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आज का पंचांग 13 मार्च 2026 चैत्र कृष्ण दशमी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त राहुकाल और ग्रहों की स्थिति

नई दिल्ली। आज शुक्रवार 13 मार्च 2026 चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। इस दिन दशा माता व्रत भी रखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में स्थित रहेगा जिससे आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी और नेतृत्व क्षमता प्रबल होगी। आज की तिथि कृष्ण दशमी है जो पूर्ण रात्रि तक रहेगी। प्रातः 10:32 बजे तक व्यक्तिपात योग रहेगा। करण वणिज सायं 07:23 बजे तक प्रभावी रहेगा और इसके बाद विश्टि करण पूरी रात रहेगा। सूर्योदय प्रातः 06:33 बजे और सूर्यास्त सायं 06:28 बजे होगा। चंद्रमा 14 मार्च को रात्रि 03:30 बजे उदय होगा और दोपहर 12:54 बजे अस्त होगा। ग्रहों की स्थिति देखें तो सूर्य कुंभ राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित है। आज का नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र है जो 14 मार्च रात्रि 03:03 बजे तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र धनु राशि के 13°20’ से 26°40’ तक फैला है और इसके स्वामी शुक्र हैं जबकि राशि स्वामी बृहस्पति हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र व्यक्ति में साहस आत्मविश्वास उदारता और सामाजिक लोकप्रियता बढ़ाता है। हालांकि अहंकार और खर्चीले स्वभाव से बचने की सलाह भी दी जाती है। आज के शुभ मुहूर्त में अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:55 बजे तक रहेगा। यह समय पूजा, नया कार्य शुरू करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल रात्रि 09:47 से 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं आज के अशुभ समय में राहुकाल प्रातः 11:01 से 12:31 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गुलिकाल प्रातः 08:03 से 09:32 बजे तक और यमगंड दोपहर 03:29 से सायं 04:59 बजे तक रहेगा। राहुकाल में किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। धार्मिक दृष्टि से आज दशा माता व्रत रखने वाले श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए व्रत रखते हैं। अभिजीत मुहूर्त में किए जाने वाले कार्य शुभ और फलदायी माने जाते हैं। इस दिन चंद्रमा की स्थिति आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि के साथ-साथ समाज में प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ाती है। इस प्रकार 13 मार्च 2026 का पंचांग सभी धार्मिक कर्मों और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मार्गदर्शक साबित होता है। सुबह के शुभ समय से लेकर दोपहर के अभिजीत मुहूर्त और शाम के राहुकाल तक की जानकारी का पालन करने से दिन की सफलता और शुभता सुनिश्चित होती है। आज का दिन अपने आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाने के लिए भी अनुकूल है।

शुक्रवार का राशिफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – ग्रीष्मचैत्र कृष्ण पक्ष दशमी, शुक्रवार, 13 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।मेष राशि :- यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम पर पैनी नजर रखिए। यात्रा आवश्यक होगी। शुभांक-5-7-9वृष राशि :- लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर प्रपंच में ना पड़कर काम पर ध्यान दीजिए। इच्छित कार्य सफल होंगे। शुभांक-6-8-9मिथुन राशि :- दुर्लभ स्वप्न साकार होंगे। आलस्य का त्याग करें। पुरुषार्थ का सहारा लें। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य लाभ में समय और धन व्यय होगा। शुभांक-7-8-9कर्क राशि :- विवाद समाप्त होंगे। शुभ संदेशों से मन खिला-खिला रहेगा। परेशानीयां स्वत: ही दूर होती प्रतीत होगी। अध्ययन में रुचि पैदा होगी। अभिभावकों के प्रति उत्तरदायित्व निभाने होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। स्त्री, संतान, मित्र के साथ मनोविनोद बढ़ेगे। शुभांक-4-6-9सिंह राशि :- नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-4-6-8कन्या राशि :- अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। आवेश में आना आपके हित में नहीं होगा, इसलिए व्यवहार व वाणी पर नियंत्रण रखें। पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। बाहरी सहयोग की अपेक्षा रहेगी। विपरीत परिस्थितियों में भी हानि नहीं होगी। शुभांक-3-6-9तुला राशि :- व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। आलस्य का त्याग करें। कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। लेन-देन में अस्पष्टता ठीक नहीं। स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। शुभांक-5-7-8वृश्चिक राशि :- समय पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने का प्रयास होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। पुराने मित्र से मिलन होगा। स्वविवेक से कार्य करें। शुभांक-3-5-7धनु राशि :- पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-3-6-7मकर राशि :- जीवनसाथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर रहेगा। हित के काम में आ रही बाधा मध्याह्न पश्चात् दूर हो जाएगी। अपने काम आसानी से बनते चले जाएंग। साथ ही आगे के लिए रास्ता भी बन जाएगा। इच्छित कार्य पूर्ण होंगे। शुभांक-3-5-7कुंभ राशि :- कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। नवीन उद्योगों के अवसर बढ़ेंगे व अभिलाषाएं पूर्ण होगी। कुछ भ्रामक धारणाओं का खंडन होगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। शुभांक-2-4-6मीन राशि :- अपनी गतिविधियों पर पुनर्विचार करें। वैचारिक द्वन्द्व और असंतोष बना रहेगा। किसी सूचना से पूर्ण निर्णय सम्भव। सुख आरोग्य प्रभावित होगा। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान रहेगा। शुभांक-3-5-7

DEVKINANDAN THAKUR MAHARAJ: भागवत कथा से पहले शिवपुरी में निकली भव्य पदयात्रा, 17 मार्च से देवकीनंदन ठाकुर सुनाएंगे कथा

DEVKINANADAN JI MAHARAJ

HIHLIGHTS: शिवपुरी में 17 मार्च से होगी श्रीमद्भागवत कथा बलारी माता मंदिर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक निकली पदयात्रा संतों और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर किया स्वागत 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ का भी होगा आयोजन महामंडलेश्वर स्वामी नीलमणिदास जी के सानिध्य में कार्यक्रम DEVKINANDAN THAKUR MAHARAJ: ग्वालियर। शिवपुरी में आगामी 17 मार्च से आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा से पहले शहर में भव्य पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा बलारी माता मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और महिलाएं शामिल हुईं। उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना संतों का पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत पदयात्रा के दौरान शहर के कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने संतों और साधु-महात्माओं का फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल रहे। पानी के नीचे छिपी ईरान की ग़दीर मिनी सबमरीन: अमेरिका के लिए क्यों बढ़ी चिंता? संस्कृति से जुड़ने का संदेश खेड़ापति पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी नीलमणिदास जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि आज की नई पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में अपने मूल संस्कारों और त्योहारों से दूर होती जा रही है। उन्होंने गुड़ी पड़वा को हिंदू नववर्ष का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ का भी होगा आयोजन स्वामी नीलमणिदास जी महाराज ने बताया कि 17 मार्च से शिवपुरी में 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसी के साथ विश्वविख्यात कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना समाज में समरसता का संदेश मोहित दास जी महाराज ने इस आयोजन को समाज में समरसता और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम लोगों को धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं।  

शुक्रवार व्रत का महत्व: मां लक्ष्मी की कृपा से मिलता है धन और वैवाहिक सुख, जानिए पूजा विधि और उपाय

नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से माना गया है। शुक्रवार का दिन विशेष रूप से धन और ऐश्वर्य की देवी देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती। धार्मिक ग्रंथों जैसेब्रह्म वैवर्त पुराण और मत्स्य पुराण में भी शुक्रवार व्रत का उल्लेख मिलता है। इन ग्रंथों में बताया गया है कि इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ संतोषी माता की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। माना जाता है कि शुक्रवार व्रत करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहती है। शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा विधि शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करके वहां गंगाजल छिड़कें। इसके बाद लाल कपड़े पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग अर्पित करें। इस दौरान Lord Vishnu की स्तुति के साथ श्री सूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना गया है। कुंडली में शुक्र मजबूत होने से जीवन में ऐश्वर्य, प्रेम और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है। 16 शुक्रवार व्रत का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लगातार 16 शुक्रवार तक व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है। इससे विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी के योग बनते हैं। साथ ही आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। विवाह के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय शुक्रवार के दिन देवी दुर्गा या संतोषी माता की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही और इत्र का दान करना, जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र देना, राधा-कृष्ण मंदिर में मिश्री का भोग लगाना और गाय को हल्दी लगा आलू खिलाना भी लाभकारी माना गया है।धार्मिक मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त

  Ekadashi March 2026:  नई दिल्ली। चैत्र मास सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह महीना जहां आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, वहीं हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी इसी मास से होती है। इसी दौरान चैत्र नवरात्र का पर्व मनाया जाता है और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी धूमधाम से आयोजित होता है। धार्मिक दृष्टि से यह महीना साधना, उपवास और पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना गया है। चैत्र मास में दो प्रमुख एकादशी व्रत-पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी-का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी के व्रत से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है, जबकि कामदा एकादशी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली मानी गई है। इन दोनों व्रतों में भगवान Vishnu तथा Lakshmi Narayan की विधि-विधान से पूजा की जाती है। पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को सुबह 08 बजकर 10 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 मार्च 2026 को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का ध्यान, मंत्र जाप और कथा श्रवण करना विशेष फलदायी माना गया है। कामदा एकादशी 2026: तिथि और महत्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 28 मार्च को सुबह 08 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 29 मार्च 2026 को सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामदा एकादशी 29 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी। व्रत का पारण 30 मार्च 2026 को किया जाएगा।मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पण और सात्विक आहार का विशेष महत्व है। धर्माचार्यों के अनुसार चैत्र मास में पड़ने वाली ये दोनों एकादशी आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना सिद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं।

Papmochani Ekadashi 2026: तुलसी चालीसा का पाठ करें, भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करें

नई दिल्ली । सनातन धर्म में एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है। इसमें कृष्ण पक्ष की एकादशी को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसी श्रेणी में पापमोचनी एकादशी का व्रत आता है। इस वर्ष यह व्रत 15 मार्च 2026 रविवार को रहेगा और इसका पारण 16 मार्च को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। तुलसी तुल्य सामग्री के साथ पूजा करने से जिसे भगवान विष्णु प्रिय माना गया है विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। पूजा विधि स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद घर के पूजा स्थान या मंदिर में भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। पूजा में धूप दीप फूल फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर भक्त चालीसा का पाठ और व्रत कथा सुनते हैं।तुलसी चालीसा का महत्व चालीसा में तुलसी माता का गुणगान किया गया है और इसे पाठ करने वाले को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार इस चालीसा के पाठ से जीवन के संकट समाप्त होते हैं सुख समृद्धि आती है और भक्त अपने पापों से मुक्ति पाते हैं। व्रत के नियम पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले को भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कथा और पूजा के बाद ही भोजन करें। दिन भर में जल और फल का सेवन किया जा सकता है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी 16 मार्च 2026 को किया जाता है। चालीसा के कुछ प्रमुख दोहे और चौपाई नमो नमो तुलसी महारानी महिमा अमित न जाय बखानी।दियो विष्णु तुमको सनमाना जग में छायो सुयश महाना। तुलसी मैया तुम कल्याणी तुम्हरी महिमा सब जग जानी।भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे गा गाकर मां तुझे रिझावे। भक्त इस चालीसा का पाठ करते हुए मन वचन और कर्म से माता तुलसी की सेवा करें। ऐसा करने से जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और परम सुख की प्राप्ति होती है।

दशा माता व्रत 2026: तिथि, पूजा विधि और व्रत की महिमा

नई दिल्ली । दशा माता व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसे विधिपूर्वक करने से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है। दशा माता माता पार्वती का ही एक स्वरूप मानी जाती हैं। तिथि साल 2026 में दशा माता व्रत 13 मार्च, शुक्रवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 13 मार्च की सुबह 6 28 बजे से शुरू होकर 14 मार्च की सुबह 8 10 बजे तक रहेगी। पूजा विधि व्रत के दिन महिलाएं सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद घर के पूजा स्थल या किसी पवित्र स्थान पर दशा माता की पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं व्रत कथा भी सुनती या पढ़ती हैं। पूजा के दौरान परिवार की सुख समृद्धि और कठिन समय से मुक्ति की कामना की जाती है। डोरा पहनने का महत्व दशा माता व्रत के दौरान महिलाओं को 10 धागों का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठें लगाकर पहनना अनिवार्य होता है। यह डोरा जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। डोरा पूजा के बाद माता के सामने रखा जाता है और आशीर्वाद लेकर गले में पहन लिया जाता है। व्रत के नियम दशा माता व्रत का पालन शुरू करने के बाद इसे नियमित रूप से करना होता है। व्रत वाले दिन सिर्फ एक बार भोजन किया जा सकता है, और वह भी कथा सुनने के बाद। इस दिन नमक का सेवन वर्जित होता है, लेकिन गेहूं का उपयोग किया जा सकता है। व्रत के समापन पर दशा माता की प्रतिमा का विसर्जन नदी में किया जाना चाहिए। दशा माता व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत पारिवारिक कल्याण और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रभावशाली साधन माना जाता है।

आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति

नई दिल्ली । 12 मार्च 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ और लाभदायक है। व्यापार करियर और आर्थिक मामलों में कुछ राशियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जबकि कुछ को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मेष आज का दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार में तालमेल बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। परिवार में मतभेद संभव हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापार सामान्य रहेगा। मिथुन मन प्रसन्न रहेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव लाभदायक साबित होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। कर्क जीवनशैली में बदलाव करेंगे। व्यापार में लाभ की संभावना है। नई पार्टनरशिप के योग बन सकते हैं। यात्रा में सावधानी रखें। सिंह पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। वाणी से रुके कार्य पूरे होंगे। कन्या दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा में सतर्क रहें। तुला स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नया कार्य शुरू करने से पहले सोच समझकर निर्णय लें। व्यापार और नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी। वृश्चिक नई योजनाएं बन सकती हैं और मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धनु नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। यात्रा के योग हैं। व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। मकर अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है। अनावश्यक धन हानि की संभावना रहेगी। सोच समझकर निर्णय लें। कुंभ महत्वपूर्ण निर्णय लेने का दिन है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि संबंधी मामलों में धन खर्च हो सकता है। मीन अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। किसी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें। आज का राशिफल यह संकेत देता है कि आर्थिक मामलों और व्यापार में सफलता पाने के लिए समझदारी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने से दिन बेहतर तरीके से बीतेगा।

बुध देव के उदय से इन 5 राशि वालों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ और गोल्डन पीरियड की होगी शुरुआत

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का कारक माना गया है। जब बुध देव अपनी चाल बदलते हैं, तो इसका असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति पर दिखाई देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 मार्च 2026 को बुध देव उदित अवस्था में लौट रहे हैं और यह स्थिति 27 अप्रैल 2026 तक रहेगी। इस अवधि में बुध देव किन 5 राशि वालों की किस्मत संवारेंगे, जानिए। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए बुध देव का उदय शुभ प्रभाव लाएगा। इस दौरान कार्यक्षेत्र में आपकी बुद्धिमत्ता और वाकपटुता की सराहना होगी। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। फंसा हुआ धन वापस मिलने के योग हैं और निवेश से लाभ होने की संभावना है। भाई-बहनों के साथ रिश्तों में सुधार आएगा और घर का माहौल शांतिपूर्ण रहेगा। मिथुन राशिमिथुन राशि के जातकों के लिए बुध देव का उदय अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। छात्रों और लेखकों के लिए यह समय स्वर्णिम है। आपकी रचनात्मकता अपने चरम पर होगी। व्यापारियों को नए सौदे मिल सकते हैं, जिससे मुनाफा बढ़ेगा। मानसिक तनाव कम होगा और आप ऊर्जावान महसूस करेंगे। तुला राशितुला राशि वालों के लिए बुध देव का उदय खुशहाली लेकर आएगा। भाग्य स्थान में बुध की मजबूती से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। परिवार के साथ धार्मिक स्थल की यात्रा के योग बन रहे हैं। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपकी सलाह को महत्व देंगे। धनु राशिधनु राशि वालों के लिए यह समय साझेदारी और रिश्तों को मजबूत करने वाला है। जीवनसाथी के साथ पुराने विवाद सुलझेंगे और तालमेल बढ़ेगा। साझेदारी में काम करने वालों के लिए बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल होने के योग हैं। यदि कोई कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। कुंभ राशिकुंभ राशि वालों के लिए बुध देव का उदय धन और ज्ञान में वृद्धि करेगा। शेयर बाजार या पैतृक संपत्ति से अचानक लाभ मिलने के संकेत हैं। नई चीजें सीखने या नया स्टार्टअप शुरू करने के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। शिक्षा के क्षेत्र में संतान की उपलब्धि से मन प्रसन्न रहेगा। नोट: यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं।

आज का दिन निवेश, शिक्षा और यात्रा के लिए अनुकूल – 12 मार्च 2026 पंचांग

नई दिल्ली।12 मार्च 2026, बुधवार का दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के साथ शुरू होगा। इस दिन का वार बुधवार है, जो बुध देवता और व्यापार, ज्ञान तथा बुद्धिमत्ता का प्रतीक माना जाता है। योग वैधृति और करण गर हैं, जो विशेष रूप से नए कार्यों की शुरुआत और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्तआज सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा, जो दिन के आरंभ में सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। सूर्यास्त शाम 6:25 बजे तक रहेगा, जिससे दिनभर की गतिविधियों में संतुलन और नियमितता बनी रहेगी। चंद्र उदय और नक्षत्र प्रभावचंद्रमा सुबह 6:50 बजे उदय होगा। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र की विशेषता है कि यह मानसिक स्थिरता, अध्ययन और रणनीतिक कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। इस नक्षत्र में किए गए धार्मिक, शिक्षा और निवेश संबंधी कार्य सफलता की ओर बढ़ते हैं। अमृतकाल और शुभ समयआज का अमृतकाल सुबह 9:30 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। यह समय स्वास्थ्य, शिक्षा, पूजा-पाठ और धन संबंधी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक का समय भी शुभ है। इस समय नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण बैठकें लाभकारी साबित हो सकती हैं। राहु काल और अशुभ समयआज दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक का राहु काल है। इस अवधि में किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय, निवेश या यात्रा को टालना बेहतर रहेगा। साथ ही रात 8:00 बजे से 9:30 बजे तक का समय अशुभ माना गया है, इसलिए व्यक्तिगत और व्यापारिक निर्णय इस समय से परहेज करें। गुलिक कालसुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक का गुलिक काल है। इस समय कुछ सीमित और सावधानीपूर्वक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन निवेश या बड़े फैसले टालना हितकर रहेगा। विशेष टिप्स और सावधानियांबुधवार का दिन बुद्ध और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। आज शिक्षा, निवेश, यात्रा, नए प्रोजेक्ट्स और पूजा-पाठ में लाभ मिलने की संभावना अधिक है। वहीं राहु काल और अशुभ समय में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या यात्रा टालना लाभकारी रहेगा। ध्यान रखें कि स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी इस दिन आवश्यक है। आर्थिक और व्यक्तिगत निर्णयआज निवेश, व्यापारिक सौदे या नए आर्थिक कार्य शुरू करना शुभ रहेगा। किसी भी नई योजना में भागीदारी के लिए सुबह के शुभ समय का लाभ उठाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन और नए विषय सीखना लाभकारी रहेगा। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियांइस दिन पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक कार्यों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाएगा। 12 मार्च 2026 का दिन न केवल कार्य और निवेश के लिए शुभ है, बल्कि शिक्षा, यात्रा और धार्मिक गतिविधियों में सफलता के संकेत भी देता है। शुभ समय का पालन करते हुए महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी रहेगा, जबकि राहु काल और अशुभ समय में सतर्क रहना आवश्यक है। आज का दिन संतुलन, सोच-समझ और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए अनुकूल है।