भोपाल जिले के ग्राम कुठार में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और करीब 15 एकड़ में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी और ट्रैक्टर ट्रॉली की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई और वे अब मुआवजे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
उधर ग्वालियर में एक इलेक्ट्रिक वाहन चलते-चलते आग की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और कुछ ही देर में पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने EV सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
झाबुआ जिले के रायपुरिया में एक खेत में लगे मोबाइल टावर में आग लगने से हड़कंप मच गया। टावर से उठती लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण और दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। आग में टावर पर लगे महंगे उपकरण और केबल जलकर नष्ट हो गए। पेटलावद से फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। क्षेत्र में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।
छिंदवाड़ा में छोटा तालाब क्षेत्र स्थित तिलक मार्केट में एक मशीनरी टूल्स की दुकान में देर रात आग लग गई। धुएं के गुबार से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
नर्मदापुरम के इटारसी में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक भोजनालय में भी आग लगने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों की सतर्कता से तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस जांच कर रही है।
सबसे भयावह स्थिति बैतूल जिले में देखने को मिली, जहां आग ने कई गांवों में तबाही मचा दी। शाहपुर ब्लॉक के सांगवानी गांव में 13 किसानों की करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। लगभग 300 क्विंटल गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। सिलपटी गांव में भी 5 एकड़ फसल नष्ट हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसान अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। जिले के आठ गांवों में फैली इस आग ने किसानों को आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया है।
लगातार बढ़ती इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि गर्मी के मौसम में आगजनी की रोकथाम के लिए ठोस और त्वरित उपायों की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावित लोग जल्द से जल्द राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।