बुध के नक्षत्र परिवर्तन से इन राशियों पर बरसेगा धन और सफलता का आशीर्वाद

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, संचार और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में बुध का नक्षत्र परिवर्तन विशेष महत्व रखता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जून 2026 को बुध देव राहु के आर्द्रा नक्षत्र से निकलकर देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाले पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह अवधि विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है। कब होगा बुध का नक्षत्र परिवर्तन?पंचांग के अनुसार, 11 जून 2026, गुरुवार को सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर बुध पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। खास बात यह है कि बुध इस नक्षत्र में लंबे समय तक रहेंगे और 8 अगस्त 2026 तक यहीं विराजमान रहेंगे। इस दौरान बुध की वक्री और मार्गी चाल का प्रभाव भी देखने को मिलेगा। पुनर्वसु नक्षत्र आकाश मंडल का सातवां नक्षत्र माना जाता है, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। गुरु के नक्षत्र में बुध का प्रवेश ज्ञान, विवेक, शिक्षा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इन राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वारवृषभ राशिबुध का यह गोचर वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे और धन आगमन के अवसर बढ़ेंगे। परिवार के साथ धार्मिक या मनोरंजक यात्रा का योग बन सकता है। पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की भी संभावना है। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों को करियर में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पदोन्नति या वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं। व्यापार में लाभ की संभावना रहेगी तथा लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है। व्यक्तिगत जीवन में भी सुधार देखने को मिलेगा। वाणी में मधुरता बढ़ेगी, जिससे सामाजिक प्रतिष्ठा मजबूत होगी। संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिलने की संभावना है। सिंह राशिसिंह राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति का संकेत दे रहा है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी तथा पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और कार्यस्थल पर लंबे समय से चल रहे विवादों या तनाव से राहत मिलने की संभावना है। कन्या राशिकन्या राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर नई शुरुआत और उपलब्धियों का संकेत लेकर आ रहा है। नया व्यापार शुरू करने या किसी नई योजना पर काम करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। वाहन या संपत्ति खरीदने के अवसर भी बन सकते हैं। रचनात्मक क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। बैंकिंग, शिक्षा, लेखन और बौद्धिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है। सरकारी कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। ज्ञान और समृद्धि का विशेष योगज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बृहस्पति के नक्षत्र में बुध का प्रवेश बुद्धि, शिक्षा, संवाद कौशल और आर्थिक मामलों में सकारात्मक प्रभाव ला सकता है। 11 जून से 8 अगस्त तक की यह अवधि कई लोगों के लिए नए अवसरों, आर्थिक मजबूती और व्यक्तिगत विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
मंगलवार व्रत-पूजा विधि: बजरंगबली को ऐसे करें प्रसन्न, दूर होंगे संकट और बरसेगी कृपा

नई दिल्ली । सनातन धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। संकटमोचन हनुमान की आराधना के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त मंगलवार का व्रत रखकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं, उनके जीवन से दुख, संकट, भय और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। साथ ही मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव भी कम होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मंगलवार व्रत की शुरुआत प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने से होती है। स्नान के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को साफ करके भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर पूजा प्रारंभ करें। हनुमानजी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि बजरंगबली को सिंदूर अत्यंत प्रिय है, इसलिए सिंदूर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। जो लोग पूरा सुंदरकांड नहीं पढ़ सकते, वे कम से कम हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ अवश्य करें। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से मनोबल बढ़ता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करते हैं। कई लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं, जबकि कुछ फलाहार का सेवन करते हैं। इस दिन लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशीली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। व्रत का पारण सूर्यास्त के बाद या पूजा सम्पन्न होने के बाद किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनकी कुंडली में मंगल दोष हो या जो भूमि, भवन, नौकरी, व्यापार अथवा विवाह संबंधी बाधाओं का सामना कर रहे हों। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। मंगलवार के दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। गरीब और जरूरतमंद लोगों को गुड़, मसूर की दाल, लाल वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ माना जाता है। यह पुण्य के साथ-साथ ग्रहों की अनुकूलता बढ़ाने वाला भी माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से मंगलवार का व्रत केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, अनुशासन और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है। श्रद्धा, भक्ति और सच्चे मन से किए गए व्रत-पूजन से भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति, साहस तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
मंगलवार को करें ये खास उपाय, हनुमानजी की कृपा से दूर होंगे संकट और चमकेगा भाग्य

नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है। मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान की आराधना के लिए जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से भय, रोग, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि देशभर के हनुमान मंदिरों में मंगलवार को श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से भी माना जाता है। मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, संपत्ति और नेतृत्व क्षमता का कारक है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर हो या मंगल दोष हो, तो मंगलवार के दिन किए गए धार्मिक उपाय लाभकारी माने जाते हैं। इस दिन सुबह स्नान के बाद स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण कर भगवान हनुमान का स्मरण करना शुभ माना जाता है। मंगलवार को हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इनका श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान मंदिर में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मंगलवार को जरूरतमंद लोगों को दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लाल वस्त्र, मसूर की दाल, गुड़, तांबे की वस्तुएं या भोजन का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही यह मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने में भी सहायक माना जाता है। मंगलवार के दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह भी दी जाती है। कई परंपराओं में इस दिन अनावश्यक विवाद, क्रोध और कटु वचन बोलने से बचने की बात कही गई है। माना जाता है कि ऐसा करने से मंगल ग्रह का सकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। इसके अलावा घर में शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जो लोग नौकरी, व्यापार या करियर में लगातार बाधाओं का सामना कर रहे हैं, वे मंगलवार को हनुमानजी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर प्रार्थना करें। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक मजबूती प्रदान करने वाला माना जाता है। वहीं विद्यार्थी इस दिन अध्ययन शुरू करने से पहले हनुमानजी का स्मरण करें तो एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है। कुल मिलाकर मंगलवार केवल पूजा-पाठ का दिन नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को अपनाने का भी संदेश देता है। श्रद्धा, संयम और सद्कर्म के साथ बिताया गया मंगलवार जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
मेष राशिफल 9 जून 2026: कार्यक्षेत्र में मिलेगी प्रशंसा, व्यापार में लाभ के योग

नई दिल्ली । मेष राशि के जातकों के लिए 9 जून 2026 का दिन सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत, रचनात्मक सोच और कार्यकुशलता का प्रभाव साफ दिखाई देगा। लंबे समय से जिस काम में आप प्रयास कर रहे थे, उसमें सफलता मिलने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारी और सहकर्मी आपके प्रदर्शन की सराहना करेंगे, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक पूरा करने पर प्रशंसा और सम्मान मिल सकता है। नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं, जो भविष्य में तरक्की के रास्ते खोलेंगी। हालांकि कार्य की अधिकता के कारण मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी होगा। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी दिन लाभदायक रहने वाला है। अचानक किसी नए सौदे, ग्राहक या निवेश से आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। कारोबार में विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। यदि किसी नए प्रोजेक्ट पर विचार कर रहे हैं तो परिस्थितियां आपके पक्ष में रह सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर रहेगी। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना भी आवश्यक होगा। निवेश संबंधी फैसले सोच-समझकर लें। पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करने से रिश्तों में तनाव आ सकता है। इसलिए अपनी वाणी और व्यवहार पर विशेष ध्यान दें। स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन परेशानी का कारण बन सकते हैं। योग, ध्यान और सकारात्मक सोच आपको संतुलित बनाए रखने में मदद करेंगे। कुल मिलाकर, मेष राशि वालों के लिए 9 जून का दिन सफलता, सम्मान और आर्थिक लाभ के अवसर लेकर आएगा। यदि आप अपने गुस्से और भावनाओं पर नियंत्रण रखेंगे तो दिन और भी बेहतर साबित हो सकता है।
9 जून का राशिफल: किस्मत देगी साथ या बढ़ेंगी चुनौतियां? जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्यफल

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार 9 जून 2026, मंगलवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। मंगलवार भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है और इस दिन उनकी पूजा करने से भय, रोग और संकटों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि यह दिन आपके लिए क्या संदेश लेकर आया है। मेष राशि के जातकों के लिए प्रेम जीवन सुखद और संतुलित रहेगा। कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों को आप अपनी मेहनत और लगन से सफलतापूर्वक संभाल पाएंगे। हालांकि आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। निजी समस्याओं को कार्यस्थल पर हावी न होने दें। वृषभ राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। आर्थिक मामलों में छोटी-मोटी परेशानियां सामने आ सकती हैं, लेकिन दोस्तों और शुभचिंतकों का सहयोग मिलेगा। नई चीजें सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर प्राप्त होगा। किसी भी बड़े निर्णय से पहले सोच-समझकर योजना बनाएं। मिथुन राशि के लोगों को अपने रिश्तों में खुलकर संवाद बनाए रखना चाहिए। सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आपको नई उपलब्धियों की ओर ले जाएगा। पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। कर्क राशि वालों के लिए पारिवारिक और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। कार्यस्थल पर प्रदर्शन बेहतर रहेगा और प्रेम संबंधों में भी मधुरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहने के संकेत हैं। सिंह राशि के जातकों को टीम वर्क पर विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्षेत्र में नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में राहत मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। कन्या राशि के लिए दिन व्यस्त लेकिन लाभदायक रहेगा। प्रेम जीवन में खुशियां बनी रहेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां आपको सतर्क रहने का संकेत दे रही हैं। अनुशासन और नियमितता सफलता दिलाएंगे। तुला राशि वालों को निजी और पेशेवर जीवन में ईमानदारी बनाए रखनी होगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी और आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। प्रेम संबंधों में अधिक समय देने से रिश्ते मजबूत होंगे। वृश्चिक राशि के लोगों का दिन रोमांस और भावनात्मक अनुभवों से भरपूर रह सकता है। हालांकि आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। रिश्तों में संवाद की कमी न होने दें। धनु राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। प्रेम संबंधों में समझदारी और धैर्य दिखाने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में कठिन लक्ष्यों को भी आप सफलतापूर्वक पूरा कर पाएंगे। आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों ही पक्ष मजबूत रहेंगे। मकर राशि वालों को करियर में सफलता मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक संबंधों को समय देना जरूरी होगा। निवेश संबंधी फैसलों में सावधानी बरतें और सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता दें। कुंभ राशि के जातकों को रिश्तों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन धैर्य और समझदारी से आप उन्हें पार कर लेंगे। आर्थिक और स्वास्थ्य की स्थिति सामान्य रहेगी। मीन राशि वालों के लिए प्रेम जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। नए कार्य चुनौतीपूर्ण महसूस होंगे, लेकिन आपकी मेहनत उन्हें सफलता तक पहुंचाएगी। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखने की जरूरत होगी। ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो 9 जून का दिन अधिकांश राशियों के लिए अवसरों और नई संभावनाओं से भरा रहेगा। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य, आर्थिक निर्णयों और रिश्तों के मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
स्टोर रूम की सफाई से लेकर वन विभाग की मदद तक, बारिश के मौसम में इन जरूरी घरेलू सुरक्षा नियमों का करें पालन

नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही आम नागरिकों के लिए मौसमी बीमारियों के अलावा एक और बड़ा और गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। भारी बारिश, जलभराव और जमीन के भीतर नमी बढ़ने के कारण सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले रेंगने वाले जीव अपने प्राकृतिक आवासों यानी बिलों से बाहर निकलने के लिए मजबूर हो जाते हैं। सुरक्षित और सूखी जगहों की तलाश में ये जीव अक्सर इंसानी बस्तियों, घरों के बगीचों, स्टोर रूम और बेसमेंट जैसी जगहों पर शरण ले लेते हैं। इस स्थिति से निपटने और अपने परिवार को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए गृह स्वामियों को कुछ विशेष और महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों को अमल में लाने की तत्काल आवश्यकता है। घरेलू सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे पहला और बुनियादी कदम घर के आसपास के बाहरी वातावरण को पूरी तरह से साफ-सुथरा रखना है। घर के परिसर या बगीचे में जमा होने वाले कचरे, सूखी लकड़ियों के गट्ठर, पुरानी ईंटों के ढेर और बेतरतीब उगी झाड़ियों को तुरंत साफ किया जाना चाहिए, क्योंकि ये स्थान सांप और बिच्छुओं के छिपने के लिए सबसे अनुकूल माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि घर के लॉन या आसपास के मैदान में घास अधिक बढ़ गई है, तो उसकी नियमित रूप से छंटाई कराना अनिवार्य है, ताकि खुले और साफ स्थान पर ये जीव ठहर न सकें। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के अगले चरण में घर के भौतिक ढांचे का बारीकी से निरीक्षण करना आवश्यक है। भवन की दीवारों, खिड़कियों के कोनों, मुख्य दरवाजों के निचले हिस्सों और फर्श में मौजूद किसी भी प्रकार की छोटी-बड़ी दरारों या गैप की सघन जांच की जानी चाहिए। बिच्छू और छोटे सांप बेहद महीन दरारों के रास्ते भी घर के भीतर सुगमता से प्रवेश कर जाते हैं। अतः ऐसी किसी भी संभावित एंट्री पॉइंट या झिरी के दिखाई देने पर उसे अविलंब सीमेंट, सिलिकॉन सीलेंट या अन्य मजबूत निर्माण सामग्री की सहायता से पूरी तरह एयरटाइट बंद कर देना चाहिए। बरसात के दिनों में घर के आंतरिक वातावरण को सूखा रखना और वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करना भी सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। स्टोर रूम, बेसमेंट और घर के उन कोनों में जहां हवा और रोशनी कम पहुंचती है, वहां नियमित रूप से सफाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जाना चाहिए। अक्सर लोग जूते, चप्पल, पुराने कपड़े या कार्डबोर्ड के बक्से लंबे समय तक एक ही स्थान पर रख देते हैं, जो इन जीवों के लिए छिपने का आदर्श स्थान बन जाते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में किसी भी रखे हुए सामान, कपड़ों या जूतों का उपयोग करने से पहले उन्हें एक बार अच्छी तरह से झाड़कर और जांचकर ही इस्तेमाल में लाएं। इन तमाम सावधानियों के बावजूद यदि कभी घर के भीतर या आसपास कोई जहरीला सांप अथवा अन्य जीव दिखाई दे, तो नागरिकों को अत्यधिक संयम बरतने की आवश्यकता है। ऐसी आपातकालीन स्थिति में जीव को खुद पकड़ने, सहलाने या लाठी-डंडों से मारने का प्रयास बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि भयभीत होने पर ये जीव और अधिक आक्रामक होकर हमला कर सकते हैं। इसके स्थान पर स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों, पशु बचाव दल (एनिमल रेस्क्यू टीम) या किसी प्रमाणित और प्रशिक्षित सर्प विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए, जो आधुनिक उपकरणों की मदद से सुरक्षित रूप से जीव को वहां से रेस्क्यू कर सकें।
11 जून को व्रत-पूजा से मिल सकता है विशेष लाभ, ज्योतिषीय दृष्टि से अहम दिन

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन 11 जून 2026 का दिन और भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि इस दिन परमा एकादशी का दुर्लभ योग बन रहा है। यह एकादशी अधिकमास यानी पुरुषोत्तम मास में पड़ रही है, जो तीन साल में एक बार आता है। यही कारण है कि इस दिन का महत्व सामान्य एकादशी से कई गुना अधिक बताया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी को मोक्षदायिनी तिथि माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से 100 यज्ञों के बराबर फल प्राप्त होता है। साथ ही जीवन में धन, समृद्धि और सुख-शांति का वास होता है। यही नहीं, यह व्रत पापों के नाश और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग भी खोलता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 जून 2026 को सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी और उसी दिन रात 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को ही रखा जाएगा। इसके अगले दिन 12 जून को व्रत का पारण किया जाएगा, जिसका शुभ समय सुबह 5 बजकर 23 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक बताया गया है। परमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष पूजा का विधान है। पूजा के दौरान पीले वस्त्रों का उपयोग शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त पीले कपड़े पर चांदी का सिक्का और हल्दी की गांठ रखकर पूजा करते हैं और उसे बाद में तिजोरी या धन स्थान पर रख देते हैं। मान्यता है कि इससे घर में धन और समृद्धि बढ़ती है। इसके अलावा इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का चौमुखी दीपक जलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है। दीपक में हल्दी या कुमकुम मिलाना शुभ माना जाता है। भक्त तुलसी की परिक्रमा करते हुए मां लक्ष्मी से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। हालांकि परिक्रमा के दौरान तुलसी पौधे को स्पर्श नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह भी कहा गया है कि यदि इस दिन व्रत और पूजा का अवसर चूक गया, तो ऐसा दुर्लभ योग लंबे समय तक फिर नहीं मिलता। यही कारण है कि श्रद्धालु इस तिथि को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं। परमा एकादशी केवल एक व्रत नहीं बल्कि आस्था, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक मानी जाती है। यह दिन भक्तों को भगवान विष्णु की भक्ति में लीन होकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने का अवसर प्रदान करता है।
सोमवार वास्तु टिप्स: घर में इन उपायों से बढ़ेगी शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा

नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र के अनुसार सोमवार का संबंध चंद्रमा और जल तत्व से होता है। यह दिन मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन से जुड़ा माना जाता है। इसलिए इस दिन किए गए छोटे-छोटे वास्तु उपाय भी जीवन में बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। 1. घर की सफाई और हल्कापन रखेसोमवार के दिन घर की विशेष सफाई करना शुभ माना जाता है। बेकार और टूटी-फूटी वस्तुओं को घर से बाहर निकालने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और मानसिक तनाव घटता है। 2. उत्तर-पूर्व दिशा को साफ और हल्का रखेंवास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिशा में भारी सामान या गंदगी नहीं होनी चाहिए। सोमवार को इस क्षेत्र को साफ रखना विशेष रूप से लाभकारी होता है। 3. पानी से जुड़े उपाय करेंचंद्रमा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए सोमवार को घर में साफ पानी रखना, पानी के बर्तन भरकर रखना या पौधों को जल देना शुभ माना जाता है। इससे मानसिक शांति बढ़ती है। 4. शिवलिंग या शिव प्रतिमा की स्थापनाघर में यदि शिव प्रतिमा या शिवलिंग हो तो उसे स्वच्छ स्थान पर रखें। सोमवार को जल और बेलपत्र अर्पित करना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। 5. सफेद रंग का उपयोग बढ़ाएंसोमवार के दिन सफेद रंग का उपयोग करना शुभ माना जाता है। सफेद कपड़े, सफेद फूल या सफेद वस्तुएं घर में रखने से चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 6. दीपक और सुगंध का उपयोगघर में घी का दीपक जलाना और हल्की सुगंध (अगरबत्ती या धूप) करना वातावरण को शांत और पवित्र बनाता है। इससे मानसिक तनाव कम होता है। 7. मुख्य द्वार को साफ और सुसज्जित रखेंमुख्य द्वार को साफ रखना और वहां हल्की सजावट करना सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को बढ़ाता है। सोमवार को विशेष रूप से यह उपाय शुभ माना जाता है। सोमवार के दिन किए गए वास्तु उपाय न केवल घर का वातावरण शांत बनाते हैं बल्कि मानसिक संतुलन और आर्थिक समृद्धि में भी मदद करते हैं। सरल बदलावों से जीवन में बड़ा सकारात्मक असर देखा जा सकता है।
सोमवार विशेष: शिवलिंग पूजा से महादेव होंगे प्रसन्न, जानिए कौन-सी चीजें चढ़ाना है सबसे शुभ

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सोमवार को भगवान शिव का अत्यंत प्रिय दिन माना गया है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शिव पूजा से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग पर सही विधि से अर्पित की गई वस्तुएं न केवल पूजा का फल बढ़ाती हैं, बल्कि जीवन की बाधाओं को भी दूर करती हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि शिवलिंग पर अर्पण की गई प्रत्येक सामग्री का अलग-अलग महत्व होता है, जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक होती है। गंगाजल से होती है शुद्धि और शांतिसोमवार को शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना अत्यंत पवित्र माना गया है। इससे न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि मन की अशांति भी दूर होती है। यह उपाय मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है। बेलपत्र: भगवान शिव का सबसे प्रिय पत्रशिवलिंग पर तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे उल्टा करके अर्पित करने की परंपरा भी है। मान्यता है कि बेलपत्र चढ़ाने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। धतूरा और आक का फूल: बाधाओं का नाशधतूरा और आक का फूल भगवान शिव को विशेष रूप से प्रिय माने जाते हैं। इन्हें शिवलिंग पर अर्पित करने से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने में सहायक माना जाता है। शहद और दूध से मिलता है सुख-समृद्धि का आशीर्वादशिवलिंग पर शहद अर्पित करने से जीवन में मिठास और सकारात्मकता बढ़ती है। वहीं, कच्चे दूध से अभिषेक करने पर मानसिक तनाव कम होता है और दही से अभिषेक करने पर जीवन में स्थिरता आती है। घी चढ़ाने से ऊर्जा और आत्मबल में वृद्धि होती है। चंदन और शमी के फूल का महत्वशिवलिंग पर चंदन लगाने से मन को शीतलता और शांति मिलती है। वहीं शमी के फूल अर्पित करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। यह पूजा विधि भक्तों के जीवन में संतुलन और सौभाग्य लाने वाली मानी जाती है। सोमवार के दिन श्रद्धा और नियम से शिवलिंग की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गंगाजल, बेलपत्र, दूध, दही, शहद और अन्य पवित्र वस्तुओं का अर्पण न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि मानसिक शांति और सुख-समृद्धि भी प्रदान करता है।
सोमवार व्रत विधि और पूजा: भगवान शिव को प्रसन्न करने की सरल एवं प्रभावी विधि

नई दिल्ली। सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्रमा से जुड़ा माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत रखने और शिव पूजा करने से मन शांत होता है, वैवाहिक जीवन में सुख आता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत विशेष रूप से अविवाहित कन्याओं और शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सोमवार व्रत विधि (Step by Step)1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करेंव्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। संभव हो तो सफेद कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। 2. व्रत का संकल्प लेंघर या मंदिर में भगवान शिव के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें कि आप पूरे दिन उपवास रखेंगे और शिव पूजा करेंगे। 3. शिवलिंग का अभिषेक करेंशिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। इसके बाद साफ जल से पुनः स्नान कराएं। 4. बेलपत्र अर्पित करेंतीन पत्तियों वाला बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसे शुद्ध करके उल्टा करके अर्पित करें। 5. धतूरा, आक के फूल और शमी पत्र चढ़ाएंये सभी वस्तुएं शिवजी को प्रिय मानी जाती हैं और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती हैं। 6. चंदन और भस्म लगाएंशिवलिंग पर चंदन का तिलक करें और यदि उपलब्ध हो तो भस्म अर्पित करें। 7. मंत्र जाप करें“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें। यह सबसे सरल और प्रभावी शिव मंत्र माना जाता है। 8. आरती करेंदीपक जलाकर शिवजी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। सोमवार व्रत में क्या खाएंफलाहार करें (फल, दूध, दही, साबूदाना)अनाज और भारी भोजन से बचें (व्रत नियम अनुसार)नमक का सेवन व्रत के प्रकार पर निर्भर करता है (निर्जला/सामान्य व्रत)सोमवार व्रत खोलने की विधिशाम को शिव पूजा के बाद फल या हल्का भोजन करके व्रत खोला जाता है। पहले भगवान शिव को भोग लगाना जरूरी माना जाता है। सोमवार व्रत सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। श्रद्धा और नियम से की गई शिव पूजा जीवन में शांति, स्थिरता और सफलता प्रदान करती है।