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कृषक कल्याण वर्ष 2026 में खेतों तक पहुंच रहा कृषि रथ आधुनिक यंत्रों और नई तकनीक से किसानों को किया जा रहा जागरूक


भोपाल। राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषक कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में कृषि रथों का भ्रमण जारी है। इसी क्रम में नरसिंहपुर जिले के सभी छह विकासखंडों में कृषि रथ संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उन्नत यंत्रों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी सीधे उनके गांव तक पहुंचाना है। कृषि विभाग द्वारा कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।

नरसिंहपुर जिले में कृषि रथ के जरिए किसानों को ई विकास प्रणाली अंतर्गत ई टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत खेती की तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

कृषि रथ के माध्यम से किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन कीट एवं रोग प्रबंधन और फसल विविधीकरण के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को यह बताया जा रहा है कि खेती को केवल परंपरागत तरीके से करने के बजाय इसे लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार भी इस अभियान का हिस्सा है।

नरवाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को समझाया जा रहा है कि फसल अवशेष जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है और वायु प्रदूषण फैलता है। इसके स्थान पर सुपर सीडर हैप्पी सीडर जीरो टिलेज सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल स्ट्रॉ रीपर और रीपर कम बाइंडर जैसे आधुनिक यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सुपर सीडर और हैप्पी सीडर जैसे यंत्र खेत की तैयारी नरवाई प्रबंधन और बोनी जैसे तीन कार्य एक साथ कर सकते हैं। इससे समय और लागत दोनों की बचत होती है और पैदावार में भी वृद्धि होती है।

इसी तरह रतलाम जिले में भी कृषि रथ के माध्यम से कृषि एवं संबद्ध विषयों पर किसानों को जानकारी दी जा रही है। उद्यानिकी पशुपालन आत्मा और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल से किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो रहा है जिससे नवीन और वैज्ञानिक तकनीकों का लाभ गांव स्तर तक पहुंच रहा है।

प्रदेश में संचालित यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। माना जा रहा है कि कृषि रथ की यह पहल न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगी। राज्य शासन की यह कोशिश ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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