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क्या सच में बढ़ सकती है हाइट? जानिए आयुर्वेदिक डाइट और लाइफस्टाइल टिप्स

नई दिल्ली । आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर की वृद्धि केवल अनुवांशिकता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पाचन शक्ति (Agni), पोषण और हार्मोनल संतुलन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपायों से बढ़ते उम्र में भी शरीर की ग्रोथ को सपोर्ट किया जा सकता है, खासकर बच्चों और किशोरों में।  1. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां जो बढ़ा सकती हैं हाइटअश्वगंधायह सबसे प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी मानी जाती है। इसे शरीर की ताकत, मांसपेशियों की वृद्धि और हार्मोन बैलेंस के लिए उपयोग किया जाता है। नियमित सेवन से ग्रोथ हार्मोन को सपोर्ट मिलने की संभावना रहती है। शतावरीयह शरीर को पोषण देने और आंतरिक मजबूती बढ़ाने में मदद करती है। बच्चों में विकास और इम्युनिटी के लिए इसे लाभकारी माना गया है। आंवला विटामिन C से भरपूर आंवला हड्डियों और ऊतकों के विकास में सहायक होता है। यह शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करता है।  2. संतुलित आहार (Balanced Diet) क्यों जरूरी है?हाइट बढ़ाने के लिए शरीर को सही पोषण मिलना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद में कहा गया है कि: दूध और डेयरी उत्पादहरी सब्जियांसूखे मेवे (Dry Fruits)प्रोटीन युक्त आहारहड्डियों की ग्रोथ और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। जंक फूड और अत्यधिक तैलीय भोजन से बचने की सलाह दी जाती है।  3. जीवनशैली में बदलावआयुर्वेद के अनुसार सिर्फ आहार नहीं, बल्कि दिनचर्या भी महत्वपूर्ण है। नियमित योग और व्यायाम-ताड़ासनभुजंगासन सूर्य नमस्कारये आसन शरीर की स्ट्रेचिंग बढ़ाकर रीढ़ को मजबूत करते हैं पर्याप्त नींदगहरी नींद के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन सक्रिय होता है, इसलिए 7–9 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। धूप का महत्वसुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन D बढ़ाती है, जो हड्डियों के विकास के लिए जरूरी है।  महत्वपूर्ण बातआयुर्वेद के अनुसार हाइट बढ़ाने के उपाय सबसे ज्यादा असर बचपन और किशोरावस्था (growth age) में दिखाते हैं। वयस्क अवस्था में हाइट बढ़ने की संभावना सीमित होती है, लेकिन शरीर की मुद्रा (posture) और फिटनेस में सुधार जरूर किया जा सकता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से हाइट बढ़ाने के लिए कोई एक उपाय नहीं, बल्कि जड़ी-बूटियों, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली का संयोजन जरूरी है। नियमितता और सही दिनचर्या अपनाकर शरीर की प्राकृतिक वृद्धि प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।

गर्मी में घूमने के लिए मध्य प्रदेश की ठंडी जगहें, 5 दिन में पूरा करें यादगार सफर..

मध्य प्रदेश :गर्मी के मौसम में जब तापमान लगातार बढ़ता है, तब लोग ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जहां ठंडक, सुकून और प्राकृतिक सुंदरता एक साथ मिल सके। मध्य प्रदेश भारत का दिल कहा जाता है और यहां कई ऐसी पर्यटन स्थल मौजूद हैं जो गर्मियों में बेहतरीन ट्रैवल डेस्टिनेशन साबित होते हैं। पचमढ़ी से लेकर खजुराहो और पन्ना नेशनल पार्क तक, यह पूरा सफर प्रकृति, इतिहास और रोमांच का अनोखा अनुभव कराता है।पचमढ़ी: सतपुड़ा की रानी में ठंडी राहत यात्रा की शुरुआत पचमढ़ी से करना सबसे बेहतर माना जाता है। इसे सतपुड़ा की रानी कहा जाता है और यह मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है जहां गर्मियों में भी मौसम सुहावना रहता है। भोपाल से इसकी दूरी लगभग 200 किलोमीटर है, जिसे 5 से 6 घंटे में पूरा किया जा सकता है। यहां बी फॉल, धूपगढ़ और जटाशंकर मंदिर प्रमुख आकर्षण हैं। दो दिन के लिए यहां का अनुमानित खर्च लगभग 2000 से 4000 रुपये तक रहता है। सांची: इतिहास और शांति का संगम पचमढ़ी के बाद सांची की यात्रा की जा सकती है। भोपाल से लगभग 46 किलोमीटर दूर स्थित यह स्थान बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व पर्यटकों को आकर्षित करता है। यात्रा में लगभग 1 से 1.5 घंटे लगते हैं और खर्च 500 से 1500 रुपये तक हो सकता है।खजुराहो: विश्व धरोहर की अद्भुत कला सांची से आगे बढ़ते हुए खजुराहो पहुंचा जा सकता है, जो अपनी अद्भुत मंदिर वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सांची से इसकी दूरी लगभग 350 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से 7 से 8 घंटे लगते हैं। यहां के मंदिर भारतीय कला और संस्कृति की अनोखी झलक पेश करते हैं। इस यात्रा का अनुमानित खर्च 2000 से 3000 रुपये तक रहता है।पन्ना नेशनल पार्क: जंगल सफारी का रोमांच खजुराहो के पास ही पन्ना नेशनल पार्क स्थित है, जो वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहां टाइगर सफारी और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। खजुराहो से इसकी दूरी लगभग 25 किलोमीटर है और 30 से 40 मिनट में पहुंचा जा सकता है। सफारी सहित यहां का खर्च लगभग 1500 से 3000 रुपये तक होता है। पूरा ट्रैवल प्लान और खर्च यह पूरा सफर 4 से 5 दिनों में आसानी से पूरा किया जा सकता है। यात्रा की शुरुआत भोपाल से करते हुए पचमढ़ी, फिर सांची, उसके बाद खजुराहो और अंत में पन्ना नेशनल पार्क का दौरा किया जा सकता है। कुल दूरी लगभग 700 से 800 किलोमीटर रहती है। इस पूरे ट्रिप का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग 8000 से 15000 रुपये तक आ सकता है।

पहली बार हाइड्रा फेशियल कराने जा रहे हैं? इन 5 जरूरी बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बेहतर रिजल्ट

नई दिल्ली । हाइड्रा फेशियल एक एडवांस स्किन केयर ट्रीटमेंट है, जिसमें त्वचा की गहरी सफाई, एक्सफोलिएशन और हाइड्रेशन किया जाता है। यह प्रक्रिया त्वचा से डेड स्किन हटाकर उसे ग्लोइंग और फ्रेश बनाती है। आजकल प्रदूषण, धूल और तनाव की वजह से स्किन डल और बेजान हो जाती है। ऐसे में हाइड्रा फेशियल त्वचा को अंदर से रिवाइव करने में मदद करता है।  1. अपनी स्किन टाइप को समझना जरूरीहाइड्रा फेशियल कराने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी स्किन ऑयली, ड्राई या सेंसिटिव है। स्किन टाइप के अनुसार ही ट्रीटमेंट और प्रोडक्ट्स का चुनाव किया जाता है, जिससे बेहतर रिजल्ट मिलता है।  2. एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेंकिसी भी स्किन ट्रीटमेंट से पहले स्किन एक्सपर्ट की सलाह लेना बहुत जरूरी है। अगर आपको एलर्जी, एक्ने या कोई स्किन प्रॉब्लम है, तो उसे पहले ही बता दें ताकि सही ट्रीटमेंट चुना जा सके।  3. सही समय का चुनाव करेंहाइड्रा फेशियल में लगभग 30–45 मिनट लगते हैं। इसलिए इसे ऐसे समय पर कराएं जब आप रिलैक्स रह सकें और बाद में किसी जरूरी काम की जल्दबाजी न हो।  4. मेकअप से बचेंहाइड्रा फेशियल से पहले चेहरे पर मेकअप बिल्कुल न लगाएं। इससे स्किन की डीप क्लीनिंग अच्छे से होती है और ट्रीटमेंट का असर ज्यादा बेहतर मिलता है।  5. हमेशा एक्सपर्ट की निगरानी में कराएंयह ट्रीटमेंट हमेशा प्रशिक्षित एक्सपर्ट से ही करवाना चाहिए। अगर प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की जलन या असुविधा महसूस हो तो तुरंत बताना जरूरी है। पहली बार हाइड्रा फेशियल कराने से पहले थोड़ी सावधानी रखने से स्किन को बेहतरीन रिजल्ट मिल सकता है। सही तैयारी और एक्सपर्ट गाइडेंस के साथ आपकी त्वचा ग्लोइंग, फ्रेश और हेल्दी दिखती है।

दूध वाली नहीं, रोज पिएं लेमन ग्रास की चाय, शरीर को मिलेंगे जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली । आजकल लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए अपनी डाइट में हर्बल चीजों को शामिल कर रहे हैं। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय तेजी से लोगों की पसंद बनती जा रही है। यह सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेद में लेमन ग्रास को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है। अगर आप रोज सुबह दूध वाली चाय की जगह लेमन ग्रास टी पीते हैं, तो शरीर को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। पाचन तंत्र को बनाती है मजबूतलेमन ग्रास की चाय पेट के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। यह गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक होती है। रोजाना इसका सेवन करने से डाइजेशन बेहतर बना रहता है। शरीर की सूजन और इंफ्लेमेशन करे कमलेमन ग्रास में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं। जो लोग जोड़ों के दर्द या शरीर में सूजन की समस्या से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह चाय काफी लाभकारी मानी जाती है। इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगारमौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लेमन ग्रास की चाय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और संक्रमण से लड़ने में सहायता करते हैं। तनाव कम कर देती है राहतभागदौड़ भरी जिंदगी और काम का दबाव मानसिक तनाव बढ़ा देता है। लेमन ग्रास की चाय दिमाग को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकती है। इसे पीने से शरीर रिलैक्स महसूस करता है और नींद भी बेहतर आती है। वजन घटाने में भी हो सकती है मददगारअगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लेमन ग्रास टी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज कर सकती है। ऐसे बनाएं लेमन ग्रास की हेल्दी चा1 कप पानी लेंउसमें 4 से 5 ताजी लेमन ग्रास की पत्तियां डालें5 मिनट तक अच्छी तरह उबालेंचाहें तो इसमें थोड़ा शहद और नींबू मिला सकते हैंछानकर गर्मागर्म सेवन करें ध्यान रखेंज्यादा मात्रा में लेमन ग्रास टी पीने से कुछ लोगों को एलर्जी या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। किसी गंभीर बीमारी या प्रेग्नेंसी के दौरान सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

रात में करें ये देसी उपाय, सुबह तक कम हो सकते हैं कील-मुंहासे घर के नुस्खों से मिल सकती है राहत

कील-मुंहासे (acne) आजकल गलत खानपान, तनाव और ऑयली स्किन की वजह से बहुत आम हो गए हैं। हालांकि कोई भी उपाय “रातों-रात पूरी तरह खत्म” करने का दावा नहीं कर सकता, लेकिन कुछ देसी नुस्खे सूजन कम करने और पिंपल्स को शांत करने में मदद कर सकते हैं। 1. नीम का पेस्टनीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पिंपल्स पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं। नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाएं पिंपल्स पर हल्का लगाकर 20–30 मिनट बाद धो लें 2. शहद (Honey)शहद स्किन को सूद करता है और इंफेक्शन कम करने में मदद कर सकता है। थोड़ी मात्रा में शहद पिंपल पर लगाएं 15–20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें 3. आइस क्यूब (बर्फ)बर्फ लगाने से सूजन और लालिमा कम हो सकती है। बर्फ को कपड़े में लपेटकर पिंपल पर हल्के से लगाएं 1–2 मिनट से ज्यादा न रखें 4. एलोवेरा जेल एलोवेरा स्किन को ठंडक देता है और जलन कम करता है। ताजा एलोवेरा जेल लगाकर रातभर छोड़ सकते हैं सुबह चेहरा धो लें 5. हल्दी का हल्का इस्तेमाल हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। बहुत कम मात्रा में हल्दी + शहद मिलाकर लगाएं 15 मिनट बाद धो लें जरूरी सावधानियां पिंपल्स को बार-बार न छेड़ें या दबाएं नहीं बहुत ज्यादा घरेलू नुस्खे एक साथ न लगाएं अगर एक्ने गंभीर हों तो डॉक्टर से सलाह लें साफ तकिया कवर और तौलिया इस्तेमाल करें ध्यान रखेंये उपाय पिंपल्स की सूजन और रेडनेस कम करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन पूरी तरह एक रात में खत्म होना संभव नहीं होता। लगातार स्किन केयर और सही लाइफस्टाइल से ही स्थायी सुधार मिलता है।

चेहरे के ओपन पोर्स से छुटकारा पाना है? अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी साफ और ग्लोइंग ग्लास स्किन

नई दिल्ली ।आजकल धूल, प्रदूषण, ऑयली स्किन और गलत स्किन केयर रूटीन की वजह से चेहरे पर ओपन पोर्स यानी छोटे-छोटे गड्ढों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ये पोर्स चेहरे की खूबसूरती कम कर देते हैं और स्किन को अनइवन दिखाते हैं। कई लोग महंगे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपाय भी इस समस्या में काफी असरदार माने जाते हैं। अगर आप भी साफ, स्मूद और ग्लास जैसी चमकदार स्किन पाना चाहते हैं, तो कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। सबसे पहला उपाय बर्फ का इस्तेमाल माना जाता है। चेहरे पर हल्के हाथों से बर्फ रगड़ने से स्किन टाइट होती है और पोर्स छोटे दिखाई देने लगते हैं। यह स्किन को तुरंत फ्रेश लुक देने में भी मदद करता है। दूसरा उपाय मुल्तानी मिट्टी का फेस पैक है। मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त ऑयल को हटाकर स्किन को गहराई से साफ करती है। इसमें गुलाब जल मिलाकर लगाने से त्वचा को ठंडक मिलती है और पोर्स कम नजर आने लगते हैं। टमाटर का रस भी ओपन पोर्स की समस्या में फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद नैचुरल एसिड स्किन को टाइट करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से टमाटर का रस लगाने से चेहरा साफ और चमकदार दिख सकता है। एलोवेरा जेल भी स्किन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा को हाइड्रेट रखने के साथ पोर्स को साफ करने में मदद करता है। रात में सोने से पहले एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा को राहत मिल सकती है। इसके अलावा बेसन और दही का फेस पैक भी स्किन टाइट करने में असरदार माना जाता है। यह त्वचा से गंदगी हटाकर चेहरे को नेचुरल ग्लो देने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ओपन पोर्स की समस्या से बचने के लिए चेहरे को साफ रखना, पर्याप्त पानी पीना और ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स से दूरी बनाना भी जरूरी है। नियमित स्किन केयर और सही खानपान से त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनी रह सकती है।

सर्दियों में स्किन केयर का आसान तरीका, डार्क सर्कल और रूखापन दोनों होंगे दूर

नई दिल्ली । सर्दियों के मौसम में त्वचा की नमी कम होने लगती है, जिसका असर सबसे पहले आंखों के नीचे की नाजुक त्वचा पर दिखाई देता है। इसी कारण डार्क सर्कल यानी आंखों के नीचे काले घेरे की समस्या बढ़ जाती है। यह न सिर्फ चेहरे की खूबसूरती कम करते हैं, बल्कि थकान और तनाव भी चेहरे पर साफ नजर आने लगता है। ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ घरेलू नुस्खे भी इस समस्या में काफी असरदार माने जाते हैं। खासतौर पर नारियल तेल, एलोवेरा, हल्दी और वैसलीन से तैयार किया गया घरेलू मिश्रण त्वचा को पोषण देने और डार्क सर्कल कम करने में मदद कर सकता है। इस घरेलू उपाय के लिए एक चम्मच नारियल तेल, एक चम्मच वैसलीन, आधा चम्मच हल्दी पाउडर और एक चम्मच एलोवेरा जेल की जरूरत होती है। सबसे पहले एलोवेरा जेल को एक कटोरी में निकाल लें, फिर उसमें नारियल तेल, हल्दी और वैसलीन मिलाकर अच्छी तरह तैयार करें। रात में सोने से पहले इस मिश्रण को आंखों के नीचे हल्के हाथों से लगाएं और सुबह ठंडे पानी से चेहरा धो लें। नियमित रूप से इस्तेमाल करने पर कुछ ही दिनों में फर्क नजर आने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार नारियल तेल में मौजूद विटामिन ई और फैटी एसिड त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करते हैं, जबकि एलोवेरा त्वचा को ठंडक और राहत देता है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा की रंगत सुधारने में सहायक माने जाते हैं। इसके अलावा पर्याप्त नींद लेना, तनाव कम करना, पौष्टिक आहार लेना और आंखों की हल्की मसाज करना भी डार्क सर्कल कम करने में मददगार हो सकता है। अगर आप भी सर्दियों में चमकदार और फ्रेश स्किन पाना चाहते हैं, तो यह आसान घरेलू उपाय आपकी स्किन के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

सुबह पेट साफ नहीं होता? ये योगासन देंगे प्राकृतिक राहत और बढ़ाएंगे एनर्जी

नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार जिंदगी, गलत खानपान और तनावपूर्ण दिनचर्या के कारण कब्ज (Constipation) एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग सुबह उठते ही पेट साफ न होने की परेशानी से जूझते हैं, जिससे पूरा दिन भारीपन, सुस्ती और चिड़चिड़ापन बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दिन की शुरुआत सही योग और हल्के व्यायाम से की जाए तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। कुछ सरल योगासन न सिर्फ पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं, बल्कि शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स भी करते हैं।  1. सीटेड त्रियक ताड़ासन: आंतों को सक्रिय करने वाला आसनसुबह गुनगुना पानी पीने के बाद इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है। इसमें बैठकर शरीर को दाईं और बाईं ओर झुकाया जाता है। यह क्रिया आंतों को सक्रिय करती है और मल को बाहर निकालने में मदद करती है। नियमित अभ्यास से पेट हल्का महसूस होता है।  2. वज्रासन: पाचन शक्ति को मजबूत करने का सबसे आसान उपायवज्रासन को भोजन के बाद भी किया जा सकता है। घुटनों के बल बैठकर रीढ़ सीधी रखी जाती है।यह आसन पाचन क्रिया को सुधारता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है। रोज 5–10 मिनट अभ्यास बेहद लाभकारी होता है। 3. पवनमुक्तासन: गैस और सूजन से तुरंत राहतइस आसन में पीठ के बल लेटकर घुटनों को छाती की ओर लाया जाता है।यह पेट में जमा गैस को बाहर निकालने में मदद करता है और सूजन को कम करता है। इसे दोनों पैरों से बारी-बारी से करना चाहिए।  4. सुप्त उदराकर्षण आसन: आंतों की प्राकृतिक मसाजयह आसन लेटकर किया जाता है, जिसमें घुटनों को दाईं और बाईं ओर झुकाया जाता है।यह आंतों की हल्की मालिश करता है और मल को नीचे की ओर बढ़ाने में मदद करता है, जिससे पेट आसानी से साफ होता है।  5. पदोत्तानासन: पेट पर दबाव डालकर सफाई में मददगारखड़े होकर आगे झुकने वाला यह आसन पेट पर हल्का दबाव डालता है।इससे पाचन क्रिया तेज होती है और मल त्याग आसान होता है। कुछ सेकंड तक स्थिति में रहना लाभकारी होता है। नियमित अभ्यास से मिलेंगे कई फायदेविशेषज्ञों के अनुसार, इन योगासनों के साथ सुबह गुनगुना पानी पीना और हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहद फायदेमंद है।इनसे न सिर्फ कब्ज की समस्या दूर होती है, बल्कि:पाचन तंत्र मजबूत होता हैशरीर डिटॉक्स होता हैनींद बेहतर होती हैदिनभर ऊर्जा बनी रहती है कब्ज जैसी समस्या को दवाओं पर निर्भर हुए बिना भी नियंत्रित किया जा सकता है। अगर इन 5 सरल योगासनों को रोजाना जीवन में शामिल किया जाए, तो कुछ ही दिनों में पेट की समस्याओं में काफी सुधार देखा जा सकता है और शरीर अधिक हल्का व सक्रिय महसूस करता है।

गर्मी से बचाव: तेज धूप और लू में कैसे रखें सेहत का ध्यान, जानिए आसान टिप्स

नई दिल्ली । भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और गर्म हवाओं यानी लू का असर भी लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। गर्मियों के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान और स्किन से जुड़ी समस्याओं की होती है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने रोजमर्रा के जीवन में कुछ छोटे बदलाव करके खुद को सुरक्षित रखें। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में शरीर का तापमान संतुलित रखना सबसे जरूरी होता है। इसके लिए सही खानपान, पर्याप्त पानी और हल्का आहार बेहद जरूरी है। हाइड्रेशन है सबसे जरूरी कदमगर्मी में शरीर को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत होती है। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और फलों का रस शरीर को ठंडक देने में मदद करते हैं। खीरा, तरबूज और संतरा जैसे फल गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखते हैं और ऊर्जा भी बनाए रखते हैं। कैफीन और ज्यादा शुगर वाले ड्रिंक्स से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर को और ज्यादा डिहाइड्रेट कर सकते हैं।  घरेलू उपाय जो गर्मी में देंगे राहतगर्मी से राहत पाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय भी बहुत फायदेमंद होते हैं। जैसे रात को सोने से पहले गुलाब जल और ठंडे पानी से चेहरा धोना त्वचा को ठंडक देता है। पुदीना और बेल का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखता है। वहीं एलोवेरा जूस और सत्तू भी गर्मी में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं।  कपड़ों का चुनाव भी है अहमगर्मी में हल्के और ढीले कपड़े पहनना सबसे बेहतर होता है। कॉटन के कपड़े शरीर को हवा लगने देते हैं और पसीना सोख लेते हैं। गहरे रंगों की जगह हल्के रंग जैसे सफेद, हल्का नीला या हरा पहनना ज्यादा आरामदायक रहता है। गर्मी में किन गलतियों से बचेंदोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इस समय लू का खतरा सबसे ज्यादा होता है। खाली पेट बाहर जाना या बिना पानी पिए लंबे समय तक रहना भी नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा मसालेदार और तला हुआ खाना गर्मी में पाचन पर असर डालता है, इसलिए हल्का और ताजा भोजन लेना चाहिए। गर्मी का मौसम चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही सावधानियों और जीवनशैली में छोटे बदलाव करके इसे आरामदायक बनाया जा सकता है। शरीर को हाइड्रेट रखना, सही खानपान और धूप से बचाव ही गर्मी से बचने का सबसे आसान तरीका है।

क्या गर्मी में नुकसान पहुंचा सकता है मेथी दाना? सेवन से पहले जान लें ये जरूरी बातें

नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। इस दौरान लोग शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखने के लिए कई घरेलू उपाय अपनाते हैं। मेथी दाना भी इन्हीं चीजों में शामिल है, जिसे आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। हालांकि, गर्मियों में इसका सेवन करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार मेथी दाने की तासीर गर्म मानी जाती है। यही वजह है कि इसका अधिक सेवन गर्मियों में शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। लेकिन सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए तो यह शरीर को कई फायदे भी पहुंचा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार मेथी दाना पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और कमजोरी दूर करने में सहायक माने जाते हैं। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने और वजन घटाने में भी मददगार माना जाता है। गर्मियों में मेथी दाने का सेवन भिगोकर करना ज्यादा लाभकारी माना जाता है। रातभर पानी में भिगोए गए मेथी दानों को सुबह खाली पेट खाने से शरीर को ठंडक मिल सकती है और पाचन भी बेहतर रहता है। कई लोग इसका पानी पीना भी पसंद करते हैं। हालांकि आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि जरूरत से ज्यादा मेथी दाना खाने से शरीर में गर्मी, एसिडिटी, पेट में जलन और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर जिन लोगों की बॉडी हीट ज्यादा रहती है, उन्हें सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को मेथी दाने का सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए। अगर संतुलित मात्रा में और सही तरीके से सेवन किया जाए, तो मेथी दाना गर्मियों में भी शरीर के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।