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दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI से मांगा जवाब, विनेश फोगाट केस में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। भारतीय महिला कुश्ती की स्टार पहलवान Vinesh Phogat को अयोग्य घोषित किए जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए Wrestling Federation of India को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि भारत जैसे देश में मातृत्व का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है और ऐसे समय में किसी खिलाड़ी के साथ संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण व्यवहार होना चाहिए। हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई जब विनेश फोगाट ने मातृत्व अवकाश के बाद वापसी करते हुए एशियन गेम्स ट्रायल में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, लेकिन डब्ल्यूएफआई ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि विनेश फोगाट के मामले की निष्पक्ष समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाए। साथ ही अदालत ने कहा कि आगामी एशियन गेम्स चयन ट्रायल में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें खुद को साबित करने का निष्पक्ष अवसर मिल सके। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि डब्ल्यूएफआई द्वारा पुराने चयन मानदंडों के आधार पर फैसला लेना कई सवाल खड़े करता है। दरअसल, डब्ल्यूएफआई ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उन पर अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। इसके साथ ही फेडरेशन ने उन्हें 26 जून 2026 तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया था। यही कारण रहा कि वह नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकीं। विनेश ने ट्रायल में खेलने की अनुमति के लिए कई बार फेडरेशन से संपर्क किया, लेकिन उनकी अपील को नजरअंदाज कर दिया गया। डब्ल्यूएफआई ने अपने फैसले के पीछे वाडा के नियम 5.6.1 का हवाला दिया था। फेडरेशन का कहना था कि संन्यास या लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों को किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले छह महीने का नोटिस पीरियड पूरा करना जरूरी होता है। हालांकि, विनेश की ओर से यह दलील दी गई कि वह मातृत्व अवकाश के बाद वापसी कर रही हैं और इस स्थिति को सामान्य नियमों से अलग दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। जब फेडरेशन ने उनकी मांग नहीं मानी, तब विनेश फोगाट ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें 30 और 31 मई को होने वाले एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए। शुरुआती सुनवाई में अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा था कि बिना डब्ल्यूएफआई का पक्ष सुने कोई आदेश जारी नहीं किया जा सकता। लेकिन बाद की सुनवाई में कोर्ट ने फेडरेशन के रवैये पर सवाल उठाए और स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों के अधिकारों और सम्मान की अनदेखी नहीं की जा सकती। इस मामले ने भारतीय खेल जगत में खिलाड़ी अधिकार, मातृत्व और खेल संस्थाओं की संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और आगे की सुनवाई में क्या फैसला सामने आता है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे जंग के लिए तैयार पाकिस्तान, रऊफ की वापसी से मजबूती

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को सौंपी गई है, जबकि सलमान अली आगा को उपकप्तान बनाया गया है। पाकिस्तान टीम में कई बड़े खिलाड़ियों की वापसी हुई है, जिससे टीम पहले से अधिक संतुलित और मजबूत नजर आ रही है। खास तौर पर बाबर आजम, हारिस रऊफ, शादाब खान और नसीम शाह की वापसी ने पाकिस्तानी फैंस की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। पीसीबी द्वारा घोषित इस टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला है। बाबर आजम की वापसी बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देगी, जबकि हारिस रऊफ और नसीम शाह की तेज गेंदबाजी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। स्पिन विभाग में शादाब खान और अबरार अहमद टीम के अहम हथियार होंगे। वहीं, बांग्लादेश के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं रहे सूफियान मुकीम को भी इस बार मौका दिया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने युवा खिलाड़ियों पर भी भरोसा जताया है। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुके अहमद दानियाल, अराफात मिन्हास और रोहेल नजीर को पहली बार वनडे टीम में जगह मिली है। चयनकर्ताओं का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर मौका देने से टीम को भविष्य के लिए मजबूत आधार मिलेगा। विकेटकीपर के तौर पर मुहम्मद गाजी गोरी और रोहेल नजीर को टीम में शामिल किया गया है। हालांकि, टीम चयन में कुछ बड़े नामों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। पीसीबी ने बताया कि उस्मान खान बीमारी की वजह से चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। वहीं, फखर जमां और सैम अयूब अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं और फिलहाल मेडिकल टीम की निगरानी में अपना रिहैब पूरा कर रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान टीम को इन खिलाड़ियों की कमी जरूर खलेगी, लेकिन चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। ऑस्ट्रेलिया की टीम 23 मई को पाकिस्तान पहुंचेगी, जबकि दोनों देशों के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 30 मई से रावलपिंडी में होगी। दूसरा मुकाबला 2 जून और तीसरा व अंतिम वनडे 4 जून को लाहौर में खेला जाएगा। पाकिस्तान की नजर इस सीरीज में अपने हालिया शानदार रिकॉर्ड को बरकरार रखने पर होगी। दोनों टीमों के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2024 में खेली गई थी, जहां पाकिस्तान ने 22 साल बाद ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर इतिहास रचा था। इससे पहले 2022 में ऑस्ट्रेलिया के पाकिस्तान दौरे पर भी मेजबान टीम ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। ऐसे में एक बार फिर दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है। शाहीन अफरीदी की कप्तानी में पाकिस्तान टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया को चुनौती देने के लिए तैयार नजर आ रही है।

आईपीएल 2026: सुदर्शन ने छीनी ऑरेंज कैप, वैभव पीछे हुए

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। प्लेऑफ की जंग के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की लड़ाई भी हर मैच के साथ और दिलचस्प होती जा रही है। टूर्नामेंट के 66वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रनों से करारी शिकस्त देकर न सिर्फ अपनी ताकत दिखाई, बल्कि व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में भी कई बड़े बदलाव कर दिए। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे गुजरात टाइटंस के स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन, जिन्होंने 53 गेंदों में 84 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर एक बार फिर ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली। सुदर्शन इस पूरे सीजन में शानदार लय में दिखाई दिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता, आत्मविश्वास और आक्रामकता साफ नजर आई है। चेन्नई के खिलाफ खेली गई उनकी पारी ने यह साबित कर दिया कि वह इस सीजन गुजरात की बल्लेबाजी की सबसे मजबूत कड़ी हैं। 14 मैचों में अब उनके कुल 638 रन हो चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को पीछे छोड़ दिया है। वैभव ने इस सीजन अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया, लेकिन सुदर्शन की निरंतरता ने उन्हें फिर शीर्ष पर पहुंचा दिया। हालांकि, ऑरेंज कैप की यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल भी इस रेस में बेहद करीब पहुंच चुके हैं। गिल ने इस सीजन 13 मैचों में 616 रन बनाए हैं और वह दूसरे स्थान पर मौजूद हैं। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में गुजरात की सलामी जोड़ी के बीच ही सबसे बड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। वहीं लखनऊ सुपर जायंट्स के मिचेल मार्श, सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन और विराट कोहली भी इस दौड़ में बने हुए हैं। दूसरी तरफ गेंदबाजों की पर्पल कैप रेस भी अब बेहद रोमांचक हो चुकी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अब तक पर्पल कैप अपने पास बनाए हुए हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने उनकी बादशाहत को बड़ी चुनौती दे दी है। चेन्नई के खिलाफ रबाडा ने घातक गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके और अब वह 24 विकेट के साथ भुवनेश्वर की बराबरी पर पहुंच गए हैं। भुवनेश्वर ने जहां 13 मैचों में 24 विकेट हासिल किए हैं, वहीं रबाडा ने यह उपलब्धि 14 मुकाबलों में हासिल की है। इसके अलावा सीएसके के अंशुल कंबोज 21 विकेट लेकर तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। गुजरात के स्टार स्पिनर राशिद खान भी 19 विकेट के साथ तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। वहीं जोफ्रा आर्चर और कार्तिक त्यागी भी इस रेस को और कड़ा बना रहे हैं। आईपीएल 2026 के अंतिम चरण में अब हर रन और हर विकेट बेहद अहम हो चुका है। बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच यह व्यक्तिगत मुकाबला फैंस के उत्साह को लगातार बढ़ा रहा है। आने वाले मैचों में ऑरेंज और पर्पल कैप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

रोनाल्डो के दम पर अल नासर बना चैंपियन, जीता सऊदी प्रो लीग खिताब

नई दिल्ली । Cristiano Ronaldo ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Al Nassr FC को सऊदी प्रो लीग 2025-26 का चैंपियन बना दिया। अल नासर ने सीजन के आखिरी मुकाबले में Damac FC को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। जनवरी 2023 में क्लब से जुड़ने के बाद रोनाल्डो का यह पहला बड़ा खिताब है। अल नासर ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी Al Hilal SFC को दो अंकों से पीछे छोड़ते हुए क्लब इतिहास का 11वां लीग टाइटल जीता। मैच में पहले हाफ के अंत में Sadio Mane ने गोल कर अल नासर को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में Kingsley Coman ने स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद रोनाल्डो ने अपने अनुभव और क्लास का शानदार प्रदर्शन किया। रोनाल्डो ने 60वें मिनट में बेहतरीन फ्री-किक से गोल दागा, जबकि 81वें मिनट में गोलकीपर को छकाते हुए दूसरा गोल कर मैच पूरी तरह अल नासर के नाम कर दिया। यह इस सीजन में उनके 27वें और 28वें गोल रहे। Joao Felix भी इस मुकाबले में अल नासर की ओर से खेले। वहीं दमैक की टीम सिर्फ एक गोल ही कर सकी। मैच खत्म होने से तीन मिनट पहले रोनाल्डो को स्टैंडिंग ओवेशन के साथ मैदान से बाहर बुलाया गया। यह पल स्टेडियम में मौजूद फैंस के लिए बेहद भावुक रहा। पांच बार के बैलन डी’ओर विजेता रोनाल्डो अब पुर्तगाल, इंग्लैंड, स्पेन, इटली और सऊदी अरब में लीग खिताब जीतने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। अब उनकी नजर FIFA World Cup 2026 पर होगी, जो उनके करियर का छठा विश्व कप होगा।

आईपीएल में गुजरात टाइटंस का जलवा, विरोधी टीम को दी करारी शिकस्त

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के 66वें मुकाबले में Gujarat Titans ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Chennai Super Kings को 89 रन से करारी शिकस्त दी। रनों के लिहाज से यह गुजरात टाइटंस की आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी जीत बन गई। अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 229 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम को कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 125 रन की साझेदारी की। शुभमन गिल ने 37 गेंदों में 64 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं साई सुदर्शन ने 53 गेंदों पर 84 रन की शानदार पारी खेली। अंत में Jos Buttler ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर नाबाद 57 रन ठोक दिए। 230 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत बेहद खराब रही। संजू सैमसन पहली ही गेंद पर आउट हो गए, जबकि कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 16 रन बनाकर पवेलियन लौटे। लगातार विकेट गिरने से टीम कभी मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी। Shivam Dube ने 17 गेंदों पर 47 रन की विस्फोटक पारी खेलकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। पूरी टीम 140 रन पर सिमट गई। गुजरात की ओर से मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और Rashid Khan ने शानदार गेंदबाजी की। तीनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।

आईएसएल 2025-26: ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद जीता खिताब

नई दिल्ली East Bengal FC ने इंडियन सुपर लीग 2025-26 का खिताब जीतकर 22 साल का लंबा इंतजार खत्म कर दिया। कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए रोमांचक मुकाबले में ईस्ट बंगाल ने Inter Kashi को 2-1 से हराया। टीम का यह 2004 के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय खिताब है। मैच की शुरुआत इंटर काशी के पक्ष में रही। 14वें मिनट में अल्फ्रेड प्लानास ने शानदार वॉली गोल कर इंटर काशी को 1-0 की बढ़त दिलाई। शुरुआती झटके के बाद ईस्ट बंगाल ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन पहले हाफ तक बराबरी नहीं कर सका। दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। 50वें मिनट में यूसुफ एज्जारी ने बेहतरीन गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद टीम ने दबाव बनाए रखा और 72वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने निर्णायक गोल कर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। यही गोल खिताबी जीत का आधार बना। इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल ने 13 मैचों में 26 अंक हासिल कर लीग तालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। Mohun Bagan Super Giant भी बराबर अंकों पर रहा, लेकिन ईस्ट बंगाल का गोल अंतर बेहतर होने के कारण ट्रॉफी उसके नाम रही। आखिरी सीटी बजते ही पूरा स्टेडियम जश्न में डूब गया। खिलाड़ी मैदान पर भावुक नजर आए, जबकि हजारों समर्थकों ने “ईस्ट बंगाल” के नारों से पूरा एरीना गूंजा दिया। यह जीत क्लब के इतिहास में सबसे यादगार पलों में शामिल हो गई है।

आईपीएल 2026: SRH के खिलाफ हार बनी CSK के लिए टर्निंग पॉइंट, ऋतुराज गायकवाड़ का बयान

नई दिल्ली। IPL 2026 में पांच बार की चैंपियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन इस बार उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई। टीम के कप्तान Ruturaj Gaikwad ने हार के बाद बड़ा बयान देते हुए बताया कि इस सीजन में एक खास मैच ने पूरी कहानी बदल दी। ऋतुराज के मुताबिक गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली हार और उसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खासकर SRH के खिलाफ हार के बाद टीम का आत्मविश्वास टूट गया और वहीं से अभियान बिखरता चला गया। इस हार ने न सिर्फ पॉइंट्स टेबल में नुकसान पहुंचाया बल्कि टीम की रणनीति और मानसिक मजबूती पर भी असर डाला। मीडिया रिपोर्ट्स और विश्लेषणों के अनुसार गुजरात टाइटंस के खिलाफ बड़ा अंतर से मिली हार के बाद CSK का नेट रन रेट प्रभावित हुआ और टीम पर दबाव बढ़ गया। इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में मिली हार ने स्थिति को और खराब कर दिया, जिससे प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। कप्तान ऋतुराज ने स्वीकार किया कि टीम कई मौकों पर मैच में नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रही। बल्लेबाजी क्रम लगातार अस्थिर रहा और बड़े स्कोर बनाने में भी टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। डेथ ओवर्स में रन रेट गिरना और शुरुआती ओवरों में विकेट गिरना भी हार की बड़ी वजह बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में CSK की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बल्लेबाजी रही। कई अनुभवी खिलाड़ी भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिससे टीम दबाव में आती गई। वहीं कप्तानी की जिम्मेदारी और टीम को नई दिशा देने का दबाव भी ऋतुराज के प्रदर्शन पर असर डालता दिखा। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली भारी हार ने पूरे सीजन की दिशा बदल दी थी, जबकि SRH के खिलाफ मैच ने लगभग प्लेऑफ की उम्मीदों पर अंतिम मुहर लगा दी। इन दोनों मैचों को अब CSK के सीजन का निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। हालांकि ऋतुराज ने यह भी कहा कि टीम भविष्य के लिए सीख लेकर आगे बढ़ेगी और गलतियों को सुधारकर वापसी करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि CSK अगले सीजन में मजबूत रणनीति और बेहतर संतुलन के साथ वापसी की तैयारी करेगी। कुल मिलाकर IPL 2026 CSK के लिए एक कठिन सीजन साबित हुआ, जहां एक-दो अहम मुकाबलों ने पूरी कहानी बदल दी और एक मजबूत टीम को प्लेऑफ से बाहर कर दिया।

आईपीएल 2026 में धमाका कर रहे वैभव, कार्तिक ने बताया असली चुनौती

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी लगातार अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत में हलचल मचा रहे हैं। मात्र 15 साल की उम्र में जिस तरह की आक्रामक और आत्मविश्वास से भरी बल्लेबाज़ी वह कर रहे हैं, उसने उन्हें चर्चा का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया है। हर मैच के साथ उनके फैंस की संख्या बढ़ती जा रही है और सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपर्ट्स तक उनकी तुलना दिग्गज बल्लेबाज़ Sachin Tendulkar से करने लगे हैं। लेकिन इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Dinesh Karthik ने इस तुलना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वैभव को “अगला सचिन तेंदुलकर” कहना जल्दबाज़ी होगी और इससे खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव बढ़ सकता है। दिनेश कार्तिक का मानना है कि हर खिलाड़ी की अपनी अलग यात्रा होती है और उसे किसी महान खिलाड़ी की छाया में नहीं देखना चाहिए। कार्तिक ने एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि वैभव जो कर रहे हैं वह बेहद खास है, लेकिन लोगों को उन्हें किसी और की कॉपी के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में जो हासिल किया, वह अलग परिस्थितियों और अलग दौर में था, जबकि वैभव की राह और चुनौतियाँ पूरी तरह अलग होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि जहां सचिन को मैदान के भीतर और बाहर दोनों तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, वहीं वैभव के सामने आज के डिजिटल दौर में मानसिक दबाव, सोशल मीडिया की अपेक्षाएं और तेजी से बदलती क्रिकेट संस्कृति जैसी नई चुनौतियाँ होंगी। दूसरी ओर, आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने अब तक खेले गए 13 मैचों में 237 के स्ट्राइक रेट से 579 रन बनाए हैं और वह ऑरेंज कैप की दौड़ में टॉप-5 में बने हुए हैं। उनकी बल्लेबाज़ी ने राजस्थान रॉयल्स को कई मैचों में मजबूती दी है और टीम को प्लेऑफ की रेस में बनाए रखा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव में असाधारण प्रतिभा है, लेकिन इतनी कम उम्र में लगातार स्थिरता बनाए रखना ही असली परीक्षा होगी। इसी संदर्भ में कार्तिक ने यह भी कहा कि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट अब पूरी तरह बदल चुके हैं। आज डेटा, एनालिटिक्स और रणनीति का महत्व बहुत बढ़ गया है और यह लीग अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और प्रतिस्पर्धी हो चुकी है। उन्होंने आईपीएल को “स्टेरॉयड पर बढ़ा हुआ खेल” बताते हुए कहा कि यह अब सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि एक ग्लोबल लाइफस्टाइल बन चुका है, जहां युवा खिलाड़ियों के लिए मौके भी हैं और दबाव भी। वैभव सूर्यवंशी के लिए यह सफर अभी शुरुआती दौर में है, और क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह इस शुरुआती चमक को लंबे करियर में कैसे बदलते हैं। फिलहाल, दिनेश कार्तिक की सलाह यही संकेत देती है कि तुलना से ज्यादा जरूरी है खिलाड़ी की अपनी पहचान को मजबूत करना।

सुदर्शन ने की शुभमन गिल की जमकर तारीफ, बोले- वह गेम के मास्टरमाइंड हैं

नई दिल्ली। गुजरात टाइटंस के लिए आईपीएल 2026 का सीजन अब तक शानदार रहा है और इसकी सबसे बड़ी वजह टीम की दमदार सलामी जोड़ी रही है। साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी से टीम को लगातार मजबूत शुरुआत दिलाई है। इस बीच साई सुदर्शन ने अपने कप्तान और जोड़ीदार शुभमन गिल की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है। जियोहॉटस्टार से बातचीत में सुदर्शन ने कहा कि शुभमन गिल खेल को बेहद गहराई से समझते हैं और तकनीकी रूप से काफी मजबूत बल्लेबाज हैं। उन्होंने कहा कि जब दूसरे छोर पर शुभमन गिल जैसे बल्लेबाज मौजूद हों तो बल्लेबाजी करना और भी आसान हो जाता है, क्योंकि खिलाड़ी को अपने खेल को खुलकर खेलने की आजादी मिलती है। सुदर्शन ने कहा, “शुभमन एक मास्टरमाइंड हैं। वह गेम को बहुत अच्छे से समझते हैं और तकनीकी रूप से बेहद मजबूत हैं। जब आपको पता होता है कि दूसरे छोर पर शुभमन मौजूद हैं, तो आप अपने खेल को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास महसूस करते हैं। मुझे लगता है कि यही चीज दूसरी तरफ भी लागू होती है। जब शुभमन आक्रामक खेलते हैं, तो उन्हें पता होता है कि मैं पारी को संभाल सकता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों खिलाड़ियों के बीच शानदार तालमेल है और वे एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। यही वजह है कि दोनों परिस्थितियों के हिसाब से अपनी बल्लेबाजी का तरीका बदल लेते हैं और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम करते हैं। आईपीएल 2026 में साई सुदर्शन का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 13 मुकाबलों में 157 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 554 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और छह अर्धशतक निकले हैं। शानदार प्रदर्शन के चलते वह इस समय टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर बने हुए हैं। सुदर्शन ने आईपीएल में 50 पारियों के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि किसी बड़े खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ना खास एहसास देता है और इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। उनके मुताबिक ऐसी उपलब्धियां यह विश्वास दिलाती हैं कि खिलाड़ी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं कप्तान शुभमन गिल भी इस सीजन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 12 मुकाबलों में लगभग 160 के स्ट्राइक रेट से 552 रन बनाए हैं। गिल और सुदर्शन की ओपनिंग साझेदारी ने गुजरात टाइटंस को इस सीजन कई मुकाबलों में मजबूत शुरुआत दिलाई है। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की सफलता में इस जोड़ी की भूमिका बेहद अहम रही है। दोनों बल्लेबाजों की समझ, संतुलन और आक्रामक अंदाज ने उन्हें टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक ओपनिंग जोड़ियों में शामिल कर दिया है।

गोल्डन बूट विजेता कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की उम्मीद

नई दिल्ली। फुटबॉल इतिहास की वह तारीख जिसे जेम्स रोड्रिगेज और उनके प्रशंसक शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ-16 मुकाबले में कोलंबिया राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सामना उरुग्वे राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से था। मैच में कोलंबिया ने 2-0 से जीत दर्ज की, लेकिन दुनिया की नजरें जिस पल पर ठहर गईं, वह था जेम्स रोड्रिगेज का ‘करिश्माई गोल’। मैदान पर गोल पोस्ट से काफी दूरी पर खड़े जेम्स को जब पास मिला, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि अगले कुछ सेकंड फुटबॉल इतिहास में दर्ज हो जाएंगे। उन्होंने पहले गेंद को अपनी छाती से नियंत्रित किया और फिर हवा में शानदार वॉली लगाते हुए गेंद को सीधे गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। यह गोल इतना अविश्वसनीय था कि विपक्षी गोलकीपर और कोच तक कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। जेम्स का यह गोल बाद में फीफा के प्रतिष्ठित फीफा पुस्कस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2014 का वही विश्व कप जेम्स रोड्रिगेज के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में छह गोल दागे और फीफा वर्ल्ड कप गोल्डन बूट जीतकर दुनिया को अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया। वह 2002 के बाद विश्व कप में पांच से अधिक गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद दूसरे खिलाड़ी बने थे। अटैकिंग मिडफील्डर के रूप में खेलने वाले जेम्स अपनी शानदार पासिंग, ड्रिब्लिंग और बाएं पैर से किए जाने वाले दमदार शॉट्स के लिए मशहूर हैं। उनकी खेल शैली ने उन्हें दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में शामिल कर दिया। अब 12 साल बाद एक बार फिर फुटबॉल जगत की नजरें जेम्स रोड्रिगेज पर टिकी हैं। फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया की उम्मीदें काफी हद तक अपने कप्तान पर निर्भर होंगी। 2024 के कोपा अमेरिका 2024 में जेम्स ने शानदार कप्तानी करते हुए कोलंबिया को 23 साल बाद फाइनल तक पहुंचाया था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने एक गोल और छह असिस्ट किए तथा ‘गोल्डन बॉल’ जीतकर टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बने। जेम्स ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत एनविगाडो एफसी से की थी। इसके बाद उन्होंने बैनफील्ड, एफसी पोर्टो और एएस मोनाको के लिए खेला। हालांकि, उन्हें सबसे अधिक पहचान रियल मैड्रिड से जुड़ने के बाद मिली। यहां उन्होंने दो बार यूईएफए चैंपियंस लीग और फीफा क्लब वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर बड़ी सफलताएं हासिल कीं। बाद में बायर्न म्यूनिख के साथ उन्होंने बुंडेसलीगा खिताब भी जीता। पिछले वर्ल्ड कप में कोलंबिया क्वालिफाई नहीं कर पाया था, लेकिन इस बार टीम दमदार वापसी की तैयारी में है। ऐसे में एक बार फिर पूरी दुनिया को जेम्स रोड्रिगेज से उसी जादुई प्रदर्शन की उम्मीद है, जिसने उन्हें रातों-रात फुटबॉल का सुपरस्टार बना दिया था।