गुरुवार पूजा विधि: सही तरीके से करें आराधना, विष्णु की कृपा से पूरी अपेक्षित मनोकामनाएं

नई दिल्ली। गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। गुरुवार पूजा की सही विधिगुरुवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। स्नान के पानी में हल्दी मिलाना शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।इसके बाद पूजा का संकल्प लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।भगवान विष्णु को जल अर्पित करें और हल्दी या केसर से तिलक लगाएं। घी का दीपक जलाकर पीले फूल और पीले अक्षत (हल्दी से रंगे चावल) अर्पित करें। भोग और पूजा सामग्रीभगवान विष्णु को चने की दाल, गुड़, केला और पीली मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह भोग समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। गुरुवार व्रत कथा और मंत्र जापपूजा के दौरान गुरुवार व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। इसके बाद भगवान विष्णु की आरती करें और मंत्रों का जाप करें। प्रमुख मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॐ विष्णवे नमः ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ॐ बृं बृहस्पतये नमः इन मंत्रों के जाप से मानसिक शांति और ग्रह दोषों में कमी आती है। गुरुवार को क्या करें और क्या नहींगुरुवार के दिन कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है: करें–केले के पेड़ की पूजा करेंपीले वस्त्र, हल्दी और चने की दाल का दान करेंव्रत रखें और सकारात्मक विचार रखें न करेंबाल और नाखून न काटेंकपड़े न धोएंघर में पोछा लगाने से बचेंव्रत के दौरान नमक का सेवन न करें गुरुवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में स्थिरता, सुख-समृद्धि और शुभ फल प्राप्त होते हैं। यह व्रत विशेष रूप से विवाह में बाधा, आर्थिक समस्या और ग्रह दोष दूर करने में सहायक माना जाता है।
Sai Baba Puja: गुरुवार को क्यों माना जाता है सबसे शुभ दिन, जानिए Sai Baba of Shirdi की पूजा विधि

नई दिल्ली। शिरडी के साईं बाबा भारत के सबसे पूजनीय संतों में से एक माने जाते हैं, जिन्होंने जीवनभर “सबका मालिक एक” का संदेश देकर प्रेम, करुणा और एकता का प्रचार किया। उनकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के जीवन का आधार हैं। साईं बाबा की पूजा के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन आध्यात्मिक गुरु बृहस्पति देव से जुड़ा है, जिन्हें ज्ञान, धर्म और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार को साईं बाबा की पूजा क्यों होती है विशेषगुरुवार का संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति के कारक ग्रह हैं। साईं बाबा को भी एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने समाज को सत्य, सेवा और प्रेम का मार्ग दिखाया। इसलिए गुरुवार को साईं बाबा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। शिरडी में गुरुवार का विशेष महत्वमहाराष्ट्र के शिरडी में हर गुरुवार को साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भव्य पालकी यात्रा भी निकाली जाती है, जो द्वारकामाई से साईं समाधि मंदिर तक जाती है। इस शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल होते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और फूलों से सजी पालकी में बाबा की मूर्ति का स्वागत करते हैं। यह आयोजन साईं भक्ति और श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। घर पर कैसे करें साईं बाबा की पूजागुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ या हल्के पीले रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर साईं बाबा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।इसके बाद दीपक जलाएं और बाबा को फूल अर्पित करें। पीले या सफेद फूल सबसे शुभ माने जाते हैं। भोग के रूप में सात्विक भोजन जैसे खिचड़ी, खीर, हलवा, फल या बेसन के लड्डू अर्पित किए जा सकते हैं।पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ “ॐ साईं राम” मंत्र का जाप करें और साईं चालीसा का पाठ करें। इससे मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साईं बाबा की शिक्षाएं और उनका महत्वसाईं बाबा ने हमेशा सभी धर्मों को समान माना और लोगों को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध संदेश “सबका मालिक एक” आज भी एकता और भाईचारे का प्रतीक है। यही कारण है कि देश-दुनिया में उनके लाखों मंदिर स्थापित हैं और भक्तों की आस्था दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। गुरुवार के दिन साईं बाबा की पूजा करने से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। यह दिन गुरु तत्व से जुड़ा होने के कारण विशेष फलदायी माना जाता है, जिससे भक्तों की आस्था और विश्वास और भी मजबूत होता है।
23 अप्रैल राशिफल: किस राशि के लिए रहेगा शुभ दिन और किसे रहना होगा सावधान, पढ़ें डेली भविष्यफल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल का सीधा प्रभाव 12 राशियों पर पड़ता है। 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विष्णु पूजा करने से सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। मेष राशि (Aries)आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक मामलों में सुधार होगा। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। वृषभ राशि (Taurus)नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य में लाभ देंगी। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। रिश्तों में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन जल्दबाजी से निर्णय न लें। मिथुन राशि (Gemini)आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। किसी भी निवेश से पहले सोच-विचार करें। प्रेम संबंधों में पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। कार्यस्थल पर मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कर्क राशि (Cancer)आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी और धन लाभ के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। सिंह राशि (Leo)आर्थिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। कन्या राशि (Virgo)नए प्रोजेक्ट शुरू करने का सही समय है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखें। तुला राशि (Libra)सामाजिक और पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वित्तीय मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। वृश्चिक राशि (Scorpio)रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। विवाह के योग बन सकते हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी। धनु राशि (Sagittarius)खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। स्वास्थ्य में हल्की समस्या हो सकती है। करियर में चुनौतियों के बावजूद सफलता मिलेगी। मकर राशि (Capricorn)स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कुंभ राशि (Aquarius)आर्थिक फैसलों में सतर्क रहें। कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। मीन राशि (Pisces)व्यक्तिगत विकास के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन वरिष्ठों से बहस से बचें। 23 अप्रैल 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर में उन्नति लेकर आएगा, जबकि कुछ को स्वास्थ्य और खर्चों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। विष्णु पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है।
आज का राशिफल 22 अप्रैल 2026, रवि योग और स्कंद षष्ठी का विशेष संयोग, कई राशियों को लाभ के संकेत

नई दिल्ली। 22 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है क्योंकि आज रवि योग और स्कंद षष्ठी का संयोग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ राशियों को अपने निर्णयों और व्यवहार में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर आज विचारों, संवाद और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगा, जिससे कई लोगों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। मेष, वृषभ, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से अनुकूल रहने की संभावना है। इन राशियों के लोगों को करियर में प्रगति, आर्थिक लाभ और रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए अवसरों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी सहयोग और सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है। वहीं कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु और मकर राशि के लोगों को आज सतर्क रहने की जरूरत है। इन राशियों के जातकों को अनावश्यक खर्च, निर्णयों में भ्रम और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सोच-विचार करना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में भी संयम और धैर्य बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। कर्क, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला प्रभाव लेकर आ सकता है। इन राशियों के जातकों को मेहनत के अनुरूप परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए धैर्य और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में सहयोग मिलेगा, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। आज का दिन करियर के लिहाज से कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जहां कुछ लोगों को नई जिम्मेदारियां और अवसर मिल सकते हैं, वहीं कुछ को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत पड़ेगी। आर्थिक मामलों में भी संतुलन बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि जहां लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं अनावश्यक खर्च बढ़ने की भी संभावना है। प्रेम संबंधों के संदर्भ में आज का दिन भावनात्मक रूप से सक्रिय रहेगा। कुछ राशियों के लिए संबंधों में मजबूती आएगी, जबकि कुछ को संवाद में स्पष्टता बनाए रखने की जरूरत होगी ताकि गलतफहमियों से बचा जा सके। पारिवारिक जीवन में सहयोग और समझदारी बनाए रखना दिन को बेहतर बना सकता है। स्वास्थ्य के मामले में सामान्य सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बदलते मौसम और कार्यभार के कारण थकान, सिरदर्द या हल्की शारीरिक समस्याएं सामने आ सकती हैं। नियमित दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाना लाभकारी रहेगा।
बुधवार मंत्र: भगवान गणेश के इन मंत्रों के जाप से आएगी बरकत, बनकर रहेंगे काम

नई दिल्ली। गणेश भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए बुधवार का दिन बहुत ही खास माना गया है। आज के दिन जातक गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय करते हैं उनका व्रत रखते हैं उनके मंत्रों का उच्चारण करते हैं। ताकि उनकी कृपा उनके घर परिवार पर बनी रहे। कहां जाता है कि बुधवार के दिन अगर आप अपने घर पर ही परिवार के साथ गणेश भगवान की आरती करते हैं उनको प्रसाद चढ़ाते हैं। तो आपके घर में सकारात्मक बनी रहती है और हर समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। पूजा विधिभगवान की पूजा करने के लिए आप सुबह प्रातः काल उठे और स्नान करके भगवान की मंदिर के पास एक चौकी रखें। उसे पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान की मूर्ति की स्थापना करें। अगर आपके घर के मंदिर में भगवान पहले से ही है तो आप वहीं पर उनकी पूजा कर सकते हैं। पूजा करने के लिए आप अच्छा हल्दी दुर्वा का उपयोग करें और भगवान को भोग में बेसन अथवा मोदक के लड्डू चढ़ाएं। इन मंत्रों का करें जापॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डा धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात” गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः । नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन आपको उनके अच्छे से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही उन्हें मोदक का लड्डू आवश्यक चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा आप उन्हें दूर्वा और सुपाड़ी भी चढ़ाएं। इससे प्रश्न होकर भगवान आपके परिवार में सुख समृद्धि बनाए रखते हैं और आपको भी मनचाहा वरदान देते हैं। इसके अलावा आपकी ऊपर आ रही सारी विघ्न को भी हर लेते हैं।
गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें क्या करें और क्या न करें

नई दिल्ली । गंगा सप्तमी का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा और गंगा स्नान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी दिन राजा भागीरथ के तप से प्रसन्न होकर मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस वर्ष गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्वधार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर आगमन हुआ था, इसलिए इस तिथि को गंगा सप्तमी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है, जिससे पापों का नाश और आत्मिक शुद्धि होती है। गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोगइस वर्ष गंगा सप्तमी के दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गोचर करते हुए गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेंगे। यह योग आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इन 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभइस राजयोग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है-मेष राशि: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, करियर में सफलता मिलेगी और धन लाभ के योग बनेंगे।कर्क राशि: चंद्रमा अपनी ही राशि में रहकर इस योग को और मजबूत करेंगे। इससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।कन्या राशि: धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना रहेगी।वृश्चिक राशि: निर्णय क्षमता मजबूत होगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में सकारात्मकता आएगी। गंगा सप्तमी पर किन बातों का रखें ध्यान– गंगा स्नान के दौरान नदी या घाट पर गंदगी न फैलाएं, इससे पूजा का पुण्य कम हो सकता है।– इस दिन मन और शरीर दोनों की शुद्धि पर ध्यान दें। क्रोध, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।– गंगा स्नान को केवल औपचारिकता न बनाएं, बल्कि श्रद्धा और सच्चे भाव से पूजा करें।– गंगा जल का उपयोग सम्मानपूर्वक और सही स्थान पर ही करें।– दान-पुण्य अवश्य करें, क्योंकि इसके बिना गंगा स्नान का पूर्ण फल प्राप्त नहीं माना जाता। गंगा सप्तमी का यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर माना जाता है, खासकर जब इस दिन गजकेसरी राजयोग जैसा शुभ संयोग भी बन रहा हो।
मई में धार्मिक पर्वों की भरमार, बुद्ध पूर्णिमा से गंगा दशहरा तक जाने पूरी व्रत-त्योहार सूची

नई दिल्ली । साल 2026 का मई महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। खास बात यह है कि लगभग तीन साल में एक बार आने वाला अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) भी मई से शुरू हो रहा है। महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से होगी, जबकि आगे शनि जयंती, वट सावित्री व्रत और गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पड़ेंगे। इसके साथ ही ग्रहों के गोचर के कारण यह महीना ज्योतिषीय रूप से भी विशेष माना जा रहा है। मई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार1 मई 2026, शुक्रवार – कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयंती, चित्रा पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा2 मई 2026, शनिवार – नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ5 मई 2026, मंगलवार – एकदंत संकष्टी9 मई 2026, शनिवार – कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी12 मई 2026, मंगलवार – तेलुगु हनुमान जयंती13 मई 2026, बुधवार – कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी14 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत15 मई 2026, शुक्रवार – वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि मध्य माह में बड़े पर्वों की श्रृंखला16 मई 2026, शनिवार – वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या17 मई 2026, रविवार – अधिक चंद्र दर्शन18 मई 2026, सोमवार – रोहिणी व्रत20 मई 2026, बुधवार – वरदा चतुर्थी21 मई 2026, गुरुवार – अधिक स्कंद षष्ठी23 मई 2026, शनिवार – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी महीने के अंत में प्रमुख तिथियां25 मई 2026, सोमवार – गंगा दशहरा27 मई 2026, बुधवार – अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी28 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत30 मई 2026, शनिवार – अधिक पूर्णिमा व्रत31 मई 2026, रविवार – ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा मई 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर6 मई – यम ग्रह वक्री होंगे7 मई – बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर8 मई – शुक्र का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर11 मई – मंगल का मेष राशि में गोचर, सूर्य का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर13 मई – बुध का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर14 मई – शुक्र का मिथुन राशि में गोचर15 मई – बुध वृषभ राशि में गोचर, सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश (वृषभ संक्रांति), शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर19 मई – बुध का रोहिणी नक्षत्र में गोचर25 मई – बुध का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर29 मई – मंगल का भरणी नक्षत्र में गोचर, बुध का मिथुन राशि में गोचर31 मई – शुक्र का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर अधिकमास का समयपंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण इस बार जेठ का महीना 60 दिनों का रहेगा।
Aaj Ka Rashifal 22 April: मेष से मीन तक सभी राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें पूरा भविष्यफल

नई दिल्ली। 22 अप्रैल का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। कहीं सेहत और खर्चों को लेकर सावधानी की जरूरत है तो कहीं नौकरी और लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। आइए जानते हैं सभी राशियों का दैनिक राशिफल- मेष राशिमेष राशि वालों को आज सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। व्यापारियों को लाभ मिलेगा, लेकिन कार्यभार अधिक रहेगा और सफलता के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। वृषभ राशिवृषभ राशि के जातकों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में लाभ की संभावना बनेगी। मिथुन राशिआज मेहनत का पूरा फल मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। हालांकि दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचना बेहतर रहेगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। कर्क राशिदिन की शुरुआत में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है और परिवार में मतभेद की स्थिति बन सकती है। सिंह राशिकुछ लोगों को प्रमोशन मिल सकता है, लेकिन गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। खर्च बढ़ने की भी संभावना है। कन्या राशिआज आत्म-देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। काम में सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी और दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। तुला राशिगुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखें। दिन के अंत में लाभ मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। वृश्चिक राशिशारीरिक और मानसिक तनाव संभव है, लेकिन किस्मत साथ दे सकती है। रुके हुए काम पूरे होंगे और सफलता मिल सकती है। धनु राशिदिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है और शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना होगा। मकर राशिनौकरीपेशा लोगों को गॉसिप से बचना चाहिए। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और प्रतियोगी छात्रों के लिए शाम का समय शुभ है। कुंभ राशिकिसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात संभव है। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा, लेकिन किसी भी काम में लापरवाही से बचें। मीन राशिआज बड़े खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे आर्थिक बजट प्रभावित हो सकता है। सोच-समझकर धन और समय का प्रबंधन करें।
21 April 2026 Prediction : मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल

21 April 2026 Prediction :नई दिल्ली। 21 अप्रैल 2026 का दिन मंगलवार है और अंक ज्योतिष के अनुसार इस दिन का मूलांक 8 बनता है, जिसका संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। शनि का प्रभाव जीवन में कर्म, अनुशासन और परिणामों को प्रमुख रूप से प्रभावित करता है। इसी आधार पर मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए यह दिन अलग-अलग तरह के संकेत लेकर आया है, जो उनके कार्य, संबंध और जीवन की दिशा पर असर डाल सकते हैं। मूलांक 1 के जातकों के लिए यह दिन नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाला रहेगा। आप अपने निर्णयों में आत्मविश्वास महसूस करेंगे और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि जल्दबाजी से बचना आवश्यक होगा क्योंकि धैर्य ही सफलता का मार्ग खोलेगा। मूलांक 2 के लोगों के लिए यह दिन भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा और छोटी बातों को अनदेखा करना बेहतर रहेगा। मूलांक 3 के लिए यह दिन काफी अनुकूल संकेत दे रहा है। आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि होगी और आपके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय शुभ माना जा सकता है। मूलांक 4 के जातकों के लिए दिन कुछ चुनौतियों से भरा हो सकता है। कार्यों में रुकावट या देरी संभव है, लेकिन धैर्य और निरंतर प्रयास से स्थिति को संभाला जा सकता है। मूलांक 5 के लिए यह दिन नए अवसरों और संपर्कों का संकेत दे रहा है। यात्रा या संवाद के माध्यम से लाभ मिल सकता है और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना भी बन सकती है। मूलांक 6 के जातकों के लिए दिन प्रेम और सामंजस्य से जुड़ा रहेगा। पारिवारिक जीवन में संतुलन बना रहेगा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। मूलांक 7 के लिए यह दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यों की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन यह समय योजना और सोच-विचार के लिए उपयोगी रहेगा। मूलांक 8 के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसका संबंध शनि ग्रह से है। मेहनत और कर्म का फल मिलने की संभावना बढ़ेगी, लेकिन जिम्मेदारियां भी अधिक हो सकती हैं। मूलांक 9 के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यों में तेजी आएगी और आप अपने लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम रहेंगे, लेकिन क्रोध और जल्दबाजी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
Hindu Calendar : 22 अप्रैल का पंचांग स्कंद षष्ठी पर रवि योग और विजय मुहूर्त का विशेष संयोग जानिए शुभ और अशुभ समय

Hindu Calendar : नई दिल्ली: धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 22 अप्रैल का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन स्कंद षष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है यह पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है जिन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र के रूप में पूजा जाता है इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं पंचांग के अनुसार यह दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ रहा है जो रात 10 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगी इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 51 मिनट पर निर्धारित है वहीं आर्द्रा नक्षत्र रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा जिसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा इस दिन का सबसे खास पहलू रवि योग का निर्माण है जो सुबह 5 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा ज्योतिष के अनुसार यह योग शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं बन रहा है लेकिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए उपयुक्त माना जाता है इसके अलावा अमृत काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से 2 बजकर 26 मिनट तक रहेगा जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी जो सुबह 4 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा यह समय पूजा और ध्यान के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है वहीं शाम को गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है इसके अलावा यमगंड काल सुबह 7 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा दुर्मुहूर्त का समय दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा जिसे अशुभ माना जाता है इसके साथ ही वर्ज्य काल सुबह 7 बजकर 45 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा इस दौरान भी शुभ कार्यों से परहेज करना उचित माना जाता है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सही मुहूर्त का चयन जीवन में सकारात्मक परिणाम लाने में सहायक होता है 22 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है जहां एक ओर स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा का विशेष महत्व है वहीं दूसरी ओर शुभ योगों का संयोग इसे और भी खास बनाता है ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे दिन के शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखते हुए अपने कार्यों की योजना बनाएं ताकि उन्हें बेहतर फल प्राप्त हो सके