ग्वालियर। शहर की तीन प्रमुख पॉश कॉलोनियों में बंदरों के आतंक से लोग बेहाल हैं। इसी परेशानी ने उनके दिमाग को एक अनोखा समाधान निकालने के लिए मजबूर कर दिया। ऐसा तरीका खोजा गया है, जिससे बंदर अब दूर-दूर तक नजर तक नहीं आते और लोग आखिरकार चैन की सांस ले रहे हैं। आइए जानते हैं इस दिलचस्प उपाय के बारे में…
लोगों ने निकाला अनोखा समाधान
शहर की रामबाग कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी और अलीजा बाग इलाके में बंदरों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बता दें हर दूसरे घर के किसी न किसी सदस्य को बंदर काट चुका है। स्थानीय लोगों ने बार-बार वन विभाग और नगर निगम से शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। निराश होकर स्थानीय निवासियों ने खुद ही एक अनोखा तरीका खोज निकाला, जिसके बाद इलाके में बंदरों का नामो-निशान तक नहीं दिखाई दे रहा है।
3D लंगूर कटआउट ने बंदरों को भगाया
मंदिर की छत से लेकर घर के मुख्य दरवाजे, बालकनी और यहां तक कि सोफा सेट पर भी लंगूर के 3D कटआउट लगाए गए हैं। ये लंगूर नकली हैं, लेकिन दिखने में इतने वास्तविक लगते हैं कि आम लोग भी हैरान रह जाते हैं। सबसे खास बात यह है कि बंदर इन नकली लंगूर को देखकर डर के मारे दूर-दूर भाग जाते हैं। इस क्रिएटिव उपाय ने बंदरों के आतंक से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्थानीय लोगों का सफल प्रयोग
रामबाग कॉलोनी के निवासी सूर्यकांत शर्मा ने अपने घर पर लंगूर के 3D कटआउट लगाने का अनोखा प्रयोग किया, जो पूरी तरह सफल साबित हुआ। पहले घर के बगीचे में बंदरों का उत्पात आम बात थी। शेड के नीचे लगे पंखे टूट चुके थे। गैराज में रखी कीमती गाड़ियों को बंदरों ने स्क्रैच करके नुकसान पहुंचाया था। सोफे पर आराम से बैठना भी मुश्किल हो गया था। अब लंगूर के 3D कटआउट लगाने के बाद बंदरों का आतंक पूरी तरह खत्म हो गया है।
स्थानीय लोगों के इस उपाय की सफलता का मुख्य कारण है कि लंगूर शारीरिक रूप से बंदरों से अधिक शक्तिशाली और फुर्तीले होते हैं। अपनी लंबी पूंछ को हथियार की तरह इस्तेमाल करने वाले लंगूरों की दबंग छवि से बंदर डरते हैं। साथ ही, लंगूरों की आवाज़ और उनके हाव-भाव भी बंदरों में खौफ पैदा करते हैं। यही वजह है कि जहां लंगूर होते हैं, वहां बंदर आने से कतराते हैं। यह जंगलों में भी एक सामान्य नियम है।