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तेजस्वी की नई वेब सीरीज़ के प्रमोशन में करण कुंद्रा का अनोखा सरप्राइज

नई दिल्ली। मुंबई। टीवी और डिजिटल इंडस्ट्री के चर्चित कपल करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी। इस वीडियो में करण कुंद्रा अपने सीने पर तेजस्वी का चेहरा वाला टैटू दिखाते नजर आए। वीडियो को देखने के बाद फैंस ने इसे कपल के गहरे संबंध और प्यार के इज़हार के तौर पर देखा, लेकिन बाद में करण ने स्पष्ट किया कि यह स्थायी टैटू नहीं बल्कि तेजस्वी की नई ओटीटी सीरीज़ के प्रमोशनल स्टंट का हिस्सा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब तेजस्वी अपनी पहली वेब सीरीज़ के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कदम रख रही हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान करण ने बताया कि यह सरप्राइज उनके लिए था और उन्होंने शो की थीम और किरदार से प्रेरित होकर यह लुक अपनाया। उन्होंने फैंस से यह भी कहा कि अस्थायी टैटू शो की कहानी और विज़ुअल एलिमेंट से जुड़ा है, और इसे रोमांटिक सरप्राइज के रूप में देखा जाना चाहिए। करण और तेजस्वी की जोड़ी की कहानी रियलिटी शो बिग बॉस 15 के दौरान शुरू हुई। इसके बाद उनका रिश्ता सार्वजनिक हुआ और तब से दोनों अक्सर मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा में बने रहते हैं। हालिया वायरल वीडियो ने उनके फैंस में उत्साह बढ़ा दिया और कुछ लोगों ने इसे कपल के कमिटमेंट के रूप में देखा, जबकि कुछ ने इसे प्रमोशन की रणनीति के रूप में माना। तेजस्वी ने एक इवेंट में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि करण का यह कदम उनके काम के प्रति समर्थन का संकेत है। वहीं करण ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि यह टैटू स्थायी नहीं है और इसका मकसद केवल सीरीज़ के प्रचार को बढ़ावा देना है। फैंस का उत्साह और वायरल वीडियो की प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि दर्शक इस प्रमोशनल अंदाज को पसंद कर रहे हैं। तेजस्वी की नई सीरीज़ ‘साइको सैया’ एक रोमांटिक थ्रिलर है, जिसमें वह प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। यह प्रोजेक्ट उनके करियर में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे वह ओटीटी दर्शकों तक अपनी पहुंच बना रही हैं। शो Amazon MX Player पर स्ट्रीम हो रहा है और दर्शकों की निगाहें अब इसकी रिलीज और प्रदर्शन पर टिकी हैं। मनोरंजन उद्योग के जानकारों के अनुसार डिजिटल रिलीज़ से पहले कलाकारों द्वारा किए गए रचनात्मक प्रमोशनल स्टंट दर्शकों का ध्यान खींचने का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। इस मामले में भी वायरल वीडियो ने सीरीज़ की दृश्यता बढ़ाई और फैंस की उत्सुकता को चरम पर पहुंचाया। फिलहाल दोनों कलाकार अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। सूत्रों के अनुसार यह कपल अपने निजी जीवन को लेकर गंभीर है और भविष्य की योजनाओं पर विचार कर रहा है। फैंस की नजर अब सीरीज़ के प्रदर्शन और कपल की अगली सार्वजनिक उपस्थिति पर टिकी है।

वीर सावरकर की प्रेरक जीवन-गाथा, सिनेमा में दिखाई गई वीरता..

नई दिल्ली। मुंबई। जब भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारियों की बात होती है, तो Vinayak Damodar Savarkar का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और संघर्ष की कहानी न केवल इतिहास की किताबों में बल्कि सिनेमा में भी जीवंत दिखाई गई है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर उनके जीवन और संघर्ष को दर्शाती कुछ प्रमुख फिल्मों पर नजर डालना जरूरी है, जो सत्य और वीरता की गाथा पेश करती हैं। वीर सावरकर पर हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं में कई फिल्में बनाई गई हैं। इनमें क्षेत्रीय सिनेमा की विशेषता और स्थानीय प्रभाव भी देखने को मिलता है। सबसे पहले रणदीप हुड्डा की फिल्म स्वातंत्र्य वीर सावरकर का नाम आता है। इस फिल्म के लिए रणदीप ने अपनी पूरी मेहनत के साथ-साथ घर तक बेच दिया था। उन्होंने सावरकर का किरदार निभाया और उसमें जीवन का हर भाव भर दिया। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन औसत रहा, लेकिन सावरकर के संघर्ष और देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। इसके बाद प्रियदर्शन की कालापानी भी शुरुआती फिल्मों में शामिल है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानी और उनके संघर्ष का उल्लेख है। यह फिल्म उन क्रांतिकारियों की कहानी दिखाती है जिन्हें ब्रिटिश राज ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कैद किया था। फिल्म में अनु कपूर ने सावरकर का किरदार निभाया। 1996 में रिलीज हुई यह फिल्म अपने समय की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है और दर्शकों को इतिहास की कठोर सच्चाई से अवगत कराती है। साल 2001 में आई फिल्म वीर सावरकर भी यादगार रही। इसके गुजराती संस्करण को भी दर्शकों ने खूब सराहा। फिल्म का निर्माण Sudhir Phadke ने सावरकर दर्शन प्रतिष्ठान के तहत किया, जबकि शैलेंद्र गौर ने सावरकर का किरदार निभाया। निर्देशन Ved Rahi ने किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा किया गया था और लोगों को सावरकर के साहस और प्रयासों से जागरूक किया गया। 2015 में रिलीज हुई मराठी फिल्म व्हाट अबाउट सावरकर? भी खास नजर आई। यह फिल्म सीधे सावरकर की जीवनी पर आधारित नहीं थी, लेकिन उनके सम्मान और देशभक्ति की जंग को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है। फिल्म में अभिमान मराठे की कहानी दिखाई गई है, जो वीर सावरकर का अपमान करने वाले भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ आवाज उठाता है। संघर्ष में उसके मित्र भी उसका साथ देते हैं। इस तरह फिल्म सावरकर को सम्मान दिलाने की जंग को दर्शाती है और युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती है। ये फिल्में सिर्फ सिनेमा की कृतियाँ नहीं हैं। ये स्वतंत्रता संग्राम, वीर सावरकर की प्रेरक जीवन-गाथा और देशभक्ति की मिसाल पेश करती हैं। उनके संघर्ष, त्याग और साहस को दर्शाती ये फिल्में आज भी प्रत्येक राष्ट्रप्रेमी को प्रेरित करती हैं और हमें यह याद दिलाती हैं कि देश के लिए समर्पण और वीरता का मतलब क्या होता है।

425 करोड़ के बजट के साथ ‘लव एंड वॉर’ बनी भंसाली की सबसे महंगी फिल्म, स्टार्स की फीस अलग

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के भव्य फिल्मकार संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म लव एंड वॉर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जैसे-जैसे फिल्म से जुड़े अपडेट सामने आ रहे हैं वैसे-वैसे इसकी भव्यता और पैमाना और भी बड़ा होता जा रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म का बजट अब 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है और यह करीब 425 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। खास बात यह है कि इस भारी-भरकम बजट में फिल्म के तीनों लीड सितारों की फीस शामिल नहीं है। फिल्म में आलिया भट्ट रणबीर कपूर और विकी कौशल मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इन तीनों सितारों की मौजूदगी ने फिल्म को पहले ही चर्चा का केंद्र बना दिया था लेकिन अब इसका बढ़ता बजट इसे इंडस्ट्री की सबसे महंगी फिल्मों की कतार में खड़ा कर रहा है। बताया जा रहा है कि शुरुआत में फिल्म को लगभग 350 करोड़ रुपये में पूरा करने की योजना थी मगर बार-बार प्रोडक्शन शेड्यूल बढ़ने विशाल सेट्स और तकनीकी स्तर पर बड़े पैमाने पर काम होने के कारण लागत तेजी से बढ़ती चली गई। भंसाली अपनी परफेक्शन के लिए मशहूर हैं। वे तब तक संतुष्ट नहीं होते जब तक हर फ्रेम उनके विजन के अनुरूप न हो। यही कारण है कि फिल्म की शूटिंग अवधि भी बढ़ा दी गई। पहले इसे 120 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य था लेकिन अब यह शेड्यूल बढ़कर लगभग 175 दिनों का हो गया है। इसमें भव्य डांस सीक्वेंस बड़े एरियल एक्शन सीन और भारी-भरकम विजुअल इफेक्ट्स शामिल हैं। हाई-एंड वीएफएक्स पर काम होने के कारण पोस्ट-प्रोडक्शन में भी अधिक समय लग रहा है जिससे रिलीज में देरी हो रही है। दिलचस्प पहलू यह है कि फिल्म के बजट में तीनों सितारों की पारंपरिक फीस शामिल नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार रणबीर आलिया और विकी ने प्रॉफिट शेयरिंग मॉडल अपनाया है। यानी वे फिल्म की कमाई से हिस्सा लेंगे। इससे शुरुआती लागत का बड़ा हिस्सा सीधे प्रोडक्शन वैल्यू पर खर्च किया गया है। हालांकि मेकर्स ने रिलीज से पहले ही अच्छी रिकवरी कर ली है। फिल्म के डिजिटल राइट्स Netflix को लगभग 130 करोड़ रुपये में बेचे गए हैं जबकि सैटेलाइट राइट्स से करीब 80 करोड़ रुपये हासिल हुए हैं। इस तरह लगभग 200 करोड़ रुपये पहले ही सुरक्षित कर लिए गए हैं जिससे प्रोजेक्ट को वित्तीय मजबूती मिली है। रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन खबरों के मुताबिक फिल्म 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। रणबीर कपूर के व्यस्त रिलीज शेड्यूल को भी देरी की एक वजह माना जा रहा है क्योंकि उनकी बड़ी फिल्म रामायण पार्ट 1 भी इसी वर्ष दिवाली पर रिलीज होने वाली है। लव एंड वॉर की एक और खास बात यह है कि रणबीर और विकी इससे पहले संजू में साथ नजर आ चुके हैं जबकि आलिया और विकी राज़ी में साथ काम कर चुके हैं। रणबीर और आलिया की जोड़ी ब्रह्मास्त्र पार्ट 1: शिवा में दर्शकों को पसंद आई थी। अब पहली बार ये तीनों सितारे एक साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे जिससे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।

रश्मिका के आगे फेल हुए विजय देवरकोंडा? जानें शादी के बंधन में बंधने जा रहे इस पावर कपल का हिट रिकॉर्ड!

नई दिल्ली ।दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो सबसे चहेते सितारे, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना, इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक सिर्फ एक ही चर्चा है-उनकी शाही शादी। खबरों की मानें तो यह खूबसूरत जोड़ी 26 फरवरी को झीलों की नगरी उदयपुर में एक रॉयल वेडिंग करने जा रही है। लेकिन, सात फेरे लेने से पहले फैंस के बीच इस बात की होड़ मच गई है कि आखिर इन दोनों में से बॉक्स ऑफिस का असली सुल्तान कौन है? किसका करियर ग्राफ ज्यादा ऊँचा है और किसने सबसे ज्यादा ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं? विजय देवरकोंडा, जिन्हें अक्सर ‘राउडी स्टार’ कहा जाता है, उन्होंने साल 2011 में फिल्म ‘नुव्विला’ से अपने सफर की शुरुआत की थी। विजय की पहली बड़ी सफलता ‘येवढे सुब्रमण्यम’ (8 करोड़) से शुरू हुई, जिसके बाद ‘पेल्ली चूपुलु’ (30 करोड़) ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। लेकिन उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’। 60 करोड़ की वर्ल्डवाइड कमाई करने वाली इस फिल्म ने विजय को पूरे भारत में मशहूर कर दिया। इसके बाद ‘टैक्सीवाला’ (40 करोड़) सुपरहिट रही और उनकी अब तक की सबसे बड़ी हिट ‘गीता गोविंदम’ रही, जिसने 130 करोड़ का भारी-भरकम कलेक्शन किया। हालांकि, जब हम रश्मिका मंदाना के करियर की ओर देखते हैं, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रश्मिका ने अपनी पहली ही फिल्म ‘किरिक पार्टी’ (36.8 करोड़) से ब्लॉकबस्टर शुरुआत की थी। इसके बाद ‘अंजनीपुत्र’, ‘चमक’ और ‘चलो’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सफलता की गारंटी बना दिया। रश्मिका की सबसे बड़ी ताकत उनकी फिल्मों का विशाल कलेक्शन है। जहाँ विजय की सबसे बड़ी फिल्म 130 करोड़ पर रुकी, वहीं रश्मिका की ‘सरिलरु नीकेवरु’ ने 227 करोड़ और ‘वरिसु’ ने 303 करोड़ का बिजनेस किया। बॉलीवुड में कदम रखते ही उन्होंने रणबीर कपूर के साथ ‘एनिमल’ जैसी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जिसने 901.2 करोड़ कमाकर इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं, रश्मिका की ‘पुष्पा: द राइज’ (350 करोड़) के बाद इसके दूसरे पार्ट ‘पुष्पा: द रूल’ ने तो सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भारत में 1471 करोड़ की ऐतिहासिक कमाई के साथ रश्मिका आज देश की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शुमार हैं। साफ़ है कि हिट फिल्मों की संख्या और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, दोनों ही पैमानों पर रश्मिका अपने होने वाले पति विजय देवरकोंडा से काफी आगे निकल गई हैं। अब देखना यह होगा कि शादी के बाद यह ‘पावर कपल’ एक साथ पर्दे पर क्या नया धमाका करता है। फिलहाल, उदयपुर में होने वाली उनकी शादी की तैयारियों ने फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।

कपूर खानदान का वो 'गुमनाम' सितारा, जिसके 30 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रणबीर-ऋषि भी नहीं तोड़ पाए!

नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी किसी दिग्गज परिवार का नाम लिया जाता है, तो ‘कपूर खानदान’ का जिक्र सबसे पहले आता है। पेशावर की गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई के सिंहासन पर बैठने वाले इस परिवार की कई पीढ़ियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया है। पृथ्वीराज कपूर से लेकर राज कपूर और आज के दौर के चॉकलेट बॉय रणबीर कपूर तक, हर किसी ने अपनी चमक बिखेरी है। लेकिन, इस चकाचौंध के बीच एक ऐसा नाम कहीं ओझल हो गया, जिसने वास्तव में कपूर परिवार की कामयाबी की पहली ईंट रखी थी। हम बात कर रहे हैं राज कपूर के चाचा और पृथ्वीराज कपूर के छोटे भाई त्रिलोक कपूर की। त्रिलोक कपूर केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि वह अपने दौर के एक ऐसे ‘पावरहाउस’ थे, जिनका रिकॉर्ड आज तक अटूट है। दीवान बशेश्वरनाथ के बेटे त्रिलोक ने जब अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह सफलता का एक ऐसा शिखर छुएंगे, जहाँ पहुँचने के लिए उनके भतीजे राज कपूर और पोते रणबीर कपूर को भी कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। त्रिलोक कपूर ने अपने करियर में 30 सुपरहिट फिल्में दीं। यह एक ऐसा आंकड़ा है, जिसे कपूर परिवार का कोई भी दूसरा सदस्य आज तक पार नहीं कर पाया है। त्रिलोक कपूर का फिल्मी सफर 1928 में शुरू हुआ, जब वे पढ़ाई पूरी कर कोलकाता पहुंचे। वह दौर स्वतंत्रता आंदोलन का था और त्रिलोक भी इससे अछूते नहीं रहे। उन्होंने 1933 में फिल्म ‘चार दरवेश’ से डेब्यू किया। इसके बाद आई फिल्म ‘सीता’, जिसमें उनके बड़े भाई पृथ्वीराज कपूर ‘राम’ बने थे और त्रिलोक ने भी अहम भूमिका निभाई थी। 1930 और 1940 के दशक में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज करना शुरू किया, लेकिन उनकी लोकप्रियता का असली सैलाब 1950 के दशक में आया। उस दौर में त्रिलोक कपूर ‘पौराणिक फिल्मों’ Mythological Films के बेताज बादशाह बन गए थे। उन्होंने पर्दे पर भगवान के इतने जीवंत किरदार निभाए कि लोग उन्हें असलियत में पूजने लगे थे। खास तौर पर ‘शिव’ के रूप में उनकी छवि घर-घर में लोकप्रिय हो गई थी। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि अगर उस समय सोशल मीडिया होता, तो शायद उनके फॉलोअर्स की संख्या आज के दिग्गजों को मात दे देती। जैसे-जैसे वक्त बदला, त्रिलोक कपूर ने खुद को बदला और करैक्टर आर्टिस्ट के रूप में अपनी दूसरी पारी शुरू की। 1970 और 80 के दशक में उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने फिल्म ‘गंगा जमुना सरस्वती’ में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पिता का किरदार निभाया था। इसके अलावा उन्होंने ‘दोस्ताना’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘अल्लाह रखा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। त्रिलोक कपूर भले ही आज की पीढ़ी के लिए एक अनसुना नाम हों, लेकिन भारतीय सिनेमा के पन्नों में उनकी कामयाबी स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उनके बेटे विजय कपूर ने भी निर्देशन के क्षेत्र में हाथ आजमाया, लेकिन जो जादू त्रिलोक कपूर ने पर्दे पर पैदा किया, वह बेमिसाल था। 1988 में इस महान कलाकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपनी 30 हिट फिल्मों की विरासत को वह पीछे छोड़ गए, जो आज भी कपूर खानदान के गौरवशाली इतिहास का सबसे मजबूत स्तंभ है।

मातृत्व और प्रोफेशन का संतुलन: डिलीवरी के बाद जल्द काम पर लौटीं ये एक्ट्रेसेस बनीं मिसाल

नई दिल्ली । मां बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे खास और भावुक पल होता है। लेकिन बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों ने यह साबित किया है कि मातृत्व और करियर साथ-साथ संभाले जा सकते हैं। जहां कुछ एक्ट्रेसेस ने प्रेग्नेंसी के दौरान काम किया वहीं कई ऐसी भी रहीं जिन्होंने डिलीवरी के तुरंत बाद ही प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए काम पर वापसी की। इन अभिनेत्रियों ने अपने जज्बे और प्रोफेशनल कमिटमेंट से लोगों को चौंकाया भी और प्रेरित भी किया। सबसे पहले बात करें कॉमेडी क्वीन भारती सिंह की। भारती ने अपने पहले बच्चे के जन्म के महज 12 दिन बाद ही शो हुनरबाज के सेट पर वापसी कर सबको हैरान कर दिया था। बेटे को घर पर छोड़कर आने के बाद वह भावुक भी हो गई थीं। पैपराजी से बातचीत में उन्होंने बताया था कि वह काफी रोईं क्योंकि उनका बेबी सिर्फ 12 दिन का था लेकिन काम की जिम्मेदारी भी जरूरी थी। हालांकि इस फैसले को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। वहीं अभिनेत्री नेहा धूपिया ने भी मां बनने के बाद जल्दी काम संभाला। उन्होंने अपनी बेटी महर के जन्म के लगभग 45 दिन बाद रियलिटी शो रोडीज की शूटिंग शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं दूसरे बच्चे के जन्म के छह दिन बाद ही उन्होंने सोशल मीडिया पर स्क्रिप्ट पढ़ते हुए अपनी तस्वीर साझा कर यह संकेत दे दिया था कि वह जल्द ही काम पर लौटने वाली हैं। आलिया भट्ट ने भी बेटी राहा के जन्म के तीन से चार महीने के भीतर काम पर वापसी कर ली थी। खास बात यह है कि उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान ही हॉलीवुड फिल्म हार्ट ऑफ़ स्टोन की शूटिंग पूरी की थी जिसमें उन्होंने कई एक्शन सीन भी किए। आलिया का यह प्रोफेशनलिज्म दर्शाता है कि वह अपने करियर को लेकर कितनी समर्पित हैं। बॉलीवुड की फिटनेस आइकन करीना कपूर खान भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने प्रेग्नेंसी के दौरान विज्ञापन और शूटिंग जारी रखी थी। दूसरे बेटे जेह के जन्म के करीब एक महीने बाद ही वह दोबारा काम पर लौट आई थीं। करीना ने हमेशा यह संदेश दिया है कि प्रेग्नेंसी किसी महिला के काम करने की क्षमता को सीमित नहीं करती। टीवी इंडस्ट्री की बात करें तो भाभी जी घर पर हैं फेम सौम्या टंडन ने जनवरी 2019 में बेटे को जन्म दिया और महज चार महीने बाद मई में शूटिंग पर लौट आईं। इसी तरह छवी मित्तल बेटे के जन्म के एक महीने के भीतर ही काम पर सक्रिय हो गई थीं। वह अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी काफी एक्टिव रहीं और बाद में बेटे को सेट पर साथ लेकर भी पहुंचीं। साउथ और बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकीं काजल अग्रवाल ने भी बेबी के जन्म के दो महीने बाद काम पर वापसी की। वह अक्सर अपने बेटे को सेट पर साथ लेकर जाती थीं जिससे वह मां और प्रोफेशनल दोनों भूमिकाएं निभा सकें। इन अभिनेत्रियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि आज की महिलाएं पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने यह दिखाया कि मां बनने के बाद भी सपनों की उड़ान थमती नहीं बल्कि और मजबूत हो जाती है।

मां बनने के 3 महीने बाद ग्लो के साथ लौटीं कैटरीना कैफ, चेहरे पर निखार देख फैंस रह गए दंग!

नई दिल्ली। बॉलीवुड की चमकती हुई अभिनेत्री कैटरीना कैफ मां बनने के तीन महीने बाद पहली बार पब्लिक में नजर आईं और उनकी एक झलक ने फैंस का दिल जीत लिया। बेटे विहान कौशल के जन्म के बाद कैटरीना ने अपनी पर्सनल लाइफ में सादगी अपनाई और लाइमलाइट से दूरी बनाई थी। हाल ही में उन्हें मुंबई में कार के अंदर बैठे देखा गया, जहां उनका ग्लो, चेहरे की ताजगी और शांत अंदाज सभी का ध्यान खींच रहे थे। ब्लैक आउटफिट में कैटरीना ने पोनीटेल किया हुआ था और मास्क पहने हुए थीं, लेकिन उनकी आंखों की चमक और कैमरा की ओर प्यारा वेव देखते ही बन रहा था। सोशल मीडिया पर उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, और पहली नजर में उन्हें पहचान पाना थोड़े मुश्किल था, लेकिन फैंस ने इस वीडियो को खूब पसंद किया। कैटरीना और उनके पति विक्की कौशल ने 7 नवंबर 2025 को अपने बेटे का स्वागत किया था। उन्होंने बेटे का नाम विहान कौशल रखा, जो कि विक्की की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ के मेजर विहान सिंह शेरगिल से जुड़ा है। इस नाम का ऐलान उन्होंने फैंस के साथ इमोशनल अंदाज में साझा किया और लिखा, “हमारी जिंदगी की रोशनी, विहान कौशल। हमारी दुआएं कबूल हो गईं। जिंदगी अब और भी खूबसूरत लग रही है। एक पल में हमारी पूरी दुनिया बदल गई है। हम शब्दों में अपनी खुशी और शुक्रिया बयां नहीं कर सकते।” इस खास कनेक्शन और इमोशनल मैसेज ने फैंस को बेहद प्रभावित किया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। डिलीवरी के तीन महीने बाद कैटरीना का ग्लो और चेहरे का निखार सभी को आकर्षित कर रहा है। मां बनने के बाद भी उनका आत्मविश्वास, शांत और खूबसूरत अंदाज सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इस दौरान कैटरीना ने अपने समय का बड़ा हिस्सा परिवार और बच्चे पर केंद्रित रखा, लेकिन धीरे-धीरे फैंस के साथ जुड़ने के लिए छोटे-छोटे पब्लिक अपीयरेंस और व्लॉग्स भी शेयर कर रही हैं। उनका यह ग्लो और चेहरे की ताजगी दर्शाती है कि मां बनने के बाद भी उन्होंने अपनी फिटनेस, स्ट्रेंथ और चमक को बनाए रखा है। विक्की कौशल ने भी पिता बनने का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह सिर्फ एक चीयरलीडर बनने की कोशिश कर रहे हैं और बच्चे के बड़े होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे और अधिक योगदान कर सकें। उन्होंने कैटरीना की तारीफ करते हुए कहा, “अभी इस समय मां ही असली सुपरहीरो है। उसने पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत हिम्मत दिखाई और अब मां बनकर भी हर चीज़ पूरी ताकत से संभाल रही है। मुझे उस पर बहुत गर्व है और मैं उससे बहुत प्यार करता हूं।” यह बयान इस कपल की मजबूत बॉन्डिंग और पारिवारिक प्यार की झलक देता है। कैटरीना का यह पहला पब्लिक अपीयरेंस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और फैंस उनकी मां बनने के बाद की खूबसूरती और ग्लैमरस अंदाज पर तारीफों की बरसात कर रहे हैं। मां बनने के बाद भी उनकी सादगी, ग्लो और आत्मविश्वास ने साबित कर दिया कि कैटरीना कैफ केवल फिल्मों में ही नहीं बल्कि असली जिंदगी में भी एक सुपरस्टार हैं। उनके फैंस बेसब्री से उनके अगले अपडेट, व्लॉग्स और बेटे विहान के साथ उनकी जिंदगी की झलक का इंतजार कर रहे हैं।

शोएब इब्राहिम ने दी राहत भरी खबर: दीपिका कक्कड़ की सिस्ट हटाने की सर्जरी सफल, फिलहाल सिर्फ थोड़े दर्द में

नई दिल्ली। टीवी अभिनेता शोएब इब्राहिम ने अपनी पत्नी और टीवी अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ की सेहत को लेकर फैंस को बड़ी राहत दी है। कुछ समय पहले दीपिका लिवर कैंसर के इलाज के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना कर रही थीं। उनके पेट में सिस्ट बन गई थी, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी की सलाह दी। मंगलवार को शोएब ने अपने नए YouTube व्लॉग के जरिए इस सफर को दिखाया और साथ ही अपनी 8वीं शादी की सालगिरह भी सादगी से मनाई। व्लॉग में उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने रमज़ान के दौरान चीज़ों को सिंपल रखा और साथ में रोज़ा तोड़ा। शोएब और दीपिका ने मिलकर खाना बनाया और किचन में एक प्यारा सा पल शेयर किया, जब शोएब ने दीपिका को एनिवर्सरी विश किया। इसके बाद दोनों हॉस्पिटल गए, जहां दीपिका को बेड पर बैठा देखा गया और शोएब लगातार उनके साथ मौजूद रहे। सर्जरी के बाद शोएब ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा कि “अल्लाह के करम और आप सभी की दुआओं से दीपिका का प्रोसीजर सफल रहा। वह फिलहाल ठीक हैं, बस थोड़ा दर्द है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं।” डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद दीपिका को ऑब्ज़र्वेशन में रखा है ताकि उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा सके। दीपिका ने इस दौरान अपने YouTube चैनल का उपयोग अपनी हेल्थ जर्नी को डॉक्यूमेंट करने के लिए किया। वह कीमोथेरेपी के अनुभव, अपने इमोशनल उतार-चढ़ाव और रिकवरी की ओर बढ़ते कदमों को फैंस के साथ साझा करती रही हैं। शोएब और दीपिका दोनों नियमित रूप से अपने व्लॉग पर हेल्थ अपडेट साझा करते हैं, जिससे फैंस हमेशा उनके स्वास्थ्य और रिकवरी प्रक्रिया से जुड़े रहते हैं। कुल मिलाकर, दीपिका की सिस्ट हटाने की सर्जरी सफल रही और वह फिलहाल सिर्फ थोड़े दर्द में हैं। इस कठिन समय में भी दोनों अपने रिश्ते की मजबूती बनाए हुए हैं और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। फैंस अब उनकी रिकवरी और आगे की हेल्थ अपडेट्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

रणवीर बनाम फरहान: 'डॉन 3' छोड़ने पर एक्सल एंटरटेनमेंट ने मांगा भारी हर्जाना, गिल्ड ने कहा- अपनाइए कानूनी रास्ता

नई दिल्ली।मुंबई: बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ अब अपने कास्टिंग या शूटिंग को लेकर नहीं, बल्कि एक कड़वे कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में है। एक्सल एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता फरहान अख्तर और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही खींचतान अब उस मोड़ पर आ गई है, जहाँ सुलह की गुंजाइश कम और अदालती कार्यवाही के आसार ज्यादा नजर आ रहे हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के बाद दोनों पक्षों को कानूनी रास्ता अपनाने का सुझाव दिया है।आमिर खान के घर हुई ‘महाबैठक’विवाद की गंभीरता को देखते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बीच-बचाव की कोशिश की। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान के घर पर एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित हुई, जिसमें करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला, एकता कपूर, जोया अख्तर और पुनीत गोयंका जैसे भारी-भरकम नाम शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य विवाद का कोई सर्वसम्मत समाधान निकालना था, लेकिन घंटों चली चर्चा के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका।40 करोड़ का मुआवजा और दावों की टक्करविवाद की मुख्य जड़ रणवीर सिंह का फिल्म से अचानक बाहर होना है। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी एक्सल एंटरटेनमेंट का दावा है कि रणवीर के फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन हाउस को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इसके एवज में उन्होंने 40 करोड़ रुपये के मुआवजे Compensation की मांग की है। दूसरी तरफ, रणवीर सिंह ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने मीटिंग के दौरान अपने ईमेल्स और व्हाट्सएप टेक्स्ट का हवाला देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि उनका फैसला परिस्थितियों के आधार पर था। चूंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि एक संगठन के रूप में उनकी भी सीमाएं हैं और अब बेहतर होगा कि दोनों पार्टियाँ अपनी कानूनी टीमों के जरिए इसे सुलझाएं। ऋतिक रोशन का नाम और नया मोड़विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब रिपोर्टों में कहा गया कि रणवीर के बाहर होने के पीछे एक वजह यह भी थी कि मेकर्स ऋतिक रोशन को फिल्म में लेने का विचार कर रहे थे। हालांकि, ऋतिक रोशन ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। गौरतलब है कि अगस्त 2023 में एक धमाकेदार वीडियो के जरिए रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था, जिससे शाहरुख खान के फैंस पहले ही नाराज चल रहे थे। रणवीर की ‘धुरंधर 2’ और यश की ‘टॉक्सिक’ में महाटक्करविवादों के बीच रणवीर सिंह का फोकस अब अपनी अगली बड़ी रिलीज ‘धुरंधर 2’ पर है। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे सितारे भी नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन बॉक्स ऑफिस पर कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ भी रिलीज हो रही है, जिसमें कियारा आडवाणी और नयनतारा जैसे बड़े नाम हैं। अब देखना होगा कि कानूनी विवादों में फंसे रणवीर बॉक्स ऑफिस पर इस बड़ी टक्कर को कैसे संभालते हैं।

BAFTA 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने रचा इतिहास, पीएम मोदी बोले- यह गौरव का क्षण, पूरे देश की रचनात्मक प्रतिभा की जीत

नई दिल्ली/लंदन: भारतीय सिनेमा के लिए साल 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ शुरू हुआ है। लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स BAFTA 2026 में मणिपुरी फिल्म बूंगने ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ कैटेगरी में जीत हासिल कर दुनिया भर में भारत का परचम लहरा दिया है। यह गौरव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने इस विशेष श्रेणी में बाफ्टा अवॉर्ड अपने नाम किया है। इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ Twitter पर फिल्म की टीम की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई। यह वाकई बेहद खुशी का पल है, खासकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रदर्शित करता है।” प्रधानमंत्री के इस संदेश ने न केवल फिल्म की टीम का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा संबल भी दिया है। स्टेज से शांति का संदेश: भावुक हुईं डायरेक्टरफिल्म की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के लिए यह उनकी पहली फीचर फिल्म Debut है, और पहली ही कोशिश में उन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ दी। अवॉर्ड लेते समय लक्ष्मीप्रिया ने अपनी स्पीच में मणिपुर की वर्तमान परिस्थितियों का जिक्र कर सबको भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना करती हूँ कि मणिपुर में जल्द ही शांति लौटे।” उन्होंने उन बच्चों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की जो राज्य की स्थितियों के कारण आंतरिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिनमें फिल्म के नन्हे कलाकार भी शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवॉर्ड उन बच्चों की मासूमियत और सपनों को वापस लाने में एक उम्मीद की किरण बनेगा।फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का प्रोडक्शनफिल्म ‘बूंग’ का निर्माण बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म मेकर्स फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर ने मिलकर किया है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में ‘टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ TIFF के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था, जहाँ इसे खूब सराहना मिली थी। क्या है ‘बूंग’ की भावुक कहानी?‘बूंग’ की कहानी मणिपुर की वादियों और वहाँ के सामाजिक परिवेश पर आधारित है। यह एक छोटे लड़के ‘बूंग’ की भावनात्मक यात्रा है, जिसका किरदार बाल कलाकार गुगुन किपगेन ने बखूबी निभाया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे बूंग अपनी सिंगल मदर मंदाकिनी के साथ रहते हुए, अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ मिलकर अपने लापता पिता को खोजने के सफर पर निकल पड़ता है। यह फिल्म केवल एक खोज नहीं, बल्कि परिवार, उम्मीद और मासूमियत की एक ऐसी दास्तां है जो सीधे दिल को छू लेती है।मणिपुर से निकली इस कहानी ने आज साबित कर दिया है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और सच्ची कहानियाँ पूरी दुनिया को प्रभावित करने की ताकत रखती हैं।