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Manoj Kumar Boxer: बीएफआई के नए नियमों पर भड़के कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट मनोज कुमार

  Manoj Kumar Boxer: नई दिल्ली।  कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके मुक्केबाज मनोज कुमार ने बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के नए एथलीट मूल्यांकन नियम की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। इस नए सिस्टम के तहत 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2026 एशियन गेम्स के लिए मुक्केबाजों का चयन होना है। बॉक्सर मूल्यांकन के बारे में फेडरेशन के नए नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज ने मॉनिटरिंग प्रोसेस से पुराने खिलाड़ियों, अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी और ओलंपियन के न होने पर सवाल उठाए। मनोज कुमार ने एक्स पर लिखा, “पूरी चयन प्रक्रिया सिर्फ हेड कोच, जज और फेडरेशन तक ही सीमित है। पुराने अर्जुन अवॉर्डी, द्रोणाचार्य अवॉर्डी, ओलंपियन और सीनियर खिलाड़ियों को ऑब्जर्वर या चयन मॉनिटर के तौर पर क्यों शामिल नहीं किया गया?” ओलंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह और कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक विजेता अखिल कुमार जैसे अनुभवी नामों की मौजूदगी से यह प्रक्रिया और बेहतर हो सकती थी। उन्होंने कहा कि जब चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के लिए पारदर्शिता और भरोसे की बात आती है, तो विजेंदर सिंह और अखिल कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी जरूर पक्की होनी चाहिए थी। Saikheda Murder Case: प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ मर्डर केस अब पहुंचा राजनीति तक, आरोपी की तस्वीरों पर बवाल बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने पहले 13 से 15 मई तक एनएस एनआईएस पटियाला में होने वाले एलीट नेशनल कैंपर्स के लिए एक बदले हुए मूल्यांकन नियम की घोषणा की थी। नए सिस्टम के तहत, मूल्यांकन ‘5-जज स्कोरिंग सिस्टम’ के आधार पर किया जाएगा। ऐसा बेहतर परिणाम के लिए किया गया है। मुक्केबाजी प्रतियोगिता के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के हिसाब से हर स्पैरिंग बाउट के खत्म होने के तुरंत बाद स्कोर की घोषणा की जाएगी। बीएफआई ने यह भी कहा कि पहले अपनाया गया मार्किंग सिस्टम मौजूदा मूल्यांकन में लागू नहीं होगा। बीएफआई ने रविवार को मुक्केबाजों पर स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग टेस्ट किए थे, जिन्हें अब रद्द कर दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट, भार प्रबंधन, स्वास्थ्य प्रबंधन और अटेंडेंस में पहले मिले स्कोर वापस ले लिए जाएंगे और उन्हें रद्द माना जाएगा। बीएफआई के सचिव प्रमोद कुमार ने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मुक्केबाजों का चयन एनएस एनआईएस में चल रहे एलीट नेशनल कैंपर्स का 13 मई से 15 मई तक किया जाएगा। इसमें मूल्यांकन नए नियम के आधार पर होगा।”

संजय बांगड़ बोले- गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी सफलता के पीछे आशीष नेहरा की अहम भूमिका

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Gujarat Titans की शानदार गेंदबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर और कोच Sanjay Bangar ने भी टीम की सफलता का बड़ा श्रेय हेड कोच Ashish Nehra को दिया है। उनका कहना है कि गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों पर नेहरा का गहरा प्रभाव साफ दिखाई देता है। ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में Sanjay Bangar ने कहा कि आशीष नेहरा गेंदबाजों को सही दिशा देने और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाने में माहिर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Mohammed Siraj जब अपने शुरुआती दौर में थे, तब वे आज जैसे घातक गेंदबाज नहीं थे, लेकिन नेहरा के मार्गदर्शन में उनका खेल लगातार बेहतर हुआ। बांगड़ ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज Kagiso Rabada के प्रदर्शन में आए सुधार का श्रेय भी नेहरा को दिया। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 के बाद रबाडा का फॉर्म गिरा था, लेकिन गुजरात टाइटंस से जुड़ने के बाद वे फिर लय में लौटे हैं। उन्होंने कहा कि नेहरा हमेशा “टेस्ट मैच लेंथ” पर गेंदबाजी करने पर जोर देते हैं। यही रणनीति टी20 क्रिकेट में भी गुजरात के गेंदबाजों को लगातार सफलता दिला रही है। बांगड़ के मुताबिक, नेहरा का प्रभाव अक्सर उतना चर्चा में नहीं आता, जितना आना चाहिए। Mohit Sharma, Mohammed Shami और Jason Holder जैसे गेंदबाजों का उदाहरण देते हुए बांगड़ ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भी नेहरा के मार्गदर्शन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी यूनिट सबसे मजबूत मानी जा रही है। टीम के कई गेंदबाज टॉप विकेट लेने वालों की सूची में शामिल हैं। Kagiso Rabada ने 12 मैचों में 21 विकेट, Rashid Khan ने 16 विकेट, Prasidh Krishna ने 14 विकेट, Jason Holder ने 13 विकेट और Mohammed Siraj ने भी 13 विकेट हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार प्रदर्शनों के दम पर Gujarat Titans 16 अंकों के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर बनी हुई है।

IPL 2026: शुरुआती चमक के बाद अंधेरे में खोए युवा खिलाड़ी, फ्रेंचाइजी के करोड़ों के निवेश पर फिरा पानी

नई दिल्ली । इस लेख का मुख्य उद्देश्य यह दर्शाना है कि कैसे अत्यधिक वित्तीय दबाव और बड़े मंच की अपेक्षाएं कभी-कभी युवा प्रतिभाओं के स्वाभाविक खेल को प्रभावित कर सकती हैं। इन खिलाड़ियों का विश्लेषण भविष्य के ऑक्शन और टीम चयन की रणनीतियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इस पूरे सीजन में सबसे ज्यादा चर्चा उन पांच अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों की हो रही है, जिन पर ऑक्शन में धनवर्षा तो हुई पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। इन युवा सितारों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए फ्रेंचाइजी मालिकों ने करोड़ों रुपये दांव पर लगाए थे। टूर्नामेंट की शुरुआत में इनमें से कुछ ने अपनी प्रतिभा की झलक दिखाकर सुर्खियां जरूर बटोरीं, लेकिन जैसे-जैसे मुकाबला कड़ा होता गया, इनका प्रदर्शन फीका पड़ता चला गया। बड़े मंच का दबाव और निरंतरता की कमी इन खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, जिससे इनकी टीमें अब मुश्किल स्थिति में नजर आ रही हैं। चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा 14.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे गए प्रशांत वीर इस फेहरिस्त में सबसे बड़ा नाम हैं। बाएं हाथ के इस ऑलराउंडर से टीम को जिस आक्रामक खेल की उम्मीद थी, वह इस सीजन के चार मैचों में पूरी तरह नदारद दिखा। न तो उनका बल्ला चला और न ही उनकी फिरकी का जादू विपक्षी बल्लेबाजों को उलझा पाया। इसी तरह राजस्थान के कार्तिक शर्मा, जिन्हें भी चेन्नई ने उतनी ही भारी-भरकम राशि में अपने पाले में किया था, शुरुआती अर्धशतक के बाद अपनी लय बरकरार रखने में पूरी तरह विफल रहे। घरेलू क्रिकेट में छक्कों की बारिश करने वाला यह बल्लेबाज आईपीएल की पिच पर संघर्ष करता नजर आया और 173 रनों के मामूली आंकड़े तक ही सीमित रह गया। गेंदबाजी विभाग में आकिब नबी डार ने दिल्ली कैपिटल्स को सबसे ज्यादा निराश किया है। पिछले रणजी सीजन में 60 विकेट लेकर सनसनी मचाने वाले इस गेंदबाज पर 8.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन चार मैचों के बाद भी उनका विकेटों का कॉलम शून्य पर टिका है। वहीं, कोलकाता नाइट राइडर्स के अंगकृष रघुवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन अहम मौकों पर विकेट गंवाने की उनकी आदत ने टीम की मुश्किलों को बढ़ाया। दिल्ली के समीर रिजवी ने सीजन का आगाज़ किसी तूफान की तरह किया था और दो ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड भी जीते, लेकिन समय बीतने के साथ उनका बल्ला खामोश होता गया। इन पांचों खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साफ करता है कि आईपीएल में केवल ऊंची बोली आपको सफलता की गारंटी नहीं देती, बल्कि यहां टिकने के लिए हर मैच में खुद को साबित करना अनिवार्य है।

IPL 2026 अंकतालिका में बड़ा उलटफेर: GT की लगातार 5वीं जीत से टॉप पर कब्जा, SRH तीसरे स्थान पर पहुंची

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के बाद अंकतालिका में बड़ा बदलाव देखने को मिला। गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हराकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि टेबल में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस मुकाबले में Gujarat Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बनाए, जिसके जवाब में Sunrisers Hyderabad की टीम मात्र 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह GT की लगातार पांचवीं जीत रही, जिसने उन्हें 16 अंकों के साथ अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंचा दिया। दूसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 14 अंकों के साथ बनी हुई है, जबकि SRH भी 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है। चौथे स्थान पर पंजाब किंग्स और पांचवें स्थान पर चेन्नई सुपर किंग्स मौजूद हैं। राजस्थान रॉयल्स छठे, दिल्ली कैपिटल्स सातवें और कोलकाता नाइट राइडर्स आठवें स्थान पर हैं। वहीं मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। अंकतालिका के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी दिलचस्प बनी हुई है। SRH के हेनरिक क्लासेन 12 मैचों में 508 रन बनाकर ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं, जबकि पर्पल कैप पर फिलहाल भुवनेश्वर कुमार का कब्जा है, जिन्होंने 11 मैचों में 21 विकेट लिए हैं। गुजरात टाइटंस की इस जीत ने प्लेऑफ की तस्वीर और साफ कर दी है, लेकिन टॉप-4 की रेस अभी भी कई टीमों के बीच कड़ी बनी हुई है। आने वाले मैचों में हर मुकाबला अब निर्णायक भूमिका निभाएगा।

ऑस्ट्रेलिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की, कप्तान बनीं सोफी मोलिनक्स

नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मजबूत और संतुलित टीम का ऐलान कर दिया है। मेलबर्न से जारी इस घोषणा में 15 खिलाड़ियों को स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जबकि टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी Sophie Molineux को सौंपी गई है। यह टीम अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण मानी जा रही है, जिसमें एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैकग्राथ, एलिस पेरी और बेथ मूनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। टीम प्रबंधन ने इस बार गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों पर खास फोकस किया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया को हर परिस्थितियों में मजबूती मिल सके। टीम में बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने पिछले साल आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में कप्तानी की थी। वहीं डार्सी ब्राउन को इस बार स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया है, जो चयनकर्ताओं के एक अहम फैसले के रूप में देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी यूनिट इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है, जिसमें मेगन शुट्ट, किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड, अलाना किंग और निकोला कैरी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा ताहलिया मैकग्राथ और एलिस पेरी जैसे ऑलराउंडर टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करेंगे। अनुभवी खिलाड़ी Ellyse Perry इस टूर्नामेंट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब होंगी, जहां वह अपने 50 टी20 विश्व कप मैच पूरे कर सकती हैं। वहीं निकोला कैरी तीन साल बाद टी20 वर्ल्ड कप में वापसी कर रही हैं। टीम में ग्रेस हैरिस और जॉर्जिया वोल की वापसी भी हुई है, जिससे बल्लेबाजी क्रम और मजबूत हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ताहलिया विल्सन को ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मुकाबला 13 जून को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी। कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर खिताब की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में से एक मानी जा रही है, और इस स्क्वॉड से उनकी मजबूती और बढ़ गई है।

21 साल का इंतजार खत्म: Real Betis ने Elche को मात देकर Champions League क्वालिफाई किया 3. Real Betis की ऐतिहासिक जीत, Elche को हराकर Champions League में दर्ज की एंट्री

नई दिल्ली। स्पेनिश फुटबॉल लीग La Liga में रियल बेटिस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एल्चे को 2-1 से हराकर अगले सीजन की UEFA Champions League में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ बेटिस ने लीग में पांचवां स्थान हासिल किया और लगभग 21 साल बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता में वापसी का रास्ता साफ कर लिया। मैच की शुरुआत से ही रियल बेटिस ने आक्रामक रुख अपनाया। टीम के लिए पाब्लो फोर्नल्स सबसे बड़े हीरो साबित हुए, जिन्होंने नौवें मिनट में कुचो हर्नांडेज को पहला गोल करने का मौका दिया। इसके बाद 68वें मिनट में फोर्नल्स ने पेनल्टी एरिया के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर निर्णायक गोल दागा। एल्चे ने भी मुकाबले में वापसी की कोशिश की और 41वें मिनट में हेक्टर फोर्ट के जरिए बराबरी हासिल कर ली। हालांकि, उनका पूरा गेम प्लान तब बिगड़ गया जब लियो पेट्रोट को एंटनी पर खतरनाक टैकल के कारण सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। दूसरी ओर, Real Betis ने मौके का पूरा फायदा उठाया और मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। अंत में 2-1 की जीत के साथ टीम ने न केवल तीन अहम अंक हासिल किए, बल्कि इतिहास भी रच दिया।इस जीत का असर सिर्फ बेटिस तक सीमित नहीं रहा। लीग में अन्य मुकाबलों में सेल्टा विगो की हार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जबकि लेवांटे ने 3-2 की रोमांचक जीत के साथ रेलीगेशन जोन से बाहर निकलने में सफलता पाई। वहीं, एटलेटिको मैड्रिड ने भी ओसासुना को 2-1 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। हालांकि मैच के दौरान रेड कार्ड और चोटों ने मुकाबले को और भी मुश्किल बना दिया। कुल मिलाकर यह मैचडे ला लीगा के लिए बेहद निर्णायक साबित हुआ, जहां रियल बेटिस ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर यूरोपियन फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी सुनिश्चित कर ली।

Italian Open 2026: कोको गॉफ ने मिरा एंड्रीवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, रोम में दिखाया दमदार कमबैक

नई दिल्ली। इटली की राजधानी रोम में चल रहे इटैलियन ओपन में महिला टेनिस का रोमांच चरम पर है। इस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी Coco Gauff ने रूस की युवा स्टार Mirra Andreeva को एक कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। यह मैच बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें गॉफ को जीत हासिल करने के लिए पांच मैच पॉइंट्स तक का संघर्ष करना पड़ा। मुकाबला 4-6, 0-2 की मुश्किल स्थिति से शुरू होकर गॉफ के शानदार कमबैक के साथ खत्म हुआ और उन्होंने तीसरे सेट में 6-4 से जीत दर्ज की। पहले सेट में एंड्रीवा ने आक्रामक शुरुआत करते हुए बढ़त बना ली थी और लगातार विनर्स के साथ गॉफ को दबाव में रखा। वहीं दूसरे सेट में गॉफ ने अपनी रणनीति बदली और एंड्रीवा की गलतियों का फायदा उठाते हुए मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे सेट में शुरुआत में गॉफ 5-1 से आगे थीं, लेकिन एंड्रीवा ने वापसी की कोशिश की और मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। हालांकि, दबाव के क्षणों में गॉफ ने संयम बनाए रखा और मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ कोको गॉफ का यह सीजन और मजबूत हो गया है। यह उनका लगातार तीसरा WTA 1000 सेमीफाइनल है, जिसमें दुबई और मियामी ओपन भी शामिल हैं। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का 15वां WTA 1000 सेमीफाइनल भी हासिल किया। अब सेमीफाइनल में गॉफ का सामना रोमानिया की खिलाड़ी Sorana Cirstea से होगा, जो उनके लिए एक और चुनौतीपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोको गॉफ ने इसी टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार उनकी नजर खिताब जीतने पर टिकी है।

IPL 2026: पैट कमिंस पर धीमे ओवर रेट के चलते लगा 12 लाख का जुर्माना, SRH की हार के बाद बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को गुजरात टाइटंस के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 168 रन बनाए, जिसके जवाब में SRH की टीम महज 86 रन पर सिमट गई और 82 रन से हार गई। इस हार के बाद SRH के कप्तान Pat Cummins पर बड़ा एक्शन लिया गया है। धीमे ओवर रेट के कारण उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह इस सीजन का उनका पहला उल्लंघन है, इसलिए आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के तहत केवल जुर्माना लगाया गया। गुजरात टाइटंस की ओर से साई सुदर्शन ने 61 रनों की अहम पारी खेली, जबकि वाशिंगटन सुंदर ने 50 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में SRH की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और टीम 14.5 ओवर में ही ऑलआउट हो गई। गेंदबाजी में गुजरात टाइटंस के लिए कगिसो रबाडा सबसे बड़े हीरो रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए अहम विकेट चटकाए। इस हार के बावजूद SRH अभी भी अंक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई है, लेकिन टीम का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अब टीम को आने वाले मुकाबलों में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। आईपीएल में इस सीजन धीमे ओवर रेट को लेकर कई कप्तानों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल और शुभमन गिल जैसे नाम भी शामिल हैं। कुल मिलाकर यह मुकाबला SRH के लिए सिर्फ हार नहीं बल्कि चेतावनी भी साबित हुआ है कि आने वाले मैचों में उन्हें रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।

IPL 2026: महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों का फ्लॉप शो, करोड़ों की उम्मीदें हुईं ध्वस्त

नई दिल्ली  IPL 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने दम दिखाया, लेकिन 5 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बड़े दाम के बावजूद प्रदर्शन में फेल साबित हुए। फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। IPL 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने दम दिखाया, लेकिन 5 अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बड़े दाम के बावजूद प्रदर्शन में फेल साबित हुए। फ्रेंचाइजी की उम्मीदों पर पानी फिर गया। IPL 2026 के इस सीजन में जहां कई युवा सितारे चमके, वहीं करोड़ों में खरीदे गए कुछ अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 बड़े नामों के बारे में। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। यह सीजन युवा खिलाड़ियों के उभार के लिए याद किया जाएगा, लेकिन इसी बीच कुछ ऐसे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी भी चर्चा में रहे, जिन पर फ्रेंचाइजी ने करोड़ों रुपये खर्च किए थे, लेकिन उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। सबसे पहले बात करते हैं प्रशांत वीर की, जिन्हें चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) ने 14.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिनर प्रशांत ने 4 मैचों में सिर्फ 66 रन बनाए और गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं लिया। यह प्रदर्शन फ्रेंचाइजी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। दूसरे खिलाड़ी कार्तिक शर्मा भी CSK का ही हिस्सा हैं, जिन्हें इतने ही बड़े दाम में खरीदा गया था। घरेलू क्रिकेट में छक्कों के लिए मशहूर कार्तिक ने 8 मैचों में 173 रन बनाए। हालांकि मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के खिलाफ उनकी नाबाद 54 रनों की पारी ने थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई, लेकिन निरंतरता की कमी साफ नजर आई। तीसरे नाम आकिब नबी डार का है, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने 8.4 करोड़ में खरीदा था। जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने घरेलू क्रिकेट में 60 विकेट लेकर सनसनी मचाई थी, लेकिन IPL में 4 मैचों में वह एक भी विकेट नहीं ले सके, जिससे टीम की रणनीति पर सवाल उठे। चौथे खिलाड़ी अंगकृष रघुवंशी को कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) ने रिटेन किया था। उन्होंने 10 मैचों में 269 रन बनाए और 3 अर्धशतक लगाए, लेकिन बड़े मौकों पर उनकी अस्थिरता टीम के लिए चिंता का विषय बनी रही। पांचवें नाम समीर रिज़वी का है, जिन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने 95 लाख में रिटेन किया था। उन्होंने सीजन की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी और 90 रनों की पारी खेली थी, लेकिन बाद में उनका प्रदर्शन गिरता चला गया। 11 मैचों में 252 रन ही उनके नाम रहे। कुल मिलाकर IPL 2026 में इन पांच खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन ये खिलाड़ी लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाए और फ्रेंचाइजी की निवेश रणनीति पर सवाल खड़े हो गए।

पाकिस्तान के नोमान अली का कमाल, टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट लेकर रचा इतिहास

नई दिल्ली ।  बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर Noman Ali ने इतिहास रच दिया। मैच के पांचवें दिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की और इस फॉर्मेट में यह कारनामा करने वाले सबसे उम्रदराज गेंदबाज बन गए। नोमान अली ने इस मैच की पारी में 3 विकेट हासिल किए। उनका ऐतिहासिक 100वां विकेट बांग्लादेश के बल्लेबाज मेहदी हसन मिराज के रूप में आया। उन्होंने 39 साल 217 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर इंग्लैंड के दिग्गज बॉबी पील का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 39 साल 180 दिन की उम्र में 100 विकेट पूरे किए थे। इस सूची में अन्य महान गेंदबाजों में रे इलिंगवर्थ, क्लैरी ग्रिमेट और सिडनी बार्न्स जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन नोमान अली ने इस उम्र में पहुंचकर नया इतिहास लिख दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट में भी वह सबसे तेजी से 100 विकेट पूरे करने वाले गेंदबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 22 टेस्ट मैचों में हासिल की है, जो उनकी निरंतरता और क्षमता को दर्शाता है। पाकिस्तान के अन्य महान गेंदबाजों में यासिर शाह, सईद अजमल और वकार युनुस उनसे आगे हैं, लेकिन नोमान का यह प्रदर्शन उन्हें विशेष स्थान दिलाता है। मैच की बात करें तो बांग्लादेश ने पहली पारी में 413 रन बनाए, जबकि पाकिस्तान की पहली पारी 386 रन पर समाप्त हुई। बांग्लादेश ने दूसरी पारी 9 विकेट पर 240 रन पर घोषित कर पाकिस्तान को 268 रनों का लक्ष्य दिया। अब पाकिस्तान को जीत के लिए 76 ओवरों में यह लक्ष्य हासिल करना होगा, जिससे मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। नोमान अली की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पाकिस्तान क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है और उनके नाम अब टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक खास रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।