आईपीएल 2026 में आरसीबी का दबदबा, जीत के साथ अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा..

नई दिल्ली: बेंगलुरु में खेले गए आईपीएल 2026 के एक महत्वपूर्ण मुकाबले के बाद टूर्नामेंट की अंकतालिका में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट से जीत दर्ज की और इस जीत के साथ वह अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने लक्ष्य का पीछा बेहद संतुलित और आक्रामक अंदाज में किया और 147 रनों के लक्ष्य को 15.1 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है और प्लेऑफ की दौड़ में उसकी स्थिति को काफी सुदृढ़ कर दिया है। इस जीत के बाद अंकतालिका में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। आरसीबी और राजस्थान रॉयल्स दोनों के पास आठ आठ अंक हैं, लेकिन बेहतर रन रेट के आधार पर आरसीबी शीर्ष पर बनी हुई है। पंजाब किंग्स सात अंकों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से बनी हुई है। सनराइजर्स हैदराबाद चार मैचों में चार अंकों के साथ चौथे स्थान पर है और लगातार बेहतर प्रदर्शन की तलाश में है। दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस चार चार अंकों के साथ क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स को इस हार का नुकसान हुआ है और टीम सातवें स्थान पर खिसक गई है। चेन्नई सुपर किंग्स आठवें स्थान पर बनी हुई है जबकि मुंबई इंडियंस नौवें स्थान पर संघर्ष कर रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स अब तक केवल एक अंक के साथ तालिका में सबसे नीचे है। इस मुकाबले के बाद ऑरेंज कैप की दौड़ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का परिचय देते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने इस मैच में 34 गेंदों पर 49 रन की अहम पारी खेली और पूरे टूर्नामेंट में अब तक उनके कुल रन 228 हो गए हैं। इस प्रदर्शन के साथ वह ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे पहुंच गए हैं। उनके पीछे हेनरिक क्लासेन 224 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि रजत पाटीदार 222 रनों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी भी शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाए हुए हैं, जिससे बल्लेबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प हो गई है। गेंदबाजी विभाग में भी रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर पर्पल कैप पर कब्जा बनाए रखा है। उन्होंने चार मैचों में दस विकेट हासिल किए हैं और अपनी टीम के लिए लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं। अंशुल कंबोज और प्रिंस यादव भी दस और नौ विकेट के साथ शीर्ष गेंदबाजों में शामिल हैं। रवि बिश्नोई और जोफ्रा आर्चर भी लगातार विकेट निकालकर अपनी टीमों को मजबूती दे रहे हैं। इस सीजन में गेंदबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। आईपीएल 2026 का यह चरण अब पूरी तरह से रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मुकाबला अंकतालिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स को प्रभावित कर रहा है। टीमों के बीच अंतर बेहद कम रह गया है और हर मैच प्लेऑफ की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। दर्शकों की नजरें अब आने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की उम्मीद है।
एमएस धोनी की चोट के बाद वापसी की संभावित तारीख 23 अप्रैल तय की गई है, जब उनकी टीम मुंबई का सामना करेगी।

नई दिल्ली: क्रिकेट प्रेमियों और विशेष रूप से चेन्नई की टीम के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से अपने मार्गदर्शक और पूर्व कप्तान एमएस धोनी की मैदान पर वापसी का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए अब तारीख स्पष्ट हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, एमएस धोनी आईपीएल 2026 के इस सीजन में अपना पहला मुकाबला मुंबई के खिलाफ 23 अप्रैल को खेल सकते हैं। यह मैच मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, जो धोनी के करियर के लिए बेहद खास रहा है। इसी मैदान पर उन्होंने साल 2011 में भारत को विश्व विजेता बनाया था और अब यहीं से उनके इस सीजन के सफर की शुरुआत होने की प्रबल संभावना है। चोट के कारण शुरुआती मैचों से रहे बाहरएमएस धोनी इस सीजन के शुरुआती पांच मुकाबलों में अपनी टीम की अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन पाए थे। सीजन शुरू होने से ठीक पहले अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या हुई थी, जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी थी। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने अब तक पांच मैच खेले हैं, जिनमें से शुरुआती तीन मैचों में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, पिछले दो मैचों में टीम ने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की है। धोनी की गैरमौजूदगी में अन्य खिलाड़ी विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उनकी मैदान पर मौजूदगी टीम के मनोबल के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मांसपेशियों के खिंचाव से उबरने के बाद एमएस धोनी 23 अप्रैल को मुंबई के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले से मैदान पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।धोनी की फिटनेस को लेकर आ रही ताजा रिपोर्टों के अनुसार, वह अब पूरी तरह स्वस्थ होने के करीब हैं। हाल ही में उन्हें अभ्यास सत्र के दौरान मैदान पर जमकर पसीना बहाते देखा गया था। उन्होंने नेट सत्र में लंबा समय बिताया और तेज गेंदों पर अपने पुराने अंदाज में प्रहार किए। उनके फुटवर्क और शॉट चयन में किसी भी प्रकार की परेशानी नजर नहीं आई, जो उनके पूरी तरह फिट होने का संकेत है। इसके अलावा वह टीम के युवा खिलाड़ियों और गेंदबाजों को विशेष रणनीति सिखाते हुए भी नजर आए, जिससे यह स्पष्ट है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।वानखेड़े स्टेडियम का विशेष महत्वधोनी की वापसी के लिए वानखेड़े स्टेडियम का चयन रणनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। 23 अप्रैल को होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट की दो सबसे सफल टीमों के बीच होगा। क्रिकेट जगत में इस भिड़ंत को सबसे बड़ा मुकाबला माना जाता है। धोनी का इस हाई-वोल्टेज मैच में वापसी करना न केवल दर्शकों के रोमांच को दोगुना कर देगा, बल्कि उनकी टीम को भी एक नई ऊर्जा प्रदान करेगा। वानखेड़े की पिच और वहां का माहौल हमेशा से धोनी के अनुकूल रहा है, जहां उन्हें खेल के हर प्रेमी का भरपूर समर्थन मिलता है। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भूमिका की संभावनाविशेषज्ञों का मानना है कि पूर्ण फिटनेस हासिल करने की प्रक्रिया के दौरान धोनी को इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में भी आजमाया जा सकता है। यदि वह पूरे 20 ओवर विकेटकीपिंग करने में थोड़ा भी संकोच महसूस करते हैं, तो टीम उन्हें केवल बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतार सकती है। उनकी वापसी के बाद टीम के बल्लेबाजी क्रम में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। टीम वर्तमान में अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही है और धोनी की वापसी उन्हें प्ले-ऑफ की दौड़ में मजबूती से खड़ा कर सकती है। प्रशंसकों की नजरें अब 23 अप्रैल की उस तारीख पर टिकी हैं, जब सात नंबर की जर्सी में यह दिग्गज खिलाड़ी एक बार फिर मैदान पर कदम रखेगा।
रजत पाटीदार ने 17 गेंदों में आईपीएल करियर का सबसे तेज कप्तानी अर्धशतक लगाकर एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बराबरी की।

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के क्षितिज पर एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने अपने बल्ले की धमक से चयनकर्ताओं के बंद दरवाजों पर जोरदार प्रहार किया है। रजत पाटीदार, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है, वर्तमान सीजन में जिस आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में पदार्पण का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया है। मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी असाधारण क्षमता और दबाव के क्षणों में क्रीज पर अडिग रहने का उनका जज्बा उन्हें वर्तमान पीढ़ी के सबसे परिपक्व बल्लेबाजों की सूची में सबसे ऊपर रखता है। रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी और कप्तानी का नया चेहरा आईपीएल के इस सत्र में रजत पाटीदार ने रॉयल चेलेंजर बेंगलुरु के नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते हुए न केवल अपनी टीम को नई दिशा दी है बल्कि अपनी बल्लेबाजी को भी एक नए शिखर पर पहुंचाया है। उन्होंने हालिया मुकाबलों में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से कई दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। विशेष रूप से मुंबई के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने मात्र 17 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर क्रिकेट जगत को स्तब्ध कर दिया। यह पारी इसलिए भी खास थी क्योंकि उन्होंने आईपीएल के इतिहास में एक कप्तान के रूप में एडम गिलक्रिस्ट के सबसे तेज अर्धशतक के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी की। उनकी इस पारी ने साबित कर दिया कि नेतृत्व का बोझ उनकी नैसर्गिक बल्लेबाजी को कुचलने के बजाय और अधिक निखारने का काम कर रहा है। मध्य क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी का पर्याय पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर दृष्टिकोण और तकनीकी कौशल है। वह स्पिनर्स के खिलाफ जितने सहज नजर आते हैं, तेज गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल करने में भी उतने ही माहिर हैं। शुरुआती पांच मैचों में उनके आंकड़े किसी करिश्मे से कम नहीं हैं, जहां उन्होंने 213 से अधिक के स्ट्राइक रेट के साथ 222 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। टीम इंडिया को लंबे समय से एक ऐसे मध्य क्रम के बल्लेबाज की तलाश रही है जो मैच की स्थिति के अनुसार अपनी गति बदल सके। पाटीदार इस ढांचे में पूरी तरह फिट बैठते हैं। उनकी बल्लेबाजी में वह ‘एक्स फैक्टर’ मौजूद है जो खेल के किसी भी मोड़ पर मैच का पासा पलटने की क्षमता रखता है।घरेलू अनुभव और भविष्य की राह रजत पाटीदार की यह सफलता कोई रातों-रात मिली उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में बिताए गए सालों का कड़ा परिश्रम है। रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में लगातार रन बनाने का अनुभव अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके काम आ रहा है। 2025 में अपनी कप्तानी में बेंगलुरु को पहला आईपीएल खिताब दिलाने के बाद, उनकी मानसिक दृढ़ता और खेल की समझ में जबरदस्त परिपक्वता आई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वर्तमान फॉर्म को देखते हुए चयनकर्ता उन्हें आगामी टी20 सीरीज से बाहर रखने का जोखिम नहीं उठा सकते। वह न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हैं, बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग के अनुरूप हर गेंद पर प्रहार करने का साहस भी रखते हैं। ब्लू जर्सी का बढ़ता इंतजार भारतीय टीम प्रबंधन वर्तमान में भविष्य की टीम तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और पाटीदार इस योजना का एक अनिवार्य हिस्सा नजर आते हैं। उनके गगनचुंबी छक्के और गैप ढूंढने की कला उन्हें एक पूर्ण टी20 खिलाड़ी बनाती है। जिस तरह से उन्होंने आईपीएल के दबाव भरे माहौल में निरंतरता दिखाई है, वह यह सुनिश्चित करता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब यह केवल समय की बात है कि कब यह धाकड़ बल्लेबाज टीम इंडिया की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगा। उनकी यह अविश्वसनीय यात्रा भारतीय क्रिकेट के प्रति उनके अटूट समर्पण और संघर्ष की एक प्रेरक कहानी है।
चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराकर एक और जीत अपने नाम की। 147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने 29 गेंद शेष रहते 149 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे अहम भूमिका विराट कोहली की रही, जिन्होंने 34 गेंदों पर 49 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनकी इस पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी कर जीत की नींव रखी। घुटने की चोट से जूझ रहे हैं विराट कोहलीमैच के बाद विराट कोहली ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनका घुटना अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह घुटने में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान हैं। कोहली ने माना कि वह इस मैच में भी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन टीम के लिए मैदान पर उतरना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले की तुलना में स्थिति बेहतर है, लेकिन अभी पूरी तरह फिट होने में समय लगेगा। ‘मैं अभी पूरी तरह फिट नहीं हूं’ – कोहलीकोहली ने मैच के बाद बातचीत में बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश थी कि पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल दिया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह मैच को और बेहतर तरीके से खत्म कर सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और जज्बे पर संतोष जताया। पिच और रणनीति पर भी रखी रायविराट कोहली ने पिच को लेकर कहा कि सतह पर ज्यादा घास नहीं थी और यह अपेक्षाकृत धीमी थी। गर्म मौसम के कारण पिच का व्यवहार अलग था, जिससे बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी रणनीति शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाने की थी, ताकि लक्ष्य आसान हो सके। RCB की गेंदबाजी ने भी दिखाया दमइस मुकाबले में RCB की जीत में गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। रसिख सलाम ने 4 विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लेकर LSG की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। LSG की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई। कृणाल पंड्या ने भी 2 विकेट हासिल किए। बेहतरीन गेंदबाजी के कारण RCB को आसान लक्ष्य मिला। LSG के कार्यवाहक कप्तान ने मानी कमजोरीLSG के कप्तान निकोलस पूरन ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 175 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी होता, लेकिन बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। पूरन ने माना कि टी20 क्रिकेट में निरंतरता मुश्किल होती है, लेकिन टीम प्रयास कर रही है। यह मुकाबला RCB की शानदार जीत के साथ-साथ विराट कोहली की फिटनेस को लेकर चिंता भी छोड़ गया है। घुटने की चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ, लेकिन आने वाले मैचों में उनकी उपलब्धता और फिटनेस RCB के अभियान के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
Rishabh Pant को कोहनी में गंभीर चोट, दर्द से कराहते हुए मैदान से बाहर

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में 15 अप्रैल को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को बड़ा झटका लगा, जब कप्तान Rishabh Pant को कोहनी में तेज चोट लग गई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की गेंद पर शॉट खेलते समय पंत पूरी तरह चूक गए और गेंद सीधे उनकी बाईं कोहनी पर जा लगी। कैसे लगी चोट?पारी के पांचवें ओवर में हेजलवुड ने तेज और उछाल भरी गेंद डाली, जिस पर पंत ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की। लेकिन गेंद की रफ्तार और बाउंस को सही तरह से न समझ पाने के कारण वह चूक गए और गेंद सीधा कोहनी पर लगी। चोट लगते ही पंत दर्द से कराहते नजर आए और तुरंत फिजियो मैदान पर पहुंचे। मैदान से बाहर, फिर छोटी वापसीशुरुआत में लगा कि पंत कुछ देर बाद दोबारा बल्लेबाजी करेंगे, लेकिन दर्द बढ़ने पर उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा।बाद में पांचवां विकेट गिरने पर वे दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे, लेकिन सिर्फ 6 गेंदों में 1 रन ही बना सके। उनका विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिया। विकेटकीपिंग भी नहीं कर पाए पंतचोट की वजह से पंत ने विकेटकीपिंग नहीं की, जो टीम के लिए बड़ा झटका रहा। कप्तान होने के साथ-साथ वे टीम के मुख्य विकेटकीपर और मिडिल ऑर्डर के अहम बल्लेबाज भी हैं। कोहनी की चोट क्यों है गंभीर?क्रिकेट में कोहनी की चोट बल्लेबाज और विकेटकीपर दोनों के लिए मुश्किल स्थिति मानी जाती है। इससे- बैट पकड़ने में दिक्कतशॉट लगाने में दर्दथ्रो करने की क्षमता पर असरविकेटकीपिंग मूवमेंट में परेशानी टीम के लिए बड़ा झटकाLucknow Super Giants के लिए यह चोट चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि पंत टीम के कप्तान होने के साथ-साथ मैच विनर भी हैं। उनकी फिटनेस पर टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों निर्भर करते हैं। अभी क्या स्थिति है?फिलहाल टीम की ओर से उनकी चोट को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया है। यह भी साफ नहीं है कि उन्हें स्कैन के लिए ले जाया जाएगा या नहीं। चोट कितनी गंभीर है, इसका आकलन मेडिकल जांच के बाद ही होगा।
टी20 टीम का नया कप्तान कौन ईशान हार्दिक या अभिषेक में छिड़ी जबरदस्त रेस

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में टी20 फॉर्मेट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की उम्र को देखते हुए चयनकर्ता अब भविष्य की योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। साल 2028 में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक भारत के लिए बेहद अहम होंगे। उस समय सूर्यकुमार यादव की उम्र करीब 37 साल हो जाएगी ऐसे में टीम मैनेजमेंट एक ऐसे युवा कप्तान की तलाश में है जो लंबे समय तक टीम को संभाल सके और अपने प्रदर्शन से भी मैच जिताने की क्षमता रखता हो। इस रेस में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं जो आने वाले समय में टीम इंडिया के टी20 कप्तान बन सकते हैं। सबसे पहला नाम ईशान किशन का है। विकेटकीपर बल्लेबाज होने का फायदा उन्हें कप्तानी में मिल सकता है क्योंकि वह मैदान पर हर स्थिति को करीब से समझते हैं। उनकी सोच तेज है और फैसले लेने की क्षमता भी मजबूत मानी जाती है। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने झारखंड को खिताब जिताकर अपनी लीडरशिप साबित की है। आईपीएल में भी कप्तानी का अनुभव उन्हें मिला है जिससे उनका दावा और मजबूत होता है। अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह टीम को एक नई दिशा दे सकते हैं। दूसरा बड़ा नाम हार्दिक पांड्या का है जो पहले भी कप्तानी कर चुके हैं और खुद को साबित कर चुके हैं। उनकी अगुवाई में गुजरात टीम ने आईपीएल खिताब जीता था जो उनके नेतृत्व कौशल को दिखाता है। हार्दिक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनका आत्मविश्वास और आक्रामक रवैया टीम में ऊर्जा भरता है। बड़े मैचों में शांत रहकर फैसले लेना उनकी खासियत है जो उन्हें कप्तानी का मजबूत दावेदार बनाती है। तीसरा नाम अभिषेक शर्मा का है जो तेजी से उभरते हुए युवा खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक है और वह शुरुआत से ही विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी उनके पास है। उनकी स्ट्राइक रेट और लगातार रन बनाने की क्षमता उन्हें टी20 का आदर्श खिलाड़ी बनाती है। अगर उन्हें कप्तानी दी जाती है तो वह टीम में नई सोच और निडरता ला सकते हैं जो आने वाले बड़े टूर्नामेंट में फायदेमंद साबित हो सकती है। कुल मिलाकर भारतीय टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही है और आने वाले समय में कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। चयनकर्ताओं के सामने चुनौती यह होगी कि वे ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो न सिर्फ रणनीतिक रूप से मजबूत हो बल्कि अपने प्रदर्शन से भी टीम को जीत दिला सके।
रविचंद्रन अश्विन बोले-सही शॉट चयन ही दिलाएगा रुतुराज गायकवाड़ को सफलता

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings की जीत के बावजूद कप्तान Ruturaj Gaikwad की बल्लेबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। मंगलवार को चेपॉक में खेले गए मुकाबले में सीएसके ने Kolkata Knight Riders को 32 रन से हराकर सीजन की लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस जीत से टीम अंकतालिका में 10वें से 8वें स्थान पर पहुंच गई, जिससे कप्तान गायकवाड़ को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन उनकी व्यक्तिगत फॉर्म अब भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। बल्लेबाजी में लगातार फ्लॉप, टीम को नहीं मिल रही ठोस शुरुआतकेकेआर के खिलाफ मैच में भी गायकवाड़ महज 6 गेंदों में 7 रन बनाकर आउट हो गए। यह प्रदर्शन उनके मौजूदा फॉर्म को दर्शाता है, जहां वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूरे सीजन में अब तक 5 मैचों की 5 पारियों में वह सिर्फ 63 रन ही बना सके हैं। उनकी इस खराब फॉर्म का असर टीम की शुरुआत पर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे सीएसके को कई मैचों में दबाव का सामना करना पड़ा। अश्विन की सलाह: सही शॉट सिलेक्शन है सफलता की कुंजीपूर्व भारतीय स्पिनर और एक्सपर्ट Ravichandran Ashwin ने गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर अहम टिप्पणी करते हुए सुधार की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में इंटेंट जरूरी है, लेकिन सही शॉट का चयन उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है। अश्विन के अनुसार, गायकवाड़ शुरुआत में जल्दबाजी दिखा रहे हैं और गेंद की लाइन से बाहर जाकर शॉट खेलने की कोशिश में कैच आउट हो रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए Sanju Samson और Ayush Mhatre का जिक्र किया, जिन्होंने हाल के मैचों में बेहतर शॉट चयन दिखाया। अश्विन ने सुझाव दिया कि गायकवाड़ को शुरुआत में थोड़ा संयम बरतना चाहिए, गेंद को अच्छी तरह टाइम करना चाहिए और ज्यादा “डाउन द ग्राउंड” शॉट्स खेलने चाहिए। ओपनिंग में बदलाव की उठ रही मांगगायकवाड़ की खराब फॉर्म के चलते अब टीम कॉम्बिनेशन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी जगह Ayush Mhatre को Sanju Samson के साथ ओपनिंग का मौका दिया जाना चाहिए। इससे टीम को बेहतर शुरुआत मिल सकती है और मिडिल ऑर्डर पर दबाव कम होगा। कप्तानी में राहत, बल्लेबाजी में चुनौतीहालांकि बतौर कप्तान गायकवाड़ ने टीम को लगातार दो जीत दिलाकर आलोचकों को कुछ हद तक शांत किया है, लेकिन एक बल्लेबाज के रूप में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अगर उन्हें टीम को प्लेऑफ की दौड़ में बनाए रखना है, तो जल्द ही अपनी फॉर्म में वापसी करनी होगी।
ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट विक्टर एक्सेलसन ने करियर को कहा अलविदा

नई दिल्ली। दुनिया के दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार डेनमार्क के स्टार शटलर Viktor Axelsen ने बुधवार को प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास का ऐलान कर खेल जगत को चौंका दिया। महज 32 साल की उम्र में लिया गया यह फैसला उनके शानदार करियर के लिहाज से जितना चौंकाने वाला है, उतना ही भावुक भी। एक्सेलसन ने अपने संन्यास के पीछे लगातार बनी रहने वाली पीठ की गंभीर समस्या को वजह बताया है, जिसने पिछले कुछ समय से उनके प्रदर्शन और ट्रेनिंग दोनों पर गहरा असर डाला था। ⚕ चोट बनी करियर की सबसे बड़ी बाधाएक्सेलसन लंबे समय से पीठ दर्द से जूझ रहे थे। पिछले साल अप्रैल में उनकी सर्जरी भी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने लंबा रिहैबिलिटेशन किया। हालांकि वापसी के बाद अक्टूबर में उन्हें फिर झटका लगा और तब से वह पूरी क्षमता के साथ कोर्ट पर नहीं लौट पाए। उन्होंने बताया कि दर्द इतना ज्यादा था कि वह न तो ट्रेनिंग कर पा रहे थे और न ही मैच खेल पा रहे थे। डॉक्टरों की सलाह और संभावित दूसरी सर्जरी के जोखिम को देखते हुए उन्होंने आखिरकार रैकेट रखने का फैसला कर लिया। सुनहरे करियर पर एक नजर2010 में प्रोफेशनल डेब्यू करने वाले एक्सेलसन ने अपने करियर में लगभग हर बड़ा खिताब जीता। उन्होंने Tokyo 2020 Olympics और Paris 2024 Olympics में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इससे पहले Rio 2016 Olympics में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया था। वह ओलंपिक इतिहास में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2017 और 2022 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतकर खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में स्थापित किया। खास बात यह है कि वह दो बार वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले गिने-चुने नॉन-एशियन खिलाड़ियों में से एक हैं। यूरोपियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने तीन बार खिताब अपने नाम किया और टीम इवेंट में थॉमस कप जीतकर अपने देश को गौरवान्वित किया। भावुक बयान: “मेरा शरीर अब रुकने को कह रहा है”संन्यास की घोषणा करते हुए एक्सेलसन ने कहा कि यह फैसला लेना उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं था। उन्होंने कहा, “डॉक्टरों ने बताया कि मौजूदा दर्द के लिए शायद एक और सर्जरी करनी पड़ सकती है, और अगर वह सफल नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में मेरा शरीर मुझे रुकने का इशारा दे रहा है।” उनके इस बयान से साफ झलकता है कि उन्होंने मजबूरी में यह फैसला लिया। बैडमिंटन जगत में छोड़ी अमिट छापएक्सेलसन का नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी फिटनेस, अनुशासन और आक्रामक खेल शैली ने उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाया। उन्होंने न सिर्फ एशियाई दबदबे को चुनौती दी, बल्कि यूरोप से एक नई पहचान भी बनाई।
शतक से छाए Sanju Samson, Dale Steyn बोले-टीम का माहौल पूरी तरह बदला

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में शुरुआत में लड़खड़ाने वाली Chennai Super Kings अब शानदार वापसी करती नजर आ रही है। टीम की इस वापसी का बड़ा कारण बने हैं विकेटकीपर बल्लेबाज Sanju Samson, जिनके शतक ने पूरे कैंप का माहौल बदल दिया। लगातार हार के बाद मुश्किल में थी टीमसीजन की शुरुआत में CSK को लगातार तीन मैचों में हार झेलनी पड़ी थी। इससे टीम का मनोबल काफी गिर गया था। लेकिन इसके बाद टीम ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो मुकाबले जीत लिए और अंकतालिका में Kolkata Knight Riders और Mumbai Indians से ऊपर पहुंच गई। सैमसन का शतक बना टर्निंग पॉइंटदक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज Dale Steyn का मानना है कि यह बदलाव सैमसन की शानदार पारी के बाद आया। दिल्ली के खिलाफ खेले गए मैच में सैमसन ने 56 गेंदों पर नाबाद 115 रन ठोक दिए, जिसमें 15 चौके और 4 छक्के शामिल थे। स्टेन ने कहा कि एक जीत टीम के आत्मविश्वास को पूरी तरह बदल देती है और वही CSK के साथ हुआ। जीत से बढ़ा आत्मविश्वासस्टेन के मुताबिक, “आईपीएल में मैच जीतना आसान नहीं होता। लेकिन जब टीम एक मैच जीतती है, तो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर प्रदर्शन करने लगते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सैमसन टीम के बदलाव को लीड कर रहे हैं। चेपॉक में दिखी CSK की ताकतघरेलू मैदान चेपॉक में CSK ने 20 ओवर में 212 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 23 रन से जीत लिया। इसके बाद टीम ने Kolkata Knight Riders को भी 32 रन से हराकर अपनी लय बरकरार रखी। इस मैच में भी सैमसन ने अहम 48 रन की पारी खेली। गायकवाड़ से भी बड़ी उम्मीदस्टेन ने कप्तान Ruturaj Gaikwad की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह शानदार बल्लेबाज हैं और आने वाले मैचों में टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
हार के बाद खुलासा: KKR की नाकामी पर कप्तान अंजिक्य रहाणे का बड़ा बयान

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का खराब प्रदर्शन जारी है। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 32 रन की हार के बाद टीम को इस सीजन में चौथी हार झेलनी पड़ी, जबकि एक मैच बारिश के कारण बेनतीजा रहा। इस हार के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम की असफलता की असली वजह साफ तौर पर बताई। रहाणे ने बल्लेबाजी को बताया सबसे बड़ी कमजोरीमैच के बाद रहाणे ने माना कि KKR की हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजी रही। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए CSK को 200 रन से नीचे रोक दिया, जो इस पिच पर अच्छा प्रयास था। लेकिन बल्लेबाजी यूनिट इसका फायदा नहीं उठा पाई। पावरप्ले में धीमी शुरुआत बनी हार की वजहKKR की पारी की सबसे बड़ी समस्या पावरप्ले में धीमी शुरुआत रही। टीम शुरुआती ओवरों में सिर्फ 36-37 रन ही बना सकी, जिससे रनचेज का दबाव लगातार बढ़ता गया। रहाणे के मुताबिक बल्लेबाजों को न तो मोमेंटम मिला और न ही कोई साझेदारी बन पाई, जो हार का मुख्य कारण बना। गेंदबाजों की तारीफ, लेकिन बल्लेबाजों पर सवालजहां कप्तान ने गेंदबाजों के प्रदर्शन की सराहना की, वहीं बल्लेबाजी यूनिट पर सीधा सवाल उठाया। उनका कहना था कि जब गेंदबाजों ने टीम को मुकाबले में बनाए रखा, तब बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी। टीम का मनोबल बनाए रखने की अपीललगातार हार के बावजूद रहाणे ने खिलाड़ियों से सकारात्मक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है, लेकिन टीम को हर मैच में सुधार करते हुए आगे बढ़ना होगा और आत्मविश्वास बनाए रखना होगा। कार्तिक त्यागी की जमकर तारीफहार के बीच रहाणे ने युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी की विशेष तारीफ की। उन्होंने कहा कि त्यागी लगातार मेहनत कर रहे हैं और 148 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं, जो टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत है। CSK की रणनीति और मजबूत गेंदबाजीदूसरी ओर CSK के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने टीम की जीत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि टीम धीरे-धीरे अपनी लय में आ रही है और खिलाड़ी अपने रोल को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। गेंदबाज नूर अहमद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके और KKR की रनचेज को पूरी तरह रोक दिया। KKR का लगातार गिरता प्रदर्शनइस हार के साथ KKR का सीजन बेहद खराब चल रहा है। टीम 5 में से 4 मैच हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया है। लगातार खराब प्रदर्शन ने टीम की प्लेऑफ उम्मीदों को भी मुश्किल में डाल दिया है।