Guna Custodial Death Case में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में CBI को कोर्ट में यह बताना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई और कहां चूक हुई। अदालत ने पहले ही स्पष्ट किया था कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना कार्रवाई की जाएगी।
जानिए पूरा मामला
मामला 15 जुलाई 2024 का है। गुना जिले के बीलाखेड़ी गांव के रहने वाले देवा पारदी (25) की शादी गुना शहर के गोकुल सिंह चक्क पर होने वाली थी। 14 जुलाई की शाम बारात निकलनी थी, लेकिन पुलिस चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए देवा और उसके चाचा गंगाराम को थाने ले गई। शाम को परिवार को सूचना मिली कि देवा पारदी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई।
READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा
पारदी समाज में फैला आक्रोश
इसके बाद पारदी समाज में आक्रोश फैल गया। परिवार ने आरोप लगाया कि म्याना थाने में देवा की पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हुई। पारदी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। मामले में सात से आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में FIR दर्ज की गई।
देवा की मां हंसुरा बाई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 15 मई को आदेश दिया था कि आरोपी पुलिसकर्मियों को एक महीने में गिरफ्तार किया जाए। आदेश का पालन न होने पर हंसुरा बाई ने अवमानना याचिका दायर की।
READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार
सितंबर में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CBI के साथ राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। फटकार के बाद फरार SI उत्तम सिंह और TI संजीत मावई को गिरफ्तार किया गया। दोनों की गिरफ्तारी क्रमशः 27 सितंबर और 5 अक्टूबर को हुई।
8 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी केवल कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद हुई। अदालत ने CBI से पूछा कि आदेश का पालन करने में देरी क्यों हुई और विभागीय कार्रवाई क्या की गई। इसी स्पष्टीकरण के लिए आज यानी 6 नवंबर को Guna Custodial Death Case पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
Read More: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई