जानकारी के अनुसार यह घटना देर रात की है, जब मंदिर परिसर सुनसान था। बदमाश सुनियोजित तरीके से अंदर घुसे और कुछ ही समय में दान पेटी को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दान पेटी पिछले करीब चार महीनों से नहीं खोली गई थी, जिसके कारण उसमें अच्छी-खासी राशि जमा होने की संभावना जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का मानना है कि यह वारदात पूर्व नियोजित हो सकती है और इसमें किसी परिचित या रेकी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
बाबा रामदेव मंदिर में हुई इस चोरी ने स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं और मंदिर परिसरों में निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दान पेटी में कितनी राशि थी और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। यह घटना एक बार फिर धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है।