Chambalkichugli.com

12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि


भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *