यूरोपा लीग: फ्रीबर्ग ने सेल्टा विगो को 3-0 से हराया, क्वार्टरफाइनल में बढ़त

नई दिल्ली। यूईएफए यूरोपा लीग क्वार्टरफाइनल के पहले लेग में SC Freiburg ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Celta Vigo को 3-0 से करारी शिकस्त दी। जर्मनी के फ्रीबर्ग इम ब्रेइसगाऊ में खेले गए इस मुकाबले में घरेलू टीम ने शुरुआत से अंत तक खेल पर अपना पूरा नियंत्रण बनाए रखा। कप्तान Vincenzo Grifo ने दिलाई शुरुआती बढ़तमैच की शुरुआत से ही SC Freiburg आक्रामक नजर आया। इसका फायदा उन्हें 10वें मिनट में मिला, जब टीम के कप्तान Vincenzo Grifo ने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। उनका शॉट डिफ्लेक्शन के साथ गोल में गया, जिससे गोलकीपर के पास कोई मौका नहीं बचा। काउंटर-प्रेसिंग से विगो पर बना दबावपहले गोल के बाद भी फ्रीबर्ग ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। उनकी तेज काउंटर-प्रेसिंग के सामने Celta Vigo पूरी तरह असहज नजर आई। 32वें मिनट में Igor Matanović की शानदार पास पर Nicolas Beste ने आसान गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। दूसरे हाफ में भी कायम रहा नियंत्रणदूसरे हाफ में भी SC Freiburg ने मैच की गति अपने हाथ में रखी। Celta Vigo ने कुछ बदलाव जरूर किए, लेकिन वे मैच का रुख बदलने में नाकाम रहे। 70वें मिनट में Borja Iglesias ने एक मौका बनाया, लेकिन उसे गोल में नहीं बदल सके। कॉर्नर से तीसरा गोल, जीत पक्कीफ्रीबर्ग ने तीसरा गोल कॉर्नर किक से किया। Nicolas Beste की सटीक गेंद पर Matthias Ginter ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके बाद मुकाबला लगभग फ्रीबर्ग के नाम हो गया। कप्तान का बयान और आगे की राहमैच के बाद Vincenzo Grifo ने टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने परिपक्व और निडर खेल दिखाया। उन्होंने यह भी माना कि 3-0 की बढ़त अहम है, लेकिन स्पेन में होने वाला दूसरा लेग आसान नहीं होगा। सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदमइस जीत के साथ SC Freiburg ने सेमीफाइनल में जगह बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिया है। वहीं Celta Vigo को अब अगले लेग में चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा। फ्रीबर्ग ने यूरोपा लीग क्वार्टरफाइनल के पहले लेग में सेल्टा विगो को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत बढ़त बना ली है।
क्वार्टरफाइनल के पहले लेग में कड़ा मुकाबला, ब्रागा-बेटिस ने खेला बराबरी का मैच

नई दिल्ली। यूईएफए यूरोपा लीग क्वार्टरफाइनल के पहले लेग में SC Braga और Real Betis के बीच खेला गया मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। Estádio Municipal de Braga में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल की दौड़ को पूरी तरह खुला छोड़ दिया। शुरुआती बढ़त के साथ ब्रागा का दबदबामैच की शुरुआत में SC Braga ने आक्रामक रुख अपनाया और इसका फायदा भी जल्दी मिला। डिएगो रोड्रिग्स के कॉर्नर पर Florian Grillitsch ने बेहतरीन फ्लिक के जरिए गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इस शुरुआती गोल ने घरेलू टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्होंने पहले हाफ में खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। बेटिस की वापसी की कोशिशगोल खाने के बाद Real Betis ने धीरे-धीरे खेल में वापसी की। 24वें मिनट में Marc Bartra ने हेडर के जरिए बराबरी का शानदार मौका बनाया, लेकिन गेंद पोस्ट से टकराकर बाहर चली गई। इसके बाद भी बेटिस ने लगातार दबाव बनाए रखा। ब्रागा के गोलकीपर Lukáš Hrošovský (हॉर्निसेक संदर्भित) को कई मौकों पर शानदार बचाव करना पड़ा, खासकर Cucho Hernández के क्लोज-रेंज हेडर को रोकते हुए। दूसरे हाफ में बढ़ा रोमांचदूसरे हाफ में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। Real Betis ने आक्रमण को तेज करने के लिए बदलाव किए, जिसमें Antony को मैदान पर उतारा गया। दूसरी ओर, SC Braga ने भी मौके बनाए, लेकिन बेटिस के गोलकीपर Pau López ने शानदार सेव करते हुए टीम को मैच में बनाए रखा। पेनल्टी से बराबरीमैच का निर्णायक पल तब आया जब ब्रागा के Jean-Baptiste Gorby ने बॉक्स में फाउल कर दिया, जिससे बेटिस को पेनल्टी मिली। इस मौके को Cucho Hernández ने शानदार तरीके से भुनाते हुए गेंद को नेट में डाल दिया और स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे लेग में होगा फैसलाइसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए जोर लगाया, लेकिन कोई और गोल नहीं हो सका। अब यह मुकाबला दूसरे लेग में तय होगा, जो 16 अप्रैल को Seville में खेला जाएगा। इस ड्रॉ के बाद दोनों टीमों के पास सेमीफाइनल में पहुंचने का बराबर मौका है, जहां उनका सामना SC Freiburg या Celta Vigo से हो सकता है। फाइनल पर नजरइस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का फाइनल 20 मई को Beşiktaş Park, इस्तांबुल में आयोजित किया जाएगा, जहां यूरोप की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक ट्रॉफी अपने नाम करेगी।
'हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास', मुकुल चौधरी ने ऐसे ही नहीं लगाई केकेआर गेंदबाजों की लंका

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए KKR बनाम LSG मुकाबले के बाद हर तरफ एक ही नाम गूंज रहा है-Mukul Chaudhary। इस युवा बल्लेबाज ने 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन ठोककर हारे हुए मैच को जीत में बदल दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी में 7 लंबे छक्के शामिल थे, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। अभ्यास का नतीजा: रोज 100-150 छक्केमैच के बाद Mukul Chaudhary ने अपनी सफलता का राज खुद बताया। उन्होंने कहा कि वह हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं। लगातार अभ्यास की वजह से उनकी बैट स्पीड और पावर गेम में जबरदस्त सुधार आया है। उनके मुताबिक, पिछले 5-6 महीनों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि वह मैच के दबाव में भी बड़े शॉट खेलने में सफल रहे। यह सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि अनुशासन और लगातार मेहनत की कहानी है। MS Dhoni से प्रेरित हेलीकॉप्टर शॉटMukul Chaudhary अपने आदर्श MS Dhoni को मानते हैं और उनकी ही तरह फिनिशिंग करना चाहते हैं। मैच में खेला गया उनका हेलीकॉप्टर शॉट इसकी झलक भी दिखाता है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वह इस शॉट की प्रैक्टिस करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह यॉर्कर जैसी मुश्किल गेंदों पर भी छक्का लगाने की कोशिश करते हैं, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ जाता है। कोच Justin Langer को भी भरोसाLSG के हेड कोच Justin Langer भी इस युवा खिलाड़ी से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि चौधरी के अंदर आगे बढ़ने की भूख और जुनून साफ नजर आता है। लैंगर का मानना है कि अगर इसी तरह मेहनत जारी रही, तो Mukul Chaudhary जल्द ही भारत के सबसे खतरनाक नंबर-6 या नंबर-7 बल्लेबाज बन सकते हैं। उन्होंने इसे खिलाड़ी के करियर का “टर्निंग पॉइंट” भी बताया। 2.6 करोड़ की बोली साबित हुई फायदेमंदघरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर Mukul Chaudhary को आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में LSG ने 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा था। अब उनकी यह मैच जिताऊ पारी टीम के फैसले को सही साबित कर रही है। नई पहचान: LSG का भरोसेमंद फिनिशरजिस तरह से Mukul Chaudhary ने दबाव में आकर मैच फिनिश किया, उसने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक उभरते खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम के लिए भरोसेमंद फिनिशर बन सकते हैं।
मुकुल चौधरी की यह पारी निडर और अविश्वसनीय थी: सुनील गावस्कर

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए LSG ने आखिरी गेंद पर 3 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे बड़ा योगदान युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary का रहा, जिन्होंने अपनी विस्फोटक पारी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 27 गेंदों में तूफानी अर्धशतकMukul Chaudhary ने दबाव की स्थिति में बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए। उनकी इस पारी में 7 छक्के और 1 चौका शामिल रहा। खास बात यह रही कि उन्होंने पारी की शुरुआत में थोड़ा समय लिया, लेकिन सेट होने के बाद गेंदबाजों पर आक्रामक रुख अपनाया और लगातार बड़े शॉट लगाए।उनकी यह पारी न सिर्फ मैच जिताऊ साबित हुई, बल्कि दर्शकों के लिए भी यादगार बन गई। सुनील गावस्कर की बड़ी प्रतिक्रियाभारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने इस पारी को “निडर और अविश्वसनीय” करार दिया। उन्होंने कहा कि आईपीएल की सबसे बड़ी खूबी यही है कि हर मैच में कोई नया हीरो उभरकर सामने आता है। गावस्कर के मुताबिक, चौधरी ने दबाव की स्थिति में शांत रहकर अपनी पारी को संभाला और फिर बड़े शॉट्स खेलकर टीम को जीत की राह दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास और निडरता इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही। हेलीकॉप्टर शॉट और फिनिशिंग टच ने जीता दिलगावस्कर ने विशेष रूप से उस शॉट का जिक्र किया, जिसमें Mukul Chaudhary ने हेलीकॉप्टर शॉट खेला, जिसने दर्शकों को पुरानी यादों में डुबो दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शॉट्स से यह साफ दिखता है कि खिलाड़ी किसी भी स्थिति में मैच खत्म करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि चौधरी ने आसान सिंगल्स की बजाय बड़े शॉट्स पर भरोसा किया और यही उनकी आत्मविश्वासी बल्लेबाजी की पहचान रही। LSG की युवा ताकत बनी जीत की वजहगावस्कर ने कहा कि LSG के प्रमुख बल्लेबाज जैसे मिचेल मार्श, एडेन मार्करम और निकोलस पूरन बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन टीम फिर भी जीतने में सफल रही। यह जीत टीम की युवा प्रतिभा और गहराई को दर्शाती है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि निकोलस पूरन फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि टीम ने मुश्किल हालात में भी जीत हासिल करके आत्मविश्वास बढ़ाया है। 13 ओवर बाद भी नहीं टूटी उम्मीदमैच में एक समय LSG 104 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद टीम ने हार नहीं मानी। Mukul Chaudhary की पारी ने टीम को संभाला और जीत की दिशा में आगे बढ़ाया। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि LSG के नए आत्मविश्वास और युवा खिलाड़ियों के उभरने की कहानी बन गया। Mukul Chaudhary की पारी ने साबित कर दिया कि आईपीएल में नए सितारे किसी भी वक्त मैच का रुख बदल सकते हैं।
एलएसजी की जीत में आयुष बडोनी के योगदान को कम आंका गया: सुनील गावस्कर

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेले गए मुकाबले ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। इस हाई-वोल्टेज मैच में LSG ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट से जीत दर्ज की। टीम की जीत में जहां एक ओर एक बल्लेबाज ने तेजतर्रार पारी खेलकर मैच खत्म किया, वहीं मध्यक्रम में Ayush Badoni ने भी बेहद अहम भूमिका निभाई। मिडिल ऑर्डर में शानदार पारीLSG की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे नंबर पर उतरे Ayush Badoni ने 34 गेंदों में 54 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। हालांकि वह अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए, लेकिन तब तक उन्होंने टीम की जीत की नींव मजबूत कर दी थी। उनकी यह पारी उस समय आई जब KKR के स्पिन आक्रमण, खासकर अनुभवी गेंदबाज Sunil Narine, रन रोकने की पूरी कोशिश कर रहे थे। बावजूद इसके बदोनी ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए टीम को मुकाबले में बनाए रखा। सुनील गावस्कर ने की तारीफभारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने LSG की इस जीत के बाद Ayush Badoni के योगदान को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि बदोनी की पारी को अक्सर कम आंका जाता है, जबकि उन्होंने टीम को स्थिरता देने में बड़ी भूमिका निभाई। गावस्कर के अनुसार, बदोनी एक परिपक्व खिलाड़ी हैं, जो न सिर्फ बल्लेबाजी बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी और फील्डिंग में भी योगदान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू क्रिकेट में कप्तानी करने से उनकी समझ और जिम्मेदारी में काफी सुधार हुआ है। युवा खिलाड़ियों की भूमिका पर जोरगावस्कर ने यह भी कहा कि आईपीएल जैसी लीग में टीमों को ऐसे निडर और युवा खिलाड़ियों की जरूरत होती है, जो दबाव में आकर भी मैच का रुख बदल सकें। उन्होंने बदोनी को ऐसे खिलाड़ियों में गिना जो भविष्य में टीम के लिए और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। मैच का निर्णायक मोड़LSG की जीत में एक तरफ जहां विस्फोटक बल्लेबाजों ने तेज रन बनाकर मैच को खत्म किया, वहीं Ayush Badoni की संयमित और समझदारी भरी पारी ने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। उनकी पारी ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारा और जीत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया।
मुकुल चौधरी ने रचा इतिहास और बने यह कारनामा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी

नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच आईपीएल में समय-समय पर कई दिग्गजों ने अपने बल्ले से जौहर दिखाए हैं, लेकिन हालिया घटनाक्रम ने खेल जगत को एक नए सितारे से परिचित कराया है। मुकुल चौधरी ने मैदान पर वह कारनामा कर दिखाया है जिसकी कल्पना अब तक केवल किरोन पोलार्ड और एबी डी विलियर्स जैसे महान विदेशी खिलाड़ियों से की जाती थी। भारतीय क्रिकेट के इस उभरते हुए खिलाड़ी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मानसिक दृढ़ता के दम पर वह मुकाम हासिल किया है जो इससे पहले किसी भी अन्य भारतीय खिलाड़ी के नाम दर्ज नहीं था। इस उपलब्धि ने न केवल उनके करियर को एक नई दिशा दी है बल्कि इस लीग के मंच पर भारतीयों के दबदबे को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की उनकी अद्भुत क्षमता ने विपक्षी गेंदबाजों के पसीने छुड़ा दिए। जब मुकुल क्रीज पर आए थे तब टीम को एक ऐसी पारी की जरूरत थी जो न केवल स्कोरबोर्ड को गति दे सके बल्कि प्रतिद्वंद्वी टीम के मनोबल को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दे। मुकुल ने इस जिम्मेदारी को बखूबी समझा और बिना किसी दबाव के अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी जारी रखी। उनकी टाइमिंग और तकनीक का मिश्रण इतना सटीक था कि खेल के बड़े विशेषज्ञ भी उनकी सराहना करने से खुद को रोक नहीं पाए। इस वैश्विक मंच पर जहां दुनिया के बेहतरीन गेंदबाज अपनी पूरी रणनीति के साथ आते हैं, वहां एक भारतीय युवा का इस तरह निडर होकर खेलना भविष्य के सुखद संकेत देता है। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि मुकुल ने उन रिकॉर्ड्स को चुनौती दी है जो सालों से अटूट माने जाते थे। पोलार्ड और डी विलियर्स जैसे खिलाड़ियों ने अपनी पावर हिटिंग से जो मानक स्थापित किए थे, मुकुल ने उन्हीं मानकों पर खरे उतरते हुए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। खेल के प्रति उनका समर्पण और दबाव की स्थितियों में शांत रहने की कला उन्हें अन्य समकालीन खिलाड़ियों से अलग करती है। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के शोर के बीच उन्होंने जिस एकाग्रता का परिचय दिया वह वाकई काबिल ए तारीफ है। इस पारी ने भविष्य की संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं और अब उन्हें क्रिकेट के अगले बड़े सितारे के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य को सिद्ध करते हैं। यह प्रतियोगिता हमेशा से नए हुनर को बड़ा मंच देने का काम करती रही है और मुकुल चौधरी इस सिलसिले की सबसे नई और चमकदार कड़ी बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है और देश के युवा क्रिकेटर उनसे प्रेरित हो रहे हैं। कड़ी मेहनत और लगन से निकलकर दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली लीग के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराना किसी सपने के सच होने जैसा है। मुकुल ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत में ईमानदारी हो तो किसी भी बड़े रिकॉर्ड को तोड़ना असंभव नहीं है। मैच के दौरान मुकुल के फुटवर्क और हाथों की गति ने यह स्पष्ट कर दिया कि वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप के लिए पूरी तरह परिपक्व हैं। उन्होंने हर गेंद को उसकी मेरिट के आधार पर खेला और जोखिम लेने से भी पीछे नहीं हटे। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया और अंत में यही अंतर टीम की जीत का मुख्य आधार बना। आने वाले मैचों में मुकुल पर सभी की निगाहें टिकी होंगी और उनसे इसी तरह के निरंतर प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी। खेल प्रेमियों के लिए यह गर्व का क्षण है कि एक स्वदेशी खिलाड़ी ने वह कीर्तिमान स्थापित किया है जो अब तक केवल विदेशी दिग्गजों के नाम के साथ जुड़ा हुआ था।
IPL 2026 ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, टॉप-5 से बाहर हुए दिग्गज खिलाड़ी
नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 15वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) के बीच खेले गए रोमांचक मैच के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां एक ओर बल्लेबाजों की रैंकिंग में जबरदस्त उठापटक हुई है, वहीं गेंदबाजों की सूची में भी नई हलचल ने फैंस का ध्यान खींचा है। इस मैच के बाद कई बड़े नाम टॉप-5 से बाहर हो गए हैं, जिससे रेस और भी दिलचस्प हो गई है। ऑरेंज कैप रेस: Yashasvi Jaiswal टॉप पर कायमऑरेंज कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक ओपनर Yashasvi Jaiswal लगातार शानदार फॉर्म में बने हुए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 170 रन बनाकर पहला स्थान हासिल किया हुआ है। उनका स्ट्राइक रेट 163.46 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है। दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज Sameer Rizvi ने 160 रन के साथ अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं केकेआर के उभरते सितारे Angkrish Raghuvanshi 155 रन के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार बल्लेबाज Heinrich Klaasen 145 रन बनाकर चौथे स्थान पर बने हुए हैं। जबकि केकेआर के अनुभवी कप्तान Ajinkya Rahane 124 रन के साथ पांचवें स्थान पर हैं। ऑरेंज कैप टॉप-5 सूचीYashasvi Jaiswal – 170 रनSameer Rizvi – 160 रनAngkrish Raghuvanshi – 155 रनHeinrich Klaasen – 145 रनAjinkya Rahane – 124 रन इस बदलाव का सबसे बड़ा झटका राजस्थान के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और मुंबई इंडियंस के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा को लगा है, जो टॉप-5 से बाहर हो गए हैं। पर्पल कैप रेस: Ravi Bishnoi का दबदबा कायमगेंदबाजी की बात करें तो पर्पल कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के स्पिनर Ravi Bishnoi ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैचों में 7 विकेट लेकर पहला स्थान हासिल किया है। उनके बाद गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज Prasidh Krishna 6 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर Rashid Khan ने 5 विकेट लेकर अपनी जगह तीसरे स्थान पर बनाई है। चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः Lungi Ngidi और Nandre Burger शामिल हैं, जिन्होंने 5-5 विकेट हासिल किए हैं। पर्पल कैप टॉप-5 सूचीRavi Bishnoi – 7 विकेटPrasidh Krishna – 6 विकेटRashid Khan – 5 विकेटLungi Ngidi – 5 विकेटNandre Burger – 5 विकेट लखनऊ सुपर जाएंट्स के गेंदबाज प्रिंस यादव भी 5 विकेट लेकर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि केकेआर के वैभव अरोड़ा 9वें पायदान पर मौजूद हैं। मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीदजैसे-जैसे आईपीएल 2026 आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है। हर मैच के बाद रैंकिंग में बदलाव यह साबित कर रहा है कि कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष पर सुरक्षित नहीं रह सकता।
लिलिमा मिंज: साधारण आदिवासी परिवार से निकलकर ओलंपिक तक का शानदार सफर!

नई दिल्ली। लिलिमा मिंज भारतीय महिला हॉकी टीम के उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनमें शामिल हैं, सीमित सहयोगी के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा से देश का नाम रोशन किया। 10 अप्रैल 1994 को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में एक सामान्य जनजातीय परिवार में जन्मे लिलिमा ने बचपन से ही बचपन का सामना किया था, लेकिन उनका सपना बड़ा था- भारत के लिए हॉकी खेलना। हॉकी की धरती से मिलापओडिशा को भारतीय हॉकी का गढ़ माना जाता है, जहां से कई दिग्गज खिलाड़ी निकले हैं। दिलीप टिर्की जैसे महान खिलाड़ी से प्रेरित होकर लीलिमा ने भी अपना करियर बनाने का फैसला लिया। गाँव और स्थानीय मैदानों में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने अपने खेल को नया और धीरे-धीरे पहचान बनाना शुरू किया। जूनियर टीम से सीनियर टीम तक का सफरलिलिमा जूनियर की मेहनत रंग लाई और 2011 में उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उसी वर्ष बैंकॉक में आयोजित अंडर-18 एशिया कप में उन्होंने टीम के साथ कांस्य पदक जीता। प्रदर्शन के दम पर उन्हें जल्द ही सीनियर टीम में मौका मिला और शानदार प्रदर्शन से उनके अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजों की असली शुरुआत हुई। टीम इंडिया की शानदार मिडफील्डर2011 से 2022 तक अपने करियर में लिलिमा ने भारतीय टीम के लिए 150 से ज्यादा मैच खेले। मिडफील्डर पर विशेष रूप से वह अपने तेज गेंदबाज, स्ट्राइकर पासिंग और डिफेंस डिफेंस को तोड़ने की क्षमता के लिए जेन जाइस्ट करता है। मैदान पर उनकी खेल टीम के लिए बैलेंस और प्लॉट का प्रतीक बना हुआ है। ओल और एशियाई खेलों में चमक प्रदर्शनलिलिमा मिंज ने कई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह 2014 एशियाई खेलों में कांस्य पदक वाली टीम का हिस्सा बने। इसके अलावा 2016 के रियो ओलंपिक 2016 के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय टीम में भी अपना अहम योगदान दे रही हैं। 2018 एशियन गेम्स में उन्होंने टीम के साथ सिल्वर मेडल जीता। कॉमनवेल्थ गेम्स, हॉकी वर्ल्ड लीग और एशिया कप जैसे बड़े मंचों पर भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। भारतीय महिला हॉकी को नई पहचानने वाली पीढ़ीलिलिमा उस पीढ़ी का हिस्सा है, जिसने भारतीय महिला हॉकी को नई पहचान दी है। उनके दौर में टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत टीम के रूप में पहचान बनाई। कम उम्र में संन्यास ले लिया, लेकिन प्रेरणा बनी रहीजनवरी 2022 में, मैक्सिम 27 साल की उम्र में लिलिमा मिंज ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास ले लिया। हालाँकि उनकी यात्रा छोटी रही, लेकिन उनकी उपलब्धियाँ और संघर्ष आने वाली यात्रा के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
राहुल की बल्लेबाजी नहीं, फैसलों पर उठे सवाल-रायुडू का तीखा विश्लेषण

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए 52 गेंदों पर 92 रन ठोक दिए। उनकी इस दमदार पारी में 11 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। हालांकि टीम को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन राहुल की बल्लेबाजी ने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स को काफी प्रभावित किया। रायुडू ने की जमकर तारीफ, बताया ‘सोची-समझी पारी’पूर्व भारतीय क्रिकेटर अंबाती रायुडू ने राहुल की पारी की सराहना करते हुए कहा कि उनका अप्रोच पूरी तरह रणनीतिक था। उन्होंने ESPNcricinfo पर बातचीत में कहा कि राहुल ने शुरुआत में संयम बरता और फिर धीरे-धीरे अपनी पारी को गति दी। यह दिखाता है कि वह सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि मैच की स्थिति को समझकर खेलने वाले खिलाड़ी भी हैं। एंकर रोल में दिखे राहुल, टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचायारायुडू के मुताबिक, राहुल ने इस मैच में एंकर की भूमिका निभाई। दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और पारी को अंत तक लेकर जाने की कोशिश की। उनका मकसद साफ था आखिरी तक टिके रहकर मैच खत्म करना। इस दौरान उन्होंने शानदार शॉट्स लगाए और टीम को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया। ‘स्किल नहीं, माइंडसेट है असली चुनौती’रायुडू ने राहुल के खेल को लेकर अहम बात कही। उनका मानना है कि राहुल की सबसे बड़ी चुनौती उनकी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास हर तरह की गेंदबाजी के खिलाफ खेलने की क्षमता है चाहे स्पिन हो या तेज गेंदबाजी। लेकिन असली सवाल यह है कि वह कब और कैसे आक्रामक खेल अपनाते हैं। यही उनका माइंडसेट उनके प्रदर्शन को तय करता है। खराब फॉर्म से दमदार वापसीइस मुकाबले से पहले राहुल लगातार दो मैचों में 0 और 1 रन पर आउट हुए थे। ऐसे में यह पारी उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई। उन्होंने न सिर्फ अपनी फॉर्म में वापसी की, बल्कि यह भी दिखाया कि वह दबाव में भी बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। सीजन की सबसे बड़ी पारी, लेकिन अधूरी रही कहानीकेएल राहुल की यह पारी दिल्ली कैपिटल्स के लिए इस सीजन की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी रही, लेकिन टीम जीत हासिल करने से चूक गई। इसके बावजूद राहुल की बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि अगर वह सही निर्णय लें, तो किसी भी मैच का रुख पलट सकते हैं।
आईपीएल 2026 के बीच BCCI का नया फरमान, सिर्फ 16 खिलाड़ियों को मिलेगी एंट्री

नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीच Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई रिपोर्ट के मुताबिक अब किसी भी मैच के दौरान मैदान पर केवल उन्हीं खिलाड़ियों को आने की अनुमति होगी, जिनका नाम टीम शीट में शामिल होगा और यह संख्या अधिकतम 16 तय कर दी गई है। इसमें 11 खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे, जबकि 1 इम्पैक्ट सब और 4 रिजर्व खिलाड़ी शामिल किए जा सकते हैं। यानी कुल मिलाकर 16 से ज्यादा खिलाड़ियों को मैदान या बाउंड्री लाइन के पास आने की अनुमति नहीं होगी। ड्रिंक्स और मैसेज लाने पर भी लगी रोकनए नियमों के तहत टीम शीट में शामिल न होने वाले खिलाड़ी अब मैदान पर ड्रिंक्स, बैट, ग्लव्स या कोई भी जरूरी सामान लेकर नहीं जा सकेंगे। इतना ही नहीं, वे खिलाड़ियों तक कोई रणनीतिक मैसेज भी नहीं पहुंचा पाएंगे। बाउंड्री लाइन के पास भी सख्ती बढ़ा दी गई है—यहां केवल 5 खिलाड़ी ही बिब पहनकर रह सकते हैं। बाकी सभी खिलाड़ियों को डगआउट में ही बैठना होगा। इससे पहले कई बार देखा गया था कि ज्यादा खिलाड़ी मैदान के आसपास मौजूद रहते थे, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनती थी। नियमों का मकसद: खेल की रफ्तार और अनुशासन बनाए रखनासूत्रों के अनुसार, BCCI का यह कदम मैच के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही इससे खेल की गति (game pace) को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दरअसल, कई मौकों पर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की बार-बार आवाजाही से मैच की लय प्रभावित होती थी। इसी को देखते हुए अब इस पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी की गई है। नियमों का आधार: MCC के क्लॉज को सख्ती से लागू करनाबताया जा रहा है कि यह फैसला एमसीसी (MCC) के नियमों—खासकर क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4को सख्ती से लागू करने के लिए लिया गया है। इन नियमों के तहत बिना अंपायर की अनुमति के मैदान पर आना, ड्रिंक्स ले जाना या समय बर्बाद करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। अब Indian Premier League में इन प्रावधानों को और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि मैच के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या देरी से बचा जा सके। आगे और सख्त हो सकते हैं नियमरिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI आने वाले समय में इन नियमों को और सख्त करने पर भी विचार कर रही है। अगर टीमें इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है। इस फैसले से साफ है कि IPL 2026 में अब सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी उतना ही जरूरी होगा।