकर यह वादा किया था कि वह उन्हें बड़े होकर हीरो बनाएंगे। टाइगर श्रॉफ का जन्म 2 मार्च 1990 को मुंबई में हुआ। उनका असली नाम जय हेमंत श्रॉफ है। वे बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जैकी श्रॉफ और फिल्म प्रोड्यूसर आयशा श्रॉफ के बेटे हैं। बचपन में उनकी फुर्ती और शरारत के चलते घर में उन्हें प्यार से ‘टाइगर’ कहा जाने लगा। यही नाम आगे चलकर उनकी पहचान बन गया। जन्म के समय ही सुभाष घई टाइगर से मिलने आए। घई ने जैकी श्रॉफ को फिल्म ‘हीरो’ से लॉन्च किया था। टाइगर को देखकर उन्होंने 101 रुपए साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए और कहा कि भविष्य में वे ही टाइगर को हीरो बनाएंगे। हालांकि, समय के साथ सुभाष घई ने इस वादे को निभाया नहीं, लेकिन टाइगर की किस्मत ने उनके लिए दूसरा रास्ता बनाया। निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने टाइगर को बॉलीवुड में डेब्यू का मौका दिया। टाइगर ने 2014 में फिल्म ‘हीरोपंती’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके एक्शन और डांस को खूब सराहा गया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और टाइगर को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बागी’, ‘ए फ्लाइंग जट’, ‘मुन्ना माइकल’, और ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सुपरहिट रहीं, जबकि कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं किया। साल 2019 में आई फिल्म ‘वॉर’ उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुई। इस फिल्म में उनके साथ बॉलीवुड के एक्शन आइकन ऋतिक रोशन थे, जिन्हें टाइगर अपना आदर्श मानते हैं। ‘वॉर’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की और टाइगर की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी। टाइगर को डेब्यू फिल्म के लिए कई सम्मान मिले, जिनमें फिल्मफेयर अवॉर्ड और आईफा अवॉर्ड शामिल हैं। कम फिल्मों में काम करने के बावजूद टाइगर श्रॉफ आज के दौर के सबसे चर्चित और पसंदीदा एक्शन स्टार माने जाते हैं। टाइगर का यह जन्मकालीन किस्सा और बॉलीवुड में उनके सफर ने यह साबित किया कि प्रतिभा, मेहनत और सही मौके का संयोजन किसी को भी स्टार बना सकता है, और टाइगर श्रॉफ इसके जीते-जागते उदाहरण हैं।
राणाबाली के नए गाने में रोमांस ओवरलोड, स्क्रीन पर फिर दिखा विजय रश्मिका का जादू

नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना इन दिनों अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर दफ्तर में हैं। हाल ही में उदयपुर में शादी के बंधन में बंधे इस चर्चित जोड़ों को फिल्म राणाबाली के मेकर्स ने खास अंदाज में बधाई दी है। फिल्म का नया गीत अंधैया सामी रिलीज कर मेकर्स ने नवविवाहित जोड़ों को मानो स्क्रीन पर भी नई शुरुआत का आशीर्वाद दे दिया है। गानों में विजय और रश्मिका शादी के बाद पति पत्नी के रूप में नजर आते हैं जहां उनके किरदारों के बीच धीरे धीरे पन्नाता प्रेम दर्शकों का दिल जीत रहा है।शादी के बाद की मोहब्बत का सजीव चित्रण अंधैया सामी गीत में शादी के बाद का सुकून अपनापन और नए रिश्तों की मधुर झिझक को खूबसूरती से फिल्माया गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि शादी की रस्मों के बाद रश्मिका अपने नए घर में प्रवेश करती हैं और विजय को रोजमर्रा की जिंदगी में देखते देखते उनके करीब आती जाती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री बेहद स्वाभाविक और भावुक लगती है। इस गीत को संगीतकार जोड़ी अजय अतुल ने स्वरबद्ध किया है जबकि श्वेता मोहन और अजय गोगावले ने अपनी मधुर आवाज दी है। गीत के बोल सरस्वतीपुत्र रामजोगय्या शास्त्री ने लिखे हैं जो सीधे दिल को छूते हैं। उदयपुर में शाही अंदाज में रची गई शादी विजय और रश्मिका ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के आलीशान आईटीसी ग्रैंड भारत रिसॉर्ट में निजी समारोह में सात फेरे के लिए। शादी में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी रही। तेलुगु अंग वस्त्रम रस्म और गणेश पूजा के साथ समारोह की शुरुआत हुई जिसके बाद पारंपरिक कोडवा रीति रिवाज निभाए गए। मंडप को गेंदे और चमेली के फूलों से सजाया गया था। विजय ने आइवरी सिल्क वेष्टि और अंगवस्त्रम धारण किया जबकि रश्मिका कढ़ाईदार कांजीवरम साड़ी में बेहद आकर्षक दिखीं। शादी की तस्वीरें साझा करते हुए विजय ने भावुक संदेश लिखा जिसने फैंस का दिल जीत लिया। तीसरी बार साथ देखी जाएगी हिट जोड़ी गीता गोविंदम और डियर कॉमरेड के बाद रणबाली इस जोड़ी की तीसरी फिल्म है। फिल्म में विजय रणबाली और रश्मिका जयम्मा की भूमिका निभा रहे हैं। खलनायक की भूमिका में अर्नोल्ड वोसलू नजर आएंगे जिन्हें फिल्म द ममी से खास पहचान मिली। यह फिल्म 19वीं सदी की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित पीरियड एक्शन ड्रामा है और 11 सितंबर को सिनेमा में रिलीज होगी।
अमर अकबर एंथनी का फीमेल वर्जन बना, लेकिन कभी नहीं हो पाई रिलीज़ सुधा चंद्रन ने सुनाई अनसुनी कहानी

नई दिल्ली । बॉलीवुड की सदाबहार फिल्मों में शुमार अमर अकबर एंथनी आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। अमिताभ बच्चन विनोद खन्ना और ऋषि कपूर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने भाईचारे और मनोरंजन का अनोखा संगम पेश किया था। लेकिन अब अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज़ खोला है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने बताया कि अमर अकबर एंथनी का एक फीमेल वर्जन भी बनाया गया था। इस फिल्म का नाम था सीता सलमा सूज़ी । यह प्रोजेक्ट मूल फिल्म से प्रेरित था और इसमें तीन बहनों की कहानी दिखाई जानी थी। सुधा ने बताया कि वे इस फिल्म में लीड रोल निभा रही थीं और उनके साथ अर्चना पूरन सिंह और मुनमुन सेन भी मुख्य भूमिकाओं में थीं। सुधा ने याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी टीम को विश्वास था कि वे एक बड़ी और यादगार फिल्म बना रहे हैं। फिल्म में पुरुष कलाकारों में जीत उपेंद्र और शेखर सुमन जैसे नाम शामिल थे। सभी कलाकार बेहद समर्पण के साथ काम कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश यह फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हो पाई। इसके पीछे क्या कारण थे यह साफ नहीं हो सका और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। इस अनरिलीज़्ड फिल्म से जुड़ी एक और दिलचस्प बात यह है कि इसी के सेट पर सुधा चंद्रन की मुलाकात उनके भावी पति रवि डांग से हुई थी जो फिल्म में एसोसिएट डायरेक्टर थे। सुधा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें रवि का व्यवहार थोड़ा अजीब लगा क्योंकि वे उनके गुड मॉर्निंग का जवाब नहीं देते थे। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो रवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें काम के लिए पैसे मिलते हैं औपचारिक अभिवादन के लिए नहीं। रवि की यह साफगोई और काम के प्रति समर्पण सुधा के दिल को छू गया। धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्यार पनपा। हालांकि शादी का फैसला आसान नहीं था क्योंकि परिवार इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति को अपनाने को लेकर आशंकित था। लेकिन सुधा के आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय ने आखिरकार परिवार को मना लिया। उनकी मां ने भरोसा जताया कि उनकी बेटी कभी गलत फैसला नहीं ले सकती। सीता सलमा सूजी भले ही बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच सकी लेकिन यह फिल्म सुधा चंद्रन के जीवन की एक अहम कड़ी बन गई। एक ओर जहां यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया वहीं दूसरी ओर इसी के जरिए उनकी जिंदगी में एक नया रिश्ता और नई शुरुआत जुड़ गई। बॉलीवुड के इतिहास में यह किस्सा आज भी एक दिलचस्प लेकिन अनकही कहानी के रूप में दर्ज है।
डायरेक्टर प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा: इस साल नहीं शुरू होगी हेरा फेरी 3 की शूटिंग, म्यूजिक और राइट्स को लेकर मचा घमासान!

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की सबसे कल्ट कॉमेडी फिल्मों में शुमार ‘हेरा फेरी’ के तीसरे पार्ट का इंतजार कर रहे करोड़ों फैंस के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रही ‘हेरा फेरी 3’ अब कानूनी विवादों और राइट्स के पचड़े में बुरी तरह फंस गई है। फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस साल फिल्म की शूटिंग शुरू होना नामुमकिन है। प्रियदर्शन ने फिल्म की स्थिति को काफी कॉम्प्लिकेटेड बताते हुए कहा कि फिलहाल फिल्म के मालिकाना हक Rights को लेकर कई दावेदार सामने आ गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसारप्रोड्यूसर जेपी विजयकुमार ने मद्रास हाई कोर्ट में दावा किया है कि फिल्म के वास्तविक राइट्स उनके पास हैंन कि फिरोज नाडियाडवाला के पास। वहीं’सेवेन आर्ट्स इंटरनेशनल’ नामक प्रोडक्शन हाउस का तर्क है कि नाडियाडवाला के पास केवल साल 2000 में आई पहली फिल्म के मलयालम रीमेक राइट्स थे। मामला तब और उलझ गया जब यह दावा किया गया कि फ्रेंचाइजी के राइट्स अक्षय कुमार की कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए हैं। विवाद सिर्फ कहानी या फिल्म के टाइटल तक सीमित नहीं हैबल्कि इसके म्यूजिक राइट्स पर भी तलवार लटकी हुई है। प्रियदर्शन ने बताया कि भूषण कुमार ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि ‘हेरा फेरी 3’ के म्यूजिक राइट्स उनके पास हैं। जब तक ये तमाम कानूनी मसले हल नहीं हो जातेतब तक टीम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकती। जब प्रियदर्शन से पूछा गया कि क्या 2026 में शूटिंग शुरू हो पाएगीतो उन्होंने दो टूक जवाब दियाइस साल तो बिल्कुल नहीं। गौरतलब है कि इससे पहले फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी काफी ‘हेरा फेरी’ देखने को मिली थी। परेश रावल ने फिल्म छोड़ दी थीजिसके बाद अक्षय कुमार ने उन पर 25 करोड़ रुपये का केस कर दिया था। हालांकिबाद में समझौता हुआ और अक्षय ने केस वापस ले लिया। इस पर प्रियदर्शन ने चुटकी लेते हुए कहा कि सिनेमा और राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता। इसके अलावाउन्होंने ‘भागम भाग’ के सीक्वल में गोविंदा को मनोज बाजपेयी से रिप्लेस करने की खबरों पर भी अनभिज्ञता जताई। फिलहाल’राजूश्याम और बाबू भैया’ की आइकॉनिक तिकड़ी को बड़े पर्दे पर साथ देखने का सपना देख रहे दर्शकों को अभी लंबा इंतजार करना होगा।
तापसी पन्नू का इंडस्ट्री पर बड़ा प्रहार: "चाहे साउथ हो या बॉलीवुड, सबको क्लीवेज और कमर से ऑब्सेशन है!

नई दिल्ली। अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेबाक बयानों के लिए मशहूर अभिनेत्री तापसी पन्नू एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म ‘अस्सी’ (80) में अपनी परफॉरमेंस के लिए वाहवाही बटोर रहीं तापसी ने ग्लैमर वर्ल्ड के उस काले सच से पर्दा उठाया है, जिसे अक्सर दबा दिया जाता है। तापसी का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री, चाहे वह बॉलीवुड हो या साउथ, महिलाओं के खास बॉडी पार्ट्स को लेकर एक अजीब तरह के ‘ऑब्सेशन’ (जुनून) का शिकार है। एक हालिया इंटरव्यू में तापसी ने स्पष्ट किया कि उनके पिछले बयानों को लोगों ने गलत तरीके से समझा। उन्होंने उत्तर बनाम दक्षिण का मुद्दा नहीं बनाया था, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की मानसिकता पर सवाल उठाए थे। तापसी ने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि कौन सा हिस्सा हाइलाइट किया जा रहा है, मुद्दा यह है कि यह एक तरह की ‘ताड़ना’ है। लोग कहते हैं कि साउथ में कमर (मिडरिफ) पर फोकस होता है और हिंदी फिल्मों में क्लीवेज पर, लेकिन मेरे लिए यह सिर्फ एक ऑब्सेशन है जो दोनों जगह मौजूद है।” तापसी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक बेहद असहज कर देने वाला किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह साउथ की फिल्मों में काम कर रही थीं, तब उन्हें ब्रा में पैड लगाने (Padding) के लिए कहा गया था। तापसी ने बताया कि सेट पर जब महिलाएं कम होती हैं, तो इस तरह की बातें कहना डायरेक्टर के लिए भी अजीब होता है, इसलिए वे किसी और के जरिए यह संदेश भिजवाते हैं। उन्होंने उस असहज प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, “जब हिरोइन वैन से बाहर आती है, तो डायरेक्टर को चेक करना होता है कि जो लुक उन्होंने चाहा था, वह मिला या नहीं। यह पूरा प्रोसेस एक कलाकार के लिए बहुत अनकम्फर्टेबल होता है।” बॉलीवुड में अपने सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां उन्हें कभी कमर दिखाने या पैडिंग के लिए मजबूर नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने यहां ज्यादा ग्लैमरस रोल नहीं किए। हालांकि, करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने डायरेक्टर्स की इन मांगों को एक हद तक माना भी। तापसी के अनुसार, तब मैं नई थी और मुझे लगता था कि डायरेक्टर ‘शिप का कैप्टन’ है, उसे सब पता होगा। जब आप देखते हैं कि बाकी सभी हिरोइनें ऐसा कर रही हैं, तो आप भी इसे प्रोफेशन का हिस्सा मान लेते हैं।” तापसी का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो इंडस्ट्री में महिलाओं के चित्रण और जेंडर सेंसिटिविटी पर नई बहस छेड़ रहा है।
O Romeo: 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़

O Romeo: नई दिल्ली। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं और दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 8.5 करोड़ रुपये की कमाई से शुरुआत की थी और वीकेंड के दौरान रफ्तार बढ़ती रही। बुधवार और गुरुवार को 1.25 करोड़ की कमाई के साथ 14वें दिन तक फिल्म की कुल कमाई 61.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर इसे रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ जैसी फिल्मों का मुकाबला भी मिला। फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश मिश्रा, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की चौथी फिल्म है, इससे पहले दोनों ने ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ में साथ काम किया था। आईएमडीबी रेटिंग 6.4 के साथ फिल्म ने दर्शकों को अपनी कहानी और प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया है। कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो’ ने अपने दमदार कंटेंट, स्टार कास्ट और शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।
राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. एस. राजामौली इन दिनों अपनी मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। करीब 1300 करोड़ रुपये के बजट में बन रही यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म अगले साल रिलीज के लिए तैयार बताई जा रही है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही यह प्रोजेक्ट देश-विदेश में जबरदस्त चर्चा बटोर रहा है। हैदराबाद स्थित अन्नपूर्णा स्टूडियो में हाल ही में शुरू हुई अत्याधुनिक मोशन कैप्चर फैसिलिटी में फिल्म के कई अहम सीक्वेंस शूट किए गए हैं। राजामौली का कहना है कि यह भारत की सबसे उन्नत मो-कैप लैब में से एक है, जहां हाई-प्रिसिजन टेक्नोलॉजी के जरिए बड़े और जटिल दृश्यों को पहले से ज्यादा प्रभावशाली ढंग से फिल्माया जा सकता है। इसी दौरान राजामौली ने अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली: द बिगिनिंग का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय भारत में इतनी एडवांस मोशन कैप्चर तकनीक उपलब्ध होती, तो वे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ जैसी फिल्मों को और भी बेहतर बना सकते थे। उनके मुताबिक भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही, लेकिन विश्वस्तरीय तकनीकी ढांचे की कमी के कारण कई बार विज़न को पूरी क्षमता के साथ पर्दे पर उतारना संभव नहीं हो पाता था। राजामौली ने बताया कि अब हालात बदल रहे हैं। नई तकनीक की बदौलत भारतीय फिल्मकारों को बड़े विजुअल सीक्वेंस के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘वाराणसी’ के कुछ जटिल एक्शन और फैंटेसी दृश्यों में इसी मोशन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके परिणाम से टीम बेहद संतुष्ट है। फिल्म की पहली झलक पेरिस के प्रतिष्ठित सिनेमा हॉल Le Grand Rex में आयोजित एक ट्रेलर फेस्टिवल में दिखाई गई, जहां दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। इससे साफ है कि ‘वाराणसी’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ चुकी है। पोस्टर्स में महेश बाबू का ‘रुद्र’, पृथ्वीराज का ‘कुंभ’ और प्रियंका का ‘मंदाकिनी’ अवतार पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। राजामौली का मानना है कि नई तकनीक और बड़े विज़न का यह संगम भारतीय सिनेमा को एक नए स्तर पर ले जाएगा—और शायद यही वजह है कि वे आज भी मानते हैं, “बाहुबली को मैं और बेहतर बना सकता था।”