Guna News: गुना के बागेरी खाद केंद्र पर खाद की एक बोरी के इंतज़ार में दो रातें लाइन में खड़ी रहीं सहरिया आदिवासी महिला भुरिया बाई ने तीसरी रात दम तोड़ दिया। दो दिन लगातार उल्टियों के बाद अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कलेक्टर कुशेपुर गांव पहुँच रहे हैं। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया भी मौके पर जा रहे हैं।
लाइन में थीं भुरिया बाई
बुधवार देर रात भुरिया बाई को लगातार उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पहले एक निजी अस्पताल ले गए । फिर गुना जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव लौट गए हैं।
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कलेक्टर खुद पहुंचे गांव
सूचना मिलते ही कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने तुरंत SDM को मौके पर रवाना किया। कलेक्टर ने बताया, “महिला को वॉमिटिंग की शिकायत हुई थी। निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बचाई नहीं जा सकी। मैं खुद कुशेपुर गांव जा रहा हूं।” केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश पर पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया भी गांव पहुंच गए हैं।
कांग्रेस विधायक का तीखा हमला
बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “कल रात मैं खुद बागेरी केंद्र पर गया था। सैकड़ों किसान ठंड में खुले में सो रहे हैं। सरकार कहती है खाद पर्याप्त है, घर-घर पहुंचाएंगे, लेकिन एक सहरिया महिला की जान चली गई।
ठंड में रात गुजारने को मजबूर हजारों किसान
बागेरी केंद्र पर पिछले कई दिनों से खाद की भारी किल्लत है। किसान रात-दिन लाइन में डटे हैं। कई लोग कंबल ओढ़कर वहीं सो रहे हैं। घटना के बाद भी लाइन कम नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि “खाद नहीं मिली तो फसल कैसे बोएंगे?”
प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है। मृतका के परिजनों को सहायता राशि देने की भी बात चल रही है, लेकिन सवाल वही है – क्या फिर कोई भुरिया बाई लाइन में अपनी जान गंवाएगी?
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