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मुरैना में एमपी ट्रांसको का जीवन रक्षा संकल्प 220 केवी सब स्टेशन पर सीपीआर प्रशिक्षण से सशक्त हुए कर्मचारी


भोपाल /मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश भर में कार्यस्थलों को सुरक्षित और आपात स्थितियों के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में मुरैना स्थित 220 केवी सब स्टेशन पर सीपीआर एवं अन्य जीवन रक्षक तकनीकों पर आधारित एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम रेड क्रॉस सोसायटी तथा शासकीय जिला चिकित्सालय मुरैना के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्युत तंत्र से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसी जीवन रक्षक दक्षताओं से लैस करना है जिनसे किसी आकस्मिक परिस्थिति में तुरंत सहायता प्रदान कर किसी की जान बचाई जा सके।

कार्यक्रम के संयोजक ग्वालियर के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव तोतला तथा कार्यपालन अभियंता श्री सीके जैन ने इस अवसर पर कहा कि प्रशिक्षण का वास्तविक उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का विस्तार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशिक्षित कर्मियों में से कोई एक भी व्यक्ति अपने जीवनकाल में किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सफल होता है तो यह प्रशिक्षण पूर्णतः सार्थक सिद्ध होगा। उनके अनुसार तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय तत्परता का समावेश ही संस्था की वास्तविक शक्ति है।

कार्यशाला में नियमित एवं आउटसोर्स दोनों प्रकार के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित कर्मियों ने प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण किया और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता को समझा। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल व्यास और उनकी विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को सीपीआर की संपूर्ण प्रक्रिया का चरणबद्ध अभ्यास कराया। मानव पुतलों के माध्यम से हृदय गति रुकने की स्थिति में छाती पर दाब देने की सही तकनीक श्वास प्रदान करने की विधि तथा समय प्रबंधन के महत्व को विस्तार से समझाया गया।

डॉ व्यास ने बताया कि दुर्घटना या अचानक हृदयाघात की स्थिति में प्रारंभिक कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि सही तरीके से और सही समय पर सीपीआर दिया जाए तो व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रतिभागी को विशेषज्ञों की निगरानी में स्वयं अभ्यास करने का अवसर दिया गया ताकि वे केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित न रहें बल्कि व्यावहारिक दक्षता भी अर्जित करें।

कार्यक्रम में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया। विद्युत उपकेंद्रों और ट्रांसमिशन लाइन में कार्यरत कर्मचारियों को अक्सर जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है। ऐसे में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक तकनीकों का ज्ञान उनके लिए अनिवार्य हो जाता है। यह पहल न केवल कर्मचारियों के आत्मविश्वास को बढ़ाती है बल्कि कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित और उत्तरदायी बनाती है।

मुरैना में आयोजित यह प्रशिक्षण शिविर प्रदेश स्तर पर चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके अंतर्गत सभी जिला मुख्यालयों पर स्थित ट्रांसमिशन इकाइयों में इसी प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इस प्रयास से स्पष्ट है कि कंपनी केवल विद्युत आपूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहती बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। जीवन की रक्षा से बड़ा कोई कर्तव्य नहीं और इसी भावना के साथ यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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