डॉ. यादव ने कहा कि निराला जी ने अपनी सशक्त लेखनी से संवेदना, स्वाभिमान और सामाजिक चेतना को एक नई दिशा दी, और उनका साहित्य आज भी पाठकों को प्रेरणा देता है। उन्होंने साहित्य के मानवीय मूल्यों, साहस और सृजनशीलता को हमेशा महत्व दिया, जो आज के समय में भी प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने इस महान साहित्यकार के योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि निराला की रचनाएँ जीवन के गूढ़ अनुभवों और समाज की संवेदनशीलता को उजागर करती हैं, जो आज के पाठकों और लेखकों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बनी रहेंगी।
इस अवसर पर डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा में निराला जी का स्थान विशेष है, और उनकी स्मृति को याद रखना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना साहित्यिक जगत के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने साहित्य के महत्व पर बल देते हुए कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाता है और उसके माध्यम से सामाजिक न्याय व मानवता के विचारों को और मजबूती मिलती है। उन्होंने स्व. निराला के जीवन और साहित्य को आदर्श बताते हुए कहा कि उन्होंने मानवीय मूल्यों, सहानुभूति और सकारात्मक दृष्टिकोण को अपने लेखन में प्रतिष्ठित किया, जो आज भी नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।