नई दिल्ली: बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 जहाँ एक ओर दर्शकों की वाहवाही बटोर रही है, वहीं दूसरी ओर आलोचनाओं के घेरे में भी आ गई है। 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सनसनी मचा दी थी, लेकिन अब पूर्व लोकसभा सांसद और मशहूर एक्ट्रेस राम्या (दिव्या स्पंदना) ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राम्या ने न केवल फिल्म को सिरे से खारिज किया है, बल्कि प्रशंसकों को अपना कीमती समय और पैसा बचाते हुए इसे थिएटर में न देखने की नसीहत तक दे डाली है।
राम्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा करते हुए फिल्म के प्रति अपनी घोर निराशा व्यक्त की। उन्होंने “धुरंधर 2” को एक ‘बोरिंग सब्जेक्ट’ बताते हुए कहा कि यह किसी ऐसे उबाऊ विषय की टेक्स्टबुक पढ़ने जैसा है जिसके चैप्टर कभी खत्म ही नहीं होते। राम्या के मुताबिक, फिल्म देखते समय एक वक्त ऐसा आता है जब दर्शक का दिमाग हार मान लेता है और स्क्रीन पर घट रही ‘भयावहता’ को देखकर निराशा के कारण हंसी आने लगती है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कंटेंट सिनेमाघरों के लिए नहीं, बल्कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए है, जहाँ एक क्लिक में इसे बंद किया जा सके।
फिल्म के तकनीकी पहलुओं पर हमला बोलते हुए राम्या ने निर्देशन, डायलॉग्स, एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर को बेहद घटिया करार दिया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि फिल्म को देखकर ऐसा लगता है मानो टीम को रिलीज की डेडलाइन का अंदाजा ही नहीं था और आनन-फानन में जो मिला, वही दर्शकों के सामने परोस दिया गया। पहले भाग से तुलना करते हुए उन्होंने लिखा कि जहाँ ‘धुरंधर पार्ट 1’ में सिनेमा हॉल तालियों और सीटियों से गूँज रहे थे, वहीं इस पार्ट में दर्शकों की निराशा हॉल की हवा में साफ महसूस की जा सकती है।
रणवीर सिंह के अभिनय पर तंज कसते हुए राम्या ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म को अपने कंधों पर उठाया है, जबकि उन्हें फिल्म में रणवीर से ज्यादा उनके ‘बाल’ नजर आए। उनके अनुसार, पहले पार्ट में रणवीर के लुक और किरदार में एक जान थी, लेकिन इस बार वह पूरी तरह प्रभावहीन दिखे। सबसे अधिक नाराजगी उन्होंने फिल्म में दिखाई गई ‘क्रिएटिव हिंसा’ पर जताई। राम्या ने इसे हिंसा की एक ऐसी हैंडबुक बताया जिसकी समाज में कोई जरूरत नहीं है। फिल्म के अंत में उन्होंने निर्देशक आदित्य धर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, रणवीर तुम इससे कहीं बेहतर हो और आदित्य धर, अब प्रोपेगेंडा का दौर चला गया है, उससे बाहर निकलिए।